Top 7 Medical Colleges In India

Top 7 Medical Colleges In India: भारत के टॉप 7 मेडिकल कॉलेज 

भारत में चिकित्सा शिक्षा का एक समृद्ध इतिहास रहा है और यहां कई प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज हैं जो विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त हैं। हर साल लाखों छात्र NEET परीक्षा के माध्यम से इन संस्थानों में प्रवेश पाने का सपना देखते हैं। यदि आप भी चिकित्सा क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो यह जानना जरूरी है कि भारत के शीर्ष मेडिकल कॉलेज कौन से हैं, और उनकी विशेषताएं क्या हैं। आइए जानते हैं भारत के टॉप 7 मेडिकल कॉलेजों (Top 7 Medical Colleges In India) के बारे में विस्तृत जानकारी। भारत के टॉप 7 मेडिकल कॉलेज (Top 7 Medical Colleges In India)  1. एम्स, नई दिल्ली (AIIMS Delhi) स्थान: नई दिल्ली स्थापना: 1956 एम्स भारत का सबसे प्रतिष्ठित और सर्वश्रेष्ठ मेडिकल संस्थान माना जाता है। यहां की फैकल्टी, रिसर्च फैसिलिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लिनिकल एक्सपोजर अंतरराष्ट्रीय स्तर का है। यहां हर साल NEET-UG के माध्यम से कुछ ही छात्रों को दाखिला मिलता है, जिससे इसकी प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता दोनों ही शीर्ष पर रहती है। 2. अर्म्ड फोर्सेस मेडिकल कॉलेज, पुणे (AFMC Pune) स्थान: पुणे, महाराष्ट्र स्थापना: 1948 AFMC भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन आता है। यह कॉलेज न सिर्फ बेहतरीन मेडिकल शिक्षा प्रदान करता है, बल्कि देश सेवा का अवसर भी देता है। यहां से पढ़े हुए डॉक्टर्स भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में सेवा देते हैं। 3. मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, दिल्ली (MAMC Delhi) स्थान: दिल्ली स्थापना: 1959 MAMC दिल्ली सरकार द्वारा संचालित है और इसका संबंध एलएनजेपी हॉस्पिटल से है। यहां छात्रों को उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और बेहतरीन क्लिनिकल ट्रेनिंग मिलती है। इसकी फीस भी अन्य निजी कॉलेजों की तुलना में काफी कम है। 4. क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर (CMC Vellore) स्थान: वेल्लोर, तमिलनाडु स्थापना: 1900 CMC वेल्लोर न सिर्फ दक्षिण भारत बल्कि पूरे देश में अपनी चिकित्सा सेवा और सामाजिक कार्यों के लिए जाना जाता है। यहां की मेडिकल ट्रेनिंग बेहद व्यावहारिक होती है और छात्र विभिन्न सामाजिक परियोजनाओं में भाग लेते हैं। 5. कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, मणिपाल (KMC Manipal) स्थान: मणिपाल, कर्नाटक स्थापना: 1953 KMC एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज है लेकिन इसकी रैंकिंग और शिक्षा का स्तर काफी ऊंचा है। यहां आधुनिक लैब्स, रिसर्च फैसिलिटी और अंतरराष्ट्रीय सहयोग भी छात्रों को ग्लोबल एक्सपोजर देता है। 6. किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ (KGMU Lucknow) स्थान: लखनऊ, उत्तर प्रदेश स्थापना: 1905 KGMU भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेजों (Medical College) में से एक है। यहां न सिर्फ उत्तर भारत बल्कि पूरे देश से छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं। इसकी बड़ी हॉस्पिटल फैसिलिटी छात्रों को प्रैक्टिकल अनुभव देती है। इसे भी पढ़ें: यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स 7. ग्रांट मेडिकल कॉलेज, मुंबई (Grant Medical College, Mumbai) स्थान: मुंबई, महाराष्ट्र स्थापना: 1845 यह कॉलेज सर जे.जे. ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स से जुड़ा हुआ है और यह पश्चिम भारत के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में से एक है। इसकी पुरानी विरासत और आधुनिक शिक्षा पद्धति इसे छात्रों के लिए एक पसंदीदा विकल्प बनाती है। अगर आप मेडिकल की पढ़ाई करना चाहते हैं, तो भारत के टॉप 7 मेडिकल कॉलेज (Top 7 Medical Colleges In India) को अपने लक्ष्य में जरूर शामिल करें। इन संस्थानों में न केवल शिक्षा का उच्च स्तर है, बल्कि ये डॉक्टरों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति भी जागरूक बनाते हैं। हालांकि इनमें दाखिला पाना आसान नहीं होता, लेकिन मेहनत, समर्पण और सही दिशा में तैयारी से यह सपना जरूर पूरा किया जा सकता है। इन कॉलेजों में एम्स दिल्ली, क्रिश्चियन मेडिकल कॉलेज वेल्लोर, मौलाना आज़ाद मेडिकल कॉलेज, कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज जैसे संस्थान शामिल हैं। यहां से निकले छात्र विश्वभर में भारत का नाम रोशन करते हैं। इन कॉलेजों की पढ़ाई के साथ-साथ क्लिनिकल एक्सपोजर भी शानदार होता है। Latest News in Hindi Today Hindi news #Top7MedicalCollegesInIndia #Medicalcollege #Doctor #Education

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Ministry of Statistics and Programme Implementation

भारत में बढ़ती बेरोजगारी दर: मई 2025 के आंकड़े युवाओं और महिलाओं के लिए चिंता का संकेत

भारत में मई 2025 के रोजगार से जुड़े आंकड़े सरकार और आम जनता दोनों के लिए चिंता का विषय है। मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इम्प्लीमेंटेशन (Ministry of Statistics and Programme Implementation) द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार इस महीने बेरोजगारी दर बढ़ गई है। यह सिर्फ शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी बेरोजगारी ने दस्तक दी है। खासतौर पर युवा वर्ग और महिलाओं में बेरोजगारी दर ने चिंताजनक स्तर पार कर लिए हैं, जो देश की सामाजिक और आर्थिक संरचना के लिए खतरे की घंटी है। युवाओं में तेजी से बढ़ी बेरोजगारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भारत में बेरोजगारी (Unemployment) दर मई 2025 में बढ़कर 5.6% हो गई, जो अप्रैल 2025 में 5.1% थी। सबसे अधिक प्रभाव 15 से 29 वर्ष की आयु के युवाओं पर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस आयु वर्ग की बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) अप्रैल में 12.3% थी, जो मई में बढ़कर 13.7% हो गई। वहीं शहरी क्षेत्रों में यह दर अप्रैल के 17.2% से बढ़कर मई में 17.9% पर पहुंच गई। यह इशारा करता है कि देश की युवाशक्ति, जो कि राष्ट्र निर्माण की रीढ़ मानी जाती है, बेरोजगारी की समस्या से परेशान है। महिलाओं में भी बढ़ी बेरोजगारी वैसे बेरोजगारी (Unemployment) का यह संकट केवल युवाओं तक सीमित नहीं रहा। महिलाओं की भागीदारी और रोजगार की स्थिति भी गिरावट में रही। मई 2025 में महिलाओं की बेरोजगारी दर 5.8% दर्ज की गई, जो पुरुषों की दर 5.6% से अधिक रही। यह दर्शाता है कि महिला सशक्तिकरण और आर्थिक भागीदारी के प्रयासों के बावजूद महिलाएं आज भी रोजगार के क्षेत्र में पिछड़ रही हैं, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में। गिरा लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR) का गिरना एक और चिंता का विषय है। यह दर उन लोगों के प्रतिशत को दर्शाता है जो या तो काम कर रहे हैं या काम की तलाश में हैं। मई 2025 में यह दर घटकर 54.8% रह गई, जो अप्रैल में 55.6% थी। ग्रामीण क्षेत्रों में यह दर 56.9% और शहरी क्षेत्रों में 50.4% रही। इससे यह स्पष्ट है कि काम की तलाश में लगे लोगों की संख्या में भी गिरावट आई है, जो या तो अवसरों की कमी या हतोत्साहित कर देने वाली परिस्थितियों का संकेत देती है। वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो में गिरावट वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो (WPR) यानी काम कर रही जनसंख्या का अनुपात भी मई में कम हो गया। अप्रैल में जहां यह दर 52.8% थी, वहीं मई में यह घटकर 51.7% हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में WPR 54.1% रहा जबकि शहरी क्षेत्रों में यह घटकर 46.9% रहा। महिलाओं की स्थिति और भी चिंताजनक रही — ग्रामीण महिलाओं में यह दर 35.2% रही और शहरी क्षेत्रों में केवल 23.0%। कुल महिला वर्कर रेश्यो 31.3% रहा, जो यह दर्शाता है कि महिला श्रमबल का पूर्ण रूप से उपयोग नहीं हो पा रहा है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक रोजगार सृजन की चुनौती सरकार ने बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) में इस वृद्धि के पीछे का कोई विशेष कारण नहीं बताया है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह डेटा देश में रोजगार सृजन की दिशा में जारी चुनौतियों को उजागर करता है। Centre for Monitoring Indian Economy (CMIE) जैसे शोध संस्थानों ने भी समय-समय पर यह चेतावनी दी है कि भारत में बेरोजगारी विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं के बीच एक गंभीर मुद्दा बन चुका है। हालांकि भारत की GDP ग्रोथ दर अभी भी मजबूत मानी जा रही है, लेकिन यह ग्रोथ जब तक रोजगार के अवसरों में तब्दील नहीं होती, तब तक इसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचेगा। रोजगारहीन विकास न केवल सामाजिक असमानता को बढ़ावा देगा, बल्कि देश की सामाजिक स्थिरता और आर्थिक समरसता को भी नुकसान पहुंचा सकता है। मई 2025 के बेरोजगारी आंकड़े (May Unemployment Rate) यह साफ दर्शाते हैं कि भारत को अब रोजगार सृजन की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है। विशेषकर युवा और महिलाओं के लिए नीति आधारित, कौशल विकास पर केंद्रित और क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखने वाली योजनाएं बनानी होंगी। देश के लिए यह समय आत्मनिरीक्षण का है कि विकास केवल GDP तक सीमित न रहे, बल्कि हर नागरिक को रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाए। Latest News in Hindi Today Hindi Unemployment Rate #MayUnemploymentRate #UnemploymentRate #GDP #Job #WPR

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Women’s ODI World Cup 2025

Women’s ODI World Cup 2025: 5 अक्टूबर को मैदान में आमने सामने होंगे भारत और पाकिस्तान के प्लयेर 

महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 (Women’s ODI World Cup 2025) का आगमन 30 सितंबर से हो रहा है और इस बार का टूर्नामेंट खास तौर पर रोमांचक माना जा रहा है। ICC द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार यह मैच भारत के बेंगलुरु, इंदौर, गुवाहाटी और विशाखापट्टनम शहरों के स्टेडियमों और श्रीलंका के कोलंबो में आयोजित होगी। Women’s ODI World Cup 2025: भारत vs श्रीलंका 30 सितंबर की शाम बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में महिला वनडे विश्व कप 2025 (Women’s ODI World Cup 2025) की शुरुआत भारत और श्रीलंका महिला टीमों के बीच होगी। दोनों टीमों के लिए यह मैच जान पहचान बनाने और टूर्नामेंट के माहौल में खुद को ढालने का अवसर होगा। लगातार हो रही आलोचनाओं के बावजूद भारत ने पिछले कुछ वर्षों में महिला क्रिकेट में लगातार सुधार और सफलता दर्ज की है। चर्चा में भारत–पाक मुकाबला भारत और पाकिस्तान (India and Pakistan) के बीच क्रिकेट मैच हो और इसकी चर्चा ना हो ऐसा भला कैसे हो सकता है। भारत बनाम पाकिस्तान की भिड़ंत 5 अक्टूबर को श्रीलंका के कोलंबो के  आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच विश्व कप का हाई-प्रोफाइल मुकाबला माना जा रहा है, जिसमें न केवल खेल की गुणवत्ता, बल्कि दोनों टीमों के बीच की पुरानी प्रतिद्वंद्विता और दर्शकों का उत्साह भी मुख्य भूमिका निभाएगा। महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 (Women’s ODI World Cup 2025): कब-कब खेले जाएंगे मैच?  ICC ने इस बार महिलाओं के लिए एक ‘हाइब्रिड मॉडल’ अपनाया है जिसमें पाकिस्तान की टीम अपने सभी मैच श्रीलंका के कोलंबो में खेलेगी। इसका उद्देश्य यात्रा की जटिलताओं को कम करना और पाकिस्तानी खिलाड़ियों को एक तरह का ‘होम ग्राउंड’ सुविधा उपलब्ध कराना है। यह व्यवस्था पाकिस्तानी टीम के लिए एक विशेष मददगार साबित हो सकती है, खासकर जब वे अन्य टीमों के साथ मुकाबला करेंगी। टूर्नामेंट और सेमीफाइनल–फाइनल कुल 28 लीग मैच खेले जाएंगे। इसके बाद तीन नॉकआउट मुकाबले होंगे: दो सेमीफाइनल और एक अंतिम। लीग स्टेज मैच बेंगलुरु, इंदौर, गुवाहाटी और विशाखापट्टनम में आयोजित होंगे। कोलंबो केवल पाकिस्तान आधारित मैचों और एक संभावित सेमीफाइनल (29 अक्टूबर) के लिए आयोजन स्थल है। यदि पाकिस्तान या कोई अन्य टीम लीग स्टेज से बाहर हो जाती है, तो पहले सेमीफाइनल का स्थान गुवाहाटी रहेगा; अन्यथा यह कोलंबो में खेला जा सकता है। 2 नवंबर: टूर्नामेंट का फाइनल या तो बेंगलुरु या कोलंबो में आयोजित होगा, जो पहले सेमीफाइनल की स्थिति और टीमों की प्रगति पर निर्भर करेगा। महिला क्रिकेट में पिछले वर्षों में इंडिया और ऑस्ट्रेलिया की दाढ़नात्मक वापसी देखी गई है। ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम, जिसने 2013 और 2017 में यह खिताब जीता था, इस बार भी अपनी मजबूत टीम लाकर खिताबी रक्षा की सौगंध खाई है। उनकी कप्तानी में मेग्ना क्लेन (Meg Lanning), एलिसा हीली (Ellyse Perry), तथा युवा प्रतिभाशाली खिलाड़ी जैसे मॅक्करे ब्रूक्स और एमिली रॉनॉल्ड्स शामिल हैं। दूसरी ओर भारत महिला टीम ने विश्व कप 2017 में फाइनल में जगह बनाई थी, लेकिन बाद में ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें हराया। उस समय से आराधना पंडित, स्मृति मंधाना, स्वराश्री भारत टीम की लहर बढ़ा रहे हैं। कप में सहभागिता करने वाली अन्य टीमें—जैसे इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश—भी मजबूत बल्लेबाजी आक्रमण और अनुभव की दृष्टि से तैयार होकर टूर्नामेंट में आई हैं। इसे भी पढ़ें:- बेंगलुरु भगदड़ मामले में पुलिस का बड़ा एक्शन, RCB के मार्केटिंग हेड समेत 3 अन्य गिरफ्तार महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि यह महिला क्रिकेट की विकास यात्रा का अक्स है। यह न केवल भारत और पाकिस्तान जैसे पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों को मैदान पर लाएगा, बल्कि ऑस्ट्रेलिया जैसे क्रिकेट दिग्गजों को भी भारत की घरेलू धरती पर टक्कर देने का मौका देगा। फैंस के लिए 30 सितंबर से शुरू यह प्रतियोगिता यादगार रहेगी और अंततः 2 नवंबर के फाइनल तक अंतरराष्ट्रीय महिला क्रिकेट को अपने चरम पर पहुंचती देखने को मिलेगा। खासकर 5 अक्टूबर को कोलंबो में होने वाला भारत-पाक मुकाबला, उच्चतम रोमांच व उत्साह लेकर आएगा—उसकी तुलना किसी प्रीमियर हॉलीवुड फिल्म से की जा सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Women’s ODI World Cup 2025 #Women’sODIWorldCup2025 #IndvsPak #India #Pakistan #Cricket #ODI

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Ram Mohan Naidu

 Ahmedabad Plane Crash: उड़ान भरने के तुरंत बाद 650 फीट की ऊंचाई पर आई तकनीकी खराबी

अहमदाबाद में हुए विमान हादसे (Ahmedabad Plane Crash) ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा लिया है। इस हादसे को लेकर आज नागरिक उड्डयन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई, जिसमें अहम जानकारी साझा की गई है। यह हादसा दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर हुआ था, जब विमान एयरपोर्ट से महज दो किलोमीटर की दूरी पर मेघानी नगर इलाके में क्रैश हो गया। क्या हुआ था उस दिन? प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) ने बताया कि हादसे की जानकारी उन्हें दोपहर करीब 2 बजे मिली थी। जब विमान करीब 650 फीट की ऊंचाई पर था, तभी उसमें तकनीकी खराबी आई और पायलट ने तुरंत ATC (Air Traffic Control) को इमरजेंसी कॉल दी। विमान ने दोपहर 1:39 बजे टेक ऑफ किया था और महज एक मिनट के भीतर ही इमरजेंसी की सूचना दे दी गई थी। ATC ने जब विमान से संपर्क करने की कोशिश की तो उसे कोई जवाब नहीं मिला और अगले ही मिनट में विमान दुर्घटना (Plane accident) घट गई। यह विमान हाल ही में पेरिस से दिल्ली और दिल्ली से अहमदाबाद की उड़ानें सफलतापूर्वक पूरी कर चुका था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि हादसे के ठीक पहले तक कोई समस्या सामने नहीं आई थी। View this post on Instagram A post shared by Ram Mohan Naidu Kinjarapu (@rammnk) ब्लैक बॉक्स मिला, जांच जारी हादसे के बाद घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। विमान में लगी आग पर शाम 6 बजे तक काबू पा लिया गया। मंत्री राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) ने बताया कि ब्लैक बॉक्स शुक्रवार शाम 5 बजे घटनास्थल से बरामद कर लिया गया है, लेकिन उसकी जांच अभी चल रही है और हादसे की असली वजह सामने आने में थोड़ा समय लग सकता है। एयरपोर्ट 5 बजे फिर शुरू हुआ इस हादसे के कारण अहमदाबाद एयरपोर्ट (Ahmedabad Airport) को दोपहर 2:30 बजे बंद कर दिया गया था। सभी सुरक्षा और जांच प्रोटोकॉल को पूरा करने के बाद एयरपोर्ट को शाम 5 बजे फिर से संचालन के लिए खोल दिया गया। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर कुमार सिन्हा ने जानकारी दी कि विमान ने टेक ऑफ के महज एक मिनट बाद ही तकनीकी खराबी आई। जांच के लिए गठित की गई हाईलेवल समिति इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने एक हाईलेवल जांच समिति का गठन किया है। यह समिति DGCA (Directorate General of Civil Aviation) और अन्य संबंधित तकनीकी विशेषज्ञों के सहयोग से इस घटना की बारीकी से जांच करेगी। ब्लैक बॉक्स की जानकारी और डेटा का विश्लेषण करने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि तकनीकी खराबी किस कारण से आई और क्या इसमें मेंटेनेंस या अन्य मानवीय चूक की भूमिका थी। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार विमान सुरक्षा पर फिर उठे सवाल यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब भारत की विमानन इंडस्ट्री तेज़ी से विकास कर रही है। हालांकि, नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू (Ram Mohan Naidu) ने यह साफ किया कि भारत में विमानन सुरक्षा के बहुत सख्त मानक हैं और किसी भी हादसे के बाद विस्तृत जांच करना हमारी प्राथमिकता होती है। उन्होंने कहा कि “जब यह घटना घटी, तो हमें लगा कि बोइंग 787 सीरीज में भी विस्तृत निगरानी की जरूरत है। DGCA ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं।” अहमदाबाद विमान हादसा  (Ahmedabad Plane Crash) एक गंभीर चेतावनी है कि चाहे विमानन प्रणाली कितनी भी उन्नत क्यों न हो, तकनीकी चूक या असामान्य परिस्थितियाँ कभी भी किसी दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि सरकार और विमानन विभाग ने तत्काल कदम उठाते हुए जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है और सुरक्षा मानकों को और मज़बूत करने की दिशा में प्रयास जारी हैं। हादसे की वास्तविक वजह सामने आने के बाद ही आगे की नीतियों और प्रक्रियाओं में आवश्यक बदलाव किए जा सकेंगे। इस बीच, पूरे देश की नजर इस जांच पर टिकी है और उम्मीद की जा रही है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Latest News in Hindi Today Hindi Ram Mohan Naidu  #AhmedabadPlaneCrash #AirIndia #PlaneCrash #DGCA #RamMohanNaidu #aviationexpert #configurationerror #aviationaccident #flightsafety #breakingnews #indianaviation #latestupdate

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Khalistanis in Canada,

India Acts Tough on Khalistanis in Canada: ईरान-इजराइल में जारी जंग के बीच इस तरह भारत ने कनाडा में खालिस्तानियों पर कसी नकेल

एक तरफ जहां ईरान-इजराइल के बीच जंग जारी है तो वहीं दूसरी तरफ कनाडा में G7 समिट भी होने जा रही है। इस समिट में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भी शामिल होने की बात कही जा रही है। जानकारी के मुताबिक इस समिट में दोनों देशों की सरकारें अब एक ऐसा ढांचा तैयार कर रही हैं, जिससे वो एक-दूसरे के साथ आसानी से इंटेलिजेंस शेयरिंग कर (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी। इस दरम्यान ध्यान देने वाली बात यह कि इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के बीच भारत ने कनाडा के साथ मिलकर खालिस्तानी गतिविधियों पर लगाम कसने की तैयारी शुरू कर दी है। लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना हुआ था लेकिन अब रिश्ते पटरी पर आते दिख रहे हैं।  दोनों देशों की पुलिस और जांच एजेंसियां खालिस्तान समर्थक संगठनों पर रख (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी  पैनी नजर दरअसल, भारत और कनाडा की सरकारें अब एक ऐसा ढांचा तैयार करने जा रही हैं, जिससे दोनों देशों की एजेंसियां एक-दूसरे के साथ इंटेलिजेंस शेयरिंग कर सकेंगी। बता दें कि इसमें टेररिज्म, कट्टरपंथ, क्रॉस बॉर्डर क्राइम और ऑर्गेनाइज्ड क्राइम जैसे मुद्दे शामिल होंगे। यही नहीं, इसके अलावा दोनों देशों की पुलिस और जांच एजेंसियां आतंकी नेटवर्क, खालिस्तान समर्थक संगठनों और ट्रांसलेशनल गैंग्स पर पैनी नजर भी रख (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) सकेंगी। हालाँकि अभी इस बातचीत और सहयोग की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन कयास लगाए जा रहे हैं कि जी7 समिट के दौरान पीएम मोदी की कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी से मुलाकात हो सकती है। बेशक यही सही अवसर है जो दोनों देशों के बीच रिश्तों को सामान्य करने का अहम कड़ी बन सकता है। इस मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा, यह मीटिंग द्विपक्षीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार-विमर्श का मौका होगी।  इसे भी पढ़ें:- इजरायल हमले को मिला था अमेरिका का सहयोग, ट्रंप ने किया बड़ा खुलासा, बौखलाए ईरान ने कर दी मिसाइल की बौझार कनाडा का आरोप है कि भारत सरकार की ओर से विदेश में विरोधियों को निशाना (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) बनाया गया है बता दें कि इस गठजोड़ में कनाडा की खास दिलचस्पी उन मामलों की जांच में है जिनमें कथित रूप से एक्स्ट्रा-ज्यूडिशियल किलिंग्स यानी न्यायालय से बाहर की गई हत्याएं शामिल हैं। कनाडा का आरोप है कि भारत सरकार की ओर से विदेश में विरोधियों को निशाना बनाया गया है, हालांकि भारत इस आरोप को पहले ही बेबुनियाद बता (India Acts Tough on Khalistanis in Canada) चुका है। गौरतलब हो कि साल 2023 में कनाडा के तत्कालीन पीएम जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर सीधा आरोप लगाया था कि उसने वैंकूवर के पास एक गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तानी नेता की हत्या करवाई। हालांकि भारत ने उनके इस आरोप को बेबुनियाद और राजनीतिक स्टंट करार दिया था। उल्टा भारत ने कनाडाई सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा था कि कनाडा में खालिस्तान समर्थक संगठनों की खुली छूट दी जा रही है जो भारत की अखंडता के लिए खतरा है। खैर, ऐसा माना जा रहा है कि अब कनाडा को भी खालिस्तानी नेटवर्क के खतरे की गंभीरता का अहसास हो रहा है और बड़ी वजह यही जो दोनों देशों ने फिर से संवाद का रास्ता अख्तियार किया है। देखना दिलस्चप हो होगा कि दोनों देशों के बीच कड़वाहट कब और कैसे दूर होगी। फिलहाल भारत और कनाडा ने पहल की उम्मीद जताई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news India Acts Tough on Khalistanis in Canada #india #khalistan #canada #iranisraelwar #globalpolitics #breakingnews #indiacanadarelations #khalistanupdate #worldnews

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India action Bangladesh reaction

India’s Action Shakes Bangladesh: भारत के एक्शन से डरा बांग्लादेश, कहा- “हमसे हो जाती है गलती”

बांग्लादेश में जब से शेख हसीना का तख्ता पलट हुआ है तब से भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्ते तनावपूर्ण चल रहे हैं। लेकिन अब बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के मुखिया मुहम्मद यूनुस भारत के साथ तनाव नहीं चाहते। भारत से लेकर संबंधों पर उन्होंने कहा कि अंतरिम सरकार भारत के साथ अच्छे संबंध चाहती रही, लेकिन हमेशा कुछ न कुछ गलत हो जाता (India’s Action Shakes Bangladesh) है। दरअसल, बुधवार को लंदन में चाथम हाउस थिंक टैंक के निदेशक ब्रोनवेन मैडॉक्स के साथ हुई बातचीत में यूनुस ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों और देश के लिए लोकतांत्रिक रोडमैप सहित कई मुद्दों पर बात की। इस दौरान उन्होंने भारत के साथ तनाव कम करने की मंशा जाहिर की। बता दें कि यूनुस ने प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करते हुए भारत को जारी किए गए एक अनौपचारिक राजनयिक नोट के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि यह जारी रहेगा। हम चाहते हैं कि पूरी प्रक्रिया बहुत कानूनी, बहुत उचित हो। हम भारत के साथ बेहतरीन संबंध बनाना चाहते हैं। यह हमारा पड़ोसी है, हम नहीं चाहते कि उनके साथ किसी भी तरह की बुनियादी समस्या हो। भारतीय प्रेस से आने वाली सभी फर्जी खबरों के कारण हर बार चीजें गलत हो (India’s Action Shakes Bangladesh) जाती है इस दौरान मुहम्मद यूनुस ने कहा, लेकिन भारतीय प्रेस से आने वाली सभी फर्जी खबरों के कारण हर बार चीजें गलत हो (India’s Action Shakes Bangladesh) जाती हैं और कई लोग कहते हैं कि इसका संबंध शीर्ष पर बैठे नीति निर्माताओं से है। यूनुस ने कहा, तो, यही बात बांग्लादेश को बहुत बेचैन और बहुत नाराज करती है। हम इस गुस्से से उबरने की कोशिश करते हैं, लेकिन साइबरस्पेस में बहुत सी चीजें होती रहती हैं। हम इससे बच नहीं सकते। अचानक वे कुछ कहते हैं, कुछ करते हैं, फिर से गुस्सा आ जाता है। आगे यूनुस ने कहा, हमारे लिए यह बड़ा काम है कि हम कम से कम एक शांतिपूर्ण जीवन जी सकें। ऐसा जीवन जिसका हम सपना देख रहे हैं। इस बीच  यूनुस ने कहा, हम भारत को शेख हसीना को लौटाने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। हम कानूनी तरीके से कोशिश कर रहे हैं। तनाव नहीं चाहते, लेकिन हमसे हर बार कोई न कोई गलती हो जाती है। इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील मैं आपको उस नीति को छोड़ने के लिए मजबूर नहीं कर (India’s Action Shakes Bangladesh) सकता इस बीच पीएम मोदी को लेकर उन्होंने कहा, जब मुझे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से बात करने का मौका मिला, तो मैंने बस इतना कहा, आप उनकी मेजबानी करना चाहते हैं, मैं आपको उस नीति को छोड़ने के लिए मजबूर नहीं कर (India’s Action Shakes Bangladesh) सकता। लेकिन यह सुनिश्चित करने में हमारी मदद करें कि वह बांग्लादेशी लोगों से उस तरह बात न करें जिस तरह वह ऑनलाइन कर रही हैं। वह इस तरह तारीख, इस तरह समय की घोषणा करती हैं कि वह बोलेंगी और पूरा बांग्लादेश बहुत गुस्सा हो जाता है। गौरतलब हो कि हसीना के निष्कासन के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में तनाव आ गया था। इसके बाद भारत ने बांग्लादेश के लिए अपनी जमीनी सीमा को बंद कर दिया था। इससे बांग्लादेश को अरबों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। Latest News in Hindi Today Hindi news India’s Action Shakes Bangladesh #india #bangladesh #tension #breakingnews #politics #diplomacy #internationalnews #latestupdate #regionalnews #southasia

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Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform

Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform: मोदी सरकार की अनोखी पहल, वक्फ प्रॉपर्टी के लिए लॉन्च हुआ UMEED पोर्टल 

वक्फ संपत्ति को लेकर मोदी सरकार ने क्रांतिकारी कदम उठाते हुए एक पोर्टल लांच किया (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) है। खबर के मुताबिक वक्फ एक्ट के तहत केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन हेतु उम्मीद पोर्टल लॉन्च किया है। बता दें कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने दिल्ली में इसे लॉन्च किया। इस दौरान सभी राज्यों के वक्फ बोर्ड के पदाधिकारी ऑनलाइन मौजूद रहे। लॉन्चिंग प्रोग्राम के दौरान किरण रिजिजू ने कहा कि उम्मीद पोर्टल सिर्फ एक टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन ही नहीं बल्कि अच्छे शासन प्रशासन और पारदर्शिता का भी प्रतीक है। वक्फ संपत्तियों से जुड़े सभी हिस्सेदारों को एक ही जगह पर साथ लाया गया है। जिसका मकसद वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल गरीब और जरूरतमंद मुसलमानों के लिए हो सके। गौरतलब हो कि इसे संसद द्वारा पास कानून के तहत बनाया गया है। पोर्टल को ईमेल और मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के जरिए वेरीफाई करके login किया जा सकेगा। पोर्टल के तीन लेवल के यूजर होंगे।  सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड हो सकेगा (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) तैयार   पहला होगा मुतवल्ली या राज्य के वक्फ बोर्ड द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति, जो वक्फ प्रॉपर्टी को रजिस्टर करने के लिए डिटेल (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) भरेगा। दूसरा जिला स्तर पर कोई अधिकारी होगा जो मुतवल्ली द्वारा भरी गई जानकारी को क्रॉस चेक करेगा और तीसरा होगा वक्फ बोर्ड का सीईओ या राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा अधिकृत अधिकारी प्रॉपर्टी के वक्फ के बतौर रजिस्ट्रेशन को अप्रूव करेगा। इस पोर्टल खासियत यह कि इसमें आंकड़े सटीक और व्यवस्थित हों सके इस लिए ड्रॉपडाउन इनपुट का सिस्टम बनाया गया है। इसका अर्थ यह हुआ कि पोर्टल पूरी तरह यूजर फ्रेंडली होगा। इसके साथ यह सभी स्थानीय प्रशासन से जुड़ी हुई निर्देशिका (एलजीडी) कोड्स को पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है। ये एलजीडी जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर है। प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सिर्फ एक चरण में हो होगी। खास बात यह कि पोर्टल हर एक वक्फ संपत्ति का 17 डिजिट यूनिक आईडी जनरेट करेगा। इससे सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो जाएगा।  इसे भी पढ़ें:-पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन, कटरा से श्रीनगर का सफर होगा आसान  उम्मीद पोर्टल में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग भी (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) होगी कमाल की बात यह कि इस यूनिक आईडी के जरिए वक्फ संपत्तियों का स्टेटस, मालिकाना हक और उसका इस्तेमाल पता करने में आसानी रहेगी। बड़ी बात यह कि रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी को एक सर्टिफिकेट भी मिलेगा। यही नहीं, इस पोर्टल में वक्फ संपत्ति की जानकारी आसानी से भरी जा (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) सके इस हेतु एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। और तो और पोर्टल में भारत के सूचना एवं प्रौद्योगिकी कानून के तहत निजता के अधिकार का पूरा ध्यान रखा गया है। इसके अलावा बेहतर पारदर्शिता के लिए उम्मीद पोर्टल में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग भी होगी। जियो टैगिंग का मतलब, हर वक्फ संपत्ति की ज्योग्राफिकल लोकेशन का डेटा भी पोर्टल पर मौजूद रहेगा। और पोर्टल के जरिए ही संपत्तियों से जुड़े विवाद को सुलझाने की प्रक्रिया भी लाई गई है। अच्छी बात यह कि इससे पारदर्शिता भी आएगी। इसके अलावा मुकदमेबाजी की स्थिति में विवाद का निबटारा भी आसान होगा। यही नहीं, वक्फ के प्रकार में शिया, सुन्नी, बोहरा और आगाखानी का विकल्प पोर्टल में आएगा। इसके अलावा संपत्ति के 22 प्रकार भी रखे गए हैं। जिसके 22 कोड ड्रॉप डाउन लिस्ट में होगा। इनमें एग्रीकल्चर लैंड, खानखाना, स्कूल, दुकान, प्लॉट, हुज़रा, मकतब, मस्जिद, अशुरखाना, दरगाह, ग्रेव यार्ड, ईदगाह, इमामबाड़ा, फिशिंग पौंड, तकिया, फलों के बाग, मदरसा और मकान जैसे कई 22 विकल्प आयेंगे। जिनमें से किसी एक विकल्प को चुनना होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform UMEEDPortal #WaqfProperty #ModiGovernment #DigitalIndia #MinorityWelfare #PropertyTransparency #SmartGovernance

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Yoga for High BP

High Blood Pressure के लिए यह 4 योगासन, ब्लड सर्कुलेशन और हार्ट हेल्थ को बनाएंगे दुरुस्त

हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) यानी हायपरटेंशन (Hypertension) वो समस्या है, जिसमें रोगी का ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक होता है। अगर इसे सही समय पर कंट्रोल न किया जाए, तो यह गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है जैसे हार्ट अटैक या स्ट्रोक आदि। हाई ब्लड प्रेशर  (High blood pressure) को कंट्रोल करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल का पालन करना बहुत आवश्यक है। नियमित रूप से योगा करना न केवल हमारे बॉडी बल्कि माइंड हेल्थ के लिए भी फायदेमंद पाया गया है। ऐसा भी पाया गया है कि योगा करने से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। आइए हाई ब्लड प्रेशर के लिए योगासन (Yogasana for high blood pressure) के बारे में। हाई ब्लड प्रेशर के लिए योगासन (Yogasana For High Blood Pressure) आर्ट ऑफ लिविंग के अनुसार हायपरटेंशन (Hypertension) को बेहद खतरनाक माना जाता है क्योंकि अधिकतर रोगियों में इसका कोई लक्षण नजर नहीं आता। इसके निदान के लिए नियमित चेकअप बहुत जरूरी है। हाई ब्लड प्रेशर के लिए योगासन (Yogasana for high blood pressure) इस प्रकार हैं:  उत्कटासन (Utkatasana) उत्कटासन में करने वाले की पोजीशन चेयर जैसी लगती है, इसलिए इसे चेयर पोज भी कहा जाता है। इस आसन को करने से कई मसल ग्रुप्स की एक्सरसाइज होती है और हाइपरटेंशन को मैनेज करने में मदद मिलती है। इस करने से ब्लड फ्लो बढ़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर को रेगुलर रहने में मदद मिलती है। यही नहीं, इससे हार्ट रेट बढ़ता है और स्ट्रेस भी कम होता है। यानी, उत्कटासन को करने से हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) को कंट्रोल करने में आसानी होती है। भद्रासन (Bhadrasana) भद्रासन यानी बटरफ्लाई पोज करने से हाई ब्लड प्रेशर को मैनेज करने में मदद मिलती है क्योंकि इसे करने से स्ट्रेस कम होता है और शांत रहने में आसानी होती है। स्ट्रेस को हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) के रिस्क फैक्टर्स में से एक माना जाता है। भद्रासन करना भी बेहद सरल है। इसके लिए आपको इस तरह से योगा मैट पर बैठना है कि आपके पैरों के तलवे साथ जुड़े हों। अब अपने पैरों को हाथों को पकड़ें और अपने घुटनों को ऊपर-नीचे करें। भद्रासन को करते हुए अपनी पीठ सीधी होनी चाहिए। ताड़ासन (Tadasana) हाइपरटेंशन का कारण कई चीजें हैं जैसे खराब लाइफस्टाइल, जेनेटिक्स और अंडरलायिंग हेल्थ कंडीशंस आदि। ताड़ासन यानी माउंटेन पोज एक आसान योगासन (Yogasana) है, जो हायपरटेंशन (Hypertension) को कम करने में मदद करता है। हालांकि यह आसन सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर को कम नहीं करता है लेकिन ताड़ासन करने से स्ट्रेस कम होती है, शांति मिलती है और संपूर्ण कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ में सुधार होता है जिससे ब्लड प्रेशर को मैनेज करने में मदद मिलती है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक त्रिकोणासन (Trikonasana) त्रिकोणासन यानी ट्राइएंगल पोज करने से ब्लड सर्कुलेशन सुधरती है, स्ट्रेस कम होती है और रिलेक्स रहने में मदद मिलती है। यानी, हायपरटेंशन (Hypertension) की समस्या से राहत मिल सकती है। लेकिन, इस बात का ध्यान रखें कि इस आसन को सही से करना बेहद जरूरी है। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर है,(High blood pressure) तो इस योगासन (Yogasana) को शुरू करने से पहले हेल्थ एक्सपर्ट और योग इंस्ट्रक्टर से बात करना न भूलें। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi  #highbloodpressure #yogasanaforhighbloodpressure #yogaasana, #hypertension #Trikonasana #Tadasana #Bhadrasana #Utkatasana

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Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein's files

Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein’s files: एपस्टीन की बाल यौन शोषण की फाइल में ट्रंप का नाम, इसीलिए नहीं हो रही जारी-  एलन मस्क ने लगाया गंभीर आरोप 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डीओजीई) के पूर्व प्रमुख एलन मस्क (Elon Musk) के बीच तकरार बढ़ता जा रहा है। दोनों के बीच चल रहे वार-पलटवार के बीच मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एलन मस्क (Elon Musk) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट करते हुए दावा किया है कि “डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का नाम एपस्टीन की फाइल (Epstein Files) में दर्ज है, इसीलिए उसे जारी नहीं किया जा रहा है। अब समय आ गया है कि बड़ा बम गिराया जाए। आप सभी का दिन शुभ हो, डीजेटी!” उन्होंने यह भी लिखा कि, “इस पोस्ट को भविष्य के लिए मार्क कर लें, सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी।” बता दें कि यह पूरा मामला यौन तस्करी के आरोपी अरबपति जेफरी एपस्टीन से जुड़ा हुआ है। एपस्टीन पर साल 2019 में यौन शोषण और तस्करी के आरोप लगे थे। इस मामले का खुलासा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली वर्जीनिया गिफ्रे ने उसी साल आत्महत्या कर ली थी। गिफ्रे ने खुलासा किया था कि वो एप्सटीन की करीबी सहयोगी घिसलीन मैक्सवेल के कारण एप्सटीन से मिली थी। इसके बाद एप्स्टीन ने उसे साल 1999 से 2002 के बीच कई बड़े लोगों के पास अनैतिक कार्य करने के लिए भेजा। गिफ्रे ने इस दौरान कई प्रभावशाली लोगों के नाम का खुलासा भी किया था।  रबपति एपस्टीन को एक समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास दोस्त माना जाता था इनमें ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू और फ्रांस के मॉडलिंग एजेंट जीन-ल्यूक ब्रनेल जैसे बड़े नाम भी शामिल थे। इस खुलासे के बाद एप्सटीन को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन वो उसी साल जेल में मृत पाए गए। ग्रिफे और एप्सटीन की मौत को आधिकारिक तौर पर सुसाइड करार दिया गया, लेकिन कई लोग दावा करते हैं कि दोनों की हत्या की गई। एप्सटीन पर यह भी आरोप था कि उसने 2002 और 2005 के बीच मैनहट्टन और फ्लोरिडा में रहने वाले अमीरों के पास नाबालिग लड़कियों को भेजता था और वहां पर उनका यौन शोषण होता था। एपस्टीन फाइल का एक हिस्सा इसी साल जारी किया गया था। इस फाइल में एपस्टीन के फाइनेंसरों और बाल यौन अपराध में शामिल कई हाई-प्रोफाइल सहयोगियों का विवरण था। अरबपति एपस्टीन को एक समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास दोस्त माना जाता था। हालांकि, एपस्टीन फाइल में ट्रम्प का नाम नहीं था, लेकिन एपस्टीन के साथ दोस्ती के कारण ट्रंप कई साल जांच के दायरे में रहे।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा ट्रंप ने मस्क को दी सब्सिडी बंद करने की (Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein’s files) धमकी  बता दें कि एलन मस्क ने हाल ही में डीओजीई प्रमुख का पद छोड़ ट्रंप प्रशासन से अगल हो गए। ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका के नए टैक्‍स बिल को लेकर दोनों के बीच तनाव था। इसके बाद से ही ट्रंप और मस्क के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। मस्क ने ट्रंप पर “अमेरिका को दिवालिया बनाने” का आरोप लगाया था। जिसके बाद ट्रंप ने एक बयान देते हुए कहा कि ”वो मस्क की टेस्ला और एयरोस्पेस कंपनी को मिलने वाली सरकारी सब्सिडी को बंद कर सकते हैं।” जिसके बाद से टेस्ला कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट हुई है। ट्रंप के इस घोषणा का जवाब देते हुए मस्क ने ट्रंप को कहा, ”अगर वह साथ नहीं देते तो ट्रंप राष्‍ट्रपति चुनाव नहीं जीत पाते, जो करना हो, वो कर लो।” Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump ElonMusk #TrumpEpstein #JeffreyEpstein #ChildAbuseFiles #TrumpControversy #EpsteinList #MuskVsTrump

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Benefits of Vrikshasana

Vrikshasana: तनाव से रहना चाहते हैं दूर तो कर सकते हैं वृक्षासन

टेँशन यानी तनाव ऐसी समस्या है, जो आजकल सामान्य होती जा रही है खासतौर पर युवाओं में। भविष्य में तनाव बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है और इससे रोजाना का जीवन भी प्रभावित होता है। योगा को तनाव से छुटकारा पाने का बेहतरीन तरीका माना जाता है। हालांकि, माइंड ही नहीं बल्कि बॉडी के लिए भी योगा को कई तरह से फायदेमंद माना गया है। ऐसे कई योगासन (Yogasana) हैं, जिनका अभ्यास करना सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इन्हीं में से एक है वृक्षासन (Vrikshasana)। वृक्षासन (Vrikshasana) का दूसरा नाम ट्री पोज भी है। आइए जानें कि वृक्षासन के फायदे (Benefits of Vrikshasana) क्या हैं? इसके साथ ही इसे करने के तरीके के बारे में भी जानें। वृक्षासन के फायदे (Benefits of Vrikshasana) आर्ट ऑफ लिविंग (Art of living) के अनुसार वृक्षासन (Vrikshasana) एक संस्कृत शब्द है जिसमें वृक्ष का अर्थ है पेड़ और आसन का अर्थ है पोजीशन यानी इस योगासन (Yogasana) में करने वाले की पोजीशन वृक्ष की तरह लगती है। इसके फायदे इस प्रकार हैं:  इसे भी पढ़ें: World Environment Day 2025: प्रकृति से जुड़ने के लिए प्लास्टिक की जगह रिसाइकिल प्रोडक्ट का करें इस्तेमाल वृक्षासन (Vrikshasana) कैसे करें? इस योगासन (Yogasana)  को करना बेहद आसान है। वृक्षासन के फायदे (Benefits of Vrikshasana) क्या हैं, यह आप जान ही गए होंगे। इस आसन को इस तरह से किया जा सकता है: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Vrikshasana  #BenefitsofVrikshasana #Vrikshasana #Yogasana #Asanas #TreePose

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