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AAPCON 2025 'Ayurveda Parv'

मुंबई में आयोजित होगा AAPCON 2025 ‘Ayurveda Parv’: पहली बार अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv) एक ऐसा फेस्टिवल या इवेंट है, जो अधिकतर एक मल्टी-डे एक्सिबिशन होता है। इसका उपद्देश्य आयुर्वेद को बढ़ावा देना है। इसका आयोजन कुछ संगठनों द्वारा किया जाता है जैसे मिनिस्ट्री ऑफ आयुष (Ministry of AYUSH) या द एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM)। अन्य शब्दों में कहा जाए तो आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv) एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जिसमें आयुर्वेद की समृद्ध विरासत और इसके फायदों के बारे में लोगों को जागरूक किया जाता है। इस बार एएपीकॉन 2025 “आयुर्वेद पर्व” सम्मेलन और प्रदर्शनी पहली बार मुंबई में आयुर्वेदिक प्रैक्टिशनर्स एसोसिएशन (एएपी) द्वारा आयोजित की जाएगी। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से। क्या है आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv)?  जैसा की पहले ही बताया गया है कि यह एक प्लेटफॉर्म है, जिसमें आयुर्वेद के बारे में लोगों को बताया और जागरूक किया जाता है। इसमें प्रदर्शनी, साइंटिफिक सेशन, मेडिकल चेक-अप कैंप आदि का आयोजन किया जाता है। द एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM) के अनुसार हर व्यक्ति के लिए क्वालिटी हेल्थकेयर सुनिश्चित करने के लिए एक सक्षम एकोसिस्टम बनाना आवश्यक है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए, द एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM) मिनिस्ट्री ऑफ आयुष (Ministry of AYUSH) के साथ मिलकर आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv) का आयोजन करता है। कहां मनाया जा रहा है इस साल आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv)?  इस साल पांचवां अंतर्राष्ट्रीय आयुर्वेद सम्मेलन होटल ताज लैंड्स 5 से 7 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा। इसमें कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा जैसे आयुर्वेद से जुडी एक्सीबिशंस, फ्री हेल्थ चेकअप और सेमीनार आदि। यह कॉसेप्ट ‘आयुर्वेद जगत सेतु’ पर बेस्ड है जिसका अर्थ है कि आर्युवेद ग्लोबल हेल्थ का ब्रिज है। इस एनुअल कॉनफेरेन्स को मिनिस्ट्री ऑफ आयुष (Ministry of AYUSH) के साथ सहयोग के साथ मनाया जा रहा है। ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इस सम्मेलन में दुनिया भर के प्रसिद्ध आयुर्वेद विशेषज्ञ, चिकित्सक और शोधकर्ता शामिल होंगे। यानी, आयुर्वेद से जुड़े कई लोग इस सम्मेलन में शामिल होंगे और भारतीय आयुर्वेद सिस्टम को एक प्लेटफार्म प्रदान करेंगे।  इसे भी पढ़ें: 50 slaps for glow: क्या सच में 50 थप्पड़ खाने से आता है चेहरे पर निखार? आयुर्वेद पर्व कॉन्फ्रेंस (Ayurveda Parv Conference) की डिटेल यह कॉन्फ्रेंस तीन दिन की रहेगी और इस दौरान हेल्थ (Health) से जुड़े कई पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस की डिटेल इस प्रकार है: इसके साथ ही इसमें आयुर्वेद पर्व (Ayurveda Parv) में समुद्र मंथन फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग की जाएगी। आयुर्वेदिक एक्सपर्ट्स के साथ लिवर वर्कशॉप्स और स्पेशल सेशन होंगे। यही नहीं, डिजिटल हेल्थ मार्केटिंग, कॉर्पोरेट हॉस्पिटल पार्टनरशिप और आयुर्वेद प्रोफेशनल के लिए अवसरों पर भी चर्चा होगी।  Latest News in Hindi Today Hindi Ayurveda Parv #AyurvedaParvconference #Ayurvedafestivalconference #MinistryofAYUSH #ASSOCHAM #AyurvedaParv #Ayurveda #AAPCON

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Devrani kill jethani

Devrani kills Jethani: राजस्थान के कोटा में घर की कलह के चलते देवरानी ने अपनी ही जेठानी को उतारा मौत के घाट 

घर में कलह होना आम बात है। लेकिन कभी-कभी कलह इतनी बढ़ जाती है कि सगे रिश्ते एक दूसरे के खून के प्यासे हो जाते हैं। ऐसा ही एक मामला आया राजस्थान के कोटा जिले से, जहाँ एक महिला ने अपनी ही जेठानी की (Devrani kills Jethani) हत्या कर दी। दरअसल, जमीनी विवाद को लेकर खार खायी देवरानी ने मामूली कहासुनी में जेठानी पर पत्थर से हमला कर दिया। इस हमले में जेठानी बुरी तरह चोटिल हो गयी। इस बीच घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने उसे दूसरी जगह रेफेर कर दिया। महिला की हालत बड़ी गंभीर थी। लाख कोशिशों के बीच डॉक्टर उसकी जान नहीं बचा सके और इलाज के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने मामला दर्ज करके महिला की हत्या करने वाली देवरानी की तलाश में पुलिस जुट गई है।   जमीनी विवाद के चलते उतारा मौत के घाट (Devrani kills Jethani) जानकारी मुताबिक मामला कोटा के चेचट थाने का है। चेचट थाने के अंतर्गत आनेवाले अलोद गांव में रहने वाली मोड़ी बाई का अपनी 65 वर्षीय जेठानी शांति बाई से जमीनी विवाद चल रहा था। मृतक महिला के बेटे दिनेश का कहना है कि “हमारा खेतीबाड़ी का काम है। इन दिनों खेतों में काम चल रहा है। रोज की तरह मेरी मां तड़के सुबह काम करने गई थी। सुबह करीब 9 बजे हमारे खेत में काम करने वाले कैलाश का फोन आया और उसने बताया कि तुम्हारी मां खेत में कुएं के पास लहूलुहान हालत में पड़ी हैं। इस बीच खेत में जाकर देखा तो मां अचेत पड़ी थी और सिर से खून निकल रहा था।” माँ के सिर पर तीन से चार जगह घाव के निशान थे। इसके अलावा उनके हाथ और पैर भी गहरे चोट के निशान मिले, जिससे लगातार खून बह रहा था। माँ इस तरह लहूलुहान देख आनन-फानन में उन्हें लेकर चेचट के अस्पताल लेकर गए, जहां पर डॉक्टरों ने तुरंत झालावाड़ रेफर कर दिया। झालावाड़ अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक महिला के भतीजे रमेश चंद्र ने बताया कि “शांतिबाई की एक दिन पहले उसकी देवरानी से कहासुनी हुई थी। उसकी देवरानी गुस्सैल स्वभाव की है और मानसिक रूप से अस्वस्थ भी बताई जाती है। मृतक महिला के बेटे ने बताया कि सुबह खेत पर मां और चाची का झगड़ा हुआ था। जमीन बंटवारे को लेकर चाची मोड़ी बाई ने गाली-गलौज की। इसके बाद मां के सिर पर पत्थर मारकर भाग (Devrani kills Jethani) गई।” इसे भी पढ़ें:-अवैध खनन पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा, दिए ये कड़े निर्देश   परिजनों के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की कर रही है छानबीन   पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक दिनेश ने अपनी चाची यानी शांति बाई की देवरानी मोड़ी बाई पर अपनी मां की हत्या करने का आरोप लगाया। दिनेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि “जमीन बंटवारे को लेकर चाची और मां का झगड़ा हुआ था। चाची ने मां के साथ गाली-गलौज की थी। इस झगड़े में उन्होंने मां के सिर पर पत्थर से हमला कर (Devrani kills Jethani) दिया और फिर खेत से फरार हो गई। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। पूरे मामले पर थाना प्रभारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि “पोस्टमार्टम के बाद शांति बाई के शव को परिजनों को सौंप दिया जाएगा।” बता दें कि पुलिस ने मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन कर रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Devrani kills Jethani KotaMurderCase #RajasthanCrime #FamilyDispute #ShockingCrime #DomesticViolence #CrimeNewsIndia #MurderOverDispute

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Bhajanlal Sharma mining control

Bhajanlal Sharma mining control: अवैध खनन पर सख्त हुए सीएम भजनलाल शर्मा, दिए ये कड़े निर्देश 

सूबे में हो रहे अवैध खनन पर लगाम लगाने के लिए राजस्थान सरकार ने कमर (Bhajanlal Sharma mining control) कस ली है। जानकारी के मुताबिक सरकार अब अवैध खदान वाले इलाकों की ड्रोन से निगरानी कराएगी। जानकारी के मुताबिक यह निर्णय सीएमआर में हुई हाई लेवल की बैठक में किया गया। अवैध खनन पर रोक के लिए राजस्थान सरकार आकस्मिक संयुक्त अभियान चलाएगी। यही नहीं, अवैध खनन से संबंधित मामलों का तत्परता से निपटारा करवाया जाएगा। इसके अलावा सीएम भजनलाल शर्मा ने खनन विभाग को निर्देश दिए कि वे जिला स्तरीय एसआईटी की बैठक की नियमित मॉनिटरिंग करें और प्रतिदिन बैठक की रिपोर्ट लें। कहने की जरूरत नहीं, सरकार के तेवर देखकर तो यही लग रहा है कि अब खनन माफियाओं की खैर नहीं है।  अवैध खनन पर निगरानी रखने के लिए (Bhajanlal Sharma mining control) ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीक की मदद ली जाए- सीएम भजननलाल शर्मा  सीएम भजनलाल ने कहा कि “अवैध खनन पर निगरानी रखने के लिए (Bhajanlal Sharma mining control) ड्रोन और अन्य आधुनिक तकनीक की मदद ली जाए। ड्रोन से पूरे क्षेत्र की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करवाई जाए ताकि अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। यही नहीं, इसके साथ ही अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई में अधिक से अधिक आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जाए। उन्होंने आगे कहा कि “अवैध खनन के औचक निरीक्षण के लिए मुख्यालय स्तर पर संयुक्त टास्क फोर्स बनाई जाए।” अवैध खनन के खिलाफ सख्ती बरतने के आदेश  देते हुए सीएम ने कहा कि “इस संबंध में लंबित प्रकरणों को भी जल्द निपटाया जाए ताकि अवैध खनन के रोकथाम की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।” इसे भी पढ़ें:-हनुमान पौराणिक आदर्श, छत्रपति शिवाजी हमारे आधुनिक आदर्श’ मोहन भागवत ने नागपुर में दिया बड़ा बयान  कलेक्टरों से जिले में चल रही अवैध खनन (Bhajanlal Sharma mining control) की कार्रवाई के बारे में ली जानकारी  इस बीच मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि “एम-सेंड नीति के तहत बजरी के विकल्प के रूप में एम-सेंड को प्रोत्साहन दिया जाए। प्रदेश में एम-सेंड इकाइयों की स्थापना और बजरी के सस्ते विकल्प के रूप में एम-सेंड के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए जिससे बजरी के दोहन में कमी आए।” इसके अलावा उन्होंने खनन विभाग के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती की कराने की भी बात कही। जानकारी के मुताबिक सीएम ने भीलवाड़ा, सवाई माधोपुर, टोंक, नागौर, डीग, कोटपूतली, राजसमंद और चित्तौड़गढ़ कलक्टर से इन जिलों में चल रही अवैध खनन (Bhajanlal Sharma mining control) की कार्रवाई के बारे में जानकारी ली तथा आवश्यक कड़े निर्देश प्रदान दिए। इस मामले पर बात रखते हुए मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि “राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि वैध खनन को बढ़ावा दिया जाए। अवैध खनन पर अंकुश लगे ताकि राजस्व में बढ़ोतरी हो और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकें।” Latest News in Hindi Today Hindi News Bhajanlal Sharma mining control IllegalMining #RajasthanNews #DroneSurveillance #BhajanlalSharma #MiningControl #DronesInAction #MiningBan

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Mohan Bhagwat

हनुमान पौराणिक आदर्श, छत्रपति शिवाजी हमारे आधुनिक आदर्श’ मोहन भागवत ने नागपुर में दिया बड़ा बयान 

हनुमान जी हमारे पौराणिक युग के आदर्श हैं और छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) आधुनिक युग के हमारे आदर्श हैं। यह बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने नागपुर में ‘युगांधर शिवराय’ नामक पुस्तक के विमोचन के दौरान कहीं। मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने वहां मौजूद जनसमूह को संबोधित कर करते हुए कहा कि राजा अलेक्जेंडर के समय से भारत वर्ष पर शुरू हुए विदेशियों का आक्रमण लंबे समय तक चला और इस्लाम के नाम पर हुए आक्रमण के दौरान सब कुछ नष्ट हो गया। अनेकों लड़ाईयों के बाद भी जब इस समस्या का कोई समाधान नहीं निकला, तब छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) ने इसका समाधान दिया और एक के बाद युद्ध जीत कई वीर गाथाएं लिख दी।  भारत के लिए शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) हमेशा से प्रेरणा रहे हैं- मोहन भागवत मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने कहा कि आरएसएस (RSS) का काम भी व्यक्ति-आधारित नहीं बल्कि देश आधारित रहा है। भारत के लिए शिवाजी महाराज हमेशा से प्रेरणा रहे हैं। शिवाजी महाराज ने दक्षिण भारत में अपनी वीरता से विजय प्राप्त की, लेकिन उनके पास समय कम था, इसलिए उत्तर की तरफ नहीं बढ़ पाए। उन्होंने अपने युद्ध कौशल से भारतीय राजाओं को लगातार मिल रही पराजय के युग को बदल दिया और विजय का रास्ता दिखाया। भागवत ने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय राजाओं के हार का सिलसिला सिंकदर के आक्रमण से शुरू हुआ था और देश में इस्लामीकरण तक यह हमला जारी रहा। इस दौरान ही 17वीं शताब्दी में मराठा साम्राज्य की स्थापना हुई और महाराज शिवाजी अपने युद्ध कौशल से इस समस्या का समाधान लेकर आए। उस समय विजयनगर साम्राज्य और राजस्थान के राजाओं के पास भी यह युद्ध कौशल नहीं था।  इसे भी पढ़ें:- नया वक़्फ़ बिल पास होने पर इन्हें होगा सबसे अधिक फायदा? छात्रपति शिवाजी महाराज आधुनिक युग के हमारे आदर्श मोहन भागवत ने कहा कि आरएसएस (RSS) संस्थापक केबी हेडगेवार, द्वितीय सरसंघचालक एमबी गोलवलकर (गुरुजी) और तृतीय सरसंघचालक एमडी देवरस (देवरस) ने कई बार यह बात कही थी कि हनुमान जी हमारे लिए पौराणिक युग के आदर्श और योद्धा थे और छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) आधुनिक युग के हमारे आदर्श हैं। ये 250 वर्ष पहले भी हमारे आदर्श थे, आज भी हैं और आगे भी आदर्श रहेंगे। हम सभी व्यक्तियों और भारत वर्ष के लिए उनकी शौर्य गाथा को सुनना सौभाग्य की बात है। मोहन भागवत ने इस दौरान यह भी कहा कि दक्षिण भारत के एक अभिनेता ने एक फिल्म में शिवाजी का रोल अदा किया था। इस फिल्म के आने के बाद उनका नाम गणेशन से बदलकर शिवाजी गणेशन हो गया। जो बताता है कि देशवासी शिवाजी को कितना सम्मान देते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi News Chhatrapati Shivaji Maharaj MohanBhagwat #RSSChief #ChhatrapatiShivaji #LordHanuman #IndianIdeals #NagpurNews #HinduIcons

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Chaitra Navratri

चैत्र नवरात्रि में इन 7 दिव्य मंत्रों से होगी धन की प्राप्ति

चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) का पावन पर्व हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह समय मां दुर्गा (Maa Durga) की आराधना और आशीर्वाद पाने के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इस दौरान कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने से धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं वे 7 चमत्कारी मंत्र जो आपको जीवनभर धनवान और खुशहाल बनाए रखेंगे। ॐ ज्ञानिनामपि चेतांसि देवी भगवती हि सा।बलादाकृष्य मोहाय महामाया प्रयच्छति॥  दुर्गे स्मृता हरसि भीतिमशेष जन्तोः स्वस्थैः स्मृता मतिमतीव शुभां ददासि।दारिद्र्य दुःख भयहारिणि का त्वदन्या सर्वोपकार करणाय सदार्द्रचित्ता॥ सर्वमङ्गल माङ्गल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तु ते॥ शरणागत दीनार्तपरित्राण परायणे।सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते॥ सर्वस्वरूपे सर्वेशे सर्वशक्ति समन्विते।भयेभ्यस्त्राहि नो देवि दुर्गे देवि नमोऽस्तु ते॥ रोगानशेषानपहंसि तुष्टारुष्टा तु कामान् सकलानभीष्टान्।त्वामाश्रितानां न विपन्नराणांत्वामाश्रिता हि आश्रयतां प्रयान्ति॥ सर्वबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि।एवमेव त्वया कार्यम् अस्मद् वैरि विनाशनम्॥ इसे भी पढ़ें:- प्रेमानंद जी महाराज: गुरु दक्षिणा का सही अर्थ और महत्व नवरात्रि में 9 देवियों के विशेष बीज मंत्र इस प्रकार हैं: दुर्गा सप्तशती पाठ चैत्र नवरात्रि (Chaitra Navratri) के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। इस पवित्र ग्रंथ में 13 अध्याय और 700 श्लोक शामिल हैं, जो माता दुर्गा (Maa Durga) के तीन प्रमुख स्वरूपों का विवरण प्रस्तुत करते हैं। यदि कोई व्यक्ति नवरात्रि में संपूर्ण दुर्गा सप्तशती का पाठ करने में असमर्थ हो, तो केवल 7 विशेष मंत्रों का जाप करके भी मां दुर्गा की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त कर सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi News Chaitra Navratri #ChaitraNavratri #Navratri2024 #DurgaPuja #DivineFeminine #ShaktiPower #SacredMantras #MantraMeditation #VedicWisdom #SpiritualGrowth

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Health issues in summer

Health issues in summer: गर्मी में होने वाली 5 सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं और उनसे सुरक्षित रहने के टिप्स

गर्मी का महीना अपने साथ कड़कती धूप, लंबे दिन और छोटी रातें ले कर आता है। इन दिनों कई हेल्थ रिस्क्स का जोखिम भी रहता है। अधिक तापमान और ह्यूमिडिटी के कारण लोग कई बीमारियों का अनुभव कर सकते हैं। इनकी वजह से आंख, स्किन, बाल, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और न्यूलोजिकल प्रोब्लेम्स हो सकती हैं। इन हेल्थ प्रॉब्लम्स से बचाव के लिए इनके बारे में जानकारी होना बेहद जरूरी है। आइए जानें गर्मी में हेल्थ इशूज के बारे में और यह भी जानकारी पाएं कि इस दौरान कैसे सुरक्षित रहा जा सकता है? सबसे पहले गर्मी में हेल्थ इशूज (Health issues in summer) के बारे में जान लेते हैं। गर्मी में हेल्थ इशूज (Health issues in summer): पाएं जानकारी वर्ल्ड हेल्थ आर्गेनाईजेशन (World health Organisation) के अनुसार हीट स्ट्रेस मौसम संबंधी डेथस का प्रमुख कारण है और यह डायबिटीज, मानसिक स्वास्थ्य, अस्थमा जैसी अंडरलायिंग डिजीज को बढ़ा सकता है और कुछ संक्रामक रोगों के ट्रांसमिटेड के जोखिम को भी बढ़ा सकता है। गर्मी से संबंधित बीमारी एक मेडिकल एमर्जेन्सी है। गर्मी में हेल्थ इशूज (Health issues in summer) इस प्रकार हैं:  हीट स्ट्रोक (Heat stroke) हीट स्ट्रोक (Heat stroke) ऐसी ऐसी बीमारी है, जो अधिक गर्म टेम्प्रेचर की वजह से होती है। हाई टेम्प्रेचर के कारण इसे हाइपरथर्मिया भी कहा जाता है। इसके लक्षणों में सिरदर्द, जी मिचलाना और कमजोरी आदि शामिल हैं। यही नहीं, गंभीर मामलों में यह ऑर्गन फेलियर, बेहोशी और मृत्यु का कारण बन सकती है। बचाव के तरीके: अगर आपको गर्मी में हीट स्ट्रोक (Heat stroke) से बचना है तो दोपहर को घर से बाहर जाने से बचें। हल्के रंग और कॉटन के कपडे पहनें। बाहर जाते हुए छाते और हैट का इस्तेमाल करें। अगर आपको इसके लक्षण नजर आते हैं तो ठंडे स्थान पर और हाइड्रेट रहें। डॉक्टर की सलाह भी लें।  फूड पोइजनिंग (Food Poisoning) फूड पोइजनिंग गर्मियों में सबसे अधिक होने वाली बीमारियों में से एक है और यह समस्या दूषित फूड्स को खाने से होती है। गर्मियों में फूड पॉइजनिंग होने का कारण यह है कि गर्मी के महीने में ह्यूमिड मौसम बैक्टीरियल ग्रोथ आसानी से होती है। यह समस्या बैक्टेरिया, वायरस, केमिकल या टॉक्सिन्स के कारण फैलती है और इसके कारण डिस्कम्फर्ट, जी मिचलाना, उलटी आना और डायरिया जैसी समस्या हो सकती है। बचाव के तरीके: अपने आहार का खास ध्यान रखें। फलों और सब्जियों को खाने से पहले धोना जरूरी है। स्ट्रीट फूड और बासी खाने को खाने से बचें। पानी को भी अच्छे से फिल्टर करके या उबाल के पीएं। डिहाइड्रेशन (Dehydration) गर्मी में हेल्थ इशूज (Health issues in summer) में डिहाइड्रेशन (Dehydration) भी सामान्य है। इस रोग का कारण भी गर्म और ह्यूमिड कंडीशंस हैं। गर्मी में शरीर से पानी और नमक पसीने के माध्यम से बाहर निकल जाता है। इसके लक्षण हैं मुंह और जीभ का सुखना, थकावट, भूख न लगना, डार्क यूरिन और बहुत अधिक प्यास लगना आदि।  बचाव के तरीके: पानी और अन्य फ्लुइड्स को पर्याप्त मात्रा में पीएं, ताकि डिहाइड्रेशन (Dehydration) से बच सके। इसके साथ ही इसके लक्षणों को नजरअंदाज न करें।  इन्फेक्शंस (Infections) मच्छरो और टिक के कारण होने वाले इन्फेक्शन, अमीबिक मेनिंगोएन्सेफेलाइटिस और समर वायरस ऐसे संक्रमण हैं, जो गर्मियों में होते हैं। कई बीमारियां मल, ओरल और सांस के द्वारा बीमार लोगों से फैलती हैं।  बचाव के तरीके:  इस रोग से बचाव के लिए बार -बार हाथ धोएं खासतौर पर खाना खाने से पहले। इसके अलावा संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आने से बचें और साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।  इसे भी पढ़ें: पानी पीना ही काफी नहीं, हीटवेव्स में हाइड्रेशन से बचाव के लिए अपनाएं ये टिप्स सनबर्न और स्किन रैशेज (Sunburn and skin rashes) बहुत अधिक पसीना आने के कारण हीट रैशेज हो सकते हैं।  इसके साथ ही अधिक समय तक धुप में रहने के कारण सनबर्न हो सकता है। इसके कारण स्किन में रेडनेस और अन्य समस्याएं हो सकती हैंl बचाव के तरीके: गर्मी में हेल्थ इशूज (Health issues in summer) में इस समस्या से बचाव के लिए कॉटन के कपडे पहनें ताकि यह पसीने को आसानी से सोख सके। इसके साथ ही घर से बाहर निकलते हुए SPF 30+ सनस्क्रीन को अप्लाई करें। अपनी त्वचा को फ्रेश और बैक्टीरिया फ्री रखने के लिए प्रतिदिन दो बार स्नान करें। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Health issues in summer #Dehydration #FoodPoisoning #healthissuesinsummer #Heatstroke

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Ghibli

चेहरे की पहचान का खतरा: एआई के साथ घिबली का मजा लेने से पहले जानें क्या हो सकते हैं जोखिम?

इस समय पूरा सोशल मीडिया घिबली (Ghibli) स्टाइल पोर्ट्रेट्स से भर चुका है और इसका पूरा श्रेय ओपनएआई (OpenAI) के चैटजीपीटी-4ओ को जाता है। फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स प्लैटफॉर्म्स पर लोग अपने एआई (AI) द्वारा बनाए अवतारों को शेयर कर रहे हैं। लोग इस वायरल ट्रैंड का हिस्सा बनने के लिए अपनी और अपने बच्चों तक की तस्वीरों को अपलोड कर रहे हैं। यह अलग और अनोखी तस्वीरे क्यूट तो हैं, लेकिन यह अपने साथ कुछ परेशानियां भी ला सकती हैं। ऐसा माना जा रहा है कि घिबली (Ghibli) हमारा फेस चुरा सकता है। यानी, यह मजा आपके लिए सजा भी बन सकता है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से। घिबली ट्रेंड क्या है? घिबली (Ghibli)  हाल ही में प्रचलित एक मशहूर एक ऐसा ट्रेंड है जिसमें लोग अपनी तस्वीरों को क्रिएटिव तरीके से एक अलग तस्वीर में बदल सकते हैं। बड़े-बड़े सेलेब्रिटीज और हस्तियां अपनी तस्वीरों को बदलने के लिए इसका इस्तेमाल कर रही हैं। असल में घिबली एक जापानी एनिमेशन स्टूडियो है, जो अपनी अनोखी और कल्पनाशील फिल्मों के लिए प्रसिद्ध है। इन्होने ही सामान्य तस्वीरों को इस तरह का क्रिएटिव लुक देना शुरू किया था। हयाओ मियाजाकी, इसाओ ताकाहाटा, और तोशियो सुजुकी ने 1985 में प्रसिद्ध जापानी एनिमेशन कंपनी कंपनी घिबली की स्थापना की है। यह ट्रेंड आजकल बहुत प्रसिद्ध हो रहा है। क्या घिबली (Ghibli) चुरा सकता है आपका चेहरा?  घिबली (Ghibli) जहां लोगों के लिए उत्साह का कारण है वहीं यह चिंता का विषय भी है। जो लोग इस टूल का इस्तेमाल कर रहे हैं उनकी सुरक्षा और प्रिवेसी जोखिम में हो सकती है। कई डिजिटल प्राइवेसी से जुड़े लोगों ने ओपनएआई (OpenAI) के घिबली (Ghibli) को लेकर लोगों को सावधान किया है। कुछ लोगों का यह मानना है कि यह टूल ओपनएआई (OpenAI) के लिए हजारों पर्सनल फोटोज को प्राप्त करने की एक चाल हो सकती है। यानि इसका इस्तेमाल करने से यूजर की प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती है।  एक्सपर्ट्स ने यह भी नोट किया है कि इन तस्वीरों का एआई (AI) द्वारा मिसयूज किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, किसी व्यक्ति की अपलोड की गई तस्वीर का उपयोग मिसलीडिंग या अपमानजनक कंटेंट तैयार करने के लिए किया जा सकता है। इसके लिए यूजर्स को सावधान रहने की आवश्यकता है ताकि वो भविष्य में किसी समस्या में न पड़ें। इसे भी पढ़ें: Taara chip launch: अब रोशनी से मिलेगी हाई स्पीड इंटरनेट किन बातों का रखें ध्यान? अगर आप अपनी बायोमेट्रिक आइडेंटिटी (Biometric Identity) की सुरक्षा करना चाहते हैं, तो इन बातों का खास ध्यान रखें इसके साथ ही जब जरूरी न हो तो कैमरा एक्सेस न दें। गवर्नमेंट से भी यह जानकारी लेना जरूरी है कि वो बायोमेट्रिक डेटा को कैसे इकठ्ठा करते हैं और उसक कैसे इस्तेमाल किया जाता है?। सरकार द्वारा इस सुविधा के इस्तेमाल को बंद करना चाहिए। बायोमेट्रिक आइडेंटिटी (Biometric Identity) की सुरक्षा के लिए यह बहुत जरूरी है  एआई (AI) ने हमारी जिंदगी को आसान तो बनाया है, लेकिन इससे हम मुश्किल में पड़ सकते हैं। इसलिए, डेटा लीक, आइडेंटिटी चोरी और साइबर धोखाधड़ी का जोखिम बढ़ सकता है, जिससे हमें घिबली (Ghibli) और अन्य टूल्स के इस्तेमाल को लेकर सतर्क रहना चाहिए। Latest News in Hindi Today Hindi  #BiometricIdentity #Ghibli #AI  #OpenAI

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Man with swords in Ajmer

Man with swords in Ajmer: अजमेर शरीफ दरगाह में तीन तलवार लेकर अंदर घुसा अर्धनग्न व्यक्ति, मचा हड़कंप 

राजस्थान की प्रसिद्ध अजमेर शरीफ दरगाह में लाखों हिन्दू और मुस्लिम श्रद्धालु मत्था टेकने जाते हैं। वैसे तो अजमेर शरीफ की सुरक्षा चाकचौबंद होती है लेकिन एक शख्स ने सुरक्षा को धता बताते हुए एक दो नहीं बल्कि 3 तलवारों के साथ अंदर प्रवेश (Man with swords in Ajmer) कर गया। तीन तलवार लेकर घुसे अर्धनग्न व्यक्ति को देख मुस्लिम श्रद्धालुओं में हड़कंप मच गया। दरगाह के भीतर जब मौजूद लोगों ने उस शख्स को देखा तो उनके होश फाख्ता हो गए। मौके की नज़ाकत को समझते हुए लोगों ने त्वरित कार्रवाई की। अहम बात यह कि अजमेर शरीफ दरगाह की सुरक्षा में यह चूक ईद के ठीक अगले दिन हुई है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक दरगाह के सभी 10 प्रवेश द्वारों पर सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। बता दें कि अजमेर शरीफ का मुख्य द्वार निजाम गेट कहलाता है। वहां पर आरएसी के तकरीबन10 जवान तैनात रहते हैं। इसके अलावा मेटल डिटेक्टर और बैग स्कैनर भी लगे हुए हैं। लेकिन, फिर भी व्यक्ति का अंदर तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता ही है।  एक स्थानीय व्यक्ति ने साहस दिखाया और संदिग्ध युवक से तलवार छीन (Man with swords in Ajmer) ली जानकारी के मुताबिक एक स्थानीय व्यक्ति ने साहस दिखाया और संदिग्ध युवक से तलवार छीन (Man with swords in Ajmer) ली। इस छीना-झपटी के दौरान युवक जख्मी हो गया। इस दौरान उसके हाथ से खून बहने लगा। इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी और दिलेरी दिखाते हुए अन्य श्रद्धालुओं की मदद से अर्धनग्न व्यक्ति को पकड़कर स्थानीय पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि पुलिस ने तुरंत आरोपी को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ शुरू कर दी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वह व्यक्ति कौन था और उसके मंसूबे क्या थे? खैर, पुलिस घटना की गंभीरता से जांच कर रही है। साथ यह भी देखा जा रहा है कि सुरक्षा में चूक हुई तो भी कैसे हुई? हालाँकि इस घटना के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है और दरगाह की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। वो बात और है कि इस घटना के बाद से श्रद्धालुओं में डर का माहौल जरूर बना हुआ है। कुछ भी हो लेकिन एक अच्छी बात यह कि स्थानीय लोगों की सतर्कता और बहादुरी से एक संभावित बड़ी घटना टल गई।  इसे भी पढ़े:– अजमेर शरीफ पर पीएम मोदी के इस कदम से भड़की हिंदू सेना, कही यह बात प्रधानमंत्री से लेकर मशहूर हस्तियों ने यहाँ चादर भेजी और चढ़ाई है (Man with swords in Ajmer) बता दें कि अजमेर शरीफ दरगाह का निर्माण मुस्लिम शासक इल्तुतमिश के शासनकाल में हुआ था। जिसे बाद में मुगल सम्राट हुमायूं के शासनकाल में पूरा किया गया। दरगाह का यह स्थल, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यधिक महत्वपूर्ण है। गौर करने वाली बात यह कि आज भी यह हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लिए श्रद्धा का केंद्र है। यही नहीं, देश के प्रधानमंत्री से लेकर मशहूर हस्तियों ने यहाँ चादर भेजी और चढ़ाई है। लोगों का विश्वास है कि यहां मांगी गई मुराद कभी खाली नहीं जाती।  Latest News in Hindi Today Hindi news Man with swords in Ajmer AjmerSharif #AjmerDargah #BreakingNews #IndiaNews #SecurityBreach #AjmerIncident #DargahAlert #AjmerLatest #ReligiousSite #ViralNews

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Mumbai bomb blast verdict

Mumbai bomb blast verdict: मुंबई बम धमाके के 32 साल बाद विशेष अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला, टाइगर मेमन को लगा झटका

साल 1993 में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इस कदर अचनाक हुए बम धमाकों से मुंबई दहल गई थी। इस हादसे के जख्म आज भी हरे हैं। आखिरकार 32 इस हमले के साजिशकर्ता टाइगर मेमन को लेकर मुंबई की एक विशेष अदालत ने बड़ा फैसला (Mumbai bomb blast verdict) दिया है। आदेश के मुताबिक, मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के कथित मुख्य साजिशकर्ता में से एक टाइगर मेमन तथा उसके परिवार की 14 संपत्तियां केंद्र सरकार को सौंपी जाएंगी। आतंकवादी और विध्वंसकारी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम-1987 (TADA) अदालत के आदेश के बाद ये संपत्तियां 1994 से बंबई उच्च न्यायालय के ‘रिसीवर’ के कब्जे में थीं। जानकारी के मुताबिक पिछले सप्ताह 26 मार्च को पारित अपने एक आदेश में विशेष टाडा अदालत के न्यायाधीश वी.डी. केदार ने कहा कि “अचल संपत्तियों का कब्जा केंद्र सरकार को सौंप दिया जाना चाहिए।” आदेश में कहा गया कि “केंद्र को सौंपी जाने वाली संपत्तियां ऋणभार से मुक्त हैं और इस तरह सक्षम प्राधिकारी के माध्यम से केंद्र सरकार 14 अचल संपत्तियों पर कब्जा पाने की हकदार है।”  केंद्र सरकार को उन्हें जब्त करने का (Mumbai bomb blast verdict ) देना है आदेश   खैर, इस बीच तस्कर और विदेशी मुद्रा छलसाधक (संपत्ति समपहरण) अधिनियम के तहत सक्षम प्राधिकारी ने संपत्तियों को छोड़ने की मांग की थी। याचिका में कहा गया कि “उपरोक्त अधिनियम का कार्य विदेशी मुद्रा छलसाधक और मादक पदार्थों के तस्करों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों का पता लगाना और केंद्र सरकार को उन्हें जब्त करने का आदेश  (Mumbai bomb blast verdict ) देना है।” गौरतलब हो कि टाइगर मेमन की 14 संपत्तियों में बांद्रा (वेस्ट) की एक इमारत में एक फ्लैट, माहिम में एक कार्यालय परिसर, माहिम में ही एक भूखंड, सांताक्रूज (ईस्ट) में एक भूखंड और एक फ्लैट यही नहीं, इसके अलावा कुर्ला की एक इमारत में दो फ्लैट, मोहम्मद अली रोड पर एक कार्यालय, डोंगरी में एक दुकान और भूखंड, मनीष मार्केट में तीन दुकानें और मुंबई की शेख मेमन स्ट्रीट पर स्थित एक इमारत शामिल है। इसे भी पढ़ें:–चीन के इशारे पर नॉर्थईस्ट का कार्ड खेल दबाव बना रहा बांग्लादेश, पीएम मोदी से द्विपक्षीय बैठक को क्यों बेचैन युनूस विशेष अदालत ने (Mumbai bomb blast verdict ) बम धमाकों के मुख्य साजिशकर्ता टाइगर मेमन को दिया बड़ा झटका  बता दें कि मुंबई के अलग-अलग इलाकों में 12 मार्च 1993 को हुए सिलसिलेवार 13 बम धमाकों में 257 लोगों की जान चली गई थी और 700 से भी अधिक लोग घायल हुए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे चलकर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने इस मामले की जांच अपने हाथ में ले ली थी। सीबीआई के मुताबिक, साल 1993 के धमाकों की साजिश कथित तौर पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने आईएसआई के इशारे पर अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम ने अपने साथी टाइगर मेमन और मोहम्मद दोसा की मदद से रची थी। ध्यान देने वाली बात यह कि दाऊद इब्राहिम और टाइगर मेमन दोनों अब भी वांछित आरोपी हैं। टाइगर मेमन के भाई याकूब मेमन को इस मामले में दोषी ठहराया गया था और साल 2015 में उसे मृत्युदंड दिया गया था। खैर,एक तरह से 32 साल बाद ही सही मुंबई की एक विशेष अदालत ने  (Mumbai bomb blast verdict ) बम धमाकों के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक, टाइगर मेमन तथा उसके परिवार को एक बड़ा झटका दिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mumbai bomb blast verdict MumbaiBlasts #TigerMemon #MumbaiVerdict #JusticeServed #TerrorismTrial #CourtRuling #IndiaNews

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street namaz controversy

street namaz controversy: हिंदुओं से सीखें धार्मिक अनुशासन, सड़क पर नमाज न पढ़ने को लेकर योगी आदित्यनाथ ने कही यह बड़ी बात

इन दिनों देश में हिन्दू-मुस्लिम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज होती जा रही है। आए दिन नेतागण किसी न किसी बहाने हिंदू-मुस्लिम के मुद्दों को भुनाने का एक भी मौका नहीं गंवाना चाहते। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क पर होने वाली नमाज (street namaz controversy) को लेकर साफ़ तौर पर कहा है कि ये नहीं हो सकती है। दरअसल, समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में सड़कों पर नमाज पढ़ने को लेकर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि “सड़कें चलने के लिए होती हैं और जो लोग ऐसा कह रहे हैं उन्हें हिंदुओं से अनुशासन सीखना चाहिए। प्रयागराज में 66 करोड़ लोग आए। कहीं कोई लूटपाट नहीं हुई, कहीं कोई आगजनी नहीं हुई, कहीं कोई छेड़छाड़ नहीं हुई, कहीं कोई तोड़फोड़ नहीं हुई, कहीं कोई अपहरण नहीं हुआ, यही अनुशासन है, यही धार्मिक अनुशासन है। वे श्रद्धा के साथ आए, महास्नान में भाग लिया और फिर अपने गंतव्य की ओर बढ़ गए। त्योहार और उत्सव या ऐसे कोई भी आयोजन उदंडता का माध्यम नहीं बनने चाहिए। अगर आप सुविधा चाहते हैं, तो उस अनुशासन का पालन करना भी सीखें।”   नमाज पढ़ने के नाम पर क्या घंटों सड़क जाम (street namaz controversy) करेंगे? इस पर उन्होंने आगे कहा कि “ईद में कौन सा प्रदर्शन करेंगे? नमाज पढ़ने के नाम पर क्या घंटों सड़क जाम (street namaz controversy) करेंगे? नमाज पढ़ने के लिए ईदगाह और मस्जिद हैं, न कि सड़क। इसके लिए ठीक तो बोला जा रहा है। और वैसे भी मैं किसी एक वर्ग विशेष के लिए सभी को असुविधा में नहीं डाल सकता। मुझे पूरे प्रदेश के लोगों को हर जरूरी सुविधा उपलब्ध करानी है।” इस बीच सड़क पर नमाज की तुलना कांवड़ यात्रा से करने पर सीएम ने कहा कि “कांवड़ यात्रा से तुलना की जा रही है, कावंड़ यात्रा हरिद्वार से लेकर गाजियाबाद और एनसीआर के क्षेत्रों तक जाती है। वो सड़क पर ही चलेगी। क्या हमने कभी परंपरागत मुस्लिम जुलूस को रोक, कभी भी नहीं रोक। मुहर्रम के जुलूस निकलते हैं। हां, ये जरूर कहा है कि ताजिया का साइज थोड़ा छोटा रखें क्योंकि तुम्हारी सुरक्षा के लिए है। रास्ते में हाईटेंशन तार होंगे, जोकि आपके लिए बदले नहीं जाएंगे। हाईटेंशन की चपेट में आने से मर जाओगे। यही होता है, कांवड़ यात्रा में भी यही बोला जाता है कि डीजे का साइज छोटा करो, जो ऐसा नहीं करता है तो सख्ती की जाती है। कानून सभी के लिए बराबर लागू होता है। फिर कैसे तुलना की जा रही है।”  इसे भी पढ़ें:- वक्फ संशोधन बिल 2 अप्रैल को लोकसभा में हो सकता है पेश, राज्यसभा में मिलेगी चुनौती  सुधार समय की मांग (street namaz controversy) है वक्फ (संशोधन) विधेयक पर पूछे गए सवाल का प्रश्न का उत्तर देते हुए सीएम योगी ने कहा कि “सुधार समय की मांग (street namaz controversy) है। हर अच्छे काम का विरोध होता है।इसी तरह वक्फ संशोधन विधेयक पर भी हंगामा हो रहा है, जो लोग इस मुद्दे पर हंगामा कर रहे हैं, मैं उनसे पूछना चाहता हूँ, क्या वक्फ बोर्ड ने कोई कल्याण किया है? सब कुछ छोड़िए, क्या वक्फ ने मुसलमानों का भी कोई कल्याण किया है? वक्फ निजी स्वार्थ का केंद्र बन गया है। यह किसी भी सरकारी संपत्ति पर जबरन कब्जा करने का माध्यम बन गया है और सुधार समय की मांग है और हर सुधार का विरोध किया जाता है।” Latest News in Hindi Today Hindi news street namaz controversy YogiAdityanath #ReligiousDiscipline #Namaz #Hinduism #UttarPradesh #IndianPolitics #ReligiousFreedom

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