दिल्ली पुलिस ने 54 लाख रुपये की लूट का मामला सुलझाया, छह आरोपी गिरफ्ता

500 से अधिक CCTV फुटेज और कई राज्यों में छापेमारी के बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने 54 लाख रुपये की लूट के एक चर्चित मामले को सुलझाते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। अधिकारियों के अनुसार इस मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 500 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और कई राज्यों में अभियान चलाकर आरोपियों तक पहुंच बनाई। पुलिस के मुताबिक घटना कुछ दिन पहले हुई थी, जब बदमाशों ने बड़ी रकम लेकर जा रहे व्यक्तियों को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये की लूट को अंजाम दिया था। घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया। जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्रों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज एकत्र की। अधिकारियों ने बताया कि 500 से अधिक कैमरों की रिकॉर्डिंग का विश्लेषण किया गया, जिसके आधार पर संदिग्ध वाहनों और आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया गया। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और CCTV फुटेज की मदद से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले। इसके बाद दिल्ली पुलिस की विशेष टीमों ने विभिन्न राज्यों में छापेमारी शुरू की। लगातार निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और उनके आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिनके आधार पर मामले से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि लूट की योजना कब और कैसे बनाई गई थी तथा क्या इस गिरोह के तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हुए हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आगे की जांच में और भी खुलासे हो सकते हैं। दिल्ली पुलिस ने बताया कि अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। CCTV नेटवर्क, डिजिटल निगरानी और डेटा विश्लेषण की मदद से गंभीर अपराधों की जांच पहले की तुलना में अधिक प्रभावी ढंग से की जा रही है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि महानगरों में बढ़ते CCTV नेटवर्क ने अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी को आसान बनाया है। ऐसे मामलों में तकनीकी साक्ष्य अक्सर जांच की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्य बिंदु • 54 लाख रुपये की लूट का मामला सुलझाया गया • छह आरोपी गिरफ्तार • 500 से अधिक CCTV फुटेज की जांच • कई राज्यों में पुलिस की छापेमारी • तकनीकी साक्ष्यों से मिली सफलता • अन्य आरोपियों की तलाश जारी पुलिस की अपील पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या हेल्पलाइन पर दें। साथ ही व्यापारियों और नकदी का लेन-देन करने वाले लोगों को सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है। निष्कर्ष दिल्ली पुलिस द्वारा 54 लाख रुपये की लूट के मामले का खुलासा कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। तकनीकी जांच, CCTV विश्लेषण और कई राज्यों में चलाए गए अभियान के जरिए पुलिस आरोपियों तक पहुंचने में सफल रही। मामले की आगे की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। (जय राष्ट्र न्यूज़

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बिहार सीएम नीतीश कुमार हिजाब विवाद

बिहार सीएम नीतीश कुमार हिजाब विवाद: पटना कार्यक्रम में मुस्लिम महिला डॉक्टर का नकाब हटाने पर भारी बवाल

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। पटना में एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान नीतीश कुमार ने नव नियुक्त आयुष डॉक्टर नुसरत परवीन का हिजाब (नकाब) खींच दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना ने देशभर में आक्रोश पैदा कर दिया है और महिलाओं की गरिमा तथा धार्मिक स्वतंत्रता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। नीतीश कुमार हिजाब घटना के विवरण यह घटना 15 दिसंबर 2025 को पटना के मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ में हुई, जहां 1,283 से अधिक आयुष डॉक्टरों (आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी) को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे थे। मंच पर डॉक्टर नुसरत परवीन नियुक्ति पत्र लेने आईं, जो चेहरे पर नकाब पहने हुई थीं। वीडियो में दिख रहा है कि नीतीश कुमार ने पहले पत्र सौंपा, फिर नकाब की ओर इशारा करते हुए “ये क्या है?” कहा और खुद इसे नीचे खींच दिया। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन कुछ अधिकारी हंसते नजर आए। डॉक्टर नुसरत इस घटना से इतनी आहत हुईं कि उन्होंने बिहार छोड़ दिया और कोलकाता अपने परिवार के पास चली गईं। उनके परिवार ने कहा कि वे अब सरकारी नौकरी जॉइन नहीं करेंगी। यह घटना महिलाओं की निजता, सहमति और धार्मिक अधिकारों का उल्लंघन मानी जा रही है। राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और बिहार मुख्यमंत्री विवाद विपक्षी दलों ने नीतीश कुमार की कड़ी निंदा की है। राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने वीडियो शेयर कर पूछा, “नीतीश जी को क्या हो गया? उनकी मानसिक स्थिति अब दयनीय हो गई है या नीतीश बाबू अब 100% संघी हो गए?” कांग्रेस ने इसे “घृणित कृत्य” बताते हुए नीतीश का तत्काल इस्तीफा मांगा। कश्मीर की पार्टियों ने भी निंदा की। महबूबा मुफ्ती ने कहा कि नीतीश को पद छोड़ देना चाहिए। उमर अब्दुल्लाह ने इसे गलत बताया। पूर्व अभिनेत्री जायरा वसीम ने बिना शर्त माफी की मांग की। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इसे महिला की गरिमा पर हमला बताया। पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने इसे “शर्मनाक” कहा। जावेद अख्तर ने भी नीतीश से माफी मांगने को कहा। नीतीश की पार्टी जदयू और सहयोगी भाजपा का बचाव: अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान ने कहा कि नीतीश ने “पिता जैसा स्नेह” दिखाया, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय की बेटी की सफलता दुनिया देखे। सोशल मीडिया बैकलैश और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश है। कई सेलेब्रिटी और एक्टिविस्ट्स ने इसे महिलाओं की गरिमा पर हमला बताया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान और मानवाधिकार संगठनों ने निंदा की। कुछ जगहों पर प्रदर्शन भी हुए। नीतीश कुमार और भाजपा गठबंधन का राजनीतिक संदर्भ नीतीश कुमार पिछले दो दशकों से अधिकतर बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भाजपा के प्रमुख सहयोगी हैं। हालिया विधानसभा चुनाव में एनडीए की जीत हुई। बिहार में 18% मुस्लिम आबादी है, इसलिए ऐसे मुद्दे संवेदनशील हैं। भाजपा का हिजाब पर पहले से विवादित रुख रहा है, जैसे कर्नाटक में बैन। फिलहाल नीतीश कुमार ने कोई माफी या बयान नहीं दिया है। जांच और प्रतिक्रियाएं जारी हैं। यह नीतीश कुमार मुस्लिम महिला डॉक्टर नकाब घटना भारत में धार्मिक पोशाक और महिलाओं के अधिकारों पर चल रही बहस को और गहरा कर रही है। जय राष्ट्र न्यूज पर इस विकासशील कहानी और अन्य ट्रेंडिंग भारतीय समाचारों के लिए बने रहें।

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घनी धुंध से थमी रफ्तार, AQI खतरनाक स्तर पर, NCR में विजिबिलिटी बेहद कम

घनी धुंध से थमी रफ्तार, AQI खतरनाक स्तर पर, NCR में विजिबिलिटी बेहद कम

देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) परत-दर-परत एक नया रिकॉर्ड कायम करने में लगी है। इस बार यह रिकॉर्ड दिल्ली के आसपास के इलाकों में पाया गया है। दिल्ली का तो प्रदूषण से बुरा हाल था ही, पर अब दिल्ली-एनसीआर (Delhi NCR) में भी हाल बेहाल हो गए हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक पंजाब, हरियाणा, चड़ीगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में घने कोहरे की संभावना है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शहर के कई प्रमुख इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बेहद सीवियर क्षेणी में पहुंच गया है. इसे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना जा रहा है। आनंद विहार में AQI 493 के पारआनंद विहार में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 493 के पार चल गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी AQI के अनुसरा इस इलाके को ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। दिल्ली को जहरीले धुएं की मोट परत ने घेर रखा है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में जीआरएपी चरण-IV (Grap Stage-IV) के तहत सभी इलाकों में कार्रवाई शुरू कर दी है। बारापुल्ला फ्लाईओवर का भी वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 433 है, जिसे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है। द्वारका सेक्टर-14 में भी AQI 469 है, जो लोगों की स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। सरकार का एक्शन प्लानवायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CQIM) ने दिल्ली और एनसीआर राज्य सरकारों को सभी बाहरी शारीरिक खेल गतिविधियों को तत्काल निलंबित करने का निर्देश दिया है, साथ ही चेतावनी दी है कि खराब वायु गुणवत्ता के बीच ऐसे आयोजनों का निरंतर संचालन बच्चों के लिए ‘गंभीर स्वास्थ्य जोखिम’ पैदा करता है।

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भूली पूंजी, नए अवसर: पीएम मोदी ने बताया बैंक, इंश्योरेंस और पीएफ के भूले पैसों की रिकवरी के तरीके

देश में लाखों लोगों की मेहनत की कमाई आज भी बैंकों, बीमा कंपनियों, म्यूचुअल फंड और पीएफ खातों में पड़ी रहती है. कई परिवारों को यह तक नहीं पता होता कि उनके या उनके प्रियजनों के नाम पर जमा यह राशि वर्षों से बेकार पड़ी है. ऐसी भूली हुई पूंजी व्यक्तिगत स्तर पर आर्थिक नुकसान का कारण बनती है. इसी समस्या के समाधान को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आपका पैसा, आपका अधिकार’ पहल के महत्व पर जोर देते हुए नागरिकों से सक्रिय होने की अपील की है. लोगों के लिए बड़ा अवसर PM Modi ने लिंक्डइन पर अपने पोस्ट में कहा कि यह अभियान उन सभी लोगों के लिए एक बड़ा अवसर है जिनकी जमा रकमें किसी वजह से क्लेम नहीं हो सकी हैं. उन्होंने बताया कि भारतीय बैंकों, बीमा कंपनियों, म्यूचुअल फंड और डिविडेंड खातों में हजारों करोड़ रुपये वर्षों से बिना दावे के पड़े हैं. पहल की शुरुआत का कारण हाल ही में हुए एक मीडिया समिट में अपने संबोधन के दौरान उन्होंने कुछ चौंकाने वाले आंकड़ों की भी जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि बैंकों में ही लगभग 78,000 करोड़ रुपये, बीमा सेक्टर में करीब 14,000 करोड़ रुपये, म्यूचुअल फंड में लगभग 3,000 करोड़ रुपये और डिविडेंड में करीब 9,000 करोड़ रुपये. बिना क्लेम किए पड़े हैं. उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 में शुरू की गई यह पहल इसीलिए लाई गई है ताकि हर नागरिक आसानी से अपनी भूली हुई वित्तीय संपत्तियों को वापस प्राप्त कर सके. इसी उद्देश्य से अलग-अलग क्षेत्रों और विभागो के लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार किए गए हैं. बैंक डिपॉजिट और बैलेंस के लिए आरबीआई का UDGAM पोर्टल, बीमा क्लेम के लिए IRDAI का बीमा भरोसा पोर्टल, म्यूचुअल फंड के लिए SEBI का MITRA पोर्टल और डिविडेंड व शेयरों के लिए IEPFA पोर्टल बनाया है. नागरिकों से PM Modi ने की अपील प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में आगे बताया कि अब तक देश के 477 जिलों में सुविधा कैंप लगाए जा चुके हैं. इनमें ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों को ज्यादा प्राथमिकता दी गई है. उनके अनुसार, सरकारी एजेंसियों, बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के संयुक्त प्रयास से लगभग 2,000 करोड़ रुपये पहले ही सही मालिकों को वापस सौंपे जा चुके हैं. आखिर में पीएम मोदी ने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अपने और अपने परिवार के पुराने खातों की जांच जरूर करें, संबंधित पोर्टल पर जाकर बकाया राशि खोजें और नजदीकी सुविधा कैंप का उपयोग करें. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ पैसों की वापसी नहीं, बल्कि देश को अधिक पारदर्शी और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.

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इंडिगो पर फूटा यात्रियों का गुस्सा दिल्ली-चंडीगढ़ फ्लाइट रद्द

इंडिगो पर फूटा यात्रियों का गुस्सा: दिल्ली-चंडीगढ़ फ्लाइट रद्द, सामान के लिए भटके 150 यात्री

दिल्ली-चंडीगढ़ के बीच हवाई सफर बुधवार को अव्यवस्था और नाराजगी का केंद्र बन गया. शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर इंडिगो की उड़ानों में लगातार तकनीकी कमी और क्रू सदस्यों की कमी की समस्या ने यात्रियों को दिनभर परेशान रखा. सुबह से ही कई उड़ाने लेट हुए जिसने एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी का माहौल बना दिया. 150 यात्रियों ने किया हंगामादिल्ली से चंडीगढ़ जाने वाली इंडिगो की फ्लाइट (IndiGo Flight) पांच घंटे तक यात्रियों को इंतजार कराने के बाद रद्द कर दी गई. इस निर्णय से नाराज 150 से अधिक यात्रियों ने एयरपोर्ट पर जोरदार हंगामा किया. स्थिति बिगड़ते देख एयरलाइन ने उन्हें डिनर के बहाने टर्मिनल से बाहर भेज दिया, लेकिन इसके बाद दोबारा चेक-इन में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा. घंटों के इंतजार के बाद फ्लाइच रद्दबनारस से चंडीगढ़ आ रहे यात्री अश्वनी शर्मा की स्थिति भी ऐसी ही रही. उन्होंने बताया कि वे दोपहर में बनारस से कनेक्टिंग फ्लाइट लेकर दिल्ली पहुंचे थे. उन्हें शाम 7 बजे चंडीगढ़ के लिए उड़ान पकड़नी थी. लेकिन घंटों के इंतजार के बाद जब फ्लाइट रद्द होने की जानकारी मिली, तो उन्हें न केवल दूसरी व्यवस्था का इंतजार करना पड़ा, बल्कि सामान लेने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी. यात्रियों को कभी टर्मिनल-1 तो कभी टर्मिनल-3 भेजा गया, जिससे उनका गुस्सा और भी बढ़ता गया. आखिर में रात करीब 12 बजे उड़ान रद्द कर दी गई. 15 उड़ाने लेटउधर चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर भी इंडिगो की लगभग 15 उड़ानें लेट हुई, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा. वहीं, श्रीनगर से आने वाली 11:45 की फ्लाइट को दिल्ली डायवर्ट कर दिया गया, साथ ही दो उड़ानों को रद्द करना पड़ा. लगातार हो रही देरी से कई यात्रियों ने स्टाफ से बहसबाजी भी की. इसी बीच एयरलाइन ने आधिकारिक बयान जारी कर असुविधा के लिए खेद जताते हुए यात्रियों को फ्लाइट स्टेटस ऑनलाइन चेक करने की सलाह दी. दिनभर की देरी की लिस्ट भी कम नहीं थी. चेन्नई, इंदौर, मुंबई, गोवा, हैदराबाद, दिल्ली और बंगलूरू की कई उड़ानें घंटे भर से अधिक देरी से चलीं. कुछ आने वाली उड़ानों का समय भी काफी बिगड़ा, जबकि कोलकाता की फ्लाइट को रद्द कर दिया गया. IndiGo ने बताई वजहइस समस्या को लेकर इंडिगो के प्रवक्ता ने बताया कि पिछले दो दिनों में नेटवर्क में ऑपरेशन प्रभावित हुआ है. कुछ तकनीकी समस्याएं, मौसम में बदलाव, भीड़भाड़ और नए क्रू रोस्टरिंग नियमों के वजह से उड़ानों में देरी हुई. उन्होंने आगे बताया कि अगले 48 घंटों को लिए शेड्यूल में बदलाव किए जा रहे हैं और यात्रियों को उनके मंजिल तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था या फिर रिफंड उपलब्ध कराया जा रहा है.

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दिल्ली के AQI में एक बार फिरसे बढ़ोतरी, इन जगहों की हालत गंभीर

दिल्ली के AQI में एक बार फिरसे बढ़ोतरी, इन जगहों की हालत गंभीर

दिसंबर के पहले सप्ताह से ही उत्तर भारत में ठंड अपना असर दिखाने लगी है. दिल्ली से लेकर बिहार तक सुबह के समय आसमान में कोहरे की चादर देखी जा रही है. वहीं, मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में मौसम बिगड़ने का अलर्ट भी जारी किया है. IMD ने चक्रवात दितवाह पर अपडेट देते हुए बताया कि आज कुछ राज्यों में इसका असर तेज हो सकता है, जिसके चलते बारिश की संभावना बढ़ गई है. नवंबर की शुरुआत के साथ ही ठंड धीरे-धीरे बढ़ने लगी थी. अब दिसंबर आते-आते ठंड ने और जोर पकड़ लिया है. दिल्ली से लेकर बिहार तक कई इलाकों में सुबह कड़ाके की ठंड के साथ कोहरा छाया हुआ दिखा. इस बीच IMD ने कई राज्यों में मौसम बिगड़ने की चेतावनी जारी की है. दितवाह को लेकर विभाग का कहना है कि आज कई इलाकों में इसका असर देखने को मिल सकता है, जिससे भारी बारिश की आशंका है. दिल्ली में गिर सकता है तापमानराजधानी दिल्ली-NCR में ठंड ने दस्तक दे दी है. IMD का कहना है कि फिलहाल बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान में तेज गिरावट हो सकती है. आज भी दिल्ली का न्यूनतम तापमान सामान्य से कम दर्ज किया जा सकता है, जिसके चलते ठिठुरन बढ़ेगी. यूपी-बिहार में कोहरा बढ़ाउत्तर प्रदेश में भी ठंड बढ़ने लगी है. दिसंबर की शुरुआत के साथ ही कोहरे ने कई हिस्सों को ढक लिया है. हालांकि दिन चढ़ने पर धुंध कम हो जाती है. IMD का कहना है कि इस हफ्ते यूपी में सुबह और रात के समय कड़ाके की ठंड बनी रहेगी. बिहार में इस बार रिकॉर्ड तोड़ ठंड देखने को मिल रही है. राज्य के लगभग 23 जिलों—जैसे मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर और जमुई में घना कोहरा छाया हुआ है. इन जगहों पर विजिबिलिटी बेहद कम दर्ज की जा रही है. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान और गिर सकता है, जिससे कोहरा और बढ़ेगा.पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का दौर जारी है. जम्मू-कश्मीर में तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया है. इस कड़ी ठंड ने लोगों की दिनचर्या प्रभावित कर दी है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को काफी दिक्कत हो रही है. उत्तराखंड में भी ठंड तेज हो गई है. यहां दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है. सूखी ठंड के कारण लोग परेशान हैं. मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में राज्य के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. दक्षिण में दितवाह का असर, हालात अब भी बिगड़े उत्तर भारत ठंड से जूझ रहा है, वहीं दक्षिण भारत में चक्रवात दितवाह ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. श्रीलंका और दक्षिण–पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना यह तूफान कमजोर जरूर पड़ा है, लेकिन इसका असर अभी भी साफ दिख रहा है. मौसम विभाग ने दो दिसंबर तक तटीय आंध्र प्रदेश, यनम और रायलसीमा में भारी बारिश की चेतावनी दी है. चेन्नई में हालात सबसे ज्यादा बिगड़े हुए हैं. लगातार बारिश ने दिनभर की रफ्तार थाम दी, सड़कों पर पानी भर गया, कई जगह पेड़ गिर गए और ट्रैफिक घंटों रुका रहा. ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन ने एहतियात के तौर पर निचले इलाकों में राहत और बचाव के लिए 103 नावें तैयार रखी हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद पहुंचाई जा सके.

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तमिलनाडु बस हादसे में 12 की मौत

तमिलनाडु बस हादसे में 12 की मौत, PM मोदी ने जताया दुख; मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार देने का ऐलान

तमिलनाडु के शिवगंगा में हुए सड़क हादसे पर सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है. साथ ही पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा की. इस हादसे में कम से कम 12 लोगों की जान चली गई और करीब 40 अन्य घायल हुए हैं. प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “तमिलनाडु के शिवगंगा में हुए हादसे में लोगों की मौत बहुत दुखद है. मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है. मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द ठीक हो जाएं.” उन्होंने घोषणा की कि प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के आश्रितों को 2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी, जबकि घायलों को 50,000 रुपए मिलेंगे. यह टक्कर रविवार शाम को कुंद्राकुडी के पास कुम्मनगुडी के पास हुई, जब तमिलनाडु सरकार की दो बसें आमने-सामने टकरा गईं. कई यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ लोग बसों के टूटे-फूटे हिस्सों में फंस गए. स्थानीय लोग तुरंत बचाव अभियान में मदद करने के लिए दुर्घटनास्थल पर पहुंचे. पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को क्षतिग्रस्त वाहनों से निकाला और उन्हें अस्पताल भिजवाया. मरने वालों की संख्या बढ़ने पर आपातकालीन टीमें देर रात तक काम करती रहीं. तेज रफ्तार से हादसे की आशंकाअधिकारियों ने दुर्घटना का कारण पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है. शुरुआती जांच में तेज रफ्तार, कम विजिबिलिटी या चालक की थकान जैसे कारणों की बात सामने आ रही है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच के बाद ही असल कारण पता चलेगा. पुलिस और परिवहन विभाग के अधिकारियों ने सोमवार सुबह सड़क की स्थिति का आकलन करने और फोरेंसिक सबूत इकट्ठा करने के लिए दुर्घटनास्थल का निरीक्षण किया. घायलों का अभी शिवगंगा और कराईकुडी के अस्पतालों में इलाज चल रहा है, जहां मेडिकल टीमें फ्रैक्चर, सिर में चोट और दूसरी गंभीर चोटों के कई मामलों को देख रही हैं. कई यात्रियों की हालत अभी गंभीर है, जिससे डॉक्टरों को तैयार रखना पड़ रहा है.

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दिल्ली-NCR की हवा फिर ‘खतरनाक’ स्तर पर, नए एनालिसिस ने खोली दशकभर की असल तस्वीर

दिल्ली-NCR की हवा एक बार फिर चिंता बढ़ाने वाली हो गई है. शनिवार सुबह जैसे ही लोग घरों से निकले, एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका था. सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) और अन्य मॉनिटरिंग एजेंसियों की ताजा रिपोर्ट में सामने आया है कि नोएडा में सुबह 7:47 बजे AQI 561 दर्ज किया गया, जो सीधा ‘Severe’ श्रेणी में आता है. इसका मतलब है कि हवा में इतना प्रदूषण है कि स्वस्थ व्यक्ति भी इसके असर से बच नहीं सकता. दस साल में सबसे प्रदूषित शहर बना रहा दिल्लीएक नए अध्ययन ने लंबे समय से चल रही आशंका पर अब मुहर लगा दी है. 2015 से नवंबर 2025 तक 11 बड़े भारतीय शहरों के एयर क्वालिटी डेटा का विश्लेषण करने के बाद रिपोर्ट ने साफ किया है कि दिल्ली पूरे एक दशक से देश का सबसे प्रदूषित शहर बना हुआ है. ये भी चौंकाने वाली बात है कि इन दस सालों में किसी भी बड़े शहर ने एक बार भी ऐसा साल नहीं देखा जब हवा ‘सुरक्षित’ स्तर पर पहुंची हो. स्मॉग पर दिख रहा मौसम का असररिपोर्ट में कहा गया है कि इंडो-गैंगेटिक प्लेन यानी उत्तर भारत का बड़ा भूभाग पहले से ही हवा के ठहराव, नमी और तापमान गिरने जैसी स्थितियों के कारण सर्दियों में स्मॉग का आसान निशाना रहा है. इस बार अक्टूबर से ही बारिश कम हुई और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी कमजोर रहा, जिसके कारण हवा में मौजूद प्रदूषण ऊपर नहीं उठ पाए और स्मॉग जल्दी बनकर ज्यादा देर तक टिक गया. प्रदूषण बना राष्ट्रीय समस्याडेटा ये भी बताता है कि भारत में एयर पॉल्यूशन की समस्या अब स्थानीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्वरूप ले चुकी है. बढ़ता शहरीकरण, ट्रैफिक का दबाव, औद्योगिक गतिविधियां, निर्माण कार्य और मौसम, ये सभी मिलकर हवा की गुणवत्ता और भी ज्यादा खराब कर रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस समस्या को काबू में लाना है, तो सरकारों को लंबी अवधि वाली, वैज्ञानिक आधार पर बनी नीतियों की जरूरत होगी. सिर्फ मौसमी कदम अब काफी नहीं हैं.

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देशभर में बढ़ी ठंड, दिल्ली-NCR में कोहरे और प्रदूषण से हाल बेहाल, पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी की संभावना

देशभर में बदलते मौसम के साथ ठंड भी धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है. कई राज्यों में मौसम विभाग ने ठंडी सर्द हवाओं, यानी कोल्ड वेव को लेकर अलर्ट जारी किया है. वहीं दिल्ली-NCR में ठंड के साथ-साथ प्रदूषण की मार भी झेलनी पड़ रही है. आने वाले दिनों में तापमान और गिरने के साथ कोहरे का सिलसिला शुरू हो सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्यों में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने की संभावना है. इस बीच हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई इलाकों में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे जा सकता है. इतना ही नहीं, आने वाले पूरे हफ्ते में कई जगहों पर बर्फबारी होने की भी संभावना जताई गई है. दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसमराजधानी दिल्ली में प्रदूषण के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार बढ़ा हुआ है और राजधानी का AQI 400 से अधिक दर्ज किया गया है, जो “गंभीर श्रेणी” में आता है. इस बीच, IMD ने दिल्ली में घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है, हालांकि आसमान साफ रहेगा. दिल्ली में अचानक ठंड बढ़ने का कारण लगभग 19 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं को माना जा रहा है. इन हवाओं की वजह से सुबह और रात के समय तापमान तेजी से गिर रहा है और ठंडक महसूस की जा रही है. यूपी में मौसम का हालदिल्ली से सटे राज्य उत्तर प्रदेश में भी मौसम धीरे-धीरे करवट ले रहा है और ठंड का असर बढ़ रहा है. दिन में धूप निकलने से थोड़ी राहत मिलती है, लेकिन शाम होते ही ठंड का असर बढ़ जाता है. फिलहाल मौसम विभाग ने यूपी के लिए किसी प्रकार का अलर्ट जारी नहीं किया है. आने वाले पूरे हफ्ते राज्य का मौसम साफ रहने की संभावना है. पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी का दौरमौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में 16 नवंबर से पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर सक्रिय होगा, जिससे हवाओं के साथ हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने के आसार हैं. इसी दौरान मैदानों में घना कोहरा छाने की भी संभावना जताई गई है. वहीं, IMD के अनुसार हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान गिरकर लगभग माइनस 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.

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दिल्ली ब्लास्ट के बाद खुलासा, लाल किले की रेकी कर चुके थे आतंकी, i20 कार से जुड़ी नई जानकारी आई सामने

दिल्ली में सोमवार को हुए धमाके के बाद से ही सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं. देशभर में लगातार छापेमारी हो रही है और अब तक 18 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस बीच, धमाके में इस्तेमाल हुई i20 कार को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं. जांच में क्या सामने आया?जांच में सामने आया है कि धमाके से पहले आतंकी डॉ. उमर और डॉ. मुजम्मिल ने लाल किले की रेकी की थी. मुजम्मिल के फोन का डंप डेटा खंगालने पर पता चला कि वह कई बार लाल किले के आसपास गया था. पूछताछ में यह भी सामने आया कि 26 जनवरी को लाल किले को टारगेट करने की साजिश थी. CCTV फुटेज में क्या नजर आया?i20 कार, जिसमें धमाका हुआ, वह पिछले 10 दिनों से हरियाणा की अल-फलाह यूनिवर्सिटी के कैंपस में खड़ी थी. यह कार डॉ. मुजम्मिल की स्विफ्ट कार के बगल में पार्क थी, जो डॉ. शाहीन के नाम पर रजिस्टर्ड है. जांच एजेंसियों को शक है कि यह कार 29 अक्टूबर से 10 नवंबर तक वहीं खड़ी रही. उसी दिन इसे पॉल्यूशन सर्टिफिकेट के लिए बाहर ले जाया गया था और सीसीटीवी फुटेज में तीन संदिग्ध भी नजर आए थे. कई इलाकों में देखी गई थी कार10 नवंबर की सुबह डॉ. उमर ने घबराहट में कार को यूनिवर्सिटी से बाहर निकाला. इसके बाद यह कार दिल्ली के कनॉट प्लेस, मयूर विहार और अंत में चांदनी चौक के सुनेहरी मस्जिद की पार्किंग में देखी गई. शाम को इसी कार में धमाका हुआ. फॉरेंसिक जांच में क्या पता चला?फॉरेंसिक जांच में पता चला है कि कार में अमोनियम नाइट्रेट के साथ हाई-ग्रेड मिलिट्री एक्सप्लोसिव का इस्तेमाल किया गया था. जांच एजेंसियों का मानना है कि इस पूरे मॉड्यूल का संचालन विदेश से हो रहा था और अब एजेंसियां इस विदेशी कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही हैं.

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