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Woman cheats on husband with two married men: पति को धोखा देकर किया दो शादीशुदा मर्दों से प्रेम, एक को दूसरे से मरवाया, बच्चे की गवाही ने बिगाड़ा खेल

हवस चाहे मर्द की हो या औरत की, कहीं का नहीं छोड़ती। अधिकतर मर्डर अनैतिक प्रेम संबंधों की वजह से ही होते हैं। खैर, इंदौर के राजा और सोनम रघुवंशी की कहानी सामने आने के बाद से देश भर में कोने-कोने से एक-एक कर सोनम निकल कर आ रही हैं। ताजा मामला राजस्थान के अलवर का है। जहाँ, एक महिला पति को छोड़कर बॉयफ्रेंड के साथ रहने लगती है। फिर उसे धोखा देकर किसी और से प्यार करने (Woman cheats on husband with two married men) लगी। और फिर एक से दूसरे बॉयफ्रेंड का कत्ल करवा देती है। वो तो एक बच्चे ने मर्डर होते देख लिया और उसकी गवाही से मामले का पर्दाफाश हो गया वर्ना किसी तीसरे का मर्डर होना फिक्स था। इस हत्या की गुत्थी ऐसी उलझी हुई थी कि उसे सुलझाने के लिए पुलिस को तकरीबन 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने पड़े। जिसके बाद महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। इसे अजब प्रेम की गजब कहानी कहेंगे तो कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी।  ससुराल वालों को सबक सिखाने के लिए उसने उन पर प्रताड़ित करने का मामला दर्ज (Woman cheats on husband with two married men) कराया ये घटना है 7 जून की रात की। घटना है राजस्थान के अलवर के खेरली इलाके की। घटना पर आऊं इससे पहले पूरी कहानी को समझते हैं। कहानी की शुरुआत होती है अनीता राज से, जिसकी शादी साल 2010 में भुसावर थाना क्षेत्र के एक गांव में पढ़े लिखे शख्स इंद्रमोहन जाटव से होती है। इंद्रमोहन फल बेचने का काम करता था। शादी हिंदू रीति-रिवाज और परिवार की सहमति से हुई थी। सबकुछ ठीक रहा था। इस बीच एक लड़का भी हुआ। कुछ साल बाद पति, सास ससुर ने खेरली रेल में मकान बनवाया, जहां अनिता राज अपने ससुराल वालों के साथ रहने लगी। इस तरह समय बीतता गया। और फिर कुछ समय बाद अनीता का ससुराल वालों से झगड़ा होने लगा। ससुराल वालों को सबक सिखाने के लिए उसने उन पर प्रताड़ित करने का मामला दर्ज (Woman cheats on husband with two married men) कराया। इस काम में पति इंद्रमोहन अपनी पत्नी अनीता राज का बखूबी साथ देता रहा। परिवार से न बनती देख इंद्रमोहन ने बाईपास पर एक मकान किराए पर ले लिया और पत्नी, बच्चे के साथ रहने लगा। अब पत्नी, बच्चे सब खुश थे।  अनीता पति इंद्रमोहन को छोड़कर वीरू जाटव के साथ लिव-इन रिलेशन में रहने (Woman cheats on husband with two married men) लगी इसी बीच अनीता राज का वीरू जाटव से इश्क हो गया। वीरू जाटव से इश्क होने के बाद अनीता का पति इंद्रमोहन से झगड़ा होने लगा। इसी बीच एक दिन अनीता ने पति इंद्रमोहन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी और अब अनीता इंद्रमोहन को छोड़कर वीरू जाटव के साथ लिव-इन रिलेशन में रहने (Woman cheats on husband with two married men) लगी। दोनों से एक पुत्र हुआ, जिसका नाम विशाल रखा। इसके बाद उसे एक और शख़्स से इश्क हुआ और उससे भी उसे एक लड़का हुआ। इस तरह उसे दो लोगों से दो लड़के हुए। चूँकि वीरू जाटव पहले से ही शादीशुदा था और उसकी पहली पत्नी से दो लड़के एक लड़की थी। बड़ी लड़की सविता ने इसी साल बारहवीं कक्षा पास की। एक महीने पहले वीरू ने बड़े बेटे की भी शादी की। वीरू जाटव दोनों पत्नियों और बच्चों की पूरी देखभाल करता था और दोनों का ख़र्चा उठाया करता था। लेकिन वह अपनी नयी पत्नी अनीता राज और उसके बच्चे के साथ ही रहता था। खैर, पहली पत्नी सपना ने अपने बच्चों के भविष्य तथा अपने जीवन जीने के लिए पति की दूसरी शादी को स्वीकार कर लिया था। ये तो रही बात पहले प्रेमी वीरू जाटव की। वीरू जाटव नहीं चाहता था कि अनीता काशी से मिले या फिर उससे शादी (Woman cheats on husband with two married men) करे  इस कहानी का तीसरा और महत्वपूर्ण शख्स भी है, जिसका नाम है काशी प्रजापत। काशी प्रजापत का घर वीरू जाटव की कालोनी में ही है। वो कचौरी का ठेला लगाता है। बड़ी बात यह कि काशी प्रजापत भी शादीशुदा है और उसका एक लड़का है। कमाल की बात यह कि इंद्रमोहन, वीरू जाटव के बाद अनीता राज ने चोरी छिपे काशी से भी प्रेम संबंध बना लिया। संबंध तो बना लिया लेकिन वीरू जाटव नहीं चाहता था कि अनीता उससे मिले या फिर उससे शादी (Woman cheats on husband with two married men) करे। कुल-मिलाकर उसके इस नए प्रेम संबंध में दूसरा पति वीरू जाटव अड़ंगा लड़ा रहा। अब अनीता और काशी दोनों ने मिलकर वीरू को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। अनीता और काशी ने वीरू को मारने के लिए आठ जून को चार लोगों को दो लाख रुपये की सुपारी देकर उसकी हत्या करवा दी। उसकी हत्या तो करवा दी लेकिन इस हत्याकांड को अनीता और वीरू के बेटे ने देख लिया। लेकिन वह डर के मारे वो शांत रहा। और हत्या के वक्त सोने का नाटक करता रहा।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक आधी रात को चार लोग घर में आए और उसके पिता वीरू की सोते वक्त दम घोंटकर मार (Woman cheats on husband with two married men) दिया खैर, हत्या के बाद अनीता ने शुरूआत में परिवार को बताया कि वीरू बीमार था और बीमारी की वजह से उसकी मौत हो गई। लेकिन वीरू के टूटे दांत और दम घुटने के निशान देखकर लोगों का शक गहराता गया। इस बीच वीरू के भाई ने शिकायत दर्ज करवा दी। शिकायत दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन करने लगी। पुलिस की पूछताछ में बच्चे ने गवाही दी कि उसकी मां ने रात में घर का मेन गेट जानबुझकर खुला छोड़ दिया था। करीब आधी रात को चार लोग घर में आए और उसके पिता वीरू की सोते वक्त दम घोंटकर मार (Woman cheats on husband with two married men) दिया। बच्चे ने यह बताया की वह उन चार लोगों में एक आदमी को जानता है। उस आदमी का नाम काशीराम प्रजापत है। बाद में पुलिस जांच में पता चला है कि काशीराम अनीता का प्रेमी है। पुलिस… Read More

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Trump cryptic statement

Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir: आखिर ट्रंप ने क्यों कहा, कोई नहीं जानता कि मैं क्या करूंगा, मचा हड़कंप

बीते सप्ताह भर से इजरायल और ईरान के बीच आत्मघाती हमले जारी हैं। एक तरफ जहां इजरायल तेहरान के अलग-अलग हिस्सों में एयर स्ट्राइक कर रहा है और उसके न्यूक्लियर ठिकानों को नुकसान पहुंचा रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ ईरान इजरायल पर लॉन्ग रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दाग रहा है। यही नहीं, ईरान-इजरायल युद्ध में अब अमेरिका भी कूद पड़ा है। बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ईरान पर हमले को मंजूरी दे दी है। फिलहाल उन्होंने अंतिम आदेश के लिए रुकने को कहा है। उनके मुताबिक फाइनल आदेश के बाद हमला किया (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) जाएगा। दरअसल, वो यह देख रहे हैं कि ईरान अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम की हठ छोड़ता है या नहीं। खैर, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान-इजरायल युद्ध के बीच एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान बातचीत के लिए व्हाइट हाउस आने को तैयार था, लेकिन उन्होंने प्रस्ताव ठुकरा दिया।  आज की स्थिति और एक हफ्ते पहले की स्थिति में काफी आ (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) चुका है फर्क  डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि अब बातचीत का समय बीत चुका है। ट्रंप ने कहा कि आज की स्थिति और एक हफ्ते पहले की स्थिति में काफी फर्क आ (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) चुका है। अब किसी को नहीं पता कि मेरा अगला कदम क्या होगा, क्योंकि मेरा धैर्य अब खत्म हो गया है। उन्होंने आगे कहा, “ईरान की ओर से व्हाइट हाउस आने का सुझाव भी दिया गया था। यह एक साहसिक कदम था, लेकिन उनके लिए ऐसा करना आसान नहीं होता।” दरअसल, ट्रंप से उस बयान पर पूछा गया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई ने आत्मसमर्पण से इनकार कर दिया था। इस पर जवाब देते हुए ट्रंप ने कहा, मैं उन्हें सिर्फ शुभकामनाएं दूंगा। अब हमारा सब्र जवाब दे चुका है। उनका देश बर्बादी के कगार पर है। कई लोगों की जान जा चुकी है। जो कि बेहद दुखद है। इस दौरान  जब ट्रंप से यह जानने की कोशिश की गई कि क्या अमेरिका ईरान पर हमला करेगा? तो उन्होंने शांत शब्दों में कहा कि अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी कि हमला होगा या नहीं।  ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) दिया करारा जवाब गौरतलब हो कि राष्ट्रपति ट्रंप (Donald Trump) के बयान से पहले ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को करारा जवाब (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) दिया है। खामेनेई ने साफ और स्पष्ट शब्दों में कहा कि ईरान कभी भी घुटने नहीं टेकेगा और अपने सिद्धांतों पर अडिग रहेगा। साथ ही उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईरान अपने शहीदों के खून की अनदेखी नहीं करेगा और उसे हमेशा याद रखेगा। विदित हो कि मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खामेनेई को सख्त संदेश देते हुए कहा था कि ईरान को बिना किसी शर्त के आत्मसमर्पण कर देना चाहिए। इसके जवाब में खामेनेई ने अमेरिका को तीखा संदेश भेजा।  इसे भी पढ़ें:- ट्रंप ने पाकिस्तान को बताया क्षेत्रीय शांति में अहम प्लेयर, मुनीर संग ईरान-इजरायल संघर्ष पर की चर्चा! यदि अमेरिका ने हमला किया (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) तो उसे ऐसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान कभी भी आत्मसमर्पण नहीं करेगा, और यदि अमेरिका ने हमला किया (Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir) तो उसे ऐसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे जिनकी भरपाई संभव नहीं होगी। इस दौरान खामेनेई ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान विदेशी शक्तियों की किसी भी धमकी या दबाव के सामने झुकेगा नहीं। खामेनेई ने बेबाकी अंदाज में दो टूक कहा, हम न तो किसी जबरन थोपे गए युद्ध को स्वीकार करेंगे और न ही किसी थोपी गई शांति को हम हर परिस्थिति में डटकर मुकाबला करेंगे। Latest News in Hindi Today Hindi news Trump’s Cryptic Statement Sparks Global Stir #Trump #DonaldTrump #USPolitics #CrypticStatement #GlobalNews #2025Elections #TrumpNews

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Rahul Gandhi birthday 2025

Rahul Gandhi’s Entry Into Politics: जन्मदिन विशेष: इस तरह हुई थी राहुल गाँधी की सियासत में इंट्री

आज यानी 19 जून को,कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अपना 55वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ साथ अन्य दलों के लोग भी उन्हें जन्मदिन की बधाइयाँ दे रहे (Rahul Gandhi’s Entry Into Politics) हैं। खैर, रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को यूपी में इंडिया गठबंधन के सहयोगी और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने खास अंदाज में जन्मदिन की बधाई दी है। अखिलेश ने उन्हें समावेशी राजनीतिक सक्रियता के लिए शुभकामनाएं दी हैं। दरअसल, अखिलेश ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी को जन्मदिन की बधाई दी और कहा श्री राहुल गांधी जी को जन्मदिन की हार्दिक बधाई व सौहार्दपूर्ण, समावेशी, समायोजनकारी समग्र सामाजिक-राजनीतिक सक्रियता के लिए शुभकामनाएँ!  नई दिल्ली के होली फैमिली अस्पताल में हुआ (Rahul Gandhi’s Entry Into Politics) था राहुल गांधी का जन्म  राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का जन्म 19 जून 1970 को नई दिल्ली के होली फैमिली अस्पताल में हुआ (Rahul Gandhi’s Entry Into Politics) था। भारत के कद्दावर राजनीतिक परिवार में जन्में राहुल गाँधी के परिवार की बात करें तो उनके परदादा यानी पंडित जवाहरलाल नेहरू भारत के पहले और सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहे हैं, तो वहीं उनकी दादी इंदिरा गांधी, भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री थीं। इतना ही नहीं उनके पिता राजीव गांधी भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री रह चुके हैं। बात करें राहुल गांधी की शिक्षा की तो उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद देहरादून के प्रतिष्ठित द दून स्कूल से शिक्षा ली। यही नहीं, राहुल गांधी ने प्रतिष्ठित हार्वर्ड विश्वविद्यालय के फ्लोरिडा के रोलिंस कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद कांग्रेस नेता ने कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के ट्रिनिटी कॉलेज से एम.फिल की डिग्री हासिल की। सुरक्षा कारणों से राहुल गांधी को अपना नाम बदलकर उच्च शिक्षा करनी (Rahul Gandhi’s Entry Into Politics) पड़ी पूरी  राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का जन्म भले ही सबसे कद्दावर राजनीतिक परिवार में हुआ हो लेकिन उन्होंने छोटी उम्र में ही अपनी दादी की मौत (Rahul Gandhi’s Entry Into Politics) देखी। बात साल 1983 की है। जब पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर राहुल को घर पर ही रहकर पढ़ाई करनी पड़ी। इसके बाद प्रधानमंत्री बने राहुल के पिता राजीव गांधी की भी हत्या कर दी गई। इसलिए सुरक्षा कारणों से राहुल गांधी को अपना नाम बदलकर उच्च शिक्षा पूरी करनी पड़ी। बता दें कि ग्रेजुएशन के बाद राहुल ने तकरीबन तीन साल तक लंदन के मॉनिटर ग्रुप में काम किया। यह कंपनी मैनेजमेंट गुरु माइकल पोर्टर की कंसल्टिंग फर्म थी। गौर करने वाली बात यह कि यही वो समय था, जब राहुल गांधी की जान को भी खतरा माना जा रहा था। वजह यही जो यहाँ उन्हें राउल विंसी के नाम से काम करना पड़ा। इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा साल 2004 में राहुल गांधी ने भारतीय राजनीति में (Rahul Gandhi’s Entry Into Politics) रखा कदम  खैर, इस बीच साल 2004 में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने भारतीय राजनीति में कदम (Rahul Gandhi’s Entry Into Politics) रखा। उन्होंने अपने पिता राजीव गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी से चुनाव लड़ा। और शानदार जीत हासिल की। ​​इस चुनाव में राहुल एक लाख से ज्यादा वोटों से जीते थे। इसके बाद साल 2017 में उन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया। साल 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्हें बीजेपी की स्मृति ईरानी से करारी हार का सामना करना पड़ा। यह हार सिर्फ राहुल गांधी की नहीं थी बल्कि उनके नेतृत्व में पूरे देश में कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा। कांग्रेस के ख़राब प्रदर्शन से दुखी राहुल गांधी ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। Latest News in Hindi Today Hindi news Rahul Gandhi #RahulGandhi #BirthdaySpecial #IndianPolitics #CongressParty #PoliticalJourney

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India Iran evacuation

India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu:ऑपरेशन सिंधु के तहत भारत सरकार ने ईरान में फंसे भारतीयों को निकालना शुरू किया, वापस लौटे लोगों ने बयां किए ईरान के हालात

गुजरते वक़्त के साथ-साथ ईरान और इजरायल के बीच हालात खराब होते जा रहे हैं। रोज दोनों देश एक दूसरे पर मिसाइल अटैक कर रहे हैं। युद्ध जैसे हालात के इस बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन सिंधु के तहत सरकार ने ईरान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालना शुरू कर दिया (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) है। इस कड़ी में भारत सरकार की तरफ से 110 भारतीय छात्रों को ईरान से निकालकर पहले आर्मेनिया पहुंचाया गया फिर वहां से गुरुवार की सुबह ये छात्र दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पहुंचे। दिल्ली पहुंचने के बाद सभी छात्र काफी खुश नजर आये। ईरान से आए अधिकतर छात्रों ने बताया की ईरान की राजधानी तेहरान में हालात बहुत नाजुक हैं। हमारे हॉस्टल के ऊपर से मिसाइलें गुजरती थीं। हम मिसाइल देखकर डर जाते थे। विदेश मंत्रालय ने कहा कि तेहरान में भारतीय दूतावास ने उत्तरी ईरान से 110 भारतीय छात्रों को निकाला है। देश के कई राज्यों के छात्रों को ईरान से दिल्ली लाया गया है। अब वो यहां से अपने-अपने राज्य के लिए जा रहे हैं।  भारत सरकार ने सब कुछ अच्छी तरह से (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) किया प्रबंधित  ईरान से निकाले गए एक छात्र ने बताया कि वहां की स्थिति दिन-ब-दिन खराब होती जा रही है। तेहरान में तो स्थिति बेहद ही खराब है। वहां से सभी भारतीय छात्रों को निकाला जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय अधिकारी अच्छा काम कर रहे हैं। सभी छात्रों को निकाला जा रहा है और सुरक्षित जगह पर पहुंचाया जा रहा है। छात्रों ने बताया कि पहले हमें हमारी यूनिवर्सिटी से निकाला गया और आर्मेनिया ले जाया (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) गया। जिसके बाद हमें कतर ले जाया गया। इस तरह हम कतर से भारत पहुंचे हैं। छात्र के अलावा ईरान से वापस आए छात्रों के माता-पिता का खुशी का ठिकाना नहीं हैं। ईरान से वापस आई एक छात्रा की मां कहती हैं कि मुझे बहुत खुशी है कि मेरी बेटी घर लौट आई है। उन्होंने कहा कि मैं चाहती हूं कि सभी के बच्चे अपने घर वापस लौट आएं। उन्होंने भारत सरकार का आभार जताते हुए कहा कि भारत सरकार ने सब कुछ इतनी अच्छी तरह से प्रबंधित किया है कि हमारे बच्चों को कहीं भी कोई परेशानी नहीं हुई।  भारत सरकार ने बहुत अच्छे प्रयास किए (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) हैं यही नहीं एक अन्य छात्र के पिता ने बताया कि मेरा बेटा भारत से भेजे गए विशेष विमान से अर्मेनिया के रास्ते वापस आ रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि मेरा बेटा घर वापस आ रहा है। कहने की जरूरत नहीं भारत सरकार ने बहुत अच्छे प्रयास किए (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) हैं। उन्होंने भारत सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि तेहरान में फंसे छात्रों की भी मदद करे। उन्होंने कहा कि तेहरान सहित देश के अंदरूनी इलाकों में फंसे लोग अभी तक बाहर नहीं निकल पाए हैं। मैं तेहरान में भारतीय दूतावास को उनके प्रयासों के लिए धन्यवाद देना चाहता हूं। मेरा बेटा जल्द ही यहां पहुँचने वाला है।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा कुछ छात्र जम्मू कश्मीर की सरकार से (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) हुए नाराज  एक तरफ जहाँ ईरान से लौटे छात्र भारत सरकार की तारीफ करते नहीं तक रहे हैं तो वहीं कुछ छात्र जम्मू कश्मीर की सरकार से नाराज (India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu) हैं। छात्रों का कहना है कि भारत सरकार ने हमारी पूरी मदद की, हर सहूलियत दी, लेकिन जम्मू कश्मीर सरकार ने हमसे कहा था कि दिल्ली से कश्मीर तक का वो इंतजाम करेंगे। लेकिन आप देख सकते हैं किस तरह की बस जम्मू सरकार ने हमारे लिए दी है। जम्मू कश्मीर सरकार की तरफ से उपलब्ध करवाए गए बस से कश्मीर के छात्र नाराज हैं। उनका कहना है कि वो इतनी लंबी यात्रा कर के आए हैं और अब फिर 20 घंटे की यात्रा कर पाना वो भी इस बस हमारे लिए बेहद मुश्किल होने वाला है। छात्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर सरकार ने दिल्ली से कश्मीर तक की यात्रा के लिए बेहतर इंतजाम करने का आश्वासन दिया था, लेकिन मौके पर दी गई बसें न केवल पुरानी हैं, बल्कि लंबी यात्रा के लिए असुविधाजनक भी हैं।  कहने की जरूरत नहीं, इस स्थिति ने न सिर्फ छात्रों, बल्कि विदेश मंत्रालय को भी निराश किया है। जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा किया गया यह इंतजाम अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरा है। Latest News in Hindi Today Hindi news India Evacuates Citizens from Iran Under Operation Sindhu #OperationSindhu #IndiaIran #EvacuationMission #IndianCitizensRescued #MEAIndia #IranCrisis2025 #GlobalNews

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Groom killed before wedding

Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding: यूपी के रामपुर में शादी से पहले ही दुल्हन ने अपने आशिक से कराया दूल्हे का कत्ल

मोबाइल के इस युग में पता नहीं क्या हो गया है, जहाँ देखों वहां पति पत्नी को मौत के घाट उतार रहे हैं तो कहीं पत्नी पति को। मारने का चक्कर सिर्फ प्रेमी और प्रेमिका का होना है। अभी इंदौर का राजा रघुवंशी हत्याकांड अभी ठंडा भी नहीं हुआ था कि उत्तर प्रदेश के रामपुर से कुछ इसी तरह के मिलते-जुलते मामले ने लोगों को सकते में डाल दिया। रामपुर में शादी से एक दिन पहले बाइक सवार दो युवक दुल्हन का चचेरा भाई बताकर दूल्हे के घर पहुंचे और उसका अपहरण कर लिया। इसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर शव अजीमनगर क्षेत्र के रतनपुरा शुमाली गांव के जंगल में फेंक (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) दिया। दरअसल, रामपुर स्थित भोट क्षेत्र के धनुपुरा गांव की रहने वाली गुलफशां ने अपने प्रेमी सद्दाम के साथ मिलकर शादी से एक दिन पहले अपने 25 वर्षीय मंगेतर निहाल को मौत के घाट उतार दिया। फ़िलहाल, पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कर आरोपी गुलफशां के प्रेमी व फरमान नामक एक आरोपी को गिरफ्तार किया है।  रिश्ता 6 महीने पहले तय हुआ था और निकाह के लिए 15 जून की तारीख हुई (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) थी तय  जानकारी के मुताबिक रामपुर के मोहल्ला गूजर टोला स्थित फकीरों वाला फाटक निवासी निहाल का शव अजीमनगर थाना क्षेत्र के गांव रतनपुरा के जंगल में मिला था। शव मिलने के बाद निहाल के परिवार में कोहराम मच गया। मृतक के भाई नायाब ने निहाल की होने वाली पत्नी गुलफशां को इस हत्याकांड का आरोपी बताया था। नायाब ने बताया कि उसका भाई खाना बनाने का काम करता (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) था। उसका निकाह भोट थाना क्षेत्र के धनुपुरा गांव निवासी गुलफशां से तय हुआ था। यह रिश्ता 6 महीने पहले तय हुआ था और निकाह के लिए 15 जून की तारीख तय हुई थी।  निहाल के गायब होने के कारण भी नहीं जा (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) सकी बारात  इस पूरे मामले पर नायाब ने कहा कि बारात की तैयारियां चल रही थीं। शादी की रस्में शुरू हो चुकी थीं। इसी बीच 14 जून को एक युवक ने खुद को गुलफशां का भाई बताते हुए निहाल को फोन किया। और निहाल से कपड़ों का नाप लेने की बात कही। इसके बाद निहाल उन युवकों की बाइक पर बैठकर चला गया। और फिर वापस नहीं लौटा। इस बीच काफी देर बाद जब निहाल वापस नहीं लौटा, तो परिवार के लोगों ने तलाश शुरू कर दी। काफी छानबीन करने के बाद जब कहीं कोई खबर नहीं मिली तो परिवार वालों ने इसकी सूचना परिवार वालों को (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) दी। जाहिर सी बात है निहाल के गायब होने के कारण बारात भी नहीं जा सकी। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक नायाब की निशानदेही पर पुलिस ने दो आरोपियों सद्दाम और फरमान को (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) कर लिया है गिरफ्तार  सूचना पाकर पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी। इस बीच निहाल का शव रात में अजीमनगर इलाके के जंगल में मिला। नायाब का कहना है कि गुलफशां ने अपने प्रेमी सद्दाम और उसके दोस्तों के साथ मिलकर हत्या करवाई (Rampur Bride Plots Groom’s Murder with Lover Before Wedding) है। नायाब ने आरोप लगाया कि गुलफशां और सद्दाम के बीच एक साल से प्रेम संबंध थे। नायाब की निशानदेही पर पुलिस ने दो आरोपियों सद्दाम और फरमान को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन गुलफशां और अनीस को अभी तक नहीं पकड़ा गया है। परिजनों ने गुलफशां को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।  Latest News in Hindi Today Hindi  #RampurMurder #BrideLoverPlot #WeddingCrime #UPNews #TrueCrimeIndia

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Congress demands explanation

Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump: मोदी सरकार पर हमलावर कांग्रेस, कहा- पीएम बताएं कि ट्रंप से क्या हुई बात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत को लेकर कांग्रेस ने पीएम मोदी और सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। कांग्रेस ने बुधवार को मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को तीन देशों की यात्रा से लौटने के बाद तुरंत सर्वदलीय बैठक की बुलानी चाहिए। ताकि नेताओं को बताया जा सके कि उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से टेलीफोन पर बातचीत में क्या (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) कहा? पीटीआई से बात करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री को संसद में ट्रंप के उन दावों का खंडन करना चाहिए, जिसमें उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम के लिए व्यापार को एक साधन के रूप में इस्तेमाल करने का दावा किया है। ध्यान देने वाली बात यह कि रमेश की यह टिप्पणी मोदी द्वारा राष्ट्रपति ट्रंप से बात करने के बाद आई है, जिसमें पीएम ने स्पष्ट किया कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान पर हमले इस्लामाबाद के अनुरोध पर रोके थे, न कि अमेरिका की मध्यस्थता या व्यापार समझौते की पेशकश के कारण। राष्ट्रपति ट्रंप के साथ मुनीर का विशेष आमने-सामने लंच के लिए आमंत्रित किया जाना बहुत बड़ा (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) झटका है  खैर, विदेश सचिव विक्रम मिस्री के के मुताबिक, मंगलवार को ट्रंप के साथ 35 मिनट की फोन कॉल में पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति को पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों के खिलाफ भारत द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बारे में जानकारी दी और यह साफ किया कि भारत ने कभी किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को स्वीकार नहीं किया है और भविष्य में भी इसे स्वीकार नहीं करेगा। इस बीच ट्रंप के जनरल मुनीर के साथ लंच करने की खबरों पर जयराम रमेश ने कहा, यह भारतीय कूटनीति के लिए तिहरा झटका है। आज फील्ड मार्शल मुनीर, जिनके भड़काऊ, भड़काऊ और अस्वीकार्य बयानों ने पहलगाम आतंकी हमले की पृष्ठभूमि बनाई, राष्ट्रपति ट्रंप के साथ लंच करने वाले (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) हैं। ऐसा सैन्यकर्मी जो सरकार का मुखिया नहीं है, उसे राष्ट्रपति ट्रंप के साथ विशेष आमने-सामने लंच के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। यह बहुत बड़ा झटका है।  इसे भी पढ़ें:- महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा प्रधानमंत्री देश को विश्वास में लें और वे सारी बातें कहें जो उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप से कहनी (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) चाहिए सरकार को घेरते हुए जयराम रमेश ने आगे कहा कि तीसरा झटका राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा 14 बार ऑपरेशन सिंदूर को रोकने और भारत और पाकिस्तान के बीच युद्धविराम कराने का श्रेय लेना था। मोदी-ट्रंप की टेलीफोन पर बातचीत पर रमेश ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ट्रंप से कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के संबंध में व्यापार पर चर्चा नहीं हुई और मध्यस्थता की कोई गुंजाइश नहीं है। रमेश ने आगे कहा, वह सर्वदलीय बैठक में यह बात क्यों नहीं (Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump) कहते? इसलिए हम संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं ताकि प्रधानमंत्री देश को विश्वास में लें और वे सारी बातें कहें जो उन्हें राष्ट्रपति ट्रंप से कहनी चाहिए। खैर, कांग्रेस पार्टी ने उन रिपोर्ट्स को भी बड़ा झटका बताया, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ट्रंप के साथ दोपहर का भोजन करेंगे। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री को टेलीफोन पर बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति को इस पर भारत की नाराजगी के बारे में बताना चाहिए था। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान की बराबरी करते हुए व्यापार को एक साधन के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने यह बात 14 बार कही और प्रधानमंत्री ने 10 मई के बाद से कुछ नहीं कहा। इसलिए यह तिहरा झटका है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Congress Demands Modi Reveal Talk with Trump #Modi #Trump #Congress #IndiaUSRelations #PoliticalNews #BreakingNews #PMModi

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Raja murder mystery,

Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death: क्राइम सीन ने खोला खौफनाक राज, सोनम के सामने खून से लथपथ राजा ने तोड़ा था दम

मेघालय के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आये दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब क्राइम सीन रीक्रिएशन ने हत्या की खौफनाक सच्चाई से पर्दा हटा दिया है। इस हत्याकांड को ऑपरेशन हनीमून नाम से जांच कर रही मेघालय पुलिस की जांच में सामने आया है कि राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी ही इस हत्या की मुख्य साजिशकर्ता थी। उसने अपने प्रेमी राज कुशवाह और तीन सुपारी किलर, क्रमश: आनंद कुर्मी, विशाल सिंह चौहान,और आकाश राजपूत के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया था। क्राइम सीन रीक्रिएशन के मुताबिक, विशाल ने राजा के सिर पर पीछे से पहला घातक वार (Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death) किया। वार के बाद राजा खून से लथपथ जमीन पर गिरकर चीखने लगा। इस दौरान सोनम घटनास्थल पर मौजूद थी, लेकिन पहले वार के बाद वह पीछे हट गई। फिर इसके बाद आनंद और आकाश ने राजा पर दो और वार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। और फिर तीनों आरोपियों ने मिलकर राजा के शव को खाई में फेंक दिया। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल एक तेजधार हथियार को बरामद कर लिया है। लेकिन दूसरा हथियार अभी भी खाई में खोजा जा रहा है। इस काम में स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की मदद ली जा रही है।  प्रेमी राज कुशवाह से उसका आमना-सामना कराकर पूछताछ करने पर सोनम ने अपना जुर्म कबूल (Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death) कर लिया।  बता दें कि बीते 23 मई 2025 को शिलांग के सोहरा इलाके में नोंग्रियात गांव के पास वेइसाडोंग झरने के करीब यह हत्या हुई थी और 2 जून को सोनम रघुवंशी के पति राजा रघुवंशी का शव मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले स्थित सोहरा के रियात अर्लियांग में वेई सवाडोंग पार्किंग स्थल के नीचे एक गहरी खाई से बरामद किया गया था। इस बीच पति की लाश मिलने के कुछ दिनों बाद सोनम ने 7 जून को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद ट्रांजिट रिमांड लेने के बाद उसे सड़क मार्ग से गुवाहाटी ले जाया (Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death) गया। गुवाहाटी एयरपोर्ट से उसे शिलांग के सदर थाने लाया गया। इसके साथ ही चार आरोपियों को शिलांग लाया गया। सभी आरोपियों को 11 जून को शिलांग जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। कोर्ट में पेशी से पहले सोनम ने पुलिस के सामने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था। दरअसल,  मेघालय पुलिस ने जब उसके प्रेमी राज कुशवाह से उसका आमना-सामना कराकर उससे पूछताछ की, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक महीने में कुल 234 बार संजय और सोनम की हुई है (Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death) बात  मेघालय पुलिस की जांच में सामने आया है कि सोनम रघुवंशी संजय वर्मा नामक एक संदिग्ध युवक से घंटों बातें करती थी। फ़िलहाल संजय वर्मा का नंबर स्विच ऑफ आ रहा है। जानकारी के मुताबिक 1 मार्च से 25 मार्च के बीच में सोनम ने संजय को कुछ नहीं तो 119 बार कॉल किया था। इस तरह एक महीने में कुल 234 बार संजय और सोनम की बात हुई। देखना दिलचस्प यह होगा कि संजय कौन है और राजा रघुवंशी मामले में इसका क्या रोल है? खैर, राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में शिलांग पुलिस गंभीरता से करते हुए एक कड़ी से दूसरी कड़ी को जोड़ रही है। इसी कड़ी में मंगलवार को पुलिस की एक टीम इंदौर स्थित राजा रघुवंशी के घर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने राजा के परिजनों से बातचीत कर सोनम के व्यवहार और शादी के बाद उसके इंदौर में बिताए गए दिनों की जानकारी (Crime Scene Exposes Bloody Truth of Raja’s Death) ली। पुलिस की टीम में शामिल तीन अधिकारियों ने राजा रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी और उनकी मां से भी सवाल-जवाब किया। Latest News in Hindi Today Hindi  #RajaDeath #SonamShocked #CrimeSceneTruth #BloodyMystery #IndianCrimeNews

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Iran Supreme Leader Trump threat

Trump Warns Iran’s Khamenei: ईरान के सुप्रीम लीडर को ट्रंप का अल्टीमेटम, कहा- हमें पता है कहां छिपे हैं खामेनेई, करें बिनाशर्त सरेंडर

इजरायल और ईरान के बीच तनाव पूरे चरम पर है। इस बीच बढते खतरे के मद्देनजर ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई परिवार सहित अनजान सुरक्षित स्थान पर छिप गए हैं। इस बीच अमेरिका ने ईरान को धमकाते हुए कहा कि उसे पता है कि उनका सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई कहां छिपा है। गौर करने वाली बात उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध दिन-ब-दिन लगातार बढ़ता जा रहा है। दरअसल, इजराइल-ईरान युद्ध के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई को एक बड़ा बयान दिया है। वो बात और है कि उन्होंने खामेनेई का नाम नहीं लिया है, लेकिन सुप्रीम लीडर लिखते हुए पोस्ट किया। ट्रंप ने अपने पोस्ट में कहा कि हम अच्छी तरह से जानते हैं कि तथाकथित सुप्रीम लीडर कहां छिपे (Trump Warns Iran’s Khamenei) हैं ,वह एक आसान टारगेट हैं, लेकिन वहां सुरक्षित हैं। हम उन्हें मारेंगे नहीं, कम से कम अभी तो नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि हम नहीं चाहते कि मिसाइलें नागरिकों या अमेरिकी सैनिकों पर दागी जाएं। हमारा धैर्य खत्म होता जा रहा है। कुल-मिलाकर ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त सरेंडर करने के लिए कहा है।  ट्रंप यह फैसला ले सकते (Trump Warns Iran’s Khamenei) हैं- अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस  यही नहीं जारी इजराइल-ईरान युद्ध को लेकर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अपनी राय रखते हुए कहा, ट्रंप ईरानी के खिलाफ आगे की कार्रवाई पर फैसला ले सकते हैं। इस बीच वेंस ने तर्क देते हुए कहा कि ट्रंप वैसे भी लगातार कहते रहे हैं कि ईरान यूरेनियम संवर्धन नहीं कर सकता और उन्होंने बार-बार कहा है कि यह दो तरीकों में से एक से होगा, आसान तरीका या अन्य तरीका। ट्रंप यह फैसला ले सकते हैं कि उन्हें ईरानी संवर्धन को खत्म करने के लिए आगे की कार्रवाई करने की जरूरत (Trump Warns Iran’s Khamenei) है। यह फैसला राष्ट्रपति का है। कुल-मिलकर बात यह कि ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त सरेंडर करने का अनुरोध किया। गौर करने वाली बात यह कि उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब इजरायल और ईरान के बीच पांच दिन से जारी संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन वापस आते समय उड़ान के दौरान अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलन को कर दिया (Trump Warns Iran’s Khamenei) खारिज  गौरतलब हो कि तुलसी गबार्ड ने इस वर्ष की शुरुआत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के बारे में अमेरिकी संसद के समक्ष गवाही देते समय कोई संदेह नहीं छोड़ा था। राष्ट्रीय खुफिया निदेशक गबार्ड ने सांसदों को बताया कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बना रहा है। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि  इसके सर्वोच्च नेता ने स्थगित किये जा चुके कार्यक्रम को पुनः मंजूरी नहीं दी है। लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वाशिंगटन वापस आते समय उड़ान के दौरान अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलन को खारिज कर दिया।  इसे भी पढ़ें:- Modi-Trump की 35 मिनट की बातचीत: आतंकवाद पर कड़ा संदेश, अमेरिका का भारत को समर्थन इजराइल ने अब तक ईरान में 70 एयर डिफेंस बैट्री कर दी हैं तबाह  ट्रंप के अल्टीमेटम और रजा पहलवी के पोस्ट के (Trump Warns Iran’s Khamenei) बीच इसराइल ने अलर्ट जारी कर कहा है कि ईरान ने मिसाइलें दागी हैं। ये मिसाइल जॉर्डन, लेबनान और सीरिया होकर आ रही हैं। द टाइम्स ऑफ इजराइल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईडीएफ का दावा है कि इजराइल ने अब तक ईरान में 70 एयर डिफेंस बैट्री तबाह कर दी हैं। आईडीएफ की माने तो, इजराइली वायु सेना ने ईरान में आईडीएफ के अभियान की शुरुआत से लेकर अब तक 70 एयर डिफेंस बैट्री नष्ट कर दी हैं। बीते शुक्रवार सुबह अभियान के पहले 24 घंटों में 40 से ज्यादा ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम पर हमला किया गया था। 30 अन्य सिस्टम को भी निशाना बनाया गया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Warns Iran’s Khamenei #TrumpWarning #Khamenei #IranCrisis #USIranTensions #GlobalPolitics

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Hindi language rule

Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools: महाराष्ट्र सरकार का तुगलकी फरमान, स्कूलों में हिन्दी की अनिवार्यता की खत्म, अब होगी तीसरी भाषा

बीते दिनों महाराष्ट्र के स्कूलों में हिंदी भाषा को लेकर जारी विवाद पर देवेंद्र फडणवीस सरकार ने पूर्ण विराम लगा दिया है। दरअसल, स्कूल में हिंदी भाषा को अनिवार्य रूप से पढ़ाए जाने के फैसले के बाद से राजनीति शुरू हो गई थी। मराठी वोट बैंक खिसकता देख अब सरकार ने फैसला लिया है कि कक्षा 1 से 3 तक हिंदी को अनिवार्य नहीं रखा जाएगा। अब सामान्य रूप से हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाया जाएगा। बता दें कि इसके लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने बाकायदा नया सरकारी आदेश जारी किया है। स्कूल शिक्षा 2024 के लिए राज्य पाठ्यक्रम योजना के अनुसार, मराठी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के लिए हिंदी अब तीसरी भाषा (Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools) होगी।  सभी माध्यम के स्कूलों में मराठी अनिवार्य भाषा (Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools) होगी सरकारी फरमान के मुताबिक, कक्षा1 से त्रिभाषा फॉर्मूला अपनाया जाएगा। आदेश के मुताबिक यदि कक्षा में 20 से अधिक छात्र हिंदी के बजाय अन्य भाषा सीखना चाहते हैं, तो शिक्षक इसे उपलब्ध कराएंगे। अथवा भाषा विषय को ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा। अगर छात्र हिंदी के बजाय तीसरी भाषा के रूप में किसी अन्य भारतीय भाषाओं में से किसी एक को सीखने की इच्छा रखते हैं, तो उन छात्रों को तीसरी भाषा के रूप में उस भाषा को सीखने की मंजूरी दी जाएगी। बशर्ते, उस कक्षा में कम से कम छात्र 20 होने चाहिए, जो तीसरी भाषा के रूप में हिंदी के बजाय अन्य भाषाएं सीखना चाहते हैं। इस हिसाब से यदि कम से कम 20 छात्र हिंदी के अलावा किसी अन्य तीसरी भाषा को सीखना चाहते हैं, तो उस भाषा को पढ़ाने के लिए एक शिक्षक उपलब्ध कराया जाएगा, वरना वह भाषा ऑनलाइन पढ़ाई जाएगी। सभी माध्यम के स्कूलों में मराठी अनिवार्य भाषा (Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools) होगी।  किसी अन्य भाषा को पढ़ाने के लिए कक्षा में कम से कम 20 छात्र होने (Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools) चाहिए नए आदेश के मुताबिक मराठी और इंग्लिश माध्यम के स्कूलों में पहली से पांचवीं तक हिंदी सामान्यतः तीसरी भाषा होगी, लेकिन अगर कोई विद्यार्थी हिंदी के स्थान पर किसी अन्य भारतीय भाषा को तीसरी भाषा के रूप में पढ़ना चाहता है, तो उसे इसकी अनुमति दी (Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools) जाएगी। हालांकि, इसके लिए कम से कम 20 विद्यार्थियों की इच्छा आवश्यक होगी। यानी किसी अन्य भाषा को पढ़ाने के लिए कम से कम 20 छात्रों की इच्छा होनी चाहिए। इस फरमान के बाद सभी माध्यमों के स्कूलों में मराठी भाषा अनिवार्य होगी। बता दें कि इस फैसले पर अमल करने की ज़िम्मेदारी शिक्षा आयुक्त, महाराष्ट्र शासन, पुणे को दी गई है। मराठी और इंग्लिश माध्यम के अलावा अन्य माध्यमों के स्कूलों में भी पहली से पांचवीं तक माध्यम भाषा, मराठी और इंग्लिश ये तीनों भाषाएं पढ़ाई जाएंगी। कक्षा छठी से दसवीं कक्षा तक की भाषा नीति राज्य पाठ्यक्रम ढांचे के अनुसार होगी।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक राजनीतिक दलों ने विरोध के चलते सरकार ने पलटा अपना ही (Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools) फैसला  गौरतलब हो कि देवेंद्र फडणवीस सरकार ने पहले कक्षा 1 से ही त्रिभाषा फार्मूला लागू करने का फैसला किया था। फैसले के मुताबिक मराठी और इंग्लिश माध्यम के स्कूलों में तीसरी भाषा हिंदी अनिवार्य होगी। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अमल के साथ राज्य पाठ्यक्रम ढांचे को लागू करते हुए लिया गया था। ये तो ठीक, लेकिन इस पर कई राजनीतिक दलों ने विरोध करना शुरू कर दिया था। विरोध बढ़ता देख सूबे के शिक्षा मंत्री दादा भुसे ने घोषणा की कि सरकार यह निर्णय वापस ले (Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools) रही है। Latest News in Hindi Today Hindi news Hindi No Longer Mandatory in Maharashtra Schools #MaharashtraEducation #HindiLanguage #ThirdLanguagePolicy #SchoolCurriculum #EducationReform

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₹100 ₹200 withdrawal from ATM

RBI Enables ₹100 & ₹200 Notes Withdrawal via ATMs: RBI के इस आदेश के बाद अब आसानी से एटीएम से निकलेंगे 100 और 200 रुपये के नोट

अक्सर जब हम एटीएम से कैश न‍िकालते हैं, तो अमूमन 500-500 रुपये के ही नोट न‍िकलते हैं। 500 रुपये के नोट न‍िकलने पर लोगों की आमतौर पर छोटे नोटों को लेकर श‍िकायत रहती थी। भारतीय रिजर्व बैंक ने आम लोगों की इन्हीं समस्याओं पर गौर करते हुए एटीएम से 100 और 200 रुपये नोटों की संख्या को बढ़ाने हेतु 30 सितंबर 2025 की गाइडलाइन दी (RBI Enables ₹100 & ₹200 Notes Withdrawal via ATMs) थी। इस गाइडलाइन जिसमें कहा गया था 30 सितंबर 2025 तक देश के 75 प्रतिशत ATM से 100 और 200 रुपये के नोट निकलने चाहिए। करने की जरूरत नहीं, आरबीआई के इस फैसले का अब धरातल पर असर दिखाई दे रहा है। जानकारी के मुताबिक देश के तकरीबन 73 प्रतिशत एटीएम के एक कैसेट से 100-200 रुपये के नोट निकलना शुरू हो गए हैं।  60% लोग अभी भी अपनी रोजमर्रा की जरूरत का खर्च नकद में ही (RBI Enables ₹100 & ₹200 Notes Withdrawal via ATMs) करते हैं भारत की सबसे बड़ी नकदी प्रबंधन कंपनी सीएमएस इन्फो सिस्टम्स के अनुसार, यह दिसंबर 2024 में 65 प्रतिशत से बढ़ोतरी को (RBI Enables ₹100 & ₹200 Notes Withdrawal via ATMs) दर्शाता है। बता दें कि सीएमएस इन्फो सिस्टम्स देश में 215,000 एटीएम में से 73,000 का संचालन करती है। यही नहीं इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सीएमएस इंफो सिस्टम्स के नकदी प्रबंधन के अध्यक्ष अनुष राघवन ने कहा 60% लोग अभी भी अपनी रोजमर्रा की जरूरत का खर्च नकद में ही करते हैं। खासकर छोटे शहरों और गांवों में 100 से 200 रुपये के नोट छोटे-मोटे लेनदेन के लिए बहुत जरूरी हैं। इन नोटों की उपलब्धता बढ़ने से लोगों को रोजमर्रा के कामों में आसानी होगी। खासतौर पर गांव और कस्बों में 100 और 200 रुपये के नोटों की उपलब्धता से दिन-प्रतिदिन की लेन-देन संबंधी जरूरतें सीधे तौर पर पूरी हो रही हैं।   बैंकों की तरफ से तय लक्ष्य का 73% हास‍िल कर लिया (RBI Enables ₹100 & ₹200 Notes Withdrawal via ATMs) गया है बता दें कि आरबीआई की तरफ से इस साल अप्रैल 2025 में बैंकों को निर्देश दिया गया था क‍ि वे अपने एटीएम में 100 या 200 के नोटों की उपलब्धता बढ़ाएं। गौरतलब हो कि अप्रैल 2025 के अंत में जारी किए गया सर्कुलर में, आरबीआई ने सभी बैंक्स को ऑर्डर दिया कि 30 सितंबर, 2025 तक कम से कम 75% एटीएम में कम से कम एक कैसेट से 100 या 200 रुपये के नोट्स डिस्पेंस होने (RBI Enables ₹100 & ₹200 Notes Withdrawal via ATMs) चाहिए। इस निर्देश का लक्ष्य आमजन तक छोटे नोट्स को बढ़ाना था। बड़ी बात यह कि डेडलाइन को पूरा होने में तीन महीने से ज्‍यादा का समय बचा है और बैंकों की तरफ से तय लक्ष्य का 73% हास‍िल कर लिया गया है। सीएमएस (CMS) इंफोस‍िस्‍टम्‍स के डाटा से जानकारी म‍िली है क‍ि बैंकों ने इस पर काफी तेजी से प्रगति की है। आरबीआई के मुताबिक 30 सितंबर 2025 तक 75% एटीएम में 100 और 200 रुपये के छोटे नोट होने चाह‍िए। इसके बाद 31 मार्च 2026 तक 90% एटीएम में छोटे नोट देने का लक्ष्य रखा गया है।  इसे भी पढ़ें:- अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट हुई क्रैश, पूर्व मुख्यमंत्री समेत 242 यात्री थे सवार तीन फ्री ट्रांजैक्शंस के बाद आपको एक्स्ट्रा पे करना पड़ सकता है खैर, इसके साथ आरबीआई से जुड़ी एक और खबर (RBI Enables ₹100 & ₹200 Notes Withdrawal via ATMs) है। यह खबर आपकी जेब हल्की कर सकती है। दरअसल, आरबीआई ने एटीएम इंटरचेंज फीस बढ़ा दी है। इसके बढ़ने से 1 मई, 2025 से कैश निकालना महंगा साबित हो सकता है। ये खासकर उन लोगों के लिए अधिक नुकसानदायक होगा जो हर महीने फ्री ट्रांजैक्शंस की लिमिट क्रॉस करते हैं। बता दें कि इंटरचेंज फीस वो चार्ज है जो एक बैंक दूसरे बैंक को एटीएम ट्रांजैक्शंस प्रोसेस करने के लिए पे करता है। और ये चार्ज यूजली यूजर पर डाल दिया जाता है। एक उदाहरण से यदि समझे तो, मान लो अगर आईसीआईसीआई बैंक का यूजर तीन फ्री मंथली ट्रांजैक्शंस के बाद बैंक ऑफ़ इंडिया के एटीएम से कैश निकालता है, तो आईसीआईसीआई  एक्स्ट्रा विड्रॉल के लिए फीस चार्ज कर सकता है। यही कि तीन फ्री ट्रांजैक्शंस के बाद आपको एक्स्ट्रा पे करना पड़ सकता है। Latest News in Hindi Today Hindi #RBI #ATMUpdate #200RupeeNote #100RupeeNote #CashWithdrawal #BankingNews #IndiaFinance

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