एलन मस्क को आमतौर पर उनकी कंपनियों Tesla, SpaceX और Neuralink के लिए जाना जाता है। लेकिन एलन मस्क सिर्फ टेक्निकल फिल्ड ही नहीं, बल्कि उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी एक बढ़िया काम किया है। एलन मस्क ने एक स्कूल की शुरुआत की है जिसका नाम है एस्ट्रा नोवा (Astra Nova), जो आज पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। यह स्कूल पारंपरिक शिक्षा प्रणाली से हटकर बच्चों को सोचने, समझने और रचनात्मक समाधान ढूंढने की कला सिखाता है।
क्या है एस्ट्रा नोवा (Astra Nova)?
एलन मस्क का एस्ट्रा नोवा स्कूल (Astra Nova School) अन्य स्कूलों से काफी अलग है। अलग इसलिए क्योंकि यह ऑनलाइन (Online), प्रोजेक्ट-बेस्ड स्कूल (Project based School) है जिसे 10 से 14 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए डिजाइन किया गया है। एस्ट्रा नोवा स्कूल की शुरुआत उस सोच के साथ शुरू गई है कि बच्चों को रट्टा मारने से ज्यादा जरूरी है उन्हें सोचने और समस्याओं को हल करने का तरीका सिखाना। एलन मस्क का यह स्कूल इसलिए भी खास है क्योंकि यहां न तो परीक्षा होती है, न ही ग्रेड मिलते हैं और न ही कोई रिपोर्ट कार्ड तैयार होता है। यह पूरी तरह से कांसेप्ट-ड्रिवन लर्निंग को बढ़ावा देता है।
पढ़ाई का तरीका है बिल्कुल अलग
एलन मस्क का एस्ट्रा नोवा (Elon Musk’s Astra Nova School) में पढ़ाई के लिए किसी भी तरह का सिलेबस नहीं दिया जाता। और छोटा-छोटे सेमेस्टर में अलग-अलग सब्जेक्ट्स पर फोकस किया जाता है। छात्रों को अलग-अलग प्रोजेक्ट्स दिए जाते हैं, जिनके ज़रिए वे तर्क, विश्लेषण और क्रिएटिव सोच को विकसित करते हैं। यहां एक खास क्लास होती है जिसे आर्ट ऑफ प्रोब्लेम सॉल्विंग (Art of Problem Solving) कहा जाता है। इस क्लास में छात्रों को असल जिंदगी की समस्याएं दी जाती हैं जैसे पर्यावरण संकट, टेक्नोलॉजी के दुष्प्रभाव, या सामाजिक मुद्दे और उन्हें इनका समाधान खुद ढूंढना होता है। यह उन्हें न सिर्फ आत्मनिर्भर बनाता है, बल्कि उनकी नेतृत्व क्षमता को भी विकसित करता है। एलन मस्क के स्कूल में किसी विषय को नजरअंदाज भी नहीं किया जाता है। इसलिए यहां एलजेब्रा, जियोमेट्री, और प्री-कैलकुलस जैसे कठिन विषयों को भी रोचक तरीके से पढ़ाया जाता है ताकि छात्र न सिर्फ समझें, बल्कि उसे असल ज़िंदगी में उपयोग करना भी सीखें।
फीस है काफी महंगी
एलन मस्क के स्कूल एस्ट्रो नोवा (Elon Musk’s Astra Nova School) की एक और खास बात इस स्कूल की फीस है। अलग-अलग रिपोर्ट्स के अनुसार इस स्कूल की एक घंटे की क्लास की फीस लगभग 1.88 लाख रुपये (2200 डॉलर) है। छात्र कम से कम 2 घंटे और अधिकतम 16 घंटे की क्लास ले सकते हैं। अगर कोई छात्र 16 घंटे का कोर्स करता है, तो टोटल फीस 30.20 लाख रुपये (35,200 डॉलर) तक पहुंच सकती है। यह फीस कई लोगों के लिए अत्यधिक हो सकती है, लेकिन जो माता-पिता अपने बच्चों को भविष्य के लिए विशेष रूप से तैयार करना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बड़ा निवेश माना जा सकता है।
एडमिशन प्रक्रिया
इस स्कूल में पढ़ाई करने के लिए छात्र या उनके पेरेंट्स स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट astranova.org पर पूरी जानकारी पढ़ सकते हैं। वहां पर आवेदन की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई है। चूंकि यह स्कूल ऑनलाइन है, इसलिए दुनिया के किसी भी कोने से इसमें भाग लिया जा सकता है।
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क्यों है यह स्कूल खास?
एस्ट्रो नोवा (Astra Nova) स्कूल बच्चों को सिर्फ पढ़ाने में ही नहीं, बल्कि बच्चों को सोचने और समझने के लिए वक्त देता है। एलन मस्क का मानना है कि आने वाला भविष्य ऐसी समस्याएं लेकर आएगा, जिनका हल आज की शिक्षा प्रणाली नहीं दे सकती। इसलिए बच्चों को ऐसे तैयार करना जरूरी है कि वे नई सोच, तकनीकी समझ और रचनात्मकता के साथ आगे बढ़ें। यही वजह है कि Astra Nova अब केवल एक स्कूल नहीं, बल्कि एक ग्लोबल एजुकेशन मॉडल के रूप में उभर रहा है।
एलन मस्क का एस्ट्रो नोवा स्कूल (Elon Musk’s Astra Nova School) पारंपरिक शिक्षा से हटकर एक ऐसा रास्ता दिखाता है जो बच्चों को रचनात्मक, जिज्ञासु और स्वतंत्र विचारक बनाता है। हालांकि इसकी फीस हर किसी के बजट में नहीं हो सकती, लेकिन यह एक उदाहरण है कि भविष्य की शिक्षा कैसी हो सकती है। ऐसी शिक्षा जो बच्चों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देती, बल्कि उन्हें दुनिया को बदलने का नजरिया सिखाती है।
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