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SpiceJet को बड़ी राहत! Creditor से समझौते के बाद Insolvency केस में मिली अस्थायी राहत

नई दिल्ली: आर्थिक दबाव से जूझ रही एयरलाइन SpiceJet को insolvency मामले में फिलहाल बड़ी राहत मिली है। National Company Law Tribunal (NCLT) ने aircraft lessor Aviator ML 29641 Ltd के साथ हुए समझौते के बाद उसकी insolvency petition वापस लेने की अनुमति दे दी। हालांकि, एयरलाइन के खिलाफ बाकी insolvency मामलों का समाधान अभी नहीं हुआ है।

₹58.64 करोड़ के डिफॉल्ट से जुड़ा था मामला

Aviator ML ने SpiceJet पर करीब ₹58.64 करोड़ के कथित डिफॉल्ट को लेकर Insolvency and Bankruptcy Code के तहत याचिका दायर की थी। मामला NCLT में लंबे समय से चल रहा था और सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रखा जा चुका था।

अंतिम चरण में SpiceJet और Aviator ML के बीच समझौता हुआ, जिसके बाद lessor ने अपनी insolvency petition वापस लेने की मांग की।

NCLT ने दी राहत, लेकिन लगाई ₹15 लाख की लागत

NCLT ने बुधवार को Aviator ML को याचिका वापस लेने की अनुमति दी, लेकिन SpiceJet और Aviator ML दोनों पर ₹15-15 लाख की लागत भी लगाई। दोनों पक्षों को यह राशि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में जमा करने का निर्देश दिया गया।

ट्रिब्यूनल ने आखिरी समय में settlement की जानकारी देने के तरीके पर नाराजगी जताई। अदालत के सामने मामला आदेश के लिए सुरक्षित था और settlement की सूचना बाद में दी गई थी।

सात और Insolvency मामलों की चुनौती बरकरार

यह राहत SpiceJet के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे एयरलाइन की पूरी insolvency समस्या खत्म नहीं हुई है। कंपनी के खिलाफ अन्य aircraft lessors की सात insolvency petitions अभी भी लंबित हैं।

NCLT के नए बेंच के सामने इन मामलों की fresh hearing होगी। इसका मतलब है कि SpiceJet को तत्काल insolvency प्रक्रिया में जाने से समय मिल गया है, लेकिन वित्तीय संकट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

मौजूदा मैनेजमेंट के पास रहेगा नियंत्रण

इस घटनाक्रम का एक बड़ा फायदा यह है कि फिलहाल SpiceJet का मौजूदा management एयरलाइन का संचालन जारी रख सकेगा। Reuters के मुताबिक fresh hearing का फैसला SpiceJet के लिए राहत है, जबकि creditors के लिए यह उनके debt-recovery प्रयासों में एक झटका माना जा रहा है।

SpiceJet पर वित्तीय दबाव अभी कायम

SpiceJet पिछले कुछ समय से गंभीर वित्तीय चुनौतियों से गुजर रही है। एयरलाइन की market share जून 2026 में घटकर करीब 1.9% रह गई, जबकि 2019 में यह करीब 15% थी। कंपनी को aircraft grounding, creditor disputes और अन्य वित्तीय दबावों का सामना करना पड़ रहा है।

यानी एक creditor के साथ settlement ने SpiceJet को अस्थायी राहत जरूर दी है, लेकिन आगे की राह अभी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

अब आगे क्या होगा?

अब SpiceJet के खिलाफ बाकी insolvency petitions की सुनवाई नए NCLT bench के सामने होगी। कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बाकी creditors के साथ भी समझौते करना और अपने वित्तीय हालात को स्थिर करना होगी।

फिलहाल Aviator ML मामले में राहत SpiceJet के लिए एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसे insolvency संकट का स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता।

स्रोत: Reuters, NCLT, Economic Times, Moneycontrol, Free Press Journal

Jai Rashtra News

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