प्रमुख खबरें

‘नरेंद्र मोदी से सवाल पूछने के लिए 25 साल की तपस्या चाहिए’, गोरखपुर में BJP की पदयात्रा; नितिन नवीन ने राहुल गांधी पर साधा निशाना!

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, 6 नवंबर 2026: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में भारतीय जनता पार्टी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान सियासी बयानबाजी तेज हो गई। बुधवार, 4 नवंबर को आयोजित जनसभा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजनीतिक जीवन और समर्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि उनसे सवाल पूछने वालों को पहले उनके 25 वर्षों की तपस्या और कार्यों को समझना चाहिए। नितिन नवीन ने राहुल गांधी को ‘पार्ट टाइम नेता’ बताते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल केवल चुनाव के समय सक्रिय होते हैं।

गोरखपुर में BJP की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा

भारतीय जनता पार्टी ने 4 नवंबर को गोरखपुर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।

पदयात्रा से पहले महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज मैदान में एक जनसभा आयोजित की गई, जिसमें भाजपा नेताओं ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर विभिन्न मुद्दों को लेकर राजनीतिक आरोप लगाए।

भाजपा ने इस अभियान को संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विश्वास और लोकतांत्रिक व्यवस्था के समर्थन से जुड़ा कार्यक्रम बताया।

राहुल गांधी के सवाल पर नितिन नवीन का पलटवार

जनसभा को संबोधित करते हुए नितिन नवीन ने राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस की चुनौती दिए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लंबे राजनीतिक जीवन में लगातार जनता के बीच रहकर काम किया है।

नितिन नवीन ने मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को तपस्या और समर्पण से जोड़ते हुए राहुल गांधी की राजनीतिक प्रतिबद्धता पर सवाल उठाए।

उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री की राजनीतिक दृष्टि और कार्यशैली का मुकाबला करने की स्थिति में नहीं हैं।

भाजपा अध्यक्ष ने राहुल गांधी को ‘पार्ट टाइम पॉलिटिशियन’ और ‘पॉलिटिकल टूरिस्ट’ भी बताया।

ये टिप्पणियां भाजपा अध्यक्ष के राजनीतिक बयान का हिस्सा थीं।

राहुल गांधी और अखिलेश यादव को बताया ‘युवराज’

नितिन नवीन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव को ‘युवराज’ कहकर संबोधित किया।

उन्होंने दोनों नेताओं पर परिवारवादी राजनीति करने का आरोप लगाया।

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि राजनीति को पारिवारिक विरासत समझने वाले नेताओं को जनता चुनावों में जवाब देती रही है।

उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेताओं की सक्रियता चुनावों के आसपास बढ़ जाती है, जबकि भाजपा कार्यकर्ता पूरे वर्ष जनता के बीच रहकर काम करते हैं।

नितिन नवीन ने विपक्ष पर जनता की समस्याओं के बजाय राजनीतिक परिवारों के हितों को प्राथमिकता देने का भी आरोप लगाया।

योगी आदित्यनाथ ने भी विपक्ष पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जनसभा में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की आलोचना की।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में बदलाव का अधिकार जनता के पास होता है।

योगी आदित्यनाथ ने 2014 के लोकसभा चुनाव और 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जनता ने अपने मताधिकार के जरिए राजनीतिक परिवर्तन किया था।

मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज से निकली पदयात्रा

गोरखपुर में भाजपा की पदयात्रा महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज मैदान से शुरू हुई।

इसके बाद यात्रा कचहरी चौराहा, इंदिरा बाल विहार तिराहा और गोलघर काली मंदिर होते हुए सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा तक पहुंची।

पदयात्रा के रास्ते में भाजपा कार्यकर्ताओं ने कई स्थानों पर नेताओं का स्वागत किया।

आयोजकों ने मार्ग में 18 स्वागत स्थल बनाए थे, जहां फूलों और ढोल-नगाड़ों के साथ पार्टी नेताओं का स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने भाग लिया।

भाजपा ने 40 हजार कार्यकर्ताओं को जुटाने का रखा था लक्ष्य

पदयात्रा से पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बताया था कि कार्यक्रम में गोरखपुर क्षेत्र के 12 जिलों से करीब 40 हजार कार्यकर्ताओं और आम लोगों की भागीदारी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

भाजपा ने इस आयोजन को प्रदेश में पार्टी के संगठनात्मक अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।

हालांकि कार्यक्रम में वास्तविक रूप से कितने लोग शामिल हुए, इसकी स्वतंत्र रूप से सत्यापित संख्या उपलब्ध नहीं है।

पंकज चौधरी ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने का आरोप भी लगाया।

चुनाव आयोग और EVM विवाद पर भी हुई बयानबाजी

भाजपा नेताओं ने विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को लेकर उठाए जा रहे सवालों की आलोचना की।

पंकज चौधरी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल चुनाव में हार मिलने के बाद संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हैं।

दूसरी ओर, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता तथा मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं।

विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची से नाम हटाने और चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए।

इस मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक मतभेद बने हुए हैं।

2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की सक्रियता

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा अपने संगठनात्मक कार्यक्रमों और जनसंपर्क अभियानों को तेज कर रही है।

गोरखपुर की पदयात्रा को भी पार्टी की इसी राजनीतिक और संगठनात्मक गतिविधि का हिस्सा माना जा रहा है।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का 4 और 5 नवंबर को गोरखपुर का दो दिवसीय दौरा निर्धारित था।

इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संगठन के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठकों का कार्यक्रम भी रखा गया।

इन बैठकों में संगठन को मजबूत बनाने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की जानी थी।

जयंत चौधरी और एनडीए के अन्य नेता भी रहे मौजूद

गोरखपुर में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी भी शामिल हुए।

इसके अलावा निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद, केंद्रीय मंत्री कमलेश पासवान और भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

एनडीए के सहयोगी दलों की मौजूदगी को भाजपा ने राजनीतिक एकजुटता के संदेश के रूप में प्रस्तुत किया।

पदयात्रा के दौरान विभिन्न नेताओं ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और जनता के बीच जाकर अपनी बात रखने का आह्वान किया।

राहुल गांधी बनाम भाजपा की राजनीतिक बहस तेज

गोरखपुर में नितिन नवीन के बयान के बाद राहुल गांधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की राजनीतिक कार्यशैली को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।

भाजपा नेतृत्व प्रधानमंत्री मोदी के लंबे सार्वजनिक जीवन और संगठनात्मक अनुभव को प्रमुखता दे रहा है।

वहीं, कांग्रेस लोकतंत्र, संवैधानिक संस्थाओं, चुनावी पारदर्शिता और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दों पर केंद्र सरकार से सवाल उठाती रही है।

प्रधानमंत्री से सवाल पूछना लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों और विपक्ष का अधिकार है। इसके लिए किसी निर्धारित अवधि का राजनीतिक अनुभव होना आवश्यक नहीं है।

नितिन नवीन की 25 वर्षों की तपस्या वाली टिप्पणी को इसी राजनीतिक बहस के संदर्भ में देखा जा रहा है।

गोरखपुर की पदयात्रा से गरमाई उत्तर प्रदेश की राजनीति

भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान पार्टी नेताओं ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देने का प्रयास किया।

नितिन नवीन ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव की राजनीतिक कार्यशैली पर सवाल उठाए, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की आलोचना की।

वहीं, विपक्ष लगातार सरकार की नीतियों और चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठा रहा है।

2027 के विधानसभा चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश में इन मुद्दों पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।

स्रोत: दैनिक जागरण, हिंदुस्तान टाइम्स, लाइव हिंदुस्तान, टीवी9 भारतवर्ष, अमर उजाला, टाइम्स ऑफ इंडिया।

जय राष्ट्र न्यूज़

Leave a Reply

Translate »