11 Killed in RCB Victory Stampede: आईपीएल की जीत का जश्न बदला मातम में, फ्री टिकट बांटे जाने की अफवाह ने ली 11 लोगों की जान

आईपीएल में आरसीबी की पहली जीत का जश्न मनाने को लेकर हजारों की संख्या में प्रशंसक स्टेडियम पहुंचे थे। फ्री टिकट के लिए पागलों की तरह एक-दूसरे पर गिर पड़े। अफवाह के बाद कुछ लोग रिचमंड सर्कल की ओर भागे, तो कुछ अनिल कुंबले सर्कल के पास पहुंच (11 Killed in RCB Victory Stampede) गए। बता दें कि बैंगलोर के स्टेडियम में 21 स्टैंड और 13 गेट हैं। ज्यादातर गेट आम लोगों के लिए खुले थे। गेट नंबर 9 और 10 आरक्षित थे। गेट नंबर 12, 13 और 14 पर सबसे सबसे अधिक भीड़ थी। क्योंकि ये गेट टीम बस के प्रवेश मार्ग पर थे। ज्यादातर हादसे गेट नंबर 7 पर हुए। कुछ लोगों का कहना है कि भीड़ को संभालने में लापरवाही और शहर की सड़कों पर विजय जुलूस निकालने की अनुमति देने में देरी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। इस बीच सड़कों पर जाम के चलते एम्बुलेंस को निकलने में दिक्कत हो रही थी। यही नहीं, पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मुश्किल हुई।  आरसीबी की पहली जीत का जश्न मनाने को लेकर हजारों की संख्या में प्रशंसक स्टेडियम (11 Killed in RCB Victory Stampede) पहुंचे थे आईपीएल में आरसीबी की पहली जीत का जश्न मनाने को लेकर हजारों की संख्या में प्रशंसक स्टेडियम पहुंचे थे। फ्री टिकट के लिए पागलों की तरह एक-दूसरे पर गिर पड़े। अफवाह के बाद कुछ लोग रिचमंड सर्कल की ओर भागे, तो कुछ अनिल कुंबले सर्कल के पास पहुंच (11 Killed in RCB Victory Stampede) गए। बता दें कि बैंगलोर के स्टेडियम में 21 स्टैंड और 13 गेट हैं। ज्यादातर गेट आम लोगों के लिए खुले थे। गेट नंबर 9 और 10 आरक्षित थे। गेट नंबर 12, 13 और 14 पर सबसे सबसे अधिक भीड़ थी। क्योंकि ये गेट टीम बस के प्रवेश मार्ग पर थे। ज्यादातर हादसे गेट नंबर 7 पर हुए। कुछ लोगों का कहना है कि भीड़ को संभालने में लापरवाही और शहर की सड़कों पर विजय जुलूस निकालने की अनुमति देने में देरी ने स्थिति को और बिगाड़ दिया। इस बीच सड़कों पर जाम के चलते एम्बुलेंस को निकलने में दिक्कत हो रही थी। यही नहीं, पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने में काफी मुश्किल हुई। इसे भी पढ़ें:- IPL का पहला खिताब जीतने के बाद विराट कोहली और विजय माल्या ने कही यह बात 35,000 दर्शकों की क्षमता वाले स्टेडियम में पहुंचे थे 3 लाख (11 Killed in RCB Victory Stampede) लोग  इस दुखद घटना पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, स्टेडियम के पास भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई जबकि 33 लोग घायल हुए हैं। यहां पर 2-3 लाख से ज्यादा लोग जुटे थे जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की (11 Killed in RCB Victory Stampede) थी। जबकि स्टेडियम में महज 35,000 दर्शकों की क्षमता थी। मुख्यमंत्री ने मामले की गंभीरता देखते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं और मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजा देने की भी घोषणा की। तो वहीं दूसरी ओर, घटना पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का कहना है, लोगों की भीड़ ने गेट तोड़ दिए जिसकी वजह से चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास भगदड़ जैसी स्थिति हो गई। शिवकुमार ने कहा कि लोगों की भीड़ ने गेट तोड़ दिए। मुझे लगता है कि बड़े पैमाने पर वहां पर भगदड़ मच गई। मैंने पुलिस आयुक्त और अधिकारियों से बात की है। हम इस हादसे पर नजर बनाए हुए हैं और सभी से शांत रहने की अपील करते हैं। शिवकुमार ने कहा कि वह उन अस्पतालों का दौरा कर रहे हैं, जहां घायलों इलाज चल रहा है। फ़िलहाल मुख्यमंत्री, मंत्री और पुलिस अधिकारी पहले से ही घटनास्थल का दौरा कर रहे हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news 11 Killed in RCB Victory Stampede #RCB #IPL2025 #Stampede #BreakingNews #CricketTragedy #Bangalore

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Tear Test Kit

Tear Test Kit से डिटेक्ट किए जा सकते हैं कई गंभीर बीमारी, जानिए क्या कहती है नई स्टडी?

आंसू (Tears) यानी टीयर्स हमारी फीलिंग्स को व्यक्त करने का बेहतरीन तरीका है। हर परिस्थिति में यह आंखों से खुद ही बाहर आ जाते हैं। कई बार बिना किसी कारण भी हमारी आंखों में आंसू आ जाते हैं। हमारे टीयर्स का स्ट्रक्चर स्लाइवा के जैसा ही होता है और यह पानी से बने होते हैं। हालांकि इनमें नमक, फैटी ऑयल्स और कई विभिन्न प्रोटीन्स होते हैं। इनमें सोडियम, क्लोराइड. बाइकार्बोनेट, पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट भी होते हैं। यही नहीं , इनमें कम मात्रा में मैग्नीशियम और कैल्शियम भी पाएं जाते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आंसू (Tears) केवल हमारे इमोशंस ही नहीं बल्कि कई बीमारियों को भी डिटेक्ट कर सकते हैं? आइए जानें आंसू (और बीमारियों के बीच कनेक्शन (Connection between tears and diseases) का पता लगाने वाली टियर टेस्ट किट (Tear test kit) के बारे में। आंसू और बीमारियों के बीच कनेक्शन (Connection between tears and diseases): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार हमारे आंसू आंखों को प्रोटेक्ट करने, इर्रिटेन्ट को साफ करने, भावनाओं को शांत करने का काम करते हैं। लेकिन, हाल ही में हुई एक स्टडी के अनुसार आंसू (Tears) केवल हमारे इमोशंस को ही नहीं दर्शाते बल्कि इससे बीमारियों का पता भी चल सकता है। यानी, आंसू और बीमारियों के बीच कनेक्शन (Connection between tears and diseases) है। इसके लिए टियर टेस्ट किट (Tear test kit) को डेवलप किया जा रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि टियर टेस्ट किट (Tear test kit) से निम्नलिखित बीमारियों का पता चल सकता है: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक इस टियर टेस्ट किट में टेस्ट के लिए आंसू (Tears) को इकठ्ठा करने के लिए एक छोटे स्टाइलर पेपर का इस्तेमाल किया जाता है। इसका परिणाम लगभग 90 मिनटों में आ जाएगा। ऐसी उम्मीद है कि यह टियर टेस्ट किट (Tear test kit) 2026 तक इस्तेमाल के लिए बाजार में उपलब्ध होगी। यह रोगों को पहचाने का सस्ता तरीका कई लोगों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। यही नहीं, इससे स्वास्थ्य सुधार में भी मदद मिलेगी। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Tear Test Kit #connectionbetweentearsanddiseases #testkit #tears #dryeyes

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NEET PG

NEET PG परीक्षा की नई तारीख का इंतजार, 15 जून की परीक्षा स्थगित

नीट पीजी (NEET PG) यानी नेशनल एलिजिबिली कम एंट्रेंस टेस्ट फॉर पोस्टग्रेजुएट एक नेशनल एंट्रेंस एग्जाम है। यह परीक्षा पोस्टग्रेजुएट मेडिकल कोर्स में प्रवेश के लिए ली जाती है। यह एग्जाम नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (National Board of Examinations) यानी एनबीई (NBE) द्वारा आयोजित किया जाता है। इस परीक्षा में भाग लेने के लिए कैंडिडेट्स के पास किसी मान्यता प्राप्त इंस्टीट्यूट से एमबीबीएस या इसके समान डिग्री होनी चाहिए। इस साल इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 7 मई थी जबकि इसकी परीक्षा 15 जून, 2025 को होने वाली थी। अभी एक खास खबर उन कैंडिडेट्स के लिए है, जो इसमें भाग लेने वाले थे। यह परीक्षा अभी के लिए स्थगित हो चुकी है। आइए जानें नीट पीजी को स्थगित किए जाने के कारण (Reasons for postponement of NEET PG) के बारे में। स्थगित हुई NEET PG की परीक्षा अगर आप इस परीक्षा में भाग लेने वाले हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है क्योंकि यह परीक्षा अभी के लिए स्थगित कर दी गई है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (National Board of Examinations) की तरफ से इस बारे में एक नोटिस निकाला गया है। इस नोटिस में उन्होंने नीट पीजी को स्थगित किए जाने के कारण (Reasons for postponement of NEET PG) के बारे में भी जानकारी दी गई है। यही नहीं इसमें आने वाले समय में यह परीक्षा कब होगी, इसके बारे में भी बताया गया है। इसे भी पढ़े: BPSC 71st CCE 2025: सिर्फ 8 स्टेप फॉलो कर BPSC-CCE के लिए आप भी कर सकते हैं अप्लाई नीट पीजी को स्थगित किए जाने के कारण (Reasons for postponement of NEET PG) क्या है? नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (National Board of Examinations) ने जो नोटिस दिया है, उसके अनुसार 15 जून को होने वाला नीट पीजी (NEET PG) एग्जाम अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। इस परीक्षा के आयोजन की अगली तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। उन्होंने इस परीक्षा को स्थिगित करने के कारण में परीक्षा को अधिक केंद्रों और जरूरी बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था करने के लिए स्थगित किया गया है। माननीय सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि नीट पीजी (NEET PG) 2025 की परीक्षा पूरी ट्रांसपेरेंसी और सुरक्षित सेंटर्स की पहचान करते हुए एक शिफ्ट में आयोजित की जाए। इस आदेश के अनुसार, नेशनल बोर्ड ऑफ एक्सामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज अब नीट पीजी (NEET PG) की परीक्षा एक शिफ्ट में आयोजित करेगा। संक्षेप में कहा जाए तो नीट पीजी (NEET PG) का एग्जाम देने वाले लोगों को अब इसके लिए थोड़ा और समय मिल गया है। इसकी तैयारी करने के लिए कैंडिडेट्स के लिए रोजाना स्टडी के साथ-साथ  मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास भी करना चाहिए। ग्रुप स्टडी में भाग लेने और अच्छे स्टडी मेटेरियल से भी आपको लाभ होगा। इससे आपको इस परीक्षा में अच्छे परफॉर्म करने में भी मदद मिलेगी। इसलिए कुछ दिन और तैयारी कर एग्जाम देने का मौका मिल जाएगा। और सबसे महत्वपूर्ण बात की परीक्षा स्थगित होने से परेशान ने नकारात्मक सोच से बचना चाहिए। Latest News in Hindi Today Hindi news NEETPG #NEETPG #ReasonsforpostponementofNEETPG #NationalBoardofExamination #NBE

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WhatsApp's new feature Username PIN

यूजरनेम पिन: सुरक्षित मैसेजिंग के लिए व्हाट्सऐप का नया फीचर

व्हाट्सऐप (Whatsapp) एक ऐसी ऐप है, जिसके यूजर्स लाखों नहीं बल्कि करोड़ों में हैं। चैट, वीडियो कॉल्स, शेयरिंग आदि के लिए यह एप्लीकेशन बेहतरीन मानी गई है। आजकल हर कोई इसका इस्तेमाल कर रहा है और यह ऐप सबके जीवन है जरूरी भाग बन चुकी है। व्हाट्सऐप (Whatsapp) समय-समय पर अपने यूजर्स के लिए नए फीचर्स को लांच करता रहता है ताकि लोगों के लिए इसका इस्तेमाल और भी आसान हो और सेफ्टी में भी कोई समस्या न हो। अभी एक नया फीचर्स इसमें आने वाला है इसका नाम है यूजरनेम पिन (Username PIN)। आइए जानें क्या है व्हाट्सऐप का नया फीचर यूजरनेम पिन (WhatsApp’s new feature Username PIN) और पाएं इसके बारे में पूरी जानकारी। व्हाट्सऐप का नया फीचर यूजरनेम पिन (WhatsApp’s new feature Username PIN) व्हाट्सऐप का नया फीचर यूजरनेम पिन (Username PIN) यूजर्स की प्राइवेसी और कंट्रोल को बढ़ाने के लिए लाया जा रहा है। इसमें जब कोई व्यक्ति किसी को पहले बार मैसेज भेज रहा है, तो उसे इसके लिए एक पिन कोड डालना होगा। व्हाट्सऐप (Whatsapp) अभी इस नए फीचर पर काम कर रहा है जो यूजर की प्राइवेसी और नियंत्रण को बढ़ावा देगा। व्हाट्सऐप (Whatsapp) के इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इससे अनचाहे और स्पेम मैसेजिज को रोका जा सकता है। यही नहीं, इससे यूजर यह भी कंट्रोल कर पाएंगे कि उन्हें कौन मैसेज भेज सकता है और कौन नहीं।  इस फीचर का एक फायदा यह भी है कि इससे हम कम्युनिकेशन को कंट्रोल कर पाएंगे और सिर्फ अपने खास व ट्रस्टेड लोगों से ही बात करने में सक्षम होंगे। यानी अनचाहे कॉन्टेक्ट्स से मिलेगा पूरी तरह से छुटकारा उम्मीद है। कि यूजरनेम पिन (Username PIN) फीचर जल्द ही आएगा क्योंकि अभी यह बीटा टेस्टिंग के चरण में है। संक्षेप में कहा जाए तो यह पिन एक गेटकीपर की तरह काम करेगा जिसमें जो लोग पहले बार आपसे कांटेक्ट कर रहा है, उसके लिए इस पिन को होना जरूरी है। आइए जानें व्हाट्सऐप का नया फीचर यूजरनेम पिन (WhatsApp’s new feature Username PIN) कैसे काम करता है? इसे भी पढ़ें:- Lava Shark 5G: आईफोन जैसा डिजाइन, 5G कनेक्टिविटी और कीमत भी कम यूजरनेम पिन फीचर कैसे काम करेगा? यूजरनेम पिन (Username PIN) फीचर बहुत ही सामान्य लेकिन महत्वपूर्ण फीचर साबित होगा। यूजरनेम पिन (Username PIN) फीचर इस तरह से काम करेगा:  यूजरनेम पिन (Username PIN) फीचर कैसे काम करता है और किस तरह से लोगों के लिए फायदेमंद साबित होता है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। बता दें कि यह फीचर जल्द ही सभी यूजर्स के लिए उपलब्ध होगा, लेकिन अभी तक इसकी आधिकारिक रिलीज डेट नहीं आई है। और रिलीज के बाद ही पता चल सकेगा कि आखिर WhatsApp का ये नया फीचर यूजर्स के लिए फायदेमंद है या नहीं और इस नय फीचर का इस्तेमाल करना लोगों के लिए कितना आसान और कितना कठिन होगा। Latest News in Hindi Today Hindi WhatsApp new features #WhatsAppnewfeatureusernamepin #usernamepinwhatsapp

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Acquired Immunity

क्या है एक्वायर्ड इम्युनिटी? क्या एक्वायर्ड इम्युनिटी के कारण COVID 19 खतरा होता है कम?

पिछले कुछ दिनों से भारत में कोरोना यानी कोविड-19 (covid-19) के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। अब तक इसके लगभग 3400 मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि, यह एक चिंता का विषय है लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक लोगों को इसको लेकर अधिक परेशान होने की जरूरत नहीं है। लोगों को सावधानियां बरतने की सलाह अवश्य दी जा रही है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक भारत के लोगों को कोविड-19  (covid-19) से डरने की जरूरत नहीं है और इसका कारण है एक्वायर्ड इम्युनिटी (Acquired Immunity) यानी विकसित इम्युनिटी। आइए जानें कि क्यों लोगों को एक्वायर्ड इम्युनिटी के कारण कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है? यह भी जानें कि एक्वायर्ड इम्युनिटी (Acquired Immunity) किसे कहा जाता है और इम्युनिटी (Immunity) को कैसे बढ़ाएं? क्या एक्वायर्ड इम्युनिटी (Acquired Immunity) के कारण कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है? एक्सपर्ट्स के मुताबिक अभी परेशानी का कारण हैं कोविड-19 (covid-19)  के ओमिक्रॉन स्ट्रेन के सबवेरिएंट्स, जिनमें अभी भी परिवर्तन हो सकते हैं। पहले हुए वैक्सीनेशन और बूस्टर डोज की वजह से लोगों में इम्युनिटी (Immunity) में वृद्धि हुई है। इसके कारण इसके लक्षण हल्के हो सकते हैं जैसे खांसी, बॉडी पेन, सिरदर्द आदि। लेकिन,कोरोना में अभी भी सावधानियां बरतना जरूरी है, जैसे जब सर्दी, जुकाम या बुखार हो, तो मास्क पहनें। उन लोगों को अधिक सावधानियां बरतने की जरूरत है, जिन्हें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर आदि समस्याएं हैं। इसके साथ ही बुजुर्गों को भी सावधान रहने की आवश्यकता है। अब जानते हैं एक्वायर्ड इम्युनिटी (Acquired Immunity) के बारे में।  एक्वायर्ड इम्युनिटी (Acquired Immunity) क्या है? एक्वायर्ड इम्युनिटी (Acquired Immunity) इम्यून सिस्टम की पिछले इंफेक्शन (Infection) और वैक्सीनेशन के माध्यम से रोगाणुओं को पहचानने और रिस्पॉन्ड करने की एबिलिटी है। इस प्रकार की इम्युनिटी (Immunity) बी और टी लिम्फोसाइट्स द्वारा संचालित की जाती है, जो इम्यून सिस्टम का हिस्सा हैं। इन सेल्स में पुराने इंफेक्शंस को याद रखने और प्रभावी ढंग से रिस्पॉन्ड करने की एबिलिटी होती है। यह इम्युनिटी जन्मजात इम्युनिटी से पूरी तरह से विपरीत है, क्योंकि जन्मजात इम्युनिटी खास रोगाणुओं से नहीं लड़ पाती है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक इम्युनिटी को कैसे बढ़ाया जा सकता है? हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार एक्वायर्ड इम्युनिटी (Acquired Immunity) के साथ ही इम्युनिटी (Immunity) को बढ़ाने के तरीकों के बारे में जानकारी होना भी आवश्यक है। जरूरी वेक्सीनेशन्स को लेना इम्यून सिस्टम को मजबूत करने का सबसे बेहतरीन तरीका है। उम्र, काम, जगह के अनुसार सही वैक्सीन्स लगवाएं। अधिकतर वयस्कों को निम्नलिखित समस्याओं के लिए वैक्सीनेशन का इस्तेमाल करना चाहिए: इसके लिए आप अपने डॉक्टर की सलाह ले सकते हैं। इसके साथ ही बैक्टीरिया के कारण होने वाली समस्याओं में एंटीबायोटिक्स लेने से भी इम्युनिटी (Immunity) बढ़ती है। यदि डॉक्टर आपको वायरल इंफेक्शन (Viral Infection) से लड़ने के लिए एंटीबायोटिक्स लेने की सलाह देते हैं, तो यह भी महत्वपूर्ण है कि आपको एंटीबायोटिक्स का पूरा कोर्स करना चाहिए। इसके साथ ही बैक्टीरियल इंफेक्शन की स्थिति में भी डॉक्टर के बताएं अनुसार इसका पूरा कोर्स करें। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Acquired Immunity #AcquiredImmunity #Immunity #Immunesystem #corona #covid-19

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Whatsapp logout feature

व्हाट्सऐप का नया फीचर: लॉग आउट हुआ आसान, डेटा भी सुरक्षित

व्हाट्सऐप (Whatsapp) पूरी दुनिया में सबसे अधिक प्रसिद्ध ऐप है। इसका इस्तेमाल हम दूसरों को टेक्स्ट, फोटो, वीडियो, वॉइस मैसेज आदि भेजने के लिए कर सकते हैं। यही नहीं, इससे वॉइस व वीडियो कॉल आसानी से की जा सकती है। इससे न केवल हम अपने प्रियजनों से कांटेक्ट कर सकते हैं बल्कि हमारा काम भी और आसान हो सकता है। व्हाट्सऐप (Whatsapp) समय-समय पर नए फीचर्स लाता रहता ,है ताकि इसका इस्तेमाल और सुगम हो सके और यह अब एक और नया फीचर ले कर आया है। व्हाट्सऐप (Whatsapp) में अब लॉगआउट फीचर (Logout feature) आ रहा है। इस फीचर से हमारे डेटा को कोई नुकसान नहीं होगा और इसके साथ ही यूजर्स की और भी कई समस्याएं कम हो जाएंगी। जानें व्हाट्सऐप का लॉगआउट फीचर (Whatsapp logout feature) क्या है और क्या हैं इसके फायदे? क्या है व्हाट्सऐप का लॉगआउट फीचर (Whatsapp logout feature): जानें  व्हाट्सऐप (Whatsapp) अभी एक नए लॉगआउट फीचर (Logout feature) को टेस्ट कर रहा है और जल्द ही यह फीचर इसमें आएगा। इससे यूजरअपने प्राइमरी अकाउंट से लॉगआउट (Logout) कर पाएंगे। अच्छी बात यह है की इसके लिए आपको न तो इसे डिलीट करना होगा और डेटा भी सेफ रहेगा। ऐप के इस फीचर में यह विकल्प आपको मिलेंगे: दूसरे विकल्प को चुनने के बाद आपका डेटा भी सुरक्षित रहेगा और आप लॉगआउट (Logout) भी कर पाएंगे यानी व्हाट्सअप से ब्रेक ले पाएंगे, वो भी बिना किसी समस्या के। इस नए ऑप्शन से लोगों के लिए चीजें और अधिक आसान हो जाएगा।  इसे भी पढ़ें: Lava Shark 5G: आईफोन जैसा डिजाइन, 5G कनेक्टिविटी और कीमत भी कम किन लोगों के लिए फायदेमंद है यह व्हाट्सऐप का लॉगआउट फीचर (Whatsapp logout feature)?  यह नया फीचर उन यूजर्स के लिए फायदेमंद हैं जो टेम्पोरेरी इस ऐप से ब्रेक लेना चाहते हैं, ऐप में अगर कोई समस्या है तो उसे ठीक करना चाहते हैं या बिना डेटा लूज किए एक ही डिवाइस पर बहुत से एकाउंट्स के बीच स्विच करना चाहते हैं।  यह व्हाट्सऐप का लॉगआउट फीचर (Whatsapp logout feature) कब आएगा, इसके बारे में कोई सही जानकारी नहीं है लेकिन यह बीटा टेस्टर्स के लिए जल्दी ही उपलब्ध होगी। इसके बाद इसे रिलीज किया जाएगा। Latest News in Hindi Today Hindi Whatsapp logout feature #WhatsApplogoutfeature #WhatsApp #logout #logoutfeature #data

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CM Nitish Kumar

बिहार सरकार का बड़ा फैसला: सभी वर्गों को मिलेगा सम्मान

बिहार की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) की सरकार ने सामाजिक समावेशिता और सभी वर्गों के न्यायोचित विकास को सुनिश्चित करने के लिए दो नए आयोगों का गठन किया है। यह कदम समाज के हर तबके की समस्याओं को समझने और उन्हें हल करने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। समाज के हर वर्ग के लिए सुनवाई और समाधान बिहार सरकार (Bihar Government) ने उच्च जाति विकास आयोग (Upper Caste Development Commission) और राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग (State Scheduled Tribe Commission) का गठन करके यह स्पष्ट कर दिया है कि वह राज्य के हर नागरिक को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है। इन दोनों आयोगों का कार्य केवल समस्याएं पहचानना नहीं होगा, बल्कि यह आयोग सरकार को नीतिगत सुझाव भी देंगे ताकि हर वर्ग को उसका अधिकार मिल सके। उच्च जाति विकास आयोग की भूमिका सरकार द्वारा गठित उच्च जाति विकास आयोग का नेतृत्व भाजपा नेता और पूर्व मंत्री महाचंद्र प्रसाद सिंह को सौंपा गया है। आयोग के उपाध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद होंगे और इसके अन्य सदस्य दयानंद राय, जय कृष्ण झा और राजकुमार सिंह हैं। इनका कार्यकाल तीन वर्षों का निर्धारित किया गया है। यह आयोग बिहार में उच्च जातियों की शैक्षिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति का मूल्यांकन करेगा। इसके आधार पर आयोग राज्य सरकार को सुझाव देगा कि इस वर्ग के उत्थान के लिए किन योजनाओं और संसाधनों की आवश्यकता है। अक्सर यह धारणा बनी रहती है कि केवल पिछड़े वर्गों को ही सहायता की आवश्यकता है, लेकिन इस आयोग के गठन से यह संदेश गया है कि हर वर्ग की जरूरतें अलग हैं और उन्हें ध्यान में रखते हुए नीति बनानी चाहिए। अनुसूचित जनजाति आयोग: अधिकारों की रक्षा की ओर कदम बिहार सरकार (Bihar Government) ने अनुसूचित जनजातियों के हितों की रक्षा और उनके सतत विकास को ध्यान में रखते हुए राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग की स्थापना की है। इस आयोग के अध्यक्ष शैलेंद्र कुमार बनाए गए हैं, जबकि उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सुरेंद्र उरांव को दी गई है। अन्य सदस्य प्रेमशिला गुप्ता, तल्लू बासकी और राजू कुमार हैं। इस आयोग का मुख्य उद्देश्य बिहार की आदिवासी आबादी की समस्याओं की गहराई से पड़ताल करना और उनके समाधान के लिए सरकार को व्यावहारिक और प्रभावी सुझाव देना है। यह आयोग भी तीन वर्षों तक कार्य करेगा और एक माध्यम बनेगा जिससे आदिवासी समुदाय की आवाज सीधे प्रशासन तक पहुंचे। समावेशी विकास की ओर निर्णायक कदम इन दोनों आयोगों का गठन बिहार सरकार की एक रणनीतिक सोच का परिणाम है, जिसमें समावेशी विकास को प्राथमिकता दी गई है। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) का यह कदम स्पष्ट करता है कि सरकार अब केवल किसी एक वर्ग के विकास पर ध्यान नहीं देगी, बल्कि हर समाज, जाति और समुदाय को विकास के पथ पर साथ लेकर चलेगी। यह प्रयास इस बात का भी संकेत है कि समाज में समानता और न्याय की स्थापना बिना समग्र दृष्टिकोण के संभव नहीं है। यदि राज्य का हर नागरिक अपने आप को प्रशासनिक निर्णयों में सहभागी और प्रतिनिधित्व प्राप्त महसूस करेगा, तो सामाजिक ताना-बाना और मजबूत होगा। इसे भी पढ़ें:- एमपी-हरियाणा में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति, ऑब्जर्वरों की टीम तैनात ऐसे में कई महत्वपूर्ण सवाल भी खड़े होते हैं। जैसे: 1. क्या इन दोनों आयोगों द्वारा दिए गए सुझावों को कानूनी रूप से लागू करने की कोई गारंटी या स्पष्ट नीति बनाई गई है? 2. क्या इन आयोगों के गठन के बाद अन्य वर्गों (जैसे पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय) के लिए भी समान रूप से ठोस और प्रभावी नीतिगत प्रयास किए जाएंगे? 3. आयोगों द्वारा प्राप्त रिपोर्टों और सिफारिशों को सार्वजनिक किया जाएगा या नहीं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और जनता भी निगरानी रख सके? इस नई पहल के साथ बिहार सरकार (Bihar Government) ने यह संकेत दिया है कि सामाजिक संतुलन और हर वर्ग को विकास में सहभागी बनाना उसकी प्राथमिकता है। यदि यह प्रयास ईमानदारी से लागू किए जाते हैं, तो यह राज्य के सामाजिक और आर्थिक ढांचे में एक क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकते हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news #BiharGovernment #NitishKumar #CMNitishKumar #BiharPolitics

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ISRO Scientists and Engineer Job

ISRO साइंटिस्ट भर्ती 2025: आवेदन प्रक्रिया, योग्यता और आयु सीमा

इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (Indian Space Research Organisation) यानी इसरो (ISRO) हमारे देश की मुख्य साइंटिफिक इंस्टीटूशन है। यह इंस्टीटूशन स्पेस रिसर्च और टेक्नोलॉजी के क्षत्र में काम करता है और इसमें महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। अगर आप इस आर्गेनाईजेशन के साथ काम करना चाहते हैं, तो आपके लिए एक खुशखबरी है। इसरो (ISRO) ने साइंटिस्ट्स और इंजीनियर पोस्ट्स के लिए आवेदन निकालें हैं। इच्छुक उम्मीदवार आसानी से ऑनलाइन इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। याद रखें इसके लिए लास्ट डेट 16 जून है। आप अधिक जानकारी के लिए इसरो (ISRO) की ऑफिशियल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। आइए जानें इसरो द्वारा निकाली साइंटिस्ट्स और इंजीनियर पोस्ट्स (Scientists and Engineer posts by ISRO) के बारे में विस्तार से। इसरो द्वारा निकाली साइंटिस्ट्स और इंजीनियर पोस्ट्स (Scientists and Engineer posts by ISRO): पाएं जानकारी इन पोस्ट्स के लिए इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (Indian Space Research Organisation) द्वारा 320 पोस्ट्स निकाली गयी हैं, जिनके लिए आसानी से अप्लाई किया जा सकता है। इन पोस्ट्स का विवरण इस प्रकार है: इसरो द्वारा निकाली साइंटिस्ट्स और इंजीनियर पोस्ट्स (Scientists and Engineer posts by ISRO): योग्यता इंडियन स्पेस रिसर्च आर्गेनाइजेशन (Indian Space Research Organisation) द्वारा निकाली पोस्ट्स के लिए कैंडिडेट्स के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया इस प्रकार है: इसरो द्वारा निकाली साइंटिस्ट्स और इंजीनियर पोस्ट्स (Scientists and Engineer posts by ISRO): चयन प्रक्रिया इन पोस्ट्स के लिए लिखित परीक्षा ली जाएंगी। जिसमें सिंगल ऑब्जेक्टिव टाइप पेपर होगा, जिसके दो भाग होंगे। इस एग्जाम की अवधि रहेगी 120 मिनट। इस लिखित परीक्षा के आधार पर कैंडिडेट्स को इंटरव्यू के लिए शार्ट-लिस्ट किया जाएगा। इसे भी पढ़े: बिहार में स्टाफ नर्स की भर्ती: 11 हजार से अधिक पदों के लिए कर सकते हैं आवेदन इसरो द्वारा निकाली साइंटिस्ट्स और इंजीनियर पोस्ट्स (Scientists and Engineer posts by ISRO): एप्लीकेशन फीस इन पोस्ट्स के लिए एप्लिकेशन फीस है 250 रुपए। लेकिन प्रतियोगियों को पहले प्रोसेसिंग फीस के रूप में समान रूप से 750 रुपये का भुगतान करना होगा। यह प्रोसेसिंग फीस बाद में इस तरह से रिफंड की जाएगी: Latest News in Hindi Today Hindi news ISRO JOBS #IndianSpaceResearchOrganisation #ISRO #ISRORecruitmentforScientistsandEngineersPosts, #OfficialWebsite #Scientists #Engineers

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Monsoon and Respiratory Infections

मानसून और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन में क्या है कनेक्शन? जानिए इसके कारणों और बचाव के तरीके

भयंकर गर्मी के मौसम के बाद मानसून (Monsoon) का आना राहत पहुंचाता है। लेकिन, मानसून (Monsoon) में कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क बढ़ जाता है। इस दौरान बढ़ती ह्यूमिडिटी, तापमान और नमी वाले वातावरण में वायरस व बैक्टीरिया के बढ़ने के कारण कई समस्याएं हो सकती हैं। इन्हीं में से एक है रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Respiratory Infections)। अगर बात की जाए रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Respiratory Infections) की, तो इसे रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन भी कहा जाता है। यह वो समस्या है जिससे रेस्पिरेटरी सिस्टम प्रभावित होता है। इस सिस्टम में नाक, गला, एयरवेज और फेफड़े आदि शामिल हैं। इस समस्या के कारण इम्यूनिटी कमजोर होती है जिससे सर्दी-जुकाम, खांसी और अन्य समस्याओं का जोखिम बढ़ता है। जानिए मानसून और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Monsoon and Respiratory Infections) के बारे में विस्तार से।  मानसून और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Monsoon and Respiratory Infections): क्या हैं मानसून में रेस्पिरेटरी इंफेक्शन के कारण? नॉर्थवेस्टर्न मेडिसिन (Northwestern Medicine) के अनुसार रेस्पिरेटरी इंफेक्शन किसी को भी हो सकता है लेकिन स्मोकर्स, छोटे बच्चों, बुजुर्गों, रेस्पिरेटरी डिजीज से पीड़ित और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में इसकी संभावना अधिक रहती है। मानसून (Monsoon) में रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Respiratory Infections) के कारण इस प्रकार हैं:  इसे भी पढ़ें: COVID-19 और Dengue हैं दो अलग-अलग बीमारियां, इनके बीच के अंतर को समझें और रहें सुरक्षित मानसून और रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (Monsoon and Respiratory Infections): कैसे बचें इस समस्या से? मानसून में रेस्पिरेटरी इंफेक्शन से बचाव के लिए कुछ चीजों का खास ख्याल रखना चाहिए, जैसे: नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Monsoon and Respiratory Infections #MonsoonandRespiratoryInfections #Monsoon #RespiratoryInfections #infection

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Khan Sir

Khan Sir: सुर्ख़ियों में रहने वाले खान सर ने चुपके-चुपके कर ली शादी?

खान सर (Khan Sir) एक ऐसा नाम है, जो युवाओं में बेहद लोकप्रिय है। यह एक ऐसे मोटिवेटर और शिक्षक हैं, जो अपने अनोखे और प्रोत्साहित करने वाले टीचिंग मेथड्स के लिए जाने जाते हैं। यही कारण हैं कि लाखों लोग उन्हें फॉलो करते हैं। वो उन स्टूडेंट्स को भी गाइड और सपोर्ट करते हैं, जो गवर्नमेंट जॉब एग्जाम की तैयारी कर रहे हैं। खान सर अक्सर चर्चाओं में रहते हैं और आजकल वो फिर से एक बारे चर्चा का विषय बने हुए हैं। इसका कारण कोई विवादित व्यान नहीं बल्कि उनकी शादी है। हाल ही लें उन्होंने अपनी लाइव क्लास में इस बात की जानकारी दी कि पिछले दिनों भारत-पाकिस्तान विवाद (India Pakistan Tension) के समय उन्होंने सीक्रेट वेडिंग की है। आइए जाने कौन हैं खान सर, क्या हैं उनके कमाई के साधन और क्या है उनकी नेट वर्थ? कौन हैं खान सर (Khan Sir)?  खान सर बहुत ही सरल भाषा में पढ़ाते हैं और उनके कई छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में पास हो चुके हैं। उनका असली नाम है फैजल खान (Faizal Khan) और वो 32 साल के हैं। उनका जन्म उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के गोरखपुर में हुआ है। उन्होंने अपने शिक्षण करियर की शुरुआत 2013 में की थी और उनके यूट्यूब चैनल पर लगभग 24 मिलियन यानी 2.5 करोड़ सब्सक्राइबर हैं। खान सर के कमाई के साधन खान सर यानी फैजल खान (Faizal Khan) कई तरीकों से अर्न करते हैं। आपको शायद यह पता नहीं होगा कि वो “कौन बनेगा करोडपति” में भी भाग ले चुके हैं। खान सर के कमाई के साधन इस प्रकार हैं: इसे भी पढ़े: बिहार में स्टाफ नर्स की भर्ती: 11 हजार से अधिक पदों के लिए कर सकते हैं आवेदन खान सर की नेट वर्थ फैजल खान (Faizal Khan) यानी खान सर (Khan Sir) की सही नेट वर्थ का अनुमान लगाना बहुत मुश्किल है। लेकिन, इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है कि उनकी नेट वर्थ करोड़ो में है। दिलचस्प बात यह है कि खान सर के अनुसार वो एक सामान्य स्टूडेंट थें और उन्होंने बचपन में बहुत गरीबी देखी थी। उन्होंने छोटी उम्र में ही बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया था। आज वो निसंदेह करोड़ो लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन चुके हैं। Latest News in Hindi Today Hindi news Khan Sir #KhanSir #KhanGSResearchCenter #FaisalKhan #Khansirnetworth

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