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Indian government on terrorism

India Declares Terrorism as War Against the Nation : आतंकवाद के खिलाफ भारत का बड़ा फैसला, किसी भी आतंकवादी गतिविधि को भारत के खिलाफ माना जाएगा जंग

22 अप्रैल को हुए पहलगाम हमले में 26 पर्यटकों की जान चली गई थी। आतंकियों ने उनसे धर्म और नाम पूछकर गोली मारी थी। हमले के बाद समूचे भारत में खासा रोष देखा गया था। पहलगाम हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा कि “हम इसके दोषियों को कल्पना से परे सजा देंगे।” इस हमले के 15वें दिन भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के 9 ठिकानों पर हमला कर आतंकी कैंपों को नेस्तनाबूत कर दिया। इस हमले में पाकिस्तान को बड़ा नुकसान हुआ। उसके कई खूंखार आतंकी मारे गए। भारत की इस कार्रवाई से तिलमिलाए पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए भारत पर हमले की कोशिश (India Declares Terrorism as War Against the Nation) की। लेकिन भारत के एयर डिफेन्स सिस्टम ने पाकिस्तान के सभी ड्रोन और मिसाइलों को मार गिराया। ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने भारत पर ताबड़तोड़ हमला किया है। इस बीच भारतीय सेना ने कहा कि “पाकिस्तान लगातार हम पर हमला कर रहा है। भारत की ओर से पश्चिमी सीमा पर ड्रोन, लंबी दूरी के हथियारों और लड़ाकू विमानों के जरिए पाकिस्तान की उकसावे वाली कार्रवाई को नाकाम कर दिया गया है।” भारतीय सेना ने यह भी बताया कि “पाकिस्तान अपने सैनिकों को सीमावर्ती इलाकों में तैनात कर रहा है जो स्थिति को और तनावपूर्ण करने के उसके आक्रामक इरादे का संकेत देते हैं।” आतंकवादी कार्रवाई को भारत के विरुद्ध युद्ध कार्रवाई माना (India Declares Terrorism as War Against the Nation) जाएगा बता दें कि पिछले 3 दिनों से भारत और पाकिस्तान के बीच जारी संघर्ष बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान एक के बाद एक भारत पर हमला कर रहा है। इस बीच भारत सरकार का कहना है कि “उसकी ओर से जो कार्रवाई की जा रही है वो पाकिस्तान के हमले के बदले में की जा रही है। इस पूरे मामले पर विदेश मंत्रालय का कहना है कि “पाकिस्तान ने देश के 26 जगहों पर हमला करने की कोशिश की। खैर, भारत पिछले 4 दशकों से लगातार पड़ोसी मुल्क की तरफ से हो रही आतंकवादी घटनाओं से परेशान रहा है। अब भारत ने इसके खिलाफ सख्त एक्शन लेने का फैसला लिया है। फैसले के मुताबिक भविष्य में किसी भी आतंकवादी कार्रवाई को भारत के विरुद्ध युद्ध कार्रवाई माना (India Declares Terrorism as War Against the Nation) जाएगा। और जवाब भी उसी तरह से दिया जाएगा। भारत सरकार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि भारत ने यह तय कर लिया है कि अब आतंकवाद के खिलाफ किसी तरह की गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में किसी भी आतंकवादी गतिविधि को भारत के खिलाफ जंग माना जाएगा। और इस तरह की गतिविधि का जवाब भी उसी अंदाज में दिया जाएगा।  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं (India Declares Terrorism as War Against the Nation) करेगा गौरतलब हो कि इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस में कह चुके हैं कि “भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं (India Declares Terrorism as War Against the Nation) करेगा। अगर कोई देश या संगठन हमारे नागरिकों पर आतंकी हमला करेगा, तो हम इसे युद्ध की तरह लेंगे और उसका जवाब सैन्य कार्रवाई के जरिए देंगे। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि “भारत की सेना और खुफिया एजेंसियां ऐसी किसी भी साजिश को नाकाम करने के लिए तैयार है।  Latest News in Hindi Today Hindi news India Declares Terrorism as War Against the Nation #IndiaAgainstTerrorism #WarOnTerror #NationalSecurity #AntiTerrorLaw #ModiGovernment #IndiaNews #TerrorismAlert #SecurityUpdate #BreakingNews #IndianPolitics

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India Pakistan tensions

Will Pakistan Use Nuclear: क्या भारत के खिलाफ परमाणु हथियार का इस्तेमाल करेगा पाकिस्तान?

भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पहलगाम हमले का बदला लेना शुरू कर दिया है। भारत की जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान इस कदर बौखलाया है कि अब वो परमाणु हथियार का इस्तेमाल करने की धमकी देने लगा है। जानकारी के मुताबिक भारत-पाकिस्तान की बढ़ती तनावपूर्ण स्थिति पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने परमाणु हथियार के इस्तेमाल पर एक इंटरव्यू में जवाब दिया। शनिवार को रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भारत-पाकिस्तान ने कहा कि “परमाणु हथियार का विकल्प अभी उनके समक्ष नहीं है। आसिफ ने जियो न्यूज से कहा कि फिलहाल परमाणु विकल्प पर विचार नहीं किया जा रहा है। हालांकि, अगर ऐसी स्थिति आती है तो निरीक्षकों पर भी इसका असर पड़ेगा। अपनी बात रखते हुए ख्वाजा आसिफ ने कहा कि “मैं दुनिया को बता रहा हूं कि यह केवल इस क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। यह बहुत व्यापक तौर पर हो सकता है। यह विनाश है।” गीदड़भभकी देते हुए उन्होंने कहा कि “भारत की ओर से पैदा की जा रही स्थिति को देखते हुए हमारे विकल्प कम होते जा रहे हैं।” बता दें कि ख्वाजा आसिफ ने कहा कि “हमले की स्थिति भारत की ओर से पैदा की जा रही है। ऐसे में हमारे पास विकल्प कम (Will Pakistan Use Nuclear) होते जा रहे हैं। उन्होंने परमाणु हथियार के इस्तेमाल पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।”  एनसीए पाकिस्तान के परमाणु हथियारों (Will Pakistan Use Nuclear) के बारे में परिचालन संबंधी फैसले लेने के लिए जिम्मेदार है View this post on Instagram A post shared by JaiRashtra_News (@jai.rashtranews) इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि “राष्ट्रीय कमान प्राधिकरण (एनसीए) की कोई बैठक नहीं बुलाई गई है। एनसीए पाकिस्तान के परमाणु हथियारों (Will Pakistan Use Nuclear) के बारे में परिचालन संबंधी फैसले लेने के लिए जिम्मेदार है।” इस बीच जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि “उन्होंने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मैक्रो रूबियो से कहा कि अगर भारत सैन्य कार्रवाई बंद कर दे तो पाकिस्तान शांति पर विचार करेगा। डार ने यह भी कहा कि “रूबियो के साथ बातचीत में कहा कि गेंद भारत के पाले में है।” उन्होंने आगे कहा कि “युद्ध हमारी प्राथमिकता नहीं है और हम वास्तव में शांति चाहते हैं, लेकिन किसी देश के आधिपत्य के बिना ऐसा करना चाहते हैं।” अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि “शनिवार की सुबह रूबियो और सऊदी विदेश मंत्री सहित विश्व नेताओं के साथ उनकी बातचीत सकारात्मक,रही और उन्हें उम्मीद है कि भारत के साथ बातचीत शुरू हो सकती है।” इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा दुश्मन मुल्क से सतर्क रहने के अलावा भारत के पास कोई विकल्प (Will Pakistan Use Nuclear) नहीं है इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि पाकिस्तान की करनी और कथनी में जमीन-आसमान का फर्क है। उसकी नीयत पर भरोसा नहीं किया जा सकता। ऐसे में दुश्मन मुल्क से सतर्क रहने के अलावा भारत के पास कोई विकल्प (Will Pakistan Use Nuclear) नहीं है। वैसे भारत एक जिम्मेदार मुल्क है। परमाणु हमले की पहल नहीं करेगा लेकिन यदि पाकिस्तान ने इस तरह कोई नापाक हिमाकत की तो भारत छोड़ेगा भी नहीं। फ़िलहाल दोनों देशों के बीच इस तरह की कोई गुंजाईश नहीं है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Will Pakistan Use Nuclear #PakistanNuclearThreat #IndiaPakistanConflict #NuclearWarRisk #SouthAsiaCrisis #PakistanArmy #IndiaDefense #NuclearWeapons #WarAlert2025 #GeopoliticalTension #IndoPakWar

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Officer, 4 Others Killed by Pakistan

killing five including the officer: पाकिस्तान ने राजौरी में अधिकारी के घर बरसाईं गोलियां, अफसर सहित पांच लोगों की हुई मौत

ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान इस कदर भन्नाया हुआ है कि लगातार निर्दोष लोगों को अपना निशाना बना रहा है। इस कड़ी में गुरुवार को भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया। रह-रहकर धमाकों की आवाज़ें सुनाई दे रही हैं। जानकारी के मुताबिक श्रीनगर और आसपास के इलाकों में पाकिस्तान के साथ मुठभेड़ जारी है। अपनी खुन्नस निकालते हुए पाकिस्तान ने जम्मू एयर बेस पठानकोट एयर बेस श्रीनगर पर मिसाइल दागी। भारतीय सेना ने पाकिस्तान के ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया है। जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की कई चौकियां नष्ट हुई हैं। पाकिस्तानी हमले में एक भारतीय अफसर सहित पांच की मौत हुई है। इस बीच जम्मू-कश्मीर के राजौरी, पुंछ और जम्मू जिलों में शनिवार सुबह हुई भारी पाकिस्तानी गोलाबारी में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी समेत पांच (killing five including the officer) लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की बात कही जा रही है।  एक तोप के गोले से गंभीर रूप से घायल हो (killing five including the officer) गए अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त राज कुमार थापा खबर के मुताबिक पाकिस्तान की इस कार्रवाई पर अधिकारियों ने बताया कि राजौरी के अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त राज कुमार थापा और उनके दो कर्मचारी राजौरी शहर में उनके सरकारी आवास पर एक तोप के गोले से गंभीर रूप से घायल हो (killing five including the officer) गए।” उन्होंने बताया कि “उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां थापा ने दम तोड़ दिया।” इस घटना पर दुःख विकलत करते हुए जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि “राजौरी से दुखद समाचार है। हमने जम्मू-कश्मीर प्रशासन सेवा के एक समर्पित अधिकारी को खो दिया है। कल ही वे डिप्टी सीएम के साथ जिले में घूम रहे थे औ”र मेरी अध्यक्षता में हुई ऑनलाइन बैठक में शामिल हुए थे। आज अधिकारी के आवास पर पाकिस्तानी गोलाबारी की गई, जिसमें हमारे अतिरिक्त जिला विकास आयुक्त श्री राज कुमार थप्पा की मौत हो गई। इस भयानक जान-माल के नुकसान पर अपने दुख और सदमे को व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द नहीं हैं। उनकी आत्मा को शांति मिले।” इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा  पुंछ व आरएसपुरा में भी दो लोगों की मौत की पुष्टि की (killing five including the officer) गई है जानकारी के लिए बता दें कि पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ मिसाइल हमला किया। जम्मू एयर बेस, पठानकोट एयर बेस, श्रीनगर, ब्यास और उधमपुर पर फतेह-1 मिसाइल दागी गई। इन इलाकों में जोरदार धमाके सुने गए। अधिकारियों के मुताबिक बीती रात एयरपोर्ट समेत कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के पास धमाके सुने गए। धमाका होते ही शहर में सायरन बजने लगे। अधिकारियों ने बताया कि एहतियातन तौर पर शहर और घाटी के अधिकतर हिस्सों में बिजली भी काट दी गई है। पाकिस्तान ड्रोन हमलों के साथ ही नौशहरा, पुंछ और कुपवाड़ा में नियंत्रण रेखा पर मोर्टार भी दाग रहा है। इसके अलावा वो गनों से न सिर्फ नागरिक इलाकों को, बल्कि धार्मिक स्थलों को भी निशाना बना रहा है। भारतीय सेना उसकी इस नापाक हरकत का मुंहतोड़ जवाब दे रही है। भारत ने पाक की हर मिसाइल को हवा में ही मार गिराया गया है। यही नहीं, जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान की कई चौकियां नष्ट हो गईं हैं। पाकिस्तान द्वारा किये गए इस हमले में एक भारतीय सैनिक के शहीद होने की खबर है। पुंछ व आरएसपुरा में भी दो लोगों की मौत की पुष्टि की (killing five including the officer) गई है। बता दें कि पाकिस्तान सेना ने गुरुवार रात राजौरी, पुंछ, उरी, कुपवाड़ा व बारामुला सेक्टरों में मोर्टार और तोपों से भारी गोलाबारी की। पाक की यह गोलीबारी रुक-रूककर जारी है। Latest News in Hindi Today Hindi news killing five including the officer #RajouriAttack #PakistanFiring #IndianArmy #CrossBorderFiring #JammuKashmir #IndiaPakistanTension #TerrorStrike #RajouriNews #JKViolence #NationMourns

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Donald Trump on India Pakistan tension

Trump Reacts to India-Pakistan Tension: भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर चिंतित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने कही यह बात 

22 अप्रैल को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए कायराना हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान की नाम में दम कर दिया है। भारत ने आतंकियों की जन्नत कहे जाने वाले पाकिस्तान के रातों की नींद ख़राब कर दी है। 6-7 मई की रात भारत सेना ने पाकिस्तान की सीमा में 100 किलोमीटर घुसकर बहावलपुर स्थित जैश के हेड क्वार्टर को नष्ट कर दिया। भारत में एक साथ 9 जगह एयर स्ट्राइक कर बता दिया कि आतंकियों को वो किसी भी हाल में बख्शने वाला। गुजरते वक़्त के साथ दोनों देशों के बीच तनातनी बढ़ती ही जा रही है। ऐसे में दुनिया दो परमाणु-सशस्त्र राष्ट्रों के बीच बढ़ते तनाव को लेकर तनाव समूची दुनिया सकते में है। दरअसल, दोनों देश परमाणु संपन्न होने के नाते परमाणु युद्ध की आशंका भी जताई जा रही है। इस बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए शुक्रवार को व्हाइट हाउस ने (Trump Reacts to India-Pakistan Tension) कहा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव जितनी जल्दी हो सके कम हो।” ष्ट्रपति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह इसे जितनी जल्दी हो सके कम होते देखना चाहते (Trump Reacts to India-Pakistan Tension) हैं दरअसल, एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि “राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह इसे जितनी जल्दी हो सके कम होते देखना चाहते (Trump Reacts to India-Pakistan Tension) हैं।” उन्होंने आगे कहा कि “भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहा संघर्ष राष्ट्रपति ट्रम्प के पदभार संभालने से बहुत पहले से चला आ रहा है।” अहम बात यह कि व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब बुधवार की सुबह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में नौ आतंकी ठिकानों पर भारत द्वारा किए गए हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य कार्रवाई तेज हो गई है। इसे भी पढ़ें:- अकेला पड़ा पाकिस्तान, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि हम युद्ध के बीच में नहीं पड़ेंगे” ट्रंप के दोनों देशों के नेताओं के साथ अच्छे हैं (Trump Reacts to India-Pakistan Tension) संबंध  जानकारी के लिए बता दें कि उन्होंने यह टिप्पणी भारत और पाकिस्तान के बीच चल रहे संघर्ष में मध्यस्थता या प्रभाव डालने के अमेरिकी प्रयासों के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में की। पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि “ट्रंप के दोनों देशों के नेताओं के साथ अच्छे संबंध हैं (Trump Reacts to India-Pakistan Tension) और रुबियो दोनों देशों के नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं और इस संघर्ष को समाप्त करने का प्रयास कर रहे हैं। यही नहीं, अपनी कॉल के दौरान, एस जयशंकर ने रुबियो को बताया कि भारत स्थिति को बढ़ाने के पाकिस्तान के किसी भी प्रयास का दृढ़ता से मुकाबला करेगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Reacts to India-Pakistan Tension #TrumpOnIndiaPakistan #IndiaPakistanTension #DonaldTrump #IndoPakConflict #USPresident #SouthAsiaCrisis #TrumpStatement #KashmirTension #PeaceTalks #BreakingNews

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JD Vance war comment

US Vice President JD Vance makes it clear: अकेला पड़ा पाकिस्तान, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि हम युद्ध के बीच में नहीं पड़ेंगे”

22 अप्रैल हुए हमले के बाद गुजरते वक़्त के साथ-साथ भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति बेहद तनावपूर्ण होती जा रही है।  इन दोनों देशों के बीच मौजूदा हालत पर दुनिया के दुनिया भर के देशों की नजर है। ऑपरेशन सिंदूर चलाकर भारत ने पहलगाम हमले का बदला लिया। इससे तिलमिलाए पाकिस्तान ने गुरुवार की रात भारत के कई इलाकों पर हमला करने की कोशिश की, जिसे भारतीय सेना ने विफल कर दिया। पाकिस्तान की इस कार्रवाई के जवाब में सेना ने पाक के कई शहरों को निशाना बनाया। इसके अलावा भारत ने गुरुवार रात पाकिस्तान के 50 ड्रोन के साथ-साथ चार फाइटर जेट्स को भी ढेर कर दिया है। इस दरम्यान दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बयान दिया है। दरअसल, अमेरिका के उप राष्‍ट्रपति जेडी वेंस ने कहा है कि हम युद्ध के बीच में नहीं (US Vice President JD Vance makes it clear) पड़ेंगे। यह भारत और पाकिस्‍तान के बीच का मसला है। इसके साथ ही वेंस ने यह भी कहा कि “उम्‍मीद है कि परमाणु युद्ध नहीं होगा।” हम युद्ध के बीच में नहीं पड़ने जा रहे हैं (US Vice President JD Vance makes it clear)   गौरतलब ही कि साल 1971 में जब भारत-पाकिस्तान के बीच जंग हुई थी तो उस दौरान भारत पर सैन्य दबाव बढ़ाने के लिए पाकिस्तान के साथ खड़ा दिख रहा था। अमेरिका ने बंगाल की खाड़ी में अपना जंगी जहाज तक उतार दिया था। लेकिन इस बार अमेरिका ने अलग ही रुख अख्तियार किया है। उसने साफ कर दिया है कि वह इसके बीच में नहीं (US Vice President JD Vance makes it clear) पड़ेगा। जेडी वेंस ने कहा कि देखिए, हम इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं परमाणु शक्तियां आपस में टकरा न जाएं और कोई बड़ा संघर्ष न हो जाए। अपनी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि “वाशिंगटन चाहता है कि तनाव जल्द से जल्द कम हो। हम इन देशों को नियंत्रित नहीं कर सकते। भारत को पाकिस्तान से कुछ शिकायतें हैं। पाकिस्तान ने भारत को जवाब दिया है। हम इन लोगों से अपील कर सकते हैं कि वे तनाव को कुछ कम करने की कोशिश करें लेकिन हम युद्ध के बीच में नहीं पड़ने जा रहे। वास्तव में इससे हमारा कोई लेना देना नहीं है।” इसे भी पढ़ें:-  जैश और लश्कर का हेडक्वाटर तबाह, वजह यही जो भारत ने पाकिस्तान के इन ठिकानों को बनाया निशाना अमेरिका भारतीयों से हथियार डालने के लिए नहीं (US Vice President JD Vance makes it clear) कह सकता इस बीच जेडी वेंस ने कहा कि “अमेरिका भारतीयों से हथियार डालने के लिए नहीं (US Vice President JD Vance makes it clear) कह सकता। हम पाकिस्तानियों से हथियार डालने के लिए नहीं कह सकते। इसलिए हम कूटनीतिक माध्यमों से इस मामले को आगे बढ़ाते रहेंगे। हमें आशा और अपेक्षा है कि यह किसी व्यापक क्षेत्रीय युद्ध या भगवान न करे, किसी परमाणु संघर्ष में न बदल जाए, लेकिन हम इन चीजों को लेकर निश्चित रूप से चिंतित हैं। मुझे लगता है कि यहां कूटनीति और शांत दिमाग से काम करना होगा,ताकि यह सुनिश्चित हो कि यह परमाणु युद्ध न बन जाए। अगर ऐसा हुआ तो यह निश्चित रूप से विनाशकारी होगा। अभी हमें नहीं लगता कि ऐसा होने वाला है।  Latest News in HindiToday Hindi news US Vice President JD Vance makes it clear #JDVance #PakistanIsolation #USForeignPolicy #WarStance #USVPNews #MiddleEastCrisis #Geopolitics #PakistanAlone #GlobalTensions #JDVanceSpeech

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UNSC meeting on Pakistan

Pakistan Fails at UNSC: यूएनएससी में नहीं गली पाकिस्तान की दाल, मीटिंग तो हुई लेकिन कोई बयान नहीं हुआ जारी

22 अप्रैल को जम्मूकश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव इस कदर बढ़ गया है कि दोनों देशों में युद्धपूर्ण हालात बने हुए हैं। भारत के एक्शन से पाकिस्तान में खौफजदा है। जिसके चलते उसने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) से इस मुद्दे पर मीटिंग की मांग की थी। पाकिस्तान की मांग पर यूएनएससी में बंद कमरे में मीटिंग हुई। मजे की बात यह कि मीटिंग तो हुई, लेकिन मीटिंग के बाद कोई बयान नहीं (Pakistan Fails at UNSC) जारी किया गया। आम तौर पर जब किसी मुद्दे पर यूएनएससी में मीटिंग होती है, तब मीटिंग के बाद एक बयान जारी कर मीटिंग से संबंधित सभी जानकारी दी जाती है। हैरत यह कि इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। पाकिस्तान की लाख कोशिशों के बाद भी यूएनएससी  ने भारत को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा। ध्यान देने वाली बात यह कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पाकिस्तान की न सिर्फ चाल नाकामयाब रही और बल्कि उसके सारे ड्रामे भी धरे के धरे रह गए।  बढ़ते तनाव के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (Pakistan Fails at UNSC) ने बंद कमरे में किया गया विचार-विमर्श गौरतलब हो कि भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (Pakistan Fails at UNSC) ने बंद कमरे में विचार-विमर्श किया। इस दौरान दूतों ने संयम और बातचीत की बात कही। 15 देशों की सुरक्षा परिषद द्वारा आयोजित यह परामर्श सोमवार दोपहर को लगभग डेढ़ घंटे तक चला। यह तो ठीक, लेकिन बैठक के बाद परिषद की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया। वर्तमान में परिषद का अस्थायी सदस्य होने के नाते पाकिस्तान, ने परमाणु-सशस्त्र पड़ोसियों के बीच स्थिति पर बंद कमरे में बातचीत करने की गुजारिश की थी। खैर, इस बीच संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने बैठक के बाद संवाददाताओं को जानकारी देते हुए कहा कि “बंद कमरे में विचार-विमर्श के उद्देश्यों में परिषद के सदस्यों को भारत और पाकिस्तान के बीच बिगड़ते सुरक्षा माहौल और बढ़ते तनाव पर चर्चा करने और स्थिति को संभालने के तरीकों पर विचारों का आदान-प्रदान करने में सक्षम बनाना शामिल था, जिसमें टकराव से बचना भी शामिल था। जिसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं। इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उस पर कभी भी हमला कर (Pakistan Fails at UNSC) सकता है बता दें कि कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ सामने आया है। भारत ने हर हाल में इस आतंकी हमले का बदला लेने का मूड बना लिया है। भारत के इस कदम के बाद से पाकिस्तान में खौफ का माहौल है। पाकिस्तान के डर का आलम आप इसी से लगा सकते हैं कि वो कई देशों की शरण में जाकर युद्ध रुकवाने की विनंती कर (Pakistan Fails at UNSC) रहा है। दरअसल, पाकिस्तान को आशंका है कि भारत उस पर कभी भी हमला कर सकता है। यही नहीं, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि भारत कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास किसी भी समय सैन्य हमला कर सकता है। उनके इस बयान से पाकिस्तान में दहशत का माहौल है। आसिफ ने संवाददाताओं से कहा कि “ऐसी खबरें हैं कि भारत नियंत्रण रेखा के पास किसी भी स्थान पर हमला कर सकता है।” इस दौरान उन्होंने कहा कि “अगर भारत ने ऐसा किया तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा।” यही नहीं ख्वाजा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने (पहलगाम) हमले की अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है। जांच से यह पता चल जाएगा कि भारत खुद या कोई आंतरिक संगठन इसमें शामिल था या नहीं और नयी दिल्ली के बेबुनियाद आरोपों के पीछे की सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।’’ Latest News in HindiToday Hindi news Pakistan Fails at UNSC #PakistanUNSCFailure #UNSC #PakistanNews #UNUpdate #IndiaVsPakistan #DiplomaticSetback #GlobalPolitics #UNSCMeeting #PakistanFails #UnitedNations

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Trump's $1000 Offer to Immigrants

Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA: इन लोगों को डोनाल्ड ट्रंप दे रहे हैं यह ऑफर, अमेरिका छोड़कर जाओ, 1 हजार डॉलर पाओ

जब से डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अमेरिका के राष्ट्रपति बने हैं तब से वो अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासियों पर नकेल कस रहे हैं। लाखों लोगों को उन्होंने बाहर का रास्ता दिखाया है। पूरी दुनिया से आये अवैध प्रवासियों के खिलाफ उन्होंने एक मुहीम चला रखी है। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अवैध प्रवासियों के लिए खास ऑफर लेकर आए (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) हैं। ऑफर के मुताबिक उन्होंने ऐलान किया है कि ‘जो अवैध प्रवासी स्वयं अमेरिका छोड़कर (leave America scheme) जाएंगे, उन लोगों को 1 हजार डॉलर दिए जाएंगे। होमलैंड सुरक्षा विभाग की प्रेस रिलीज के अनुसार इस ऑफर के अलावा टिकट का खर्च भी अमेरिकी सरकार वहन करेगी।” ट्रंप सरकार के मुताबिक जो अप्रवासी सीबीपी होम ऐप को यूज कर, दावा कर रहे हैं कि वे अपने देश लौट जाएंगे। उन सभी लोगों की गिरफ्तारी और निर्वासन पर ट्रंप प्रशासन जोर नहीं देगा।  अवैध प्रवासियों को सीबीपी होम ऐप के जरिये फंडिंग करने और देश लौटने के लिए पैसा देने की (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) प्लानिंग की है खैर, इस बीच होमलैंड सुरक्षा विभाग की सचिव क्रिस्टी नोएम ने इस बात की पुष्टि करते हुए (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) कहा कि “अगर आप अवैध रूप से अमेरिका में हैं, तो गिरफ्तारी से बचकर खुद वापस चले जाना अमेरिका छोड़ने (leave America scheme) का सबसे अच्छा, सुरक्षित और किफायती तरीका है।” जानकारी के मुताबिक होमलैंड सुरक्षा विभाग ने इस तरह के अवैध प्रवासियों को सीबीपी होम ऐप के जरिये न सिर्फ फंडिंग करने बल्कि यात्रा खर्च में मदद करने और देश लौटने के लिए पैसा देने की भी प्लानिंग कर रखी है। ट्रंप के मुख्य नीति और होमलैंड सुरक्षा विभाग के सलाहकार स्टीफन मिलर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इसकी पुष्टि की है। इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील अबतक लगभग डेढ़ लाख से अधिक बिना दस्तावेज वाले अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से निकाला जा (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) चुका है इस दौरान मिलर ने बताया कि “ट्रंप प्रशासन लगातार अवैध प्रवासियों पर नकेल कस (Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA) रहा है। अमेरिका विदेशियों के खिलाफ जो अभियान चला रहा है, उस पर एक बड़ी रकम खर्च की जा रही है।” गौरतलब हो कि बतौर राष्ट्रपति ट्रंप अमेरिकी 100 दिन का कार्यकाल पूरा कर चुके हैं। अमेरिका अबतक लगभग डेढ़ लाख से अधिक बिना दस्तावेज वाले अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से निकाला जा चुका है। गौरतलब है कि पिछले साल फरवरी से अप्रैल के बीच तत्कालीन राष्ट्रपति बाइडेन के कार्यकाल के दौरान 195000 लोगों को निर्वासित किया गया था। ट्रंप ने लाखों लोगों को निर्वासित करने का वादा किया था, लेकिन अब तक यह संख्या बाइडेन प्रशासन की तुलना में कम है। Latest News in HindiToday Hindi news Trump’s $1000 Offer to Immigrants to Leave USA #TrumpOffer, #ImmigrantExit, #LeaveUSAOffer, #USImmigrationPolicy, #TrumpImmigrants, #USAExitProgram, #1000DollarOffer, #ImmigrationDebate, #TrumpNews, #ImmigrantRelocation

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President Trump announces a 100% tariff on all foreign-made films

Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films: राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने की अमेरिका के बाहर बनने वाली सभी फिल्मों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाए जाने की घोषणा 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने टैरिफ वॉर के चलते  समूची दुनिया को सकते में डाल दिया है। इसे ट्रंप की मनमानी कहें या कुछ और, बेशक उनके इस फैसले से सभी सकते में हैं। इसी कड़ी में ट्रम्प ने संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर निर्मित फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाने (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) का एलान किया है। उन्‍होंने विदेशी फिल्मों को हॉलीवुड के लिए खतरा बताया और इसे राष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए लिया गया अहम निर्णय बताया है। ट्रंप ने कहा कि “हॉलीवुड और अमेरिका के कई अन्य क्षेत्र तबाह हो रहे हैं। वो चाहते हैं फिर से अमेरिका में ही फिल्में बनें।” कहने की जरूरत नहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद फिल्म इंडस्ट्री से लोग काफी नाराज हैं। लोग न सिर्फ नाराज हैं बल्कि जमकर आलोचना भी कर रहे हैं। हालांकि ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस कदम को आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी बताया। ट्रंप का मानना है कि अन्य देशों में फिल्मों की शूटिंग को दी जा रही छूट की वजह से अमेरिकी फिल्म उद्योग को भारी नुकसान हो रहा है।  अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री या हॉलीवुड उन प्रोत्साहनों के कारण बहुत तेजी से खत्म (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) हो रहा है इस पूरे मामले पर ट्रंप (Donald Trump) का कहना है कि “अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री या हॉलीवुड उन प्रोत्साहनों के कारण बहुत तेजी से खत्म हो रहा है, जो अन्य देश अमेरिकी फिल्म निर्माताओं को लुभाने के लिए दे रहे (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) हैं। इसके मद्देनजर ये फैसला लिया जा रहा है।” उन्होंने आगे कहा कि “यह अन्य देशों की तरफ से किया गया एक ठोस प्रयास है और इसलिए यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। हॉलीवुड और अमेरिका के कई अन्य क्षेत्र तबाह हो रहे हैं।’ यह बाकी सब चीजों के अलावा संदेश और प्रचार भी है।” उन्होंने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि “वह संबंधित अमेरिकी फिल्म इंडस्ट्री को अधिकृत कर रहे हैं।” इसके अलावा ट्रंप ने एक और बड़ा चौंकाने वाला ऐलान करते हुए कहा कि “वह सैन फ्रांसिस्को खाड़ी में स्थित अलकाट्राज़ जेल को फिर से खोलने की योजना पर काम कर रहे हैं।”  इसे भी पढ़ें:-   पहलगाम हमले के बाद पाक आर्मी में गजब का खौफ, इस वजह से लोगों से की 2 महीने का राशन जमा करने की अपील हम चाहते हैं कि अमेरिका में फिर से फिल्में (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) बनें यही नहीं, ट्रंप ने आगे यह भी कहा कि “हम चाहते हैं कि अमेरिका में फिर से फिल्में बनें।” इसके बाद वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने भी इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट भी किया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि “हम इस पर काम कर रहे हैं। न तो लुटनिक और न ही ट्रम्प ने इसके बारे में कोई ज्यादा डिटेल दी है। यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि यह कदम विदेशी या अमेरिकी उत्पादन कंपनियों को लक्षित करेगा, जो विदेशों में फिल्में बनाती हैं।” गौर करने वाली बात यह कि लॉस एंजिल्स में फिल्म और टेलीविजन उत्पादन में पिछले दशक में लगभग 40% की गिरावट आ गई है। खैर, ट्रंप ने घरेलू फिल्म प्रोडक्शन पर लौटने की जरूरत पर फोकस करते हुए कहा कि “हम चाहते हैं कि फिल्में फिर से अमेरिका में बनाई जाएं।” दरअसल, नए टैरिफ (Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films) का मकसद खेल के मैदान को लेवल में लाना और स्टूडियो को अमेरिकी धरती पर अपना ऑपरेशन जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।” Latest News in HindiToday Hindi news Trump Imposes 100% Tariff on Foreign Films #TrumpTariff #ForeignFilms #MovieBan #USFilmIndustry #HollywoodNews #TariffPolicy #FilmTax #TrumpNews #CinemaWar #EntertainmentNews

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Indian origin leaders Canada

Indian-origin leaders shine in Canada Elections: कनाडा के आम चुनाव में बजा भारतीयों का डंका,  24 भारतवंशियों समेत इन नेताओं ने मारी बाजी

कनाडा में हुए आम चुनाव (Canada Elections 2025) में भारी संख्या में भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने बाजी (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) मारी है। जानकारी के मुताबिक कनाडा चुनाव में 24 भारतीय मूल के कनाडाई उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। जीतने वालों में अधिकतर उम्मीदवार पंजाब से ताल्लुक रखते हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक तकरीबन 65 भारतीय मूल के उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान में ताल ठोका था। जिनमें से रिकॉर्ड 24 ने जीत हासिल की। बता दें कि चार साल पहले हुए चुनाव में 21 उम्मीदवार जीते थे। इस जीत की बड़ी बात यह कि भारतीय मूल के इस विजेताओं में इनोवेशन, साइंस और इंडस्ट्री मिनिस्टर अनीता आनंद भी शामिल हैं। उन्होंने ओकविले ईस्ट सीट पर जीत हासिल की। संभवतः इस जीत के बाद उन्हें कार्नी की नई कैबिनेट में उन्हें महत्वपूर्ण पद मिल जाए। कनाडा के संघीय चुनावों में गौर करने वाली बात यह कि न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी (एनडीपी) के नेता और खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह को बर्नाबी सेंट्रल सीट पर करारी हार का सामना करना पड़ा और कनाडा में लिबरल की जीत हुई है।  भारतीय मूल के लोगों का कनाडा की राजनीति में किस तरह प्रभाव (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) बढ़ रहा है कहने की जरूरत नहीं कनाडा के 2025 संघीय चुनाव (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) में 24 भारतीय मूल के उम्मीदवारों की जीत यह बताती है कि भारतीय मूल के लोगों का कनाडा की राजनीति में किस तरह प्रभाव बढ़ रहा है। इस चुनाव में खास बात यह कि जस्टिन ट्रूडो का यार और खालिस्तानी एजेंडे को बढ़ावा देने वाला जगमीत सिंह हार गया। मजे की बात यह कि इस चुनाव में (Canada Elections 2025) ट्रूडो सरकार में किंगमेकर बताने वाला खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह और उसकी पार्टी की करारी हार हुई है। बता दें कि खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह को पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो के भारत विरोधी रुख के लिए जिम्मेदार कारणों में से एक माना जाता है। और तो और ट्रूडो अपनी अल्पमत सरकार को सत्ता में बनाए रखने के लिए जगमीत पर निर्भर थे। चूंकि जगमीत सिंह हार चुके हैं, तो ऐसे में उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी कनाडा में अप्रासंगिक हो गई है।  इसे भी पढ़ें:-   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी तीनों सेनाओं को खुली छूट, पाकिस्तान का सूखा हलक एक नजर डालते हैं जीते (Indian-origin leaders shine in Canada Elections) हुए भारतवंशियों पर   Latest News in HindiToday Hindi news  Canada Elections 2025 #CanadaElections2025 #IndianOriginLeaders #NRIinPolitics #CanadaPolitics #IndianDiaspora #PunjabiInCanada #CanadaElectionResults #DesiPower #IndianCanadians #GlobalIndians

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Middle East pressure on Pakistan

ISI cover up: पाक पर बढ़ा सऊदी-यूएई का दबाव, आर्मी चीफ असीम मुनीर के कुकर्मों को छुपाने में लगी आईएसआई

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर सवालों के घेरे में घिरते जा रहे हैं। बड़ी बात यह वो अपने ही घर में घिरते जा रहे हैं। पाकिस्तान के लोगों को ऐसा लग रहा है कि “असीम मुनीर ने अपना प्रभाव बढ़ाने के लिए पाकिस्तान को जंग के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। इस पूरे मामले पर पाकिस्तानी मामलों के जानकर आफताब इकबाल का कहना है कि “पाकिस्तान के इतिहास में पहली बार जनता का बड़ा हिस्सा सेना के खिलाफ दिख रहा है। आलम यह है कि मुनीर को बार-बार जनता से सेना का साथ देने की अपील करनी पड़ रही है।” दरअसल, असीम मुनीर ने हाल में हिन्दू-मुस्लिम और टू-नेशन थ्योरी से जुड़े कुछ ऐसे बयान दिए जिसकी वजह से दुनिया का ध्यान उनपर गया है। उनके इस बयान के बाद ही पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। बड़ी बात यह कि असीम मुनीर के बयान और पहलगाम हमले के तरीके में लिंक होने की बात कई विशेषज्ञ कह चुके है। ऐसे में आईएसआई (ISI cover up) सबूतों को मिटाने के लिए असीम मुनीर के कुकर्मों को छुपाने में लग गई है।  पहलगाम घटना से संबंधित सभी सबूत मिटाने का (ISI cover up) दिया गया है निर्देश  इस बीच पाकिस्‍तानी सेना के पूर्व अधिकारी आदिल राजा ने सोशल मीडिया पर अब एक नया दावा कर दिया है। आदिल के दावे के मुताबिक पहलगाम हमले का साजिशकर्ता खुद असीम मुनीर है। फिलहाल पाकिस्तान में इस हमले के सबूत मिटाने का काम चल रहा है। इस पूरे मामले पर आदिल राजा का कहना है कि “पाकिस्तान के खुफिया समुदाय के विश्वसनीय सूत्रों ने खुलासा किया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय, खासतौर से सऊदी अरब का पाक सेना और खुफिया एजेंसीआईएसआई पर भारी दवाब है। इसे देखते हुएआईएसआई प्रमुख असीम मलिक को पहलगाम घटना से संबंधित सभी सबूत मिटाने का निर्देश (ISI cover up) दिया गया है, क्योंकि कथित तौर पर पहलगाम हमले की योजना आर्मी चीफ असीम मुनीर ने खुद बनाई थी।” हालाँकि आदिल राजा का यह भी दावा है कि “असीम मुनीर ने पहलगाम की साजिश रची क्योंकि उनको लगता था कि इस कदम से उनकी लोकप्रियता बढ़ जाएगी।” लेकिन हुआ इसका उल्टा। लोकप्रियता तो नहीं बढ़ी लेकिन हां, आईएसआई (ISI) पर पूरी दुनिया का दबाव बढ़ता जा रहा है।”  इसे भी पढ़ें:-  पहाड़ पर मिली नक्सलियों की सीक्रेट गुफा, एक साथ हजारों लोग छुप सकते हैं यहां, शिवलिंग और जलस्त्रोत भी मिला सऊदी अरब और यूएई की खुफिया एजेंसियों ने मुनीर के इस कृत्य की वजह से हैं खफा  गौर करने वाली बात यह कि अब तो सऊदी अरब जैसे देशों ने भी आईएसआई पर भारी दबाव डालन शुरू कर दिया है। बढ़ते दबाव के कारण ही पहलगाम की घटना से जुड़े सारे सबूतों को मिटाने (ISI cover up) के लिए कहा गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,आईएसआई (ISI) के एक अधिकारी ने बताया कि असीम मुनीर किसी साइकोपैथ की तरह सोचते हैं। पहलगाम पर उन्होंने सोचा था कि इससे उनको जनता का समर्थन मिलेगा। लेकिन इसके उलट सऊदी अरब और यूएई की खुफिया एजेंसियों ने मुनीर के इस कृत्य की वजह से खफा हैं। यही नहीं अब तो मुनीर को लेकर पाकिस्तान के दूसरे सहयोगी देशों में भी असंतोष की भावना बढ़ती जा रही है। सहयोगी देश ही नहीं, पाकिस्तानी जनता खुद भी अपने आर्मी चीफ से नाराज है।   Latest News in Hindi Today Hindi news ISI cover up #ISICoverUp #AsimMunir #PakistanArmy #SaudiUAEPressure #ISIExposed #PakistanPolitics #MilitaryScandal #AsimMunirExposed #MiddleEastNews #GeoPolitics

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