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A Shiv Sena MP's driver received a ₹150 crore gift deed

Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe: शिवसेना सांसद के ड्राइवर को मिली 150 करोड़ रुपये की गिफ्ट डीड, EOW हुई एक्टिव

उपहार देने में कोई बुराई नहीं है। अक्सर लोग अपने परिचितों को उपहार भेंट स्वरूप देते हैं। लेकिन क्या हो यदि कोई अनजान शख्स किसी को करोड़ों की जमीन गिफ्ट में दे दे? आप कहेंगे आज के इस दौर में कौन दानवीर है जो करोड़ों की जमीन गैर परिचित शख्स को दान कर रहा है? जाहिर सी बात है जब देने और लेनेवाले में किसी भी तरह का कोई संबंध ही न हो, तो ऐसे में शक होना स्वाभाविक है। दरअसल, पूर्ववर्ती हैदराबाद के निजाम से नजदीकी संबंध रखने वाले परिवार के वंशज ने शिवसेना सांसद के ड्राइवर को तकरीबन 150 करोड़ रुपये मूल्‍य की तीन एकड़ जमीन गिफ्ट कर दी है। इसकी शिकायत मिलते ही आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्लू) की टीम जांच में जुट (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) गई है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि गिफ्ट देने और लेने वाले में दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है।  फिर भी ड्राइवर को प्राइम लोकेशन पर तीन एकड़ जमीन उपहार के तौर पर क्‍यों दी गई? शिकायत के बाद संबंधित ड्राइवर और सांसद के विधायक बेटे से पूछताछ की गई है।  सालार जंग परिवार से ताल्‍लुक रखने वाले मीर मजहर अली खान और उनके 6 अन्‍य संबंधियों ने किए (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) हैं हस्‍ताक्षर  बता दें कि 150 करोड़ रुपये की जमीन गिफ्ट देने का यह मामला हैदराबद के मशहूर सालार जंग फैमिली और शिवसेना सांसद संदीपनराव भुमरे के ड्राइवर जावेद रसूल शेख से जुड़ा है। रसूल शेख सांसद के साथ ही उनके विधायक बेटे विलास भुमरे से पिछले 13 साल से जुड़े हैं। गौरतलब हो कि सालार जंग पूर्ववर्ती हैदराबाद के निजाम के काल में दीवान थे। सालार जंग परिवार की बड़ी प्रतिष्‍ठा है। जानकारी के मुताबिक इस गिफ्ट डीड पर सालार जंग परिवार से ताल्‍लुक रखने वाले मीर मजहर अली खान और उनके 6 अन्‍य संबंधियों ने हस्‍ताक्षर किए (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) हैं। हालांकि, इन लोगों ने ईओडब्लू की ओर से जारी नोटिस का अभी तक जवाब नहीं दिया है। उनसे अपना बयान दर्ज करवाने को कहा गया है। बता दें कि मुजाह‍िद खान के एक वकील ने इस बाबत शिकायत की थी, जिसके बाद जांच शुरू की गई है। कहने की जरूरत नहीं, हैदराबाद के प्रतिष्ठित सालार जंग परिवार द्वारा महाराष्ट्र में स्थित तकरीबन 150 करोड़ रुपये मूल्य की तीन एकड़ ज़मीन शिवसेना सांसद संदीपनराव भुमरे के ड्राइवर के नाम गिफ्ट किए जाने के मामले ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है। यह मामला तब सुर्खियों में आया जब छत्रपति संभाजीनगर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा को एक वकील की शिकायत मिली कि सांसद के ड्राइवर जावेद रसूल शेख के नाम गिफ्ट डीड के जरिए कीमती ज़मीन ट्रांसफर कर दी गई है।  सालार जंग परिवार के सदस्य क्यों उसके नाम इतनी बड़ी संपत्ति गिफ्ट करना (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) चाहेंगे? जांच अधिकारियों की माने तो यह ज़मीन संभाजीनगर के दौलतपुरा इलाके में जलना रोड पर स्थित है। इसे प्राइम लोकेशन माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईओडब्लू के इंस्पेक्टर संभाजी पवार ने इस पूरे मामले पर कहा कि “हम जावेद के इनकम टैक्स रिटर्न और आय के अन्य स्रोतों की जांच करेंगे। उसे यह स्पष्ट करना होगा कि सालार जंग परिवार के सदस्य क्यों उसके नाम इतनी बड़ी संपत्ति गिफ्ट करना (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe) चाहेंगे। इंस्पेक्टर ने बताया कि जावेद जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। जावेद का कहना है कि वह सालार जंग परिवार के वंशजों से अच्छे संबंध रखता है। इसलिए उन्होंने उसे यह ज़मीन तोहफे में दी। दस्तावेजों के मुताबिक, गिफ्ट डीड उसी समय बनाई गई जब मजहर अली और अन्य ने एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 12 में से 3 एकड़ ज़मीन पर अपना दावा साबित किया था। फ़िलहाल पुलिस ने गिफ्ट डीड पर हस्ताक्षर करने वाले सालार जंग परिवार के सदस्य मीर मजहर अली खान और उनके छह रिश्तेदारों को बयान दर्ज करने के लिए नोटिस भेजा है, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला है।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? दोनों में न तो कोई संबंध है और न ही ये इस्लाम के एक ही सेक्‍ट से ताल्लुक रखते (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe हैं टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतकर्ता वकील मुजाहिद खान ने सवाल उठाया कि बिना किसी पारिवारिक या रिश्तेदारी के इतनी कीमती ज़मीन किसी ड्राइवर को क्यों दी जाएगी। उन्होंने कहा कि गिफ्ट डीड सिर्फ रक्त संबंधियों के बीच मान्य होती है। यहां दोनों में न तो कोई संबंध है और ये इस्लाम के अलग-अलग सेक्‍ट से ताल्लुक रखते (Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe हैं। फिलहाल यह पहेली बनी हुई है कि ड्राइवर जावेद का सालार जंग परिवार से क्या वास्तविक संबंध है और यह ज़मीन उसे गिफ्ट क्यों की गई? हालांकि इस मामले में सांसद संदीपनराव भुमरे और उनके बेटे विलास भुमरे ने सफाई देते हुए कहा कि “ड्राइवर हमारे यहां काम करता है, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि हम उसके हर फैसले के लिए जिम्मेदार हैं। इस बीच उन्होंने यह भी बताया कि “पुलिस ने उनसे और उनके पिता से भी पूछताछ की है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Shiv Sena Driver Gets ₹150 Cr Gift, EOW Launches Probe #shivsenanews #150crgift #eowprobe #maharashtrapolitics #driverscandal #politicalnews #mumbainews #indianpolitics

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बिहार चुनाव से पहले आयोग कर रहा वोटर लिस्ट की एसआईआर, मतदाताओं को दिखाने होंगे ये खास दस्तावेज

बिहार में इस साल के अंत तक होने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections) को लेकर एक तरफ जहां राजनीतिक पार्टियां अपनी तैयारी में जुटी हैं, तो वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग भी अपनी तैयारी को पुख्ता कर रहा है। चुनाव आयोग (Election Commission) इस समय वोटर लिस्ट का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कर रहा है। इस दौरान चुनाव आयोग के कर्मचारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सर्वे कर रहे हैं। इसके आधार पर ही वोटर लिस्ट में नए मतदाताओं को जोड़ने और फर्जी मतदाताओं को हटाने का कार्य किया जाएगा। एसआईआर (SIR) अभियान को लेकर बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के ऑफिस (Election Commission) द्वारा एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है। जिसमें बताया गया है कि ग्राउंड पर लिस्ट तैयार होने के बाद उसकी जांच बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) करेंगे। इस दौरान मतदाताओं के वैध दस्तावेजों की जांच होगा, फिर लिस्ट की सत्यापन कर उसे वोटर लिस्ट में अपडेट किया जाएगा। इसके बाद लिस्ट में सुधार के लिए मतदाताओं को भी कुछ समय दिया जाएगा और फिर फाइनल लिस्ट जारी कर मतदान के चुनाव तारीखों (Bihar Assembly Elections) का ऐलान कर दिया जाएगा। चुनाव आयोग (Election Commission) द्वारा बिहार में मतदाता सूची का एसआईआर करीब 22 साल बाद किया जा रहा है। इससे पहले यह काम साल 2003 में किया गया था। ऐसे में मतदाताओं के मन में भी यह सवाल है कि चुनाव आयोग के कर्मचारी जब उनके घ्घर आएंगे तो उन्हें क्या-क्या दस्तावेज दिखाना होगा? 27 जुलाई तक होगा सत्यापन चुनाव आयोग के अनुसार एसआईआर (SIR) का कार्य शुरू हो गया है और यह अगले कुछ सप्ताह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद बीएलओ 27 जुलाई तक मतदाताओं द्वारा दिए गए दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे। एसआईआर के दौरान आयोग के कर्मचारी जब घर पहुंचेंगे तो हर वोटर को एक फॉर्म देंगे, जिसे उन्हें भरना होगा। मतदाता इस फॉर्म को भरकर अपने सभी डॉक्यूमेंट के साथ वापस बीएलओ को देंगे। अगर मतदाता चाहे तो इस फॉर्म को भरने के बाद उसे निर्वाचन विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन भी अपलोड कर सकता है। आइये जानते हैं कि मतदाताओं को क्या-क्या दस्तावेज देना होगा।  1 जुलाई 1987 से पहले जन्म लेने वाले मतदाता जिन मतदाताओं का जन्म भारत में 1 जुलाई 1987 से पहले हुआ है, उन्हें अपनी जन्म तिथि और  स्थान की सत्यापन के लिए कोई भी एक वैध दस्तावेज देना होगा।  1987 से 2004 के बीच जन्में मतदाता जिन मतदाताओं का जन्म 1 जुलाई 1987 के बाद और 2 दिसंबर 2004 से पहले भारत में हुआ है, उन्हें अपने पहचान पत्र के साथ अपने माता-पिता में से भी किसी एक का पहचान पत्र देना होगा।  2 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे मतदाता वहीं, जिन मतदाताओं (Election Commission) का जन्म 2 दिसंबर 2004 के बाद भारत में हुआ है उन्हें अपने साथ अपने माता-पिता (दोनों) का वैध दस्तावेज देना होगा। अगर माता-पिता में से कोई या फिर दोनों विदेशी नागरिक है, तो उसे अपने जन्म प्रमाण पत्र के साथ  विदेशी नागरिक के वैध पासपोर्ट और वीजा की सेल्फ अटेस्टेड प्रति भी जमा करनी होगी।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? चुनाव आयोग को देने होंगे ये दस्तावेज 1. आम मतदाता कोई भी वैध पहचान पत्र दे सकता है। वहीं केंद्र/राज्य सरकार के कर्मचारी अपने वेतन या पेंशन भुगतान आदेश की प्रति भी लगा सकते हैं।  2. सरकार द्वारा जारी 1 जुलाई 1987 से पहले जारी कोई भी पहचान पत्र/प्रमाण पत्र, स्थानीय निकाय, बैंक, पोस्ट ऑफिस, एलआईसी या पीएसयू द्वारा जारी कोई भी दस्तावेज मान्य होगा।  3. जन्म प्रमाण पत्र  4. विदेशी नागरिकों के लिए पासपोर्ट जरूरी  5. मान्यता प्राप्त किसी भी विश्वविद्यालय या बोर्ड द्वारा जारी शैक्षणिक प्रमाण पत्र या मैट्रिक का सर्टिफिकेट भी मान्य  6. केंद्र सरकार और राज्य सरकार की किसी संस्था द्वारा जारी मूल निवास प्रमाण पत्र मान्य है।  7. ओबीसी, एससी और एसटी का जाति प्रमाण पत्र 8. वन अधिकार प्रमाण पत्र 9. राज्य सरकार या किसी स्थानीय निकाय का फैमिली रजिस्टर में शामिल नाम का पत्र  10. सरकार द्वारा जारी किसी जमीन का या फिर घर का प्रमाण पत्र Latest News in Hindi Today Hindi news Election Commission #bihar2025 #voterlistupdate #elections2025 #voterverification #biharnews

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Nitish Kumar Approves New Gun License

Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy: नीतीश कुमार के आदेश पर इन्हें मिलेगा बंदूक का लाइसेंस

आगामी कुछ ही महीनों में बिहार में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव से पहले में हाई-प्रोफाइल हत्याओं का सिलसिला भी जोर पकड़ लिया है। इन हत्याओं की वजह से नीतीश कुमार की सरकार खासी चिंतित है। हाल के दिनों में हुई हत्याओं के मद्देनज़र सूबे की सरकार ने अहम कदम उठाते हुए राज्यभर में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों को शस्त्र लाइसेंस जारी करने का फैसला किया (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) है। दरअसल, पिछले हफ्ते ही लखीसराय जिले में एक मुखिया और उसके सहयोगी की एक समारोह से घर लौटते समय गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इससे पहले फरवरी में गया जिले के चिरैला पंचायत के उप मुखिया और जेडीयू के ब्लॉक सचिव महेश मिश्रा की हत्या कर दी गई थी।  पंचायत प्रतिनिधियों ने पहले राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) थी गौरतलब हो कि पिछले कुछ महीनों में बिहार में इस तरह के हमले बढ़ गए हैं। राज्य में हत्या की कोशिश और धमकियों की ढेरों घटनाएं कई अन्य जिलों समस्तीपुर, सारण, जमुई, नवादा, भोजपुर, मुजफ्फरपुर और वैशाली में भी सामने आई हैं। निरंतर हो रहे हमलों और खराब होती सुरक्षा को लेकर चिंतित पंचायत प्रतिनिधियों ने पहले राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर सुरक्षा की मांग की (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) थी। जाहिर सी बात है, राज्य की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा सरकार के जिम्मे होता है। ऐसे में लोगों के मन से डर खत्म करने के लिए बिहार सरकार ने पंचायत प्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया।  शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के सत्यापन के लिए स्थापित नियमों का सख्ती से पालन करने का (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) आदेश दिया  बता दें कि सरकार की तरफ से यह फैसला पंचायत प्रतिनिधियों और मुखियाओं पर एक के बाद एक हुए कई हिंसक हमलों के बाद लिया गया है। जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार की ओर से सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्वाचित पंचायत सदस्यों के शस्त्र लाइसेंस आवेदनों पर कार्रवाई शुरू करने का स्पष्ट निर्देश दिया (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) गया है। निर्देश में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि शस्त्र लाइसेंस आवेदनों के सत्यापन के लिए स्थापित नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। सरकार ने अपने आदेश में कहा कि “सत्यापन प्रक्रिया को बिना किसी अनावश्यक देरी के तत्काल पूरा किया जाये।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? मुख्यमंत्री नीतीश ने अधिकारियों को लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने का (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) दिया निर्देश  हो रही हत्याओं के मद्देनजर मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई थी। इस बैठक में पंचायती राज विभाग द्वारा शुरू किए गए इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल (Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy) गयी है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश ने अधिकारियों को लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने और पंचायत प्रतिनिधियों के आवेदनों को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। अक्टूबर-नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले स्थानीय प्रतिनिधियों का समर्थन पाने के मकसद से राज्य सरकार की ओर से उठाए गए कई कदमों में से यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे पहले पंचायत सदस्यों के भत्ते बढ़ा दिए गए थे। कुल-मिलाकर बिहार सरकार की ओर से यह कदम हाल के दिनों में कई हाई-प्रोफाइल हत्याओं के मद्देनजर उठाया गया है। इसके अलावा एक अन्य अहम फैसले में बिहार सरकार ने आर्थिक रूप से पिछड़ी महिलाओं की शादी के लिए हर पंचायत में मैरिज हॉल बनाने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के लिए 4,026 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है। खबर के मुताबिक इसे स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों जीविका दीदियों के जरिए लागू किया जाएगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Nitish Orders Gun Licenses Under New Bihar Policy #nitishkumar #gunlicensepolicy #biharnews #firearmpermit #biharupdate #selfdefense #bihargovernment

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चीन की धरती से पाकिस्तान को फटकार… SCO बैठक में राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए आतंकवाद पर जमकर लताड़ा

भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने आतंकवाद के मसले पर पाकिस्तान को चीन की धरती पर आड़े हाथों लिया है। रक्षा मंत्री ने चीन के किंगदाओ शहर में हो रहे SCO (शंघाई सहयोग संगठन) सम्मेलन में रक्षा मंत्रियों की बैठक में पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए आतंकवाद पर पाकिस्तान को जमकर लताड़ा। राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने पाकिस्तान का बिना नाम लिए कहा कि कुछ देश ऐसे हैं, जो सीमा पार आतंकवाद को खास रणनीति की तरह इस्तेमाल कर आतंकवादियों को पनाह देते हैं और दूसरे देशों में आतंक फैलाते हैं। ऐसे दोहरे मापदंडों को अपनाने वाले देशों के लिए दुनिया में कोई सुरक्षित जगह नहीं होनी चाहिए।    उन्होंने एससीओ (SCO) से कहा कि ऐसे आतंक परस्त देशों की आलोचना करने में किसी को संकोच नहीं करना चाहिए। क्योंकि आतंकवाद किसी एक देश के लिए नहीं बल्कि मानवता के लिए बड़ा खतरा है। इसलिए एससीओ (SCO) को एकजुट होकर आतंकवाद से मुकाबला करना चाहिए। इस दौरान राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने सदस्य देशों से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने और एकजुट रहने का आह्वान किया। बता दें कि मई 2020 में लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा पर सैन्य गतिरोध के बाद भारतीय रक्षा मंत्री की यह पहली चीन यात्रा है। इस सैन्य झड़प की वजह से दोनों देशों के संबंधों में गंभीर तनाव आ गया था। हालांकि हाल ही में दोनों देशों के बीच कई उच्च स्तरीय बैठक हुई हैं, जिसके बाद दोनों देशों के रिश्ते सामान्य होते नजर आ रहे हैं। दोनों देश कूटनीति से सीमा विवाद को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।   आतंकवादी और उनके ठिकानों को हम ढूंढ-ढूंढ कर खत्म करेंगे- सिंह  रक्षा मंत्री (Rajnath Singh) ने अपने संबोधन में भारत के ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टोरलेन्स आज उसके कार्यों में झलकती है। इस नीति में आतंकवाद के खिलाफ खुद की रक्षा करने का अधिकार भी शामिल है। हमने यह करके दिखा दिया है कि आतंकवादी और उनका ठिकाना अब कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। वो चाहे जहां छुपकर बैठे हों, हम उन पर प्रहार करने में एक पल भी संकोच नहीं करेंगे। आतंकवाद के ठिकाने चाहे जहां पर भी हों, अगर वो हम पर अटैक करते हैं तो हम उन्हें ढूंढ-ढूंढ कर खत्म कर देंगे। राजनाथ सिंह ने कहा कि आतंक फैलाने के लिए टेक्नोलॉजी का सहारा लिया जा रहा है। इसलिए  हमें सीमा पार से हथियार और ड्रग्स तस्करी के लिए इस्तेमाल होने वाले ड्रोन को रोकने की कोशिश करनी चाहिए। हम सभी के हित आपस में जुड़े हैं, हम एक ऐसी नई चुनौती का सामना कर रहे हैं, जो अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और साइबर हमलों से लेकर हाइब्रिड युद्ध तक फैला हुए है। इस आतंकवाद को फैलने से रोकने के लिए हमें मिलकर सक्रिय कदम उठाने की जरूरत है।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? आतंक को रोकने के लिए एकजुट होना होगा- सिंह  रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि आतंकवाद के ये खतरे किसी राष्ट्रीय सीमा का सम्मान नहीं करते हैं। इनको रोकने के लिए आपसी विश्वास और सहयोग पर आधारित एकीकृत प्रतिक्रिया की जरूरत है। भारत आतंकवाद के सभी रूपों का सामना करने के लिए अपने संकल्प की पुष्टि करता है। दुनिया को कोई भी देश, चाहे वह कितना भी शक्तिशाली और विशाल क्यों न हो, अकेले अपने दम पर इन्हें नहीं रोक सकता है। इसलिए सभी राष्ट्रों को अपने पारस्परिक लाभ के लिए एकजुट होकर काम करना चाहिए। हमारे यहां सदियों पुरानी एक कहावत ‘सर्वे जन सुखिनो भवन्तु’ है, जो हमारी इस भावना को दर्शाता है। इसका अर्थ है ”सभी के लिए शांति और समृद्धिय”।  Latest News in Hindi Today Hindi news Rajnath Singh #rajnathsingh #scomeeting2025 #operationsindoor #pakistanterror #indiadiplomacy #chinaindiarelations #terrorism

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Mallikarjun Kharge slams Shashi Tharoor

हमारे लिए ‘सबसे पहले देश’, लेकिन कुछ लोगों के लिए सबसे पहले…’थरूर पर खरगे का बड़ा अटैक

कांग्रेस नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की खुलकर तारीफ करने पर कांग्रेस भड़क गई है। थरूर के भाजपा प्रेम को लेकर कांग्रेस के नेता लंबे समय से उन्हें निशाना बना रहे हैं, लेकिन अब सबसे बड़ा हमला खुद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने बोला है। उन्होंने थरूर पर हमलावार होते हुए कहा कि हम सभी (कांग्रेस) के लिए सबसे पहले देश है, लेकिन उनके लिए ‘मोदी सबसे पहले’ हैं। खरगे के इस बयान को कांग्रेस नेतृत्व की तरफ से थरूर के लिए अब तक की सबसे तीखी प्रतिक्रिया मानी जा रही है। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से ही शशि थरूर (Shashi Tharoor) खुलकर पीएम मोदी (PM Modi) की तारीफ करते आ रहे हैं। भाजपा ने उन्हें विदेश भेजे गए सांसद डेलीगेशन का नेतृत्व भी सौंपा था, जबकि कांग्रेस ने उनका नाम तक नहीं सौंप था। इसके बाद से ही कांग्रेस के नेता उन पर पाला बदलकर भाजपा के साथ जाने का आरोप लगाते आ रहे हैं। सभी के अपने-अपने विचार, कौन क्या कह रहा, यह उनकी निजी राय- खरगे मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) ने दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में थरूर के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा, ‘शशि थरूर (Shashi Tharoor) की भाषा पर मजबूत पकड़ है, उनका संवाद बहुत अच्छा है, इसलिए उन्हें हमने कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) में रखा है। जब हम लोग गुलबर्गा गए थे तो, हम सभी ने एक मत होकर कहा था कि हम सभी देश के साथ खड़े हैं, हम ऑपरेशन सिंदूर में भी एक साथ है। हमारे लिए देश पहले है, लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं, जिनके लिए ‘मोदी पहले’ हैं और देश बाद में है। खरगे ने मीडिया से पूछते हुए कहा कि, तो ऐसे लोगों के लिए हमें क्या करना चाहिए?’ हालांकि मीडिया ने जब खरगे (Mallikarjun Kharge) से पूछा कि क्या कांग्रेस अब थरूर के खिलाफ कोई कार्रवाई करने जा रही है, तो उन्होंने कहा, ‘लोग अपनी मर्जी से कुछ भी लिख सकती है, लेकिन हम इसमें शामिल नहीं होना चाहते। कांग्रेस देश के लिए एकजुटता चाहती है और हम एक होकर देश के लिए हमेशा लड़ते रहेंगे। खरगे ने यह भी कहा कि, कांग्रेस में करीब 34 सीडब्ल्यूसी सदस्य के साथ 30 विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। इन सभी के अपने-अपने अलग विचार हैं। वह क्या कह रहे हैं, यह उनकी निजी राय है। अभी हम देश को बचाने और मजबूत करने पर फोकस कर रहे हैं। अगर किसी को इस विषय की ज्यादा चिंता है, तो वह संबंधित व्यक्ति से सीधा पूछ सकता है।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? शशि थरूर के एक लेख ने मचा दी कांग्रेस में खलबली  बता दें कि शशि थरूर ने हालही में ‘द हिंदू’ अखबार में एक लेख लिखा था। इस लेख में उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बारे में विस्तार से बताया था। उन्होंने पीएम मोदी (PM Modi) की तारीफ करते हुए लिखा था कि, ‘मोदी की एनर्जी, तेजी और दूसरों से जुड़ने की इच्छा भारत को वैश्विक स्तर पर ‘प्रमुख संपत्ति’ बना रही है, लेकिन इस कार्य को उतना समर्थन नहीं मिल रहा है, जितना इसे मिलना चाहिए था। थरूर के इस लेख को लेकर कांग्रेस काफी नाराज है। पार्टी के कई नेता थरूर की आलोचना करते हुए कह चुके हैं कि वो भाजपा में शामिल होना चाहते हैं और इसके लिए चटुकारिता कर रहे हैं। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, ‘यह थरूर की निजी राय हो सकती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी की नहीं है। कांग्रेस का दृष्टिकोण इससे काफी अलग है। हालांकि थरूर ने कहा कि उनके इस लेख को ‘भाजपा में शामिल होने’ का संकेत न समझा जाए। यह लेख राष्ट्रीय एकता और हित के साथ भारत के लिए खड़े होने का विचार है। थरूर ने यह भी कहा वो अपने इस लेख के माध्यम से देश के हित में अपने विचार रख रहे थे, न कि किसी खास व्यक्ति या पार्टी के हित में।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mallikarjun Kharge #kharge #tharoor #congress #nationfirst #politicalnews #india #breakingnews #mallikarjunkharge #shashitharoor

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CM Fadnavis and BJP State President

‘राहुल गांधी महाराष्ट्र के बारे में कुछ नहीं जानते, बचकाना हरकतें कर फजीहत कराते हैं’, बोले सीएम फडणवीस और प्रदेश अध्यक्ष 

राहुल गांधी (Rahul Gandhi) एक बार फिर से चुनाव आयोग (Election Commission) पर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में धांधली करने का आरोप लगाया। जिसके बाद भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले (Chandrashekhar Bawankule) ने राहुल गांधी को घेरते हुए करारा हमला बोला। बावनकुले ने कहा, ‘कांग्रेस के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने शायद महाराष्ट्र के बारे में कुछ भी पढ़ा नहीं है। जिसकी वजह से वो ऐसी बचकाना हरकतें कर रहे हैं। राज्य में कई ऐसी विधानसभा हैं, जहां पर 8 से लेकर 10% तक वोट बढ़े हैं। ऐसी विधानसभा सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार भी चुने गए हैं और विपक्षी गठबंधन में शामिल कांग्रेस व एनसीपी के भी।’ बावनकुले ने कहा, ‘राहुल गांधी (Rahul Gandhi) दरअसल चुनाव आयोग (Election Commission) पर झूठे आरोप लगाकर आगामी बिहार विधानसभा और महाराष्ट्र के स्थानीय निकाय चुनाव में अपने नेताओं का मनोबल बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। जिससे वे चुनाव लड़ें। क्योंकि हार से निराश कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता चुनाव लड़ने तक को तैयार नहीं।’ बावनकुले ने यह भी कहा कि ‘मैं राहुल गांधी को महाराष्ट्र के 50 ऐसे विधानसभा क्षेत्र बता सकता हूं, जहां पर वोट संख्या बढ़ने के बाद शरद पवार, शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस के उम्मीदवार जीते हैं। राहुल गांधी इस तरह के बयान देकर सिर्फ और सिर्फ अपनी डैमेज लीडरशिप को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।’ राहुल ने चुनाव आयोग और सीएम फडणवीस पर लगाया आरोप  बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव को लेकर राहुल गांधी चुनाव आयोग (Election Commission) को घेरते नजर आ रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर से सोशल मीडिया पर वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा उठाते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए है। राहुल गांधी ने अपनी पोस्ट में लिखा, ‘लोकसभा और विधानसभा चुनाव  के बीच नागपुर साउथ वेस्ट सीट पर 8 परसेंट मतदाता बढ़ गए। इस सीट के कुछ बूथों पर तो वोटर्स की संख्या में 20 से 50 परसेंट तक का भारी इजाफा हुआ है। इनमें हजारों वोटर्स ऐसे थे, जिनके एड्रेस तक वेरिफाई नहीं हो पाए। ये सरेआम वोट की चोरी है और चुनाव आयोग खामोश बैठा है।   बता दें कि नागपुर साउथ वेस्ट सीट से देवेंद्र फडणवीस चुनाव लड़ते हैं और वो यहां से चौथी बार चुनाव जीते हैं। राहुल गांधी ने अपने इस पोस्ट में चुनाव आयोग के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को भी घेरने की कोशिश की।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? फडणवीस ने राहुल के आरोपों पर दिया करारा जवाब राहुल गांधी के इन आरोपों पर सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी पटवार करने में देरी नहीं की। सीएम फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि, राज्य में 25 से ज्यादा ऐसे विधानसभा क्षेत्र हैं, जहां पर लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच 8 फीसदी से ज्यादा वोट संख्या बढ़ा है। इनमें से कई सीटों पर विपक्षी पार्टियों के उम्मीदवार जीते हैं। सीएम फडणवीस ने नागपुर नॉर्थ और वेस्ट सीट का उदाहरण देते हुए कहा कि इन सीटों पर 7 फीसदी मतदाता बढ़े और इन दोनों सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार जीते हैं। फडणवीस ने पुणे की वड़गांव शेरी और मुंब्रा विधानसभा सीट के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि वड़गांव शेरी सीट पर मतदाताओं की संख्या में 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई और यहां पर शरद पवार की पार्टी के उम्मीदवार बापू साहेब पठारे जीते। इसी तरह मुंब्रा सीट पर 9 फीसदी मतदाता बढ़े और यहां पर जितेंद्र आव्हाड को जीत मिली। इसलिए मैं राहुल गांधी को एक सलाह देता हूं कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले और कोई भी आरोप लगाने से पहले कम से कम महाराष्ट्र में मौजूद अपनी पार्टी के नेताओं से एक बार जरूर बात कर लें। इससे वो फजीहत होने से बच जाएंगे। फडणवीस ने यह भी कहा कि राहुल गांधी को झूठ बोलने और दूसरों पर आरोप लगाने की आदत है। उनके लए मैं कहना चाहूंगा कि, ‘झूठ बोले कौवा काटे, काले कौवे से डरियो’  Latest News in Hindi Today Hindi news Devendra Fadnavis #RahulGandhi #DevendraFadnavis #MaharashtraPolitics #BJPvsCongress #PoliticalNews

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AIMIM chief Asaduddin Owaisi

Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims: वक्फ बिल पर ओवैसी का नया राग, “काूनन बनाकर मुस्लिमों को नहीं डरा सकते”

वक्फ संशोधन बिल (Waqf Bill) को लेकर पूरा विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ है। फिलहाल मामला कोर्ट में विचाराधीन है। वक्फ संशोधन बिल को लेकर ऑल इंडिया मजिलस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर अपने तेवर दिखाते हुए बड़ा बयान (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) दिया है। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जो लोग मानते हैं कि वे इस तरह के कानून बनाकर मुस्लिम समुदाय को डरा सकते हैं, उन्हें याद रखना चाहिए कि पीएम मोदी या भाजपा सरकार हमसे वक्फ के तहत जमीन नहीं छीन सकती।  मोदी सरकार हमसे एक इंच जमीन भी नहीं छीन (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) पाएगी- असदुद्दीन ओवैसी दरअसल। कर्नाटक के रायचूर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि “ये लोग समझ रहे हैं कि मुस्लिमों को ये कानून बनाकर डराया जाएगा। पीएम मोदी और मोदी सरकार हमसे एक इंच जमीन भी नहीं छीन (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) पाएगी। ये काला कानून है। ये संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 के खिलाफ है। जोकि चैप्टर 3 का अधिकार है। ओवैसी यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा, “हम रायचूर के हिंदू भाइयों को संदेश देना चाहते हैं कि आपको एंडोवमेंट बोर्ड में हिंदू सदस्य बन सकता है तो मुस्लिमों को वक्फ में कैसे गैर मुस्लिम सदस्य बनेगा?” इस कानून से वक्फ बोर्ड कमजोर होगा, यह कानून असंवैधानिक (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) है एआईएमआईएम के मुखिया ने कहा कि “वक्फ कानून में पांच साल के प्रावधान पर सवाल उठाए गए हैं। ये 5 साल के मुसलमान का कानून क्या है? ये 5 साल का नियम कहां से लगाया गया (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) है।” गौरतलब हो कि ओवैसी वक्फ संशोधन कानून का विरोध कर रहे हैं। लोकसभा में चर्चा के दौरान उन्होंने कहा था कि “वे गांधी की तरह इस बिल को फाड़ रहे हैं।” इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि “इस कानून से वक्फ बोर्ड कमजोर होगा। यह कानून असंवैधानिक है।” इसके साथ ही उन्होंने इस मामले में बीजेपी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना भी साधा। वक्फ कानून में संशोधन का मकसद हमारी पुरखों की दान की गई जमीन को लूटकर अपने धन्नासेठ मित्रों में बांटना है- सांसद इमरान प्रतापगढ़ी यही नहीं, बीते सोमवार को कांग्रेस के अल्पसंख्यक विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि “केंद्र की मोदी सरकार की ओर से वक्फ कानून में संशोधन का मकसद हमारी पुरखों की दान की गई जमीन को लूटकर (Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims) अपने धन्नासेठ मित्रों में बांटना है। आने वाले दिनों में जब भी केंद्र में सरकार बदलेगी तब एक झटके में वक्फ संशोधित कानून को बदल दिया जाएगा, इसलिए आप मायूस न हो।” बता दें कि इमरान प्रतापगढ़ी रांची के बरियातू के पहाड़ी मैदान में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से आयोजित तहफ्फुज-ए-औकाफ कॉन्फ्रेंस में बतौर मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? जाने क्या है वक्फ संसोधन बिल? दरअसल , वक्फ बिल 2024, वक्फ अधिनियम 1995 में बदलाव करने वाला एक ऐसा विधेयक है, जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन, पारदर्शिता और दुरुपयोग रोकने के लिए नियमों को सख्त करना है। इसके साथ ही वक्फ बिल में वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम और महिला सदस्यों को शामिल करना, कलेक्टर को संपत्ति सर्वे का अधिकार देने और वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसलों को हाईकोर्ट में चुनौती देने का प्रावधान भी शामिल है। अब विपक्ष और मुस्लिम संगठन इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला मानते हैं। उनका दावा है कि यह बिल सिर्फ वक्फ संपत्तियों को कमजोर करेगा बल्कि सरकारी हस्तक्षेप को भी बढ़ाएगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news Owaisi Slams Waqf Bill: Laws Won’t Scare Muslims #owaisi #waqfbill #aimim #muslimrights #indianpolitics

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Lalu Prasad Yadav’s son Tej Pratap

Tej Pratap Yadav to Become Pilot: लालू के लाल तेजप्रताप यादव अब बनेंगे पायलट बनेंगे और उड़ाएंगे हवाई जहाज 

बीते दिनों बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सुरक्षा की गुहार लगाने वाले तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) अब पायलट बनने जा रहे हैं। एक तरह से वो अपने वो अपने सपने को पूरा करने के करीब (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) हैं। दरअसल, उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय ने 18 उम्मीदवारों को सफल घोषित किया है। इन उम्मीदवारों में तेज प्रताप का भी नाम शामिल है। इसके बाद उन्हें कमर्शियल पायलट लाइसेंस कोर्स में दाखिला लेने की अनुमति मिल गई है। दरअसल, आरजेडी नेता लालू प्रसाद यादव के बड़े पुत्र तेज प्रताप यादव ने इससे पहले प्राइवेट पायलट लाइसेंस और कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस कोर्स में दाखिल के लिए साक्षात्कार दिया था। इसके मुताबिक, बिहार के विधायक तेज प्रताप यादव को वाणिज्य विमान चालक कोर्स में दाखिले की अनुमति मिली है।  तेज प्रताप को मिला है (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) पांचवां स्थान गौरतलब हो कि उड्डयन प्रशिक्षण निदेशालय एक ऐसा संस्थान है जो पायलटों को ट्रेनिंग देता है। यह संस्थान उन लोगों को चुनता है, जो पायलट बनने के लिए सबसे योग्य होते हैं। तेज प्रताप यादव को इस संस्थान ने सफल घोषित किया (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) है। जानकारी के मुताबिक तेज प्रताप ने 2023-24 में सीपीएल कोर्स में एडमिशन के लिए इंटरव्यू दिया था। यह इंटरव्यू उन्होंने पास कर लिया है। इस बीच निदेशालय ने सफल उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में तेज प्रताप को पांचवां स्थान मिला है। कुल 20 सीटों में से 18 उम्मीदवार चुने गए हैं, जिनमें तेज प्रताप भी हैं। वो सामान्य श्रेणी के तहत चुने गए हैं। अब वे औपचारिक रूप से कोर्स में दाखिला लेकर पायलट बनने का अपना सपना पूरा कर सकते हैं।  अगर देश को उनकी पायलट ट्रेनिंग की ज़रूरत पड़ी, तो वो तैयार (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) हैं तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) इससे पहले भी पायलट बनने की इच्छा जता चुके हैं। कुछ दिनों पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था। भारतीय सेना द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान को मुंह की खानी पड़ी थी। तभी तेज प्रताप यादव ने अपनी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर कर लिखा लिखा था कि अगर देश को उनकी पायलट ट्रेनिंग की ज़रूरत पड़ी, तो वो तैयार हैं। उन्होंने कमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) कोर्स के लिए इंटरव्यू पास कर लिया है। बता दें कि कुछ दिनों पहले तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें वो पायलट की वर्दी में नजर आ (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) रहे थे। इस वीडियो को देखें तो उसमें उनके पीछे एक देशभक्ति गीत बज रहा है और वह एक विमान में बैठते भी दिखाई दे रहे हैं। तेज प्रताप ने इस वीडियो के साथ कैप्शन में लिखा…”जो व्यक्ति हवाई जहाज उड़ाता है, उसे अदृश्य में विश्वास करना चाहिए। सर्वश्रेष्ठ पायलट दूसरों की तुलना में अधिक उड़ान भरते हैं; इसलिए वे सर्वश्रेष्ठ हैं। इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? अक्सर विवादों में रहते (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) हैं तेजप्रताप यादव बात करें तेजप्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) के निजी जीवन की तो वो अक्सर विवादों में रहते (Tej Pratap Yadav to Become Pilot) हैं। कारण यही जो उन्हें लेकर अक्सर परिवार में भी उथल-पुथल मची रहती है। बीते दिनों उन्हें आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने एक वीडियो वायरल होने के बाद परिवार और आरजेडी से बेदखल करने का फैसला लिया था। दरअसल, तेजप्रताप की एक महिला के साथ तस्वीरें और वीडियोज वायरल हुए थे। हालांकि तेज प्रताप यादव ने इसे अपने खिलाफ गहरी साजिश करार दिया है। खैर, अगर सब सही रहा, तो तेज प्रताप जल्द ही कमर्शियल पायलट बनकर देश की सेवा के लिए तैयार रहेंगे। देखना बड़ा दिलचस्प होगा कि तेज प्रताप कब तक पायलट बनते हैं और देश के लिए क्या करते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news #TejPratapYadav #PilotTraining #LaluYadav #BiharPolitics #TejPratapNews

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Election Commission replies to Rahul Gandhi’s comments

ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks: राहुल गाँधी को चुनाव आयोग का जवाब, कहा- चुनाव नियमों के अनुसार होते हैं, देवेंद्र फडणवीस ने घेरा 

रायबरेली से कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने  भाजपा पर महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 में धांधली करने का आरोप लगाया था। उनके द्वारा धांधली के लगाए गए आरोपों पर चुनाव आयोग ने ईमेल भेजकर जवाब दिया (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) है। जवाब देते हुए चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया कि चुनाव पूरी तरह संसद द्वारा पारित कानूनों और निर्धारित नियमों के मुताबिक ही कराए जाते हैं। चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि यदि कांग्रेस या उसके उम्मीदवारों को किसी प्रकार की आपत्ति थी, तो उसे चुनाव याचिका के माध्यम से हाई कोर्ट में चुनौती दी जानी चाहिए थी। आयोग ने राहुल गांधी को आश्वासन दिया कि यदि उनके पास अभी भी कोई मुद्दा है तो वे लिखित में भेज सकते हैं। यहाँ तक कि आयोग ने व्यक्तिगत बैठक के लिए भी समय निर्धारित करने की विकल्प दिया।  महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव विकेंद्रीकृत प्रणाली के तहत (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) जाते हैं कराए  बता दें कि आयोग ने 12 जून को ईमेल के जरिए भेजे गए पत्र में कहा कि महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव विकेंद्रीकृत प्रणाली के तहत कराए (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) जाते हैं। इसमें 1 लाख से अधिक बूथ लेवल ऑफिसर, 288 चुनाव पंजीकरण अधिकारी, 139 सामान्य पर्यवेक्षक, 41 पुलिस पर्यवेक्षक, 71 व्यय पर्यवेक्षक और 288 निर्वाचन अधिकारी शामिल होते हैं। इसके अलावा, राज्यभर में राजनीतिक दलों द्वारा 1,08,026 बूथ स्तर के एजेंट नियुक्त किए गए, जिनमें से 28,421 एजेंट तो कांग्रेस के ही थे। आयोग ने कहा कि इतने बड़े स्तर पर फैली चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जाती हैं।   राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) उठाए सवाल  इस बीच मंगलवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने एक बार फिर विधानसभा चुनाव में वोटर टर्नआउट में बढ़ोतरी को लेकर चुनाव आयोग और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) पर सवाल (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) उठाए। राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्वाचन क्षेत्र में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच महज पांच महीने में मतदाताओं की संख्या में 8 फीसदी का इजाफा हुआ है। मीडिया को हजारों ऐसे मतदाता मिले, जिनके पास आधिकारिक आवासीय पता भी नहीं था। राहुल गांधी ने गंभीर आरोप लगाया था कि यह एक तरह की वोट चोरी है।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? राहुल गांधी महाराष्ट्र में वोटर्स की संख्या को लेकर लगातार सवाल उठा (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) रहे हैं गौरतलब हो कि कांग्रेस के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) महाराष्ट्र में वोटर्स की संख्या को लेकर लगातार सवाल उठा (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) रहे हैं। इस बीच सीएम देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने कांग्रेस नेता पर पलटवार किया है। राहुल गांधी के आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र में हार का राहुल गांधी का दर्द दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है, लेकिन आप कब तक हवा में तीर चलाते रहेंगे? आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महाराष्ट्र में 25 से ज़्यादा ऐसे निर्वाचन क्षेत्र हैं, जिनमें लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच मतदाताओं की संख्या में 8 फीसदी का इजाफा हुआ है। देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा कि महाराष्ट्र में 25 निर्वाचन क्षेत्रों में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के दौरान मतदान प्रतिशत में 8 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है और कई स्थानों पर कांग्रेस को जीत भी मिली है।  असलम शेख, विकास ठाकरे, नितिन राऊत जैसे पुराने सहयोगीयों से, इस ट्वीट से पहले एक बार बात कर लेते- मुख्यमंत्री फडणवीस  फडणवीस (Devendra Fadnavis) ने उदाहरण देते हुए कहा कि मेरे दक्षिण-पश्चिम नागपुर निर्वाचन क्षेत्र से सटे पश्चिम नागपुर निर्वाचन क्षेत्र में मतदान प्रतिशत में 7 प्रतिशत (27,065) की वृद्धि हुई है और वहां से कांग्रेस के विकास ठाकरे चुने गए (ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks) हैं। देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सहयोगी दलों से भले ही नहीं, लेकिन अपनी ही पार्टी के असलम शेख, विकास ठाकरे, नितिन राऊत जैसे पुराने सहयोगीयों से, इस ट्वीट से पहले एक बार बात कर लेते, तो अच्छा होता। कम से कम कांग्रेस में संवाद के अभाव का इतना बुरा प्रदर्शन नहीं होता।  Latest News in Hindi Today Hindi news ECI Replies to Rahul, Fadnavis Slams His Remarks #eci #rahulgandhi #fadnavis #electioncommission #india2025 #politicsnews #rahulvsfadnavis

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Abu Azmi apologizes to Hindus

Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark: इस वजह से विधायक अबू आजमी को हिंदुओं से मांगनी पड़ी माफ़ी

अक्सर अपने बेतुके बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले महाराष्ट्र के समाजवादी पार्टी अध्यक्ष और विधायक अबू आजमी (Abu Azmi) एक बार फिर फंसते नजर आ रहे हैं। खुद को फंसता देख उन्होंने वारकरी संप्रदाय की भावनाएं आहत होने पर माफी मांगी है। दरअसल, उन्होंने महाराष्ट्र की प्रसिद्ध वारी यात्रा को लेकर एक विवादास्पद बयान दिया था। पंढरपुर में संत ज्ञानेश्वर और संत तुकाराम की पालखी यात्रा के दौरान उन्होंने कहा, इस यात्रा के चलते सड़कों पर जाम लग जाता है, जिससे आम लोगों को परेशानी होती (Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark) है। वो यहीं नहीं रुके, सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि हिंदुओं के त्योहारों पर मुसलमान कोई आपत्ति नहीं जताते, लेकिन जब मुसलमान नमाज अदा करते हैं, तब शिकायतें की जाती हैं। मीडिया से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा, मस्जिद के बाहर नमाज नहीं पढ़ी जा सकती, इसका विरोध किया जाता है। लेकिन, हम हमेशा हिंदू भाइयों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं। उन्होंने आगे कहा, आज तक किसी भी मुसलमान ने यह शिकायत नहीं की कि हिंदू त्योहारों की वजह से रास्ता बंद होता है, लेकिन जब मस्जिद में नमाज पढ़ी जाती है, तो यूपी के मुख्यमंत्री कहते हैं कि अगर बाहर नमाज पढ़ी गई तो पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।  वारी की वजह से ट्रैफिक जाम होता है, लेकिन हमने कभी इसका विरोध नहीं (Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark) किया हालाँकि अपने बयान में अबू आजमी (Abu Azmi) ने यह भी आरोप लगाया कि मुसलमानों को सार्वजनिक जमीन या आयोजन के लिए आसानी से जगह नहीं मिलती। आज जब मैं सोलापुर आ रहा था, तब मुझे बताया गया कि पालखी आने वाली है, जल्दी निकलो वरना रास्ता जाम हो जाएगा। वारी की वजह से ट्रैफिक जाम होता है, लेकिन हमने कभी इसका विरोध नहीं किया। मुसलमानों के लिए जानबूझकर जमीन नहीं दी जाती।  फिर क्या था, उनके बयान के वायरल होते ही महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल मच गया। बीजेपी समेत अन्य दलों के नेताओं ने अबू आजमी के बयान की (Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark) कड़ी आलोचना करते हुए इसे सांप्रदायिक मुद्दा बना दिया। खुद को चौतरफा घिरता देख उन्होंने मांफी मांगी। और सफाई देते हुए लिखा, सोलापुर में मेरे द्वारा की गई एक टिप्पणी को लेकर जो गलतफहमियां फैली हैं। मैं उन्हें स्पष्ट करना चाहता हूं। मेरे वक्तव्य को तोड़-मरोड़ कर और दुर्भावनापूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया। अगर इससे वारकरी सम्प्रदाय की धार्मिक भावना आहत हुई हो, तो मैं अपने शब्द पूरी तरह से वापस लेता हूं और क्षमा चाहता हूं। मेरी मंशा कभी भी किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी।  इसे भी पढ़ें:- गुजरात और पंजाब में आम आदमी पार्टी की जीत और 2027 के तूफान की आहट? यह किसी प्रकार की तुलना नहीं थी और मेरी नीयत और मेरी मांग किसी भी रूप में अनुचित नहीं थी- अबू आजमी  अबू आजमी (Abu Azmi) ने सफाई देते हुए कहा, मैं एक समर्पित समाजवादी हूं और हमेशा से हर धर्म, संस्कृति, सूफी संतों तथा उनकी परंपराओं का आदर करता आया हूं। मैं वारी परंपरा का पालन कर रहे सभी वारकरी भाइयों को हार्दिक शुभकामनाएं (Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark) देता हूं और उनके प्रति अपनी सम्मानभावना प्रकट करता हूं। यह परंपरा महाराष्ट्र की सर्वधर्मीय, समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का गौरवपूर्ण हिस्सा है, जिसका मैं व्यक्तिगत रूप से सम्मान करता हूं। सपा विधायक ने कहा, मेरे द्वारा वारी पालखी का उल्लेख केवल मुस्लिम समाज के साथ हो रहे भेदभाव और उनके अधिकारों के संदर्भ में किया गया था। यह किसी प्रकार की तुलना नहीं थी और मेरी नीयत और मेरी मांग किसी भी रूप में अनुचित नहीं थी। उन्होंने कहा, मेरी केवल इतनी मंशा थी कि सरकार का ध्यान इस बात की ओर आकृष्ट कर सकूं कि उसके दोहरे मापदंड अल्पसंख्यक समुदाय के मन में यह भावना न उत्पन्न करें कि उनके लिए इस देश में अलग कानून हैं, जबकि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद कहते हैं सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास। आखिर में अपनी बात रखते हुए अबू आजमी ने कहा, हम उपेक्षित समाज के हक़, सम्मान और बराबरी की लड़ाई मजबूती से जारी रखेंगे, लेकिन कभी भी देश की एकता पर आंच नहीं आने देंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi news Abu Azmi Apologizes to Hindus After Controversial Remark #abuazmi #hindusapology #politicalnews #controversialremark #indianpolitics #breakingnews #latestupdate

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