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Wakf Amendment Bill

वक्फ संशोधन बिल 2 अप्रैल को लोकसभा में हो सकता है पेश, राज्यसभा में मिलेगी चुनौती 

संसद में बजट सत्र (Parliament Budget Session) के दूसरा चरण में अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा लगातार जारी है। इस चरण के अब कुछ दिन ही बाकि रह गए हैं, ऐसे में केंद्र सरकार बड़े बिल लाने की तैयारी कर रही है। इसमें से ही एक वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) भी है। कहा जा रहा है कि वक्फ संशोधन बिल को कल यानी 2 अप्रैल को संसद में पेश किया जाएगा। अगर सरकार इस वक्फ संशोधन बिल (Wakf Amendment Bill) को  2 अप्रैल को लाती है तो इसे दोनों सदनों से पारित कराने के लिए मात्र दो दिन ही मिलेंगे। ऐसे में आखिरी के दिनों में सदन के अंदर भारी हंगामा होने का अंदेशा जताया जा रहा है।  संसद के पिछले सत्र के दौरान सदन में पेश किया गया था वक्फ संशोधन बिल बता दें कि वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Bill) को संसद के पिछले सत्र के दौरान सदन में पेश किया गया था। इस बिल का विरोध करते हुए विपक्षी सदस्यों ने भारी हंगामा किया था। जिसके बाद बिल में सुधार करने के लिए इसे संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेज दिया गया था। वक्फ बिल में सुधार के लिए भाजपा (BJP) सांसद जगदंबिका पाल की अगुवाई में जेपीसी का गठन हुआ था। इस जेपीसी ने बिल में कई सुझावों के साथ संशोधन करने के बाद बजट सत्र के दौरान अंतिम रिपोर्ट लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को सौंप दी थी। इस रिपोर्ट में भाजपा (BJP) की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों की तरफ से दिए गए सुझावों को शामिल किया गया है। वहीं, विपक्ष के सदस्यों ने आरोप लगाया था कि बिल में उनके सुझावों को शामिल नहीं किया गया। जिसके बाद विपक्षी सदस्यों ने डिसेंट नोट दिए हैं।  जेडीयू और टीडीपी कर सकती हैं खेल  विपक्षी दलों को वक्फ संशोधन बिल को रोकने में सबसे ज्यादा उम्मीद जेडीयू और टीडीपी का साथ मिलने का है। माना जा रहा है कि एनडीए के दो दोनों सहयोगी दल बिल में कुछ बदलाव को लेकर विरोध कर सकते हैं। लेकिन भाजपा (BJP) का कहना है कि इस बिल को लेकर दोनों दलों की सभी चिंताओं का पहले ही निवारण कर दिया गया है। जेपीसी में भी दोनों दलों के संसद मौजूद थे और इनके सुझावों को शामिल किया गया। ऐसे में इनसे कोई खतरा नहीं है।  इसे भी पढ़ें: तो ये हैं वक्फ बिल में किये जाने वाले 14 प्रस्तावित बदलाव? कितने असरकारक होंगे ये बदलाव? राज्यसभा में छोटे दलों से भाजपा को उम्मीद  भाजपा के पास लोकसभा में बहुमत तो है, लेकिन राज्यसभा में वक्फ बिल पारित कराने के लिए जरूरी बहुमत से थोड़ी पीछे है। ऐसे में भाजपा को यहां पर कुछ छोटे दलों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। राज्यसभा में पूर्ण बहुमत नहीं होने के पहले भी भाजपा कई महत्वपूर्ण बिलों को पास नहीं करा पाई है। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि वक्फ बिल पर भाजपा को छोटे दलों का साथ मिलता है कि नहीं। Latest News in Hindi Today Hindi news Waqf Amendment Bill WaqfAmendmentBill #LokSabha #RajyaSabha #IndianParliament #MuslimLaw #PropertyRights #PoliticalDebate

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IPL 2025 Mumbai Indians victory

IPL 2025 Mumbai Indians victory: लगातार दो हार के बाद मुंबई इंडियंस की टीम ने आईपीएल 2025 में की शानदार जीत दर्ज

मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में कोलकाता नाइट राइडर्स और मुंबई इंडियंस के बीच आईपीएल 2025 का 12वां मुकाबला खेला गया। इस मुकाबले में एकतरफा जीत दर्ज करते हुए मुंबई इंडियंस की टीम ने सीजन में शानदार वापसी (IPL 2025 Mumbai Indians victory) की। दरअसल, टॉस जीतने के बाद मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पंड्या ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। उनका यह फैसला कारगर भी सिद्ध हुआ। मुंबई इंडियंस की घातक गेंदबाजी के आगे केकेआर के बल्लेबाजों ने घुटने टेक दिए और उनकी पूरी टीम 116 रन पर ही सिमट गई। मुंबई इंडियंस की इस रोमांचक जीत में गेंदबाजों का बड़ा योगदान रहा। विशेषकर युवा गेंदबाज अश्विनी कुमार का, जिन्होंने अपने डेब्यू मैच में ही केकेआर की टीम को दातों तले चने चबवा दिए।  गेंदबाजों के प्रदर्शन के बदौलत मुंबई इंडियंस इस सीजन में अपनी पहली जीत (IPL 2025 Mumbai Indians victory) दर्ज की।  जीत के मुख्य सूत्रधार रहे आश्विन ने केकेआर के अहम चार विकेट झटके। बता दें कि इस मैच में अश्विनी कुमार को क्विंटन डिकॉक के रूप में पहली सफलता मिली। उन्होंने न सिर्फ कोलकाता के चार बल्लेबाजों को पेवेलियन का रास्ता दिखाया बल्कि साथ ही अपनी पहली ही आईपीएल की गेंद पर विकेट लेने का रिकॉर्ड भी बनाया। इस तरह वो आईपीएल के इतिहास में पहली गेंद पर विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में चौथे गेंदबाज बन गए हैं। उनके इस प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का अवॉर्ड भी दिया गया। इस मैच में कमाल की बात यह रही कि अश्विनी कुमार ने कोलकाता के खिलाफ अपना आईपीएल डेब्यू मैच खेला और उससे भी बड़ा कमाल यह कि उन्होंने अपने पहले ही मैच में बाकमाल का प्रदर्शन भी किया। उनके इस प्रदर्शन के बदौलत मुंबई इंडियंस ने इस सीजन में अपनी पहली जीत (IPL 2025 Mumbai Indians victory) दर्ज की।  इस जीत (IPL 2025 Mumbai Indians victory) में मुंबई इंडियंस के गेंदबाजो का रहा अहम रोल  कहने की जरूरत नहीं, इस जीत (IPL 2025 Mumbai Indians victory) में मुंबई इंडियंस के गेंदबाजो का अहम रोल रहा। उन्होंने पहले बल्लेबाजी करने वाली कोलकाता की टीम के बल्लेबाजों को उखाड़ फेका। मुंबई के लिए पहला ओवर ट्रेंट बोल्ट ने किया। उन्होंने अपने और टीम के पहले ओवर की दूसरी ही गेंद पर सुनिल नारायण को आउट कर दिया। इसके बाद से कोलकाता के विकेटों की झड़ी सी लग गई। मानों एक तरफ से कोलकाता के बल्लेबाजों ने मुंबई के गेंदबाजों के सामने सेरेंडर ही कर दिया था। बड़ी बात यह कि इस मैच में कोलकाता की तरफ से किसी भी बल्लेबाज ने अर्धशतक नहीं लगाया। कोलकाता की तरफ से अंगकृष रघुवंशी ने सबसे अधिक 26 रन बनाए। उन्हींकी वजह से ही टीम 100 रनों का आंकड़ा पार कर पाई। इसके बाद रमनदीस सिंह ने 22 और मनीष पांडे ने 19 रन बनाए। बाकी के बल्लेबाज बुरी तरह से फ्लॉप रहे। गौर करने वाली बात यह कि मुंबई इंडियंस की गेंदबाजी के आगे केकेआर की पूरी टीम सिर्फ 116 रन ही बना सकी। और तो और सिर्फ 16.2 ओवर ही खेल पाई।  इसे भी पढ़ें:- चेन्नई सुपर किंग्स को मिली लगातार दूसरी हार, इस बार राजस्थान रॉयल्स ने दी करारी शिकस्त 116 रनों के स्कोर का पीछा करने उतरी मुंबई की टीम ने इसे 12.5 ओवर में ही बना (IPL 2025 Mumbai Indians victory) लिया कोलकाता के द्वारा दिए गए 116 रनों के स्कोर का पीछा करने उतरी मुंबई की टीम ने इसे 12.5 ओवर में ही बना (IPL 2025 Mumbai Indians victory) लिया। मुंबई की तरफ से सबसे ज्यादा रन रियान रिकल्टन ने बनाए। रिकल्टन ने 41 गेंदों का सामना करते हुए 62 रन बनाए और सूर्यकुमार यादव ने 27 रन का योगदान दिया। इसके साथ ही केकेआर के खिलाफ जीत दर्ज करते ही मुंबई की टीम ने इतिहास रच दिया है। इस तरह मुंबई इंडियंस की टीम आईपीएल के किसी ग्राउंड पर एक विरोधी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा जीत दर्ज करने वाली टीम बन गई है। मुंबई इंडियंस ने आईपीएल में वानखेड़े स्टेडियम में केकेआर के खिलाफ कुल 10 मैच जीते हैं। बता दें कि इससे पहले केकेआर की टीम के नाम आईपीएल में कोलकाता के ईडन गार्डन्स मैदान पर पंजाब किंग्स के खिलाफ सबसे अधिक 9 मैच जीतने का रिकॉर्ड था। इस तरह मुंबई इंडियंस ने केकेआर के इस रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया।  Latest News in Hindi Today Hindi news IPL 2025 Mumbai Indians victory IPL2025 #MumbaiIndians #MIvsKKR #MIWin #CricketFever #T20Cricket #IndianPremierLeague

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Jio- 20 GB Extra Plan

जियो का तोहफा: 72 दिन वाले प्लान में अब 20GB डेटा मिलेगा एक्स्ट्रा

जियो (Jio) एक भारतीय टेलीकॉम ऑपरेटर और रिलायंस इंडस्ट्रीज की सहायक कंपनी है। जियो (Jio) ने 2016 में अपनी सेवाएं शुरू कीं और तब से यह भारत का सबसे बड़ा टेलीकॉम ऑपरेटर बन चुका है। जियो सर्विसेज अपने यूजर्स के लिए कई सुविधाएं प्रदान करती हैं। यह अपने फ्री वॉइस कॉल्स, सस्ती डेटा रेट्स और अन्य फैसिलिटीज के कारण प्रसिद्ध है। जियो (Jio) के पास अपने यूजर्स के लिए कई प्लान्स उपलब्ध हैं जैसे जियोफोन प्लान्स, ट्रू 5जी अनलिमिटेड प्लान्स, वार्षिक प्लान्स आदि। यूजर अपनी आवश्यकता के अनुसार प्लान को चुन सकता है। अब जियो यूजर्स के लिए एक अच्छी खबर है। क्योंकि, 72 दिन वाले प्लान में अब उन्हें 20GB एक्स्ट्रा डेटा मिलने वाला है। आइए जानें कि जियो का नया प्लान (New plan of Jio) क्या है? जियो का नया प्लान (New plan of Jio): पाएं जानकारी जियो (Jio) अपने ग्रहकों के लिए एक ऐसा ऑफर ले कर आया है, जो इनके ग्राहकों के लिए किसी धमाके से कम नहीं है। इनमें न केवल लम्बी वेलिडिटी दी जा रही है, बल्कि यूजर्ज को एक्स्ट्रा डेटा भी मिल रहा है। यही नहीं, उन्हें ओटीटी सब्सक्रिप्शन भी मिल रहा है। अगर बात की जाए जियो सब्सक्रिप्शन की, तो जियो अपने ग्राहकों के लिए सस्ते और महंगे दोनों तरह के प्लान्स ले कर आता है।  कुछ समय से लोग इंटरनेट डेटा का अधिक इस्तेमाल करते हैं और उसका कारण है ओटीटी स्ट्रीमिंग। इसके कारण डेटा की डिमांड बढ़ती जा रही है। आमतौर पर डेटा प्लान महंगे होते हैं और उसके लिए यूजर्ज को अधिक पैसे खर्च करने पड़ते हैं। लेकिन, जियो का नया प्लान (New plan of Jio) यूजर्स को लंबी वैलिडिटी, अनलिमिटेड कॉलिंग के साथ साथ ही एक्स्ट्रा डेटा भी दे रहा है। क्या है यह प्लान? जियो (Jio) के इस नए प्लान से आपको बार-बार रिचार्ज करने की समस्या से आजादी मिल जायेगी। इस प्लान की कीमत केवल 749 रुपये है और इससे यूजर्ज को  72 दिनों की लंबी वैलिडिटी मिल रही है। इसके फायदे यहीं ख़त्म नहीं हो रहे। इससे आप 72 दिनों के लिए लोकल और एसटीडी सभी नेटवर्क पर अनलिमिटेड कॉल्स कर सकते हैं। यह प्लान ले कर आपको रोजाना फ्री एसएमएस भी मिल जाएंगे।  अगर बात की जाए डेटा (Data) की तो इस प्लान में रोजाना यूजर को में 2GB डेटा भी मिलता है। अगर आप यह प्लान खरीदते हैं, तो आपको 20GB एक्स्ट्रा डेटा मिलेगा। यानी, इस पैक से न केवल आपके पैसों की बचत होगी बल्कि आपको एक्स्ट्रा डेटा भी मिलेगा। यह था जियो का नया प्लान (New plan of Jio), अब जानते हैं जियो (Jio) के अन्य रिचार्ज विकल्पों के बारे में।  इसे भी पढ़ें: Taara chip launch: अब रोशनी से मिलेगी हाई स्पीड इंटरनेट अन्य विकल्प  जियो (Jio) के रिचार्ज प्लान्स में कई अन्य विकल्प भी हैं, जिनमे से आप अपने लिए चुन सकते हैं: इसके अलावा और भी कई प्लान्स हैं, जो जियो (Jio) अपने ग्राहकों को प्रदान करता। आप अधिक जानकारी के लिए जियो (Jio) की ऑफिशियल वेबसाइट पर जा सकते हैं। इसके अलावा आप जियो या अन्य ऍप्लिकेशन्स से यह रिचार्ज आसानी से कर सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi New plan of Jio #NewplanofJio #Jioapps #Jio #Jiophone #Jiousers

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coffee and cholesterol

कॉफी पीने वालों का बढ़ सकता है कोलेस्ट्रॉल, लेकिन क्यों?

कॉफी (Coffee) एक ऐसा पेय पदार्थ है, जो अधिकतर लोगों को सुबह उठते ही चाहिए होता है। कॉफी को फोकस और एनर्जी लेवल को बूस्ट करने के लिए जाना जाता है। यही कारण है कि अधिकतर लोग इस पर निर्भर रहते है। ज्यादा मात्रा में इसका सेवन करना हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकता है, लेकिन अगर इसे सही मात्रा में पीया जाए तो इसके कुछ फायदे भी हैं। कुछ मामलों में ऐसा पाया गया है कि कॉफी (Coffee) पीने से टाइप 2 डायबिटीज का रिस्क कम होता है और लोगों को वजन कम करने में मदद मिलती है। अगर आप भी कॉफी (Coffee) के शौकीन हैं, तो आपके लिए यह जानना भी जरूरी है कि इससे कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) भी बढ़ सकता है। इसके लिए ऑफिस या अन्य स्थानों में मौजूद कॉफी मशीन (Coffee machine) को जिम्मेदार पाया गया है। यह बात एक स्टडी से साबित हुई है। आइए जानें कॉफी और कोलेस्ट्रॉल के बीच के बारे में की गयी स्टडी (Study on relationship between coffee and cholesterol) के बारे में। कॉफी और कोलेस्ट्रॉल के बीच के बारे में की गयी स्टडी (Study on relationship between coffee and cholesterol): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार कॉफी (Coffee) सिर्फ एनर्जी को ही बूस्ट नहीं करती है, बल्कि इससे वजन सही रहता है, डिप्रेशन कम होता है और डायबिटीज का रिस्क भी कम रहता है। लेकिन, कुछ लोगों को इसका सेवन करने से बचना चाहिए जैसे गर्भवती और ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को।  एक स्टडी में ऐसा पाया गया है कि ऑफिस में पायी जाने वाली कॉफी मशीन (Coffee machine) में बनी कॉफी में कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) बढ़ाने वाला पदार्थ का लेवल अधिक होता है। यानी, ऑफिस में कॉफी (Coffee) पीने से कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ सकता है। इसके लिए कई कॉफी मशीनों (Coffee machine) पर स्टडी की गयी और पाया गया कि इस मशीनों में बनी कॉफी (Coffee) में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने वाले पदार्थ का लेवल ज्यादा होता है। लेकिन, अगर रेगुलर रूप से ड्रिप-फिल्टर कॉफी मेकर में पेपर फ़िल्टर का इस्तेमाल किया जाए तो यह हानिकारक पदार्थ फ़िल्टर हो सकते हैं और इससे इसके नुकसान से बचा जा सकता है। यह तो थी कॉफी और कोलेस्ट्रॉल के बीच के बारे में की गयी स्टडी (Study on relationship between coffee and cholesterol) । जानिए कि इससे बचाव के लिए क्या किया जा सकता है? क्या है उपाय?  अधिकतर लोग ऑफिस में कॉफी मशीन (Coffee machine) का इस्तेमाल करते हैं। इससे उनकी कैफीन की जरूरत पूरी होती है। लेकिन, अगर आप इससे कोलेस्ट्रॉल (Cholesterol) की बढ़ती समस्या से बचना चाहते हैं तो इसका सरल उपाय या है कि पेपर फिल्टर वाले कॉफी मेकर का इस्तेमाल किया जाए। शोधकर्ताओं के अनुसार जो लोग कॉफी के शौकीन है उनके लिए ड्रिप-फिल्टर कॉफी (Coffee) या अन्य अच्छी तरह से फिल्टर की गई कॉफी पीना एक बेहतर उपाय है। हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कोलेस्ट्रॉल के लेवल पर इस कॉफी (Coffee) के प्रभावों के बारे में और अधिक रिसर्च करना जरूरी है। कॉफी के और साइड इफेक्ट्स क्या हो सकते हैं, यह भी जानिए। इसे भी पढ़ें: मां बनने की उम्र का लग सकता है अंदाजा: अब एक टेस्ट से पता चलेगा महिला के शरीर में कितने एग बचे हैं? कॉफी के और साइड इफेक्ट्स  हालांकि, कॉफी (Coffee) पीने के कुछ लाभ हो सकते हैं. लेकिन अगर बहुत अधिक मात्रा में पीया जाए तो इसके कुछ साइड इफेक्ट्स भी हैं। इसके कुछ साइड इफेक्ट्स इस प्रकार हैं:  नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Study on link between coffee and cholesterol #Studyonlinkbetweencoffeeandcholesterol #coffee #cholesterol #coffeemachine #coffeeandcholesterol

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Google X Taara chip

Taara chip launch: अब रोशनी से मिलेगी हाई स्पीड इंटरनेट

गूगल एक्स (Google X) गूगल द्वारा स्थापित रिसर्च और डेवलपमेंट कंपनी है, जिसकी स्थापना साल 2010 में की गई थी। अगर बात की जाए इस कंपनी के मिशन की, तो इसका मिशन है ऐसी नयी टेक्निक्स का विकास करना जो दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों को सॉल्व कर सके। गूगल एक्स अपने इनोवेशन और एक्सपेरिमेंट्स के लिए जानी जाती है। हाल ही में गूगल एक्स (Google X) ने तारा चिप (Taara chip) को लांच किया है, जिसमें फाइबर के बिना लाइट बीम्स के माध्यम से हाई स्पीड इंटरनेट प्राप्त (High speed internet) किया जा सकता है। यह इंटरनेट कनेक्टिविटी को आसान और फास्ट बनाने की एक नयी टेक्निक है। आइए जानें गूगल एक्स की तारा चिप (Google X Taara Chip) के बारे में।  गूगल एक्स की तारा चिप (Google X Taara chip): पाएं जानकारी गूगल एक्स (Google X) की यह नई तकनीक है, जिसमें लाइट बीम्स का इस्तेमाल करके हाई स्पीड इंटरनेट (High speed internet) एफेक्ट को प्राप्त किया जा सकता है। यह तकनीक दो पॉइंट्स के बीच लाइट बीम्स के माध्यम से डाटा को ट्रांसमिट करती है। इससे सिग्नल इंटरफेरेंस कम होती है और बुनियादी ढांचे की कॉस्ट भी कम रहती है। यानी, यह फास्ट इंटरनेट प्राप्त करने का आसान तरीका साबित हो सकती है। गूगल एक्स की तारा चिप (google X Taara chip) के फायदे ऐसा माना जा रहा है कि गूगल एक्स की तारा चिप (google X Taara chip) के बहुत से फायदे हैं। यह चिप के शुरुआत फील्ड टेस्ट्स के अनुसार तारा चिप (Taara chip) एक किलोमीटर के आउटडोर पर 10 जीबीपीएस की स्पीड से डेटा ट्रांसमिट कर सकती है। इस तकनीक से ग्लोबल मेश नेटवर्क बनाने की उम्मीद है, जिससे सीमलेस, इंटरफेयरेंस-फ्री कनेक्टिविटी मिलने में मदद मिलेगी। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में हाई-स्पीड इंटरनेट मिलने में बहुत अधिक मदद मिलेगी। यानी, इससे इंटरनेट अधिक फास्ट, स्केलेबल और आसानी से उपलब्ध हो सकता है। यह तकनीक उन ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रो के लोगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है, जहां अभी तक इंटरनेट सुविधा नहीं है।  अगर बात की जाए पुराने सिस्टम की, तो पुराने फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क्स में अंडरग्राउंड इंस्टॉलेशन की आवश्यकता होती है। इसके लिए बहुत अधिक समय और अन्य संसाधनों की आवश्यकता होती है। लेकिन, तारा सिस्टम को कुछ ही देर में  बिना किसी केबल के इन्टॉल किया जा सकता है। हालांकि, यह फाइबर ऑप्टिक्स के समान सिद्धांत को ही फॉलो करता है, लेकिन इसके लिए फिजिकल केबल्स की जरूरत नहीं होती। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रो के अलावा यह तारा चिप (Taara chip) डाटा सेंटर्स और ऑटोनोमॉस व्हीकल कम्युनिकेशन के लिए एक लचीला, स्केलेबल और लागत प्रभावी विकल्प प्रदान कर सकती है। इसे भी पढ़ें: आईपीएल के लिए जियो ने लाया धांसू प्लान, इतने दिनों तक फ्री मिलेगा Jio Hotstar कब तक उपलब्ध होगी यह तकनीक? जैसा की पहले ही बताया गया है कि यह तारा चिप (Taara chip) डाटा को लाइट सिग्नल्स के रूप में ब्रॉडकास्ट करेगी और इससे केबल्स को जमीन पर बिछाने की जरूरत खत्म हो जाएगी। यही नहीं इसे थोड़ी ही देर में स्थापित किया जा सकता है। गूगल एक्स की तारा चिप (google X Taara chip) को छोटा, अधिक कुशल और ब्रॉडर ऍप्लिकेशन्स के लिए बनाया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि गूगल एक्स (Google X) साल 2026 तक इसका कमर्शियल वर्जन लॉन्च करने की योजना बना रहा है। उम्मीद है कि आने वाले समय पर इस तकनीक से व्यापक रूप से हाई स्पीड इंटरनेट (High speed internet) मिलेगा। इससे स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और अनुसंधान आदि में आसानी से हाई स्पीड इंटरनेट (High speed internet) मिलेगा और अधिक लोग इस सुविधा का लाभ ले पाएंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi google X taara chip #googleXtaarachip #googleX  #taarachip #taara #google #highspeedinternet

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Vinayak Chaturthi 2025

Vinayak Chaturthi 2025: जानें तिथि, पूजा विधि और इस दिन का महत्व

भारतीय संस्कृति और परंपराओं में विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का विशेष महत्व है। यह त्योहार भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। गणेश जी को विघ्नहर्ता और मंगलमूर्ति के रूप में पूजा जाता है। विनायक चतुर्थी हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2025 में विनायक चतुर्थी 26 अगस्त, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन भक्तगण गणेश जी (Lord Ganesha) की विधि-विधान से पूजा-अर्चना करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। विनायक चतुर्थी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का त्योहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में यह तिथि 26 अगस्त, सोमवार को पड़ रही है। चतुर्थी तिथि का प्रारंभ 25 अगस्त 2025 को रात 10:15 बजे से होगा और इसका समापन 26 अगस्त 2025 को रात 08:32 बजे तक होगा। इस दिन गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) का व्रत रखा जाता है और शुभ मुहूर्त में गणेश जी की स्थापना की जाती है। पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 11:05 बजे से दोपहर 01:38 बजे तक रहेगा। विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का महत्व विनायक चतुर्थी का त्योहार भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन माता पार्वती ने गणेश जी की रचना की थी। गणेश जी (Ganesh Ji) को बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य का देवता माना जाता है। इस दिन गणेश जी की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। गणेश जी को विघ्नहर्ता भी कहा जाता है, इसलिए किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले उनकी पूजा की जाती है। विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी की मूर्ति की स्थापना की जाती है और उन्हें विभिन्न प्रकार के भोग लगाए जाते हैं। इस दिन व्रत रखने का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और गणेश जी की पूजा करने से व्यक्ति के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और उसे मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। विनायक चतुर्थी की पूजा विधि विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी (Ganesh Ji) की पूजा विधि-विधान से की जाती है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद घर की साफ-सफाई करें। इसके बाद गणेश जी की मूर्ति या चित्र को स्थापित करें। गणेश जी की मूर्ति को लाल कपड़े पर स्थापित करें और उन्हें फूल, अक्षत, रोली और चंदन से सजाएं। गणेश जी को मोदक, लड्डू और अन्य मिष्ठान्न का भोग लगाएं। इसके बाद गणपति अथर्वशीर्ष का पाठ करें और गणेश जी की आरती करें। पूजा के दौरान गणेश जी को दूर्वा (एक प्रकार की घास) अर्पित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि दूर्वा अर्पित करने से गणेश जी प्रसन्न होते हैं और भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। पूजा के बाद गणेश जी की मूर्ति को विसर्जित करना भी आवश्यक होता है। विसर्जन के समय भक्तगण “गणपति बप्पा मोरया, पुढच्या वर्षी लवकर या” का जाप करते हैं और गणेश जी से अगले वर्ष फिर से आने का आग्रह करते हैं। इसे भी पढ़ें:- कब और कहां लेंगे भगवान विष्णु कल्कि का अवतार? विनायक चतुर्थी व्रत कथा विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) के दिन व्रत कथा सुनने और पढ़ने का भी विशेष महत्व है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार माता पार्वती ने स्नान करने से पहले अपने शरीर के मैल से एक बालक की रचना की और उसे अपना द्वारपाल बना दिया। उन्होंने बालक को आदेश दिया कि वह किसी को भी अंदर न आने दे। जब भगवान शिव वहां आए तो बालक ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इस पर क्रोधित होकर भगवान शिव ने बालक का सिर काट दिया। जब माता पार्वती को इस बात का पता चला तो वे बहुत दुखी हुईं। भगवान शिव ने उन्हें खुश करने के लिए एक हाथी के बच्चे का सिर बालक के धड़ पर लगा दिया और उसे जीवित कर दिया। इस तरह गणेश जी का जन्म हुआ और उन्हें सभी देवताओं में प्रथम पूज्य का दर्जा मिला। विनायक चतुर्थी (Vinayak Chaturthi) का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व विनायक चतुर्थी न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह त्योहार समाज में एकता और भाईचारे का संदेश देता है। इस दिन लोग एक-दूसरे के घर जाकर गणेश जी की पूजा करते हैं और मिठाइयां बांटते हैं। गणेश उत्सव के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है, जिसमें नृत्य, संगीत और नाटक के माध्यम से गणेश जी की महिमा का गुणगान किया जाता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Vinayak Chaturthi 2025 #VinayakChaturthi #VinayakChaturthi #HinduFestival #Ganeshji

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Chanakya Niti

चाणक्य नीति के अनुसार किन जगहों पर जाने से बढ़ सकती मुसीबत?

चाणक्य नीति (Chanakya Niti) भारतीय इतिहास और दर्शन का एक अमूल्य ग्रंथ है, जो जीवन के हर पहलू पर गहन ज्ञान प्रदान करता है। चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य के नाम से भी जाना जाता है, एक महान विद्वान, अर्थशास्त्री और राजनीतिज्ञ थे। उनकी नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं और जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए मार्गदर्शन प्रदान करती हैं। चाणक्य ने अपनी नीतियों में कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताया है, जहां भूलकर भी नहीं जाना चाहिए। इन जगहों पर जाने से व्यक्ति को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि वे कौन सी जगहें हैं और क्यों इनसे दूर रहना चाहिए। चाणक्य नीति: वे 5 जगहें, जहां भूलकर भी कभी नहीं जाना चाहिए वरना झेलेंगे बड़ा नुकसान 1. जहां लोगों में संस्कार की कमी हो चाणक्य (Chanakya) ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां लोगों में संस्कार की कमी हो। संस्कार व्यक्ति के व्यक्तित्व और चरित्र को आकार देते हैं। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति के मन में नकारात्मक विचार पैदा हो सकते हैं और उसका चरित्र भी प्रभावित हो सकता है। चाणक्य के अनुसार, संस्कारहीन लोगों के साथ रहने से व्यक्ति का नैतिक पतन हो सकता है और उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। 2. जहां रोजगार न हो चाणक्य (Chanakya) ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां रोजगार के अवसर न हों। रोजगार व्यक्ति के जीवन का आधार है और इसके बिना जीवन में स्थिरता नहीं आ सकती। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति को आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और उसका जीवन अस्त-व्यस्त हो सकता है। चाणक्य के अनुसार, रोजगार के अभाव में व्यक्ति का आत्मविश्वास कमजोर हो सकता है और उसे मानसिक और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। 3. जहां शिक्षा का माहौल न हो चाणक्य (Chanakya) ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां शिक्षा का माहौल न हो। शिक्षा व्यक्ति के जीवन को सही दिशा देती है और उसे सफलता की ओर अग्रसर करती है। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति का बौद्धिक विकास रुक सकता है और उसके जीवन में अज्ञानता का अंधकार छा सकता है। चाणक्य के अनुसार, शिक्षा के अभाव में व्यक्ति का भविष्य अंधकारमय हो सकता है और उसे सामाजिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। 4. जहां अपने न रहते हों चाणक्य (Chanakya) ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां अपने लोग न रहते हों। अपने लोगों का साथ व्यक्ति को मानसिक और भावनात्मक सहारा देता है। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति को अकेलापन और तनाव का सामना करना पड़ सकता है। चाणक्य के अनुसार, अपनों के बिना जीवन नीरस और अधूरा हो सकता है और व्यक्ति को मानसिक और भावनात्मक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। इसे भी पढ़ें:- सपने में सांप देखने का मतलब: डरने की नहीं, समझने की है जरूरत 5. जहां इज्जत न मिले चाणक्य ने कहा है कि ऐसी जगहों पर कभी नहीं जाना चाहिए जहां इज्जत न मिले। इज्जत व्यक्ति के जीवन का सबसे बड़ा धन है और इसके बिना जीवन अधूरा है। ऐसी जगहों पर रहने से व्यक्ति का आत्मसम्मान घट सकता है और उसे सामाजिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। चाणक्य के अनुसार, इज्जत के बिना जीवन निरर्थक हो सकता है और व्यक्ति को हमेशा नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए, ऐसी जगहों से दूर रहना चाहिए। चाणक्य नीति का महत्व चाणक्य नीति (Chanakya Niti) जीवन के हर पहलू पर गहन ज्ञान प्रदान करती है। यह न केवल व्यक्तिगत जीवन में बल्कि व्यावसायिक और सामाजिक जीवन में भी मार्गदर्शन प्रदान करती है। चाणक्य की नीतियां व्यक्ति को सही और गलत के बीच अंतर करना सिखाती हैं और उसे सफलता की ओर अग्रसर करती हैं। चाणक्य ने जिन जगहों और स्थितियों से दूर रहने की सलाह दी है, उनका पालन करने से व्यक्ति अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि प्राप्त कर सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Chanakya Niti #5Places #ChanakyaNiti #Chanakya #Places

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Oppo F29

Oppo का शानदार वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन 24,000 से कम में?

ओप्पो (Oppo) कंपनी के फोन उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे, पावरफुल परफॉरमेंस और बेहतरीन डिजाइन के लिए जाने जाते हैं। यह कंपनी अपने कस्टमर्स को नई सुविधाएं और टेक्निक्स प्रदान करती हैं जैसे फास्ट चार्जिंग, एआई पॉवर्ड कैमरा आदि। यह फोन कई सीरीज में उपलब्ध हैं। ओप्पो कंपनी समय-समय पर नए उत्पादों को लांच करती रहती है। हाल ही में इन्होने वाटरप्रूफ फोन (Waterproof phone) बाजार में उतारे हैं जो बहुत ही कम दामों में मिल रहे हैं। यानी, आपको कम कीमत में बेहतरीन वाटरप्रूफ फोन (Waterproof phone) मिल सकते हैं। आइए जानें किफायती ओप्पो वाटरप्रूफ फोन (Affordable Oppo waterproof phone) के बारे में और इनके फीचर्स के बारे में भी जानें। किफायती ओप्पो वाटरप्रूफ फोन (Affordable Oppo waterproof phone): पाएं जानकारी ओप्पो  (Oppo) ने भारत में अपनी नई F29 सीरीज को लांच किया है। यह सीरीज दो हैंडसेट्स के साथ आई है एक है ओप्पो F29 प्रो (Oppo F29 Pro) और दूसरा है F29 । यह दोनों हैंडसेट एडवांस सिग्नल बूस्टर फीचर के साथ आते हैं और स्ट्रांग कनेक्टिविटी प्रदान करते हैं। इन फोन्स को बहुत अच्छे से डिजाइन किया गया। लेकिन, इनका खास बात यह है कि फोन के अंदर पानी जाने पर भी यह फोन खराब नहीं होंगे। ओप्पो F29 (Oppo F29) 5G की कीमत 23,999 रुपये से शुरू होती है। इन्हें आप ओप्पो  (Oppo) के ई-स्टोर पहले ही आर्डर कर सकते हैं। बुक किए गए फोन 27 मार्च के बाद डिलीवर किए जाएंगे। ओप्पो F29 प्रो (Oppo F29 Pro) के दूसरे वेरिएंट की कीमत 27,999 रुपये है। इसके कुछ अन्य वेरिएंट भी उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत इससे थोड़ी ज्यादा है।  ओप्पो वाटरप्रूफ फोन: क्या हैं इसके फीचर्स? ओप्पो वाटरप्रूफ फोन (Waterproof phone) कई फीचर्स के साथ आते हैं। इसकी सबसे खास बात तो यही है कि यह कम कीमत के हैं और वाटरप्रूफ हैं।  आइए जानें इनके बारे में विस्तार से:  डिस्प्ले: ओप्पो F29 प्रो (Oppo F29 Pro) और F29 में 6.7 इंच का फुल-एचडी और AMOLED डिस्प्ले है। अगर बात की जाए इसके रिफ्रेश रेट का तो इसका रिफ्रेश रेट 120Hz है और टच सैंपलिंग रेट 240Hz तक है। ओप्पो F29 का स्टैंडर्ड वेरिएंट कॉर्निंग गोरिल्ला ग्लास 7i के साथ आ रहा है। प्रोसेसर: इस फोन के स्टैंडर्ड मॉडल में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 6 जेन 1 प्रोसेसर दिया गया है। वहीं, इसका प्रो मॉडल मीडिया टेक डीमेंसिटी 7300 एनर्जी प्रोसेसर के साथ आता है। इस सीरीज के स्मार्टफोन 12GB LPDDR4X रैम और 256जीबी UFS 3.1 स्टोरेज को सपोर्ट करते हैं। ये एंड्राइड 15 पर बेस्ड कलर ओएस 15 पर काम करते हैं। इसे भी पढ़ें: आईपीएल के लिए जियो ने लाया धांसू प्लान, इतने दिनों तक फ्री मिलेगा Jio Hotstar बैटरी: ओप्पो F29 5G 6,500mAh की बैटरी है और यह बैटरी 45W SuperVOOC चार्जिंग को सपोर्ट करती है। F29 प्रो में 6,000mAh की बैटरी है और यह बैटरी 80W SuperVOOC चार्जिंग को सपोर्ट करती है। यह दोनों फोन इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट सेंसर के साथ उपलब्ध हैं, इसके साथ ही इनमें 5G, 4G, वाई-फाई 6, ब्लूटूथ, OTG, GPS और USB टाइप-C हैं।  कैमरा: कैमरे की बात करें तो F29 Pro 5G में OIS के साथ 50MP का प्राइमरी कैमरा और 2MP का डेप्थ सेंसर है, जबकि F29 5G में भी यही 50MP का सेंसर है, लेकिन OIS के बिना। दोनों डिवाइस में 16MP का सेल्फी कैमरा है। आप किफायती ओप्पो वाटरप्रूफ फोन (Affordable Oppo waterproof phone) को ऑनलाइन आसानी से खरीद सकते हैं। F29 Pro 5G को मार्बल व्हाइट और ग्रेनाइट ब्लैक रंग में लांच किया गया है, जबकि F29 5G सॉलिड पर्पल और ग्लेशियर ब्लू रंग में मिलेगा। आप अपनी पसंद का फोन चुन सकते हैं और आसानी से उसे आर्डर कर सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Oppo F29 Pro #OppoF29Pro #Oppo #AffordableOppowaterproofphone #OppoF29 #waterproofphone

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Eknath Shinde & Kunal Kamra

हम व्यंग्य को समझते हैं, लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए: एकनाथ शिंदे 

महाराष्ट्र की राजनीति इन दिनों उथल-पुथल के दौर से गुजर रही है। कॉमेडियन कुणाल कामरा (Comedian Kunal Kamra) द्वारा उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे (Deputy CM Eknath Shinde) पर की गई टिप्पणी के बाद विवाद तेजी से बढ़ गया है। एक ओर उद्धव ठाकरे (Udhaw Thakrey) गुट कुणाल कामरा के समर्थन में खड़ा है, तो दूसरी ओर मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने कामरा को समन जारी कर पेश होने के लिए कहा है। इस विवाद के बीच अब एकनाथ शिंदे का बयान भी सामने आ गया है, जिसमें उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। एकनाथ शिंदे की प्रतिक्रिया एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने बीबीसी मराठी के एक कॉन्क्लेव में इस मामले पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा, “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है और हम व्यंग्य को समझते हैं, लेकिन इसकी भी एक सीमा होनी चाहिए। किसी के खिलाफ बयान देना ऐसा नहीं होना चाहिए कि वह ‘सुपारी’ लेकर बोला गया लगे। हर किसी को अपनी भाषा और स्तर का ध्यान रखना चाहिए, क्योंकि हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है।” एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) ने आगे कहा कि कुणाल कामरा (Kunal Kamra) की टिप्पणी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं बल्कि किसी एजेंडे के तहत दिया गया बयान है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि वे काम करने वाले व्यक्ति हैं और अनावश्यक बहस में पड़ना नहीं चाहते। शिवसेना कार्यकर्ताओं की तोड़फोड़ जब शिंदे से पूछा गया कि क्या वे अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई तोड़फोड़ का समर्थन करते हैं, तो उन्होंने इस पर संतुलित जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मैं कभी भी तोड़फोड़ का समर्थन नहीं करता, लेकिन जब कोई व्यक्ति आरोप लगाता है, तो उसे भी अपनी भाषा और स्तर का ध्यान रखना चाहिए। कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया स्वाभाविक थी। मैं संवेदनशील और सहनशील हूं, लेकिन सभी कार्यकर्ता इतने सहनशील नहीं हो सकते।” इस बयान से स्पष्ट होता है कि शिंदे सीधे तौर पर तोड़फोड़ का समर्थन नहीं कर रहे, लेकिन इसे कार्यकर्ताओं की स्वाभाविक प्रतिक्रिया के रूप में देख रहे हैं। क्या कहा था कुणाल कामरा ने? कुणाल कामरा  (Kunal Kamra)  ने मुंबई के खार इलाके में स्थित हैबिटेट स्टूडियो में एक कार्यक्रम के दौरान फिल्म ‘दिल तो पागल है’ के गाने का संशोधित संस्करण प्रस्तुत कर एकनाथ शिंदे पर कटाक्ष किया था। इस प्रस्तुति में उन्होंने ‘गद्दार’ शब्द का उपयोग कर शिंदे पर तंज कसा, जिससे शिवसेना (Shiv Sena) कार्यकर्ताओं में आक्रोश फैल गया। इसके बाद रविवार रात बड़ी संख्या में शिवसेना (Shiv Sena) कार्यकर्ता होटल यूनिकॉन्टिनेंटल के बाहर इकट्ठा हुए, जहां क्लब स्थित था, और उन्होंने क्लब व होटल परिसर में तोड़फोड़ कर दी। इस घटना के बाद मुंबई पुलिस ने कुणाल कामरा के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। एमआईडीसी थाने के एक अधिकारी ने बताया कि कामरा पर भारतीय दंड संहिता की धारा 353(1)(बी) (सार्वजनिक उत्पात संबंधी बयान) और 356(2) (मानहानि) समेत अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इसे भी पढ़ें: योगी सरकार के 8 साल: सेवा, सुरक्षा और सुशासन की मिसाल विवाद के राजनीतिक मायने इस पूरे विवाद का असर महाराष्ट्र की राजनीति पर साफ दिख रहा है। एक तरफ उद्धव ठाकरे गुट इस मामले में कुणाल कामरा का समर्थन कर रहा है, तो दूसरी तरफ शिवसेना (शिंदे गुट) अपने नेता के बचाव में खड़ा है। यह विवाद न केवल राजनीतिक रूप से संवेदनशील हो गया है, बल्कि इसमें कानून व्यवस्था और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बहस भी तेज हो गई है। जहां कुछ लोग इसे हास्य और व्यंग्य की स्वतंत्रता मान रहे हैं, वहीं अन्य इसे लक्षित हमले के रूप में देख रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कानूनी प्रक्रिया में इस मामले का क्या नतीजा निकलता है और इसका महाराष्ट्र की राजनीति (Maharashtra Politics) पर क्या प्रभाव पड़ता है। Latest News in Hindi Today Hindi news Eknath Shende #ComedianKunalKamra #Shivsena #EknathShende #MahrashtraPolice

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Government Scheme Review Meeting

नय वित्त वर्ष में सरकार की योजनाओं की होगी समीक्षा, हो सकते हैं बड़े बदलाव!

1 अप्रैल से नय फाइनेंशियल ईयर (Financial Year) की शुरुआत होने जा रहा है और उम्मीद जताई जा रही है कि इसमें कई बड़े बदलावकिये जा सकते हैं। केंद्र सरकार (Central Government) इस फाइनेंशियल ईयर में अपनी सभी कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करने की योजना बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार इस समीक्षा के दौरान विभिन्न योजनाओं के खर्च की गुणवत्ता, फंड्स के सही उपयोग और उनकी प्रभावशीलता पर विचार विमर्श करेगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य अनावश्यक योजनाओं को खत्म करना और सरकारी फंड्स (Government Funds) के बेहतर उपयोग को सुनिश्चित करना होगा। हर पांच साल में होती है समीक्षा यह समीक्षा हर पांच साल में एक बार की जाती है, जिससे योजनाओं को उनकी उपयोगिता और आवश्यकता के आधार पर जारी रखने, संशोधित करने या समाप्त करने का निर्णय लिया जा सके। सरकार इस रिव्यू प्रक्रिया को नए वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप आगे बढ़ाएगी, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजनाओं में अनावश्यक खर्च को रोका जाए और अधिक प्रभावी योजनाओं को प्राथमिकता दी जाए। किन बिंदुओं पर की जा सकती है समीक्षा? सरकार इस समीक्षा में कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल करने जा रही है। इनमें निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा— समीक्षा प्रक्रिया में वित्त मंत्रालय का व्यय विभाग प्रमुख भूमिका निभाएगा और विभिन्न मंत्रालयों से फीडबैक लेकर आवश्यक सुधारों की सिफारिश करेगा। वित्त वर्ष 2026 के लिए केंद्र सरकार की 10 प्रमुख योजनाएं और उनका बजट अप्रैल में आ सकती है समीक्षा रिपोर्ट सरकार ने नीति आयोग को यह जिम्मेदारी सौंपी है कि वह ऐसे क्षेत्रों की पहचान करे जहां राज्य सरकारों की योजनाएं केंद्र की योजनाओं के समान हैं। अप्रैल 2025 तक नीति आयोग की रिपोर्ट आने की संभावना है, जिसमें यह सिफारिशें शामिल होंगी कि- नीति आयोग की रिपोर्ट को वित्त आयोग के समक्ष पेश किया जाएगा, जहां अंतिम निर्णय लिया जाएगा। केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) का बजट और महत्व केंद्र सरकार (Central Government) विभिन्न केंद्र प्रायोजित योजनाओं (CSS) को भी लागू कर रही है, जिनमें शामिल हैं— CSS बजट 2025-26 2025-26 के लिए केंद्र सरकार ने CSS के तहत 5.41 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया है।2024-25 में यह बजट 5.05 लाख करोड़ रुपये था, जिसे संशोधित कर 4.15 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सरकार ने मार्च 2015 में मुख्यमंत्रियों के एक उप-समूह का गठन कर CSS योजनाओं की संख्या 130 से घटाकर 75 कर दी थी। यह फैसला योजनाओं को अधिक लक्षित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लिया गया था। इसे भी पढ़ें:- योगी सरकार के 8 साल: सेवा, सुरक्षा और सुशासन की मिसाल क्या होगा बदलाव? इस समीक्षा से सरकार बिना उपयोग वाली योजनाओं को बंद करेगी।कम प्रभावी योजनाओं को मिलाकर एक नई, प्रभावी योजना बनाई जा सकती है।सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि योजनाओं का क्रियान्वयन राज्यों में बेहतर तरीके से हो।फंड्स का सही उपयोग हो, जिससे लाभार्थियों को अधिक फायदा मिले। केंद्र सरकार (Central Government) का यह कदम सरकारी योजनाओं को बेहतर, प्रभावी और अधिक उपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यदि इस समीक्षा से बेहतर योजना प्रबंधन और फंड के सही उपयोग को सुनिश्चित किया जाता है, तो इससे करोड़ों लोगों को लाभ मिलेगा। अब देखना यह होगा कि अप्रैल में आने वाली नीति आयोग की रिपोर्ट में कौन-कौन सी योजनाओं पर बदलाव की सिफारिश की जाती है और वित्त आयोग इस पर क्या निर्णय लेता है! Latest News in Hindi Today Hindi news Government Scheme Review Meeting #GovernmentScheme #RivewMeeting #CentralGovernment #GovernmentScheme

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