नई दिल्ली, 6 सितंबर 2026: केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की Lok Janshakti Party (Ram Vilas) ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली के Parliament Street Police Station में शिकायत दर्ज कराई है। पार्टी का आरोप है कि भारद्वाज ने जंतर-मंतर पर छात्र कार्यकर्ता के पिता से कथित मारपीट के मामले में चिराग पासवान का नाम लेकर राजनीतिक संरक्षण होने का गलत दावा किया।
पार्टी के Legal Cell ने दर्ज कराई शिकायत
शिकायत LJP (Ram Vilas) के legal cell की ओर से दी गई है। इसमें कहा गया है कि न तो चिराग पासवान और न ही उनकी पार्टी का स्वतंत्र भारद्वाज से कोई ऐसा संबंध है, जैसा उनके वायरल interview में दावा किया गया। पार्टी ने इन सार्वजनिक बयानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
Viral Interview में लिया था चिराग पासवान का नाम
विवाद उस समय बढ़ा जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक interview clip सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें उन्होंने कई राजनीतिक नेताओं के नाम लेते हुए उनसे करीबी संबंध होने का दावा किया था और चिराग पासवान को अपना “बड़ा भाई” बताया था। हालांकि इन दावों के समर्थन में कोई स्वतंत्र प्रमाण सामने नहीं आया है।
चिराग पासवान ने दावे से बनाई दूरी
चिराग पासवान ने साफ कहा कि भारद्वाज ने उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और कानून के अनुसार कार्रवाई की मांग की। LJP (Ram Vilas) ने भी कहा कि पार्टी कथित हमले में घायल व्यक्ति और उसके परिवार के साथ खड़ी है।
Complaint और FIR में अंतर
पुलिस अधिकारियों ने 5 सितंबर तक बताया था कि पार्टी की शिकायत की जांच की जा रही है और इस specific complaint पर अलग case/FIR अभी दर्ज नहीं हुई थी। इसलिए इसे “LJP ने FIR दर्ज कराई” लिखने के बजाय “शिकायत दर्ज कराई” लिखना अधिक सही है।
आज Judicial Custody में भेजे गए स्वतंत्र भारद्वाज
मामले में आज, 6 सितंबर, एक नई कानूनी development सामने आई है। दिल्ली की एक अदालत ने स्वतंत्र भारद्वाज को कथित assault और अन्य आरोपों से जुड़े मामले में एक दिन की judicial custody में भेज दिया। इससे पहले पुलिस को एक दिन की custodial interrogation की अनुमति मिली थी।
SC/ST Act और अन्य धाराएं भी जोड़ी गईं
दिल्ली पुलिस ने संबंधित assault case में SC/ST (Prevention of Atrocities) Act और criminal intimidation से जुड़े provisions जोड़े हैं। इसके अलावा minor activist की शिकायत पर online threats और harassment से संबंधित अलग POCSO case भी दर्ज किया गया है। ये मामले अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन हैं।
source – PTI / The Week / The New Indian Express
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