Baba Khatu Shyam

कब जरुरी है बाबा खाटू श्याम के दरबार में हाजिरी लगाना

भारत के आध्यात्मिक और धार्मिक मान्यताओं में बाबा खाटू श्याम (Baba Khatu Shyam) का नाम विशेष श्रद्धा और भक्ति के साथ लिया जाता है। राजस्थान के खाटू गांव में स्थित बाबा के मंदिर में लाखों श्रद्धालु हर वर्ष आते हैं, अपनी मनोकामनाएं पूरी करने और जीवन की कठिनाइयों से मुक्ति पाने के लिए। बाबा खाटू श्याम को भगवान कृष्ण (Lord Krishna) का अवतार माना जाता है, जो संकट में अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और उनका जीवन सुखमय बनाते हैं। बाबा खाटू श्याम का महत्व और इतिहास बाबा खाटू श्याम जी (Baba Khatu Shyam) का असली नाम बरद्वाज ऋषि का पुत्र बारद्वाज था। पौराणिक कथाओं के अनुसार, उन्होंने महाभारत युद्ध में भगवान श्रीकृष्ण के लिए युद्ध किया था। भगवान कृष्ण ने उनकी वीरता और भक्ति को देखते हुए अपने रूप में उनके नाम से खाटू श्याम जी का पूजन करने का आदेश दिया। इसीलिए उनके भक्त उन्हें “श्री खाटू श्याम” के नाम से पुकारते हैं। कब लगानी चाहिए बाबा के दरबार में हाजिरी? धार्मिक मान्यता है कि जीवन में जब भी संकट, परेशानी या कठिनाइयों का सामना हो, तब बाबा खाटू श्याम (Baba Khatu Shyam) के दरबार में हाजिरी लगाना शुभ और फलदायक होता है। लेकिन इसके साथ ही कुछ संकेत भी होते हैं, जिनके मिलने पर बाबा के दरबार में विशेष भक्ति और आराधना करनी चाहिए। आइए जानते हैं उन प्रमुख संकेतों के बारे में: 1. सपनों में बाबा का दर्शन यदि आपको सपने में बाबा खाटू श्याम का दर्शन होता है, तो इसे एक विशेष संकेत माना जाता है कि बाबा आपको अपनी ओर बुला रहे हैं। ऐसे अवसर पर आपको बाबा खाटू श्याम (Baba Khatu Shyam) के दर्शन अवश्य करने चाहिए और उनकी भव्य पूजा-अर्चना करनी चाहिए। धार्मिक विश्वास के अनुसार, बाबा खाटू श्याम की उपासना से साधक के जीवन में सकारात्मक बदलाव और शुभ फल प्राप्त होते हैं, साथ ही उनकी असीम कृपा सदैव बनी रहती है। 2. खाटू श्याम बाबा की कृपा से बदली जीवन की दिशा? जीवन में कई ऐसी घटनाएं होती हैं जो हमारे मार्ग को बदल सकती हैं। यदि आपके जीवन में खाटू श्याम बाबा (Baba Khatu Shyam) की वजह से कोई सकारात्मक बदलाव आया है, तो इसे बाबा की ओर से बुलावे का संकेत समझना चाहिए। ऐसे समय में आपको अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए अवश्य खाटू श्याम मंदिर जाकर उनके दर्शन करने चाहिए। 3. खाटू श्याम मंदिर की समूह यात्रा के लिए आपको कोई संकेत या संदेश प्राप्त हुआ होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान अपने भक्तों तक विभिन्न माध्यमों से संकेत पहुँचाते हैं। यदि आपको खाटू श्याम मंदिर (Baba Khatu Shyam) की किसी सामूहिक यात्रा के बारे में कोई संदेश या सूचना प्राप्त होती है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह समझना चाहिए कि यह बाबा खाटू श्याम की ओर से आपको उनके मंदिर में आने का आमंत्रण है। इसे भी पढ़ें:- महाभारत के युद्ध में गूंजे थे दिव्य अस्त्रों के नाम, जानिए उनकी अद्भुत शक्तियां 4. बार-बार सुनाई दे रहा है खाटू श्याम बाबा का नाम अगर आप लगातार किसी न किसी रूप में खाटू श्याम बाबा का नाम सुनते रहते हैं, तो इसे एक संकेत माना जाता है कि बाबा आपको अपने पास बुला रहे हैं। ऐसे में आपको खाटू श्याम बाबा (Baba Khatu Shyam) से दर्शन करने के लिए खाटू धाम अवश्य जाना चाहिए। नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Baba Khatu Shyam #BabaKhatuShyam #Krishna #LordKrishna #ShyamBhakti

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Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum

Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum: ताजा सर्वे में नितीश को लगा झटका, बीजेपी और तेजस्वी की बल्ले-बल्ले 

इस साल बिहार में चुनाव होना है। फ़िलहाल भारतीय चुनाव आयोग चुनावी तैयारियों की समीक्षा कर रहा है। अभी तक चुनाव की तारीखों की घोषणा नहीं की है। अक्टूबर-नवंबर होने वाले बिहार चुनाव में भाजपा-जदयू (एनडीए गठबंधन) का मुकाबला राजद-कांग्रेस के महागठबंधन से होगा। खैर, चुनाव होने में अभी तो महीनो बाकी है। इस बीच इंकइनसाइट द्वारा मई के शुरू में जारी एक नए ओपिनियन पोल ने नेताओं की नींद हराम कर दी है। सर्वे के मुताबिक सूबे की महिलाएं राज्य में सरकार बनाने के लिए सत्तारूढ़ गठबंधन को अपनी पहली पसंद बता (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) रही हैं। दरअसल, सर्वे में शामिल 45 प्रतिशत महिलाओं ने कहा कि वे नीतीश को फिर से सूबे के मुखिया के तौर पर देखना चाहती हैं। यही नहीं, सर्वे के मुताबिक बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन, राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन से अधिक लोकप्रिय है। इस सर्वे में 60.4 प्रतिशत महिलाओं ने दावा किया है कि वो सत्तारूढ़ गठबंधन को वोट देना पसंद करेंगी, जबकि 28.4 प्रतिशत ने महागठबंधन का समर्थन किया है।  18-29 आयु वर्ग के 42 प्रतिशत लोगों ने अगले सीएम के तौर पर तेजस्वी यादव को किया (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) पसंद   एक तरफ जहाँ नितीश कुमार बतौर महिलाओं की पहली पसंद बने हुए हैं तो वहीं आरजेडी नेता तेजस्वी यादव युवाओं के बीच पहली पसंद बनकर उभरे हैं।  इंकइनसाइट के सर्वे में शामिल 18-29 आयु वर्ग के 42 प्रतिशत लोगों ने अगले सीएम के तौर पर नीतीश की जगह उन्हें पसंद किया (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) है। हालांकि, एनडीए अभी भी युवाओं के बीच पहली पसंद बनी हुई है। 18-29 आयु वर्ग के 44.6 प्रतिशत लोगों ने कहा कि “वो एनडीए को वोट देंगे, वहीं 39.5 प्रतिशत ने कहा कि वे महागठबंधन को सत्ता में देखना पसंद करेंगे।” सिर्फ 0.76 प्रतिशत ने कहा कि “वो प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को वोट देंगे।” इस ओपिनियन पोल में शामिल 39 प्रतिशत लोगों ने कहा कि “वो तेजस्वी यादव को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) हैं तो वहीं 34 प्रतिशत लोगों ने कहा कि “वो इस पद पर नीतीश कुमार को पसंद करेंगे।” बता दें कि ये दूसरा ओपिनियन पोल है जिसमें आरजेडी के तेजस्वी यादव को सीएम पद की पहली पसंद बताया गया है। गौरतलब हो कि “सी-वोटर के पहले के प्री-पोल सर्वे में तेजस्वी यादव को सीएम पद के लिए शीर्ष पसंद बताया गया था। उसमें प्रशांत किशोर दूसरे स्थान पर थे और उसके बाद नीतीश कुमार तीसरे स्थान पर थे।  इसे भी पढ़ें:-लालू की पार्टी आरजेडी के नेता शंभू गुप्ता 2 करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार तेजस्वी यादव सीएम के रूप में शीर्ष बने हुए (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) हैं पसंद  गौर करने वाली बड़ी बात यह कि “सर्वे के मुताबिक, 30-39 वर्ष आयु वर्ग और 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों के बीच तेजस्वी यादव सीएम के रूप में शीर्ष पसंद बने हुए (Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum) हैं। दूसरी ओर, 40-49 वर्ष और 50-59 वर्ष आयु वर्ग के मतदाताओं के बीच नीतीश कुमार शीर्ष पसंद हैं। दिलचस्प बात ये है कि अधिकांश 45.8 प्रतिशत पुरुषों ने कहा कि “वो तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के रूप में पसंद करेंगे।” कुल-मिलाकर इस सर्वे के मुताबिक महिलाओं के बीच, राज्य में एक और कार्यकाल के लिए सरकार बनाने हेतु एनडीए शीर्ष विकल्प बना हुआ है। इस सर्वे में 60.4 प्रतिशत ने दावा किया है कि वो सत्तारूढ़ गठबंधन को वोट देना पसंद करेंगी, तो वहीं 28.4 प्रतिशत ने महागठबंधन का समर्थन किया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Nitish Hit in Survey, BJP & Tejashwi Gain Momentum #NitishKumar #BiharPolitics #BJPVictory #TejashwiYadav #ElectionSurvey #PoliticalTwist #BJPvsJDU #IndiaElections #BiharUpdates #VoterMood

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Jharkhand Encounter: 15 Lakh Rewarded Pappu Lohra Killed: झारखंड के इचाबार सलैया जंगल में भीषण एनकाउंटर, मारा गया 15 लाख का इनामी कुख्यात पप्पू लोहरा

झारखंड के लातेहार जिले के इचाबार सलैया जंगल में शनिवार सुबह सुरक्षाबलों और उग्रवादियों के बीच एक भीषण मुठभेड़ हुई। इस एनकाउंटर में सुरक्षा बलों ने झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) के कुख्यात सरगना पप्पू लोहरा (Pappu Lohra) और उसके एक साथी को मार (Jharkhand Encounter: 15 Lakh Rewarded Pappu Lohra Killed) गिराया। यह वही पप्पू लोहरा था, जिसके सिर पर सरकार ने 15 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। यह मुठभेड़ लातेहार के उस इचाबार सलैया के जंगल में हुई जो कुछ साल पहले तक नक्सलियों का बड़ा गढ़ माना जाता था।  झारखंड पुलिस (Jharkhand Police) ने इस मुठभेड़ की जानकारी देते हुए बताया कि हमें खुफिया इनपुट मिला था कि पप्पू लोहरा (Pappu Lohra) अपने साथियों के साथ जंगल में छिपा हुआ है। इसके बाद झारखंड पुलिस (Jharkhand Police) के जवानों ने अर्ध सैनिक बलों के साथ मिलकर इचाबार सलैया जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सुरक्षा बलों ने रात से ही इलाके की घेराबंदी शुरू की दी और सुबह होते ही दोनों तरफ से गोलीबारी शुरू हो गई। कई घंटे तक चली मुठभेड़ के बाद जब फायरिंग थमी, तो सुरक्षा बलों को जमीन पर दो शव पड़े मिले। इनकी पहचान पप्पू लोहरा (Pappu Lohra) और उसके साथी के रूप में की गई। पुलिस और सुरक्षा बलों के लिए यह एक बड़ी सफलता है।  पहले नक्सली था पप्पू लोहरा, फिर बना लिया अपना गैंग  पप्पू लोहरा का नाम झारखंड के नक्सल प्रभावित जिलों में आतंक का पर्याय बन चुका था। इसने एक आम नक्सली के तौर पर शुरुआत की की, लेकिन जब सुरक्षा बलों ने बूढ़ा पहाड़ क्षेत्र में मौजूद नक्सलियों को वहां से खदेड़ दिया तो इसने नक्सलियों से अलग होकर अपना एक नया संगठन जेजेएमपी (JJMP) बना लिया। इसके बाद यह क्षेत्र में अवैध वसूली, लूटपाट, धमकी और सरकारी प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाने जैसे काम करना शुरू कर दिया। पुलिस के मुताबिक, लोहरा का गिरोह क्षेत्र में ठेकेदारों, व्यापारियों और ग्रामीणों को धमका कर उनसे वसूली करता था। इसने कई बार सुरक्षा बलों पर भी हमला किया। जिसकी वजह से ही सुरक्षा बल लंबे समय से इसकी तलाश कर रही थी।  एनकाउंटर के बाद जब सुरक्षा बलों को पता चला कि मारा गया उग्रवादी पप्पू लोहरा है, तो मौके पर मौजूद जवानों ने जश्न मनाना शुरू कर दिया। इस ऑपरेशन को झारखंड पुलिस और राज्य सरकार नक्सल विरोधी मुहिम में एक निर्णायक सफलता मान रही है। क्योंकि यह सिर्फ एक आतंकी के अंत की कहानी नहीं है, बल्कि लाखों नागरिकों को उस भय और दबाव से छुटकारा दिलाने की थी, जो पप्पू लोहरा ने बना रखा था।  इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तानी जासूस ज्योति के समर्थन में उतरी पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर हीरा बतूल, जानें क्या है रिश्ता  छत्तीसगढ़ में भी नक्सलियों की कमर टूट रही है बता दें कि सुरक्षा बलों ने इस समय नक्सलवाद के खिलाफ जबरदस्त अभियान चला रखा है। पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों ने पिछले कुछ सप्ताह के अंदर ही 100 से ज्यादा नक्सलियों को मार गिराया है। इसमें करोड़ों रुपये इनामी कई टॉप कमांडर भी शामिल हैं। इसके अलावा हजारों ने नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने हथियारों के साथ सरेंडर भी किया है। कहा जा रहा है कि देश में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई निर्णायक मोड़ में पहुंच गई है। भारत सरकार ने मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह से खत्म कर देने का वादा किया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Jharkhand Encounter: 15 Lakh Rewarded Pappu Lohra Killed #PappuLohra #JharkhandEncounter #NaxalNews #CRPFSuccess #SalaiyaJungle #15LakhReward #MaoistKilled #BreakingNews #LawAndOrder #IndianSecurityForces

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India Slams Pakistan on Terrorism at UN

UN में भारत ने आतंकवाद पर पाकिस्तान को जमकर धोया… सिंधु जल संधि पर भी कर दी बोलती बंद

संयुक्त राष्ट्र (UN) में चल रही अरिया फॉर्मूला बैठक में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए (India Slams Pakistan on Terrorism at UN) उसके दोहरे चरित्र और सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) के उल्लंघन की तीखी आलोचना की। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पार्वथानेनी हरीश (Parvathaneni Harish) ने कहा कि पाकिस्तान अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। वह न सिर्फ संधि का उल्लंघन कर रहा है, बल्कि भारत पर लगातार आतंकवादी हमले करवा कर हजारों निर्दोष नागरिकों की जान भी ले चुका है। जिसकी वजह से सिंधु जल संधि  (Indus Water Treaty) को स्थगित कर दिया गया है।  पार्वथानेनी हरीश (Parvathaneni Harish) ने कहा कि भारत ने पाकिस्तान के साथ 1960 में सिंधु जल संधि (Indus Water Treaty) को शांति और सद्भाव के आधार पर किया था। यह संधि उस समय भी लागू रही जब दोनों देशों के बीच तीन युद्ध हुए। भारत ने हर परिस्थिति में इस समझौते का सम्मान किया, लेकिन पाकिस्तान ने बार-बार इस संधि को ठेस पहुंचाई। उन्होंने कहा, “अब तक 20,000 से अधिक भारतीय नागरिक आतंकवाद की वजह से मारे जा चुके हैं। हाल ही में पहलगाम में हुआ आतंकी हमला भी इसी श्रृंखला का हिस्सा है।” भारत के इस तीखे और तथ्यपूर्ण भाषण के बाद पाकिस्तान की स्थिति संयुक्त राष्ट्र में असहज हो गई। उसकी पहले से ही कमजोर पड़ चुकी अंतरराष्ट्रीय साख को और धक्का लगा।  तथ्यों के साथ पाकिस्तान की बोलती कर दी बंद संयुक्त राष्ट्र सभा को संबोधित करते हुए पार्वथानेनी हरीश (Parvathaneni Harish) ने यह भी याद दिलाया कि 2012 में जम्मू-कश्मीर में तुलबुल नेविगेशन प्रोजेक्ट पर आतंकियों ने हमला किया था। यह हमला न सिर्फ एक निर्माण परियोजना पर था, बल्कि यह पाकिस्तान की उस मंशा को भी जाहिर करता है कि, यह देश भारत के जल संसाधनों को नुकसान पहुंचाना और आम नागरिकों के जीवन को खतरे में डालना चाहता है। सिंधु जल संधि के अंतर्गत भारत को अपनी परियोजनाओं में आवश्यक तकनीकी सुधार और बदलाव करने का पूरा अधिकार है, ताकि संचालन सुरक्षित और प्रभावी हो सके। लेकिन पाकिस्तान ने बार-बार इन कार्यों में बाधा डाली।  इसे भी पढ़ें:- सेना से जारी तकरार के चलते मोहम्मद यूनुस दे सकते हैं इस्तीफा? आतंक और संधि अब एक साथ नहीं चल सकते भारतीय प्रतिनिधि ने सभा को यह भी बताया कि भारत ने पिछले दो वर्षों में कई बार संधि में संशोधन पर चर्चा करने के लिए पाकिस्तान को आमंत्रित किया, लेकिन पाकिस्तान का रवैया हर बार टकरावपूर्ण रहा। ऐसे में भारत के पास सीमित विकल्प ही बचे थे। यही वजह है कि भारत ने अब यह निर्णय लिया है कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाता, तब तक सिंधु जल संधि को स्थगित रखा जाएगा। अब आतंक और संधि एक साथ नहीं चल सकते। भारत ने हमेशा संयम और उदारता का प्रदर्शन किया है, लेकिन अब वह अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और नागरिकों की जान को खतरे में नहीं डाल सकता। भारत के इस ठोस रुख ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अब समय आ गया है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी पाकिस्तान की आतंकवाद-समर्थक नीतियों पर गंभीरता से विचार करे। Latest News in Hindi Today Hindi news India Slams Pakistan on Terrorism at UN IndiaVsPakistan #UNSpeech #TerrorismDebate #IndiaStandsStrong #SindhuWaterTreaty #PakExposed #ModiAtUN #IndiaUNResponse #DiplomaticStrike #GlobalTerrorTalk

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RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers

RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers: सनराइजर्स हैदराबाद से मिली करारी हार के बाद टॉप-2 में नहीं पहुंच पाएगी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 

23 मई को इंडियन प्रीमियर-2025 लीग ( IPL 2025) का 65वां मुकाबला सनराइजर्स हैदराबाद (Sunrisers Hyderabad) ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Royal Challengers Bangalore) के बीच खेला गया। लखनऊ स्थित भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई इकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए इस मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 42 रनों से हरा (RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers) दिया। इस तरह हैदराबाद ने  बेंगलुरु की टॉप-2 में पहुंचने की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया। दरअसल, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी सनराइजर्स की शुरुआत बड़ी अच्छी रही। अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड के बीच पहले विकेट के लिए 54 रनों की साझेदारी हुई। अभिषेक शर्मा 34 रन बनाकर आउट हो गए। उनके आउट होते ही हेड भी 17 रन बनाकर चलते बने।  आरसीबी के लिए शेपर्ड ने 2 विकेट (RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers) झटके  इसके बाद इशान किशन, क्लासेन और अनिकेत वर्मा ने लड़खड़ाती पारी को (RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers) संभाला। क्लासेन 24 रन पर आउट हुए तो अनिकेत वर्मा भी 26 रन बनाकर चलते बने। इशान किशन ने 7 चौके और 5 छक्के की मदद से 48 गेंदों पर 94 रनों की पारी खेली। इस तरह कमिंस के 13 रनों के बदौलत सनराइजर्स हैदराबाद ने 231 रनों का स्कोर खड़ा कर दिया। बात करें आरसीबी की बल्लेबाजी की तो आरसीबी के लिए शेपर्ड ने 2,  एनगिडी ने 1, सुयश शर्मा ने 1, भुवनेश्वर कुमार ने 1 और क्रुणाल पांड्या ने 1 विकेट चटकाए। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने (RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers) की बेहतर शुरुआत 231 रनों का पीछा करने उतरी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने बेहतर शुरुआत (RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers) की। पहले विकेट के लिए विराट कोहली और फिल साल्ट ने 80 रन बनाये। कोहली 43 रन बनाकर आउट हो गए। मयंक अग्रवाल ने 11 रन तो साल्ट 62 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।  तो वहीं रजत पाटीदार ने 18, जितेश शर्मा ने 24 रन बनाए। रजत पाटीदार के आउट होने के बाद आरसीबी का कोई भी बल्लेबाज कुछ ख़ास कमाल नहीं कर सका। फिर क्या था, एक के एक सभी आउट होते चले गए। इस तरह आरसीबी की पूरी टीम 189 पर ऑल आउट हो गई। सनराइजर्स हैदराबाद के लिए पैट कमिंस ने 3, ईशान मलिंगा ने 2, जयदेव उनादकट ने 1, हर्ष दुबे ने 1, हर्षल पटेल ने 1 विकेट चटकाए। कहने की जरूरत नहीं इस हार के बाद आरसीबी को टॉप-2 में पहुंचने के उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। बता दें कि इस हार के बाद आरसीबी अंक तालिका में दूसरे से तीसरे नंबर पर पहुंच गई है। इसे भी पढ़ें:-आईपीएल के 64वें मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स ने गुजरात टाइटंस को 33 रनों से दी करारी शिकस्त 800 चौके लगाने वाले वो दुनिया के पहले बल्लेबाज बने विराट कोहली  आरसीबी को भले ही हार का मुंह देखना पड़ा (RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers) हो लेकिन इस मैच में विराट कोहली का बल्ला जमकर दहाड़ा। इस मैच में 25 गेंदों में सात चौके और एक छक्के की मदद से उन्होंने 43 रन बनाए। यह तो ठीक लेकिन इसके साथ ही विराट ने एक बड़ी उपलब्धि भी हासिल कर ली।  उपलब्धि यह कि टी20 फॉर्मेट में एक टीम की तरफ से खेलते हुए 800 चौके लगाने वाले वो दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news RCB Misses Top-2 After Crushing Defeat by Sunrisers RCBvsSRH #IPL2025 #RCBLoss #SunrisersWin #PlayoffRace #Top2Battle #CricketNews #T20League #RCBDownfall #SRHVictory

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Asaduddin Owaisi

असदुद्दीन ओवैसी ने क्यों कहा “मेरा हाल तो ऐसा हो गया है, जैसे गरीब की जोरू, सबकी भाभी बन गई है”

पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब करने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)  के अंतर्गत भारतीय प्रतिनिधिमंडलों को दुनियाभर के देशों में भेजा जा रहा है। यह मिशन न केवल पाकिस्तान की नापाक इरादे को उजागर कर रहा है बल्कि भारत की सैन्य और कूटनीतिक ताकत को भी मजबूती दे रहा है। और अब इसी संदर्भ में एक राजनीतिक विवाद सुर्ख़ियों में है। दरअसल ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की द्वारा कही बात सुर्ख़ियों में है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने लिखा था पत्र  भोपाल के कांग्रेस नेता और विधायक आरिफ मसूद (Congress Leader Arif Masood) ने कुछ दिन पहले चिट्ठी लिखी थी, जिसमें यह लिखा गया था कि ओवैसी के विदेश दौरे पर जा रहे सांसदों को कहा कि वे केंद्र सरकार से साफ करें कि मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में दिए गए विवादित बयान पर यदि विदेशों में सवाल उठे तो उसका जवाब क्या दिया जाए। उनका तर्क था कि विदेशों में भारत की छवि पर असर न पड़े, इसलिए पहले से स्पष्टीकरण होना चाहिए। असदुद्दीन ओवैसी का तीखा पलटवार अब इसी विषय पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और ओवैसी ने अपने ही अंदाज़ में कहा कि  “दुनिया में कोई ऐसा माई का लाल पैदा  नहीं हुआ, जिसके सवाल का जवाब अल्लाह और उसके रसूल के सदके में ओवैसी न दे सके।” ओवैसी ने आरिफ मसूद को ‘छोटा भाई’ कहकर संबोधित किया और कहा कि वह पूरी बेबाकी से हर मंच पर जवाब देने को तैयार हैं।  असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा उन्हें प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया जाना इस बात का संकेत है कि सरकार भी उनकी बेबाकी की कद्र करती है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर भी तंज कसते हुए कहा कि “मेरा हाल तो ऐसा हो गया है, जैसे गरीब की जोरू, सबकी भाभी बन गई है।” उनका इशारा था कि हर दल उनके निर्णयों पर टिप्पणी कर रहा है, मानो वे किसी के अपने नहीं। इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तानी जासूस ज्योति के समर्थन में उतरी पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर हीरा बतूल, जानें क्या है रिश्ता  AIMIM और असदुद्दीन ओवैसी की राजनीति  असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) भारतीय राजनीति में एक प्रखर और मुखर नेता के रूप में जाने जाते हैं। AIMIM की स्थापना उनके दादा अब्दुल वहीद ओवैसी ने की थी, लेकिन इसे राष्ट्रीय पहचान असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में मिली। वे हमेशा से मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों को संसद और अन्य मंचों पर मजबूती से उठाते रहे हैं। उनकी पार्टी AIMIM ने हैदराबाद के बाहर भी उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और झारखंड जैसे राज्यों में अपनी पैठ बनाने की कोशिश की है। हालांकि उन पर यह आरोप भी लगते रहे हैं कि उनकी राजनीति ध्रुवीकरण को बढ़ावा देती है, लेकिन ओवैसी हमेशा यह कहते आए हैं कि वे सिर्फ संविधान और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात करते हैं। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) जैसे महत्त्वपूर्ण मुद्दे पर जब राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो जाती है, तब असली फोकस छूटने लगता है। आरिफ मसूद की चिंता अपनी जगह वाजिब हो सकती है, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी ने जिस तरह से आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, वह दिखाता है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखने को तैयार हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय राजनीति में  असदुद्दीन ओवैसी  (Asaduddin Owaisi) एक ऐसे नेता हैं, जो किसी भी कठिन परिस्थिति में अपने विचारों को स्पष्ट और निर्भीकता से रखने से नहीं चूकते। उनकी यही शैली उन्हें बाकी नेताओं से अलग बनाती है – चाहे वह संसद हो या फिर कोई अंतरराष्ट्रीय मंच। Latest News in Hindi Today Hindi news Asaduddin Owaisi  #AsaduddinOwaisi #Congress #ArifMasood #OperationSindoor

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buying AC in summer

पहली बार एसी खरीदने की सोच रहे हैं तो जान लें ये कुछ जरूरी बातें

पहली बार किसी चीज को खरीदना अपने आप में एक अलग अनुभव होता है। गर्मी में महीने में एयर कंडीशनर (Air conditioner) यानी एसी (AC) का इस्तेमाल आजकल लक्जरी नहीं बल्कि एक जरूरत बन चुका है। मई-जून महीने को बिना एयर कंडीशनर (Air conditioner) या कूलर के निकालना बहुत मुश्किल बनता जा रहा है। अगर आप भी पहली बार एसी (AC) खरीद रहे हैं, तो आप कुछ चीजों को लेकर कन्फ्यूज अवश्य होंगे। इस दौरान दिमाग में सबसे अधिक सवाल यही आता है कि स्प्लिट एसी (Split AC) खरीदें या विंडो एसी (Window AC) खरीदना बेहतर रहेगा? आइए पाएं एसी (AC) के बारे में ऐसी कुछ जानकारी, जो आपकी इस मुश्किल को आसान बना देगी। गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer)?  गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer)?  अगर आप पहली बार एसी (AC) खरीद रहे हैं, तो आप इन कुछ चीजों का ध्यान रखना जरूरी है: इसे भी पढ़ें:- BSNL का सस्ता प्लान: 180 दिनों की वैलिडिटी के साथ फ्री कॉलिंग और डेटा की टेंशन खत्म गर्मियों में एसी खरीदते हुए किन बातों का रखें ध्यान (What things kept in mind buying AC in summer), यह आप समझ चुके होंगे। अब जानते हैं कि विंडो एसी (Window AC) और स्प्लिट एसी (Split AC) में से आपको किसे चुनना चाहिए? विंडो एसी (Window AC) विंडो एसी (Window AC) स्प्लिट एसी (Split AC) की तुलना में सस्ता होता है और इसे इस्टॉल करना भी आसान है। इसके साथ ही इसका डिजाइन कॉम्पैक्ट होता है, जिसे एक खिड़की में आसानी से इनस्टॉल किया जा सकता है। लेकिन, विंडो एसी (Window AC) स्प्लिट एसी (Split AC) की तुलना में अधिक शोर करता है। यही नहीं यह अधिक बिजली खर्च करता है। इसके साथ ही यह छोटे कमरों के लिए ही अच्छा माना गया है। स्प्लिट एसी (Split AC) स्प्लिट एसी (Split AC), विंडो एसी (Window AC) की तुलना में कम शोर करता है और यह अधिक प्रभावी भी है। यह कमरे को ज्यादा जल्दी ठंडा करता है। यह देखने में अच्छा लगता है और इससे एनर्जी की बचत भी होती है। लेकिन, स्प्लिट एसी (Split AC) विंडो एसी की तुलना में महंगा होता है। इसे इनस्टॉल करने में भी अधिक खर्चा होता ओर इसे इनस्टॉल करने के लिए प्रोफेशनल असिस्टेंस की आवश्यकता होती है। इसको इनस्टॉल करने के लिए कमरे के अंदर और बाहर दोनों जगह अधिक जगह ही जरूरत पड़ती है। यह तो ही एयर कंडीशनर (Air conditioner) के बारे में जानकारी। आप अपने बजट, प्राथमिकता और जरूरत आदि के अनुसार सही एसी (AC) का चुनाव कर सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi Buying AC in summer #WindowAC  #AC #Airconditioner #SplitAC #WhatthingskeptinmindbuyingACinsummer

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Easy tips to avoid heat

गर्मी के मौसम में अपना रखें खास ख्याल और बरते यह 6 सावधानियां

गर्मी का मौसम (Summer season) अपने साथ कई परेशानियों को ले कर आता है। डिहाइड्रेशन (Dehydration), सनबर्न, हीटस्ट्रोक ऐसी कुछ समस्याएं हैं, जिनकी गर्मी के मौसम में संभावना बढ़ जाती है। अधिक देर तक गर्मी (Heat) में रहना और अधिक फिजिकल एक्टिविटीज हीट सम्बन्धी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इस दौरान अत्यधिक हीट शरीर को कई तरह से प्रभावित कर सकती है। बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को इस दौरान अपना खास ध्यान रखना चाहिए। अगर आप गर्मी (Heat) से बचना चाहते हैं, तो कुछ आसान टिप्स का पालन करें। गर्मी से बचने के लिए आसान टिप्स (Easy tips to avoid heat) इस प्रकार हैं। गर्मी से बचने के लिए आसान टिप्स (Easy tips to avoid heat in Summer season) नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (National Disaster Management Authority) के अनुसार हलके और कॉटन के कपडे पहनने से आप गर्मी (Heat) से कुछ हद तक बच सकते हैं। इसके साथ ही घर से बाहर जाते हुए पूरी सावधानियों को बरतना जरूरी है। गर्मी में होने वाली समस्याओं से बचाव के लिए ठंडा और हाइड्रेटेड रहना भी आवश्यक है। गर्मी से बचने के लिए आसान टिप्स (Easy tips to avoid heat) इस प्रकार हैं: धूप से बचें हाइड्रेट रहें गर्मी का मौसम (Summer season) डिहाइड्रेशन (Dehydration) का कारण बन सकता है। इसलिए इस मौसम में जितना हो सके खुद को ठंडा रखें। इसके कुछ तरीके इस प्रकार हैं:  तरल पदार्थों का सेवन करें  गर्म मौसम में जितना हो सके कैफीन से दूर रहें और अधिक से अधिक पानी पीएं। नारियल पानी और जूस भी आप पी सकते हैं। ठंडे और गर्म दोनों पेय पदार्थ आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते। लेकिन, अधिक चाय और कॉफी पीने से बचें। जितना हो सके एल्कोहॉल का सेवन भी नहीं करना चाहिए। हेल्दी और हल्का आहार खाएं गर्म के मौसम में हल्का, बैलेंस्ड और हेल्दी मील लेना चाहिए। ऐसे फूड्स का अधिक सेवन करें जिनमे पानी की मात्रा अधिक हो जैसे स्ट्राबेरीज, खीरा, तरबूज आदि। इनसे भी गर्मी के मौसम में हाइड्रेट रहने में मदद मिलेगी। इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में दोपहर में फिजिकल एक्टिविटीज से बचें गर्मी का मौसम (Summer season) आते ही आप अपनी रूटीन में कोई बदलाव न करें। लेकिन, इस दौरान कुछ चीजों का ध्यान रखना आवश्यक है। दिन के ऐसे समय में फिजिकल एक्टिविटीज से बचें जब गर्मी (Heat) का प्रभाव सबसे अधिक होता है। इससे डिहाइड्रेशन (Dehydration), हीटस्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।  घर को रखे ठंडा गर्मी का मौसम (Summer season) आते ही जरूरी है कि आप घर पर रहें और घर को ठंडा रखें। इससे न केवल आप आरामदायक महसूस करेंगे बल्कि कई समस्याओं से भी बचा जा सकता है। घर को ठंडा रखना तब और भी मुश्किल हो सकता है जब गर्मी (Heat) अधिक हो। इसके लिए अपनी खिड़कियों, पर्दो आदि को बंद रखें, प्रभावी रूप से पंखों का इस्तेमाल करें आदि।  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Easy tips to avoid heat #Easytipstoavoidheat #summerseason #summer #heat #dehydration

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Tragacanth gum

स्किन के लिए गोंद कतीरा के क्या हैं फायदे और कैसे करें इसका इस्तेमाल?

गोंद कतीरा (Gond Katira) को ट्रागेकैंथ गम (Tragacanth gum) के नाम से जाना जाता है। यह एक ऐसा बेहतरीन हर्ब है, जो कुछ समय पहले तक अधिकतर भारतीय रसोईघरों में पाया जाता था। लेकिन, अब लोग इसका कम इस्तेमाल करने लगे हैं। इस गम को इसकी नेचुरल कूलिंग के लिए और हेल्थ के लिए फायदेमंद प्रॉपर्टीज के लिए जाना जाता है। यह हर्ब जेली के समान होता है और इसका कोई स्वाद या गंध नहीं होती। गर्मी के मौसम में इसका सेवन बहुत फायदेमंद माना गया है क्योंकि यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। इसके अलावा इसे स्किन के लिए भी फायदेमंद माना गया है। आइए जानें गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) के बारे में। गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) फ़ूड एंड एग्रीकल्चर आर्गेनाइजेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस (Food and Agriculture Organization of the United Nations) के अनुसार गोंद कतीरा यानि ट्रागेकैंथ गम (Tragacanth gum) एक तरह का ड्राइड रस है। इसका उपयोग फार्मास्यूटिकल्स और अन्य उद्योगों में बाइंडर और स्टेबलाइज़र के रूप में किया जाता है। स्किन के लिए भी यह गम बहुत बेनेफिशियल मानी गयी है। गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) निम्नलिखित हैं: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक गोंद कतीरा का स्किन पर कैसे करें इस्तेमाल?  गोंद कतीरा (Gond Katira) का स्किन पर इस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है: आप स्किन की समस्याओं को दूर करने और स्किन (Skin) में निखार लाने के लिए गोंद कतीरा का फेस मास्क बना कर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके फेस मास्क को बनाने के लिए थोड़ा गोंद कतीरा (Gond Katira) पूरी रात पानी में भिगोएं और गुलाब जल ड़ाल कर पेस्ट बना लें।  इस पेस्ट को चेहरे पर लगा लें। इसके बाद चेहरे को धो लें। आप इसमें थोड़ी हल्दी मिला कर मुहांसों वाले स्थान पर भी लगा सकते हैं। इससे आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Gond Katira #Tragacanthgum #GondKatira #BenefitsofGondKatiraforSkin #GondKatiraforSkin

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Dhokla Recipe

Dhokla Recipe: सिर्फ 20 मिनट में तैयार कर सकते हैं सुपर-सॉफ्ट जालीदार ढोकला

भूख लगने पर कुछ भी अनहेल्दी खाने की जगह ऐसे स्नैक्स का चुनाव करें, जिनसे न केवल पेट भरे बल्कि जो हेल्दी भी हो और जल्दी बन भी जाए। ढोकला (Dhokla) उन्ही में से एक स्नैक है जिसे पूरे भारत में बड़े चाव से खाया जाता है। इस स्नैक की खास बात है कि ढोकला (Dhokla) स्टीम कर के बनाया जाता है और इसमें बहुत से न्यूट्रिशंस होते हैं।  यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर होता है और इसमें कैलोरीज और फैट कम होते हैं इसलिए यह वेट मैनेजमेंट में भी इसे फायदेमंद पाया गया है। आइए जानें ढोकला बनाने की विधि (Dhokla Recipe) के बारे में। ढोकला बनाने की विधि (Dhokla Recipe): जैसा की पहले ही बताया गया है कि ढोकला (Dhokla) में मिनरल्स और विटामिन्स होते हैं। इसे फेरमेंटशन प्रक्रिया से बनाया जाता है। यानी, यह इम्यून सिस्टम (Immune System) और पेट के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। ढोकला बनाना (Dhokla Recipe) भी बहुत आसान है। इसे बनाने की विधि से पहले ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) के बारे में जानते हैं। ढोकला रेसिपी (Dhokla Recipe): ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) यह तो थी ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) की लिस्ट। अब जानते हैं इसकी विधि के बारे में।  इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में ढोकला बनाने की विधि (Method of making Dhokla) आप ढोकले को ठंडा कर के खा सकते हैं। गर्मी के मौसम में पुदीने की चटनी के साथ इसे खाना अपने आप में एक अलग और स्वादिष्ट अनुभव है। Latest News in Hindi Today Hindi  #Dhokla #IngredientstomakeDhokla #MethodofmakingDhokla #snack #healthysnack

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