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Elon Musk Regrets Posts on Donald Trump

Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump: इस वजह से एलन मस्क को अब ट्रंप पर किए अपने पोस्ट पर हो रहा पछतावा?

कई दिनों की जारी कलह के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अरबपति व्यवसायी एलन मस्क के बीच तल्ख हुए रिश्ते अब एक बार पुनः पटरी पर लौटते हुए नजर आ रहे हैं। एलन मस्क ने खुद सामने से संबंधों को सुधारने की पहल की है। मजे की बात यह कि ट्रंप से बहस के बाद अब मस्क को बड़ा पछतावा हो रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने कहे गए शब्दों पर खेद जताते हुए कहा, ट्रंप पर लिखते समय उन्होंने सीमाएं लांघ दीं, जिसका उन्हें दुख (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) है। एलन मस्क ने एक ट्वीट करके कहा, उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति और अपने पार्टनर डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले हफ्ते किए अपने कुछ पोस्ट पर पछतावा हो रहा है। खेद जताते हुए उन्होंने कहा कि ट्रंप पर उनके कुछ पोस्ट हद से ज्यादा आगे बढ़ गए। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि मुझे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर पिछले हफ्ते किए गए कुछ पोस्ट के लिए खेद है। वे हद से आगे चले गए। दरअसल, बुधवार को एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “मुझे पिछले सप्ताह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बारे में की गई अपनी कुछ पोस्ट पर खेद है। मैंने सीमा लांघ दी।” मस्क द्वारा ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित खर्च बिल की निंदा करने से शुरू हुआ (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था बता दें कि, हाल के दिनों में एलन मस्क और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच रिश्ते बेहद खराब हो गए थे। यह मस्क द्वारा ट्रंप प्रशासन के प्रस्तावित खर्च बिल की निंदा करने से शुरू हुआ Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था। यह बिल ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दौरान उनके घरेलू एजेंडे के केंद्र बिंदू के रूप में देखा जाने वाला एक विशाल कानून है। मस्क ने इस बिल को बेकार करार दिया और इसका समर्थन करने वाले रिपब्लिकन सांसदों के खिलाफ राजनीतिक बदला लेने का आग्रह तक किया था। इतना कुछ होने पर भला ट्रंप इसपर चुप कैसे रहते। इस कड़ी में शनिवार को एनबीसी न्यूज से बात करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप मस्क को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वो मौजूदा रिपब्लिकन सांसदों के खिलाफ प्राथमिक चुनौती देने वालों को फंडिंग देते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील पोस्ट डिलीट करने के कदम को ट्रंप के साथ ही सुलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था खैर, इससे पहले एलन मस्क ने दावा किया कि ट्रंप का नाम एपस्टीन फाइल्स में है। यहाँ तक मस्क ने यह भी कहा था कि ट्रंप का नाम होने के कारण ही प्रशासन एपस्टीन फाइल्स को सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। वो बात और है कि इस ट्वीट को बाद में उन्होंने डिलीट कर दिया था। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सीधी धमकी दी थी कि वह मस्क को दी गई सब्सिडी और सरकारी कॉन्ट्रैक्ट खत्म कर देंगे। हालाँकि मस्क की ओर से पोस्ट डिलीट करने के कदम को ट्रंप के साथ संभावित सुलह के संकेत के रूप में देखा जा रहा (Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump) था। इससे पहले मस्क ने सरकारी दक्षता विभाग से इस्तीफा दे दिया था। गौरतलब हो कि जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया में ट्रंप की हत्या का प्रयास किये जाने बाद दोनों की दोस्ती परवान चढ़ी थी। इस कांड के बाद मस्क ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप को अपना पूर्ण समर्थन देने का ऐलान कर दिया था। ध्यान देने वाली बात यह कि इस घटना के कुछ ही मिनट बाद मस्क ने एक्स पर लिखा था, मैं ट्रंप का पूरा समर्थन करता हूं और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। इसके बाद मस्क और ट्रंप एक साथ चुनाव प्रचार अभियानों में नजर आए थे। Latest News in Hindi Today Hindi news Elon Musk Regrets His Past Posts on Donald Trump #elonmusk #donaldtrump #regret #politicalnews #socialmediacontroversy #breakingnews #muskstatement #usnews

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Rahul Gandhi letter to PM Modi

Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue: बिहार के इस मुद्दे पर राहुल गांधी ने PM मोदी को पत्र लिख की यह मांग

बिहार में बढ़ती चुनावी सरगर्मी के तहत रायबरेली सांसद राहुल गाँधी इन दिनों बिहार पर अपना फोकस जमाए हुए हैं। इसीके मद्देनजर हाल ही में वो बिहार दौरे के दौरान दरभंगा पहुंचे थे। यहां वह अंबेडकर छात्रावास पर पहुंचे थे, जहां छात्रों ने अपनी परेशानियों से उनको अवगत कराया। फिर क्या था लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर वंचित समुदायों के छात्रों को शिक्षा हासिल करने में आ रही समस्याओं का निवारण करने का अनुरोध (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) किया है। युवा नेता ने अपने पत्र में बिहार के दरभंगा स्थित अंबेडकर छात्रावास में छात्रों की परेशानियों का भी जिक्र किया है। जानकारी के मुताबिक पीएम मोदी को लिखे पत्र में राहुल गांधी ने दो महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने की गुजारिश की। बता दें कि राहुल ने पीएम मोदी से कहा, मैं आपसे दो महत्वपूर्ण मुद्दों को हल करने का अनुरोध करता हूं, जो वंचित समुदायों के 90 प्रतिशत छात्रों के लिए शिक्षा के अवसरों में बाधा डालते हैं। सबसे पहले, दलित, एसटी, ईबीसी, ओबीसी और अल्पसंख्यक समुदायों के छात्रों के लिए आवासीय छात्रावासों की स्थिति बहुत खराब है।  इन विफलताओं (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) को दूर करने के लिए तुरंत दो कदम उठाए जाएं इस पूरे मामले पर राहुल गांधी ने कहा कि बिहार के दरभंगा में अंबेडकर छात्रावास (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) के हाल के दौरे के दौरान छात्रों ने शिकायत की कि एक ही कमरा है जिसमें 6-7 छात्रों को रहने के लिए मजबूर होना पड़ता है। शौचालय गंदे हैं। पीने का पानी स्वच्छ नहीं है। मेस की सुविधा नहीं है। और पुस्तकालयों या इंटरनेट तक पहुंच नहीं है। उन्होंने दूसरे मुद्दे के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि दूसरे, हाशिए पर पड़े समुदायों के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति में देरी और इसमें विफलताएं भी मिल रही हैं। राहुल गांधी ने उदाहरण देते हुए कहा, बिहार में, छात्रवृत्ति पोर्टल तीन साल तक काम नहीं कर रहा था और 2021-22 में किसी भी छात्र को छात्रवृत्ति नहीं मिली। इसके बाद भी, छात्रवृत्ति पाने वाले दलित छात्रों की संख्या में लगभग आधी गिरावट आई। जो वित्त वर्ष 23 में 1.36 लाख से घटकर वित्त वर्ष 24 में 0.69 लाख रह गई। छात्रों की शिकायत है कि छात्रवृत्ति की राशि अपमानजनक रूप से कम है। मैंने बिहार के उदाहरण दिए हैं, लेकिन ऐसी विफलताएं पूरे देश में फैली हुई हैं। यही नहीं, राहुल गांधी ने पत्र में आगे कहा कि मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि इन विफलताओं (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) को दूर करने के लिए तुरंत दो कदम उठाए जाएं। इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक जब तक हाशिए पर पड़े समुदायों के युवा आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक भारत आगे नहीं बढ़ सकता- राहुल गाँधी  राहुल ने दलित, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जनजाति, अति पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के विद्यार्थियों के लिए प्रत्येक छात्रावास का ऑडिट करवाया जाने की बात कही ताकि स्वच्छता, भोजन, अच्छी अवसंरचना और शैक्षणिक सुविधाएं सुनिश्चित की जा (Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue) सकें। तथा साथ ही कमियों को दूर करने हेतु पर्याप्त धनराशि आवंटित की जाए। पत्र में यह भी कहा गया कि छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि, मैट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति का समय पर वितरण तथा राज्य सरकारों के साथ मिलकर कार्य करते हुए क्रियान्वयन में सुधार किया जाए। राहुल गांधी ने कहा कि जब तक हाशिए पर पड़े समुदायों के युवा आगे नहीं बढ़ेंगे, तब तक भारत आगे नहीं बढ़ सकता।खैर , उन्होंने इन विषयों पर पीएम मोदी से सकारात्मक प्रतिक्रिया की उम्मीद की है। Latest News in Hindi Today Hindi Rahul Gandhi Urges PM Modi to Act on Bihar Issue #rahulgandhi #pmmodi #biharissue #politics #breakingnews #biharnews #indianpolitics

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Curfew in LA as Violence Erupts

Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump: अमेरिका के लॉस एंजिलिस में हिंसा और लूटपाट के बीच लगा कर्फ्यू , मेयर ने की ट्रंप से ये अपील

अमेरिका में मचा बवाल है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। लोगों के बढ़ते हिंसक प्रदर्शन को देख लॉस एंजिलिस में कर्फ्यू लगा दिया गया है। दरअसल, इमिग्रेशन कानूनों को लागू करने को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को लॉस एंजिलिस में 4000 नेशनल गार्ड सैनिकों और 700 मरीन की तैनाती का आदेश दिया (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) था। इसके बाद शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन उग्र रूप ले लिया। इस प्रदर्शन में लूटमार की भी घटनाएं दर्ज की गई है। कैलिफोर्निया सहित अमेरिक में बड़े शहरों में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक सोमवार की रात डलास और ऑस्टिन में, पुलिस ने कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों के साथ झड़प की। टेक्सास स्टेट कैपिटल के पास भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। ट्रंप प्रशासन ने कहा कि लॉस एंजिल्स में स्थिति बिगड़ रही है और अप्रवासियों के प्रवर्तन का समर्थन करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए संघीय बलों की आवश्यकता है।  तोड़फोड़ व लूटपाट को रोकने के लिए लॉस एंजिलिस के डाउनटाउन में जारी किया (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) है कर्फ्यू  इस बीच कई दिनों से जारी हिंसक घटनाओं के बीच लॉस एंजिलिस की मेयर कैरेन बास ने मंगलवार को कर्फ्यू लगाने की घोषणा कर दी। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से छापेमारी बंद करने को कहा है। मीडिया को संबोधित करते हुए मेयर ने कहा कि मैंने स्थानीय आपातकाल की घोषणा की है और तोड़फोड़ व लूटपाट को रोकने के लिए लॉस एंजिलिस के डाउनटाउन में कर्फ्यू जारी किया (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) है। यही नहीं अपने संबोधन में उन्होंने आगे कहा कि मैं डोनाल्ड ट्रंप से छापेमारी बंद करने का आह्वान करती हूं। मेयर ने बताया, कर्फ्यू मंगलवार रात 8 बजे से बुधवार सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा। हालाँकि उन्होंने यह भी कहा कि कर्फ्यू शहर के 1 वर्ग मील क्षेत्र में लागू रहेगा। जिसमें वह क्षेत्र भी शामिल है, जहां शुक्रवार से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मेयर के मुताबिक शहर के 23 व्यवसायिक स्थलों पर लूटपाट की घटना रिपोर्ट की गई है। उन्होंने कहा कि हम एक महत्वपूर्ण बिंदु पर पहुंच गए हैं।  इसे भी पढ़ें:-  लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात  मीडिया या सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन अधिकारी (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) सहित इनपर नहीं लागू होगा कर्फ्यू  इस बीच ध्यान देने वाली बात यह कि जैसे ही कर्फ्यू लागू होने की घोषणा हुई वैसे ही पुलिस के एक हेलीकॉप्टर को संघीय भवनों के ऊपर से उड़ते हुए देखा गया। लोगों को तत्काल इलाका छोड़ने को आदेश दिया गया है। इस दौरान कई समूह कर्फ्यू के उल्लंघन की योजना बना रहे हैं। लॉस एंजिलिस पुलिस के प्रमुख ने बताया कि कर्फ्यू उन लोगों पर लागू नहीं होगा, जो चिह्नित इलाकों में रहते हैं या जो बेघर हैं अथवा मीडिया या सार्वजनिक सुरक्षा और आपातकालीन अधिकारी (Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump) हैं। बता दें कि नेशनल गार्ड के पास अधिकारियों पर हमला करने वाले लोगों को अस्थायी रूप से हिरासत में लेने का अधिकार है, लेकिन कोई भी गिरफ्तारी स्थानीय पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों द्वारा ही की जाएगी। इस बीच ट्रंप के निर्देश के अनुसार मंगलवार को सैकड़ों अमेरिकी मरीन लॉस एंजिल्स क्षेत्र में जा पहुंचे। फिर क्या था, उनकी उपस्थिति देख सड़कों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। कहने की जरूरत नहीं इस प्रदर्शन ने डेमोक्रेटिक नेताओं के बीच चिंता बढ़ा दी है। जारी हिंसा के बीच कैलिफोर्निया के सीनेटर एडम शिफ और एलेक्स पैडीला ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा, सैन्य कर्मियों को केवल सबसे चरम परिस्थितियों के दौरान तैनात किया जाना चाहिए और यहां ऐसा नहीं है। Latest News in Hindi Today Hindi news Curfew in LA Amid Violence, Mayor Appeals to Trump #losangeles #violence #curfew #mayorappeal #trump #protests #breakingnews #usa

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Kumbh stampede 2025

Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire: महाकुंभ भगदड़ पर चौतरफा घिरी योगी सरकार, हाईकोर्ट ने दागे बड़े सवाल

उत्तर प्रदेश स्थित प्रयागराज में 114 साल बाद लगे महाकुंभ का आयोजन और समापन दोनों बड़े धूमधाम से हुआ। लेकिन महाकुंभ के इस आयोजन में हुई भगदड़ में कई लोगों के जानमाल का नुकसान हुआ था। सूबे की योगी सरकार के मुताबिक इस भगदड़ में 37 श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। लेकिन एक मीडिया ने अपनी जाँच पड़ताल में 82 लोगों की मौत का दावा किया। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि महाकुंभ भगदड़ में 37 लोग मरे थे या फिर 82? दरअसल, योगी सरकार की ओर से बताया गया था कि भगदड़ में कुल 37 श्रद्धालुओं की मौत हुई है, लेकिन मीडिया ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि कम से कम 82 लोगों मारे गए थे। खैर, अब इस मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट भी योगी सरकार से तीखे सवाल (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) पूछ चुका। यही नहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया और यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी इस मामले पर सवाल उठा चुके हैं।  प्रशासन ने भगदड़ में जान गंवाने वाले परिजनों को मुआवजा देने का किया (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) था वादा  ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि इस मामले में पत्रकार और विपक्ष ही नहीं बल्कि अदालत भी योगी सरकार को फटकार लगा चुकी हैं। अभी दो दिन पहले ही इसी मामले पर सुनवाई के दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार की काफी क्लास लगाई थी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार और प्रशासन ने भगदड़ में जान गंवाने वाले परिजनों को मुआवजा देने का वादा किया (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) था। यह तो ठीक, लेकिन इस इल्जाम यह कि अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका है। मामला जब इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष पहुंचा, तो उन्होंने सरकार के ढुलमुल रवैये को ठीक न मानते हुए इसे नागरिकों की तकलीफ के प्रति उदासीन रुख बताया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज सौमित्र दयाल सिंह और जस्टिस संदीप जैन की बेंच ने इस मामले में सख्त टिप्पणी की। दरअसल, उदय प्रताप सिंह नामक एक याचिकाकर्ता द्वारा याचिका में कहा गया था, याचिककर्ता की पत्नी सुनैना देवी की कुंभ भगदड़ में गंभीर चोट लगने से मौत हो गई थी। सुनैना देवी की तब उम्र 52 साल से कुछ ज्यादा थी।  28 और 29 जनवरी की दरमियानी रात मची भगदड़ में सरकार ने 30 लोगों की मौत (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) का दावा किया था।  मामल संज्ञान में आते ही अदालत ने कहा, जब सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा देने की बात कही थी, तो फिर सरकार को इसे पूरा करना था। कोर्ट ने साफ कहा था कि ऐसे मामलों में नागरिकों की कोई गलती नहीं होती। गौरतलब हो कि 28 और 29 जनवरी की दरमियानी रात प्रयागराज में भगदड़ हुआ था। इसमें तब सरकार ने माना था कि 30 लोगों की मौत हुई (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) है। जिसे बाद में सरकार 37 तक मानने पर सहमत हुई थी। सरकार ने मृतकों के परिवारों को 25-25 लाख रुपये देने का वादा किया था पर ये अब पीड़ित परिवारों को नहीं दिया गया है। कोर्ट ने मामले में चिकित्सा संस्थानों, जिला प्रशासन और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे एक ऐसा हलफनामा दाखिल करें, जिसमें 28 जनवरी को मरने वाले सभी मृतकों और मरीजों का ब्यौरा शामिल हो। यही नहीं, अदालत ने उन सभी डॉक्टरों का की जानकारी भी मांगी है, जिन्होंने घायलों का इलाज किया।  और इलाज के बाद जो मृत घोषित किए गए। कहने की जरूरत नहीं, अगर इस तरह से अदालत के हस्तक्षेप के बाद डॉक्टर और प्रशासन की और तफसील से जानकारी सामने आती है तो मृतकों और घायलों के बारे में और अधिक जानकारी सामने आएगी।  इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक अदालत ने इसे सरकारी संस्थानों की एक गंभीर चूक माना (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) था इस मामले में याचिकाकर्ता का कहना था कि उनकी पत्नी के शव का न तो पोस्टमार्टम हुआ और न ही उनके परिवार को ये जानकारी दी गई कि महिला कब, किस हालत में अस्पताल ले जाई गईं। हालाँकि अदालत ने इसे सरकारी संस्थानों की एक गंभीर चूक माना (Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire) था। कोर्ट में घिरा देख अखिलेश यादव ने बीजेपी सरकार पर निशाना साधा है। सपा मुखियां न कहा कि जो लोग किसी की मृत्यु के लिए झूठ बोल सकते हैं…ऐसे भाजपाइयों पर विश्वास भी विश्वास नहीं करेगा। महत्वपूर्ण सवाल उठाते हुए अखिलेश ने यह सवाल ये भी किया है कि अगर किसी को मुआवजा दिया भी गया है, तो उसे नकद में क्यों दिया गया, नकदी का आदेश कहां से आया? इस विवाद के बीच ध्यान भी देना चाहिए कि इलाहाबाद हाईकोर्ट भी कुंभ भगदड़ पर काफी तीखे सवाल योगी सरकार से पूछ चुका है।  Latest News in Hindi Today Hindi Kumbh Stampede: Yogi Govt Under Fire #kumbhstampede #yogiadityanath #highcourt #upgovernment #kumbhmela2025 #tragedy #breakingnews #politicalnews #uttarpradeshnews

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Iran Israel conflict

Iran Issues Open Threat to Israel: इस वजह से ईरान ने इजरायल को दी खुली धमकी

इजरायल और हमास के बीच जारी तनाव के बीच ईरान ने खुलकर धमकी (Iran Issues Open Threat to Israel) दी है। दरअसल, ईरान की इस धमकी के पीछे की असल वजह यह कि ईरान को इजरायल के परमाणु ठिकानों की जानकारी मिल गई है। परमाणु ठिकानों की जानकारी हाथ लगते ही है ईरान की ओर से ऐसा बयान सामने आया है जिसकी कल्पना भी इजरायल ने नहीं की होगी। इजरायल को लेकर बड़ा दावा करते हुए ईरान ने कहा कि उसे इजरायल के परमाणु ठिकानों के बारे में सारी जानकारी मिल गई है। ईरान के मुताबिक उसकी खुफिया एजेंसियों ने सीक्रेट ऑपरेशन के तहत इजरायल के गुप्त परमाणु ठिकानों की सूची हासिल कर ली है। फिर क्या था, जानकारी हाथ लगते ही ईरान ने धमकी देते हुए कहा, अगर इजरायल ने किसी भी तरह की कार्रवाई की तो तेहरान इजरायल के न्यूक्लियर साइट पर हमला कर देगा। इस बीच ईरान की सुप्रीम राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा है कि उसके सीक्रेट एजेंट्स उन स्थानों की सूची हासिल की है जहां पर इजरायल के परमाणु ठिकाने हैं। इसके अलावा ईरान के खुफिया मंत्रालय की ओर से भी कहा गया है, उसे इजरायल के परमाणु कार्यक्रम और पश्चिमी देशों के साथ उसके संबंधों के बारे में गुप्त दस्तावेजों का खजाना मिला है।  ईरान के खुफिया एजेंटों ने इजरायल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बेहद गोपनीय दस्तावेज (Iran Issues Open Threat to Israel) कर लिए हैं हासिल  इस पूरे मामले पर ईरान के खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब ने इसे बेहद खास और खुफिया उपलब्धि (Iran Issues Open Threat to Israel) बताया। इस उपलब्धि से गदगद इस्माइल खातिब ने कहा कि इनमें दस्तावेज, तस्वीरें और वीडियो शामिल हैं। जिन्हें जल्द ही सार्वजनिक किया जाएगा। ईरान की सुप्रीम राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने तो यहां तक कहा है कि इजरायली टारगेट का नक्शा सेना की टेबल पर है। हालाँकि इस दौरान ईरानी सरकारी टेलीविजन और अन्य मीडिया आउटलेट्स ने भी दावा किया है कि ईरान के खुफिया एजेंटों ने इजरायल के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े बेहद गोपनीय दस्तावेज हासिल कर लिए हैं। गौरतलब हो कि हाल ही में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने इशारा किया था कि इजरायल जल्द ही ईरान के खिलाफ खतरनाक कदम उठा सकता है। यही नहीं, अमेरिकी इंटेलिजेंस के मुताबिक, इजरायल की सेना ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला कर सकती है। इतना ही नहीं अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने भी चेतावनी देते हुए कहा था कि ईरान परमाणु हथियार बनाने में इस्तेमाल होने योग्य यूरेनियम के भंडार को तेजी से बढ़ा रहा है। यही नहीं, साथ ही उन्होंने यह भी कहा था, ईरान ने उन्नत सेंट्रीफ्यूज का निर्माण शुरू कर दिया है। इसे भी पढ़ें:-  लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात   ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो ईरान पर हमला (Iran Issues Open Threat to Israel) होगा, जिसका नेतृत्व इजरायल करेगा इसके अलावा बीते महीने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा था कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से ईरान पर हमला रोकने (Iran Issues Open Threat to Israel) को कहा है ताकि अमेरिकी प्रशासन को तेहरान के साथ नए परमाणु समझौते पर आगे बढ़ने के लिए और समय मिल सके। खैर, यह पहली बात नहीं है जब अमेरिका ने ईरान को यह धमकी दी हो, इससे पहले भी अमेरिका और इजरायल परमाणु समझौते को लेकर लगातार ईरान को धमकी देते रहे हैं। अमेरिका ने सख्त लहजे में साफ कहा है, अगर ईरान के साथ समझौता नहीं होता है तो ईरान पर हमला (Iran Issues Open Threat to Israel) होगा, जिसका नेतृत्व इजरायल करेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news Iran Issues Open Threat to Israel #iran #israel #iranvsisrael #iranthreatens #israeltension #middleeastconflict #worldnews #breakingnews #currentaffairs #internationalrelations

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Indian student assaulted in America

Indian Student Slammed by US Police: अमेरिका में भारतीय छात्र के साथ अमानवीय बर्ताव, हथकड़ी लगाकर जमीन पर पटक दिया

अधिकतर भारतीय छात्रों का सपना विदेशों खासतौर पर अमेरिका में जाकर पढ़ना होता है। लाखों छात्र ऐसे हैं जो अमेरिका जाकर अपनी उच्च शिक्षा ग्रहण करते हैं , लेकिन जब से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बने हैं तब भारतीय के खिलाफ अमानवीय व्यवहार किया जा (Indian Student Slammed by US Police) रहा है। इसी क्रम में अमेरिका के न्यू जर्सी में एक भारतीय छात्र के साथ अपराधियों जैसा दुर्व्यवहार किया गया। न्यू जर्सी के नेवार्क एयरपोर्ट पर छात्र को बुरी तरह टॉर्चर किया गया और इसके बाद डिपोर्ट कर दिया। जानकारी के मुताबिक मामला 7 जून की है। अमेरिकी अधिकारियों ने एक भारतीय छात्र को हथकड़ी लगाकर एयरपोर्ट पर बुरी तरह परेशान किया। उसे जमीन पर भी पटक दिया गया। उसे इस तरह अपमानित किया गया मानों वह कोई दुर्दांत अपराधी हो।  एक एनआरआई के रूप में, मुझे असहाय और टूटा हुआ महसूस (Indian Student Slammed by US Police) हुआ, यह एक मानवीय त्रासदी है इंडो अमेरिकन सोशल एंटरप्रेन्योर कुनाल जैन ने नेवार्क एयरपोर्ट पर हुई घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर (Indian Student Slammed by US Police) की है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर घटना बयां करते हुए कहा कि भारतीय छात्र फ्लाइट से उतरा ही था, लेकिन वह इमीग्रेशन अथॉरिटीज को आने का कारण नहीं समझा पाया। इसके बाद अथॉरिटी से जुड़े अधिकारियों ने उसके साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया। कुणाल ने बताया कि वह सपनों का पीछा करते हुए आया था, कोई नुकसान नहीं पहुंचा रहा था। एक एनआरआई के रूप में, मुझे असहाय और टूटा हुआ महसूस हुआ। यह एक मानवीय त्रासदी है।  उन्होंने अमेरिका में भारतीय दूतावास से मामले की जांच करने और छात्र को सहायता प्रदान करने का भी अपील की। कुनाल ने आगे यह भी बताया कि ऐसे कई बच्चे हैं जो सुबह पहुंचते हैं और फिर शाम की फ्लाइट से हाथ-पांव बांधकर वापस भेज दिए जाते हैं। हर दिन 3-4 ऐसे मामले देखने मिल रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:-  लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात  वीडियो में छात्र को जमीन पर गिरा हुआ देखा जा सकता (Indian Student Slammed by US Police) है इस पूरे वाकये का वीडियो वायरल हो गया है। वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर आक्रोश फैल गया है। बता दें कि इस वीडियो को सबसे पहले भारतीय-अमेरिकी उद्यमी, कुणाल जैन ने रिकॉर्ड किया था। इसमें अमेरिकी अधिकारियों को छात्र के साथ एक अपराधी की तरह व्यवहार करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में छात्र को जमीन पर गिरा हुआ देखा जा सकता (Indian Student Slammed by US Police) है। उसे कम से कम चार अधिकारियों ने उसे पकड़ रखा है। जिनमें से दो ने अपने घुटने उसकी पीठ पर रख दिए हैं। उन्होंने छात्र के हाथ-पैर में हथकड़ी लगा रखी थी। इस बीच कुनाल जैन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पोस्ट में टैग कर लिखा कि वह बच्चा मेरे साथ फ्लाइट से आने वाला था, लेकिन उसे फ्लाइट में नहीं बैठाया गया। किसी को पता करना चाहिए कि उसके साथ क्या हो रहा है? खैर, कहने की जरूरत नहीं, इस घटना से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की डिपोर्टेशन की सख्त कार्रवाई के बीच जिस तरह से सैकड़ों भारतीयों को अमेरिका से भारत भेजा गया था, उसकी यादें तरोताजा हो गईं। गौरतलब हो कि इससे पहले फरवरी में 100 से अधिक भारतीयों को भारत वापस लाया गया था। यूएस बॉर्डर पेट्रोल द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में प्रवासियों को हथकड़ी और उनके पैरों में बेड़ियां डालते हुए देखा गया था।  Latest News in Hindi Today Hindi news Indian Student Slammed by US Police #IndianStudent #USPolice #PoliceBrutality #IndianAbroad #BreakingNews #JusticeForIndians #HumanRights #USNews #ViralNews #RacialProfiling

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US law and order

Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident: लॉस एंजिल्स में हुई हिंसा को लेकर भड़के ट्रंप, सख्त चेतावनी देते हुए कही यह बात 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने फैसलों को लेकर खासे चर्चा में बने हुए हैं। इस बीच उन्होंने कानून प्रवर्तन अधिकारियों को मास्क पहने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार करने का आदेश (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के बाद अवैध प्रवासियों को पहचानने और उन्हें अमेरिका से बाहर भेजने हेतु इमिग्रेशन ऑफिसर छापे मार रहे हैं। ट्रंप के इस आदेश का खुलकर विरोध देखने मिल रहा है। विरोध में लोग सड़कों पर निकल रहे हैं। आदेश के विरोध में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि कानूनी रूप से अमेरिका में रह रहे लोगों को भी बेवजह परेशान किया जा रहा। जानबूझकर समाज में फूट डालने की कोशिश की जा रही है। बता दें कि रविवार को राज्य सरकार की घोर आपत्तियों के बावजूद डोनाल्ड ट्रंप ने आदेश निकालकर लॉस एंजिल्स की सड़कों पर 2000 सैनिक उतार दिए थे। ट्रंप के फैसले का पूरे लॉस एंजिल्स में विरोध हो रहा है। देखते ही देखते आव्रजन कार्रवाई के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शनों के बीच लॉस एंजिल्स में तनाव बढ़ गया है। कई स्थानों पर आगजनी और हिंसा भी हुई है। चेहरे पर मास्क पहने लोगों को तुरंत (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) करो गिरफ्तार  इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने लॉस एंजिल्स में प्रदर्शनकारियों को चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारी पुलिस अधिकारियों या सैनिकों पर थूकते हैं तो उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने कहा कि लॉस एंजिल्स पर अवैध विदेशियों और अपराधियों ने आक्रमण करके कब्जा कर लिया है। हिंसक, विद्रोही भीड़ हमारे फेडरल एजेंट्स पर हमला कर रही है और हमारे निर्वासन अभियानों को रोकने की कोशिश कर रही है, लेकिन ये अराजक दंगे हमारे संकल्प को और मजबूत करते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपने सोशल ट्रुथ प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में कहा, चेहरे पर मास्क पहने लोगों को तुरंत गिरफ्तार (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) करें। हिंसा पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अब से, विरोध प्रदर्शनों में मास्क पहनने की कतई अनुमति नहीं दी जाएगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि संघीय सरकार के पास ऐसा आदेश जारी करने का अधिकार है भी या नहीं। खैर, प्रदर्शनकारी अपनी पहचान छुपाने और पुलिस के हथियारों से निकलने वाले धुएं से खुद को बचाने के लिए मास्क पहन रहे हैं। इस बीच कैलिफोर्निया के शहर लॉस एंजिल्स के गवर्नर गेविन न्यूसोम ने कहा, उन्होंने ट्रंप प्रशासन से लॉस एंजिल्स में नेशनल गार्ड की तैनाती को रद्द करने का औपचारिक अनुरोध किया है। न्यूसोम ने सैनिकों की तैनाती को राज्य संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। इसे भी पढ़ें:-एपस्टीन की बाल यौन शोषण की फाइल में ट्रंप का नाम, इसीलिए नहीं हो रही जारी-  एलन मस्क ने लगाया गंभीर आरोप  1965 के बाद यह पहली बार है जब नेशनल गार्ड फोर्स को (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) किया है सक्रिय  ध्यान देने वाली बात यह कि साल 1965 के बाद यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने उस राज्य के राज्यपाल के अनुरोध के बिना किसी राज्य के नेशनल गार्ड फोर्स को सक्रिय (Trump Warns Strongly After Los Angeles Violence Incident) किया है। बता दें कि इससे पहले राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन ने मॉन्टगोमरी, अलबामा में नागरिक अधिकार प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा के लिए सेना भेजी थी। गौरतलब हो कि नेशनल गार्ड अमेरिका की एक रिजर्व सेना है। नेशनल गार्ड के पास कई जिम्मेदारियां हैं, मसलन घरेलू आपदा राहत और सुरक्षा के साथ अमेरिका की जमीन की रक्षा और नागरिक अशांति की रोकथाम करना शामिल है। और इसके साथ ही विदेशों में अमेरिकी सैन्य तैनाती के लिए रिजर्व फोर्स के रूप में काम भी करती है।  Latest News in Hindi Today Hindi news #donaldtrump #losangelesviolence #trumpnews #lawandorder #breakingnews #usa #trumpwarning

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Thane train accident,

4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy: इस वजह से ठाणे में चलती ट्रेन से गिरे यात्री, 4 की मौत अन्य घायल 

देश में ट्रेन के हादसे कोई नई बात नहीं है। आये दिन लोगों और प्रशासन की लापरवाही के चलते हादसे होते रहते हैं। इस क्रम में महाराष्ट्र स्थित ठाणे जिले में सोमवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy) हुआ। जानकारी के मुताबिक सुबह तकरीबन 9:20 बजे कसारा से खचाखच भीड़ से भरी फ़ास्ट लोकल छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस की ओर जा रही थी। जब यह ट्रेन मुंब्रा रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, तभी 10 यात्री चलती ट्रेन से पटरी पर गिर गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत की खबर है। जबकि छह यात्री घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को ठाणे के छत्रपति शिवाजी महाराज अस्पताल, कलवा में भर्ती कराया गया है।  हवा का दबाव इतना जोरदार था कि लोकल ट्रेन से बाहर लटक रहे यात्री अपना संतुलन खो (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy) बैठे शुरूआती जांच में चौकाने वाले तथ्य आये हैं। दरअसल, सुबह के व्यस्त समय में लोकल ट्रेन में भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कई यात्री दरवाजों से लटककर यात्रा कर रहे थे। ट्रेन जब तेज गति से मुंब्रा के पास फास्ट ट्रैक पर थी, तभी सामने से विपरीत दिशा में पुष्पक एक्सप्रेस आ रही थी। उसी वक्त अचानक तेज रफ्तार में दोनों ट्रेनों की पासिंग के दौरान पैदा हुआ हवा का दबाव इतना जोरदार था कि लोकल ट्रेन से बाहर लटक रहे यात्री अपना संतुलन खो (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy) बैठे। इस बीच हादसा होते ही सामने से जा रही पुष्पक एक्सप्रेस के गार्ड ने ट्रैक के किनारे घायल पड़े लोगों को देखते ही तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और बचाव दल मौके पर जा पहुंचे। और पहुंचकर घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा। न्यूज़ एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, अस्पताल में चार लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। मृतकों की उम्र 30 से 35 वर्ष के बीच बताई जा रही है।  अगर यह हादसा लोकल ट्रेन में भीड़ की वजह से हुआ है, तो रेलवे को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए- सांसद और शिवसेना नेता नरेश म्हस्के कहा जा रहा है कि शुरुआत में तो अधिकारियों को यह भी स्पष्ट नहीं था कि यात्री गिरे किस ट्रेन से, लेकिन बाद में ठाणे कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी सूचना में यह पुष्टि हुई कि हादसा कसारा-सीएसएमटी लोकल ट्रेन में हुआ। और पुष्पक एक्सप्रेस की तेज गति और उससे उत्पन्न दबाव इस हादसे का कारण बना। घटना पर घोर दुख जताते हुए ठाणे के लोकसभा सांसद और शिवसेना नेता नरेश म्हस्के ने जांच की मांग करते (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy) हुए यह कहा कियहाँ यह समझना जरूरी है कि क्या यात्री आपसी धक्का-मुक्की में गिरे या किसी और कारण से? उन्होंने कहा, अगर यह हादसा लोकल ट्रेन में भीड़ की वजह से हुआ है, तो रेलवे को इस पर गंभीरता से सोचना चाहिए। इसके अलावा विधान परिषद में नेता विपक्ष अम्बादास दानवे ने भी घटना को ‘दिल दहला देने वाली करार दिया। उन्होंने न सिर्फ घटना को दिल दहला देने वाली करार दिया बल्कि मुंबई की रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा प्रश्नचिन्ह भी निर्माण किया।  इसे भी पढ़ें:- सोनम रघुवंशी ने ही कराई थी अपने पति राजा की हत्या, गाजीपुर पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण मुंबई की लोकल ट्रेनें देश की सबसे व्यस्ततम ट्रेनों में से एक (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy) हैं रेलवे से जुड़े सूत्रों के मुताबिक  प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हादसा ट्रेन में अत्यधिक भीड़ के कारण हुआ। इस हादसे की एक बड़ी वजह लोकल ट्रेनों में दरवाजों का आटोमेटिक न होना है। और तो और पर्याप्त सुरक्षा उपाय न होने के कारण इस तरह की घटनाएं अक्सर होते रहते हैं। बता दें कि मुंबई की लोकल ट्रेनें देश की सबसे व्यस्ततम ट्रेनों में से एक (4 Dead, Many Injured in Thane Train Accident Tragedy)  हैं। रोजाना लाखों यात्री लोकल से सफर करते हैं। लेकिन, अत्यधिक भीड़ और बुनियादी सुरक्षा की कमी के चलते इस तरह की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। इस हादसे पर सेंट्रल रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर स्वप्निल नीला ने खेद जताते हुए कहा कि कसारा लोकल ट्रेन के गार्ड ने सोमवार सुबह करीब 9:30 बजे घटना की सूचना कंट्रोल रूम को दी। इसके बाद घायल यात्रियों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।  Latest News in Hindi Today Hindi news Thane Train Accident Tragedy #thaneaccident #traintragedy #mumbailocal #railwaynews #breakingnews #indianrailways #thane #trainaccident #trendingnews

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Ghazipur Crime News

Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband: सोनम रघुवंशी ने ही कराई थी अपने पति राजा की हत्या, गाजीपुर पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण

विगत 17 दिनों से लापता सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuwanshi) ने आखिरकार उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर ही (Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband) दिया। बता दें कि शादी के बाद 20 मई को सोनम और राजा रघुवंशी (Raja Raghuwanshi) राजी ख़ुशी मध्य प्रदेश से हनीमून के लिए मेघालय के शिलांग गए थे। इस बीच 23 मई को नोंग्रियाट गांव के डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज देखने के बाद दोनों लापता हो गए। दो राज्यों का मामला होने के नाते पुलिस पर प्रेशर बहुत था। कई दिनों की खोजबीन के बाद 2 जून को राजा का शव सोहरा के पास वेईसावडॉन्ग झरने की खाई से बरामद हुआ था। पोस्टमॉर्टम में हत्या की पुष्टि हुई। हालाँकि सोनम का अब तक कोई सुराग नहीं मिला था। सोनम के पिता देवी सिंह रघुवंशी ने मेघालय सरकार और शिलांग पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि शिलांग पुलिस ने पहले दिन से ही इस मामले में लापरवाही बरती। अगर समय पर कार्रवाई होती, तो शायद मेरी बेटी आज सुरक्षित होती। लेकिन सारे के सारे कयास और आरोप धरे के धरे रह गए। दरअसल, सोनम अपने ही पति राजा रघुवंशी की कातिल निकली। उसने ही सुपारी देकर राजा की हत्या करवाई थी।  पत्नी सोनम (Sonam Raghuwanshi) ने सुपारी देकर कराई (Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband) थी पति की हत्या  इस पूरे मामले पर मेघालय डीजीपी आई नोंग्रांग ने सोमवार सुबह बताया कि इंदौर के पर्यटक राजा रघुवंशी (Raja Raghuwanshi) की हत्या कथित तौर पर मेघालय में हनीमून के दौरान उनकी पत्नी सोनम (Sonam Raghuwanshi) ने सुपारी देकर कराई (Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband) थी। इस मामले पर अधिक प्रकाश डालते हुए डीजीपी ने कहा, सोनम ने उत्तर प्रदेश के नंदगंज पुलिस स्टेशन में आत्मसमर्पण किया और बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कहने की जरूरत नहीं, डीजीपी ने सनसनीखेज खुलासा कर हर किसी को हक्का-बक्का कर दिया। डीजीपी ने बताया की कि सोनम ने तीन अन्य हमलावरों को रात भर की छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को उत्तर प्रदेश से पकड़ा गया, जबकि दो अन्य आरोपियों को एसआईटी ने इंदौर से पकड़ा। गिरफ्तार किए गए लोगों ने खुलासा किया है कि सोनम ने राजा रघुवंशी की हत्या के लिए उन्हें सुपारी दी थी। अपराध में शामिल कुछ और लोगों को पकड़ने के लिए मध्य प्रदेश में अभियान अभी भी जारी है। तो वहीं मुख्यमंत्री कॉनराड के संगमा ने देश को झकझोर देने वाले मामले को सुलझाने हेतु पुलिस को बधाई देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि राजा हत्या मामले में 7 दिनों के भीतर मेघालय पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मध्य प्रदेश के 3 हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया गया है। महिला ने आत्मसमर्पण कर दिया है। एक अन्य हमलावर को पकड़ने के लिए अभियान अभी भी जारी है… बहुत बढ़िया।  इसे भी पढ़ें:- बॉयफ्रेंड के खातिर पति और बच्चे को छोड़ मुस्लिम लड़की ने त्यागा इस्लाम, सायमीन से बनी श्रुति, रचाई हिंदू प्रेमी से शादी यूपी के गाजीपुर में एक ढाबे पर मिली (Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband) 17 दिन से लापता सोनम रघुवंशी कहने की जरूरत नहीं, राजा रघुवंशी (Raja Raghuwanshi) हत्याकांड ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। बेशक पत्नी सोनम के मिल जाने से उम्मीद जगी है कि केस के सभी आरोपी जल्द गिरफ्त में आ जाएंगे और साथ ही राजा रघुवंशी की मौत की गुत्थी सुलझ जाएगी। फ़िलहाल गाजीपुर पुलिस के मुताबिक,17 दिन से लापता सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuwanshi) यूपी के गाजीपुर में एक ढाबे पर मिली (Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband) है। पुलिस के मुताबिक वह बदहवास हालत में थी। अभी इस घटना पर कुछ भी बोल नहीं रही है। बता दें कि बीकॉम तक पढ़ी सोनम इंदौर के गोविंद कॉलोनी की निवासी है। 11 मई को हिंदू रीति-रिवाजों से उसकी शादी राजा से हुई थी। शादी के बाद यह कपल शिलांग चला गया था. राजा की लाश शिलांग के पहाड़ पर मिली थी. सोनम और राजा पहले कामाख्या देवी दर्शन करने गए थे। इसके बाद यहां से दोनों शिलांग पहुंचे। फिर दोनों अचानक वहां से गायब हो गए।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sonam Raghuwanshi Surrenders After Killing Husband #SonamRaghuwanshi #RajaMurderCase #GhazipurNews #UPCrime #WifeKillsHusband

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History of idli

Idli Origin Story: दक्षिण भारत से नहीं बल्कि इस देश जुड़ा है आपकी फेवरेट डिश ‘इडली’ का इतिहास

इडली को न सिर्फ दक्षिण भारत बल्कि समूचा भारत बड़े चाव से खाता है। यह फ़ूड इतना टेस्टी है कि गरमा-गरम इडली सांभर और नारियल की चटनी का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। दक्षिण भारत में तो यह वहां का पारंपरिक फ़ूड है। सुबह का नास्ता इससे बेहतर क्या ही हो सकता है। खाते तो हम सभी हैं इसे, लेकिन क्या अपने कभी सोचा है कि इडली कहाँ का व्यंजन है? अगर आपको ऐसा लगता है कि इसका संबंध दक्षिण भारत से है तो आप गलत (Idli Origin Story) हैं। जी, हाँ आपने सही पढ़ा। इडली दक्षिण भारत का व्यंजन नहीं है। हम सभी को यही लगता था कि इडली साउथ की देन है। लेकिन सच्चाई तो यह है कि आपकी पसंदीदा, नरम-मुलायम इडली दक्षिण भारत से है ही नहीं। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि इडली यदि दक्षिण भारत की नहीं तो फिर कहाँ की है? इस पर इतिहासकारों का मानना है कि इडली की शुरुआत इंडोनेशिया में हुई थी।  इंडोनेशिया में केडली नामका एक डिश बड़ी मशहूर (Idli Origin Story) थी दरअसल, ऐसा माना जाता है कि 800 से 1200 ईस्वी के दौरान, इंडोनेशिया में केडली नामका एक डिश बड़ी मशहूर (Idli Origin Story) थी। जो काफी हद तक इडली की ही तरह थी। उस दौर में इंडोनेशिया में चावल और फर्मेंटेशन के प्रोसेस का इस्तेमाल खाने में काफी होता था। कुछका तो यह भी मानना है कि इडली अरब देशों से आई है। और दौर में अरब व्यापारी भारत आया-जाया करते थे। और वो वहां से अपने साथ खमीर उठाने की विधि लाए थे, जो कालांतर में चलकर इडली के रूप में परिवर्तित हुई। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि जब इडली इंडोनेशिया में मश्हूर थी तो भारत कैसे पहुंची? और भारत में पहुंची भी तो दक्षिण भारत में ही क्यों और कैसे मशहूर हुई? इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक इडली का जिक्र 920 ईस्वी में कन्नड़ साहित्य में (Idli Origin Story) मिलता है इतिहासकारों का मानना है कि इंडोनेशिया से जो लोग भारत आए, वे अपने साथ इस डिश को बनाने की विधि भी लेकर आये। भारत आकर इसमें थोड़े बहुत बदलाव किये और इसे स्थानीय मसालों और तरीकों के जरिये बनाना शुरू किया। आपको जानकर बड़ी हैरानी होगी कि सबसे पहले इडली का जिक्र 920 ईस्वी में कन्नड़ साहित्य (Idli Origin Story) में मिलता है। वहां इसे इड्डलिगे कहकर संबोधित किया गया था। ध्यान देने वाली बात यह कि उस दौरान उड़द दाल को छाछ में भिगोकर और कुछ मसालों के साथ बनाया जाता था। उस समय इसमें खमीर नहीं उठाया जाता था और न ही चावल का ही इस्तेमाल होता था। इस बीच समय बीतता गया और 17वीं शताब्दी तक इडली ने अपने आपको पूरी तरह बदल लिया। आज के दौर में इसमें चावल को शामिल किया गया और खमीर उठाने की प्रक्रिया भी जोड़ी गई। इसके चलते इडली और भी मुलायम और स्वादिष्ट बन गई। दक्षिण भारत की गर्म और नम जलवायु खमीर उठाने के लिए एकदम सही थी। कारण यही जो यह यहां बड़ी तेजी से मशहुर हुई। Latest News in Hindi Today Hindi  Idli Origin Story #IdliOrigin #SouthIndianFood #IndianCuisine #FoodHistory #SurprisingFacts #Idli #BreakfastLove

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