भारत की 15 साल की तन्वी पात्री ने रचा इतिहास! यूथ ओलंपिक बैडमिंटन में जीता सिल्वर मेडल, चीन की खिलाड़ी से रोमांचक फाइनल में मिली हार
डकार, सेनेगल, 6 नवंबर 2026: भारतीय बैडमिंटन की युवा खिलाड़ी तन्वी पात्री ने डकार यूथ ओलंपिक 2026 में इतिहास रच दिया है। महज 15 साल की उम्र में तन्वी ने महिला एकल बैडमिंटन स्पर्धा में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। वह यूथ ओलंपिक के महिला एकल बैडमिंटन में पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। गुरुवार, 5 नवंबर को खेले गए फाइनल मुकाबले में तन्वी को चीन की मौजूदा जूनियर विश्व चैंपियन झांग यी शिन के खिलाफ तीन गेम तक चले रोमांचक मुकाबले में 21-15, 13-21, 24-26 से हार का सामना करना पड़ा। हालांकि स्वर्ण पदक से चूकने के बावजूद उनकी ऐतिहासिक उपलब्धि भारतीय बैडमिंटन के लिए महत्वपूर्ण रही। चीन की विश्व चैंपियन खिलाड़ी से हुआ रोमांचक मुकाबला सेनेगल की राजधानी डकार में आयोजित यूथ ओलंपिक के महिला एकल बैडमिंटन फाइनल में भारत की तन्वी पात्री का मुकाबला चीन की झांग यी शिन से हुआ। झांग मौजूदा जूनियर विश्व चैंपियन हैं और उन्हें इस प्रतियोगिता में मजबूत दावेदार माना जा रहा था। लेकिन भारतीय खिलाड़ी तन्वी ने शुरुआत से ही आक्रामक प्रदर्शन करते हुए चीनी खिलाड़ी को कड़ी चुनौती दी। पहले गेम में तन्वी ने शानदार खेल दिखाया और 21-15 से जीत दर्ज कर मुकाबले में बढ़त बना ली। हालांकि दूसरे गेम में चीन की खिलाड़ी ने वापसी करते हुए 21-13 से जीत हासिल की। इसके बाद तीसरे और निर्णायक गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच बेहद रोमांचक संघर्ष देखने को मिला। 10-19 से पिछड़ने के बाद तन्वी ने की जबरदस्त वापसी फाइनल के तीसरे गेम में एक समय तन्वी पात्री 10-19 से पीछे चल रही थीं। ऐसा लग रहा था कि चीन की खिलाड़ी आसानी से स्वर्ण पदक जीत लेंगी। लेकिन तन्वी ने हार नहीं मानी और लगातार अंक हासिल करते हुए मुकाबले में वापसी शुरू कर दी। उन्होंने शानदार रैलियों और मजबूत रक्षात्मक खेल के दम पर स्कोर 20-20 तक पहुंचा दिया। इसके बाद दोनों खिलाड़ियों के बीच एक-एक अंक के लिए कड़ा संघर्ष हुआ। तन्वी ने कई मैच प्वाइंट बचाए और खुद भी स्वर्ण पदक जीतने के तीन अवसर हासिल किए। हालांकि वह इन अवसरों का फायदा नहीं उठा सकीं। आखिरकार झांग यी शिन ने निर्णायक गेम 26-24 से जीतकर स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। 82 मिनट तक चला फाइनल मुकाबला भारत और चीन की खिलाड़ियों के बीच फाइनल मुकाबला करीब 82 मिनट तक चला। इस दौरान दोनों खिलाड़ियों ने लंबी रैलियों और तेज खेल का प्रदर्शन किया। तन्वी ने पहले गेम में जीत दर्ज करके मुकाबले की शुरुआत शानदार तरीके से की। दूसरे गेम में चीनी खिलाड़ी ने वापसी की, जबकि तीसरे गेम में तन्वी ने नौ अंकों से पिछड़ने के बावजूद शानदार संघर्ष किया। अंतिम गेम में 24-26 से मिली हार के बाद तन्वी को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। हालांकि उनके प्रदर्शन ने दर्शकों और बैडमिंटन विशेषज्ञों का ध्यान आकर्षित किया। यूथ ओलंपिक में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी पात्री की यह उपलब्धि भारतीय बैडमिंटन के इतिहास में विशेष स्थान रखती है। इससे पहले किसी भारतीय महिला खिलाड़ी ने यूथ ओलंपिक की बैडमिंटन स्पर्धा में पदक नहीं जीता था। तन्वी ने महिला एकल में फाइनल तक पहुंचकर पहले ही नया इतिहास रच दिया था। फाइनल में रजत पदक जीतने के साथ उन्होंने भारतीय महिला बैडमिंटन के लिए एक नई उपलब्धि हासिल की। उनकी सफलता युवा भारतीय खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक मानी जा रही है। सेमीफाइनल में जापान की खिलाड़ी को हराया फाइनल में पहुंचने से पहले तन्वी पात्री ने सेमीफाइनल में जापान की युजुनो वातानाबे को हराया था। यह मुकाबला भी तीन गेम तक चला। तन्वी ने पहला गेम 21-14 से जीता, लेकिन जापानी खिलाड़ी ने दूसरे गेम में 21-11 से वापसी की। इसके बाद निर्णायक गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ। तन्वी ने तीसरा गेम 21-19 से जीतकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की। यह मुकाबला लगभग 54 मिनट तक चला। सेमीफाइनल की जीत के साथ ही तन्वी ने भारत के लिए महिला एकल बैडमिंटन में पहला यूथ ओलंपिक पदक सुनिश्चित कर दिया था। क्वार्टर फाइनल में थाईलैंड को दी थी मात तन्वी ने प्रतियोगिता के शुरुआती मुकाबलों से ही शानदार प्रदर्शन किया। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने थाईलैंड की कुंगकाएव काकानिक को सीधे गेमों में 21-17, 21-13 से हराया था। इससे पहले ग्रुप चरण में उन्होंने मेक्सिको की सारा गोंजालेज को 21-8, 21-12 से पराजित किया। इसके बाद ऑस्ट्रेलिया की स्मृति अडेपु के खिलाफ 21-4, 21-12 से जीत दर्ज की। ग्रुप चरण में दक्षिण कोरिया की जियोंग यू जांग को भी हराकर उन्होंने नॉकआउट दौर में प्रवेश किया। पूरे टूर्नामेंट में तन्वी ने कई मजबूत खिलाड़ियों को हराते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। कौन हैं 15 साल की तन्वी पात्री? तन्वी पात्री भारत की उभरती हुई युवा बैडमिंटन खिलाड़ियों में शामिल हैं। वह ओडिशा से संबंध रखती हैं और कम उम्र में ही जूनियर स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुकी हैं। तन्वी ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अच्छे प्रदर्शन के दम पर बैडमिंटन जगत में पहचान बनाई है। वर्ष 2024 में उन्होंने एशियाई अंडर-15 बैडमिंटन चैंपियनशिप में महिला एकल का खिताब भी जीता था। उनकी खेल शैली में तेज फुटवर्क, रक्षात्मक क्षमता और आक्रामक स्ट्रोक प्रमुख विशेषताएं मानी जाती हैं। यूथ ओलंपिक में रजत पदक जीतना उनके अब तक के अंतरराष्ट्रीय करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल हो गया है। लक्ष्य सेन और एचएस प्रणय के बाद तन्वी की उपलब्धि भारत इससे पहले भी यूथ ओलंपिक बैडमिंटन में पदक जीत चुका है। वर्ष 2010 में सिंगापुर में आयोजित पहले यूथ ओलंपिक में एचएस प्रणय ने पुरुष एकल स्पर्धा में रजत पदक जीता था। इसके बाद 2018 के ब्यूनस आयर्स यूथ ओलंपिक में लक्ष्य सेन ने पुरुष एकल में रजत पदक हासिल किया था। अब तन्वी पात्री ने महिला एकल में रजत पदक जीतकर इस सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है। वह यूथ ओलंपिक बैडमिंटन में भारत की पहली महिला पदक विजेता हैं। डकार यूथ ओलंपिक में भारत के चार पदक तन्वी पात्री के रजत पदक के साथ भारत ने डकार यूथ ओलंपिक 2026 में अब तक कुल चार पदक हासिल किए हैं। इनमें दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल…

