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बारिश के बाद Gurugram के IFFCO Chowk की हालत बिगड़ी; 30 फीट से बड़ा Sinkhole, Traffic प्रभावित, Repair अब भी शुरू नहीं

गुरुग्राम: लगातार बारिश के बाद Gurugram के सबसे व्यस्त junctions में से एक IFFCO Chowk पर हालात गंभीर बने हुए हैं। Delhi-Gurugram Expressway की service road पर बना sinkhole शुरुआती करीब 10 फीट से बढ़कर 30 फीट से ज्यादा चौड़ा हो गया है। प्रभावित हिस्से को barricades लगाकर बंद कर दिया गया है, जिससे MG Road, Sikanderpur और IFFCO Chowk के आसपास traffic movement बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। 27 अगस्त 2026 की ताजा स्थिति यह है कि Gurugram Metropolitan Development Authority यानी GMDA अभी damaged sewer line वाले हिस्से से sewage हटाने और पानी निकालने में लगी है। जब तक site पूरी तरह dewater नहीं होती, underground pipeline की वास्तविक damage का assessment और road restoration शुरू नहीं हो पाएगा। 10 फीट से बढ़कर 30 फीट से बड़ा हुआ Sinkhole IFFCO Chowk की service road का एक हिस्सा मंगलवार, 25 अगस्त को अचानक धंस गया था। शुरुआत में sinkhole करीब 10 फीट चौड़ा था, लेकिन कुछ ही घंटों में इसका आकार बढ़कर 30 फीट से ज्यादा हो गया। सुरक्षा के मद्देनजर police और traffic authorities ने पूरे प्रभावित stretch को बंद कर दिया। यह road MG Road और Sikanderpur की तरफ से आने वाले traffic को Delhi-Gurugram Expressway और Sukhrali की ओर जोड़ती है, इसलिए इसका बंद होना हजारों commuters के लिए परेशानी बन गया है। बारिश ही अकेली वजह नहीं, Sewer Line पर शक भारी बारिश के बाद road cave-in जरूर हुआ, लेकिन अधिकारियों ने अभी बारिश को sinkhole की एकमात्र वजह घोषित नहीं किया है। Preliminary inspection में affected road के नीचे 1,000-mm diameter की पुरानी GMDA master sewer line मिली है। अधिकारियों को आशंका है कि इस sewer line से leakage होने के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी बह गई और underground void बनने से road धंस गई। यह sewer line DLF Phase 2, MG Road और IFFCO Chowk क्षेत्र का sewage Behrampur treatment plant तक ले जाती है। Exact cause तभी साफ होगा जब पानी पूरी तरह निकालकर pipeline की technical inspection की जाएगी। Repair अभी तक क्यों नहीं शुरू हुई? आज, 27 अगस्त तक road की actual repair शुरू नहीं हो पाई है। GMDA के मुताबिक पहले sewer flow को nearby manhole की तरफ divert किया जा रहा है और pumping machinery की मदद से affected area को dewater किया जा रहा है। GMDA CEO P.C. Meena ने engineering team को site की लगातार monitoring करने को कहा है, खासकर इसलिए क्योंकि Gurugram में बारिश का दौर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। Site खाली होने के बाद engineers damaged pipeline की स्थिति देखेंगे। उसके बाद sewer repair होगी और फिर NHAI road restoration शुरू कर सकेगा। NHAI बोला- Machinery तैयार, पहले Sewer ठीक हो National Highways Authority of India यानी NHAI ने कहा है कि उसकी machinery और road restoration team तैयार है। लेकिन road को दोबारा बनाने से पहले नीचे मौजूद damaged sewer infrastructure को ठीक करना जरूरी है। NHAI अधिकारी के मुताबिक sewer line की समस्या का समाधान हुए बिना ऊपर सड़क की repair करना सुरक्षित या स्थायी समाधान नहीं होगा। MG Road पर लंबा Traffic Jam Sinkhole के कारण बुधवार सुबह से ही MG Road पर traffic बेहद धीमा रहा। Sikanderpur से IFFCO Chowk के बीच वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। Peak office hours में diversion के कारण आसपास की internal roads पर भी extra pressure पड़ा। IFFCO Chowk और Sikanderpur Metro stations के आसपास भी traffic disruption देखा गया। Traffic Police को लगातार vehicles divert करने पड़े ताकि कोई वाहन accidentally sinkhole वाले हिस्से तक न पहुंच जाए। Delhi जाने वालों के लिए Route बदला प्रभावित service road बंद होने के कारण IFFCO Chowk और MG Road की तरफ से Delhi जाने वाले commuters के route में बदलाव किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक motorists को Sukhrali की तरफ जाकर U-turn लेना पड़ रहा है और वहां से Delhi की ओर आगे बढ़ना है। Traffic Police ने commuters से barricaded road में प्रवेश करने की कोशिश न करने और temporary diversions follow करने को कहा है। Water Supply भी हुई प्रभावित IFFCO Chowk cave-in का असर केवल traffic तक सीमित नहीं रहा। GMDA ने precaution के तौर पर underground water pipeline की जांच करने के लिए water supply करीब पांच घंटे तक बंद कर दी थी। इसके कारण DLF Phase 1 और Sushant Lok-1 समेत कुछ tail-end areas में supply प्रभावित हुई। हालांकि inspection में water pipeline damaged नहीं मिली और Basai water treatment plant से supply बाद में restore कर दी गई। Officials ने साफ किया कि मुख्य समस्या sewer line में है, drinking-water pipeline में नहीं। भारी बारिश के एक दिन बाद धंसी सड़क IFFCO Chowk पर cave-in उस समय सामने आया जब Gurugram पहले ही लगातार बारिश और waterlogging से जूझ रहा था। शहर के कई हिस्सों में सोमवार और मंगलवार को पानी भरने के कारण traffic jams लगे और commuters को घंटों सड़कों पर फंसे रहना पड़ा। यानी बारिश ने underground infrastructure पर पहले से मौजूद pressure को और बढ़ाया हो सकता है, लेकिन अधिकारियों ने अभी final technical cause तय नहीं किया है। IFFCO Chowk पर पहले भी धंस चुकी है सड़क यह पहली बार नहीं है जब IFFCO Chowk इलाके में underground infrastructure से जुड़ा cave-in सामने आया हो। Times of India के मुताबिक 2019 और August 2020 में भी इस junction के आसपास road cave-in की घटनाएं हो चुकी हैं। 2021 में IFFCO Chowk flyover की retaining wall का एक हिस्सा भी भारी बारिश के बाद damaged sewer pipeline और accumulated water से कमजोर होने के बाद गिर गया था। इस recurring pattern ने पुराने underground sewer network की condition पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं। Sewer Line का Rehabilitation नहीं हुआ था? Latest report में एक महत्वपूर्ण जानकारी यह भी सामने आई है कि प्रभावित पुरानी master sewer line पर अभी तक Cured-In-Place Pipe यानी CIPP rehabilitation नहीं की गई थी। CIPP एक ऐसी technology है जिसमें पुरानी underground pipeline के भीतर नया structural lining system बनाया जाता है, जिससे बड़ी खुदाई किए बिना उसकी strength और life बढ़ाई जा सकती है। अब latest cave-in…

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कानपुर में एक्सपायर्ड चॉकलेट के लिए लोगों की भीड़! कचरे से कार्टन भरकर ले गए लोग, पुलिस ने शुरू की जांच

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। शहर के पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में हाईवे किनारे बड़ी मात्रा में फेंकी गई चॉकलेट और टॉफियां देखकर लोगों की भीड़ जमा हो गई। कई लोग थैले, बोरे और यहां तक कि पूरे कार्टन भरकर इन्हें अपने साथ ले जाते दिखाई दिए। स्थानीय लोगों का दावा है कि ये खाद्य उत्पाद 2024 में ही एक्सपायर हो चुके थे। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। घटना का वीडियो 24-25 अगस्त के दौरान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जबकि 26 अगस्त 2026 तक पुलिस की जांच जारी है। फिलहाल यह भी पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में confectionery किस कंपनी या कारोबारी ने खुले में फेंकी और उनका सही तरीके से disposal क्यों नहीं किया गया। Panki Industrial Area में दिखा हैरान करने वाला नजारा मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला कानपुर के पनकी इंडस्ट्रियल एरिया में फर्टिलाइजर फैक्ट्री और लोहिया चौराहे के आसपास हाईवे किनारे का है। यहां सड़क किनारे बड़ी मात्रा में रंग-बिरंगे packets, cartons, chocolates और toffees पड़ी थीं। जैसे ही वहां से गुजर रहे लोगों को इसकी जानकारी मिली, देखते ही देखते भीड़ जुट गई। वायरल वीडियो में लोग जमीन और कचरे के बीच से chocolates के packets उठाते हुए दिखाई देते हैं। कोई उन्हें bag में भर रहा है तो कोई पूरा carton बाइक या दूसरे वाहन पर रखकर ले जाता नजर आता है। आधे घंटे में साफ हो गया Stock? प्रत्यक्षदर्शियों के हवाले से Times of India ने रिपोर्ट किया कि कथित तौर पर एक truckload confectionery products वहां उतारे गए थे और करीब आधे घंटे के भीतर लोग ज्यादातर stock उठाकर ले गए। कुछ लोग पैदल cartons लेकर जाते दिखे, जबकि कई लोग motorcycles और cars में सामान भरकर ले गए। इस दृश्य के कारण सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि लोगों ने products की expiry date और उन्हें खुले कचरे में फेंके जाने की वजह की जांच किए बिना इन्हें क्यों उठा लिया। क्या सच में 2024 में Expire हुई थीं Chocolates? स्थानीय निवासियों और वायरल वीडियो से जुड़ी रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कुछ products की expiry 2024 में ही हो चुकी थी। हालांकि इस पूरे stock की expiry status और manufacturer की पहचान को लेकर प्रशासनिक जांच अभी पूरी नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल यह कहना ज्यादा सही है कि ये एक्सपायर्ड बताई जा रही chocolates और toffees थीं, जिनका बड़ा stock खुले में पड़ा मिला। Police पहुंची मौके पर, जांच शुरू वीडियो और घटना की जानकारी मिलने के बाद Kanpur Police मौके पर पहुंची। DCP West S.M. Qasim Abidi के मुताबिक Panki Police Station के प्रभारी को मामले की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस को मौके पर कुछ फटे हुए wrappers मिले, जिन पर मौजूद labels से products का connection Gujarat से होने का संकेत मिला है। हालांकि केवल wrappers के आधार पर किसी specific company को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि stock किसने फेंका और क्या food products के disposal से जुड़े नियमों का उल्लंघन हुआ। जांच के बाद FIR की बात DCP West ने यह भी कहा कि expired food items का सेवन health के लिए खतरा पैदा कर सकता है और investigation पूरी होने के बाद जरूरत के मुताबिक FIR दर्ज की जाएगी। इसका मतलब अभी तक किसी specific factory या व्यक्ति के खिलाफ जिम्मेदारी अंतिम रूप से तय नहीं हुई है। इसलिए सोशल मीडिया पर circulating claims के आधार पर किसी particular company को दोषी बताना उचित नहीं होगा। खुले में क्यों नहीं फेंकने चाहिए Expired Food Products? इस घटना ने expired food के disposal को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऐसे food products जिन्हें बिक्री या consumption के लिए unsuitable माना गया हो, उन्हें इस तरह destroy या dispose किया जाना चाहिए कि वे दोबारा supply chain या आम लोगों तक न पहुंचें। सड़क किनारे cartons या packets के रूप में food waste फेंकने से: इसी वजह से घटना के बाद manufacturer और waste-disposal process की जांच की मांग उठ रही है। लोगों की सेहत को लेकर बढ़ी चिंता Expired date का मतलब हर product उसी दिन जहरीला हो जाना नहीं होता, लेकिन expiry/use-by अवधि पार कर चुके और खासकर कचरे में पड़े food products को खाना सुरक्षित नहीं माना जा सकता। यहां खतरा केवल expiry का नहीं है। Products सड़क किनारे और garbage के संपर्क में थे। ऐसे में packets damaged होने, moisture, dirt, insects या bacteria contamination का भी risk हो सकता है। इसी वजह से पुलिस अधिकारियों ने भी लोगों को ऐसे products का सेवन न करने को लेकर सतर्क किया है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक पहुंचे वायरल तस्वीरों और वीडियो में अलग-अलग उम्र के लोग chocolates लेने पहुंचे दिखाई देते हैं। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों तक ने discarded products उठाए। कई लोगों ने packets की जानकारी या expiry date check किए बिना उन्हें bags में भर लिया। इस पूरे दृश्य ने food-safety awareness को लेकर भी बहस छेड़ दी है। किस Factory ने फेंका Stock? यही इस मामले का सबसे बड़ा अनसुलझा सवाल है। कुछ शुरुआती reports में किसी chocolate factory द्वारा stock dump किए जाने की बात कही गई है, लेकिन पुलिस ने अभी संबंधित manufacturer की आधिकारिक पहचान सार्वजनिक नहीं की है। मौके से मिले wrappers पर Gujarat से संबंधित labeling मिलने की सूचना है। अब police investigation के जरिए supply chain और stock के source की पहचान की जाएगी। किस कंपनी ने stock manufacture किया और किसने इसे Kanpur में dump किया—ये दोनों एक ही entity हों, यह भी अभी स्थापित नहीं है। Viral Video ने उठाए दो बड़े सवाल इस पूरे मामले में दो अलग-अलग स्तर पर जिम्मेदारी का सवाल उठ रहा है। पहला, अगर products वास्तव में expired और disposal के लिए थे, तो उन्हें इस तरह खुले public area में क्यों फेंका गया कि कोई भी उन्हें उठा सके? दूसरा, लोगों ने कचरे में पड़े और expiry पार कर चुके food products को…

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Chennai में CM Vijay ने 130 नई AC Electric Buses को दिखाई हरी झंडी; Green Transport के दूसरे चरण की शुरुआत

चेन्नई: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री C. Joseph Vijay ने मंगलवार, 25 अगस्त 2026 को Chennai में 130 नई low-floor AC electric buses की सेवा शुरू की। मुख्यमंत्री ने राज्य सचिवालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में इन बसों को हरी झंडी दिखाई। इसके साथ ही Chennai Metropolitan Transport Corporation यानी MTC के electric bus programme के दूसरे चरण की औपचारिक शुरुआत हो गई है। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य Chennai में public transport को ज्यादा आरामदायक और accessible बनाने के साथ diesel consumption और urban air pollution को कम करना है। दूसरे चरण के तहत शहर में कुल 750 नई AC low-floor electric buses को चरणबद्ध तरीके से चलाने की योजना है। Secretariat से दिखाई हरी झंडी मुख्यमंत्री विजय ने मंगलवार को Chennai स्थित Tamil Nadu Secretariat परिसर से नई बस सेवाओं की शुरुआत की। रिपोर्ट के मुताबिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से 5 electric buses को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जबकि कुल 130 बसें इस शुरुआती batch में परिचालन के लिए लाई गई हैं। कार्यक्रम में तमिलनाडु के Transport Minister Vijay Tamilan Parthiban और परिवहन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। ₹134.50 करोड़ में खरीदी गईं 130 बसें मौजूदा 130 low-floor air-conditioned electric buses Chennai Metropolitan Transport Corporation के लिए खरीदी गई हैं। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक इन 130 बसों की खरीद पर करीब ₹134.50 करोड़ खर्च हुए हैं। मुख्यमंत्री ने buses को flag off करने के बाद उनमें सवार होकर सुविधाओं का निरीक्षण भी किया। इसी कार्यक्रम में तमिलनाडु के अन्य जिलों के लिए खरीदी गई 120 अन्य buses की सेवाएं भी शुरू की गईं, जिनकी लागत लगभग ₹55.58 करोड़ बताई गई है। इस तरह कार्यक्रम में कुल 250 नई buses की शुरुआत की गई, हालांकि Chennai के लिए इनमें से 130 नई AC electric buses हैं। Second Phase में आएंगी कुल 750 Electric Buses Chennai में electric public transport का यह दूसरा बड़ा चरण है। MTC की योजना के अनुसार second phase में कुल 750 low-floor air-conditioned electric buses शहर के public transport network में जोड़ी जाएंगी। ये सभी बसें एक साथ सड़क पर नहीं उतरेंगी, बल्कि अलग-अलग batches में service में आएंगी। आज शुरू हुई 130 buses इसी 750-bus programme का पहला batch हैं। सबसे पहले Alandur Depot से चलेंगी 130 बसें दूसरे चरण में electric buses को Chennai के 7 depots से चलाने की योजना है। इनमें: शामिल हैं। शुरुआत में Alandur Depot से 130 नई AC electric buses का संचालन शुरू किया जा रहा है। इससे शहर के अलग-अलग हिस्सों में electric buses की connectivity बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। Low-Floor Design से बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को फायदा नई electric buses की एक महत्वपूर्ण विशेषता उनका low-floor design है। Low-floor buses में चढ़ने और उतरने के लिए traditional buses की तुलना में कम ऊंचाई होती है। इससे senior citizens, बच्चों और mobility challenges वाले यात्रियों के लिए सफर आसान होता है। नई buses में air-conditioning भी दी गई है, जिससे Chennai की गर्म और humid conditions में यात्रियों को ज्यादा आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। पहले चरण में चल रही हैं 625 Electric Buses Chennai में electric buses का programme पहले से जारी है। पहले चरण में करीब ₹697 करोड़ की लागत से 625 low-floor electric buses को MTC fleet में शामिल किया गया था। ये buses Vyasarpadi, Perumbakkam, Poonamallee, Central Depot और Tondiarpet-I समेत पांच depots से संचालित की जा रही हैं। अब दूसरे चरण की 750 buses जुड़ने के बाद Chennai के electric bus fleet का आकार और तेजी से बढ़ेगा। सभी 750 बसें आने के बाद 1,375 Electric Buses पहले phase की 625 और दूसरे phase की planned 750 buses को मिलाएं तो Chennai के पास कुल 1,375 electric buses का fleet हो सकता है। यह Chennai के urban public transport system में diesel buses पर निर्भरता कम करने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। हालांकि second phase की सभी 750 buses अभी service में नहीं आई हैं। 25 अगस्त को केवल शुरुआती 130 buses शुरू की गई हैं। Pollution कम करने पर सरकार का जोर Electric buses में conventional diesel engine नहीं होता, इसलिए इनके operation के दौरान tailpipe emissions नहीं निकलते। बड़े शहरों में public transport fleets को electric करने से local particulate pollution और diesel consumption कम करने में मदद मिल सकती है। Chennai में भी सरकार ने इस programme को green transport और urban emissions reduction से जोड़ा है। हालांकि electric vehicles का overall environmental impact electricity generation source, battery manufacturing और charging infrastructure जैसे factors पर भी निर्भर करता है। MTC बड़े Electric Fleet की तैयारी में Chennai Metropolitan Transport Corporation आने वाले समय में electric bus infrastructure को और बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। MTC की official tender information के मुताबिक अलग-अलग categories में सैकड़ों additional AC electric buses की procurement, operation और maintenance के लिए tenders जारी किए गए हैं। इनमें 1,000 12-metre AC low-floor electric buses और feeder services के लिए अन्य electric buses से जुड़े procurement plans भी शामिल हैं। इससे संकेत मिलता है कि Chennai का public transport network आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर electric mobility की ओर बढ़ सकता है। यात्रियों के लिए क्या बदलेगा? नई buses के आने से यात्रियों को मुख्य रूप से तीन फायदे मिलने की उम्मीद है: पहला, AC buses के कारण सफर ज्यादा आरामदायक होगा। दूसरा, low-floor design accessibility को बेहतर करेगा। तीसरा, electric propulsion की वजह से buses conventional diesel vehicles की तुलना में कम noise पैदा करती हैं। अगर planned fleet समय पर operational होता है तो peak hours में bus availability बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है। Tamil Nadu में Green Mobility पर Focus Tamil Nadu सरकार electric mobility को केवल Chennai तक सीमित रखने के बजाय राज्य के transport infrastructure का बड़ा हिस्सा बनाने की दिशा में काम कर रही है। Chennai जैसे densely populated metropolitan city में public transport को electrify करना खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग buses पर निर्भर रहते हैं। नई buses का rollout public transport को modernise करने और…

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Delhi-NCR में आज सुबह फिर बारिश; IMD का Orange Alert, Waterlogging और Traffic Jams का खतरा, Gurugram में WFH-Online Classes

नई दिल्ली: Delhi-NCR में मंगलवार, 25 अगस्त 2026 की सुबह एक बार फिर बादल और बारिश का दौर जारी रहा। भारतीय मौसम विभाग ने Delhi के लिए सुबह के घंटों में Orange Alert जारी किया है और कई इलाकों में moderate rain के साथ isolated heavy showers की संभावना जताई है। सोमवार की तेज बारिश के बाद NCR के कई हिस्सों में waterlogging और traffic congestion की समस्या पहले से बनी हुई है। Gurugram district administration ने आज corporate offices को Work From Home अपनाने की सलाह दी है, जबकि सरकारी और निजी schools तथा educational institutions को online classes चलाने को कहा गया है। यह फैसला 24 अगस्त को हुई भारी बारिश और उसके बाद सड़कों पर गंभीर जलभराव को देखते हुए लिया गया। Delhi-NCR में आज सुबह कैसा रहा मौसम? मंगलवार सुबह Delhi-NCR के कई हिस्सों में cloudy conditions के साथ बारिश और thunderstorms की संभावना बनी रही। IMD forecast के मुताबिक Delhi में सुबह से दोपहर के बीच कई जगह हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ isolated locations पर तेज बारिश और बिजली चमकने की संभावना है। Noida, Gurugram, Faridabad और Ghaziabad में भी बारिश और thunderstorms का अनुमान है। Delhi में आज सुबह के लिए जारी alert Orange category का है। सोमवार की बारिश ने बिगाड़ दिए थे हालात 24 अगस्त को Delhi-NCR में तेज बारिश ने बड़े पैमाने पर जनजीवन प्रभावित किया। Delhi और Gurugram की कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया, जिससे लंबा traffic jam लगा। सोमवार की बारिश के कारण Delhi-bound flights पर भी असर पड़ा और 15 flights divert करनी पड़ीं, जिनमें दो international flights भी शामिल थीं। सोमवार के असर को देखते हुए प्रशासन ने मंगलवार के लिए पहले से precautionary measures लागू कर दिए। Gurugram में आज Work From Home Advisory Gurugram District Disaster Management Authority ने 25 अगस्त के लिए corporate offices को Work From Home की सलाह दी है। District Magistrate Uttam Singh की ओर से जारी advisory का उद्देश्य roads पर traffic pressure कम करना और civic agencies को waterlogging तथा drainage clearance का काम करने में सुविधा देना है। यह advisory खास तौर पर उन इलाकों के लिए महत्वपूर्ण है जहां सोमवार को भारी जलभराव के कारण commute बेहद मुश्किल हो गया था। Schools में आज Online Classes Gurugram administration ने सरकारी और निजी schools तथा educational institutions से भी 25 अगस्त को physical classes के बजाय online mode अपनाने को कहा है। यह फैसला छात्रों की safety और school buses को waterlogged roads पर फंसने से बचाने के लिए किया गया है। सोमवार को Subhash Chowk समेत कुछ इलाकों में school buses जलभराव में फंस गई थीं और छात्रों को काफी देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा था। Gurugram में कितनी हुई बारिश? Gurugram district ने सोमवार को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक करीब 75 mm rainfall दर्ज की। इस बारिश के कारण कई arterial roads पर पानी भर गया और traffic movement बुरी तरह प्रभावित हुआ। Rajiv Chowk, IFFCO Chowk, Railway Road, Sector 5, Old Delhi Road, Mehrauli Road और Basai Road जैसे इलाकों में waterlogging की खबरें सामने आईं। Delhi में Waterlogging और Traffic Jam का खतरा आज का rainfall Monday जितना intense हर जगह हो, यह जरूरी नहीं है, लेकिन पिछले 24 घंटे में जमीन और drainage systems पर पहले से दबाव होने के कारण moderate rain भी कुछ इलाकों में waterlogging बढ़ा सकती है। Authorities ने commuters को ऐसे routes से बचने की सलाह दी है जहां पिछले दिन भारी जलभराव हुआ था। Office-goers के लिए खास तौर पर Gurugram में WFH advisory इसी कारण जारी की गई है। Noida, Faridabad और Ghaziabad में भी बारिश के आसार Delhi के अलावा NCR के दूसरे शहर भी monsoon activity के प्रभाव में हैं। IMD-based forecast के मुताबिक: बिजली चमकने और अचानक तेज बारिश के छोटे spells के दौरान खुले इलाकों से बचने की सलाह दी जाती है। Flights पर भी पड़ा था असर सोमवार के खराब मौसम के कारण Indira Gandhi International Airport पर operations प्रभावित हुए थे। कुल 15 Delhi-bound flights को divert किया गया था। इनमें से 11 flights Jaipur भेजी गई थीं। Air India, IndiGo और SpiceJet समेत airlines ने passengers को flight status check करने की सलाह दी थी। आज भी खराब weather की स्थिति में यात्रियों को airport निकलने से पहले flight status verify करना बेहतर रहेगा। Red Alert या Orange Alert? इस खबर में alert level को लेकर confusion हो सकता है। 25 अगस्त की सुबह Delhi के लिए IMD ने Orange Alert बताया है। कुछ reports में Red Alert का संदर्भ 24 अगस्त की heavy rainfall situation या Gurugram के severe rain spell से जुड़ा था। इसलिए आज की headline में Orange Alert लिखना ज्यादा accurate रहेगा। आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना Delhi-NCR में monsoon activity अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। Forecast के मुताबिक अगले कुछ दिनों में भी rain और thunderstorms के spells जारी रह सकते हैं, हालांकि हर दिन intensity समान रहने की संभावना नहीं है। अगले कुछ दिनों में temperature बढ़ सकता है, लेकिन बीच-बीच में बारिश के कारण humidity भी बनी रह सकती है। Commuters के लिए जरूरी सलाह लोगों को waterlogged underpasses और flooded roads से बचना चाहिए। तेज बारिश के दौरान visibility कम हो सकती है, इसलिए vehicles को धीमी गति से चलाना बेहतर है। Gurugram में जिन employees को office जाना जरूरी नहीं है, उनके लिए administration ने आज WFH को prefer करने की सलाह दी है। Schools और educational institutions के लिए online classes की advisory पहले ही जारी की जा चुकी है। फिलहाल 25 अगस्त की मुख्य weather update यही है कि Delhi-NCR में बारिश का दौर जारी है, Delhi सुबह Orange Alert पर है और Gurugram में waterlogging तथा traffic disruption को देखते हुए WFH और online classes लागू की गई हैं। स्रोत – भारतीय मौसम विभाग (IMD), पीटीआई, इंडियन एक्सप्रेस, एनडीटीवी, टाइम्स ऑफ इंडिया जय राष्ट्र न्यूज़

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6 सितंबर को दिल्ली में सजेगा Luxe Aura Couture Week 2026, Fashion Grace की Dipanwita Das Dutta संभालेंगी आयोजन की कमान

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली सितंबर में फैशन, ग्लैमर और उभरती प्रतिभाओं के एक बड़े आयोजन की गवाह बनने जा रही है। Luxe Aura Couture Week 2026 का आयोजन 6 सितंबर 2026 को पश्चिम विहार, नई दिल्ली में किया जाएगा। इस फैशन इवेंट को Fashion Grace द्वारा प्रस्तुत और आयोजित किया जा रहा है, जबकि आयोजन की मुख्य जिम्मेदारी Fashion Grace की Founder Dipanwita Das Dutta संभाल रही हैं। आयोजकों ने Luxe Aura Couture Week को दिल्ली के बड़े fashion runway events में से एक के रूप में प्रस्तुत किया है। कार्यक्रम की मूल भावना “Empowering Confidence, Celebrating Elegance, Creating Opportunities” रखी गई है, यानी फैशन और एलिगेंस के साथ-साथ नए टैलेंट के लिए अवसर तैयार करना भी आयोजन का अहम उद्देश्य है। Dipanwita Das Dutta के नेतृत्व में होगा Luxe Aura Couture Week Luxe Aura Couture Week 2026 के केंद्र में Dipanwita Das Dutta हैं, जिन्हें आधिकारिक event presentation में Founder of Fashion Grace और Founder & Organizer के तौर पर पेश किया गया है। उनकी संलग्न professional portfolio भी fashion और modelling space से उनके जुड़ाव की झलक देती है। Portfolio में contemporary western styling से लेकर traditional Indian attire और runway-oriented fashion looks तक कई अलग-अलग presentations दिखाई गई हैं। यही अनुभव Luxe Aura Couture Week के उस उद्देश्य से भी जुड़ता है, जिसके तहत established names के साथ emerging models और fashion talent को भी मंच देने की तैयारी की गई है। कार्यक्रम में Kirti Saxena को Co-Organizer के रूप में शामिल किया गया है। इसके अलावा Maneesh Mall, Director of BigGMNM Event, और Saim Ali, Founder of Unscripted Models Agency, supporting partners के रूप में कार्यक्रम से जुड़े हैं। क्या है Fashion Grace? Fashion Grace खुद को fashion, beauty और lifestyle से जुड़ी ऐसी organisation के रूप में प्रस्तुत करता है, जिसका उद्देश्य aspiring models, influencers, entrepreneurs और beauty queens को पहचान दिलाना और उनके लिए नए अवसर तैयार करना है। Organisation की vision talent, confidence, leadership और personal excellence के लिए एक मजबूत मंच तैयार करना है। वहीं इसकी mission fashion, grooming, media exposure और national-level recognition के जरिए प्रतिभाओं को आगे बढ़ाना है। Fashion Grace से जुड़ी अधिक जानकारी के लिए इसकी आधिकारिक वेबसाइट fashiongrace.in भी उपलब्ध है। Shahbaz Khan होंगे Celebrity Guest कार्यक्रम में मनोरंजन जगत की मौजूदगी भी खास रहने वाली है। अभिनेता Shahbaz Khan को Luxe Aura Couture Week 2026 का Celebrity Guest घोषित किया गया है। Shahbaz Khan भारतीय टेलीविजन और फिल्मों का जाना-पहचाना नाम हैं। Event presentation में उनके प्रमुख कामों में Chandrakanta और The Great Maratha जैसे television shows के साथ Ziddi, Arjun Pandit और Agent Vinod जैसी फिल्मों का उल्लेख किया गया है। 500+ मॉडल्स, 20+ डिजाइनर्स और 75+ मेकअप आर्टिस्ट Luxe Aura Couture Week 2026 को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है। Organisers द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, event ecosystem में 20 से ज्यादा designers, 75 से ज्यादा makeup artists और 500 से ज्यादा models की भागीदारी का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा fashion-conscious consumers, influencers, content creators, business professionals, emerging talent, media networks और industry experts को भी इस platform से जोड़ने की योजना है। इतनी बड़ी संख्या में fashion और beauty professionals की मौजूदगी इसे केवल एक runway presentation नहीं, बल्कि networking, exposure और talent discovery platform के रूप में भी स्थापित करने की कोशिश को दर्शाती है। Talent और Gifting Partners भी जुड़े Luxe Aura Couture Week ने अलग-अलग क्षेत्रों के partners को भी अपने साथ जोड़ा है। Evoke Casting by Jack को event का Official Talent Partner बनाया गया है, जबकि Pinnacle Horizon को Official Gifting Partner के रूप में शामिल किया गया है। Event presentation में Fashion Grace के साथ अन्य partner organisations को भी कार्यक्रम के pillars के रूप में दिखाया गया है। सिर्फ रनवे नहीं, ब्रांड्स और नए टैलेंट के लिए भी प्लेटफॉर्म Luxe Aura Couture Week का दायरा केवल models और designers की runway presentation तक सीमित नहीं रखा गया है। Organisers इसे brands, creators और industry professionals के लिए भी networking और visibility platform के रूप में विकसित कर रहे हैं। Event में national exposure, social media reach, celebrity association, premium brand visibility, on-ground branding और content creation opportunities जैसे elements भी शामिल किए गए हैं। अलग-अलग sponsorship categories के तहत award category ownership, stage mentions, gifting opportunities, official partner designation और social media recognition जैसी branding possibilities भी उपलब्ध कराई गई हैं। 6 सितंबर को पश्चिम विहार में फैशन का बड़ा मंच Fashion Grace और मुख्य आयोजक Dipanwita Das Dutta के नेतृत्व में होने वाला Luxe Aura Couture Week 2026 fashion, beauty, entertainment और emerging talent को एक मंच पर लाने की तैयारी में है। 6 सितंबर 2026 को पश्चिम विहार, नई दिल्ली में होने वाला यह आयोजन designers और models के लिए runway opportunity देने के साथ makeup artists, creators, industry professionals और brands के बीच नए connections तैयार करने का भी प्रयास करेगा। Fashion Grace की आधिकारिक वेबसाइट: fashiongrace.in Sponsorship Enquiries: Dipanwita Das DuttaPhone: +91 89107 47245Email: fashiongrace111@gmail.comInstagram: @fashiongrace111

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अमृतसर के Military Bases पर Pakistan-based Gang की नजर? Intelligence Input के बाद Punjab में High Alert

चंडीगढ़/अमृतसर: पंजाब में सुरक्षा एजेंसियों को एक संवेदनशील intelligence input मिलने के बाद High Alert जारी किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में मौजूद कथित gangster-terror handler Shahzad Bhatti के network से जुड़े लोगों की नजर अमृतसर क्षेत्र के कुछ संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठानों पर हो सकती है। इसके बाद Punjab Police और अन्य security agencies को सुरक्षा बढ़ाने और संदिग्ध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है। हालांकि अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कोई हमला तत्काल होने वाला है। फिलहाल इसे preventive intelligence alert के तौर पर गंभीरता से लिया जा रहा है। Intelligence Input में क्या सामने आया? 24 अगस्त 2026 को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक intelligence agencies ने Punjab Police और अन्य संबंधित agencies के साथ एक संवेदनशील input साझा किया है। इसमें पाकिस्तान में मौजूद दो कथित operatives के नाम Rana Bhai और Malik बताए गए हैं। Intelligence input में संदेह जताया गया है कि अमृतसर क्षेत्र के कुछ संवेदनशील military installations को लेकर reconnaissance यानी रेकी किए जाने की कोशिश हुई हो सकती है। इस जानकारी के बाद संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को alert रहने और sensitive installations के आसपास सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। किन Military Installations का जिक्र? मीडिया रिपोर्ट में intelligence input के हवाले से Khasa Cantonment, Amritsar और Beas क्षेत्र के एक military establishment का जिक्र किया गया है। हालांकि सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील operational details सार्वजनिक नहीं की गई हैं और ऐसी जानकारी को लेकर agencies अतिरिक्त सतर्कता बरत रही हैं। स्थानीय स्तर पर surveillance और preventive security measures बढ़ाए जाने की संभावना है। Shahzad Bhatti Network पर क्यों है Agencies की नजर? Shahzad Bhatti का नाम पिछले कुछ समय में भारत की विभिन्न security investigations में सामने आया है। भारतीय एजेंसियों का आरोप है कि वह पाकिस्तान से अपने associates और स्थानीय recruits के जरिए भारत में terror और organised crime से जुड़ी गतिविधियों को संचालित करने की कोशिश करता रहा है। हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी एक Pakistan-backed network के खिलाफ बड़ी कार्रवाई का जिक्र किया था। Agencies के मुताबिक इस network से जुड़े मामलों में कई राज्यों में लोगों को हिरासत या गिरफ्तार किया गया और संभावित हमलों की योजनाओं को विफल किया गया। Punjab में पहले भी पकड़े गए Cross-Border Modules Punjab Police ने अगस्त की शुरुआत में दो कथित ISI-backed cross-border modules का भंडाफोड़ करने का दावा किया था। पुलिस के मुताबिक नौ आरोपियों को पकड़ा गया था, जिनमें चार नाबालिग भी शामिल थे। इनके पास से हथियार और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद करने का दावा किया गया। Punjab Police ने कहा था कि preliminary investigation में foreign handlers द्वारा स्थानीय युवाओं को भर्ती करने और उनसे संवेदनशील स्थानों की रेकी कराने की कोशिश सामने आई थी। Khasa Cantonment के पास पहले भी हुआ था Blast ताजा intelligence alert इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि 5 मई 2026 को Khasa Cantonment की boundary के पास एक low-intensity blast हुआ था। Punjab Police ने बाद में कहा था कि घटना में एक IED का इस्तेमाल किया गया था। विस्फोट से perimeter के पास एक tin sheet को नुकसान पहुंचा था। हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि मई में हुए blast और मौजूदा intelligence input के बीच अभी कोई स्थापित संबंध नहीं है। इसलिए दोनों घटनाओं को सीधे एक-दूसरे से जोड़ना फिलहाल सही नहीं होगा। Chandigarh में भी 3 संदिग्ध पकड़े गए इसी बीच 24 अगस्त को Chandigarh से भी एक अलग सुरक्षा कार्रवाई की खबर सामने आई है। Chandigarh Police ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके पास से suspected explosive-making material और एक firearm बरामद करने का दावा किया है। Preliminary investigation में आरोपियों के एक अन्य Pakistan-based handler से कथित संबंधों की जांच की जा रही है। यह मामला फिलहाल अलग जांच का हिस्सा है और इसे अमृतसर के ताजा intelligence alert से जोड़ने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। Cross-Border Arms Network पर भी कार्रवाई Amritsar Counter Intelligence ने 23 अगस्त को एक अन्य कार्रवाई में दो लोगों को गिरफ्तार कर 10 sophisticated pistols, magazines और ammunition बरामद करने का दावा किया। Punjab Police के मुताबिक preliminary investigation में आरोपी एक foreign-based handler के संपर्क में थे और सीमा पार से हथियारों की consignments हासिल करने के आरोपों की जांच की जा रही है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के कारण पंजाब में cross-border arms और terror networks को लेकर security agencies की निगरानी बढ़ी हुई है। क्या Amritsar में हमला होने वाला है? फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक दावा नहीं है कि अमृतसर में हमला imminent यानी तुरंत होने वाला है। Intelligence input किसी संभावित threat की जानकारी देता है, जिसके आधार पर सुरक्षा एजेंसियां preventive measures अपनाती हैं। इसका अर्थ यह नहीं होता कि हमला निश्चित रूप से होगा। इसी वजह से agencies ने इस input को गंभीरता से लेते हुए संवेदनशील जगहों पर vigilance बढ़ाने को कहा है। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं सुरक्षा एजेंसियों की ऐसी कार्रवाई का उद्देश्य संभावित खतरे को पहले ही पहचानना और उसे रोकना होता है। Punjab और Chandigarh से हाल में सामने आए अलग-अलग terror और arms-smuggling investigations के बीच security agencies local recruits, foreign handlers, हथियारों की movement और suspicious reconnaissance जैसी गतिविधियों की जांच कर रही हैं। फिलहाल अमृतसर के military installations से जुड़ा मामला intelligence-based preventive alert है। आगे की जांच से ही साफ होगा कि alleged reconnaissance किसने किया, उसके पीछे क्या उद्देश्य था और Shahzad Bhatti network से उसका संबंध कितना मजबूत है। नोट: Intelligence alert किसी हमले की पुष्टि नहीं करता। Shahzad Bhatti, Rana Bhai और Malik से जुड़े विवरण मीडिया द्वारा intelligence inputs के हवाले से रिपोर्ट किए गए हैं और मामले की जांच जारी है। स्रोत – एनडीटीवी, टाइम्स ऑफ इंडिया जय राष्ट्र न्यूज़

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Gujarat को मिल सकता है नया Spaceport, Kodinar को ‘गुजरात का Sriharikota’ बनाने की तैयारी

अहमदाबाद: गुजरात के अंतरिक्ष क्षेत्र को आने वाले वर्षों में बड़ी बढ़त मिल सकती है। राज्य के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा है कि सौराष्ट्र के कोडिनार के पास एक नए स्पेस लॉन्चिंग स्टेशन यानी Spaceport को स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है। अगर परियोजना तकनीकी मूल्यांकन और अन्य जरूरी मंजूरियों के बाद आगे बढ़ती है तो कोडिनार अंतरिक्ष अभियानों के लिहाज से गुजरात का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। Ahmedabad के Space Festival में हुआ जिक्र अर्जुन मोढवाडिया ने अहमदाबाद के Science City में आयोजित तीन दिवसीय Space Festival के शुभारंभ के दौरान इस परियोजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गुजरात तेजी से आगे बढ़ रहा है और सौराष्ट्र में कोडिनार के नजदीक नया लॉन्चिंग स्टेशन स्थापित करने पर काम किया जा रहा है। गुजरात में पहले से ही Ahmedabad में IN-SPACe का मुख्यालय मौजूद है और राज्य satellite manufacturing तथा space technology से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित कर रहा है। अभी शुरुआती चरण में है परियोजना हालांकि, कोडिनार में Spaceport बनने को अभी पूरी तरह अंतिम और चालू परियोजना नहीं माना जाना चाहिए। गुजरात के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह परियोजना अभी शुरुआती चरण में है। प्रस्तावित स्थल का तकनीकी आकलन और मूल्यांकन ISRO के सहयोग से किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में लॉन्च के लिए जरूरी भौगोलिक स्थिति, सुरक्षा, समुद्र की दिशा, बुनियादी ढांचे और अन्य तकनीकी जरूरतों का अध्ययन किया जाना शामिल है। सभी specifications तय होने के बाद ही परियोजना के अगले चरण पर काम आगे बढ़ सकेगा। Kodinar ही क्यों? कोडिनार गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में अरब सागर के तट के पास स्थित है। समुद्र तट के करीब होने के कारण यह इलाका अंतरिक्ष लॉन्चिंग गतिविधियों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रॉकेट लॉन्च साइट के चयन में कई तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखा जाता है। समुद्र की ओर खुला क्षेत्र होने से लॉन्च के दौरान आबादी वाले क्षेत्रों पर जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है। इससे पहले भी गिर और कोडिनार के बीच के तटीय इलाके को गुजरात में space-related activities के लिए संभावित क्षेत्र के रूप में देखा गया था। Sriharikota है भारत का मुख्य Spaceport फिलहाल भारत का मुख्य अंतरिक्ष लॉन्च केंद्र आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित Satish Dhawan Space Centre है। यहीं से ISRO के कई प्रमुख रॉकेट और अंतरिक्ष मिशन लॉन्च किए जाते हैं। इसके अलावा तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में भी नया लॉन्च कॉम्प्लेक्स विकसित किया जा रहा है। ऐसे में यदि कोडिनार की परियोजना सभी जरूरी परीक्षण और मंजूरियां हासिल कर लेती है तो यह भारत के बढ़ते space-launch infrastructure में एक और महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। Gujarat में तेजी से बढ़ रहा Space Ecosystem गुजरात पहले से ही भारत के space ecosystem में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। Ahmedabad में ISRO का Space Applications Centre (SAC) मौजूद है और IN-SPACe का मुख्यालय भी इसी शहर में है। राज्य सरकार space technology, satellite manufacturing और private space startups को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन देने की दिशा में भी काम कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में 20 से अधिक startups और organisations space technology के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। अहमदाबाद के पास Khoraj में space-tech के लिए विशेष क्षेत्र की भी घोषणा की गई है। Dholera में भी दिखी Private Space Sector की सक्रियता गुजरात में private space sector की गतिविधियां भी बढ़ रही हैं। इस साल Dholera में एक startup की ओर से sounding rocket के परीक्षण की खबर सामने आई थी। इस तरह की गतिविधियां बताती हैं कि गुजरात satellite manufacturing से आगे बढ़कर launch technology और अन्य अंतरिक्ष सेवाओं के लिए भी ecosystem तैयार करने की कोशिश कर रहा है। अगर कोडिनार परियोजना जमीन पर उतरती है तो आसपास के क्षेत्र में infrastructure, research, engineering, manufacturing और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना भी बढ़ सकती है। पहले ISRO ने दी थी अहम सफाई यहां यह भी महत्वपूर्ण है कि जुलाई 2025 में ISRO ने गुजरात में किसी launch facility की साइट फाइनल होने संबंधी मीडिया रिपोर्टों पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी किया था। उस समय ISRO ने कहा था कि गुजरात में किसी अंतरिक्ष स्टेशन या launch facility के लिए confirmed site की घोषणा नहीं की गई थी। अब अगस्त 2026 में गुजरात सरकार के मंत्री ने कोडिनार के पास लॉन्च स्टेशन पर काम चलने की बात कही है, जबकि राज्य के अधिकारियों के अनुसार साइट का तकनीकी मूल्यांकन अभी जारी है। इसलिए फिलहाल इसे प्रस्तावित और मूल्यांकनाधीन Spaceport परियोजना के रूप में देखना अधिक सही होगा। आने वाले समय में तकनीकी मूल्यांकन और आधिकारिक मंजूरियों के बाद यह साफ होगा कि कोडिनार वास्तव में भारत के अगले प्रमुख अंतरिक्ष लॉन्च केंद्र के रूप में विकसित होगा या नहीं। स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) जय राष्ट्र न्यूज़

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मुंबई 3.0 की तैयारी! 124 गांवों को मिलाकर बनेगी ‘थर्ड मुंबई’, सिंगापुर-हांगकांग जैसी हाईटेक सिटी!

मुंबई: मुंबई महानगर क्षेत्र में एक नए शहरी केंद्र को विकसित करने की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। ‘थर्ड मुंबई’ या Karnala-Sai-Chirner (KSC) New Town के नाम से प्रस्तावित यह शहर रायगढ़ जिले के 124 गांवों और करीब 323.44 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मुंबई और नवी मुंबई पर बढ़ते शहरी दबाव को कम करना और एक आधुनिक आर्थिक एवं लॉजिस्टिक्स हब तैयार करना है। 124 गांवों में बनेगा नया शहरी केंद्र थर्ड मुंबई में उरण, पनवेल और पेण तहसीलों के 124 गांव शामिल हैं। महाराष्ट्र सरकार ने अक्टूबर 2024 में इस क्षेत्र को KSC New Town के रूप में अधिसूचित किया था और MMRDA को New Town Development Authority बनाया गया है। यह इलाका अटल सेतु, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट जैसे प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के बेहद करीब है। यही कनेक्टिविटी इस नए शहर को भविष्य के बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना का आधार है। सिंगापुर की कंपनी तैयार करेगी मास्टर प्लान महाराष्ट्र सरकार ने थर्ड मुंबई के मास्टर प्लान के लिए सिंगापुर की Surbana Jurong को कंसल्टेंट के तौर पर मंजूरी दी है। योजना में आधुनिक शहरी नियोजन, लॉजिस्टिक्स, बिजनेस डिस्ट्रिक्ट, आवासीय क्षेत्र और बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि सिंगापुर या हांगकांग जैसी हाईटेक सिटी बनना अभी एक विजन/लक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है, न कि पूरी तरह तैयार योजना के रूप में। विस्तृत मास्टर प्लान अभी विकास प्रक्रिया में है। ₹4,000 करोड़ का बड़ा बजट MMRDA के 2026-27 बजट में KSC New Town के लिए करीब ₹4,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। परियोजना का फोकस बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर है, ताकि नए शहरी क्षेत्र को मुंबई और नवी मुंबई के मौजूदा नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सके। प्रस्तावित शहर में लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर, IT/ITeS, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जगह विकसित करने की योजना बताई गई है। जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों की चिंता परियोजना को लेकर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। MMRDA ने 124 गांवों के जमीन मालिकों से सहमति और संबंधित दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया शुरू की है। वहीं, कुछ स्थानीय किसान और सामाजिक कार्यकर्ता परियोजना का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि विकास के नाम पर किसानों की जमीन और स्थानीय हितों की पर्याप्त सुरक्षा होनी चाहिए। मुंबई के भविष्य की नई तस्वीर? थर्ड मुंबई का लक्ष्य मौजूदा मुंबई और नवी मुंबई पर बढ़ते दबाव को कम करना है। एयरपोर्ट, पोर्ट और अटल सेतु से कनेक्टिविटी के कारण यह क्षेत्र भविष्य में कारोबार, लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। फिलहाल परियोजना अभी निर्माण और नियोजन के चरण में है। आने वाले समय में मास्टर प्लान, जमीन अधिग्रहण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की प्रगति तय करेगी कि ‘मुंबई 3.0’ वास्तव में देश के सबसे आधुनिक नए शहरों में अपनी जगह बना पाती है या नहीं। स्रोत: MMRDA, Indian Express, NDTV, Times of India Jai Rashtra News

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केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में हाई-वेव अलर्ट! समुद्री लहरों को लेकर 48 घंटे की चेतावनी

तिरुवनंतपुरम: केरल, दक्षिणी तमिलनाडु और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों के लिए समुद्र की ऊंची लहरों को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। INCOIS ने 19 और 20 अगस्त 2026 के लिए Swell Surge Warning जारी करते हुए तटीय और निचले इलाकों में समुद्री पानी के अचानक बढ़ने की चेतावनी दी है।  48 घंटे तक बना रहेगा खतरा INCOIS के मुताबिक दक्षिणी हिंद महासागर से आने वाली लंबी अवधि की तेज समुद्री लहरें केरल और दक्षिणी तमिलनाडु के तट तक पहुंच चुकी हैं। इनका असर 19 अगस्त की शाम से 20 अगस्त की शाम तक बने रहने की संभावना है।  इन लहरों के कारण निचले तटीय इलाकों में समुद्री पानी घुसने और स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। खासतौर पर हाई टाइड के दौरान खतरा बढ़ने की आशंका जताई गई है।  मछुआरों और तटीय लोगों को सावधानी की सलाह अलर्ट वाले इलाकों में रहने वाले मछुआरों और तटीय आबादी को समुद्र की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। INCOIS ने छोटे नावों को तट के बेहद करीब नहीं चलाने और नावों को सुरक्षित दूरी पर एंकर करने की सलाह दी है।  समुद्र तटों और नजदीकी समुद्री क्षेत्रों में पर्यटन एवं मनोरंजक गतिविधियों को अस्थायी रूप से रोकने की सलाह भी दी गई है।  किन इलाकों में ज्यादा सतर्कता? केरल के सभी तटीय जिलों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। दक्षिणी तमिलनाडु के कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन और रामनाथपुरम जैसे तटीय क्षेत्रों में भी हाई-वेव और Swell Surge का खतरा बताया गया है। लक्षद्वीप के तटीय इलाकों को भी चेतावनी के दायरे में रखा गया है।  समुद्र से दूर रहने की अपील प्रशासन और समुद्री एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि चेतावनी की अवधि में समुद्र के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचें। खासकर निचले तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को अचानक समुद्री पानी बढ़ने की स्थिति में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल 19 से 20 अगस्त तक का यह समुद्री अलर्ट तटीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। लोगों को स्थानीय प्रशासन और आधिकारिक समुद्री चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। स्रोत: INCOIS, PTI, Indian Express, Onmanorama Jai Rashtra News

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शेयर बाजार में गिरावट! कच्चा तेल $91 के पार पहुंचा, Sensex-Nifty पर बढ़ा दबाव

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को गिरावट देखने को मिली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 250-300 अंक तक गिरा, जबकि निफ्टी 24,250 के स्तर से नीचे चला गया। बाजार पर सबसे बड़ा दबाव कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का रहा। ब्रेंट क्रूड 91 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम की अवधि खत्म होने और तनाव बढ़ने से वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। महंगा कच्चा तेल भारत के लिए खास तौर पर चिंता का विषय है, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। तेल की कीमत बढ़ने से भारत का आयात बिल बढ़ सकता है, रुपये पर दबाव आ सकता है और महंगाई का जोखिम भी बढ़ सकता है। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 77,418.97 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 50 ने 24,223.85 के आसपास शुरुआत की। बाद में निफ्टी 24,177 के करीब आ गया और बाजार में गिरावट और गहरी हुई। आईटी शेयरों पर भी दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर प्रमुख गिरने वाले क्षेत्रों में रहा। ऊंची अमेरिकी बॉन्ड यील्ड, कमजोर रुपया और विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने भी बाजार की धारणा को प्रभावित किया। बाजार विशेषज्ञों की नजर अब पश्चिम एशिया के घटनाक्रम, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल आपूर्ति की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों पर बनी हुई है। अगर तेल की कीमतों में तेजी आगे भी जारी रहती है, तो भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। फिलहाल निवेशकों के लिए वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और कच्चे तेल की चाल बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख संकेत बने हुए हैं। स्रोत: Reuters, NDTV, IIFL Jai Rashtra News

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