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PM CARES Fund: ₹8,452 करोड़ का फंड, FY25 में खर्च सिर्फ ₹87.85 लाख!

नई दिल्ली: PM CARES Fund एक बार फिर चर्चा में है। ताजा ऑडिट स्टेटमेंट के मुताबिक 31 मार्च 2025 तक फंड का कुल बैलेंस ₹8,452.06 करोड़ था, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में इससे सिर्फ ₹87.85 लाख के भुगतान दर्ज हुए। आंकड़े सामने आने के बाद फंड के इस्तेमाल को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। 93% रकम फिक्स्ड डिपॉजिट में ऑडिट आंकड़ों के अनुसार फंड की करीब ₹7,846.65 करोड़ राशि फिक्स्ड डिपॉजिट में थी, जबकि लगभग ₹605.41 करोड़ सेविंग बैंक खातों में रखे गए थे। यानी कुल बैलेंस का लगभग 93% हिस्सा फिक्स्ड डिपॉजिट में था। FY2024-25 में फिक्स्ड डिपॉजिट से करीब ₹469.38 करोड़ ब्याज भी मिला। ब्याज आय फंड की वित्तीय स्थिति मजबूत होने की प्रमुख वजहों में शामिल रही। ₹87.85 लाख में ज्यादातर रकम बच्चों की योजना पर वित्त वर्ष 2024-25 में PM CARES से कुल ₹87.85 लाख का भुगतान हुआ। इसमें लगभग पूरी राशि यानी ₹87.84 लाख PM CARES for Children Scheme के तहत खर्च हुई। पिछले वित्त वर्ष में कुल भुगतान करीब ₹15.6 करोड़ था। ₹8,452 करोड़ के क्लोजिंग बैलेंस की तुलना में FY25 का यह भुगतान करीब 0.01% है। हालांकि, यह सिर्फ एक वित्त वर्ष के भुगतान और उस वर्ष के अंत में मौजूद बैलेंस की तुलना है; इसे फंड की स्थापना से अब तक के कुल खर्च का प्रतिशत नहीं माना जाना चाहिए। फंड का बैलेंस एक साल में बढ़ा PM CARES का बैलेंस FY2023-24 में करीब ₹7,173 करोड़ था, जो मार्च 2025 तक बढ़कर ₹8,452 करोड़ से ज्यादा हो गया। इसी अवधि में घरेलू स्वैच्छिक योगदान करीब ₹479 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह करीब ₹682 करोड़ था। बैलेंस बढ़ने में ब्याज आय और अन्य वित्तीय मदों की भी अहम भूमिका रही। खर्च को लेकर राजनीतिक बहस तेज ताजा आंकड़े सार्वजनिक होने के बाद विपक्ष और अन्य आलोचकों ने सवाल उठाए हैं कि इतने बड़े फंड के मुकाबले FY25 में खर्च इतनी कम क्यों रही। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी ₹87.85 लाख के खर्च और फिक्स्ड डिपॉजिट में रखी बड़ी राशि को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं, फंड के समर्थक पक्ष से यह तर्क सामने आया है कि PM CARES का उद्देश्य आपात स्थितियों के लिए वित्तीय संसाधन उपलब्ध रखना है और किसी एक वित्त वर्ष में कम खर्च होना अपने आप में वित्तीय अनियमितता साबित नहीं करता। PM CARES Fund क्या है? Prime Minister’s Citizen Assistance and Relief in Emergency Situations (PM CARES) Fund की स्थापना मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान की गई थी। यह एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट के रूप में काम करता है और इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों में सहायता प्रदान करना है। ताजा ऑडिट आंकड़ों ने एक बार फिर फंड के बड़े कॉर्पस, कम वार्षिक भुगतान और निवेश पैटर्न को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। स्रोत: PM CARES Fund Audit Statement, India Today, PTI, Tribune India Jai Rashtra News

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मुंबई 3.0 की तैयारी! 124 गांवों को मिलाकर बनेगी ‘थर्ड मुंबई’, सिंगापुर-हांगकांग जैसी हाईटेक सिटी!

मुंबई: मुंबई महानगर क्षेत्र में एक नए शहरी केंद्र को विकसित करने की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है। ‘थर्ड मुंबई’ या Karnala-Sai-Chirner (KSC) New Town के नाम से प्रस्तावित यह शहर रायगढ़ जिले के 124 गांवों और करीब 323.44 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मुंबई और नवी मुंबई पर बढ़ते शहरी दबाव को कम करना और एक आधुनिक आर्थिक एवं लॉजिस्टिक्स हब तैयार करना है। 124 गांवों में बनेगा नया शहरी केंद्र थर्ड मुंबई में उरण, पनवेल और पेण तहसीलों के 124 गांव शामिल हैं। महाराष्ट्र सरकार ने अक्टूबर 2024 में इस क्षेत्र को KSC New Town के रूप में अधिसूचित किया था और MMRDA को New Town Development Authority बनाया गया है। यह इलाका अटल सेतु, नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और जवाहरलाल नेहरू पोर्ट जैसे प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के बेहद करीब है। यही कनेक्टिविटी इस नए शहर को भविष्य के बड़े आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना का आधार है। सिंगापुर की कंपनी तैयार करेगी मास्टर प्लान महाराष्ट्र सरकार ने थर्ड मुंबई के मास्टर प्लान के लिए सिंगापुर की Surbana Jurong को कंसल्टेंट के तौर पर मंजूरी दी है। योजना में आधुनिक शहरी नियोजन, लॉजिस्टिक्स, बिजनेस डिस्ट्रिक्ट, आवासीय क्षेत्र और बेहतर परिवहन कनेक्टिविटी पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि सिंगापुर या हांगकांग जैसी हाईटेक सिटी बनना अभी एक विजन/लक्ष्य के रूप में देखा जा रहा है, न कि पूरी तरह तैयार योजना के रूप में। विस्तृत मास्टर प्लान अभी विकास प्रक्रिया में है। ₹4,000 करोड़ का बड़ा बजट MMRDA के 2026-27 बजट में KSC New Town के लिए करीब ₹4,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। परियोजना का फोकस बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने पर है, ताकि नए शहरी क्षेत्र को मुंबई और नवी मुंबई के मौजूदा नेटवर्क से बेहतर तरीके से जोड़ा जा सके। प्रस्तावित शहर में लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर, IT/ITeS, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जगह विकसित करने की योजना बताई गई है। जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों की चिंता परियोजना को लेकर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। MMRDA ने 124 गांवों के जमीन मालिकों से सहमति और संबंधित दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया शुरू की है। वहीं, कुछ स्थानीय किसान और सामाजिक कार्यकर्ता परियोजना का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि विकास के नाम पर किसानों की जमीन और स्थानीय हितों की पर्याप्त सुरक्षा होनी चाहिए। मुंबई के भविष्य की नई तस्वीर? थर्ड मुंबई का लक्ष्य मौजूदा मुंबई और नवी मुंबई पर बढ़ते दबाव को कम करना है। एयरपोर्ट, पोर्ट और अटल सेतु से कनेक्टिविटी के कारण यह क्षेत्र भविष्य में कारोबार, लॉजिस्टिक्स और टेक्नोलॉजी के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। फिलहाल परियोजना अभी निर्माण और नियोजन के चरण में है। आने वाले समय में मास्टर प्लान, जमीन अधिग्रहण और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की प्रगति तय करेगी कि ‘मुंबई 3.0’ वास्तव में देश के सबसे आधुनिक नए शहरों में अपनी जगह बना पाती है या नहीं। स्रोत: MMRDA, Indian Express, NDTV, Times of India Jai Rashtra News

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BWF World Championships में आज भारत के बड़े मुकाबले! Sindhu, Lakshya Sen और Satwik-Chirag पर नजर

नई दिल्ली: भारत में चल रही BWF World Championships 2026 के तीसरे दिन बुधवार, 19 अगस्त को भारतीय बैडमिंटन सितारों पर सभी की नजरें टिकी हैं। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन, आयुष शेट्टी और अन्य भारतीय खिलाड़ी अपने-अपने मुकाबलों में उतर रहे हैं। वहीं स्टार पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी बिना कोर्ट पर उतरे ही प्री-क्वार्टरफाइनल में पहुंच गई है। लक्ष्य सेन की नजर अगले दौर पर लक्ष्य सेन आज पुरुष सिंगल्स के राउंड ऑफ 32 मुकाबले में अमेरिका के Garret Tan के खिलाफ उतरेंगे। लक्ष्य ने दूसरे दौर में ऑस्ट्रिया के Collins Filimon के खिलाफ पहला गेम गंवाने के बाद शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 16-21, 21-8, 21-4 से जीता था। अब उनकी कोशिश इसी लय को आगे बढ़ाने की होगी। पीवी सिंधु के सामने कनाडा की चुनौती दो बार की ओलंपिक पदक विजेता और नौवीं वरीयता प्राप्त पीवी सिंधु महिला सिंगल्स के राउंड ऑफ 32 में कनाडा की Wen Yu Zhang से भिड़ेंगी। घरेलू दर्शकों के सामने खेल रही सिंधु से भारतीय प्रशंसकों को एक मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद है। सिंधु इस विश्व चैंपियनशिप में भारत की सबसे अनुभवी पदक दावेदारों में शामिल हैं। उन्होंने इससे पहले विश्व चैंपियनशिप में शानदार रिकॉर्ड बनाया है और इस बार घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने की कोशिश करेंगी। Satwik-Chirag को मिला बड़ा फायदा भारत की पांचवीं वरीयता प्राप्त पुरुष डबल्स जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी को राउंड ऑफ 32 में वॉकओवर मिला। स्कॉटलैंड के Alexander Dunn और Adam Pringle की जोड़ी के हटने के बाद भारतीय जोड़ी सीधे राउंड ऑफ 16 में पहुंच गई। इसका मतलब है कि सात्विक-चिराग को शुरुआती मुकाबले में कोर्ट पर पसीना बहाने की जरूरत नहीं पड़ी। अब उनकी नजर सीधे प्री-क्वार्टरफाइनल मुकाबले पर होगी। भारत की मजबूत मौजूदगी भारत के लिए आज सिर्फ सिंधु और लक्ष्य ही नहीं, बल्कि आयुष शेट्टी, उन्नति हुड्डा और अन्य भारतीय जोड़ियां भी अहम मुकाबलों में उतर रही हैं। लक्ष्य के बाद आयुष शेट्टी का मुकाबला श्रीलंका के Dumindu Abeywickrama से होगा, जबकि उन्नति हुड्डा कनाडा की 13वीं वरीयता प्राप्त Michelle Li का सामना करेंगी। मिश्रित युगल में तनिषा क्रास्टो और ध्रुव कपिला ने भी दिन की शुरुआत जीत के साथ की। भारतीय जोड़ी ने मकाऊ की Leong Iok Chong और Ng Weng Chi को लगातार दो गेम में 21-11, 21-11 से हराकर प्री-क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई। घर में विश्व चैंपियनशिप, बढ़ी उम्मीदें BWF World Championships 17 साल बाद भारत लौटी है और नई दिल्ली में हो रही इस प्रतियोगिता को लेकर भारतीय खिलाड़ियों पर उम्मीदों का दबाव भी है। सिंधु, लक्ष्य और सात्विक-चिराग भारत की प्रमुख पदक उम्मीदों में शामिल हैं। आज का दिन भारतीय बैडमिंटन के लिए बेहद अहम है। लक्ष्य सेन और पीवी सिंधु के सामने सीधे मुकाबले की चुनौती है, जबकि सात्विक-चिराग पहले ही अगले दौर में पहुंच चुके हैं। घरेलू दर्शकों की मौजूदगी में भारतीय शटलरों से अब जीत की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। स्रोत: BWF, Business Standard, Times of India, PTI Jai Rashtra News

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केरल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में हाई-वेव अलर्ट! समुद्री लहरों को लेकर 48 घंटे की चेतावनी

तिरुवनंतपुरम: केरल, दक्षिणी तमिलनाडु और लक्षद्वीप के तटीय इलाकों के लिए समुद्र की ऊंची लहरों को लेकर बड़ा अलर्ट जारी किया गया है। INCOIS ने 19 और 20 अगस्त 2026 के लिए Swell Surge Warning जारी करते हुए तटीय और निचले इलाकों में समुद्री पानी के अचानक बढ़ने की चेतावनी दी है।  48 घंटे तक बना रहेगा खतरा INCOIS के मुताबिक दक्षिणी हिंद महासागर से आने वाली लंबी अवधि की तेज समुद्री लहरें केरल और दक्षिणी तमिलनाडु के तट तक पहुंच चुकी हैं। इनका असर 19 अगस्त की शाम से 20 अगस्त की शाम तक बने रहने की संभावना है।  इन लहरों के कारण निचले तटीय इलाकों में समुद्री पानी घुसने और स्थानीय स्तर पर जलभराव की स्थिति पैदा हो सकती है। खासतौर पर हाई टाइड के दौरान खतरा बढ़ने की आशंका जताई गई है।  मछुआरों और तटीय लोगों को सावधानी की सलाह अलर्ट वाले इलाकों में रहने वाले मछुआरों और तटीय आबादी को समुद्र की स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। INCOIS ने छोटे नावों को तट के बेहद करीब नहीं चलाने और नावों को सुरक्षित दूरी पर एंकर करने की सलाह दी है।  समुद्र तटों और नजदीकी समुद्री क्षेत्रों में पर्यटन एवं मनोरंजक गतिविधियों को अस्थायी रूप से रोकने की सलाह भी दी गई है।  किन इलाकों में ज्यादा सतर्कता? केरल के सभी तटीय जिलों में विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। दक्षिणी तमिलनाडु के कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन और रामनाथपुरम जैसे तटीय क्षेत्रों में भी हाई-वेव और Swell Surge का खतरा बताया गया है। लक्षद्वीप के तटीय इलाकों को भी चेतावनी के दायरे में रखा गया है।  समुद्र से दूर रहने की अपील प्रशासन और समुद्री एजेंसियों ने लोगों से अपील की है कि चेतावनी की अवधि में समुद्र के किनारे अनावश्यक रूप से जाने से बचें। खासकर निचले तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को अचानक समुद्री पानी बढ़ने की स्थिति में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। फिलहाल 19 से 20 अगस्त तक का यह समुद्री अलर्ट तटीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। लोगों को स्थानीय प्रशासन और आधिकारिक समुद्री चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी गई है। स्रोत: INCOIS, PTI, Indian Express, Onmanorama Jai Rashtra News

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सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम! प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई की जांच के लिए हाई-पावर पैनल की तैयारी

नई दिल्ली: संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प तथा कथित पुलिस ज्यादती के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को मामले की जांच के लिए हाई-पावर कमेटी गठित करने की तैयारी की है। इस पैनल की अगुवाई सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। रिटायर्ड SC जज करेंगे कमेटी की अगुवाई प्रस्तावित कमेटी में एक सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज के अलावा पूर्व हाई कोर्ट मुख्य न्यायाधीश और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को शामिल किया जाएगा। कोर्ट का उद्देश्य 20 जुलाई को हुए संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर सामने आए आरोपों और पुलिस की ओर से लगाए गए जवाबी आरोपों की निष्पक्ष जांच कराना है। पुलिस कार्रवाई पर उठे थे गंभीर सवाल 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद की ओर निकले प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर कई गंभीर आरोप सामने आए थे। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर अत्यधिक बल प्रयोग, लाठीचार्ज और अन्य कार्रवाई के आरोप लगाए थे। वहीं, दिल्ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में अपने जवाब में इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसने “maximum restraint” बरता और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केवल आवश्यक बल का इस्तेमाल किया। पुलिस ने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान उसके 240 से अधिक जवान घायल हुए। पैनल तय करेगा क्या हुआ था? सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित होने वाली कमेटी प्रदर्शन के दौरान हुई घटनाओं की तथ्यात्मक जांच करेगी। उपलब्ध वीडियो फुटेज, CCTV रिकॉर्डिंग और अन्य सामग्री को भी जांच का हिस्सा बनाए जाने की संभावना है। अदालत ने पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों पर हुए कथित हमलों को भी जांच के दायरे में रखने के संकेत दिए हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार पर कोर्ट का जोर सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन संविधान के तहत संरक्षित अधिकार है। अदालत ने यह भी कहा है कि केवल प्रदर्शन होने के कारण पुलिस अत्यधिक बल का इस्तेमाल नहीं कर सकती और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संतुलित प्रक्रिया जरूरी है। FIR पर भी सुप्रीम कोर्ट की नजर मामले में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR भी सुप्रीम कोर्ट के सामने हैं। अदालत ने संकेत दिया है कि जिन मामलों में विवाद या गंभीर आपराधिक पृष्ठभूमि नहीं है, उनमें FIR खत्म करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्तियों के इस्तेमाल पर विचार किया जा सकता है। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट के औपचारिक आदेश और हाई-पावर कमेटी के गठन पर है। जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों की ओर से क्या-क्या हुआ और क्या कहीं तय नियमों से अधिक बल का इस्तेमाल किया गया। स्रोत: Supreme Court proceedings, Times of India, Indian Express, PTI Jai Rashtra News

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Shiprocket की धमाकेदार Stock Market Entry! IPO से 35% प्रीमियम पर ₹131 में लिस्ट हुए शेयर

नई दिल्ली: ई-कॉमर्स लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म Shiprocket ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। कंपनी के शेयर NSE पर ₹131 पर लिस्ट हुए, जो ₹97 के IPO इश्यू प्राइस से 35.05% ज्यादा है। वहीं BSE पर शेयर ₹129.50 पर सूचीबद्ध हुए, यानी यहां भी निवेशकों को करीब 33.5% का लिस्टिंग गेन मिला। IPO को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स Shiprocket का ₹1,617.48 करोड़ का IPO निवेशकों के बीच बेहद लोकप्रिय रहा। इश्यू को करीब 99.38 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा 122.80 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों का हिस्सा 88.99 गुना और रिटेल निवेशकों का हिस्सा 46.42 गुना सब्सक्राइब हुआ। IPO निवेशकों को कितना फायदा? Shiprocket IPO में एक लॉट में 154 शेयर थे। ₹97 के इश्यू प्राइस पर एक लॉट के लिए निवेश ₹14,938 बैठता था। NSE पर ₹131 की लिस्टिंग के बाद यही लॉट ₹20,174 का हो गया। यानी जिन निवेशकों को एक लॉट का अलॉटमेंट मिला, उन्हें लिस्टिंग के समय करीब ₹5,236 का फायदा हुआ। ₹1,617 करोड़ जुटाने का क्या होगा इस्तेमाल? IPO से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने कारोबार के विस्तार, मार्केटिंग और टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में करेगी। कंपनी की योजना का एक हिस्सा कर्ज चुकाने, संभावित अधिग्रहण और सामान्य कॉरपोरेट जरूरतों के लिए भी रकम इस्तेमाल करने की है। लिस्टिंग के बाद शेयर में और तेजी शानदार लिस्टिंग के बाद Shiprocket के शेयरों में शुरुआती कारोबार में और तेजी देखने को मिली। रिपोर्टों के मुताबिक शेयर ने दिन के कारोबार में ₹144 का स्तर भी छुआ। इससे IPO इश्यू प्राइस के मुकाबले निवेशकों का लाभ और बढ़ गया। हालांकि, मजबूत लिस्टिंग के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव भी देखने को मिल सकता है। बाजार विशेषज्ञों की नजर अब कंपनी की कमाई, मार्जिन, कैश फ्लो और भविष्य में कारोबार बढ़ाने की क्षमता पर रहेगी। Shiprocket की यह शानदार शुरुआत ऐसे समय में हुई है जब भारत में ई-कॉमर्स, D2C और तेज डिलीवरी सेवाओं का बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। कंपनी के लिए अब असली चुनौती इस मजबूत बाजार भरोसे को लंबे समय तक बनाए रखने की होगी। स्रोत: Reuters, Business Standard, IIFL, Mint Jai Rashtra News

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ED का बड़ा एक्शन! आजम खान के ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े 10 ठिकानों पर छापेमारी

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार, 19 अगस्त 2026 को समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा एक्शन लिया। एजेंसी ने उत्तर प्रदेश के रामपुर और सहारनपुर के अलावा दिल्ली में करीब 10 ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। कार्रवाई में आजम खान से जुड़े मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के परिसर भी शामिल हैं। PMLA के तहत चल रही जांच ED की यह कार्रवाई Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत दर्ज मामले की जांच का हिस्सा है। अधिकारियों के अनुसार, जांच का मुख्य फोकस कथित तौर पर सरकारी ठेकों से जुड़े धन के डायवर्जन और उसके बाद उस रकम के इस्तेमाल पर है। एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेज और डिजिटल सबूत जुटाने की कोशिश कर रही है। सरकारी ठेकों की रकम के इस्तेमाल की जांच जांच एजेंसी को कथित तौर पर कुछ ऐसे वित्तीय लेनदेन मिले हैं, जिनमें सरकारी ठेके हासिल करने वाले कुछ निजी ठेकेदारों से ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी से जुड़े संस्थानों तक धन पहुंचने की आशंका जताई गई है। ED यह जांच कर रही है कि कथित तौर पर डायवर्ट किए गए सरकारी ठेकों के फंड का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़ी संपत्तियों के निर्माण तथा अन्य गतिविधियों में किया गया या नहीं। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और तलाशी से मिले दस्तावेजों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी भी जांच के घेरे में रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की स्थापना आजम खान ने 2006 में की थी। यूनिवर्सिटी पहले से ही जमीन, निर्माण और वित्तीय मामलों से जुड़े विवादों के कारण चर्चा में रही है। ED की ताजा कार्रवाई ने इस संस्थान को लेकर चल रही कानूनी और राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है। यूनिवर्सिटी के कई भवनों को लेकर भी अलग विवाद चल रहा है। रामपुर विकास प्राधिकरण ने यूनिवर्सिटी की 40 में से 38 इमारतों पर आवश्यक मंजूरियों के बिना निर्माण का आरोप लगाया था। प्रस्तावित कार्रवाई पर फिलहाल न्यायिक प्रक्रिया के कारण रोक लगी हुई है। राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज ED की छापेमारी के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी शुरू हो गई है। समाजवादी पार्टी ने कार्रवाई को राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया है, जबकि उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने ED की जांच का बचाव करते हुए कहा कि अगर किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो उसके आधार पर कार्रवाई होगी। फिलहाल ED की टीमें दस्तावेजों और अन्य डिजिटल एवं वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। छापेमारी में क्या-क्या बरामद हुआ और जांच आगे किस दिशा में बढ़ेगी, इसकी विस्तृत जानकारी एजेंसी की कार्रवाई पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है। स्रोत: Enforcement Directorate, Indian Express, The New Indian Express, Times of India Jai Rashtra News

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India-Pakistan Hockey Clash आज! विश्व कप में महामुकाबले से पहले दोनों टीमों पर बढ़ा दबाव

अम्स्टेलवीन: हॉकी विश्व कप 2026 में आज भारत और पाकिस्तान के बीच हाई-वोल्टेज मुकाबला होने जा रहा है। दोनों चिर-प्रतिद्वंद्वी 19 अगस्त को पूल डी के अहम मुकाबले में आमने-सामने होंगे। मैच भारतीय समयानुसार शाम 6:30 बजे शुरू होगा और इसके साथ ही दोनों टीमों के लिए अगले दौर में पहुंचने की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। भारत के लिए ड्रॉ भी काफी भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत वेल्स के खिलाफ 3-1 की जीत से की थी, लेकिन इसके बाद इंग्लैंड के हाथों उसे 2-4 की हार झेलनी पड़ी। दो मैचों से भारत के खाते में तीन अंक हैं। ऐसे में पाकिस्तान के खिलाफ कम से कम ड्रॉ भारत को अगले दौर में पहुंचाने के लिए पर्याप्त होगा। हालांकि भारतीय टीम सिर्फ ड्रॉ के भरोसे नहीं रहना चाहेगी। इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे हाफ में तीन गोल गंवाने के बाद टीम के डिफेंस और पेनल्टी कॉर्नर कन्वर्जन पर सवाल उठे हैं। कोच क्रेग फुल्टन के लिए इन कमजोरियों को दूर करना बड़ी चुनौती होगी। पाकिस्तान के लिए ‘करो या मरो’ मुकाबला पाकिस्तान के लिए स्थिति और भी मुश्किल है। टीम के पास दो मैचों से सिर्फ एक अंक है। इंग्लैंड से हारने के बाद पाकिस्तान ने वेल्स के खिलाफ 3-3 से ड्रॉ खेला। अब भारत को हराना उसके लिए अगले दौर में पहुंचने की उम्मीद बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है। यानी भारत के पास जहां ड्रॉ का विकल्प मौजूद है, वहीं पाकिस्तान को जीत की जरूरत है। यही समीकरण इस मुकाबले को और ज्यादा रोमांचक बना रहा है। भारत का हालिया रिकॉर्ड पाकिस्तान पर भारी हाल के मुकाबलों में भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना दबदबा कायम रखा है। इस साल एफआईएच प्रो लीग में भारत ने पाकिस्तान को लगातार दो मुकाबलों में हराया था—पहले 4-3 और फिर 7-1 से। पाकिस्तान की आखिरी जीत भारत के खिलाफ 2016 चैंपियंस ट्रॉफी में आई थी। हालांकि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर पुराने रिकॉर्ड हमेशा निर्णायक नहीं होते। भारत के अनुभवी खिलाड़ी और कप्तान हरमनप्रीत सिंह की अगुवाई में टीम इस मुकाबले को पूरी गंभीरता से लेना चाहेगी। मुकाबले पर पूरी दुनिया की नजर भारत-पाकिस्तान की हॉकी प्रतिद्वंद्विता का इतिहास काफी पुराना है और विश्व कप में दोनों टीमें कई बार आमने-सामने आ चुकी हैं। इस बार मुकाबले का महत्व सिर्फ प्रतिष्ठा तक सीमित नहीं है—अगले दौर में पहुंचने का सवाल भी दांव पर है। मुकाबला नीदरलैंड्स के वागेनर स्टेडियम, अम्स्टेलवीन में खेला जाएगा। भारतीय समय के अनुसार मैच शाम 6:30 बजे शुरू होगा। भारत जीत के साथ अपनी जगह पक्की करना चाहेगा, जबकि पाकिस्तान के सामने विश्व कप अभियान बचाने की चुनौती होगी। ऐसे में आज का यह मुकाबला हॉकी विश्व कप 2026 के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा दबाव वाले मुकाबलों में से एक बनने जा रहा है। स्रोत: Hockey India, FIH, Olympics.com, India Today Jai Rashtra News

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वंदे मातरम् विवाद: गाजियाबाद कोर्ट में सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत दाखिल, 8 सितंबर को होगी सुनवाई

गाजियाबाद: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के खिलाफ ‘वंदे मातरम्’ से जुड़े विवाद को लेकर गाजियाबाद की एसीजेएम-द्वितीय एमपी/एमएलए अदालत में आपराधिक शिकायत दाखिल की गई है। हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने यह शिकायत 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर राष्ट्रगीत के गायन में बाधा डालने के आरोप में दाखिल की है। अदालत ने शिकायत स्वीकार करते हुए मामले में अगली सुनवाई के लिए 8 सितंबर 2026 की तारीख तय की है। 15 अगस्त के कार्यक्रम से शुरू हुआ विवाद दरअसल, 15 अगस्त को कांग्रेस मुख्यालय में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ था। इस दौरान सामने आए एक वीडियो को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। वीडियो में सोनिया गांधी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर इशारा करते हुए कुछ कहती हुई दिखाई देती हैं। इसी वीडियो को आधार बनाकर शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम के दौरान ‘वंदे मातरम्’ के गायन में कथित रूप से बाधा डालने की कोशिश की गई। कोर्ट में वीडियो को बनाया गया आधार हिंदू सेना अध्यक्ष विष्णु गुप्ता की ओर से दाखिल शिकायत में 15 अगस्त के कार्यक्रम का वीडियो भी साक्ष्य के तौर पर पेश किया गया है। शिकायतकर्ता ने अदालत से इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग की है। कोर्ट ने शिकायत को स्वीकार करते हुए अब शिकायतकर्ता के बयान दर्ज करने के लिए 8 सितंबर की तारीख निर्धारित की है। राजनीतिक विवाद भी तेज ‘वंदे मातरम्’ को लेकर विवाद केवल अदालत तक सीमित नहीं है। घटना के बाद भाजपा नेताओं की ओर से सोनिया गांधी और कांग्रेस पर सवाल उठाए गए हैं। इससे पहले इस मामले में दिल्ली और अन्य स्थानों पर भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। दिल्ली पुलिस ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी से जुड़ी एक शिकायत की जांच शुरू करने की बात कही है। वहीं, कांग्रेस की ओर से इस पूरे विवाद को लेकर अलग रुख सामने आया है और भाजपा पर राजनीतिक मुद्दा बनाने का आरोप लगाया गया है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला राजनीतिक बहस के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया का भी हिस्सा बना रह सकता है। 8 सितंबर पर टिकी नजर गाजियाबाद कोर्ट में अब 8 सितंबर को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। इस दौरान शिकायतकर्ता का बयान दर्ज किया जाना है, जिसके बाद अदालत आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्णय ले सकती है। फिलहाल ‘वंदे मातरम्’ विवाद ने कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक टकराव को और बढ़ा दिया है और सोनिया गांधी के खिलाफ दाखिल गाजियाबाद शिकायत पर आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं। स्रोत: Jagran, Live Hindustan, ANI/India’s News Jai Rashtra News

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TRE-4 शिक्षक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, बिहार में 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती का रास्ता साफ!

पटना: बिहार के लाखों शिक्षक अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण यानी TRE-4.0 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के तहत बिहार के शिक्षा विभाग में कुल 32,388 शिक्षक पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। 1 सितंबर से शुरू होंगे आवेदन BPSC के मुताबिक TRE-4.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी। अभ्यर्थी 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 29 सितंबर निर्धारित की गई है। भर्ती का विस्तृत नोटिफिकेशन विज्ञापन संख्या 14/2026 के तहत जारी किया गया है। इसमें अलग-अलग शिक्षक पदों के लिए योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण और आवेदन से जुड़ी शर्तों की जानकारी दी गई है। कक्षा 1 से 12 तक शिक्षकों की भर्ती TRE-4.0 के तहत प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक शिक्षकों के पद शामिल हैं। यानी कक्षा 1 से 12 तक पढ़ाने के इच्छुक योग्य अभ्यर्थियों के लिए सरकारी शिक्षक बनने का बड़ा अवसर सामने आया है। परीक्षा में इस बार होंगे बड़े बदलाव TRE-4.0 में परीक्षा पैटर्न को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पहली बार प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग का प्रावधान लागू किया गया है। गलत उत्तर देने पर अंक काटे जाएंगे। इसके अलावा प्रश्नपत्र में पांचवां विकल्प भी दिया जाएगा, जिसे उत्तर नहीं देने की स्थिति में चुनना होगा। अभ्यर्थियों के लिए बड़ा मौका 32,388 पदों पर होने वाली यह भर्ती बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा अवसर है। हालांकि, पदों की तुलना में अभ्यर्थियों की संख्या काफी अधिक होने की संभावना है, इसलिए प्रतियोगिता कड़ी रहने वाली है। रिपोर्टों के अनुसार TRE-4 को लेकर अभ्यर्थियों में लंबे समय से इंतजार और असंतोष भी बना हुआ था। BPSC ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि आवेदन शुरू होने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन में अपनी पात्रता, विषय और पद से जुड़ी शर्तों को ध्यान से जांच लें। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर फॉर्म भर सकते हैं। TRE-4.0 नोटिफिकेशन जारी होने के साथ ही बिहार में 32,388 शिक्षकों की भर्ती का इंतजार खत्म हो गया है। अब लाखों अभ्यर्थियों की नजर आवेदन प्रक्रिया और परीक्षा की आगे की तैयारियों पर है। स्रोत: BPSC, NDTV, Times of India Jai Rashtra News

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