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Middle East pressure on Pakistan

ISI cover up: पाक पर बढ़ा सऊदी-यूएई का दबाव, आर्मी चीफ असीम मुनीर के कुकर्मों को छुपाने में लगी आईएसआई

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर सवालों के घेरे में घिरते जा रहे हैं। बड़ी बात यह वो अपने ही घर में घिरते जा रहे हैं। पाकिस्तान के लोगों को ऐसा लग रहा है कि “असीम मुनीर ने अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए पाकिस्तान को जंग के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। इस पूरे मामले पर पाकिस्तानी मामलों के जानकर आफताब इकबाल का कहना है कि “पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार जनता का बड़ा हिस्सा सेना के खिलाफ दिख रहा है। आलम यह है कि मुनीर को बार-बार जनता से सेना का साथ देने की अपील करनी पड़ रही है।” दरअसल, असीम मुनीर ने हाल में हिन्दू-मुस्लिम और टू-नेशन थ्योरी से जुड़े कुछ ऐसे बयान दिए जिसकी वजह से दुनिया का ध्यान उनपर गया है। उनके इस बयान के बाद ही पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। बड़ी बात यह कि असीम मुनीर के बयान और पहलगाम हमले के तरीके में लिंक होने की बात कई विशेषज्ञ कह चुके है। ऐसे में आईएसआई (ISI cover up) सबूतों को मिटाने के लिए असीम मुनीर के कुकर्मों को छुपाने में लग गई है।  पहलगाम घटना से संबंधित सभी सबूत मिटाने का (ISI cover up) दिया गया है निर्देश  इस बीच पाकिस्‍तानी सेना के पूर्व अधिकारी आदिल राजा ने सोशल मीडिया पर अब एक नया दावा कर दिया है। आदिल के दावे के मुताबिक पहलगाम हमले का साजिशकर्ता खुद असीम मुनीर है। फिलहाल पाकिस्तान में इस हमले के सबूत मिटाने का काम चल रहा है। इस पूरे मामले पर आदिल राजा का कहना है कि “पाकिस्तान के खुफिया समुदाय के विश्वसनीय सूत्रों ने खुलासा किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासतौर से सऊदी अरब का पाक सेना और खुफिया एजेंसीआईएसआई पर भारी दवाब है। इसे देखते हुएआईएसआई प्रमुख असीम मलिक को पहलगाम घटना से संबंधित सभी सबूत मिटाने का निर्देश (ISI cover up) दिया गया है, क्योंकि कथित तौर पर पहलगाम हमले की योजना आर्मी चीफ असीम मुनीर ने खुद बनाई थी।” हालाँकि आदिल राजा का यह भी दावा है कि “असीम मुनीर ने पहलगाम की साजिश रची क्योंकि उनको लगता था कि इस कदम से उनकी लोकप्रियता बढ़ जाएगी।” लेकिन हुआ इसका उल्टा। लोकप्रियता तो नहीं बढ़ी लेकिन हां, आईएसआई (ISI) पर पूरी दुनिया का दबाव बढ़ता जा रहा है।”  इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला सऊदी अरब और यूएई की खुफिया एजेंसियों ने मुनीर के इस कृत्य की वजह से हैं खफा  गौर करने वाली बात यह कि अब तो सऊदी अरब जैसे देशों ने भी आईएसआई पर भारी दबाव डालन शुरू कर दिया है। बढ़ते दबाव के कारण ही पहलगाम की घटना से जुड़े सारे सबूतों को मिटाने (ISI cover up) के लिए कहा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,आईएसआई (ISI) के एक अधिकारी ने बताया कि असीम मुनीर किसी साइकोपैथ की तरह सोचते हैं। पहलगाम पर उन्होंने सोचा था कि इससे उनको जनता का समर्थन मिलेगा। लेकिन इसके उलट सऊदी अरब और यूएई की खुफिया एजेंसियों ने मुनीर के इस कृत्य की वजह से खफा हैं। यही नहीं अब तो मुनीर को लेकर पाकिस्तान के दूसरे सहयोगी देशों में भी असंतोष की भावना बढ़ती जा रही है। सहयोगी देश ही नहीं, पाकिस्तानी जनता खुद भी अपने आर्मी चीफ से नाराज है।   Latest News in Hindi Today Hindi news ISI cover up #ISICoverUp #AsimMunir #PakistanArmy #SaudiUAEPressure #ISIExposed #PakistanPolitics #MilitaryScandal #AsimMunirExposed #MiddleEastNews #GeoPolitics

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Pakistan Calls for Pahalgam Terror Attack

China support Pakistan: पाकिस्तान ने की पहलगाम आतंकी हमले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग, चीन ने मिलाया सुर में सुर

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए कायराना हमले में 26 निर्दोष भारतीयों और 2 विदेशी नागरिकों की जान गई थी। इस हमले को लेकर भारत पाकिस्तान को लेकर हमलावर है। दोनों देशों के बीच युद्ध के हालात हैं। एलओसी पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। आलम यह है कि युद्ध अब हो कि तब हो। इस पूरे मामले पर पाकिस्तान निष्पक्ष जाँच की मांग कर रहा है। इस बीच चीन ने पाकिस्तान की ओर से की गई मांग का समर्थन करते हुए निष्पक्ष जांच की वकालत कर दी (China support Pakistan) है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से रविवार को फोन पर बात कर समर्थन दिया है। पाकिस्तान की ओर से भी इसे लेकर दलील पेश की जा रही है। वह मांग कर रहा है कि इसकी जांच भारत-पाक नहीं बल्कि तीसरे पक्ष के तौर पर अंतरराष्ट्रीय समिति करे। चीन लगातार पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का समर्थन करता (China support Pakistan) है प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री मोहम्मद इशाक डार से रविवार को फोन पर बात कर समर्थन दिया है। अहम बात यह कि चीन, कश्मीर क्षेत्र में आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और निष्पक्ष जांच की शीघ्र शुरुआत का समर्थन करता है। वह उम्मीद करता है कि दोनों पक्ष संयम बरतेंगे, एक-दूसरे की ओर बढ़ेंगे और तनाव कम करने के लिए काम करेंगे। इस पूरे मामले पर वांग ने कहा कि “आतंकवाद से लड़ना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है और चीन लगातार पाकिस्तान की आतंकवाद विरोधी कार्रवाई का समर्थन करता (China support Pakistan) है।” इसे भी पढ़ें:- कश्मीर में आतंक के खिलाफ एकजुटता की नई शुरुआत: उमर अब्दुल्ला चीन पाकिस्तान की संप्रभुता और सुरक्षा हितों को बनाए रखने के उसके प्रयासों का समर्थन (China support Pakistan) करता है वांग ने कहा कि “एक मजबूत दोस्त और हर मौसम में रणनीतिक सहयोगी साझेदार के तौर पर चीन पाकिस्तान की वैध सुरक्षा चिंताओं को पूरी तरह समझता है और उसकी संप्रभुता और सुरक्षा हितों को बनाए रखने के उसके प्रयासों का समर्थन (China support Pakistan) करता है।” जानकारी के पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी बताया कि इशाक डार ने वांग यी को वर्तमान क्षेत्रीय स्थिति से भी अवगत कराया। यही नहीं, डार ने चीन के निरंतर और अटूट समर्थन की प्रशंसा की और सभी क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग सुदृढ़ करने में पाकिस्तान की प्रतिबद्धता का उल्लेख किया। गौर करने वाली बात यह कि चीन की ओर से यह समर्थन शहबाज शरीफ के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले की स्वतंत्र जांच या निष्पक्ष जांच की मांग की थी। और तो और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही साफ़ कह चुके हैं कि “ये दो देशों के बीच का मसला है और वह इस मामले में हस्तक्षेप करने का इरादा नहीं रखते हैं।” Latest News in Hindi Today Hindi  #PakistanTerrorAttack, #PahalgamAttack, #ChinaSupportsPakistan, #PakistanDemandsInvestigation, #TerrorismInKashmir, #ChinaPakistanRelations, #JammuAndKashmir, #InternationalDiplomacy, #PakistanChinaSolidarity, #TerrorismInvestigation

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India Pakistan legal action

Pakistanis leave India: 24 घंटे में यदि पाकिस्तानियों ने नहीं छोड़ा भारत, तो की जाएगी कड़ी कानूनी कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के साथ सभी राजनयिक संबंध समाप्त करते हुए हज़ारों पाकिस्तानी नागरिकों को 48 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया था। इस आदेश के बाद पाकिस्तानी नागरिकों में अपने देश जाने को लेकर अफरा तफरी मच गई। अफरा-तफरी का आलम यह है कि वाघा-अटारी बॉर्डर पर भारी भीड़ देखने को मिल रही है। समय सीमा समाप्त होने तक कुछ सौ लोग ही हैं जो पाकिस्तान वापस गए हैं। ऐसे में सरकार ने डेडलाइन के बाद भारत में रहने वाले पाकिस्तानियों पर कार्रवाई की चेतावनी (Pakistanis leave India) दी है। सरकारी आंकड़ों की माने तो देश भर में हजारों पाकिस्तानी मौजूद हैं। दिल्ली में 5 हजार तो मुंबई और यूपी में तक़रीबन 2000 हजार पाकिस्तानियों के होने की खबर है। गौर करने वाली बात यह कि डेड लाइन खत्म होने के बाद सिर्फ 537 पाकिस्तानी अपने देश वापस लौटे हैं। तो वहीं भारतीय नागरिकों की बात की जाए तो पाकिस्तान से 1387 भारतीय अपने देश लौट चुके हैं। बता दें कि इनमें कई डिप्लोमेट समेत अधिकारी भी हैं।  29 अप्रैल (Pakistanis leave India) की है डेडलाइन  गौरतलब हो कि सरकार के आदेश के बाद अटारी-वाघा इंटरनेशनल बॉर्डर से अब तक कई पाकिस्तान वापिस लौटे चुके हैं। जानकारी के मुताबिक 25 अप्रैल को 191 पाकिस्तानी नागरिक और 287 भारतीय नागरिक तो वहीं  26 अप्रैल को 75 पाकिस्तानी नागरिक 335 भारतीय नागरिक वापस आए थे। इसके अलावा सार्क वीजा वालों के लिए देश छोड़ने की अंतिम तारीख 26 अप्रैल थी और मेडिकल वीजा वालों के लिए अंतिम तारीख 29 अप्रैल (Pakistanis leave India) है। ध्यान देने वाली बात यह कि सरकार की तरफ से दी गई पहली डेडलाइन 27 अप्रैल को खत्म हो चुकी है। और अब दूसरी डेडलाइन 29 अप्रैल को खत्म होगी। इस लिहाज से अब 24 घंटे से भी कम का समय बचा हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि हजारों पाकिस्तानियों को कैसे वापस भेजा जाएगा? एक बात तो तय है कि यदि डेड लाइन खत्म होने के बाद कोई पाकिस्तानी भारत में रहता है, तो उसे अवैध माना जाएगा और उसपर कार्रवाई की जाएगी।  इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला इंटेलिजेंस ब्यूरो ने दिल्ली में रहने वाले तकरीबन 5,000 पाकिस्तानी नागरिकों की लिस्ट दिल्ली पुलिस (Pakistanis leave India) को सौंप दी है इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) ने दिल्ली में रहने वाले तकरीबन 5,000 पाकिस्तानी नागरिकों की लिस्ट दिल्ली पुलिस को सौंप दी है, ताकि उन्हें देश से बाहर निकाला जा सके। इसके अलावा यूपी में 1800 से अधिक तो वहीं मुंबई में तकरीबन 2 हजार और उत्तराखंड में भी अधिक 250 पाकिस्तानी नागरिक रहे हैं। ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि राज्य सरकार की तरफ से आदेश के बाद न सिर्फ जांच तेज हो गई बल्कि पाकिस्तानियों की पहचान की जा रही है और उन्हें वापस भेजने की तैयारी भी हो रही (Pakistanis leave India) है। कुल मिलाकर बता यह कि भारत सरकार की डेडलाइन खत्म होने के बाद यहाँ रह रहे पाकिस्तानियों का रहना गैरकानूनी माना जाएगा और पकड़े जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi Pakistanis leave India #drunkman #grpfight #violenceincident #grp #policebrutality #streetviolence #drunkanddisorderly #instastory #viralnews #currentnews #breakingnews #indiaupdate #newsviral #policeincident #viralpost

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Pakistan Taliban clash

Pakistan Taliban clash: बलूचिस्तान के बाद अब अफगानिस्तान बॉर्डर पर तालिबान से भिड़ा पाकिस्तान, की बड़ी कार्रवाई

पाकिस्तान की शामत अपनी तय मानी जा रही है। इस समय पाकिस्तान दो तरफा घिर चुका (Pakistan Taliban clash) है। पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान को लेकर पूरी दुनिया गुस्से में है। एक तरफ जहाँ वो बलूची विद्रोहियों से जूझ रहा है तो वही दूसरी तालिबान भी उसकी कब्र खोदने में जुटा हुआ है। इस तरह कह सकते हैं कि आतंक को लेकर आलोचना झेल रहे पाकिस्तान की मुश्किलें हैं कि कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब अफगानिस्तान बॉर्डर पर तालिबान से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई है। पाकिस्तान ने दावा किया है कि उसकी सेना ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के 54 आतंकियों को ढेर कर दिया है। ऐसे में पाकिस्तान को अब टीटीपी और बलूच लिबरेशन आर्मी की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तानी सैनिकों ने बड़ी कार्रवाई (Pakistan Taliban clash) करते हुए 54 आतंकियों को (Pakistan Taliban clash) गिराया मार  जानकारी के मुताबिक ये आतंकी अफगानिस्तान से घुसपैठ कर उत्तर पश्चिमी पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा इलाके में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सेना के मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने रविवार को यह जानकारी दी। आईएसपीआर की माने तो 25 और 26 अप्रैल तथा 26 और 27 अप्रैल की रात को उत्तरी वजीरिस्तान जिले के हसन खैल इलाके में आतंकियों की भारी हलचल देखी गई। हलचल बढ़ती देख पाकिस्तानी सैनिकों ने बड़ी कार्रवाई (Pakistan Taliban clash) करते हुए 54 आतंकियों को मार गिराया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान मारे गए आतंकियों के पास से बड़ी मात्रा में हथियार गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए गए।  इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान पाकिस्तानी अवाम आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में अपनी सेना के साथ खड़ी (Pakistan Taliban clash) है इस कार्रवाई के लिए सुरक्षा बलों की तारीफ करते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि “आतंकियों की घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर हमारे सुरक्षाबलों ने सराहनीय काम किया है। उन्होंने आगे कहा कि पूरी “पाकिस्तानी अवाम आतंकवाद के खिलाफ इस लड़ाई में अपनी सेना के साथ खड़ी है।” यही नहीं, इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि “पाकिस्तान को टीटीपी और बलूच लिबरेशन आर्मी की दोहरी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। गौरतलब हो कि हाल ही में बलूचिस्तान के क्वेटा के पास मार्गट इलाके में बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने पाकिस्तानी सेना पर बड़ा हमला किया (Pakistan Taliban clash) था। बीएलए द्वारा किये इस हमले में 10 सैनिक मारे गए थे। हालाँकि बीएलए ने दावा किया कि यह हमला रिमोट-कंट्रोल्ड इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से किया गया था। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि पाकिस्तान को दो तरफा लड़ाई लड़नी होगी। पहलगाम हमले के बाद से भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध की स्थिति है। Latest News in Hindi Today Hindi Pakistan Taliban clash #PakistanTalibanClash #BalochistanConflict #AfghanistanBorder #PakistanNews #TalibanConflict #PakTalibanTension #MilitaryAction #BorderTensions #BalochistanNews #BreakingNews

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Pakistani defense minister

Pakistani minister begs: न्यूक्लियर हमले की धमकी दे रहे पाकिस्तान की निकली हेकड़ी, गिड़गिड़ाते हुए पाक रक्षा मंत्री ने कही यह बात

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में तकरीबन दो बजे हुए कायराना आतंकी हमले में 28 निर्दोष लोगों की जान गई थी। आतंकियों ने लोगों के धर्म और कलमा पूछ-पूछकर मौत के घाट उतारा था। मरने वालों में 2 विदेशी भी नागरिक भी शामिल थे। इस घटना के बाद से दुनिया भर के लोगों में गुस्सा है। हमले के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच हालात तनावपूर्ण हैं। युद्ध की स्थिति है। तनाव का आलम यह है कि किसी भी समय युद्ध हो सकता है। भारत इस हमले का जवाब देगा। भारत के इस रुख से पाकिस्तान में दहशत का माहौल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई तरह के प्रतिबंध लगाते हुए सिंधु जलसंधि को भी ससपेंड कर दिया है। इसके बाद से पाकिस्तान में भय का माहौल है। इस बीच पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ (Pakistani minister begs) ने कहा कि “हम भारत के साथ युद्ध शुरू नहीं करना चाहते, लेकिन अगर युद्ध के हालात बने तो पाकिस्तान भी उसका जवाब देगा। भारत पानी को हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहा है।” उन्होंने आगे यह भी कहा कि “सिंधु जल समझौते को लेकर पाकिस्तान विश्व बैंक से संपर्क करेगा। पहलगाम आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उसपर अटैक कर सकता है।”  भारत ने यह हमला खुद ही किया है और इस हमले में पाकिस्तान को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है मजे की बात यह कि पाकिस्तान की तरह से लगातार भारत को गीदड़भभकी दी जा रही है। इसी क्रम में ख्वाजा आसिफ ने बेतूका तर्क देते गए कहा कि “अब ऐसा लग रहा है कि भारत ने यह हमला खुद ही किया है और इस हमले में पाकिस्तान को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।” ख्वाजा की बातों से ऐसा लग रहा है मानों भारत ने खुद ही हमला करवा कर निर्दोष लोगों की जान ली है और दोष पाकिस्तान पर मढ़ रहा है। कारण यही जो वो लगातार पहलगाम हमले में पाकिस्तान का हाथ होने से इंकार कर रहा है। इस बीच न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रूसी सरकार द्वारा संचालित आरआईए नोवोस्ती न्यूज एजेंसी को दिए गए एक साक्षात्कार में पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने (Pakistani minister begs) कहा कि “मुझे लगता है कि रूस या चीन या यहां तक कि पश्चिमी देश इस संकट में बहुत ही सकारात्मक भूमिका निभा सकते हैं और वे एक जांच दल भी गठित कर सकते हैं, जिसे जांच का यह काम सौंपा जाना चाहिए कि भारत या मोदी झूठ बोल रहे हैं या वह सच बोल रहे हैं। एक अंतरराष्ट्रीय दल को इस हमले की वास्तविकता का पता लगाने दें।” इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान प्रधानमंत्री खुद चाहते हैं (Pakistani minister begs) कि पहलगाम हमले की जाँच हो- ख्वाजा आसिफ यही नहीं, ख्वाजा आसिफ ने यह भी कहा कि “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी अंतरराष्ट्रीय जांच कराने का प्रस्ताव रखा है। ख्वाजा के मुताबिक प्रधानमंत्री खुद चाहते हैं (Pakistani minister begs) कि पहलगाम हमले की जाँच हो। खैर, न्यूज एजेंसी ने पाकिस्तान का पक्ष रखते हुए ख्वाजा के हवाले से कहा कि “पता लगाएं कि भारत में, कश्मीर में इस घटना का दोषी कौन है और कौन इसे अंजाम दे रहा है। बातचीत या खोखले बयानों का कोई असर नहीं होता। इस बात के कुछ सबूत तो होने ही चाहिए कि पाकिस्तान इसमें शामिल है या इन लोगों को पाकिस्तान का समर्थन प्राप्त था? ये सिर्फ बयान हैं, खोखले बयान और कुछ नहीं।” Latest News in Hindi Today Hindi Pakistani minister begs #Pakistan #PakDefenseMinister #NuclearThreat #PakistanNews #WorldNews #InternationalRelations #DefenseNews #PakCrisis #BreakingNews #GeoPolitics

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Pahalgam attack

Pahalgam attack: पहलगाम हमले पर भारत को अमेरिका का संदेश, कहा “आतंकियों को छोड़ना नहीं”

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए कायराना हमले (Pahalgam attack) के बाद देश भर में रोष व्याप्त है। देश ही नहीं दुनिया भर के देशों ने इस हमले की निंदा की है। इस आतंकी हमले के बाद दुनिया के सभी बड़े देश न सिर्फ भारत के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं बल्कि वहां के राष्ट्रअध्यक्ष पीएम मोदी से बात कर रहे हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि अमेरिका आतंकवादियों के खिलाफ भारत के सुर में सुर मिलाते हुए आवाज उठा रहा है। बता दें कि मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकवादी हमले की निंदा की। जानकारी के लिए बता दें कि ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि “कश्मीर से बेहद परेशान करने वाली खबर है। संयुक्त राज्य अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ मजबूती से खड़ा है। हम खोए हुए लोगों की आत्मा और घायलों के ठीक होने की प्रार्थना करते हैं।” अमेरिका हमले (Pahalgam attack) में जान गंवाने वाले लोगों और घायलों के ठीक होने के लिए प्रार्थना करता है इस बीच अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने गुरुवार (24 अप्रैल) को जानकारी दी कि अमेरिका ने पहलगाम आतंकवादी हमले के साजिशकर्ताओं को न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान किया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, ब्रूस ने कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका भारत के साथ खड़ा है और सभी प्रकार के आतंकवाद की कड़ी निंदा करता है। उन्होंने आगे कहा कि “अमेरिका हमले (Pahalgam attack) में जान गंवाने वाले लोगों और घायलों के ठीक होने के लिए प्रार्थना करता है। जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री रुबियो ने स्पष्ट किया है, अमेरिका भारत के साथ खड़ा है, आतंकवाद के सभी कृत्यों की कड़ी निंदा करता है। हम मारे गए लोगों के जीवन के लिए प्रार्थना करते हैं और घायलों के ठीक होने के लिए प्रार्थना करते हैं और इस जघन्य कृत्य के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने का आह्वान करते हैं।” इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान हम, निश्चित रूप से, अब कश्मीर या जम्मू की स्थिति पर कोई रुख नहीं (Pahalgam attack) ले रहे हैं एक सवाल अमेरिका पहलगाम में आतंकवादी हमले (Pahalgam attack) के पीछे पाकिस्तान को देखता है, के जवाब में टैमी ब्रूस ने जवाब दिया कि “मैंने इसे शीर्ष पर रखा क्योंकि यह एक भयानक स्थिति थी। साथ ही, इस बिंदु पर टिप्पणियों की सीमा यही होगी। मैं आपको निश्चित रूप से क्या बता सकती हूं, जैसा कि हम सभी जानते हैं कि यह तेजी से बदलती स्थिति है, और हम इसकी बारीकी से निगरानी कर रहे हैं, जैसा कि आप कल्पना कर सकते हैं। और हम, निश्चित रूप से, अब कश्मीर या जम्मू की स्थिति पर कोई रुख नहीं ले रहे हैं।” बता दें कि हमले के बाद, भारत ने सीमा पार आतंकवाद के समर्थन के लिए पाकिस्तान के खिलाफ कड़े जवाबी कदम उठाए हैं।  बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सीसीएस की बैठक में, भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को स्थगित कर दिया। गौरतलब है कि आतंकवादियों ने मंगलवार को पहलगाम के बैसरान मैदान में पर्यटकों पर हमला किया, जिसमें 25 भारतीय नागरिकों और एक नेपाली नागरिक की मौत हो गई थी और 20 से अधिक लोग घायल हो गए थे। ध्यान देने वाली बात यह कि यह 2019 पुलवामा हमले के बाद से घाटी में सबसे बड़े हमलों में से एक है। गौर हो कि पुलवामा हमले में 40 सीआरपीएफ जवान मारे गए थे।  Latest News in Hindi Today Hindi Pahalgam attack #PahalgamAttack #USIndiaRelations #FightTerrorism #KashmirViolence #TerrorAlert #IndiaSecurity #USOnTerror #GlobalSupport #TerroristAttack #IndianArmy

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Pahalgam Terror Attack Mastermind Exposed

Terror attack mastermind: कुर्सी के चक्कर में पहलगाम पर कराया हमला, पाकिस्तानी पत्रकार ने किया मास्टरमाइंड के नाम का खुलासा

मंगलवार को जम्मू कश्मीर के पहलगाम में दोपहर तकरीबन तीन बजे हुए कायराना आतंकी हमले 26 निर्दोष नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया गया था। इस हमले के बाद देश भर में रोष व्याप्त है। भारत ही नहीं दुनिया भर के देशों ने इस कायराना हमले की भर्त्सना की है। इस हमले की शक की सुई पाकिस्तान की ओर थी। भारत का शक सही साबित हुआ भी। ऐसा इसलिए कि पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार आदिल राजा ने गंभीर आरोप अपने ही देश पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आदिल राजा का दावा है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर (Terror attack mastermind) के इशारे पर ही पहलगाम में आतंकी हमला हुआ है। दरअसल, आदिल राजा ने पाकिस्तान के खुफिया सूत्रों के हवाले से कहा है कि “असीम ने जानबूझकर पहलगाम में हमला कराया है, जिससे उसके खिलाफ चल रहे मामले को शांत किया जा सके।” बता दें कि आदिल राजा पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार होने के साथ-साथ ह्यूमन राइट्स वाच के लिए भी काम करते हैं। इस बीच पोस्ट लिखते हुए आदिल राजा ने कहा कि “यह पोस्ट जब मैं लिख रहा हूं तो लोग मुझे भारतीयों का एजेंट बताएंगे, लेकिन जो सच है कि वो यह कि पहलगाम का हमला मुनीर के कहने पर ही हुआ है। कई वरिष्ठ अधिकारियों ने यह बात ऑफ रिकॉर्ड कही है।” बता दें कि राजा ने खुफिया सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि मुनीर ने जानबूझकर यह हमला करवाया। जनके इस खुलासे ने पाकिस्तान में भी हलचल मचा दी है।  विदेशी पाकिस्तानियों को बुलाकर भड़काऊ बयान देने के बाद करवाया हमला (Terror attack mastermind)  यही नहीं, आदिल के मुताबिक, असीम मुनीर ने ही पहले विदेशी पाकिस्तानियों को बुलाकर भड़काऊ बयान देने के बाद यह हमला (Terror attack mastermind) करवाया। मुनीर के इस गलती का खामियाजा पूरे पाकिस्तानी भुगतेंगे। शहबाज तुरंत मुनीर को हटाएं नहीं तो मामला और बिगड़ेगा।” महत्वपूर्ण बात यह कि आदिल राजा के इस पोस्ट को इमरान खान की पार्टी के समर्थक खूब शेयर कर रहे हैं। इमरान समर्थकों का कहना है कि “मुनीर को हटाकर खान को वापस लाया जाए, तभी पाकिस्तान की स्थिति सुधर सकती है।” बता दें कि आदिल की गिनती पाकिस्तान के उन पत्रकारों में होती है, जो सेना और सरकार के खिलाफ लगातार मुखर रहते हैं। 17 साल से पाकिस्तान की पत्रकारिता में सक्रिय आदिल राजा पेशावार के मूल निवासी हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई लिखाई इस्लामाबाद के कैद-ए-आजम यूनिवर्सिटी से की है। वर्तमान में वे अपना एक ब्लॉग सैनिकों की सुनो नाम से चलाते हैं। पीपीपी के प्रमुख और सरकार के हिस्सेदार बिलावल भुट्टो जरदारी भी आदिल को फॉलो करते हैं। आदिल अक्सर इमरान खान के लिए लिखते हैं।  इसे भी पढ़ें:- मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान भारत ने इस हमले के लिए पाकिस्तान को ठहराया (Terror attack mastermind) है जिम्मेदार  गौरतलब हो कि जम्मू कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को द रेजिडेंट फ्रंट (टीआरएफ) के आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या कर दी। इस घटना के बाद से ही भारत में उबाल है। भारत ने इसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया (Terror attack mastermind) है। द रेजिडेंट फ्रंट की स्थापना 2019 में पाकिस्तान में हुई थी। टीआरएफ को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से ही फंड मिलता है। कारण यही जो टीआरएफ के आकाओं को भी पाकिस्तान ही शरण देता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Terror attack mastermind #PahalgamAttack #TerrorMastermind #KashmirTerror #PakistanIndia #BreakingNews #PoliticalPlot #SecurityAlert #PahalgamNews #TerrorExposed #KashmirUpdate

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Water strike by India

Water strike by India: मोदी सरकार ने की वॉटर स्ट्राइक, बूंद-बूंद के लिए तरसेगा पाकिस्तान

22 अप्रैल (मंगलवार) को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की निर्मम हत्या और 17 से अधिक लोगों के घायल होने के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए कड़े कदम उठाए हैं। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े समूह ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने ली है। महत्वपूर्ण  बात यह कि हमला ऐसे समय में हुआ जब भारत सरकार कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास कर रही थी। भारत के सख्त तेवर देख पाकिस्तान में डर का (Water strike by India) माहौल है। यह पहली बार नहीं है जब पाकिस्तान की कायराना हरकत के बाद जवाब न दिया हो। याद करें बालाकोट हमला। इस हमले का भारत ने एयरस्ट्राइक से जवाब दिया था और तो और पुलवामा में हमलों का भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक से जवाब दिया। ऐसे में अब पहलगाम में हमले का भारत ने वॉटर स्ट्राइक से जवाब दिया है। कहने की जरूरत नहीं, भारत के इस कदम से पाकिस्तान का जीना मुहाल हो जायेगा।  भारत ने सिंधु जल संधि पर लगा दी है (Water strike by India) रोक  यहाँ सबसे यह समझना जरूरी है कि आखिर ये वॉटर स्ट्राइक (Water strike by India) है क्या? दरअसल, भारत ने सिंधु जल संधि पर रोक लगा दी है। बता दें कि सिंधु जल संधि साल 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच एक महत्वपूर्ण जल-बंटवारा समझौता है। इसे विश्व बैंक की मध्यस्थता में तैयार किया गया था। इस संधि का मुख्य उद्देश्य सिंधु नदी प्रणाली के जल संसाधनों के उपयोग को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच होनेवाले विवादों को टालना था। इस समझौते के तहत सिंधु नदी प्रणाली की छह प्रमुख नदियों को दो समूहों में विभाजित किया गया था। पूर्वी नदियों में ब्यास, रावी और सतलुज का अधिकार भारत को दिया गया था। तो वहीं पश्चिमी नदियों सिंधु, झेलम और चिनाब के जल का उपयोग पाकिस्तान को सौंपा गया था। इस समझौते के तहत भारत को अपनी पूर्वी नदियों के जल का पूरा उपयोग करने की अनुमति मिली, तो वहीं वह पश्चिमी नदियों के जल का सीमित उपयोग सिंचाई, घरेलू जरूरतों और गैर-उपभोग वाले उद्देश्यों के लिए कर सकता था। लेकिन अब भारत ने इस समझौते को खत्म कर दिया है।  इसे भी पढ़ें:-  इसलिए पीएम मोदी ने सऊदी से भारत लौटते समय पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र का नहीं किया इस्तेमाल क्या होगा इस वॉटर स्ट्राइक (Water strike by India) का असर  बता दें कि पाकिस्तान की लगभग 80 फीसदी खेती तकरीबन 1.6 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में फैली है। पाकिस्तान की खेती सिंधु नदी पर पूरी तरह निर्भर है। गौरतलब हो कि इस नदी से मिलने वाले पानी का लगभग 93 प्रतिशत हिस्सा केवल सिंचाई के काम में आता है। ऐसे में कहने की जरूरत नहीं कि अगर यह पानी न मिले, तो देश में खेती लगभग असंभव हो (Water strike by India) जाएगी। महत्वपूर्ण बात यह कि सिंधु बेसिन क्षेत्र में रहने वाली पाकिस्तान की 61 प्रतिशत आबादी यानी लगभग 23.7 करोड़ लोग सिंधु नदी पर निर्भर हैं। यही नहीं, पाकिस्तान के प्रमुख जलविद्युत परियोजनाएं भी सिंधु नदी पर आधारित हैं। ऐसे में भारत द्वारा सिंधु जल समझौता खत्म करने से पाकिस्तान में खाद्य उत्पादन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है। जिससे लाखों लोगों की खाद्य सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है। सिंधु जल आपूर्ति बाधित होने से पाकिस्तान के शहरी इलाकों में जल संकट उत्पन्न हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Water strike by India #WaterStrike #IndiaPakistan #ModiGovernment #IndusWatersTreaty #IndiaFirst #PakistanWaterCrisis #StrategicStrike #ModiAction #NationalSecurity #WaterWar

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Harsimrat Randhawa Shot Dead in Canada

Harsimrat Randhawa shooting Canada: कनाडा में भारतीय छात्रा हरसिमरत रंधावा की गोली मारकर हत्या

कनाडा के हैमिल्टन शहर में एक 21 वर्षीय भारतीय छात्रा हरसिमरत रंधावा की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। हरसिमरत रंधावा एक होनहार छात्रा थीं। वो अपने सपनों को लेकर कनाडा गई थीं। जानकारी के मुताबिक जब वह काम पर जाने के लिए बस स्टॉप पर इंतजार कर रही थी, तभी एक कार के अंदर से अंधाधुंध गोलियां चलाई गईं। इसी बीच एक गोली लड़की को जा लगी और गोली लगने उसकी जान चली (Harsimrat Randhawa shooting Canada) गई। हरसिमरत ओंटारियो प्रांत के हैमिल्टन स्थित एक कॉलेज में पढ़ाई कर रही थीं। घटना के वक्त बस स्टॉप पर बस का इंतजार कर रही थीं। बेशक यह छात्रों और भारतीय समुदाय के लिए यह खबर बेहद चौंकाने वाली है।  इस पूरे मामले पर हैमिल्टन पुलिस ने कहा कि “एक काली कार के यात्री ने एक सफेद सेडान पर गोलियां चलाईं। तभी एक गोली बस स्टैंड पर खड़ी एक लड़की को लग गई। गोलीबारी की घटना के बाद तुरंत बाद काली कार में सवार यात्री घटनास्थल से फरार हो गए। गोलियां पास के एक घर की पिछली खिड़की में भी घुस गईं।” घटना (Harsimrat Randhawa shooting Canada) बीते गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे की है दरअसल, पुलिस के मुताबिक घटना (Harsimrat Randhawa shooting Canada) बीते गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे की है। पुलिस को अपर जेम्स और साउथ बेंड रोड के पास गोलीबारी की सूचना मिली। घटनास्थल पर जब पुलिस पहुंची तो उसे हरसिमरत रंधावा गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलीं। छात्रा के सीने में गोली लगी थी। पुलिसकर्मियों ने तुरंत एम्बुलेंस की मदद से छात्रा को अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गोलीबारी किसी दो गाड़ियों के बीच आपसी विवाद का नतीजा थी। इसी फायरिंग की चपेट में बस स्टॉप पर खड़ी हरसिमरत भी आ गईं। हैमिल्टन पुलिस अब न सिर्फ इस हत्याकांड की हर एंगल से जांच कर रही है बल्कि दो संदिग्ध कार सवारों की पहचान करने की कोशिश में भी जुटी है। स्थानीय पुलिस के अनुसार, वह एक निर्दोष छात्रा थी, जो दो वाहनों में हुई गोलीबारी की घटना का शिकार हो गई। पुलिस के अधिकारी मृतक लड़की के परिवारवालों के साथ संपर्क साधने में लगे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक मृतक के परिजनों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर टोरंटो स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने इस घटना (Harsimrat Randhawa shooting Canada) पर व्यक्त किया गहरा दुख  इस घटना (Harsimrat Randhawa shooting Canada) पर टोरंटो स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने गहरा दुख व्यक्त किया है। शुक्रवार को जारी किये एक पोस्ट में दूतावास ने कहा कि “हम हैमिल्टन, ओंटारियो में भारतीय छात्रा हरसिमरत रंधावा की दुखद मौत से बेहद दुखी हैं। स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह घटना दो कार सवारों की आपसी गोलीबारी में हुई है। हम पीड़िता के परिवार के साथ लगातार संपर्क में हैं और हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।” कहने की जरूरत नहीं, इस घटना के बाद स्थानीय भारतीय समुदाय में रोष है। लोग सोशल मीडिया पर न्याय की मांग कर रहे हैं। और सही ही आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठा रहे हैं। खैर, पुलिस घटना से जुड़े और भी सबूत इकट्ठा कर रही है। शाम 7.15 बजे से 7.45 बजे के बीच डैशकैम या सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी हुई है। पुलिस के मुताबिक जल्द से जल्द आरोपियों पकड़ लिया जायेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi News Harsimrat Randhawa shooting Canada #HarsimratRandhawa #IndianStudentShot #CanadaShooting #JusticeForHarsimrat #PunjabiStudentKilled #CanadaCrime #InternationalStudentNews #IndianStudentAbroad #GunViolenceCanada #StudentMurderCanada

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US plane hijack

US plane hijack: अमेरिकी शख्स ने की प्लेन को हाइजैक करने की कोशिश, पैसेंजर ने विमान में ही मारी गोली, कई लोग घायल

मध्य अमेरिका के पूर्वी तट पर स्थिति बेलीज में एक छोटे विमान को हाईजैक करने (US plane hijack) की कोशिश की गई। यह घटना उस समय हुई जब बेलीज की ट्रॉपिक एयर का एक विमान कोरोजाल शहर से 14 यात्रियों के साथ उड़ान भर चुका था। विमान कोरोजल से सैन पेड्रो जा रहा था। इस बीच एक अमेरिकी नागरिक ने इस विमान को हाईजैक करने की कोशिश की। न सिर्फ हाईजैक की बल्कि इस दौरान चाकू से पायलट और यात्रियों पर हमला भी किया गया। इसी बीच विमान में सवार एक अन्य यात्री ने हाईजैक की कोशिश करने वाले शख्स को गोली मार दी।  यात्री द्वारा चलाई गई गोली लगने से मारा (US plane hijack) गया हाईजैकर  बेलीज के पुलिस आयुक्त चेस्टर विलियम्स ने आगे कहा कि “टेलर एक यात्री द्वारा चलाई गई गोली लगने से मारा (US plane hijack) गया। यात्री के पास बंदूक रखने का लाइसेंस था और उसने बाद में बंदूक पुलिस को सौंप दी।” इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि “टेलर की मांग थी कि उसे देश से बाहर ले जाया जाए।” यही नहीं बेलीज में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ल्यूक मार्टिन ने बताया कि “टेलर ने अमेरिका ले जाने की मांग की थी।” इस बीच न्यूयॉर्क पोस्ट ने अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बताया कि “चाकू से लैस एक अमेरिकी नागरिक ने विमान को हाईजैक करने के प्रयास में यात्रियों पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला करना शुरू कर दिया। इस दौरान विमान में मौजूद तीन लोग घायल हो गए।   हमलावर की पहचान अमेरिकी नागरिक अकिनीला सावा टेलर के (US plane hijack) रूप में हुई चेस्टर विलियम्स के अनुसार, हमलावर की पहचान अमेरिकी नागरिक अकिनीला सावा टेलर के (US plane hijack) रूप में हुई। उसने जिस ट्रिपोक एयर विमान का अपहरण किया था उसमें 14 यात्री और चालक दल के दो सदस्य सवार थे। सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रूप से हवाई अड्डे पर उतर गए हैं। बेलीज और अमेरिका दोनों ने इस घटना की पुष्टि की है। अपहरण की यह घटना बृहस्पतिवार को स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग साढ़े आठ बजे हुई। अपहरण के बाद विमान कई घंटों तक इधर-उधर चक्कर लगाता रहा। आखिरकार अंत में उसे तटीय शहर लेडीविले के हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया। इसे भी पढ़ें:– कोंडागांव-नारायणपुर सीमा के पास मुठभेड़ में दो इनामी नक्सली कमांडर ढेर, एनकाउंटर घायल यात्रियों और पायलट का अस्पताल में इलाज चल रहा है अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि “घटना के बारे में विस्तृत जानकारी (US plane hijack) जुटाई जा रही है।” तो वहीं इस पूरी घटना पर एयरलाइंस कंपनी के सीईओ मैक्सिमिलियन ग्रीफ ने कहा कि “पायलट ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उसने विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए कहा, यह आसान नहीं होता है।” घायल यात्रियों और पायलट का अस्पताल में इलाज चल रहा है। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस आयुक्त विलियम्स ने हस्तक्षेप करने वाले और टेलर को गोली मारने वाले यात्री की प्रशंसा करते हुए उसे “हीरो” कहा। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि “टेलर विमान में चाकू कैसे ले आया। जानकारी के मुताबिक बेलीज के अधिकारियों ने घटना की जांच में सहायता के लिए अमेरिकी दूतावास से संपर्क किया है।” Latest News in Hindi Today Hindi news US plane hijack #USPlaneHijack #PlaneHijackAttempt #FlightShooting #PassengerShootsHijacker #USNews #AviationSecurity #EmergencyLanding #InFlightIncident #BreakingNews #HijackFoiled

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