जय राष्ट्र न्यूज़ पर ताजा अपराध अपडेट
दिनांक: 12 जून 2026
नई दिल्ली: देश में डिजिटल भुगतान और UPI लेनदेन का दायरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन इसके साथ ही साइबर ठगी के मामले भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। साइबर अपराधी अब लोगों को ठगने के लिए नए और अधिक परिष्कृत तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों और बैंकिंग विशेषज्ञों ने UPI उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों के अनुसार फर्जी कस्टमर केयर कॉल, नकली बैंक मैसेज, QR कोड स्कैम और स्क्रीन-शेयरिंग ऐप्स के जरिए लोगों के बैंक खातों को निशाना बनाया जा रहा है।
QR कोड स्कैम बना बड़ा खतरा
नई दिल्ली: साइबर अपराधी अब भुगतान प्राप्त करने के नाम पर लोगों को QR कोड भेज रहे हैं। कई लोग बिना जांच-पड़ताल के इन कोड को स्कैन कर लेते हैं, जिसके बाद उनके खाते से पैसे निकल जाते हैं।
विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि पैसा प्राप्त करने के लिए QR कोड स्कैन करने की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे मामलों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
फर्जी कस्टमर केयर कॉल से रहें सावधान
नई दिल्ली: साइबर ठग खुद को बैंक अधिकारी, UPI सेवा प्रदाता या कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर लोगों को कॉल कर रहे हैं। वे OTP, PIN या बैंकिंग जानकारी मांगकर खातों तक पहुंच बनाने की कोशिश करते हैं।
बैंकों ने दोहराया है कि कोई भी अधिकृत संस्था फोन पर OTP, UPI PIN या पासवर्ड नहीं मांगती।
स्क्रीन शेयरिंग ऐप्स का बढ़ रहा दुरुपयोग
नई दिल्ली: कई मामलों में ठग तकनीकी सहायता देने के बहाने लोगों को स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। एक बार स्क्रीन एक्सेस मिलने के बाद वे बैंकिंग जानकारी और भुगतान विवरण देख सकते हैं।
साइबर विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग ऐप इंस्टॉल न करें।
UPI यूजर्स के लिए सुरक्षा सुझाव
नई दिल्ली: साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने डिजिटल भुगतान करने वालों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव जारी किए हैं:
- OTP, UPI PIN और पासवर्ड किसी के साथ साझा न करें।
- केवल आधिकारिक बैंकिंग और भुगतान ऐप का उपयोग करें।
- अनजान लिंक और संदेशों पर क्लिक करने से बचें।
- QR कोड स्कैन करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें।
- संदिग्ध लेनदेन होने पर तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
- मोबाइल और बैंकिंग ऐप्स को नियमित रूप से अपडेट रखें।
डिजिटल भुगतान का बढ़ता दायरा
नई दिल्ली: भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान बाजारों में शामिल हो चुका है। UPI के जरिए प्रतिदिन करोड़ों लेनदेन किए जा रहे हैं। ऐसे में साइबर सुरक्षा और जागरूकता पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक के साथ सतर्कता भी जरूरी है ताकि लोग डिजिटल सुविधाओं का सुरक्षित रूप से लाभ उठा सकें।
निष्कर्ष
नई दिल्ली: साइबर ठगी के नए तरीकों ने डिजिटल भुगतान करने वाले लोगों के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। हालांकि सही जानकारी, सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन करके अधिकांश ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचा जा सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों से किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या संदेश से सावधान रहने की अपील की है।
जय राष्ट्र न्यूज़ के साथ जुड़े रहें अपराध, साइबर सुरक्षा और देश-दुनिया की हर बड़ी खबर के लिए।






