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देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, दिल्ली-UP समेत कई इलाकों में तेज बारिश की संभावना

नई दिल्ली: देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल समेत कई राज्यों में आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, यातायात प्रभावित होने और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति बनने का खतरा भी बना हुआ है। दिल्ली-NCR में बारिश को लेकर अलर्ट राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मानसून की सक्रियता के कारण तेज बारिश की संभावना जताई गई है। बारिश के दौरान कई स्थानों पर जलभराव और ट्रैफिक की समस्या सामने आ सकती है। दिल्ली-NCR के लोगों को मौसम में अचानक बदलाव और तेज बारिश के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खासतौर पर निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों पर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। उत्तर प्रदेश में भी तेज बारिश का दौर उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। कुछ इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव और फसलों पर असर पड़ने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन को भी संवेदनशील इलाकों पर नजर रखने की जरूरत है। कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार देश के अलग-अलग हिस्सों में मानसून की गतिविधियां अलग-अलग स्तर पर बनी हुई हैं। राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक और केरल के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी तट और दक्षिण भारत के कुछ क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर मुश्किलें बढ़ सकती हैं। राजस्थान और गुजरात में भी बारिश का असर राजस्थान और गुजरात के कई इलाकों में मानसूनी बारिश का दौर जारी है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण सड़कों पर पानी भरने और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाने और लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी जा रही है। महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी सतर्कता महाराष्ट्र और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना के बीच स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है। पहाड़ी और निचले इलाकों में बारिश के दौरान भूस्खलन, जलभराव और अचानक जलस्तर बढ़ने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। केरल में भी बारिश का अलर्ट केरल में मानसून के कारण कई क्षेत्रों में बारिश जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के कारण नदियों और जलाशयों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। बारिश के दौरान समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों और मछुआरों को स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है। आंधी और बिजली गिरने का भी खतरा भारी बारिश के साथ कुछ राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं का खतरा भी बना हुआ है। मौसम खराब होने के दौरान खुले मैदान, पेड़ के नीचे और बिजली के खंभों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। जलभराव और ट्रैफिक को लेकर बढ़ी चिंता शहरी इलाकों में तेज बारिश का सबसे बड़ा असर सड़क यातायात पर देखने को मिलता है। कम समय में ज्यादा बारिश होने पर निचले इलाकों में पानी जमा हो सकता है। दिल्ली-NCR जैसे बड़े शहरी क्षेत्रों में बारिश के दौरान ट्रैफिक जाम और जलभराव की समस्या लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है। भारी बारिश के दौरान गैर-जरूरी यात्रा से बचना और जलभराव वाले रास्तों पर जाने से परहेज करना सुरक्षित रहेगा। निष्कर्ष देश के कई राज्यों में मानसून सक्रिय रहने के कारण भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। दिल्ली-NCR और उत्तर प्रदेश समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और जलभराव की स्थिति बन सकती है। लोगों को सलाह है कि वे मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखें और भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहें। Source: India Meteorological Department (IMD) / Weather reports जय राष्ट्र न्यूज़

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असम में बाढ़ का कहर, मृतकों की संख्या 100 पहुंची; लाखों लोग प्रभावित, राहत-बचाव अभियान जारी

गुवाहाटी: असम में लगातार बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। राज्य के कई इलाकों में बाढ़ का पानी घरों, सड़कों और कृषि क्षेत्रों में फैल गया है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक बाढ़ से मृतकों की संख्या 100 तक पहुंच गई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। भारी बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। कई प्रभावित इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। मृतकों की संख्या 100 पहुंची ताजा रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में दो और मौतों के बाद असम में बाढ़ से जुड़ी मौतों की संख्या 100 तक पहुंच गई है। अलग-अलग जिलों में बाढ़ और उससे जुड़े हादसों के कारण जान-माल का नुकसान हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार सिवसागर और कछार सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में शामिल हैं। कछार में 22 मौतों की रिपोर्ट सामने आई है, जबकि सिवसागर में 49 मौतें दर्ज होने की जानकारी दी गई है। कई जिले बाढ़ की चपेट में बाढ़ का असर असम के कई जिलों में देखने को मिल रहा है। प्रभावित जिलों में गोलाघाट, सिवसागर, होजाई, दरांग, लखीमपुर, जोरहाट, कार्बी आंगलोंग, चराईदेव, नगांव और बिस्वनाथ शामिल हैं। कई स्थानों पर सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है और निचले इलाकों में पानी भरने से सामान्य जनजीवन बाधित हुआ है। एक लाख से ज्यादा लोग प्रभावित बाढ़ के कारण राज्य में एक लाख से अधिक लोगों के प्रभावित होने की रिपोर्ट है। कुछ रिपोर्टों में प्रभावित आबादी का आंकड़ा करीब 1.37 लाख बताया गया है। गोलाघाट को सबसे अधिक प्रभावित जिलों में बताया गया है, जहां बड़ी संख्या में लोग बाढ़ की चपेट में हैं। हालांकि व्यापक मानवीय प्रभाव इससे भी बड़ा बताया गया है। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार इस बाढ़ संकट के दौरान 7 लाख से अधिक लोग विस्थापित या प्रभावित हुए हैं और बड़ी संख्या में लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। ब्रह्मपुत्र समेत कई नदियों का बढ़ा जलस्तर भारी मानसूनी बारिश के बीच ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर कई क्षेत्रों में खतरे के निशान के आसपास या उससे ऊपर बना हुआ है। नदियों के बढ़े जलस्तर के कारण निचले इलाकों में पानी फैलने का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन लगातार जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है। राहत और बचाव अभियान जारी बाढ़ प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए प्रशासन और बचाव एजेंसियों की टीमें काम कर रही हैं। प्रभावित लोगों को भोजन, पानी और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने के साथ-साथ चिकित्सा सहायता देने के प्रयास भी जारी हैं। कई लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। एपी की रिपोर्ट के अनुसार संकट के चरम पर करीब 3 लाख लोग सरकारी राहत शिविरों में पहुंचे थे, जबकि अब भी हजारों लोग राहत शिविरों और वितरण केंद्रों में रह रहे हैं। सड़कों और बुनियादी ढांचे को नुकसान बाढ़ का असर केवल लोगों के विस्थापन तक सीमित नहीं है। कई इलाकों में सड़कें और अन्य बुनियादी ढांचे प्रभावित हुए हैं। कृषि भूमि में पानी भरने से किसानों को भी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ का पानी कम होने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने घरों की सफाई, क्षतिग्रस्त संपत्ति की मरम्मत और रोजमर्रा की जिंदगी दोबारा शुरू करने की बड़ी चुनौती होगी। पशुधन और कृषि पर भी पड़ा असर असम की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में कृषि और पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। बाढ़ के कारण खेतों में पानी भरने और पशुधन के नुकसान से ग्रामीण परिवारों की मुश्किलें बढ़ी हैं। बाढ़ का पानी कम होने के बाद भी कृषि क्षेत्र को हुए नुकसान का आकलन करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहेगा। पशुओं में बीमारी फैलने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य और पशुपालन विभागों के लिए भी स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। पानी घटने के बाद भी चुनौती खत्म नहीं कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का पानी धीरे-धीरे कम होने के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन इससे संकट पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। पानी घटने के बाद प्रभावित इलाकों में कीचड़, दूषित पानी, क्षतिग्रस्त सड़कें और घरों की सफाई जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसके अलावा विस्थापित परिवारों को सुरक्षित तरीके से वापस बसाना भी प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती होगी। मानसून ने बढ़ाई मुश्किल असम में हर साल मानसून के दौरान बाढ़ की समस्या सामने आती है, लेकिन इस बार भारी बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर ने कई इलाकों में स्थिति को गंभीर बना दिया है। विशेषज्ञों के मुताबिक दक्षिण एशिया में मानसून के पैटर्न में बढ़ती अनिश्चितता और अत्यधिक बारिश की घटनाएं बाढ़ के जोखिम को और बढ़ा सकती हैं। प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती अब प्रशासन का मुख्य फोकस प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना, राहत सामग्री पहुंचाना और बाढ़ का पानी कम होने के बाद पुनर्वास तथा नुकसान का आकलन करना है। जिन इलाकों में अभी भी पानी भरा हुआ है, वहां लोगों को बिना आवश्यक सुरक्षा के वापस घरों में नहीं लौटने की सलाह दी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं और साफ पेयजल की उपलब्धता भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। निष्कर्ष असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और मृतकों की संख्या 100 तक पहुंच गई है। कई जिलों में बाढ़ का पानी फैला हुआ है और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। प्रशासन तथा बचाव एजेंसियां राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। हालांकि कुछ क्षेत्रों में पानी घटने के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों के लिए असली चुनौती अब शुरू होगी। घरों, सड़कों और कृषि भूमि को हुए नुकसान की भरपाई तथा विस्थापित लोगों का पुनर्वास आने वाले दिनों में सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में रहेगा। Source: Associated Press, Indian Express, NDTV, Business Standard जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया, उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत में मानसून होगा सक्रिय

नई दिल्ली, 30 जून। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए मौसम को लेकर ताज़ा चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत, पूर्वोत्तर भारत और कुछ मध्य एवं पूर्वी क्षेत्रों में मानसून की गतिविधियां तेज़ होंगी। इसके चलते कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश, तेज़ आंधी, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। इन क्षेत्रों में बढ़ेगी मानसूनी गतिविधि IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून आगे बढ़ रहा है, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों में पहले से सक्रिय मानसून और अधिक मजबूत हो सकता है। इससे कई स्थानों पर लगातार वर्षा दर्ज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने स्थानीय पूर्वानुमानों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है। भारी बारिश का अलर्ट विभाग ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में कम समय में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना है। इससे निचले इलाकों में जलभराव, स्थानीय बाढ़, यातायात प्रभावित होने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी बारिश के साथ कई स्थानों पर तेज़ हवाएं और गरज-चमक की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। IMD ने लोगों से खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचने तथा खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। किसानों के लिए महत्वपूर्ण सलाह मौसम विभाग और कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे स्थानीय मौसम पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए बुवाई, सिंचाई और कटाई जैसे कृषि कार्यों की योजना बनाएं। भारी बारिश की आशंका वाले क्षेत्रों में फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की भी सलाह दी गई है। प्रशासन अलर्ट मोड पर संभावित खराब मौसम को देखते हुए कई राज्यों के आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दलों को भी तैयार रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। लोगों के लिए सावधानियां आगे क्या? IMD अगले कुछ दिनों तक मानसून की प्रगति पर लगातार नजर रखेगा और आवश्यकतानुसार नए मौसम बुलेटिन जारी करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सक्रिय मानसून से खरीफ खेती को लाभ मिल सकता है, लेकिन भारी वर्षा वाले क्षेत्रों में सतर्कता बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD) मूल रिपोर्ट:30 जून 2026 को जारी IMD के आधिकारिक मौसम बुलेटिन और ताज़ा पूर्वानुमान के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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कमजोर मानसून के बीच राहत की उम्मीद, IMD ने अगले कुछ दिनों में बारिश बढ़ने का पूर्वानुमान जताया

नई दिल्ली, 30 जून। देश के कई हिस्सों में जून के दौरान सामान्य से कम वर्षा होने के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई है। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने राहत भरा पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। विभाग के अनुसार उत्तर, पूर्व, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हो सकती है, जिससे कृषि कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। खरीफ बुवाई पर पड़ा असर बारिश की कमी के कारण कई राज्यों में धान, दालें, तिलहन और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई समय पर नहीं हो सकी। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने से किसानों को बुवाई टालनी पड़ी, जिससे शुरुआती कृषि गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। IMD का ताजा पूर्वानुमान मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी के कारण मानसून के फिर से सक्रिय होने के संकेत हैं। इसके प्रभाव से अगले कुछ दिनों में कई क्षेत्रों में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। विभाग ने स्थानीय मौसम बुलेटिन पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह भी दी है। किसानों के लिए राहत की उम्मीद यदि पूर्वानुमान के अनुसार पर्याप्त बारिश होती है तो खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आने की संभावना है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई का पहला पखवाड़ा खरीफ सीजन के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है और इसी अवधि में अच्छी वर्षा होने पर शुरुआती नुकसान की काफी हद तक भरपाई की जा सकती है। कृषि विभाग की तैयारी राज्य सरकारें और कृषि विभाग किसानों को मौसम आधारित सलाह, गुणवत्तापूर्ण बीज और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं। किसानों से स्थानीय कृषि अधिकारियों और मौसम विभाग की सलाह के अनुसार खेती की योजना बनाने का आग्रह किया गया है। जलभराव और बिजली गिरने का भी खतरा जहां एक ओर अच्छी बारिश से खेती को लाभ मिलेगा, वहीं IMD ने कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा, आंधी और बिजली गिरने की संभावना भी जताई है। ऐसे इलाकों में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों की राय मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की सक्रियता बढ़ने से कृषि क्षेत्र को राहत मिल सकती है, लेकिन वर्षा का वितरण भी उतना ही महत्वपूर्ण होगा। यदि बारिश संतुलित और समय पर होती है तो खरीफ उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। आगे की स्थिति मौसम विभाग अगले कुछ दिनों तक मानसून की प्रगति पर लगातार नजर रखेगा और समय-समय पर नए पूर्वानुमान जारी करेगा। किसानों और आम लोगों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करें और मौसम की बदलती परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक सावधानी बरतें। स्रोत:भारतीय मौसम विभाग (IMD), कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय मूल रिपोर्ट:30 जून 2026 को जारी IMD के मौसम पूर्वानुमान और कृषि विभाग की उपलब्ध जानकारी के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने अगले 5 दिनों के लिए पूर्वोत्तर भारत, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया

नई दिल्ली, 28 जून। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के पूर्वोत्तर राज्यों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के लिए अगले पांच दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय मानसून और अनुकूल मौसमी परिस्थितियों के कारण इन क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा होने की संभावना है। प्रशासन को सतर्क रहने और लोगों को आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी IMD के पूर्वानुमान के अनुसार असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अगले पांच दिनों तक भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। कुछ स्थानों पर अत्यधिक वर्षा दर्ज होने की भी संभावना जताई गई है। भूस्खलन और जलभराव का खतरा लगातार हो रही बारिश को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और निचले इलाकों में जलभराव की आशंका बढ़ गई है। सिक्किम और उत्तर बंगाल के संवेदनशील इलाकों में प्रशासन को विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश राज्य सरकारों और जिला प्रशासन को आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी रखने के लिए कहा गया है। राहत एवं बचाव दलों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया गया है तथा नदी-नालों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। मानसून की गतिविधियां हुईं तेज मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है और आने वाले दिनों में देश के अन्य हिस्सों में भी आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल हैं। इसके प्रभाव से पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में वर्षा की तीव्रता बनी रह सकती है। यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए सलाह IMD ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान नदी-नालों के किनारे जाने से बचें। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोग मौसम की ताज़ा जानकारी लेकर ही सफर करें। तेज बारिश और बिजली गिरने की आशंका के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है। कृषि पर भी रहेगा असर विशेषज्ञों के अनुसार यह बारिश खरीफ फसलों के लिए लाभदायक हो सकती है, लेकिन अत्यधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में जलभराव से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी हुई है। किसानों को स्थानीय कृषि विभाग और मौसम विभाग की सलाह के अनुसार खेतों में जल निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने सतर्क रहने की अपील की IMD ने कहा है कि मौसम की स्थिति लगातार बदल रही है और आवश्यकता पड़ने पर नए अलर्ट जारी किए जाएंगे। नागरिकों से अपील की गई है कि वे केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करें और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। स्रोत:भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) मूल रिपोर्ट:IMD की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति एवं राष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के आधार पर। जय राष्ट्र न्यूज़

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IMD ने अगले कुछ घंटों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की

नई दिल्ली, 27 जून। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई राज्यों के लिए अगले कुछ घंटों में मौसम के अचानक बिगड़ने की चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार कई क्षेत्रों में भारी बारिश, गरज-चमक, तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने की सलाह दी है। कई राज्यों में अलर्ट जारी IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर, पूर्व, पश्चिम और मध्य भारत के कई हिस्सों में मौसम तेजी से बदल सकता है। दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित कई क्षेत्रों में तेज बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी आने की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कुछ इलाकों में हवा की गति 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है। ऐसे में खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। जलभराव और यातायात प्रभावित होने की संभावना भारी बारिश के कारण कई शहरों में जलभराव, ट्रैफिक जाम और परिवहन सेवाओं पर असर पड़ सकता है। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने और आपातकालीन सेवाओं को तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। किसानों और मछुआरों के लिए सलाह IMD ने किसानों से खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने की अपील की है। वहीं जिन क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश का अलर्ट है, वहां मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। विभाग ने कहा कि स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना आवश्यक है। लोगों के लिए सुरक्षा संबंधी निर्देश मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। यदि तेज आंधी या बिजली कड़कने की स्थिति बने तो सुरक्षित भवन के अंदर रहें। मोबाइल फोन चार्ज रखें, मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। मानसून ने पकड़ी रफ्तार IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अब देश के अधिकांश हिस्सों में सक्रिय हो चुका है। आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं कुछ क्षेत्रों में अभी भी गर्मी और उमस बनी रह सकती है, जिससे मौसम का प्रभाव अलग-अलग क्षेत्रों में अलग दिखाई देगा। मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर भरोसा करें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। लगातार बदल रहे मौसम को देखते हुए अगले कुछ घंटे कई राज्यों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। स्रोत:भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय मूल रिपोर्ट:IMD मौसम बुलेटिन एवं विभिन्न राष्ट्रीय समाचार स्रोतों के आधार पर जय राष्ट्र न्यूज़

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