Tamil Nadu budget controversy

Stalin Removes ₹ Symbol from Budget: सीएम स्टालिन ने हिंदी विरोध की हदें की पार, बजट से हटाया ₹ का सिंबल

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने हिंदी विरोध की सारी हदें पार कर दी हैं। हिंदी को लेकर उनके में इस कदर घृणा है कि उन्होंने तमिलनाडु बजट 2025-26 के लिए रुपये के सिंबल को ही हटा दिया।  दरअसल, तमिलनाडु सरकार ने तमिलनाडु बजट 2025-26 के लिए अपने पहले के लोगो में रुपये के प्रतीक को बदलकर (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) तमिल भाषा का प्रतीक शामिल किया है। बता दें कि स्टालिन लगातार राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध कर रहे हैं और इसी कड़ी में उन्होंने रुपये सिंबल भी बदल दिया। लोगो में तमिल शब्द ‘रुबय’ का प्रथम अक्षर अंकित किया गया है। तमिल भाषा में भारतीय मुद्रा को ‘रुबय’ बोला जाता है। लोगो में यह भी लिखा है कि सबकुछ सबके लिए, जिससे राज्य में सत्तारूढ़ द्रमुक शासन के समावेशी मॉडल के दावे का संकेत मिलता है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य विधानसभा में बजट प्रस्तुत करने वाले हैं। इस बीच स्टालिन ने मंगलवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को विनाशकारी नागपुर योजना करार दिया और दोहराया कि राज्य इसे स्वीकार नहीं करेगा भले ही केंद्र सरकार 10,000 करोड़ रुपये ही क्यों न प्रदान करे।  तमिलनाडु में हिंदी के विरोध को लेकर छिड़ी सियासी जंग के बीच लिया (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) यह फैसला गौर करने वाली बात यह कि तमिलनाडु सरकार का ये (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) फैसला ऐसे समय आया है, जब पहले से ही तमिलनाडु में हिंदी के विरोध को लेकर सियासी जंग छिड़ी हुई है। दरअसल, हाल ही में तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने जबरन हिंदी थोपने का आरोप लगाया था। एमके स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा था कि “अखंड हिंदी पहचान की कोशिश के कारण प्राचीन भाषाएं खत्म हो रही हैं। बिहार और उत्तर प्रदेश कभी भी हिंदी के इलाके नहीं रहे। लेकिन अब उनकी असली भाषा भूतपूर्व की प्रतीक चिन्ह बनकर रह गई हैं।” इस बीच राज्य सरकार के इस कदम की प्रदेश भाजपा प्रमुख के. अन्नामलाई ने आलोचना करते हुए कहा कि “द्रमुक सरकार का वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राज्य का बजट एक तमिल द्वारा डिजाइन किये गए रुपये के उस प्रतीक चिह्न को प्रतिस्थापित करता है, जिसे पूरे भारत द्वारा अपनाया गया और हमारी मुद्रा में शामिल किया गया है।” उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि “तिरु उदय कुमार, जिन्होंने रुपये का प्रतीक चिह्ल डिजाइन किया था, द्रमुक के एक पूर्व विधायक के बेटे हैं। उन्होंने तमिलनाडु के वित्त वर्ष 2024-25 के बजट का लोगो भी साझा किया, जिसमें भारतीय रुपये का प्रतीक चिह्न अंकित है।” बता दें कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने मंगलवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति को विनाशकारी नागपुर योजना करार देते हुए कहा कि “राज्य इसे स्वीकार नहीं करेगा भले ही केंद्र सरकार 10,000 करोड़ रुपये प्रदान करे।”  इसे भी पढ़ें:- होली पर योगी बाबा की पुलिस फुल अलर्ट पर, ड्रोन, सीसीटीवी और बॉडी वॉर्न कैमरों से पैनी नजर, गड़बड़ी करना पड़ेगा भारी  हिंदी भाषा (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) ने न जाने कितनी दूसरी भाषाओं को लील लिया है बता दें कि स्टालिन ने चेन्नई के नजदीक चेंगलपेट में एक सरकारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा था कि “कल आपने टेलीविजन पर संसदीय कार्यवाही देखी होगी। वह अहंकार से कह रहे हैं कि तमिलनाडु को 2,000 करोड़ रुपये तभी दिए जाएंगे, जब हिंदी और संस्कृत को स्वीकार किया जाएगा। कौन? वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान थे।” उन्होंने कहा कि राज्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति का विरोध कर रहा है क्योंकि यह तमिलनाडु में शिक्षा के विकास को पूरी तरह से नष्ट कर देगा।” इस दौरान स्टालिन ने दूसरे राज्यों के लोगों से अपील करते हुए कहा कि “दूसरे राज्य में रहने वाले मेरे भाइयों और बहनों, क्या आपने कभी इस बारे में विचार किया है कि हिंदी भाषा (Stalin Removes ₹ Symbol from Budget) ने न जाने कितनी दूसरी भाषाओं को लील लिया है। मैथिली, अवधी, भोजपुरी, ब्रज, कुमाऊंनी, गढ़वाली और बुंदेली जैसी कई सारी भाषाएं हैं जो अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रही हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Stalin Removes ₹ Symbol from Budget #Stalin #HindiOpposition #TamilNaduPolitics #IndianPolitics #BudgetRow #RupeeSymbol #LanguageDebate #DMK #PoliticalNews #IndiaNews

आगे और पढ़ें
Tejashwi Yadav announcement

तेजस्वी यादव का बड़ा ऐलान: बिहार के मेडल विजेता खिलाड़ियों को मिलेगा DSP पद

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने हाल ही में खिलाड़ियों के लिए एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने घोषणा की है कि बिहार से जो भी खिलाड़ी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतकर लाएंगे, उन्हें DSP के पद पर नियुक्त किया जाएगा। तेजस्वी यादव का यह बयान हाजीपुर जिले में आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट (Cricket Tournament) के उद्घाटन के दौरान सामने आया। खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने का वादा तेजस्वी यादव ने कार्यक्रम में कहा कि बिहार में सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली जैसी प्रतिभाएं पैदा हो सकती हैं, अगर उन्हें सही मौका और संसाधन दिए जाएं। उन्होंने कहा कि बिहार के युवाओं में अपार प्रतिभा है, बस जरूरत है उन्हें प्रोत्साहित करने और सही मंच देने की। खेल और युवा नीति पर जोर तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने बताया कि उनकी सरकार ने पहले भी बिहार के लिए एक मजबूत स्पोर्ट्स पॉलिसी लाई थी। इस नीति के तहत बिहार के खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियां देने का प्रावधान किया गया था। उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि उनकी सरकार के दौरान 73 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी (Government Service) दी गई थी। तेजस्वी यादव का कहना है कि खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और सुविधाएं देने से ही बिहार के युवा खेलों में नाम कमा सकते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर उनकी पार्टी की सरकार बनती है, तो बिहार में खेलों को बढ़ावा देने के लिए और भी प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। हाजीपुर में क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन हाजीपुर के बिद्दूपुर में आयोजित इस क्रिकेट टूर्नामेंट (Cricket Tournament) के दौरान तेजस्वी यादव ने पिच पर उतरकर बल्लेबाजी भी की। उन्होंने इस मौके पर घोषणा की कि यहां अपनी दादी के नाम पर एक विशेष क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया जाएगा। तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा कि इस टूर्नामेंट में देशभर के प्रतिष्ठित क्रिकेटरों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने पंचायत स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने की योजना का भी खुलासा किया। पंचायत स्तर पर खेल प्रतिभाओं को मिलेगा मौका तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने अपनी योजना के तहत बताया कि बिहार के प्रत्येक पंचायत में एक-एक टीम का गठन किया जाएगा। इसके बाद एक पंचायत की टीम दूसरी पंचायत के खिलाफ मुकाबला करेगी। इस तरह खिलाड़ियों को अपने खेल का प्रदर्शन करने का बेहतरीन मौका मिलेगा। तेजस्वी यादव ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी पार्टी की सरकार सत्ता में आती है, तो एक महीने के भीतर राघोपुर विधानसभा क्षेत्र में एक स्पोर्ट्स क्लब का निर्माण कराया जाएगा। उनका मानना है कि इस पहल से बिहार के युवाओं को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिलेगा। नीतीश सरकार पर हमला खेल और खिलाड़ियों की बात के अलावा तेजस्वी यादव ने इस मौके पर नीतीश कुमार (Nitish Kumar) सरकार पर भी तीखा हमला किया। उन्होंने वर्तमान सरकार को ‘खटारा’ बताते हुए कहा कि यह सरकार अब ‘थकी और हारी हुई’ हो चुकी है। तेजस्वी यादव ने कहा, “यह सरकार 20 साल पुरानी हो चुकी है और अब यह गाड़ी ज्यादा धुंआ देने लगी है। इस सरकार से अब उम्मीद करना बेकार है, क्योंकि यह कभी भी धोखा दे सकती है।” उन्होंने जनता से अपील की कि बिहार में एक नई और ऊर्जावान सरकार लाने का समय आ गया है। इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में सिर्फ हिंदू बेच सकेंगे झटका मांस, सरकार ने शुरू किया मल्हार सर्टिफिकेटन तेजस्वी यादव का क्रिकेट करियर और अनुभव तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने अपनी क्रिकेट करियर के बारे में भी इस कार्यक्रम में चर्चा की। उन्होंने बताया कि अपने खेल करियर के दौरान उनके दोनों लिगामेंट्स में चोट लग गई थी, जिसके कारण वह आगे क्रिकेट नहीं खेल सके। हालांकि, उन्होंने खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि हारने का अफसोस करने के बजाय उन्हें अपनी गलतियों से सीखना चाहिए। साथ ही, जीतने वाले खिलाड़ियों को कभी घमंड नहीं करना चाहिए। तेजस्वी यादव का यह ऐलान बिहार के युवाओं के लिए एक बड़ी उम्मीद लेकर आया है। उनकी सरकार द्वारा पूर्व में लागू की गई स्पोर्ट्स पॉलिसी ने पहले भी खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर दिया है, और अब DSP पद देने का वादा युवाओं को प्रेरित कर सकता है। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और पंचायत स्तर पर खेल को बढ़ावा देने की तेजस्वी यादव की योजना से बिहार में खेल संस्कृति को एक नया आयाम मिल सकता है। अगर इस योजना को सही तरीके से लागू किया गया, तो निश्चित ही बिहार से भी सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) और विराट कोहली (Virat Kohli) जैसी महान हस्तियां उभर सकती हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Cricket Tournament #TejashwiYadav #BiharSports #DSPForAthletes #BiharNews #MedalWinners #SportsQuota #BiharGovt #TejashwiAnnouncement #IndianAthletes #BiharUpdates

आगे और पढ़ें
Maharashtra Budget 2025

Maharashtra Budget 2025: महायुति की सरकार ने पेश किया बजट, लाडली बहनों को झटका

महाराष्ट्र में प्रचंड जीत के बाद बनी महायुति की सरकार ने सोमवार को अपना पहला बजट (Maharashtra Budget 2025) पेश किया। विधानसभा में अजित पवार और विधान परिषद में आशीष जयसवाल ने साल 2025-26 ने बजट पेश किया। गौर करने वाली बात यह कि देवेंद्र फडणवीस के दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार उपमुख्यमंत्री व राज्य के वित्तमंत्री अजित पवार ने साल 2025-26 के लिए 7,00,020 करोड़ रुपये का बजट पेश किया है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि बजट से महाराष्ट्र की लाडली बहनों को उम्मीद थी। उन्हें उम्मीद थी कि वित्त मंत्री उन्हें मासिकमिलने वाली 1500 रुपये को बढ़ाकर 2100 रुपये करेंगे। लेकिन लाडले वित्त मंत्री ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। वो बात और है कि बजट में उन्होंने लाडली बहनों के लिए 36,000 करोड़ रुपये का प्रावधान जरूर किया है। खैर, बजट पेश करने के बाद वित्त मंत्री पवार ने कहा कि “औद्योगिक नीति 2025 का उद्देश्य नए निवेश को आकर्षित करना और मेक इन महाराष्ट्र की पहल को बढ़ावा देना है। इस दरम्यान वित्त मंत्री ने दावा किया कि कुल 7 लाख करोड़ का बजट “विकसित भारत-विकसित महाराष्ट्र” के सपने को साकार करने वाला और राज्य के विकास की रफ्तार को गति देगा।” इसके साथ ही वित्त मंत्री ने सीएनजी और एलपीजी वाहनों पर मोटर वाहन कर में 1 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव किया। बेशक इससे आने वाले दिनों में एलपीजी, सीएनजी और इलेक्ट्रॉनिक गाड़ियों महंगी हो जाएगी। इस दौरान वित्त मंत्री ने बजट में नई औद्योगिक नीति की घोषणा की। बड़ी बात यह कि इसमें 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 50 लाख नई नौकरियों के पैदा होने की उम्मीद है। बजट (Maharashtra Budget 2025) में मुंबई को लेकर किए गए हैं कई बड़े ऐलान  यही नहीं बजट (Maharashtra Budget 2025) में मुंबई को लेकर कई बड़े ऐलान किए गए हैं। वित्त मंत्री अजित पवार ने बजट संबोधन में मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन की 140 बिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था को साल 2030 तक 300 बिलियन डॉलर और साल 2047 तक 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इस हेतु उन्होंने मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में 7 अलग-अलग स्थानों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यापारिक केंद्र बनाने का ऐलान किया है। इस सिलसिले में मुंबई के छत्रपति शिवाजी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच जल्द ही मेट्रो का काम शुरू किया जाएगा। इस बारे में वित्त मंत्री ने बताया कि “अगले महीने नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से घरेलू उड़ानें संचालित होंगी। इस हवाई अड्डे का 85 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। ठाणे में 100 बेड का अति विशेष उपचार अस्पताल बनाने का प्रस्ताव है।”  यही नहीं पवार ने यह भी कहा कि “मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में 7 जगह पर अंतरराष्ट्रीय स्तर का व्यापार केंद्र बनाने का निर्णय लिया गया है।” इसके अलावा सरकार ने ग्रामीण आवास के लिए 15,000 करोड़ रुपये के परिव्यय की घोषणा की है। सरकार का लक्ष्य 20 लाख घर बनाना है।  बजट (Maharashtra Budget 2025) में अजित पवार ने की पालघर जिले के बंदरगाह के 2030 तक चालू होने की घोषणा  इसके अलावा अपने बजट (Maharashtra Budget 2025) में अजित पवार ने पालघर जिले के बंदरगाह के 2030 तक चालू होने की घोषणा भी की। उन्होंने तीसरा हवाई अड्डा वधावन बंदरगाह के पास बनाए जाने का प्रस्ताव रखा है। जानकारी के मुताबिक वहां पर मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन का एक स्टेशन भी इसके इर्द-गिर्द होगा। यही नहीं पवार ने अपने बजट भाषण में जल्द ही शिरडी हवाई अड्डे पर विमानों के रात में भी उतरने की सुविधा शुरू होने की घोषणा की। बता दें कि इस दौरान वित्त मंत्री ने 45,852 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का बजट पेश किया। बजट में राजकोषीय घाटा 1,36,234 करोड़ रुपये और कुल व्यय 7,00,020 करोड़ रुपये रहने का अंदेशा जताया है। इसके अलावा राजस्व प्राप्तियां 5,60,963 करोड़ रुपये जबकि राजस्व व्यय 6,06,855 करोड़ रुपये रहने की बात कही गई है। पवार ने कहा कि “सरकार राजकोषीय घाटे को सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीडीएसपी) के तीन प्रतिशत से कम रखने में सफल रही है। और राज्य का राजस्व घाटा लगातार सकल राज्य आय के एक प्रतिशत से कम रहा है।” खैर, ध्यान देने वाली बात यह कि बजट पेश करने के दौरान विपक्ष ने कई बार टिका टिप्पणी की। इस दौरान परिषद में विपक्ष ने नारेबाजी करते हुए सदन से वॉकआउट दिया। और विधान भवन की सीढ़ियों पर बैठक कर नारेबाजी की।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र में सिर्फ हिंदू बेच सकेंगे झटका मांस, सरकार ने शुरू किया मल्हार सर्टिफिकेटन इस बजट (Maharashtra Budget 2025) की अहम बातें Latest News in Hindi Today Hindi news Maharashtra Budget 2025 #MaharashtraBudget2025 #LadkiBahinYojana #WomenEmpowerment #FinancialInclusion #AjitPawar #Mahagathbandhan #EconomicPolicy #SocialWelfare #BudgetAllocation #MaharashtraGovt

आगे और पढ़ें

Rahul Gandhi on Gujarat elections: राहुल गांधी ने बताया इसलिए गुजरात में सत्ता से बाहर है कांग्रेस

लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी अक्सर अपने बयानों को लेकर सुर्ख़ियों में रहते हैं। ताजा उदहारण है, गुजरात के अहमदाबाद का। जहां जाने अनजाने में ही सही दिल की बात जुबां पर आ ही गई। दरअसल, राहुल गांधी दो दिन के गुजरात दौरे पर हैं। शनिवार को उन्होंने अहमदाबाद के जेड हॉल में प्रदेश के करीब 2 हजार कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गुजरात में कांग्रेस की लीडरशीप में दो तरह के लोग हैं। उनमें बंटवारा है। एक हैं जो जनता के साथ खड़े हैं, जिनके दिल में कांग्रेस की विचारधारा है। दूसरे वे हैं, जो जनता से कटे हुए हैं, दूर बैठते हैं और उनमें से आधे बीजेपी से मिले हुए हैं।” राहुल ने आगे कहा कि “मेरी जिम्मेदारी है कि जो ये दो ग्रुप हैं इनको छांटना है। कांग्रेस में नेताओं की कमी नहीं है। बब्बर शेर हैं लेकिन पीछे से चेन लगी हुई है तो वे चेन से बंधे हैं। यहां रेस के घोड़ों को बारात में बांध दिया जाता है। यदि 30-40 लोगों को निकालना पड़े तो ये भी करेंगे। बीजेपी के लिए अंदर से काम कर रहे हो, जाओ बाहर जाकर करो।” खैर, उन्होंने गुजरात में कांग्रेस की स्थिति पर खुलकर अपनी बात रखी। अपनी बात कहते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि बीते 30 वर्षों से कांग्रेस सत्ता से बाहर है और इसका कारण पार्टी की अपनी कमजोरियां हैं।  उन्होंने कहा कि “हर बार गुजरात में चुनावों की चर्चा होती है। साल 2007, 2012, 2017, 2022 और 2027 लेकिन सवाल सिर्फ चुनाव जीतने का नहीं है। गुजरात की जनता हमें तभी सत्ता में लाएगी जब हम अपनी जिम्मेदारी सही से निभाएंगे।  अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को आत्मविश्लेषण करने (Rahul Gandhi on Gujarat elections) की दी नसीहत  असल में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को अहमदाबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं को आत्मविश्लेषण करने (Rahul Gandhi on Gujarat elections) की नसीहत देते हुए कहा कि “गुजरात आगे बढ़ना चाहता है। लेकिन वह फंसा हुआ महसूस करता है। और मैं साफ कहूं तो गुजरात कांग्रेस भी उसे रास्ता नहीं दिखा पा रही है। मैं यह बिना किसी शर्म और डर के कह रहा हूं कि हमारी पार्टी के नेता, प्रदेश अध्यक्ष और खुद मैं भी गुजरात की जनता की उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं।” यही नहीं राहुल गांधी ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी का भी जिक्र करते हुए कहा कि “कांग्रेस को आजादी दिलाने में गुजरात की अहम भूमिका थी।” इस दौरान उन्होंने कहा कि “जब कांग्रेस को ब्रिटिश हुकूमत का सामना करना पड़ा तब हमें नेतृत्व की तलाश थी। वह नेतृत्व हमें दक्षिण अफ्रीका से नहीं बल्कि गुजरात से मिला। गांधीजी ने हमें संघर्ष करने सोचने और आगे बढ़ने की राह दिखाई।” राहुल ने यह भी कहा कि “अगर कांग्रेस को भविष्य में सत्ता में आना है तो उसे गुजरात से ही सीखना होगा।” इसे भी पढ़ें:-  देश से भी ज्यादा राज्य की विकास दर, प्रति व्यक्ति आय में महाराष्ट्र चौथा नंबर पर, अजित पवार ने बताएं विकास के आंकड़े पार्टी के नेता केवल चुनावी रणनीति पर ध्यान न दें बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करें (Rahul Gandhi on Gujarat elections) इस दौरान राहुल गाँधी पार्टी नेताओं से कहा (Rahul Gandhi on Gujarat elections) कि “वे केवल चुनावी रणनीति पर ध्यान न दें बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि जिस दिन कांग्रेस अपनी जिम्मेदारी निभाएगी जनता खुद उसे समर्थन देगी। वैसे उनका यह बयान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए ही था। खैर, वो कहते हैं न राजनीति कितनी भी कटु और चुनौतीपूर्ण हो लेकिन कई बार नेताओं की जुबान पर सच्चाई आ जाती है। अब देखना यह दिलचस्प होगा कि गुजरात में कांग्रेस के कार्यकर्त्ता उनके इस बयान के प्रति कितनी तल्लीनता दिखाते हैं और संगठन किस दिशा में जाता है। बता दें कि गुजरात में बीते चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद ही निराशाजनक रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi on Gujarat elections #RahulGandhi #Congress #GujaratElections #BJP #AAP #ElectionResults #PoliticalAnalysis #IndianPolitics

आगे और पढ़ें
Ajit Pawar economic data

देश से भी ज्यादा राज्य की विकास दर, प्रति व्यक्ति आय में महाराष्ट्र चौथा नंबर पर, अजित पवार ने बताएं विकास के आंकड़े

महाराष्ट्र के दोनों सदनों में आर्थिक सर्वे रिपोर्ट पेश हो चुका है। इस रिपोर्ट में राज्य का विकास दर देश से भी ज्यादा रहने का अनुमान जताया गया है। इस साल महाराष्ट्र की विकास दर (Maharashtra Growth Rate) 7.3% रहने का अनुमान है, जबकि इसी वित्त वर्ष में देश की विकास दर 6.5% रहने का अनुमान है। इस हिसाब से देश की तुलना में राज्य की इकोनॉमी की वृद्धि दर 0.8% अधिक रह सकती है। वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य की कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में क्रमशः 8.7%, 4.9% और 7.8% की दर से वृद्धि होने का अनुमान है। इस दौरान राज्य की अनुमानित सकल आय भी 45,31,518 करोड़ रुपये होने की उम्मीद है। राज्य की स्थिर कीमत के अनुसार अभी सकल आय 26,12,263 करोड़ रुपये है। इस साल करीब 20,051 करोड़ रुपये राजस्व घाटे का अनुमान भी जताया गया है। विधानसभा में पेश समीक्षा रिपोर्ट में राज्य का प्रति व्यक्ति आय 3,09,340 रुपये रहने की संभावना जताई गई है। जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह 2,78,681 रुपये थी। इस वित्त वर्ष में राज्य पर कर्ज भी पिछले साल की अपेक्षा 10.1% बढ़ सकता है।  महाराष्ट्र का राजस्व 4,19,463 करोड़ रुपये रहने का अनुमान बता दें कि वित्तमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) ने शुक्रवार को विधानसभा में महायुति सरकार की बजट-पूर्व आर्थिक समीक्षा रिपोर्ट पेश की थी। इस रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024-25 में राज्य का राजस्व संग्रह 4,19,463 करोड़ रुपये रह सकता है। वहीं कर राजस्व और गैर-कर राजस्व क्रमशः 14,19,972 करोड़ और 79,491 करोड़ रहने की संभावना है। अजित पवार (Ajit Pawar) ने बजट अनुमान में राज्य का राजस्व व्यय 5,19,514 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद जताई गई है। वहीं साल 2023-24 में राज्य पर कर्च 7,11,278 करोड़ रुपये था, जो इस साल बढ़कर 7,82,991 रहने होने का अनुमान है। इसे भी पढ़ें:-  पीएम मोदी का सोशलमीडिया अकाउंट संभालने वाली एलिना और शिल्पी कौन हैं?  आर्थिक सर्वे रिपोर्ट की खास बातें Latest News in Hindi Today Hindi news Maharashtra Growth Rate #MaharashtraGrowth #AjitPawar #EconomicDevelopment #PerCapitaIncome #MaharashtraEconomy #StateGDP #IndiaGrowth #DevelopmentStats #EconomicProgress #GDPRanking

आगे और पढ़ें
InternationalWomensDay2025

International Women’s Day: पीएम मोदी का सोशलमीडिया अकाउंट संभालने वाली एलिना और शिल्पी कौन हैं?

प्रत्येक साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) मनाया जाता है, जो महिलाओं के अधिकारों, उपलब्धियों और सशक्तिकरण का प्रतीक है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर की महिलाओं को शुभकामनाएं दीं और उनकी भूमिका को सराहा। पीएम मोदी (PM Modi) ने इस बार महिला दिवस को और भी खास बनाने के लिए परमाणु वैज्ञानिक एलिना मिश्रा और अंतरिक्ष वैज्ञानिक शिल्पी सोनी को अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स (Social Media Accounts) संभालने का अवसर दिया। इन दोनों महिला वैज्ञानिकों ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और महिला सशक्तिकरण पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने लिखा, “भारत विज्ञान और नवाचार के लिए सबसे शानदार स्थानों में से एक है। हम ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को विज्ञान के क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।” एलिना मिश्रा  एलिना मिश्रा, भुवनेश्वर (ओडिशा) की रहने वाली हैं, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC), मुंबई में काम कर रही हैं। उन्होंने अपने परिवार को अपनी सफलता का श्रेय देते हुए बताया कि कैसे उनके पिता ने उनमें विज्ञान के प्रति रुचि जगाई। उन्होंने अपने शोध और वैज्ञानिक योगदान के बारे में बताते हुए लिखा- “परमाणु विज्ञान के क्षेत्र में काम करने का मेरा सपना भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र से जुड़कर साकार हुआ।” एलिना ने लो एनर्जी हाई इंटेंसिटी प्रोटॉन एक्सेलेरेटर (LEHIPA) से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में अपना योगदान दिया है। उन्होंने शिकागो स्थित फर्मी नेशनल एक्सेलेरेटर लेबोरेटरी के साथ भारत की साझेदारी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और 800 MeV प्रोटॉन इम्प्रूवमेंट प्लान (PIP-II) परियोजना में स्वदेशी रूप से विकसित मैग्नेट को शामिल किया। इसके अलावा, उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए क्रायो-फ्री, हल्के और पोर्टेबल चिकित्सा उपकरणों के विकास में भी योगदान दिया। उन्होंने लिखा- “यह देखकर गर्व महसूस होता है कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी न केवल अनुसंधान बल्कि आम लोगों के जीवन को भी बेहतर बना सकते हैं।” शिल्पी सोनी  शिल्पी सोनी मध्य प्रदेश के सागर की रहने वाली हैं। इन्होंने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में अपने 24 वर्षों के कार्यकाल में 35 से अधिक संचार और नेविगेशन मिशनों में योगदान दिया है। उन्होंने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) में भी काम किया है। उन्होंने बताया कि ISRO में काम करना उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा था। उन्होंने लिखा- “इसरो में कोई सीमाएं नहीं हैं, यह सभी के लिए समान अवसर प्रदान करता है। चुनौतियों को नवाचार के जरिए हल करने का अवसर मिलना एक अद्भुत अनुभव है।” शिल्पी ने अंतरिक्ष तकनीक में आत्मनिर्भरता को लेकर एक बड़ी उपलब्धि का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत ने स्पेस ट्रैवलिंग वेव ट्यूब तकनीक को सफलतापूर्वक स्वदेशी रूप से विकसित कर लिया है, जो अब तक केवल कुछ ही देशों के पास थी। इस समय वह GSAT-22/23 संचार पेलोड परियोजना की एसोसिएट प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने लिखा- “अंतरिक्ष यान को प्रक्षेपित होते देखना मेरे लिए गर्व का क्षण था, जिसमें मैंने अपनी टीम के साथ योगदान दिया।” इसे भी पढ़ें:- ‘मैं उद्धव ठाकरे नहीं, जो बदले की भावना से परियोजना रोकूं’, विधानसभा में विपक्ष के आरोपों पर जमकर बरसे सीएम फडणवीस विज्ञान और तकनीक में महिलाओं के लिए असीम संभावनाएं एलिना मिश्रा और शिल्पी सोनी दोनों ने विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी पर खुशी जताई। उन्होंने लिखा- “विज्ञान और तकनीक की दुनिया अनंत संभावनाओं से भरी हुई है। जब हमारे द्वारा विकसित तकनीकें और सिस्टम सफलतापूर्वक काम करते हैं, तो जो संतोष और गर्व महसूस होता है, उसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है।” उन्होंने अन्य महिलाओं से भी अपील की कि वे विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान में करियर बनाने के अवसरों को अपनाएं। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women’s Day) पर एलिना मिश्रा और शिल्पी सोनी का पीएम मोदी के सोशल मीडिया अकाउंट से संवाद यह दर्शाता है कि भारत में महिलाएं अब विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। ये दोनों वैज्ञानिक न सिर्फ अपने क्षेत्रों में सराहनीय कार्य कर रही हैं बल्कि आने वाली पीढ़ी की महिलाओं को भी प्रेरित कर रही हैं। इसरो और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र जैसी संस्थाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी यह प्रमाणित करती है कि अब महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। उनके योगदान से “नारी शक्ति” की ताकत और उज्जवल भविष्य की झलक मिलती है। इस महिला दिवस (Women’s Day) पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम महिलाओं को विज्ञान, तकनीक और अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर सकें और राष्ट्र के विकास में अहम भूमिका निभा सकें। Latest News in Hindi Today Hindi news International Women’s Day #InternationalWomensDay2025 #WomenInScience #ElinaMishra #ShilpiSoni #WomenEmpowerment #PMModi #WomenInSTEM #NariShakti #WomenLeadership #ScienceAndTechnology

आगे और पढ़ें
Aurangzeb tomb

औरंगजेब की कब्र खोद अवशेषों को अरब सागर में विसर्जित करने की मांग, हिन्दू सेना अध्यक्ष ने गृह मंत्रालय को लिखा पत्र

महाराष्ट्र में औरंगजेब (Aurangzeb) को लेकर शुरू हुई राजनीतिक बयानबाजी अब राजस्‍थान तक पहुंच गई है। हिन्दू सेना के अध्यक्ष विष्‍णु गुप्ता (Vishnu Gupta) अब इस विवाद में कूदते हुए गृह मंत्रालय को पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से विष्णु गुप्ता ने गृह मंत्रलाय से मांग की है कि औरंगजेब को बर्बर शासक घोषित किया जाए, उसके नाम वाली सभी सड़कों का नाम बदला जाए और उसकी कब्र खोदकर उसके अवशेषों को जलाकर अरब सागर में विसर्जित किया जाए। विष्‍णु गुप्ता (Vishnu Gupta) ने तीन मांगों वाले अपने इस पत्र को गृह मंत्रालय को भेजा है। इस पत्र में उन्होंने आगे लिखा, हिन्दुओं पर अत्याचार करने वाले औरंगजेब (Aurangzeb) का कुछ लोग प्रशंसा कर रहे हैं। जबकि इसके बारे में देश को पता होना चाहिए कि यह बर्बर शासक था। हमने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर इसके अवशेषों को अरब सागर में बहाने की मांग की है। विष्‍णु गुप्ता ने कहा कि, जिस तरह से अमेरिका की सरकार ने आतंकवादी ओसामा बिन लादेन के साथ किया, उसी तरह महाराष्ट्र के संभाजीनगर में मौजूद औरंगजेब के कब्र को खोदकर अवशेषों को निकाला जाना चाहिए और उसे जला कर अरब सागर में विसर्जित कर देना चाहिए।  विष्‍णु गुप्ता ने अपने पत्र में और क्या लिखा? हिन्दू सेना अध्यक्ष विष्णु गुप्ता (Vishnu Gupta) ने पत्र में लिखा है कि “अनेक ऐतिहासिक अभिलेखों में औरंगजेब (Aurangzeb) की बर्बर कृत्य के बारे में बताया गया है। साथ ही उसने अपने इतिहास “मासिर-ए-आलमगीरी” में भी अपने हिन्दू विरोधी कृत्य को अच्छी तरह से प्रलेखित कराया है। उसके शासन में उसके लिए सैकड़ों हिंदू काम करते थे। फिर भी उसने हिंदू मंदिरों और मठों को नष्ट कराया। उन पर अत्याचार किया। उसने अपनी प्रजा के साथ दूसरे शासकों की बर्बर हत्या कराई। उसने गुरु तेग बहादुर सिंह, गोकुला जाट और छत्रपति संभाजी महाराज की भी बर्बर हत्या कराई।” विष्‍णु गुप्ता ने लिखा है “औरंगजेब ही वह शासक है जिसने अपनी गैर-मुस्लिम प्रजा से “जज़िया कर” वसूला। औरंगजेब कट्टरपंथी था और इसकी कट्टरता ने लाखों लोगों की जान ली। ऐसे अत्याचारी व्यक्ति को आदर्श नहीं बनाया जाना चाहिए।  इसे भी पढ़ें:- औरंगजेब ने भारत को ‘सोने की चिड़िया’ बनाया था, अबू आजमी के बयान पर बवाल; ठाणे में केस दर्ज अबू आजमी ने औरंगजेब पर दिया था विवादित बयान  बता दें कि, सपा विधायक अबू आजमी (Abu Azmi) ने बीते दिनों मुगल बादशाह औरंगजेब की जमकर तारीफ की थी। अबू आजमी ने कहा था “औरंगजेब के बारे में हमें गलत बताया जा रहा है। औरंगजेब ने अपने शासनकाल में कई मंदिर बनवाए थे और उसके समय में भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था। वह हिन्दुओं के खिलाफ नहीं था” सपा विधायक के इस बयान पर महाराष्ट्र की सियासत अभी तक उबल रही है। महाराष्ट्र में अबू आजमी (Abu Azmi) पर अब तक जहां दो एफआईआर दर्ज हो चुके हैं, वहीं विधानसभा से भी बजट सत्र तक के लिए सस्पेंड कर दिया है। अबू आजमी को जल्द ही गिरफ्तार भी किया जा सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Aurangzeb #AurangzebTomb #HinduSeva #ArabianSea #MughalHistory #AurangzebDebate #IndiaPolitics #HinduSentiments #HistoryMatters #HomeMinistry #ReligiousDebate

आगे और पढ़ें
PM Modi’s Spiritual Connect with Maa Ganga

मुझे मां गंगा ने गोद ले लिया है…मुखबा में पूजा-अर्जना के बाद बोले पीएम मोदी, बना दिया अनोखा रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) चारधाम शीतकालीन यात्रा का संदेश लेकर आज उत्तराखंड के सीमांत गांव उत्तरकाशी (Uttarkashi) पहुंचे हैं। यहां पर वो मां गंगा (Ganges) के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा पहुंच पूजा अर्चना की और करीब बीस मिनट तक गर्भगृह में बिताया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने अपने नाम एक रिकॉर्ड भी दर्ज करा लिया। वो पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन गए हैं, जो मां गंगा के शीतकालीन पूजा स्थल पर पहुंचे।   प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) का उत्तराखंड से गहरा लगाव है। उनका यह लगाव उनके कार्यशैली में भी झलकता है। उनके नाम पर उत्तराखंड से ही जुड़ी एक और उपलब्धि है। वह देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री हैं, जो भारत-तिब्बत(चीन) सीमा के पास चमोली जनपद के पहले गांव माणा और पिथौरागढ़ जिले के सीमावर्ती गांव गुंजी गये थे।   मां गंगा के आशीर्वाद से काशी तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हुआ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) अपने एक दिवसीय दौरे पर उत्तरकाशी (Uttarkashi) आए हैं। यहां पर वो सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए कई योजनाएं भी लेकर आए हैं। पीएम मोदी मुखबा मंदिर में दर्शन के बाद हर्षिल में ट्रैकिंग व बाइक रैली को फ्लैग ऑफ भी किया। हर्षिल में लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, मुझे मां गंगा ने गोद ले लिया है। मां गंगा (Ganges) के आशीर्वाद से ही मुझे उत्तराखंड की सेवा का मौका मिला और काशी तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त हुआ। पीएम ने इस दौरान बाबा केदारनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी कृपा और शक्ति से ही मैं यह घोषणा कर सका कि यह दशक उत्तराखंड का होगा। मेरे शब्द अब सच्चाई में बदल रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- पीओके भारत को मिलते ही ‘ख़त्म हो जाएगा कश्मीर विवाद’, एस जयशंकर ने लंदन में बताया भारत का खास प्लान जादूंग गांव फिर से होगा आबाद, दुनिया के दूसरे सबसे ऊंचे ट्रेक का शिलान्यास  पीएम मोदी ने जादूंग घाटी में दुनिया के दूसरे सबसे ऊंचे ट्रेक जनकताल और नीलापानी घाटी के मुलिंगना पास का शिलान्यास भी किया। यह दोनों ट्रेक 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद से ही बंद हैं। इनके शुरू होने से घाटी में पर्यटन के नए आयाम खुलेंगे और सीमावर्ती क्षेत्र का विकास होगा। बता दें कि, सीमावर्ती गांव जादूंग सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम है। राज्य की भाजपा सरकार ने केंद्र की मदद से अब इस गांव को फिर से आबाद करने की योजना बनाई है। यहां पर पुराने टूटे हुए घरों की मरम्मत कर होमस्टे बनाया जाएगा। साथ ही मूलभूत सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा। राज्य सरकार का मानना है कि इस खूबसूरत जगह पर पयर्टन को बढ़ावा देना है। पर्यटक यहां पर आएंगे तो रोजगार भी बढ़ेगा और गांव छोड़कर जा चुके लोग फिर वापस आएंगे। इस योजना की जिम्मेदारी गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को सौंपी गई है। प्रधानमंत्री के आज के दौरे से वीरान पड़े जादूंग गांव को पर्यटन स्थल के रूप नई पहचान मिलने की उम्मीद है।  Latest News in Hindi Today Hindi news PM Modi #PMModi #MaaGanga #ModiInMukbha #GangaAarti #CharDhamYatra #Kedarnath #HinduSpirituality #Uttarakhand #GangaBlessings #IndiaNews

आगे और पढ़ें
Dhananjay Munde resigns

Dhananjay Munde resigns : महाराष्ट्र सरकार के मंत्री धनंजय मुंडे ने दिया इस्तीफा

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री और एनसीपी के वरिष्ठ नेता धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) ने आज यानी मंगलवार को अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों की मानें तो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (CM Devendra Fadnavis) ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। जल्द ही विधानसभा में इसकी औपचारिक घोषणा भी की जाएगी। धनंजय मुंडे का इस्तीफा एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम है, जो महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। संतोष देशमुख हत्याकांड से जुड़ा इस्तीफा धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) का इस्तीफा बीड जिले के मसाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से जुड़े घटनाक्रमों के बाद सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने चार्जशीट दाखिल कर दी है, जिसमें हत्या की चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। इस हत्या के आरोप में मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड समेत कई अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। हत्या की जांच के दौरान यह साफ हुआ कि मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड धनंजय मुंडे के बेहद करीबी सहयोगी थे। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे विपक्ष का दबाव भी बढ़ता गया। इस पूरे मामले के कारण महाराष्ट्र सरकार को धनंजय मुंडे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। विपक्ष ने दिया सरकार को अल्टीमेटम विपक्ष ने इस मामले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला था। विपक्षी दलों ने ऐलान किया था कि यदि धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) इस्तीफा नहीं देते, तो वे सदन की कार्यवाही नहीं चलने देंगे। विपक्ष का आरोप था कि सरकार अपराधियों को बचाने का प्रयास कर रही है और हत्या के मुख्य आरोपी के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। सदन में हंगामे की आशंका के बीच एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार रात उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) के आवास पर एक बैठक की। बैठक में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने मामले की गंभीरता पर चर्चा की और धनंजय मुंडे को इस्तीफा देने की सलाह दी। धनंजय मुंडे पर इस्तीफे का दबाव क्यों बढ़ा? हत्या के मुख्य आरोपी वाल्मिक कराड और धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) के करीबी संबंध जगजाहिर हैं। खुद धनंजय मुंडे भी कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर चुके हैं कि कराड उनके विश्वासपात्र हैं। जब संतोष देशमुख हत्या (Santosh Deshmukh Murder) के चौंकाने वाले सबूत सामने आए, तो धनंजय मुंडे की मुश्किलें बढ़ गईं। क्या है संतोष देशमुख हत्याकांड? संतोष देशमुख हत्या (Santosh Deshmukh Murder) बीते साल दिसंबर का है, जब मसाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख को अगवा कर लिया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह अपहरण एक ऊर्जा कंपनी से जबरन वसूली की कोशिश को विफल करने के कारण हुआ था। आरोप है कि संतोष देशमुख ने कंपनी से अवैध वसूली को रोकने की कोशिश की थी, जिसके बाद उन्हें किडनैप कर लिया गया और उनकी हत्या कर दी गई। हत्या के आरोपियों के धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) से करीबी संबंधों की बात सामने आने के बाद इस मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया। जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ी, वैसे-वैसे धनंजय मुंडे की भूमिका पर सवाल उठने लगे। सरकार की सख्ती और आगे की कार्रवाई महाराष्ट्र सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पहले ही संकेत दे दिए थे कि यदि धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) की संलिप्तता साबित होती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। एनसीपी के भीतर भी इस मुद्दे पर मतभेद थे, लेकिन पार्टी की छवि बचाने के लिए वरिष्ठ नेताओं ने धनंजय मुंडे को इस्तीफा देने की सलाह दी। अब जब मुंडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, तो सवाल उठता है कि आगे क्या होगा? इसे भी पढ़ें:- कांग्रेसी प्रवक्ता के इस बयान पर मचा सियासी घमासान, रोहित शर्मा को कहा मोटा तो बीजेपी ने की राहुल से तुलना राजनीतिक असर और विपक्ष की रणनीति धनंजय मुंडे (Dhananjay Munde) का इस्तीफा महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। यह घटनाक्रम न केवल एनसीपी के लिए एक झटका है, बल्कि भाजपा और शिवसेना के लिए भी एक अवसर हो सकता है। विपक्षी दल अब इस मुद्दे को और उछालने की कोशिश कर सकते हैं ताकि सत्तारूढ़ दल की छवि को नुकसान पहुंचे। इस बीच, एनसीपी (NCP) को अपनी छवि सुधारने और संगठन को मजबूत करने के लिए नए रणनीतिक कदम उठाने होंगे। पार्टी नेतृत्व अब यह तय करेगा कि धनंजय मुंडे को आगे क्या भूमिका दी जाए या उनसे पूरी तरह दूरी बना ली जाए। धनंजय मुंडे का इस्तीफा (Dhananjay Munde Resignation) महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है। संतोष देशमुख हत्याकांड से जुड़ी जांच और विपक्ष के भारी दबाव के चलते मुंडे को पद छोड़ना पड़ा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस मामले में आगे क्या कदम उठाती है और विपक्ष इस मुद्दे को किस तरह भुनाने की कोशिश करता है। इस घटनाक्रम से साफ है कि अब महाराष्ट्र में राजनीति (Maharashtra Politics) और भी तीव्र होने वाली है। आने वाले दिनों में इस मामले पर और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे राज्य की राजनीति और अधिक गर्मा सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Dhananjay Munde #SantoshDeshmukhMurder #NCP #MaharashtraPolitics #Dhananjay Munde #Maharashtra #BJP

आगे और पढ़ें
Election Fraud India

Voter List Scam: कांग्रेस ने लगाया बीजेपी पर चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत कर मतदाता सूची में हेरफेर करने का गंभीर आरोप

एक के एक बाद लगातार कई राज्यों में चुनाव जीतने वाली बीजेपी पर कांग्रेस लंबे अरसे से एवीएम से छेड़छाड़ (Voter List Scam) जैसे कई गंभीर आरोप लगाती आ रही है।  पहले एवीएम और अब मतदाता सूची में हेरफेर करने का गंभीर आरोप मढ़ा है। कांग्रेस ने दावा किया है कि भगवा पार्टी चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत कर पहले मतदाता सूची में हेरफेर करती है और फिर चुनाव जीतती है। इस पूरे मामले पर कांग्रेस का कहना है कि वह इसका समाधान कानूनी, राजनीतिक एवं अन्य तरीकों से निकालने की कोशिश करेगी।  जानकारी के मुताबिक वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के एक समूह ने एक ही पहचान संख्या वाले कई मतदाताओं पर निर्वाचन आयोग (ईसी) की चुप्पी पर सवाल उठाया और कहा कि “पार्टी इस मुद्दे को ऐसे ही जाने नहीं देगी क्योंकि इससे देश के चुनावी लोकतंत्र को गंभीर खतरा है।” प्राप्त जानकारी के मुताबिक कांग्रेस के नेताओं और विशेषज्ञों के अधिकार प्राप्त कार्य समूह (ईगल) ने एक बयान में कहा कि “यह चुनावी लोकतंत्र के रूप में भारत के विचार के लिए एक गंभीर खतरा है। यह राजनीतिक दलों और राजनीति से परे है। बाबासाहेब आंबेडकर ने चुनावों में विधायिका के हस्तक्षेप का विरोध करने के लिए एक स्वतंत्र चुनाव आयोग की स्थापना के लिए लड़ाई लड़ी थी। कांग्रेस इस मुद्दे को मिटने नहीं देगी और वह कानूनी, राजनीतिक, विधायी तथा किसी भी अन्य माध्यम से समाधान की तलाश में सक्रिय रूप से काम कर रही है।” बता दें कि इस समूह में अभिषेक सिंघवी, पवन खेड़ा, अजय माकन, दिग्विजय सिंह, नितिन राउत, गुरदीप सिंह सप्पल और वामशी चंद रेड्डी शामिल हैं। एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या का उपयोग कई मतदाताओं (Voter List Scam) के लिए किया जा रहा है कोंग्रेसी समूह ने आरोप लगाया कि निर्वाचन आयोग मतदाता सूची में हेरफेर (Voter List Scam) में सहभागी है। और यह दावा भी किया कि इस मुद्दे पर कुछ चौंकाने वाले घटनाक्रम सामने आए हैं। पूरे मामले पर समूह ने कहा कि “एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या का उपयोग कई मतदाताओं के लिए किया जा रहा है, चाहे वे एक ही राज्य के एक ही निर्वाचन क्षेत्र के हों या दूसरे राज्यों के। यह पूरी तरह से चौंकाने वाला है। प्रत्येक भारतीय मतदाता के लिए एक अद्वितीय मतदाता पहचान पत्र एक स्वच्छ मतदाता सूची की मूलभूत आवश्यकता और आधार है। एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या वाले कई मतदाता एक ही पंजीकरण संख्या वाले कई वाहनों की तरह विचित्र हैं। किसी भी चुनावी लोकतंत्र में ऐसा सुनने में नहीं आता है।” गौरतलब हो कि दिसंबर में उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूचियों में भारी अनियमितताओं और असामान्य स्थितियों की ओर इशारा किया था। उन्होंने कहा था कि यह तार्किक और सांख्यिकीय दोनों तरह से बेतुका है कि निर्वाचन आयोग ने लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच पांच महीनों में (40 लाख) ज्यादा नए मतदाता पंजीकृत किए, जबकि 2019 और 2024 के बीच पूरे पांच साल की अवधि में (32 लाख) इतने मतदाता पंजीकृत नहीं किए गए।”   इसे भी पढ़ें:- कांग्रेसी प्रवक्ता के इस बयान पर मचा सियासी घमासान, रोहित शर्मा को कहा मोटा तो बीजेपी ने की राहुल से तुलना लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में उठाया था चुनावों में धांधली (Voter List Scam) का मुद्दा  बता दें कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सदन में यह मुद्दा (Voter List Scam) उठाया था। हालांकि इस मामले पर महाराष्ट्र में विपक्षी गठबंधन के घटक दलों ने एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन भी बुलाया था। इस दरम्यान कांग्रेस नेताओं ने बयान में कहा कि “निर्वाचन आयोग की चुप्पी ने मतदाता सूची में हेराफेरी में उसकी मिलीभगत को और पुख्ता किया है। जब कई मतदाताओं द्वारा एक ही मतदाता पहचान पत्र संख्या का इस्तेमाल किए जाने के सबूत सामने आए, तो आयोग ने शुरू में यह दावा किया कि एक मतदाता पहचान पत्र संख्या सभी राज्यों में हो सकती है, लेकिन यह किसी एक राज्य के लिए अलग होती है।” उन्होंने कहा कि “यह भी एक सरासर झूठ निकला, क्योंकि एक ही राज्य और एक ही निर्वाचन क्षेत्र में कई मतदाताओं द्वारा एक ही पहचान पत्र संख्या का इस्तेमाल किए जाने के मामले सामने आए हैं। इस ओर ध्यान दिलाए जाने के बाद इस पर चुप्पी साध ली गई है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Voter List Scam #VoterListScam #CongressVsBJP #ElectionFraud #IndianPolitics #VoteTampering #BJPCongressClash #ECUnderFire #ElectionScam #DemocracyAtRisk #PoliticalControversy

आगे और पढ़ें
Translate »