Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform

Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform: मोदी सरकार की अनोखी पहल, वक्फ प्रॉपर्टी के लिए लॉन्च हुआ UMEED पोर्टल 

वक्फ संपत्ति को लेकर मोदी सरकार ने क्रांतिकारी कदम उठाते हुए एक पोर्टल लांच किया (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) है। खबर के मुताबिक वक्फ एक्ट के तहत केंद्र सरकार के अल्पसंख्यक मंत्रालय ने वक्फ संपत्तियों के रजिस्ट्रेशन हेतु उम्मीद पोर्टल लॉन्च किया है। बता दें कि अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरण रिजिजू ने दिल्ली में इसे लॉन्च किया। इस दौरान सभी राज्यों के वक्फ बोर्ड के पदाधिकारी ऑनलाइन मौजूद रहे। लॉन्चिंग प्रोग्राम के दौरान किरण रिजिजू ने कहा कि उम्मीद पोर्टल सिर्फ एक टेक्नोलॉजिकल इनोवेशन ही नहीं बल्कि अच्छे शासन प्रशासन और पारदर्शिता का भी प्रतीक है। वक्फ संपत्तियों से जुड़े सभी हिस्सेदारों को एक ही जगह पर साथ लाया गया है। जिसका मकसद वक्फ संपत्तियों का इस्तेमाल गरीब और जरूरतमंद मुसलमानों के लिए हो सके। गौरतलब हो कि इसे संसद द्वारा पास कानून के तहत बनाया गया है। पोर्टल को ईमेल और मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के जरिए वेरीफाई करके login किया जा सकेगा। पोर्टल के तीन लेवल के यूजर होंगे।  सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड हो सकेगा (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) तैयार   पहला होगा मुतवल्ली या राज्य के वक्फ बोर्ड द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति, जो वक्फ प्रॉपर्टी को रजिस्टर करने के लिए डिटेल (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) भरेगा। दूसरा जिला स्तर पर कोई अधिकारी होगा जो मुतवल्ली द्वारा भरी गई जानकारी को क्रॉस चेक करेगा और तीसरा होगा वक्फ बोर्ड का सीईओ या राज्य वक्फ बोर्ड द्वारा अधिकृत अधिकारी प्रॉपर्टी के वक्फ के बतौर रजिस्ट्रेशन को अप्रूव करेगा। इस पोर्टल खासियत यह कि इसमें आंकड़े सटीक और व्यवस्थित हों सके इस लिए ड्रॉपडाउन इनपुट का सिस्टम बनाया गया है। इसका अर्थ यह हुआ कि पोर्टल पूरी तरह यूजर फ्रेंडली होगा। इसके साथ यह सभी स्थानीय प्रशासन से जुड़ी हुई निर्देशिका (एलजीडी) कोड्स को पोर्टल के साथ एकीकृत किया गया है। ये एलजीडी जिला, ब्लॉक और पंचायत स्तर पर है। प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया सिर्फ एक चरण में हो होगी। खास बात यह कि पोर्टल हर एक वक्फ संपत्ति का 17 डिजिट यूनिक आईडी जनरेट करेगा। इससे सभी वक्फ संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो जाएगा।  इसे भी पढ़ें:-पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन, कटरा से श्रीनगर का सफर होगा आसान  उम्मीद पोर्टल में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग भी (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) होगी कमाल की बात यह कि इस यूनिक आईडी के जरिए वक्फ संपत्तियों का स्टेटस, मालिकाना हक और उसका इस्तेमाल पता करने में आसानी रहेगी। बड़ी बात यह कि रजिस्टर्ड प्रॉपर्टी को एक सर्टिफिकेट भी मिलेगा। यही नहीं, इस पोर्टल में वक्फ संपत्ति की जानकारी आसानी से भरी जा (Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform) सके इस हेतु एक टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। और तो और पोर्टल में भारत के सूचना एवं प्रौद्योगिकी कानून के तहत निजता के अधिकार का पूरा ध्यान रखा गया है। इसके अलावा बेहतर पारदर्शिता के लिए उम्मीद पोर्टल में रजिस्टर की गई प्रॉपर्टी की जियो टैगिंग भी होगी। जियो टैगिंग का मतलब, हर वक्फ संपत्ति की ज्योग्राफिकल लोकेशन का डेटा भी पोर्टल पर मौजूद रहेगा। और पोर्टल के जरिए ही संपत्तियों से जुड़े विवाद को सुलझाने की प्रक्रिया भी लाई गई है। अच्छी बात यह कि इससे पारदर्शिता भी आएगी। इसके अलावा मुकदमेबाजी की स्थिति में विवाद का निबटारा भी आसान होगा। यही नहीं, वक्फ के प्रकार में शिया, सुन्नी, बोहरा और आगाखानी का विकल्प पोर्टल में आएगा। इसके अलावा संपत्ति के 22 प्रकार भी रखे गए हैं। जिसके 22 कोड ड्रॉप डाउन लिस्ट में होगा। इनमें एग्रीकल्चर लैंड, खानखाना, स्कूल, दुकान, प्लॉट, हुज़रा, मकतब, मस्जिद, अशुरखाना, दरगाह, ग्रेव यार्ड, ईदगाह, इमामबाड़ा, फिशिंग पौंड, तकिया, फलों के बाग, मदरसा और मकान जैसे कई 22 विकल्प आयेंगे। जिनमें से किसी एक विकल्प को चुनना होगा। Latest News in Hindi Today Hindi news Modi Govt Launches UMEED Portal for Waqf Property Reform UMEEDPortal #WaqfProperty #ModiGovernment #DigitalIndia #MinorityWelfare #PropertyTransparency #SmartGovernance

आगे और पढ़ें
Yoga for High BP

High Blood Pressure के लिए यह 4 योगासन, ब्लड सर्कुलेशन और हार्ट हेल्थ को बनाएंगे दुरुस्त

हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) यानी हायपरटेंशन (Hypertension) वो समस्या है, जिसमें रोगी का ब्लड प्रेशर सामान्य से अधिक होता है। अगर इसे सही समय पर कंट्रोल न किया जाए, तो यह गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है जैसे हार्ट अटैक या स्ट्रोक आदि। हाई ब्लड प्रेशर  (High blood pressure) को कंट्रोल करने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल का पालन करना बहुत आवश्यक है। नियमित रूप से योगा करना न केवल हमारे बॉडी बल्कि माइंड हेल्थ के लिए भी फायदेमंद पाया गया है। ऐसा भी पाया गया है कि योगा करने से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। आइए हाई ब्लड प्रेशर के लिए योगासन (Yogasana for high blood pressure) के बारे में। हाई ब्लड प्रेशर के लिए योगासन (Yogasana For High Blood Pressure) आर्ट ऑफ लिविंग के अनुसार हायपरटेंशन (Hypertension) को बेहद खतरनाक माना जाता है क्योंकि अधिकतर रोगियों में इसका कोई लक्षण नजर नहीं आता। इसके निदान के लिए नियमित चेकअप बहुत जरूरी है। हाई ब्लड प्रेशर के लिए योगासन (Yogasana for high blood pressure) इस प्रकार हैं:  उत्कटासन (Utkatasana) उत्कटासन में करने वाले की पोजीशन चेयर जैसी लगती है, इसलिए इसे चेयर पोज भी कहा जाता है। इस आसन को करने से कई मसल ग्रुप्स की एक्सरसाइज होती है और हाइपरटेंशन को मैनेज करने में मदद मिलती है। इस करने से ब्लड फ्लो बढ़ता है, जिससे ब्लड प्रेशर को रेगुलर रहने में मदद मिलती है। यही नहीं, इससे हार्ट रेट बढ़ता है और स्ट्रेस भी कम होता है। यानी, उत्कटासन को करने से हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) को कंट्रोल करने में आसानी होती है। भद्रासन (Bhadrasana) भद्रासन यानी बटरफ्लाई पोज करने से हाई ब्लड प्रेशर को मैनेज करने में मदद मिलती है क्योंकि इसे करने से स्ट्रेस कम होता है और शांत रहने में आसानी होती है। स्ट्रेस को हाई ब्लड प्रेशर (High blood pressure) के रिस्क फैक्टर्स में से एक माना जाता है। भद्रासन करना भी बेहद सरल है। इसके लिए आपको इस तरह से योगा मैट पर बैठना है कि आपके पैरों के तलवे साथ जुड़े हों। अब अपने पैरों को हाथों को पकड़ें और अपने घुटनों को ऊपर-नीचे करें। भद्रासन को करते हुए अपनी पीठ सीधी होनी चाहिए। ताड़ासन (Tadasana) हाइपरटेंशन का कारण कई चीजें हैं जैसे खराब लाइफस्टाइल, जेनेटिक्स और अंडरलायिंग हेल्थ कंडीशंस आदि। ताड़ासन यानी माउंटेन पोज एक आसान योगासन (Yogasana) है, जो हायपरटेंशन (Hypertension) को कम करने में मदद करता है। हालांकि यह आसन सीधे तौर पर ब्लड प्रेशर को कम नहीं करता है लेकिन ताड़ासन करने से स्ट्रेस कम होती है, शांति मिलती है और संपूर्ण कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ में सुधार होता है जिससे ब्लड प्रेशर को मैनेज करने में मदद मिलती है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक त्रिकोणासन (Trikonasana) त्रिकोणासन यानी ट्राइएंगल पोज करने से ब्लड सर्कुलेशन सुधरती है, स्ट्रेस कम होती है और रिलेक्स रहने में मदद मिलती है। यानी, हायपरटेंशन (Hypertension) की समस्या से राहत मिल सकती है। लेकिन, इस बात का ध्यान रखें कि इस आसन को सही से करना बेहद जरूरी है। अगर आपको हाई ब्लड प्रेशर है,(High blood pressure) तो इस योगासन (Yogasana) को शुरू करने से पहले हेल्थ एक्सपर्ट और योग इंस्ट्रक्टर से बात करना न भूलें। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi  #highbloodpressure #yogasanaforhighbloodpressure #yogaasana, #hypertension #Trikonasana #Tadasana #Bhadrasana #Utkatasana

आगे और पढ़ें
RBI Repo Rate

RBI ने रेपो रेट में 0.50% की कटौती, होम लोन और EMI होंगे सस्ते

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने 6 जून 2025 को अपनी मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए बैंकों से लोन लेने वालों को बड़ी राहत दी है। RBI ने रेपो रेट (Repo Rate) में 50 बेसिस पॉइंट यानी 0.50% की कटौती का ऐलान किया है। इस घोषणा के साथ ही रेपो रेट अब घटकर 5.50% पर आ गया है। यह 2025 की पहली छमाही में तीसरी बार रेपो रेट में कटौती है और अब तक की सबसे बड़ी। इससे पहले फरवरी और अप्रैल में 25-25 बेसिस पॉइंट की कटौतियां की गई थीं। कुल मिलाकर इस साल अब तक 100 बेसिस पॉइंट की कटौती हो चुकी है। क्या है रेपो रेट? रेपो रेट (Repo Rate) वह दर होती है जिस पर आरबीआई (RBI) वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक कर्ज देता है। जब रेपो रेट घटती है तो बैंकों को कम ब्याज पर कर्ज मिलता है, जिससे वे भी उपभोक्ताओं को सस्ते लोन दे सकते हैं। इससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ती है और निवेश तथा उपभोग को प्रोत्साहन मिलता है। कैश रिजर्व रेशियो (CRR) में भी कटौती RBI ने कैश रिजर्व रेशियो यानी CRR में भी 1% की कटौती कर इसे 3% कर दिया है। इसका मतलब है कि अब बैंक अपनी जमा राशि का छोटा हिस्सा ही आरबीआई के पास रिजर्व में रखेंगे और उनके पास लोन देने के लिए ज्यादा पूंजी उपलब्ध होगी। इसका सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं को मिलेगा, खासकर होम लोन (Home Loan) और पर्सनल लोन (Personal Loan) की दरों में गिरावट के रूप में। EMI में राहत: आम आदमी को सीधा फायदा रेपो रेट (Repo Rate) में कटौती का सबसे बड़ा फायदा होम लोन लेने वालों को मिलेगा। उदाहरण के लिए अगर किसी व्यक्ति ने 50 लाख रुपये का होम लोन 8.5% ब्याज दर पर 20 साल के लिए लिया है, तो उसकी मौजूदा EMI 43,391 रुपये बनती है। नई दर के अनुसार अगर ब्याज 7.5% हो जाता है, तो EMI घटकर 40,280 रुपये हो जाएगी। यानी हर महीने करीब 3,111 रुपये और सालभर में लगभग 37,000 रुपये की बचत होगी। टेन्योर घटाएं या EMI? विशेषज्ञों की मानें तो अगर ग्राहक EMI को जस का तस बनाए रखते हैं और टेन्योर घटा लेते हैं, तो उन्हें ब्याज पर अधिक बचत मिलेगी। ऊपर दिए उदाहरण में लोन की अवधि लगभग 3 साल कम हो सकती है और कुल ब्याज में 15.44 लाख रुपये तक की बचत संभव है। यह लंबे समय में बेहतर वित्तीय निर्णय साबित हो सकता है। क्या करें लोन धारक? अगर आपका होम लोन EBLR (External Benchmark Lending Rate) से जुड़ा है — जो कि अधिकतर बैंकों में रेपो रेट (Repo Rate) होता है — तो आपको इस कटौती का सीधा लाभ मिलेगा। आने वाले महीनों में बैंक आपकी EMI या टेन्योर को फिर से निर्धारित कर सकते हैं। हालांकि, यदि आपका लोन अभी भी MCLR या बेस रेट से जुड़ा है, तो विशेषज्ञों की सलाह है कि आप उसे EBLR आधारित लोन में कन्वर्ट करवा लें, ताकि ब्याज दरों में गिरावट का फायदा तुरंत मिल सके। कुछ बैंक इस प्रक्रिया के लिए मामूली शुल्क लेते हैं, लेकिन दीर्घकालिक बचत के लिए यह एक समझदारी भरा कदम है। RBI का यह फैसला क्यों? RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि यह फैसला देश की आर्थिक स्थिति को देखते हुए लिया गया है। अप्रैल 2025 में खुदरा महंगाई घटकर 3.16% पर आ गई है, जो पिछले 6 वर्षों में सबसे कम है। इसके अलावा, मानसून की अच्छी शुरुआत और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच घरेलू मांग को प्रोत्साहित करने की जरूरत महसूस की गई। इन कारकों को ध्यान में रखते हुए रेपो रेट और CRR में कटौती की गई है। इसे भी पढ़ें: World Environment Day 2025: प्रकृति से जुड़ने के लिए प्लास्टिक की जगह रिसाइकिल प्रोडक्ट का करें इस्तेमाल किन क्षेत्रों को मिलेगा लाभ? इस मौद्रिक नीति (Credit Policy) बदलाव से खासकर हाउसिंग, ऑटोमोबाइल, इंफ्रास्ट्रक्चर, बैंकिंग और MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) क्षेत्रों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे कारोबारियों को सस्ता कर्ज मिलने की संभावना है, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। RBI की यह नीतिगत घोषणा आम आदमी, उद्योगों और पूरी अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। सस्ती दरों पर कर्ज की उपलब्धता उपभोग और निवेश को बढ़ावा देगी, जिससे देश की आर्थिक विकास दर को मजबूती मिल सकती है। आने वाले दिनों में इस राहत का असर आम लोगों की जेब से लेकर देश की वित्तीय प्रणाली तक साफ दिखेगा। Latest News in Hindi Today Hindi  #CreditPolicy #RBI #EMI #MSME #CRR

आगे और पढ़ें
Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein's files

Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein’s files: एपस्टीन की बाल यौन शोषण की फाइल में ट्रंप का नाम, इसीलिए नहीं हो रही जारी-  एलन मस्क ने लगाया गंभीर आरोप 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डीओजीई) के पूर्व प्रमुख एलन मस्क (Elon Musk) के बीच तकरार बढ़ता जा रहा है। दोनों के बीच चल रहे वार-पलटवार के बीच मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एलन मस्क (Elon Musk) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट करते हुए दावा किया है कि “डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का नाम एपस्टीन की फाइल (Epstein Files) में दर्ज है, इसीलिए उसे जारी नहीं किया जा रहा है। अब समय आ गया है कि बड़ा बम गिराया जाए। आप सभी का दिन शुभ हो, डीजेटी!” उन्होंने यह भी लिखा कि, “इस पोस्ट को भविष्य के लिए मार्क कर लें, सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी।” बता दें कि यह पूरा मामला यौन तस्करी के आरोपी अरबपति जेफरी एपस्टीन से जुड़ा हुआ है। एपस्टीन पर साल 2019 में यौन शोषण और तस्करी के आरोप लगे थे। इस मामले का खुलासा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली वर्जीनिया गिफ्रे ने उसी साल आत्महत्या कर ली थी। गिफ्रे ने खुलासा किया था कि वो एप्सटीन की करीबी सहयोगी घिसलीन मैक्सवेल के कारण एप्सटीन से मिली थी। इसके बाद एप्स्टीन ने उसे साल 1999 से 2002 के बीच कई बड़े लोगों के पास अनैतिक कार्य करने के लिए भेजा। गिफ्रे ने इस दौरान कई प्रभावशाली लोगों के नाम का खुलासा भी किया था।  रबपति एपस्टीन को एक समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास दोस्त माना जाता था इनमें ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू और फ्रांस के मॉडलिंग एजेंट जीन-ल्यूक ब्रनेल जैसे बड़े नाम भी शामिल थे। इस खुलासे के बाद एप्सटीन को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन वो उसी साल जेल में मृत पाए गए। ग्रिफे और एप्सटीन की मौत को आधिकारिक तौर पर सुसाइड करार दिया गया, लेकिन कई लोग दावा करते हैं कि दोनों की हत्या की गई। एप्सटीन पर यह भी आरोप था कि उसने 2002 और 2005 के बीच मैनहट्टन और फ्लोरिडा में रहने वाले अमीरों के पास नाबालिग लड़कियों को भेजता था और वहां पर उनका यौन शोषण होता था। एपस्टीन फाइल का एक हिस्सा इसी साल जारी किया गया था। इस फाइल में एपस्टीन के फाइनेंसरों और बाल यौन अपराध में शामिल कई हाई-प्रोफाइल सहयोगियों का विवरण था। अरबपति एपस्टीन को एक समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास दोस्त माना जाता था। हालांकि, एपस्टीन फाइल में ट्रम्प का नाम नहीं था, लेकिन एपस्टीन के साथ दोस्ती के कारण ट्रंप कई साल जांच के दायरे में रहे।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा ट्रंप ने मस्क को दी सब्सिडी बंद करने की (Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein’s files) धमकी  बता दें कि एलन मस्क ने हाल ही में डीओजीई प्रमुख का पद छोड़ ट्रंप प्रशासन से अगल हो गए। ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका के नए टैक्‍स बिल को लेकर दोनों के बीच तनाव था। इसके बाद से ही ट्रंप और मस्क के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। मस्क ने ट्रंप पर “अमेरिका को दिवालिया बनाने” का आरोप लगाया था। जिसके बाद ट्रंप ने एक बयान देते हुए कहा कि ”वो मस्क की टेस्ला और एयरोस्पेस कंपनी को मिलने वाली सरकारी सब्सिडी को बंद कर सकते हैं।” जिसके बाद से टेस्ला कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट हुई है। ट्रंप के इस घोषणा का जवाब देते हुए मस्क ने ट्रंप को कहा, ”अगर वह साथ नहीं देते तो ट्रंप राष्‍ट्रपति चुनाव नहीं जीत पाते, जो करना हो, वो कर लो।” Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump ElonMusk #TrumpEpstein #JeffreyEpstein #ChildAbuseFiles #TrumpControversy #EpsteinList #MuskVsTrump

आगे और पढ़ें
Benefits of Vrikshasana

Vrikshasana: तनाव से रहना चाहते हैं दूर तो कर सकते हैं वृक्षासन

टेँशन यानी तनाव ऐसी समस्या है, जो आजकल सामान्य होती जा रही है खासतौर पर युवाओं में। भविष्य में तनाव बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है और इससे रोजाना का जीवन भी प्रभावित होता है। योगा को तनाव से छुटकारा पाने का बेहतरीन तरीका माना जाता है। हालांकि, माइंड ही नहीं बल्कि बॉडी के लिए भी योगा को कई तरह से फायदेमंद माना गया है। ऐसे कई योगासन (Yogasana) हैं, जिनका अभ्यास करना सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इन्हीं में से एक है वृक्षासन (Vrikshasana)। वृक्षासन (Vrikshasana) का दूसरा नाम ट्री पोज भी है। आइए जानें कि वृक्षासन के फायदे (Benefits of Vrikshasana) क्या हैं? इसके साथ ही इसे करने के तरीके के बारे में भी जानें। वृक्षासन के फायदे (Benefits of Vrikshasana) आर्ट ऑफ लिविंग (Art of living) के अनुसार वृक्षासन (Vrikshasana) एक संस्कृत शब्द है जिसमें वृक्ष का अर्थ है पेड़ और आसन का अर्थ है पोजीशन यानी इस योगासन (Yogasana) में करने वाले की पोजीशन वृक्ष की तरह लगती है। इसके फायदे इस प्रकार हैं:  इसे भी पढ़ें: World Environment Day 2025: प्रकृति से जुड़ने के लिए प्लास्टिक की जगह रिसाइकिल प्रोडक्ट का करें इस्तेमाल वृक्षासन (Vrikshasana) कैसे करें? इस योगासन (Yogasana)  को करना बेहद आसान है। वृक्षासन के फायदे (Benefits of Vrikshasana) क्या हैं, यह आप जान ही गए होंगे। इस आसन को इस तरह से किया जा सकता है: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Vrikshasana  #BenefitsofVrikshasana #Vrikshasana #Yogasana #Asanas #TreePose

आगे और पढ़ें
Team India to Play 9 Series in 6 Months

Team India to Play 9 Series in 6 Months: IPL के बाद अब 6 महीने में 9 सीरीज खेलेगी टीम इंडिया 

3 जून को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आईपीएल का महामुकाबला आरसीबी और पंजाब किंग्स के बीच खेला गया जिसमे रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने पंजाब की 6 रनों से हरा कर आईपीएल- 2025 की ट्रॉफी अपने नाम की। पूरे 18 साल बाद पहली बार आरसीबी ने आईपीएल की ट्रॉफी पर कब्जा किया। इसके साथ ही 3 जून को आईपीएल का यह सीजन खत्म हो गया। भले ही आईपीएल का सीजन खत्म हो गया हो, लेकिन भारतीय टीम के सभी खिलाड़ी इंटरनेशनल क्रिकेट की तैयारी में जुट गए हैं। दरअसल, भारतीय टीम 20 जून से इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टेस्ट सीरीज (Team India to Play 9 Series in 6 Months) खेलेगी। इस तरह आईपीएल के बाद भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी इंग्लैंड दौरे पर खेलते दिखेंगे। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के नए चक्र में भारत को इंग्लैंड में पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलनी है। यही नहीं, इसके अलावा भारत को अगले 6 महीने में लगभग 9 सीरीज खेलनी है। इसमें टेस्ट, वनडे और टी20 के मुकाबले भी शामिल हैं।  बांग्लादेश के दौरे के बाद टीम इंडिया को एशिया कप खेला (Team India to Play 9 Series in 6 Months) जाना है भारत का इंग्लैंड दौरा 20 जून से लेकर 4 अगस्त तक चलेगा। इस दौरे के बाद भारतीय टीम को बांग्लादेश के दौरे पर जाना (Team India to Play 9 Series in 6 Months) है। बांग्लादेश में भारतीय टीम 3 वनडे और तीन टी20 मैचों की सीरीज खेलेगी। फ़िलहाल अभी तक यह तय नहीं है कि भारतीय टीम बांग्लादेश का दौरा करेगी भी या नहीं। बांग्लादेश के बाद टीम इंडिया को एशिया कप खेला जाना है। हालाँकि एशिया कप के मुकाबले को लेकर स्थिति भी अभी साफ नहीं हो पाई है। इस टूर्नामेंट की तारीख की घोषणा नहीं हुई है। इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद नवंबर से दिसंबर तक साउथ अफ्रीका की मेजबानी (Team India to Play 9 Series in 6 Months) करेगी टीम इंडिया यही नहीं, एशिया कप के बाद भारतीय टीम वेस्टइंडीज टेस्ट टीम की मेजबानी (Team India to Play 9 Series in 6 Months) करेगी। बता दें कि 2 मैचों का टेस्ट सीरीज भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेला जाएगा। फ़ी उसके बाद तीन वनडे और पांच टी20 मैचों की सीरीज के लिए टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया का दौरा करेगी। ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद भारतीय टेस्ट टीम नवंबर से दिसंबर तक साउथ अफ्रीका की मेजबानी करेंगे। इस दौरान साउथ अफ्रीका की टीम 2 टेस्ट, 3 वनडे और 5 टी20 मैचों की सीरीज खेलेगी। इस तरह टीम इंडिया का शिड्यूल साल के अंत तक फिक्स हो चुका है। देखने वाली बात यह कि टीम इंडिया इस दौरान कहाँ-कहाँ अपना परचम लहराती है। वैसे भारतीय प्रशंसक बड़ी बेसब्री से इन दौरों का इंतजार कर रहे हैं।   इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने किया अपनी टीम का ऐलान  बता दें कि 20 जून से 5 के दरम्यान भारत और इंग्लैंड के बीच मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जानी है। यह टेस्ट 20 जून 2025 को हेडिंग्ले में शुरू होगा। ये सीरीज वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है। इस सीरीज के पहले मैच के लिए इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। बेन स्टोक्स की कप्तानी में टीम खेलने उतरेगी। बात करें टीम इंग्लैंड की तो इंग्लैंड की टीम में, बेन स्टोक्स (कप्तान), शोएब बशीर, ओली पोप, जो रूट, जेमी स्मिथ, जोश टंग, क्रिस वोक्स, जैकब बेथेल, हैरी ब्रुक, ब्रायडन कार्से, सैम कुक, जैक क्रॉली, बेन डकेट, जेमी ओवरटन जैसे दिग्गज शामिल हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Team India to Play 9 Series in 6 Months TeamIndia #IndianCricket #PostIPL2025 #INDvsWorld #CricketSchedule #MenInBlue #CricketSeries2025

आगे और पढ़ें
Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly

Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly: इस तरह हर महीने 8 लाख से भी अधिक कमाता है मुंबई का यह ऑटो वाला 

बेशक लाखों की नौकरी पाने के लिए भारीभरकम डिग्री की चाहिए होती है। यहाँ बात नौकरी करने की है। बिज़नेस करने के लिए किसी डिग्री की जरूरत नहीं है। यदि आपसे कहूं कि मुंबई में रहने वाला एक सामान्य ऑटो चालक साल के करोड़ों की कमाई कर रहा (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। शायद इस बात पर यकीन करना आपके लिए मुमकिन न हो। लेकिन यह सच है। इससे भी बड़ी हैरानी की बात यह है कि वो बिना एक भी किलोमीटर गाड़ी चलाए कमा रहा है। बस वो एक जगह खड़े रहता है। और बिना मीटर डाउन किये वो दिन के हजारों कमा रहा है। वो कहावत है न हींग लगे न फिटकरी रंग भी चोखा होय। जिसका अर्थ है कि कम खर्च या बिना मेहनत के भी अच्छा काम हो सकता है। यह कहावत मुंबई के ऑटो वाले पर सटीक बैठती है।  अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में किसी भी तरह का सामान ले जाने की होती है (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) सख्त मनाही भारत ही नहीं, जिस भी देश में अमेरिकी दूतावास होता है, वहां सुरक्षा चाक-चौबंद होती (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। वहां बिना काम के अंदर जाना तो कोसो दूर की बात, आपको  बाहर खड़े होने भी नहीं दिया जाता। इसी तरह मुंबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में हर दिन दूर-दराज इलाकों से लोग पहुंचते हैं। जाहिर सी बात जब दूर से आते हैं तो उनके पास सामान भी होता है। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में किसी भी तरह का सामान ले जाने की सख्त मनाही होती है। ऐसे में लोगों को बड़ी तकलीफ होती है। और तो और उसके आस-पास कोई लॉकर की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है। लोगों को ज़रूरी कागजात, इलेक्ट्रॉनिक्स या निजी सामान रखने के लिए बड़े पापड़ बेलने पड़ते हैं। इस परेशानी को एक ऑटो रिक्शा ड्राइवर ने अवसर में बदल दिया। उसने लोगों की ज़रूरतों को समझा और एक आसान सी सेवा शुरू की। इस तरह इस अनोखे कारोबार की शुरुआत उन लोगों की समस्या से हुई, जो वीज़ा हेतु आवेदन करने हर रोज अमेरिकी दूतावास पहुंचते हैं।  इसे भी पढ़ें: World Environment Day 2025: प्रकृति से जुड़ने के लिए प्लास्टिक की जगह रिसाइकिल प्रोडक्ट का करें इस्तेमाल दिन में 20,000 से 30,000 रुपये तक की होती है (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) कमाई दरअसल, ऑटो ड्राइवर वीज़ा आवेदकों के बैग को कुछ समय के लिए रखने लगा। वह वाणिज्य दूतावास के प्रवेश द्वार के पास खड़ा रहता है और लोगों को 1,000 रुपये में उनके सामान की सुरक्षा करने की बात कहता है। वह उन्हें भरोसा दिलाता है कि उनकी अपॉइंटमेंट खत्म होने तक उनका सामान उसके पास सुरक्षित रहेगा। हालाँकि पहली नज़र में यह कीमत अधिक प्रतीत हो सकती है, लेकिन वीज़ा इंटरव्यू की जल्दी में लोगों के पास कोई और विकल्प नहीं होता। ऐसे में अपनी अपॉइंटमेंट मिस करने से बेहतर लोग उसे 1000 रूपये देना अधिक प्रेफर करते (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) हैं। इस तरह वो एक आम दिन में, वह 20-30 ग्राहकों को संभालता है और उनसे वो 20,000 से 30,000 रुपये तक कमाई करता है। आप सोच रहे होंगे, इसमें सुरक्षा की गया गॅरंटी है? कल को कीमती सामान लेकर ऑटो वाला रफूचक्कर हो जाये तो कहाँ ढूंढने जायेंगे?  पूरी तरह तसल्ली हो जाने के बाद कस्टमर अपना सामान वहां रख देता है तो आपको बता दें कि इसके पीछे पूरा का पूरा एक सिस्टम है। यह सिर्फ सड़क किनारे खड़े होकर किया जाने वाला काम नहीं (Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly) है। इसे सोच-समझकर और बड़े व्यवस्थित तरीके से चलाया जाता है। ऑटो रिक्शा ड्राइवर पहले कस्टमर से संपर्क करता है। ग्राहक के मान जाने पर एक सुरक्षित प्रक्रिया शुरू होती है। बड़ी बात यह कि इस काम में एक स्थानीय पुलिस अधिकारी की मदद ली जाती है। पुलिस अधिकारी एक भरोसेमंद लॉकर की सुविधा उपलब्ध कराता है। पूरी तरह तसल्ली हो जाने के बाद कस्टमर अपना सामान वहां रख देता है। है न कमाल? इसे ही आपदा में अवसर कहा जाता है।  Latest News in Hindi Today Hindi Mumbai Auto Driver Earns ₹8 Lakh Monthly MumbaiAuto #AutoDriverSuccess #MumbaiStories #InspiringJourney #MonthlyIncome #AutoRickshawLife #StartupSuccess

आगे और पढ़ें
Rhodes Scholarship

Rhodes Scholarship: ऑक्सफोर्ड में पढ़ने का सुनहरा मौका, 22.94 लाख रुपये का वजीफा

इंग्लैंड की ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford university) किसी पहचान की मोहताज नहीं है। यह यूनिवर्सिटी भारतीय छात्रों में बहुत प्रसिद्ध है क्योंकि यहां शिक्षा बहुत अच्छी मिलती है। इसके साथ ही इसकी वैल्यू बहुत अधिक है, जिससे अच्छी नौकरी और अवसर मिलने में आसानी होती है। यानी, यहां पढ़ना बेहतरीन करियर ऑपर्चुनिटिज प्रदान करता है। यहां पढ़ने वाले छात्रों को ग्लोबल लेवल पर अपनी पहचान बनाने में मदद मिलती है। अगर आप भी यहां पढ़ना चाहते हैं, तो अब आपके लिए एक खुशखबरी है। क्योंकि, यह यूनिवर्सिटी (University) अब रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) दे रही है। आइए जानें इसके बारे में विस्तार से। क्या है रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship)? रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) वो स्कॉलरशिप है जो ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford university) द्वारा वहां पढ़ने के लिए दी जाती है। यह एक रेप्यूटेड इंटरनेशनल स्कॉलरशिप (Reputed International Scholarship) है। इस स्कॉलरशिप से दुनिया भर के छात्रों को इस यूनिवर्सिटी (University) में हायर एजुकेशन प्राप्त करने का मौका मिलता है। इसमें एलिजिबल छात्रों को  26 लाख से 28 लाख रुपये प्रति वर्ष मिलते हैं। इसमें ट्यूशन फीस और लिविंग एक्सपेंसेस दोनों शामिल होते हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (Oxford university) की ऑफिशियल वेबसाइट पर आपको मिल जाएगी। रोड्स स्कॉलरशिप के फायदे क्या हैं? रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद है। इसके कुछ फायदे इस प्रकार हैं: इसके अलावा इस स्कॉलरशिप के तहत छात्रों को वीजा और हेल्थ फीस व दो इकोनॉमी क्लास रिटर्न फ्लाइट्स भी मिलती हैं। यही नहीं, इससे दूसरा कोर्स करने वाले स्कॉलर्स के लिए वीजा रिन्यूअल सपोर्ट (Visa Renewal Support) भी मिलता है।  रोड्स स्कॉलरशिप के लिए योग्यता और एप्लीकेशन प्रोसेस रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) के लिए योग्यता में कैंडिडेट्स का एकेडमिक रिकॉर्ड व एजुकेशनल क्वालिफिकेशन (Educational qualification) आदि अच्छे होने चाहिए। इंडियन के पास इंडिया का पासपोर्ट (Passport) या इसके जैसा सिटीजनशिप सर्टिफिकेट (Citizenship Certificate) होना चाहिए।  इसके साथ ही कैंडिडेट के लिए भारत में किसी स्कूल से कक्षा 10 या 12 पास होना आवश्यक है। भारत की किसी यूनिवर्सिटी (University) से ग्रेजुएशन डिग्री (Graduation Degree) भी मान्य होगी। अधिक इनफार्मेशन आपको इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिलेगी। इसे भी पढ़ें: World Environment Day 2025: प्रकृति से जुड़ने के लिए प्लास्टिक की जगह रिसाइकिल प्रोडक्ट का करें इस्तेमाल कैसे अप्लाई करें? रोड्स स्कॉलरशिप (Rhodes Scholarship) के लिए यूनिवर्सिटी (University) की ऑफिशियल वेबसाइट पर अप्लाई किया जा सकता है। इसके लिए आपके पास सभी जरूरी डाक्यूमेंट्स होने चाहिए। इसके साथ ही कैंडिडेट्स के लिए एक निबंध लिखना होता है, जिसमें उन्हें अपनी लीडरशिप, ऐकडेमिक और पर्सनल क्वालिटीज के बारे में बताना होगा। सिलेक्ट हुए कैंडिडेट्स को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi Rhodes Scholarship #RhodesScholarship #OxfordUniversity #University #OfficialWebsite #Scholarship

आगे और पढ़ें
Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain

Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain?: क्या सच में भाजपा सिर्फ अपने चुनावी फायदे के लिए करवा रही है जातीय जनगणना? 

लंबे अरसे से देश में जातिगत जनगणना को लेकर बवाल मचा हुआ है। कई राजनीतिक पार्टियां इसे समर्थन में भी हैं। विशेषकर कांग्रेस और कांग्रेस के नेता राहुल गाँधी जातिगत जनगणना के मुद्दे को जोर शोर से उठाते रहे हैं। कुल मिलाकर सभी की मांग है कि इसके जरिये समाज की स्थिति साफ़ हो सकेगी कि देश भर में कुल जातियों में कितने लोग हैं। सभी की बढ़ी मांग और खिसकते वोट के मद्देनजर आखिरकार केंद्र की मोदी सरकार ने थक हारकर अगले साल 2026 में पूरे देश में जातीय जनगणना करवाने का फैसला किया है। यह तो ठीक, लेकिन इसी बीच राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने इसे लेकर एक बड़ा बयान दिया (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) है। दरअसल, तेजस्वी ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि जनगणना को लेकर बीजेपी की मंशा सही नहीं है। भाजपा की मंशा ठीक (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) नहीं है बुधवार को इस मामले पर तेजस्वी यादव ने मीडिया से की बातचीत में कहा कि भाजपा लोगों की मंशा ठीक नहीं है। यही नहीं, उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उन्होंने बिहार चुनाव को देखते हुए जातीय जनगणना करवाने की घोषणा की है, ताकि वे इसका फायदा चुनाव में उठा सकें। इस बीच बीजेपी को आड़े हाथों लेते हुए तेजस्वी ने कहा कि भाजपा की मंशा ठीक नहीं है। इन लोगों की मंशा ठीक (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) नहीं है। हमने पहले भी कहा है कि बिहार चुनाव को देखते हुए इन लोगों ने घोषणा की है। हमारे दबाव और पुरानी मांग के कारण इन्होंने इसे कैबिनेट से पास कराया है। हम वर्गों की भी गिनती कराएंगे, जिससे पता चलेगा कि कितनी जातियां हैं और कितने ओबीसी, ईबीसी हैं। बिहार पिछले 20 साल से एनडीए की निकम्मी और नाकारा सरकार (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) को ढो रहा है यह पहली बार नहीं है जब तेजस्वी ने बीजेपी और केंद्र सरकार पर निशाना न साधा (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) हो। इससे पहले तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स एक कार्टून शेयर करके पीएम मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर करारा हमला बोला था। पोस्ट किये गए कार्टून में सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी का एक प्रतीकात्मक फोटो है। जिसे आम आदमी एक गठ्ठर में लेकर ढोता नजर आ रहा है। उक्त पोस्ट में तेजस्वी ने कहा कि बिहार पिछले 20 साल से एनडीए की निकम्मी और नाकारा सरकार को ढो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस तस्वीर में आपको बिगड़ी शिक्षा व्यवस्था, बाढ़, सूखा, भ्रष्टाचार, ढहते पुल, गरीबी, महंगाई, घूसखोरी, बेरोजगारी जैसे कई गंभीर मुद्दे हैं। जिनका बोझ सिर्फ आम आदमी सह रहा है। इसे भी पढ़ें:- RJD-कांग्रेस को बिहार चुनाव से पहले AIMIM की धमकी, महागठबंधन में शामिल करें वरना…! अगले साल जातिगत जनगणना दो चरणों में (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) करेगी गौरतलब हो कि केंद्रीय कैबिनेट ने 30 अप्रैल को जाति जनगणना को मंजूरी दी थी। देश में आजादी के बाद यह पहली बार होगा, जब जाति जनगणना कराई जाएगी। सरकार अगले साल जातिगत जनगणना दो चरणों में (Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain) करेगी। इसका पहला चरण अक्टूबर 2026 से शुरू होगा, जबकि दूसरे चरण की शुरुआत 1 मार्च 2027 से शुरू होगी। जानकारी के लिए बता दें कि अक्टूबर या नवंबर 2025 में बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव कराए जा सकते हैं। इसे देखते हुए बिहार में सियासत तेज हो गई है। इसी बीच केंद्र सरकार ने जातीय जनगणना करवाने का ऐलान किया है। इसे लेकर आरजेडी को शक है कि भाजपा बिहार चुनाव में इसका फायदा उठाने की कोशिश कर सकती है। Latest News in Hindi Today Hindi news Is BJP Using Caste Census for Electoral Gain CasteCensus #BJPCastePolitics #IndianPolitics #ElectoralStrategy #BJP2025 #SocialJustic #CensusDebate

आगे और पढ़ें
AIMIM's Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections

AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections: RJD-कांग्रेस को बिहार चुनाव से पहले AIMIM की धमकी, महागठबंधन में शामिल करें वरना…! 

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने इस साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस (Congress) के महागठबंधन में शामिल होने की इच्छा जताई है। एआईएमआईएम (AIMIM) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने इसकी जानकारी (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections)देते हुए कहा कि, ‘उनकी पार्टी बिहार चुनाव में वोटों का बिखराव रोकना चाहती है। इसीलिए उनकी पार्टी ने  आरजेडी (RJD) के दूसरी पंक्ति के नेताओं के माध्यम से नेता तेजस्वी यादव को गठबंधन का प्रस्ताव भेजा है। अब फैसला तेजस्वी यादव और उनकी पार्टी को करना है।’ अख्तरुल ईमान ने मीडिया से इस बातचीत में चेतावनी देते हुए कहा, अगर महागठबंधन उनके प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता, तो उनकी पार्टी थर्ड फ्रंट बनाने के लिए जल्द ही अन्य छोटे दलों से बातचीत करेगी। इस दौरान अख्तरुल ईमान ने आरजेडी (RJD) पर ‘पीठ में खंजर घोंपने’ का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि साल 2020 के विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम (AIMIM) राज्य की सीमांचल क्षेत्र में मौजूद अमौर, जोकीहाट, कोचाधामन, बैसी और बहादुरगंज सीट को जीता था। लेकिन चुनाव के दो साल बाद आरजेडी ने उनके 5 में से 4 विधायकों को तोड़ कर अपने पार्टी में मिला लिया। इस धोखबाजी को पार्टी भूली नहीं है।  2020 विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने किया था शानदार प्रदर्शन बता दें कि 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में एआईएमआईएम ने (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections) शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 सीटें जीत ली थी। एआईएमआईएम को यह सफलता सीमांचल के मुस्लिम-बहुल क्षेत्रों में मिली थी। इसके बाद से ही एआईएमआईएम को बिहार की सियासत में एक उभरती ताकत के तौर पर देखा गया। एआईएमआईएम ने सीधे तौर पर आरजेडी के परंपरागत मुस्लिम-यादव वोट बैंक में सेंध लगाई थी। इसलिए आरजेडी को सबसे ज्यादा परेशानी हुई और उसने एआईएमआईएम विधायकों को तोड़ने की मुहीम शुरू कर दी। आरजेडी ने दो साल बाद ही जून 2022 में एआईएमआईएम के 5 में से 4 विधायकों को तोड़कर अपने पार्टी में शामिल कर लिया।  इसे भी पढ़ें:- PMCH में दलित लड़की की मौत पर राहुल गांधी ने बिहार की डबल इंजन सरकार पर साधा निशाना, कही यह बात एआईएमआईएम के उभरने से आरजेडी और कांग्रेस को दीर्घकालिक तौर पर नुकसान होगा इस बार विधानसभा चुनाव में अगर एआईएमआईएम और आरजेडी अलग-अलग लड़ती हैं, तो इसका सीधा फायदा भाजपा को (AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections) होगा। इसलिए एआईएमआईएम ने चुनाव से पहले ही महागठबंधन में शामिल होने का प्रस्ताव भेज दिया। हालांकि अभी तक इस प्रस्ताव पर आरजेडी और कांग्रेस (Congress) की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला है। बताया जा रहा है कि विपक्षी महागठबंधन के अंदर सीट बंटवारे को लेकर पहले सही तनाव है, ऐसे में अगर एआईएमआईएम को भी गठबंधन में शामिल कर लिया गया, तो सीट बंटवारे का मुद्दा और भी जटिल हो जाएगा। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एआईएमआईएम को महागठबंधन में शामिल किया जाता है तो इससे फौरी तौर पर मुस्लिम वोटों को एकजुट करने में फायदा मिल सकता है, लेकिन एआईएमआईएम के उभरने से आरजेडी और कांग्रेस को दीर्घकालिक तौर पर नुकसान होगा। दरअसल, आरजेडी और कांग्रेस (Congress) के कोर वोट बैंक मुस्लिम मतदाता है और एआईएमआईएम का वोट बैंक भी यही है। ऐसे में एआईएमआईएम राज्य में जितनी मजबूत होगी, उतनी ही आरजेडी और कांग्रेस के मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाएगी। ऐसे में महागठबंधन बिहार के अंदर अभी एआईएमआईएम से दूरी बनाकर ही रखना चाहता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news AIMIM’s Warning to RJD-Congress Before Bihar Elections BiharElections2025 #AIMIM #RJD #Congress #Mahagathbandhan #Owaisi #PoliticalNews #IndiaPolitics

आगे और पढ़ें
Translate »