Anu Sharma

guggul benefits

गुग्गुल, एक ऐसी आयुर्वेदिक हर्ब जो स्वास्थ्य को सुधारे और रखें हमें स्वस्थ व तंदुरुस्त

यह तो हम सब जानते हैं कि आयुर्वेद (Ayurveda) की उत्पत्ति भारत में हुई है। इसका उद्देश्य सही डायट, व्यायाम और हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ लोगों के संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार करना है। गुग्गुल (Guggul) ऐसी हर्ब है जिसे आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार हेल्थ के लिए बहुत फायदेमंद पाया गया है। इसका इस्तेमाल पुराने समय से ही आयुर्वेदिक मेडिसिन्स के किया जाता रहा है। गुग्गुल का अर्थ है बीमारियों को दूर करना। गुग्गुल (Guggul) का सबसे बड़ा बायोएक्टिव कॉम्पोनेन्ट है ओलियो गम रेसिन, जिसके कई चिकित्सीय लाभ हैं। आयुर्वेदा (Ayurveda) के अनुसार यह हर्ब वजन कम करने, मेटाबॉलिज्म को बढ़ाने आदि में बहुत बेनेफिशियल है। इसके और भी बहुत से फायदे हैं। आइए जानें गुग्गुल के बेनेफिट्स (Benefits of Guggul) के बारे में। गुग्गुल के बेनेफिट्स (Benefits of Guggul): पाएं जानकारी हेल्थललाइन (Healthline) के अनुसार गुग्गुल (Guggul) में प्लांट कंपाउंड्स, जरूरी तेलों, फ्लेवोनोइड्स और अमीनो एसिड का मिश्रण होता है। यह सभी हेल्थ के लिए फायदेमंद पाए गए हैं। आइए जानें गुग्गुल के बेनेफिट्स (Benefits of Guggul) के बारे में। शरीर से हानिकारक तत्वों को निकाले बाहर गुग्गुल (Guggul) शरीर से हानिकारक और विषाक्त चीजों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। अगर शरीर की डेटोक्सिफिकेशन करनी है, तो यह एक अच्छा विकल्प साबित हो सकता है। यही नहीं,हेल्दी इशूज के लिए भी फायदेमंद है। कोलेस्ट्रॉल को कम करे यह हर्ब कोलेस्ट्रॉल लेवल को हेल्दी बनाए रखने में मदद करती है। कोलेस्ट्रॉल लेवल को बैलेंस करने की पूरी शक्ति गुग्गुल (Guggul) में होती है। अधिक कोलेस्ट्रॉल से हार्ट प्रॉब्लम्स होने की संभावना बढ़ जाती है। यानी, कोलेस्ट्रॉल को मैनेज कर के हार्ट संबंधी समस्याओं को कम करने में मदद मिल सकती है। पेट के लिए बेहतरीन ऐसा भी माना गया है कि पाचन क्रिया को सही बनाए रखने में यह हर्ब फायदेमंद है। शरीर की प्राकृतिक पाचन क्षमता को बढ़ाने में यह हर्ब मदद करती है। पेट संबंधी समस्याओं को दूर करने और पाचन क्षमता को बढ़ाने के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।  वजन को रखे सही अगर आप वजन को सही रखना चाहते हैं, तो भी इस हर्ब का इस्तेमाल किया जा सकता है। गुग्गुल (Guggul) शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में मददगार है और अधिक टिश्यू के बनने से रोकता है। यह ऑयल और फैट के पाचन में भी सहायता करता है। इससे मेटाबॉलिज्म भी बढ़ता है, जिससे कई तरीकों से वेट मैनेजमेंट में सहायता मिलती है। जोड़ों के लिए फायदेमंद गुग्गुल (Guggul) जॉइंट की मूवमेंट की सपोर्ट में भी फायदेमंद पाया गया है। इसमें डिटॉक्सिफाइंग गुण होते हैं जिससे जोड़ों से भी टॉक्सिन्स बाहर निकालते हैं। यह टॉक्सिन्स डिस्कम्फर्ट का कारण बन सकते हैं। यह जोड़ों के अंदर और आसपास के टिशूज को ल्युब्रिकेंट करने और उसकी मरम्मत करने में फायदेमंद पाया है, जिससे जोड़ों की मूवमेंट आसानी से हो पाती है। इसे भी पढ़ें:- विधानसभा चुनाव से पहले बिहार को पीएम मोदी ने दिया तोहफा स्किन हेल्थ में बेहतरीन गुग्गुल (Guggul) को कुछ स्किन कंडीशंस को दूर करने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है जैसे एक्जिमा और सोरायसिस। यह दोनों स्किन की वो समस्याएं हैं जिसके कारण स्किन में इन्फ्लेमेशन होती है। हालांकि इसके बारे में अभी अधिक रिसर्च की जानी जरूरी है। कुछ स्टडीज में यह भी बता चला है कि यह हर्ब स्किन में रैशेज और खुजली जैसी समस्याओं से राहत पाने में भी फायदेमंद है। गुग्गुल (Guggul) को आमतौर पर हेल्थ के लिए अच्छा पाया गया है। लेकिन अधिक मात्रा में इसका सेवन कुछ मामलों में नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए, इसके बारे में एक्सपर्ट या डॉक्टर से जान लें और उसके बाद ही इसका सेवन करें। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Guggul #guggul #ayurvedicherbs #naturalremedies #herbalhealth #guggulbenefits #ayurvedicmedicine #holistichealth

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Motorola Edge 60

मोटोरोला एज 60 हुआ लांच: जानें इसकी कीमत, प्राइस और फीचर्स के बारे में

मोटोरोला (Motorola) एक अमेरिकी कंपनी है जो स्मार्टफोन (Smartphone) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस आदि का निर्माण करती है। यह कंपनी अपनी हाई क्वालिटी प्रोडक्ट्स और नई टेक्निक्स आदि के लिए जानी जाती है। यही कारण है कि लोगों में यह कंपनी बहुत प्रसिद्ध है। मोटोरोला (Motorola) समय-समय पर नए प्रोडक्ट बाजार में लाती है। इन्ही में से एक है मोटोरोला एज 60 (Motorola Edge 60), जिसे हाल ही में भारत में लांच किया गया है। इसे कस्टमर्स 18 जून से खरीद सकते हैं। अगर आप एक नया स्मार्टफोन ढूढ़ रहे हैं, तो आपके लिए यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है। आइए जानें मोटोरोला एज 60 के फीचर्स के बारे में। इसकी कीमत के बारे में भी जानना न भूलें। मोटोरोला एज 60 (Motorola Edge 60): पाएं जानकारी मोटोरोला एज 60 न केवल अपने फीचर्स बल्कि परफॉरमेंस के लिए भी चर्चा का विषय बना हुआ है। यह स्मार्टफोन (Smartphone) लेदर फिनिश के साथ है और दो रंगों में उपलब्ध है एक पैनटोन जिब्राल्टर सी और दूसरा पैनटोन शमरॉक। यह दोनों ही रंग यूजर की पसंद के अनुसार बनाया गया है। आप अपनी पसंद का फोन चुन सकते हैं। इसकी कुछ विशेषताएं इस प्रकार हैं, जो इसे अन्य स्मार्टफोन से अलग बनाती हैं। यह फीचर्स इस प्रकार हैं: कैमरा मोटोरोला एज 60 (Motorola Edge 60) ट्रिपल कैमरा सिस्टम के साथ आता है। इसमें 50 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड कैमरा है। इसके साथ ही इसमें 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी सेंसर और 10 मेगापिक्सल का टेलीफोटो लेंस भी है। इसमें 4के वीडियो रिकॉर्डिंग है। संक्षेप में कहा जाए तो अगर आप फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो मोटोरोला (Motorola) का यह फोन आपके लिए एक अच्छा ऑप्शन है। वीडियो और रील्स आदि में भी यह अच्छे परिणाम प्रदान कर सकता है। डिस्प्ले मोटोरोला एज 60 (Motorola Edge 60) में क्वाड-कर्व्ड डिस्प्ले है जो 6.7 इंच का है। यही नहीं, यह 4500 निट्स पीक ब्राइटनेस और 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ मिल रहा है। यानी, इस स्मार्टफोन से आप बेहतरीन और लग्जरी अनुभव  मिलता है। गेमिंग के अनुभव को भी यह स्मार्टफोन (Smartphone) बेहतरीन बना सकता है।  परफॉर्मेस अगर मोटोरोला (Motorola) के इस इस फोन की परफॉरमेंस के बारे में बात करें तो इसमें मीडियाटेक डायमेंसिटी 7400 चिपसेट हैं। यही नहीं, इसमें 12 जीबी रैम और 256 जीबी स्टोरेज भी है। इसमें RAM बूस्ट 4.0 है जिससे यूजर्स को 24 जीबी तक की वर्चुअल रैम मिलेगी। इसकी बैटरी भी बहुत पावरफुल है। सिर्फ कुछ मिनटों तक चार्ज करने पर यह फोन पूरा दिन आपका साथ देगा। मोटोरोला एज 60 (Motorola Edge 60) फोन में 68W टर्बोपावर चार्जर और 5500mAh की बैटरी आपको मिलेगी।  कीमत मोटोरोला का यह फोन केवल 25,999 रुपए है।  फ्लिपकार्ड या अन्य वेबसाइट्स पर यह आपको मिल जाएगा। इसके साथ ही रिटेल स्टोर्स में भी यह आसानी से उपलब्ध है। आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से इसे खरीद सकते हैं। इसके साथ ही कस्टमर्स को बैंक डिस्काउंट भी मिल रहा है, जो लिमिटेड समय के लिए ही है और कुछ ग्राहकों को ही मिलेगा। यह डिस्काउंट 1000 रुपए तक का है। यानी, इससे मोटोरोला एज 60 (Motorola Edge 60) आपको 25,999 रुपए की जगह 24,999 रुपए में मिल सकता है। यह ग्राहकों के लिए एक सुनहरे मौके की तरह है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक एक्सचेंज ऑफर्स के साथ भी इसे खरीद सकते हैं फोन  अगर आप चाहें तो आप एक्सचेंज ऑफर्स के साथ भी इसे खरीद सकते हैं। पुराने फोन के साथ एक्सचेंज कर के इसे खरीदने से भी आपको इसके लिए अधिक पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही आपको कंपनी इएमआई ऑफर्स भी  मिलेंगे। अधिक जानकारी के लिए आप मोटोरोला की ऑफिशियल वेबसाइट विजिट कर सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news Motorola Edge 60 #MotorolaEdge60 #MotorolaLaunch #Smartphone2025 #TechNews #Edge60Features

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International Yoga Day 2025

एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योगा, पीएम मोदी का इंटरनेशनल योगा डे पर संदेश

योगा (Yoga) को फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद माना गया है। यही कारण है कि पूरी दुनिया ने योगा के महत्व को समझा है और इसे अपनाया है। हर साल जून 21 को इंटरनेशनल योगा डे के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इस दिन की शुरुआत 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा की गई थी। इस साल इसकी थीम है “एक पृथ्वी, एक हेल्थ के लिए योगा”। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है लोगों के बीच के योग के लिए जागरूक करना और उन्हें इसे अपने जीवन में शामिल करने के लिए प्रेरित करना। इस साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) जी ने आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) मनाया। आइए जानें इस बारे में और अधिक। योगा (Yoga)  के महत्व के बारे में भी जानें।   इंटरनेशनल योगा डे 2025 इस साल का इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) द्वारा विशाखापट्टनम में किया गया। इस इवेंट को रामकृष्ण बीच से भोगलपुराम तक 26 किलोमीटर के एरिया में आयोजित किया गया। ऐसा अनुमान है इसमें लगभग 3 लाख लोगों ने भाग लिया। आज 11वें इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) पर प्रधानमंत्री ने लोगों को यह संदेश दिया कि योगा (Yoga) मानवता के लिए एक जरूरी साधन है, जो हमें तनाव से दूर रहने में मदद कर सकता है।  आंध्र प्रदेश सरकार ने इस इवेंट के लिए अच्छे तैयारियां की थी। इस कार्यक्रम में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू भी शामिल हुए। इस कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार ने योगंध्र-2025″ इवेंट ऑर्गेनाइज किया है। इसका उद्देश्य केवल और केवल योगा (Yoga)  को बढ़ावा देना और लोगों को इसे करने के लिए प्रेरित करना है। इस दिन कई अन्य प्रतिष्ठित लोगों ने भी भाग लिया और लोगों को इसके बारे में बताया। यह कार्यक्रम न केवल योगा (Yoga) के महत्व को लोगों तक बताने बल्कि भारत की कल्चरल हेरिटेज को लोगों को पहुंचाने का अच्छा तरीका है। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार क्या हैं योगा के फायदे? हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार योगा (Yoga) के कई फायदे हैं जो शरीर और दिमाग से जुड़े हैं। इन्हें करने से शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी और स्ट्रेंथ बढ़ती है। इसके साथ ही चिंता और तनाव भी दूर होते हैं। जानिए किस तरह से है यह हमारे लिए बेनेफिशियल और क्यों करना चाहिए इसे हमें अपने जीवन में शामिल: संक्षेप में कहा जाए तो हेल्दी रहने के लिए योगा को अपनी दिनचर्या का एक भाग बना लेना चाहिए। इस इंटरनेशनल योगा डे (International Yoga Day) आप भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं और अन्य लोगों को भी इसके बारे में बताएं। यह बात भी ध्यान में रखें कि योगा (Yoga) की शुरुआत किसी एक्सपर्ट की राय और मार्गदर्शन के बाद ही करें। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi International Yoga Day #PMModi #YogaDay2025 #OneEarthOneHealth #InternationalYogaDay #YogaForWellness

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QS World University Rankings 2026

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग 2026: भारत के टॉप इंस्टीट्यूट्स जिन्होंने बनाई है इसमें अपनी जगह

क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स एक ऐसी जानी-मानी रैंकिंग है, जिसे हर साल पब्लिश किया जाता है। इसका बहुत अधिक महत्व है और इसका पूरी दुनिया में बहुत अधिक सम्मान किया जाता है। इसमें दुनिया भर की यूनिवर्सिटीज को इवैल्युएट किया जाता है। इस रैंकिंग को क्वाक्वारेली सिमंड्स द्वारा पब्लिश किया जाता है। ऐसा माना गया है कि यह विभिन्न यूनिवर्सिटीज की परफॉरमेंस का मूल्यांकन करने और उन्हें कम्पेयर करने का विश्वसनीय संसाधन है। इस रैंकिंग के लिए कई चीजों का ध्यान रखा जाता है जैसे इंस्टीट्यूशन की एजुकेशनल और एम्प्लायर रेपुटेशन, फैकल्टी और स्टूडेंट्स का रेशो, इंटरनेशनल स्टूडेंट रेशो आदि। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 (QS World University Rankings 2026) की हाल ही में आई लिस्ट में भारत के टॉप इंस्टीट्यूट्स को भी जगह मिली है। आइए जानें इसके बारे में। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 (QS World University Rankings 2026) में भारत ने ऐतिहासिक उपलब्धि पाई है। इन लिस्ट में भारत के 54 संस्थानों को जगह मिली है, जो पिछले सालों की तुलना में बहुत अधिक हैं। अपनी इस उपलब्ध के साथ ही भारत उन टॉप चार देशों में शामिल हो गया है जिसकी यूनिवर्सिटीज को इस सूची में जगह मिली है। इस लिस्ट में भारत की आठ यूनवर्सिटीज को जगह मिली हैं हैं। यह संख्या अन्य देशों की तुलना में बहुत अधिक है। संक्षेप में कहा जाए तो हमारे देश की यूनिवर्सिटीज इस प्रतिष्ठित लिस्ट में अपनी क्वालिटी और परफॉर्मेस में सुधार कर के संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और चीन के बाद चौथी पोजीशन पर पहुंच गई हैं। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में भारत इससे भी अधिक उपलब्धियों के साथ आगे आएगा।   भारतीय संस्थानों की उपलब्धियां क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 (QS World University Rankings 2026) में आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) ने टॉप पोजीशन को पाया है जो ग्लोबल लेवल पर 123वां स्थान है।  पिछले साल यह रैंकिंग 150 थी जबकि 2024 में यह रैंकिगं 197 थी। पिछले सालों की तुलना में इस साल आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) ने अपनी पोजीशन को मजबूत किया है। वहीं, आईआईटी बॉम्बे क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स की लिस्ट में 129वें स्थान पर है। जबकि आईआईटी मद्रास को इस लिस्ट में 180वीं जगह मिल है। आईआईटी मद्रास को पहली बार इस लिस्ट में जगह मिली है। इसे भी पढ़ें: यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 लिस्ट में टॉप इंडियन इंस्टीट्यूट क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2026 (QS World University Rankings 2026) लिस्ट में टॉप इंडियन इंस्टीट्यूट की लिस्ट इस प्रकार है:  कुछ नॉन-आईआईटी इंस्टीट्यूट्स भी इस सूची में शामिल हैं। नॉन-आईआईटी इंस्टीट्यूट्स में दिल्ली यूनिवर्सिटी को 328वां स्थान मिला है। वहीं अन्ना यूनिवर्सिटी को 465 ग्लोबल रैंकिंग मिली है। यह यूनिवर्सिटी तमिलनाडु राज्य में है। इसका अर्थ है कि जो इंस्टीट्यूट्स क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में शामिल हुए हैं, उनमे से लगभग आधे इंस्टीट्यूट्स ने इस साथ अपनी पोजीशन को इम्प्रूव किया है। भारत की पांच यूनिवर्सिटीज ने एम्प्लॉयर रेपुटेशन में टॉप 100 में अपनी जगह बनाई है। जबकि आठ इंस्टीटूट्स ने प्रति फैकल्टी उद्धरण यानी साइटेशन पर फैकल्टी में ग्लोवल लेवल पर टॉप 100 में जगह बनाई है और जो अन्य देशों की तुलना में ज्यादा है। यानी, भारत के इंस्टीट्यूट हर साल दुनिया में अपनी नई और अलग पहचाना बना रहे हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news QS World University Rankings 2026 #QSRankings2026 #TopIndianUniversities #GlobalRankings #IITRanking #HigherEducationIndia

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Burn Fat & Stay Fit with the Power of Yoga

योगा की शक्ति से मोटापा हराएं, वजन कम करें और स्वस्थ जीवन पाएं

अधिक वजन यानी मोटापा (Obesity) आजकल की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। वयस्क ही नहीं बल्कि बच्चे भी आजकल इस रोग का शिकार हैं। मोटापा कम करने के लिए लोग कई उपाय करते हैं जैसे घंटों जिम में बिताते हैं और कई तरह की डायट फॉलो करते हैं। योगा (Yoga) को वजन कम करने और मोटापा मैनेज करने का अच्छा तरीका माना गया है। यह न केवल शरीर और दिमाग के लिए बेहतरीन है बल्कि इससे ईटिंग हैबिट्स भी सुधरती हैं। हालांकि, सिर्फ योगा (Yoga) से ही आप मोटापा (Obesity) कम नहीं कर सकते हैं बल्कि इसके साथ सही डायट का ध्यान रखना और एक्सरसाइज करना भी आवश्यक है। आइए जानें मोटापा कम करने के लिए फायदेमंद योगासन (Beneficial yogasana to reduce obesity) के बारे में। मोटापा कम करने के लिए फायदेमंद योगासन (Beneficial yogasana to reduce obesity) हार्वर्ड हेल्थ पब्लिशिंग (Harvard Health Publishing) के अनुसार अगर बहुत मेहनत के बाद भी किसी का वजन कम नहीं हो रहा है तो ऐसा हो सकता है कि इसका कारण कोई गंभीर रोग हो। ऐसे में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। मोटापा कम करने के लिए फायदेमंद योगासन (Beneficial yogasana to reduce obesity) इस प्रकार हैं। सूर्य नमस्कार सूर्य नमस्कार बारह आसनों का मेल होता है जिसे सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना गया है। इसमें शरीर की अच्छे से स्ट्रेचिंग होती है। यही नहीं, इससे शरीर को स्ट्रेंथ भी मिलती है। इसमें व्यायाम के साथ-साथ डीप ब्रीदिंग भी शामिल होती है। ऐसा माना गया है कि रोजाना सूर्यासन करना हमारे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। सुबह के समय इसे करना और भी अधिक लाभदायक है। अगर आप चाहे तो आप 12 से अधिक बार भी इसे कर सकते हैं। सूर्य नमस्कार को करने से कमर से फैट कम होता है, मोटापा (Obesity) मैनेज करने में मदद मिलती है, मेटाबॉलिज्म बूस्ट होता है और डायजेस्टिव सिस्टम सही रहता है। नौकासन मोटापा कम करने के लिए फायदेमंद योगासन (Beneficial Yogasana to reduce obesity) में नौकासन शामिल है। यह पोज करने से पेट की चर्बी कम होती है, ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है, पेट के मसल्स मजबूत होते हैं, पाचन सही रहता है और हमारे अंगों को सही से काम करने में मदद मिलती है। इससे मोटापा (Obesity) भी कम होता है। इसे करना भी बेहद आसान है। इसके लिए सिर्फ आपको शांत जगह पर मैट पर पीठ के बल लेटना है। इसके बाद अपनी बाजुओं और टांगों को छत की तरफ इस तरह के ले जाना है कि आपको पोजीशन बोट की तरह लगे। इस योगासन को करने के बाद आपको ऐसा लगेगा जैसे आपके पेट की मसल्स मुड़ रही हैं। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार चतुरंग दंडासन योगा (Yoga) का यह आसान आपके लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है लेकिन कलाइयों, बाजुओं और एब्स आदि के लिए बहुत फायदेमंद है। इससे शरीर मजबूत बनता है और मोटापा (Obesity) कम होता है। इससे पेट की चर्बी कम होती है। शुरुआत में इसे कुछ सेकंड्स तक करें। उसके बाद टाइमिंग को बढ़ाएं। चतुरंग दंडासन यानी प्लान्क पोस्चर करने के लिए आपको अपने हाथों को सीधे कंधे के नीचे रखना होगा, जैसे कि पुश-अप की पोजीशन में किया जाता है। इस दौरान आपको अपने पैल्विक एरिया को फर्श के पैरेलल रखना होगा।  भुजंगासन मोटापा कम करने के लिए फायदेमंद योगासन (Beneficial yogasana to reduce obesity) में इस आसन को भी किया जा सकता है। इस आसान को करने से कंधे मजबूत होते हैं, फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है और पेट के मसल्स के स्ट्रेच होने से पेट की चर्बी कम होने में मदद मिलती है। वजन कम करने में भी यह मददगार है। इस योगासन को करना भी बेहद आसान है। इस आसान को रोजाना करने से अच्छे परिणाम मिलते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Yoga #YogaForWeightLoss #BurnFatWithYoga #HealthyLifestyle #ObesityControl #PowerYoga #FitnessJourney #YogaDaily

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COVID new variant

रेजर ब्लेड थ्रोट: कोविड के नए वेरिएंट ने दी दस्तक, जानिए इसके लक्षण से बचाव के तरीके

कोविड-19 (Covid-19) के मामले एक बार फिर से बढ़ने लगे हैं, जो चिंता का कारण हैं। अब तक भारत के कई राज्यों में इसके सैंकड़ों मामले आ चुके हैं। अभी पूरे देश में 7000 से भी अधिक केसेस एक्टिव हैं। साल 2019 से लेकर अब तक कोविड-19 (Covid-19) के कई वेरिएंट्स आ चुके हैं। ऐसा माना जा रहा है कि अभी ओमिक्रॉन के नए सब-वेरिएंट्स जैसे एनबी.1.8.1 (NB.1.8.1) परेशानी की वजह बना हुआ है। ऐसा भी माना जा रहा है कि यह वेरिएंट अधिक हानिकारक नहीं हैं लेकिन फिर भी हम सब के लिए सावधानी बरतना जरूरी हैं। अभी रोगियों में इसके कारण एक गंभीर लक्षण देखने को मिल रहा है जिसे एक नया नाम दिया गया है “रेजर ब्लेड थ्रोट (Razor blade throat)”। जानिए उस कोरोना वायरस वेरिएंट के बारे में, जो रेजर ब्लेड थ्रोट (Razor blade throat) जैसे लक्षण का कारण बन रहा है। इससे जुड़ी अन्य जानकारी भी पाएं। रेजर ब्लेड थ्रोट (Razor blade throat): कोविड-19 का लक्षण कोविड-19 (Covid-19) के आये नए वेरिएंट ने एक बार फिर से विशेषज्ञों की नींद उड़ा दी है। इसके लक्षणों में एक लक्षण को रेजर ब्लेड थ्रोट(Razor blade throat) का नाम दिया गया है। इस लक्षण के कारण रोगी के गले में खराश होती है और ऐसा महसूस होता है जैसे गले में कोई रेजर या ब्लेड चल रहा हो। इसमें रोगी को गले में बहुत अधिक दर्द होता है। इस लक्षण और कोविड-19 वेरिएंट्स से जोड़ा जा रहा है। इस समस्या के कारण रोगी इन समस्याओं का अनुभव कर सकता है: इसके अलावा भी रोगी में रेजर ब्लेड थ्रोट(Razor blade throat) के कोई और लक्षण नजर आ सकता है। आइए जानें इस वेरिएंट के बारे में, जो गले में परेशानी की वजह बन सकता है। वेरिएंट जो है रेजर ब्लेड थ्रोट(Razor blade throat) का कारण एनबी.1.8.1 (NB.1.8.1) यानि निंबस वो है, जो इस दर्दभरी समस्या का कारण बन सकता है। इसे बिलकुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस लक्षण के अलावा इस समस्या में रोगी कुछ अन्य लक्षणों को भी नोटिस कर सकते हैं: एक्सपर्ट्स के मुताबिक इस समस्या से बचाव के लिए सावधानी बरतना हर किसी के लिए जरूरी है लेकिन बुजुर्गों, बच्चों, कमजोर इम्युनिटी वाले और गंभीर समस्याओं से पीड़ित लोगों को खासतौर पर सावधान रहना चाहिए। एनबी.1.8.1 (NB.1.8.1) और रेजर ब्लेड थ्रोट(Razor blade throat) की समस्या से बचाव के लिए सावधानियों के बारे में जानें। इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार एनबी.1.8.1 और रेजर ब्लेड थ्रोट से किस तरह से बचा जा सकता है? इस वेरिएंट और रेजर ब्लेड थ्रोट (Razor blade throat) को अवॉयड करने के लिए कुछ तरीके हैं जिनका ख्याल रखना चाहिए। यह तरीके इस तरह से हैं: कोई भी लक्षण नजर आने पर डॉक्टर या एक्सपर्ट की सलाह लें। कोविड-19 (Covid-19) ने नजर आने वाले लक्षण अन्य समस्याओं का संकेत भी हो सकते हैं। इसलिए सही निदान जरूरी है। अगर आप कोई भी लक्षण का अनुभव करते हैं, तो डॉक्टर की सलाह का पालन करें। हाइड्रेट रहें और हेल्दी जीवनशैली अपनाएं ताकि रोगी जल्दी रिकवर हो सके। सही समय पर निदान और उपचार से भी रोगी जल्दी रिकवर हो सकता है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Razor blade throat #COVID2025 #RazorBladeThroat #NewCOVIDVariant #ThroatPain #HealthAlert #COVIDSymptoms #VirusPrevention

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PM Modi Canada Visit,

क्या लैपटॉप गोद में रखकर काम करना महिलाओं की फर्टिलिटी के लिए हो सकता है खतरनाक?

बदलते समय के साथ कई चीजों में बदलाव आ चुका है। अब लोग 9 से 5 बजे तक काम नहीं करते हैं बल्कि अब फ्लेक्सिबल आर्स में आराम से घर बैठ कर काम किया जाता है। आज लाखों लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं। जहां घर से काम करने के कई फायदे हैं वहीं इसके कई नुकसान भी हो सकते हैं। लगातार लैपटॉप या कंप्यूटर के सामने बैठ कर काम करना आसान नहीं होता और सेहत के लिए भी हानिकारक है। कई बार ऐसा भी होता है कि हम लैपटॉप को गोद में रखकर काम करते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि लैपटॉप और फर्टिलिटी (Fertility) के बीच में संबंध है? ऐसा पाया गया है कि गोद में लैपटॉप रखकर काम करने से महिलाओं की फर्टिलिटी (Women’s fertility) पर असर हो सकता है। आइए जानें लैपटॉप और महिलाओं की फर्टिलिटी (Laptops and women’s fertility) के बारे में विस्तार से। लैपटॉप और महिलाओं की फर्टिलिटी (Laptops and women’s fertility) के बारे में जानें पुरुष जो लैपटॉप को अपनी गोद में रख कर काम करते हैं, उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। क्योंकि ऐसा पाया गया है कि इससे पुरुषों की फर्टिलिटी (Fertility) पर बुरा प्रभाव पड़ता है। इससे उनके स्पर्म की क्वालिटी पर असर होता है। लेकिन, स्टडी के अनुसार इससे लैपटॉप और महिलाओं की फर्टिलिटी (Laptops and women’s fertility) के बीच में भी संबंध है। इससे उनकी एग की गुणवत्ता भी खराब हो सकती हैं। यानी लैपटॉप से महिलाओं की फर्टिलिटी (Women’s fertility) प्रभावित होती है और यह इनफर्टिलिटी का कारण बन सकता है। यही नहीं, लम्बे समय तक लॅपटॉप को गोद में रख कर काम करने से एग रिलीज में भी समस्या हो सकती है। जिससे महिलाओं को कंसीव करने में मुश्किल हो सकता है। दरअसल लैपटॉप से हीट और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड रेडिएशन जनरेट होती हैं, जिससे हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे पीरियड्स में भी समस्या आ सकती है।  इसका अर्थ यह यह है कि लैपटॉप का अधिक समय तक गोद में रख कर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। आप उचित दूरी पर इसे रख कर इसका प्रयोग करें और इसका प्रयोग सही तरीके से करें। महिलाओं की फर्टिलिटी (Women’s fertility) पर इसके प्रभाव के अलावा भी लैपटॉप के इस्तेमाल के कई अन्य नुकसान भी हो सकते हैं। जानिए इनके बारे में। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक लैपटॉप के इस्तेमाल के कई अन्य नुकसान यह नहीं हो सकता कि हम लैपटॉप का कम या बिलकुल भी इस्तेमाल न करें। अगर आप कंसीव करना चाहती हैं तो आपको यह सलाह दी जाती है कि गोद में लैपटॉप को रख कर इसके इस्तेमाल से बचें। इसके अन्य नुकसान इस प्रकार हैं: लैपटॉप और महिलाओं की फर्टिलिटी (Laptops and women’s Fertility) के संबंध के बारे में तो आप जान ही गए होंगे। इसलिए गोद की जगह टेबल या किसी स्टैंड का इस्तेमाल करें। आपकी आंखों और शरीर से यह उचित दूरी पर होना चाहिए। इसके अलावा कूलिंग पैड का इस्तेमाल भी किया जा सकता है। ताकि लैपटॉप से निकलने वाली हीट और रेडिएशन्स से बचने में मदद मिल सके। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Fertility #FemaleFertility #LaptopUse #ReproductiveHealth #RadiationRisks #WomenHealthTips

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Discover 5 powerful vegan protein

प्रोटीन की कमी पूरी करेंगे ये 5 वीगन सोर्सेज, आज ही करें अपनी डायट में शामिल

प्रोटीन हमारी बॉडी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यह शरीर के कई जरूरी कार्यों में मददगार है जैसे मसल्स, हड्डियों, स्किन आदि को बनाने के लिए। यह टिश्यू रिपेयर, मजबूत इम्यून सिस्टम आदि के लिए भी फायदेमंद है। यानी, हेल्दी रहने के लिए प्रोटीन को अपने आहार में पर्याप्त मात्रा में शामिल करना बहुत जरूरी है। आजकल अधिकतर लोग वीगन (Vegan) हैं। वीगन वो लोग होते हैं जो अपनी डायट में किसी भी तरह के पशु उत्पाद को शामिल नहीं करते। यहां तक की वो गाय के दूध की बनी चीजों का भी सेवन नहीं करते हैं। अगर आप भी वीगन (Vegan) हैं, तो आपके लिए वीगन प्रोटीन सोर्सेज (Vegan Protein Sources) के बारे में जानकारी होनी चाहिए ताकि आपके आहार में प्रोटीन की कम न हो। आइए जानें वीगन प्रोटीन सोर्सेज (Vegan Protein Sources) के बारे में। वीगन प्रोटीन सोर्सेज (Vegan Protein Sources): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline)  के अनुसार शाकाहारी लोगों के लिए सबसे चिंता का विषय होता है आहार में पर्याप्त प्रोटीन का न होना। ऐसे में उन्हें बेहतरीन वीगन प्रोटीन सोर्सेज (Vegan Protein Sources) के बारे में पता होना चाहिए, जो इस प्रकार हैं: टोफू टोफू सोया मिल्क से बनाया जाता है और यह प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है। टोफू (Tofu) को टिश्यू को बनाने और रिपेयर करने के लिए फायदेमंद पाया गया है। टोफू (Tofu) में सेचुरेटेड फैट कम होता है और हेल्दी मोनो अनसेचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड फैट्स होते हैं। यही नहीं, इनमें आयरन और कैल्शियम भी होता है। टोफू (Tofu) का इस्तेमाल नमकीन और मीठी किसी भी तरह के डिशेस में किया जा सकता है। वीगन प्रोटीन सोर्सेज (Vegan Protein Sources) में यह एक अच्छा विकल्प है। चिया सीड्स चीया सीड्स में प्रोटीन अच्छी मात्रा में होता है। यह एक बेहतरीन प्लांट बेस्ड सोर्स है जिसमें अल्फा-लिनोलेनिक एसिड होता है। अल्फा लिनोलेनिक एसिड एक तरह का ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है। दिल और दिमाग के लिए इसे फायदेमंद माना गया है। यही नहीं, चिया सीड फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और अन्य मिनरल्स का भी अच्छा स्त्रोत है। इनका सेवन करने से हाइड्रेशन में और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस में मदद मिलती है। बादाम  बादाम को वीगन प्रोटीन सोर्सेज (Vegan Protein Sources) में शामिल किया जाए सकता है क्योंकि इसमें भी प्रोटीन होता है। साथ ही इसमें मोनो अनसेचुरेटेड और पॉलीअनसेचुरेटेड फैट्स होते हैं, जो दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। बादाम विटामिन और मिनरल्स का भी अच्छा स्त्रोत है। अच्छी मात्रा में फाइबर होने के कारण केवल पेट के लिए यह फायदेमंद है। क्विनोआ क्विनोआ अपने हेल्थ बेनिफिट्स के कारण आजकल बहुत प्रसिद्ध है। यह एक कम्पलीट प्रोटीन मील है। वीगन प्रोटीन सोर्सेज (Vegan Protein Sources) में क्विनोआ में नौ जरूरी एमिनो एसिड्स होते हैं, इन्हें हमारा शरीर खुद नहीं बना सकता। वीगन (Vegan) और शाकाहारी लोगों के लिए यह प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है। इसके साथ ही इनमें फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक आदि भी होता है। यही नहीं यह ग्लूटेन फ्री भी है, यानी ग्लूटेन सेंसिटिव लोगों के लिए यह एक अच्छा विकल्प है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक चना सफेद चने न केवल खाने में स्वादिष्ट होते हैं बल्कि न्यूट्रिएंट्स से भी भरपूर होते हैं। यह कार्बोहाइड्रेट्स, प्रोटीन और फाइबर का अच्छा बैलेंस प्रदान करते हैं। वीगन प्रोटीन सोर्सेज (Vegan Protein Sources) में यह भी बेहतरीन है। इनमें कई अन्य जरूरी मिनरल भी होते हैं जैसे आयरन, मैग्नीशियम, फोलेट आदि। दिल के लिए भी सफेद चने को फायदेमंद माना गया है। इनका इस्तेमाल न केवल सलाद, सूप, सब्जी आदि में किया जा सकता है बल्कि इसे भून का ऐसे भी खाया जा सकता है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Vegan Protein Sources #VeganProtein #PlantBasedDiet #ProteinDeficiency #HealthyEating #VeganNutrition

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cancer-fighting foods

कैंसर के खतरे को कम कर सकते हैं यह 6 फूड्स, इन्हें करें अपनी डायट में शामिल

कैंसर (Cancer) एक गंभीर बीमारी है जो सेल्स की असामान्य ग्रोथ और फैलने की वजह से होती है। कैंसर के कई प्रकार हैं और यह पूरे शरीर में फैल सकता है। इसका मुख्य कारण जेनेटिक म्यूटेशन को माना जाता है। हालांकि, इसके अन्य कई कारण भी हैं जैसे जीवनशैली में खराबी या एनवायरनमेंट फैक्टर्स आदि। कैंसर (Cancer) के रिस्क से बचाव पूरी तरह से संभव नहीं है। लेकिन, अपनी जीवनशैली में सही बदलाव से कुछ हद तक राहत पाई जा सकती है। कुछ फूड्स को भी इसमें फायदेमंद पाया गया है। आइए जानें कैंसर के रिस्क को कम करने वाले फूड्स (Foods that reduce the risk of cancer) के बारे में। कैंसर के रिस्क को कम करने वाले फूड्स (Foods that reduce the risk of cancer): पाएं जानकारी हेल्थलाइन (Healthline) के अनुसार कुछ फूड्स खाने से कैंसर (Cancer) के विकसित होने का रिस्क कम हो सकता है और कैंसर ग्रोथ भी कम हो सकती है। इनमें सब्जियां, मसाले, फल आदि शामिल हैं। कैंसर के रिस्क को कम करने वाले फूड्स (Foods that reduce the risk of cancer) इस प्रकार हैं: डार्क चॉकलेट डार्क चॉकलेट में कोकोआ होता है जो फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स और मिनरल्स युक्त होता है। इससे कुछ कैंसरस का रिस्क कम होता है। यही नहीं इसमें पॉलीफेनोल और फ्लेवेनोल भी होते हैं, जो हेल्दी गट बैक्टीरिया के लिए अच्छे हैं। लेकिन, ध्यान रखें इसका सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए। लहसुन लहसुन को अपनी खुशबु और स्वाद के लिए जाना जाता है। इसका इस्तेमाल कुकिंग और मेडिसिन में किया जाता है। गार्लिक में एलिसिन होता है, जो एक प्रोटेक्टिव सल्फर कंपाउंड है। यह कैंसर (Cancer) को बढ़ने से रोकता है। ऐसा माना गया है कि नियमित रूप से इसका सेवन करने से कोलोरेक्टल कैंसर का रिस्क (Cancer risk) कम होता है। हालांकि, इसके बारे में और अधिक स्टडी की जा रही है। बेरीज बेरीज यानी ब्लैकबेरी, ब्लूबेरी आदि कैंसर के रिस्क को कम करने वाले फूड्स (Foods that reduce the risk of cancer) में शामिल हैं। इनमें विटामिन, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि होते हैं जैसे एंथोसायनिन, एलाजिक एसिड और रेस्वेराट्रोल आदि। इन्हें खाने से डायजेस्टिव ट्रैक्ट के कैंसर (Cancer) के रोकथाम में मदद मिलती है। शोध यह बताते हैं कि रोजाना इनका सेवन करने से कैंसर का रिस्क (Cancer risk) कम होने में भी हेल्प मिल सकती है। फिश मच्छी न्यूट्रिएंट्स और प्रोटीन से भरपूर होती है खासतौर पर सालमोन, टूना आदि। यह मच्छलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड्स का अच्छा स्त्रोत है। ऐसा माना गया है कि यह फिश इन्फ्लेमेशन को रोकती हैं और ब्रेस्ट और कोलोरेक्टल कैंसर (Cancer) से बचाव में फायदेमंद हैं।  मेवे कुछ स्टडीज यह बताती हैं कि कुछ मेवे कैंसर (Cancer) के रिस्क को कम करते हैं। ऐसा माना गया है कि ब्राजील नट व अखरोट को कैंसर के रिस्क को कम करने में फायदेमंद हैं। अख़रोट में खासतौर पर कैंसर से लड़ने के गुण होते हैं। इसलिए, इनका सेवन कैंसर का रिस्क (Cancer risk) कम किया जा सकता है। नट्स को आप ऐसे भी खा सकते हैं या सलाद आदि में मिला कर भी इनका सेवन कर सकते हैं। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक साबुत अनाज साबुत अनाज का सेवन करना भी कैंसर (Cancer) जैसे कोलोरेक्टल कैंसर से बचाने में मदद कर सकता है। इनमे फाइबर के साथ ही अन्य मिनरल, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स भी होते हैं। इसलिए साबुत अनाज खाने से भी सम्पूर्ण रूप से हेल्दी रहने में सहायता मिल सकती है। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi news Cancer #CancerPrevention #HealthyEating #Superfoods #AntiCancerDiet #WellnessTips #EatClean #NutritionMatters

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UPSC Recruitment 2025

यूपीएससी रिक्रूटमेंट: 400 से ज्यादा पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी, पढ़ें डिटेल्स

द यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (The union public service commission) यानी यूपीएससी (UPSC) भारत में वो संवैधानिक निकाय है, जो सरकार में अलग-अलग सिविल सर्विस पोजिशंस के लिए कैंडिडेट्स को चुनती है। यह एक प्रतिष्ठित संवैधानिक संस्था है। यह संस्था कई एग्जामिनेशन और इंटरव्यू कराती है, ताकि उपयुक्त कैंडिडेट को चुना जा सके। सरकारी नौकरी के लिए तैयारी करने वाले कैंडिडेट्स के लिए एक अच्छी खबर है क्योंकि यूपीएससी (UPSC) ने 400 से अधिक पोस्ट्स निकाली हैं। अगर आप इनके लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो आपके लिए यह अच्छा मौका है क्योंकि आप आसानी से ऑनलाइन इसके लिए आवेदन भर सकते हैं। आइए जानें यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) के बारे में विस्तार से। यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) द यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (The union public service commission) ने  कंपनी प्रॉसिक्यूटर, स्पेशलिस्ट ग्रेड-III असिस्टेंट प्रोफेसर, असिस्टेंट डायरेक्टर, डिप्टी सुपरिटेंडेंट हॉर्टिकल्चरिस्ट,डिप्टी सेंट्रल इंटेलिजेंस ऑफिसर (टेक्निकल), मेडिकल फिजिसिस्ट, डिप्टी आर्किटेक्ट आदि के लिए लगभग 462 पोस्ट्स निकाली हैं। इसके बारे में अधिक जानकारी इस प्रकार है: आयु सीमा यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) के लिए आयु सीमा हर पद के लिए अलग अलग है। इसके लिए मिनिमम एज लिमिट 30 साल और मैक्सिमम एज लिमिट 50 साल निर्धारित की गयी है। हालांकि, अनुसूचित जाति, जनजाति और आरक्षित वर्गों के लिए इसमें कुछ छूट दी गई है जिसके बारे में अधिक जानकारी आपको इसकी ऑफिशियल वेबसाइट पर मिल जाएगी।  शैक्षणिक योग्यता आयु सीमा की तरह ही यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) के लिए शैक्षिणक योग्यता अलग-अलग है। पोस्ट्स के अनुसार कैंडिडे के पास ग्रेजुएशन, पोस्ट-ग्रेजुएशन, एमबीबीएस आदि डिग्री होनी अनिवार्य है। कौन सी पोस्ट के लिए क्या क्वालिफिकेशन जरूरी है, यह डिटेल भी आपको वेबसाइट पर मिल जाएगी। फीस  यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स (Posts by UPSC) के लिए अप्लाई करना है तो फीस के बारे में भी पता होना चाहिए। यह फीस भी हर वर्ग के लिए अलग-अगल है। आप ऑनलाइन आसानी से इसे पे कर सकते हैं। अगर आप जनरल या ओबीसी वर्ग से हैं तो यह आवेदन शुल्क आपके लिए केवल 25 रुपए है। जबकि महिलाओं, अनुसूचित जाति या जनजाति के लोगों के लिए इसमें छूट दी गयी है।  अगर आप इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं तो यह भी जान लें कि इसके लिए लास्ट डेट 3 जुलाई है। यानी, आप इससे पहले अप्लाई करें। द यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (The union public service commission) इन पोस्ट्स के लिए रिटेन एग्जाम के साथ ही इंटरव्यू भी लेंगे। रिटेन क्लियर करने वाले कैंडिडेट्स को ही इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इसलिए, कैंडिडेट्स को दोनों के लिए पूरी तरह से प्रिपेयर रहने की आवश्यकता है। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक यूपीएससी द्वारा निकाली पोस्ट्स के लिए कैसे करें अप्लाई अगर आप इन पोस्ट्स के लिए आवेदन भरना चाहते हैं तो आप देर न करें क्योंकि 3 जुलाई के बाद यह आवेदन नहीं लिए जाएंगे। अधिक जानकारी के लिए आप यूपीएससी (UPSC) की वेबसाइट के साथ ही ऑफिशियल नोटिफिकेशन आदि की भी जांच कर सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। अधिक जानकारी के लिए आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या गूगल सर्च करें। Latest News in Hindi Today Hindi news The union public service commission #UPSCRecruitment2025 #GovernmentJobs #UPSCVacancy #UPSCNotification #ApplyNow

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