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Mother & Minor Lover Involved in Shocking Child Abuse Case

Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case: पहले 19 साल के प्रेमी से करवाया अपनी ढाई साल की बेटी दुष्कर्म, फिर घोंटा बच्ची का गला

सरकार लाख चाहे बेटी बचाओ की मुहीम क्यों न चला ले, समाज में बैठे दरिंदे मंसूबों पर पानी फेरने के लिए तैयार बैठे हैं। देश के हर कोने में हर दिन कोई न कोई मासूम किसी न किसी की हवस का शिकार बनती रहती है। ताजा मामला है देश की आर्थिक राजधानी कही जाने वाली मुंबई की है, जहाँ एक कलयुगी डायन ने अपनी ढाई साल की नन्हीं मसूम का गला घोंट (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) दिया। आगे की बात जानकर हो सकता है आपका कलेजा कांप उठे। नन्हीं सी जान को मारने से पहले उसने अपने 19 साल के प्रेमी से दुष्कर्म भी करवाया। सोचनीय बात यह कि दुष्कर्म वो भी अपनी ही ढाई साल की बच्ची का। आपने जो पढ़ा, वो सच है। दिल दहला देने वाली यह घटना मलाड के मालवणी स्थित एक झोपड़पट्टी में हुई है। फ़िलहाल पुलिस ने हत्यारन महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। 30 वर्षीय हत्यारन माँ की शादी दो साल पहले टूट गई (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) थी जाँच में मुंबई पुलिस को पता चला कि 30 वर्षीय हत्यारन माँ की शादी दो साल पहले टूट गई थी। इस दौरान वो पेट से थी। बच्चे को जन्म देने के बाद से वह अपनी मां के घर पर रहा करती थी। इस दरम्यान उसकी पहचान पड़ोस में रह रहे 19 साल के लड़के से होती है। पहली बार में ही दोनों एक दूसरे के करीब आ जाते हैं और दोनों के बीच संबंध स्थापित हो जाते (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) हैं। पुलिस के मुताबिक, “महिला और 19 साल का उसका प्रेमी दोनों रिलेशनशिप में थे।” दोनों के रिश्तों की भनक किसी को नहीं थी। इस बीच एक दिन हत्यारन की माँ यानी बच्ची की नानी घर पर नहीं थी। मौका देख 19 साल प्रेमी घर आया और बच्ची के साथ दुष्कर्म करने की जिद करने लगा। पूछताछ में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि आरोपी ने इससे पहले भी यह जिद की थी। पहले तो वह अपनी बेटी का उत्पीड़न कराने के लिए तैयार नहीं हुई, लेकिन बार-बार जिद करने के बाद वह तैयार हो गई। अपनी आँखों के सामने अपनी ही फूल सी बच्ची का (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) करवाया दुष्कर्म चूँकि घर पर कोई था नहीं, सो उसने अपनी आँखों के सामने ही अपनी फूल सी बच्ची का दुष्कर्म (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) करवाया। इस बीच वह मासूम दर्द के मारे चीखती रही, लेकिन उस हैवान को जरा भी तरस नहीं आया। उसकी चीख ऐसी की कान के पर्दे फट जाएँ। अपनी हवस मिटाने के बाद फिर दोनों ने मिलकर उसका गला घोंट दिया। पुलिस के मुताबिक हत्यारन महिला ने कबूल किया कि वो अपनी बेटी को किसी भी हाल में अपने साथ नहीं रखना चाहती थी। उसकी बूढ़ी माँ ही उसका ध्यान रखती थी, जो बतौर सहायिक के रूप में काम करती है और 3000 महीना कमाती है। खैर, मामला सामने आता भी नही, वो तो गला घोंटने के बाद दोनों रविवार देर रात मालवणी के एक अस्पताल में लेकर गए। आरोपियों ने मौजूद डॉक्टरों से कहा कि “बच्ची को मिर्गी का दौरा पड़ा है। जिसके कारण वह बेहोश हो गई है।” इसे भी पढ़ें:- लालू की पार्टी आरजेडी के नेता शंभू गुप्ता 2 करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार आरोपियों ने अपराध को छिपाने की (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) की कोशिश इस बीच डॉक्टर ने चेक करना शुरू किया। जांच करने पर पता चला कि बच्ची की मौत दम घुटने से हुई है, न कि मिर्गी की वजह से आई बेहोशी है। फ़िलहाल, ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने जांच के दौरान बच्ची को मृत घोषित कर दिया। तभी डॉक्टर की नजर बच्ची के प्राइवेट पार्ट्स पर ताजे चोट के निशान पड़ी, जो कि यौन उत्पीड़न की तरफ इशारा कर रहे थे। शक होने पर डॉक्टरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने पहुंचकर दोनों को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि दोनों ने आरोपियों ने अपराध को छिपाने की कोशिश (Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case) की। उन्होंने दावा किया कि बच्ची को मिर्गी का दौरा पड़ा था लेकिन, डॉक्टर ने देखा कि बच्ची की मौत दम घुटने से हुई है।” पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की सुसंगत धाराओं जिनमें, 70,64,65 (2), 66,103,238,3 (5) शामिल है के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम की धारा 6,10.21 के तहत मामला दर्ज किया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Mother & Minor Lover Involved in Child Abuse Case #ChildAbuse #ChildSafety #StopChildAbuse #JusticeForChildren #ProtectKids #CrimeNews #ChildProtection #BreakingNews #ChildRights #LawAndOrder

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One Nation One Election

One Nation One Election: इतना भी आसान नहीं है वन नेशन-वन इलेक्शन करवाना, कुल इतने हजार करोड़ होंगे खर्च

देश में हर साल कहीं न कहीं, कोई न कोई चुनाव होता ही रहता है। कभी इस राज्य में चुनाव तो कभी उस राज्य में। इस बीच बीते वर्षों में वन नेशन वन इलेक्शन (One Nation One Election) की चर्चा जोरों पर है। कुछ राजनीतिक पार्टियां हैं जो इसके पक्ष में हैं, तो कुछ विपक्ष में। खैर, ऐसे में बड़ा सवाल कि क्या देश में वन नेशन वन इलेक्शन यानी एक साथ लोकसभा और विधानसभ चुनाव संपन्न करा पाना आसान है? और उससे भी बड़ा सवाल यह कि इसे कराने में आखिर खर्च कितना आएगा? कहने की जरूरत नहीं इसे कराने में कई हजार करोड़ खर्च होंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक, यदि साल 2029 में सरकार वन नेशन वन इलेक्शन कराती है तो चुनाव आयोग को काम से काम 1 करोड़ ईवीएम मशीन, 34 लाख वीवीपैट मशीन, 48 लाख बैलेटिंग यूनिट और 35 लाख कंट्रोल यूनिट की जरूरत होगी। इसे खरीदने में कुल 5,300 करोड़ रुपये से भी अधिक खर्च होगा।  ज्वाइंट पार्लियामेंटरी कमेटी वन नेशन-वन इलेक्शन (One Nation One Election) के मुद्दे पर कर रही है विचार  दरअसल, इकोनॉमिक्स टाइम्स की मानें तो इस पर चुनाव आयोग ने एक असिसमेंट किया है, जिसमें एक साथ चुनाव कराने में 5,300 करोड़ रुपये से ज्यादा आने आने का अनुमान लगाया गया है। फिलहाल अभी वन नेशन वन इलेक्शन (One Nation One Election) बिल ज्वाइंट पार्लियामेंटरी कमेटी के पास है, जिस पर सुझाव लिए जा रहे हैं। इस बीच चुनाव आयोग संसदीय समिति के सवालों का जवाब तैयार कर रहा है। यह समिति वन नेशन-वन इलेक्शन (एक देश, एक चुनाव) के मुद्दे पर विचार कर रही है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक समिति ने चुनाव आयोग से पूछा है कि “एक साथ चुनाव कराने में कितना खर्च आएगा और क्या इससे खर्च कम हो सकता है? जाहिर सी बात है, चुनाव आयोग का जवाब ईवीएम और वीवीपैट मशीनों पर ही आधारित होगा।  एक साथ चुनाव कराने हेतु चुनाव (One Nation One Election) आयोग को लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कई चुनौतियों का भी करना पड़ेगा सामना  वर्तमान में चुनाव आयोग के पास 30 लाख से अधिक बीयू, 22 लाख सीएयू (बीयू और सीयू मिलकर ईवीएम बनाते हैं) और लगभग 24 लाख वीवीपैट हैं। यह तो ठीक, लेकिन ध्यान देने वाली महत्वपूर्ण बात यह कि साल इनमें कई मशीने 15 साल पुरानी हैं। कई मशीनें 2013-14 में खरीदी गई थीं। जाहिर सी बात है ऐसे में साल 2029 में होने वाले इलेक्शन के लिए तकरीबन 20 लाख बीयू, 13.6 लाख सीयू और 10 लाख से ज्यादा वीवीपैट की कमी हो सकती है। यही नहीं, एक साथ चुनाव कराने हेतु चुनाव (One Nation One Election) आयोग को लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा। वजह यह कि चुनाव आयोग को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को रखने के लिए अधिक से अधिक गोदामों की ज़रूरत होगी। आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा और सिक्किम जैसे राज्यों के पास अपने खुद के गोदाम ही नहीं हैं। इसे भी पढ़ें:- लालू की पार्टी आरजेडी के नेता शंभू गुप्ता 2 करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार वन नेशन-वन इलेक्शन (One Nation One Election) के लिए बड़ी तादात में कर्मचारियों को तैयार करना और उन्हें ट्रेनिंग देना नहीं है आसान  इसके अलावा एक साथ चुनाव कराने (One Nation One Election) के लिए बड़ी तादात में कर्मचारियों को तैयार करना और उन्हें ट्रेनिंग देना आसान नहीं है। यही नहीं, इसके अलावा मशीनों की जांच के लिए मैन्युफैक्चरर के इंजीनियरों को बुलाना होगा। गौरतलब हो कि यह काम लोकसभा चुनाव से छह महीने पहले और विधानसभा चुनाव से चार महीने पहले शुरू हो जाता है। 12 लाख से ज़्यादा पोलिंग स्टेशनों और गोदामों की सुरक्षा के लिए भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों की ज़रूरत होगी। ऐसा इसलिए कि साल 2024 के लोकसभा इलेक्शन में 10.53 लाख पोलिंग स्टेशन थे। चुनाव आयोग का अनुमान है कि साल 2029 में पोलिंग स्टेशन्स की संख्या में  15% इजाफा हो सकता है। 15% इजाफा होने का अर्थ है वन नेशन वन इलेक्शन के लिए 12.1 लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन्स की आवश्यकता होगी। बता दें कि हर पोलिंग स्टेशन पर दो सेट ईवीएम की ज़रूरत होती है। पोलिंग स्टेशन्स की संख्या बढ़ने का अर्थ है ईवीएम के साथ सब की संख्या बढ़ जाएगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news One Nation One Election #OneNationOneElection #ElectionReformIndia #SimultaneousPolls #ModiGovernment #IndianPolitics #LokSabha2024 #ElectionCost #OnePollIndia #LawCommission #DemocracyIndia

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Shambhu Gupta opium case

RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium: लालू की पार्टी आरजेडी के नेता शंभू गुप्ता 2 करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार

कहने के लिए तो बिहार में पूर्णतया शराब बंदी है, लेकिन सूबे में नशे का कारोबार है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। आये दिन पुलिस कार्रवाई करती रहती है। ऐसी ही एक कार्रवाई के तहत पुलिस ने मोतिहारी जिले में नशे की एक बड़ी खेप पकड़ी है। जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई कोटवा थाना क्षेत्र में बिहार एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा की गई है। इस कार्रवाई में तेजस्वी यादव के सबसे करीबी माने जाने वाले आरजेडी नेता को पुलिस ने अफीम के साथ (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) पकड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोतीहारी जिले में पुलिस ने राष्ट्रीय जनता दल के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष शंभू गुप्ता को तकरीबन दो करोड़ रुपये की अफीम के साथ गिरफ्तार किया है। इसके साथ उनके दो अन्य सहयोगियों को भी हिरासत में लिया गया है। गिरफ्तार किये गए आरोपियों की पहचा बांका निवासी नरेश साह और यूपी के सहारनपुर निवासी सोमपाल कुमार के रूप में हुई है। दोनों का आपराधिक इतिहास रहा है।  शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) नेपाल से भारी मात्रा में अफीम लाकर बिहार और उत्तर प्रदेश में इसकी करता था सप्लाई  खबर के मुताबिक पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) एक ऐसे अफीम तस्करी रैकेट का सरगना है जो नेपाल से भारी मात्रा में अफीम लाकर बिहार और उत्तर प्रदेश में इसकी सप्लाई करता था। फिर क्या था, इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने अपना जाल बिछाया और शंभू गुप्ता को 4.074 किलोग्राम अफीम के साथ धर दबोचा। अफीम के साथ-साथ उसके पास से 55,000 रुपये नकद और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। पुलिस की माने तो “शंभू गुप्ता के खिलाफ पहले से ही मोतीहारी के छतौनी थाना और झारखंड के जमशेदपुर में हत्या, अपहरण और एनडीपीएस जैसे गंभीर मामलों में तीन मुकदमे दर्ज हैं।” खैर, वर्तमान में पुलिस इस तस्करी रैकेट की गहराई तक जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध कारोबार में और कौन-कौन शामिल है और अफीम की यह खेप किन-किन स्थानों पर पहुंचाई जानी थी। इसके अलावा पुलिस जब्त किये मोबाइल की कॉल हिस्ट्री खंगाल रही है, ताकि अन्य तस्करों की पहचान की जा सके।  शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) व उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए की गई थी विशेष टीम गठित इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब गहनता से जाँच में जुटी हुई है कि आखिर तकरीबन 2 करोड़ की अफीम उसने कहाँ से ली और आगे चलकर वो किन किन को इसे डिलीवर करना चाहता था। इसके साथ ही पुलिस इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की भी तलाश में जुटी है। इस पूरे मामले पर सदर एसडीपीओ जितेश पांडे ने बताया कि “शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) व उसके सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम गठित की गई थी।” उन्होंने विस्तारपूर्वक बताया कि “हम इस रैकेट के पूरे नेटवर्क को उजागर करने में जुटे हैं। शंभू गुप्ता की आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उनकी गतिविधियों की गहन जांच की जा रही है।” गौरतलब हो कि यह गिरफ्तारी बिहार में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान का हिस्सा है। बिहार पुलिस ने ट्वीट कर इस कार्रवाई की जानकारी दी और इसे मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता बताया। बता दें कि शंभू गुप्ता पर पहले से हत्या और अपहरण के मामले दर्ज हैं।  इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) आरजेडी मधुबन संगठन जिला के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष भी है इस पूरे मामले पर जितेश पांडेय ने बताया कि “एसपी के निर्देश पर शराब एवं ड्रग्स माफिया के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में इन लोगों को पकड़ा गया है।” बता दें कि तस्कर शंभू गुप्ता (RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium) आरजेडी मधुबन संगठन जिला के अति पिछड़ा प्रकोष्ठ का अध्यक्ष है। इसके अलावा वह दुलमा पंचायत से मुखिया भी रह चुका है। इसके अलावा वो मधुबन विधानसभा से प्रत्याशी के रूप में अपना प्रचार-प्रसार करने का भी काम किया है। इसके साथ ही वह आरजेडी के कई कार्यक्रम में हिस्सा लेता रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news RJD Leader Caught with ₹2 Cr Worth of Opium #RJDLeaderArrested #ShambhuGupta #OpiumSmuggling #₹2CroreDrugs #BiharNews #DrugBust #LaluYadav #RJDScandal #PoliticalCrime #NarcoticsIndia

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Sunrisers Hyderabad vs Lucknow

Sunrisers Hyderabad defeat Lucknow Super Giants: सनराइजर्स हैदराबाद की जीत ने किया लखनऊ सुपरजायंट्स को प्लेऑफ की रेस से बाहर, भिड़े खिलाड़ी

19 मई को आईपीएल 2025 (इंडियन प्रीमियर लीग) का 61वां मुकाबला लखनऊ सुपरजायंट्स और सनराइजर्स हैदराबाद बीच खेला गया। लखनऊ के इकना  (भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी क्रिकेट स्टेडियम) स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद ने लखनऊ सुपरजायंट्स को आईपीएल 2025 से बाहर कर (Sunrisers Hyderabad defeat Lucknow Super Giants) दिया है। दरअसल, इस लीग की प्लेऑफ की रेस में बने रहने के लिए लखनऊ को यह मैच जीतना बेहद जरूरी था। करो या मरों की स्थिति के बावजूद लखनऊ को हार का मुंह देखना पड़ा। बता दें कि सोमवार को लखनऊ सुपरजायंट्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच हुए मैच में  सनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंस ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने लखनऊ ने बढ़िया शुरुआत की। लखनऊ की तरफ से मिचेल मार्श ने 65 रन, एडेन मार्करम ने 61 रन तो निकलस पूरन 45 रन बनाए। इन रनों की बदौलत लखनऊ ने 7 विकेट के नुकसान पर कुल 205 रन बनाए।  हैदराबाद ने महज 18.2 ओवर में 4 के नुकसान (Sunrisers Hyderabad defeat Lucknow Super Giants) पर निर्धारित लक्ष्य को आसानी से कर लिया पूरा  205 रन देख एक पल तो ऐसा लग रहा था कि इसे चेस करना सनराइजर्स हैदराबाद के लिए मुश्किल हो सकता (Sunrisers Hyderabad defeat Lucknow Super Giants) है, लेकिन हैदराबाद ने अपने बल्लेबाजों के बलबूते महज 18.2 ओवर में 4 के नुकसान पर निर्धारित लक्ष्य को आसानी से पूरा कर लिया। हैदराबाद की तरफ से अभिषेक शर्मा ने सबसे अधिक 59 रन बनाए। उन्होंने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 20 गेंद में 6 चौके और 4 छक्के जड़े। उनकी पारी के ही दम पर हैदराबाद यह मैच 6 विकेट से जीतने में कामयाब रही। इसके साथ ही उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए। अभिषेक आईपीएल इतिहास के इकलौते ऐसे भारतीय बल्लेबाज बने हैं जिनके नाम 20 गेंदों से कम में चार अर्द्धशतक लगाने का कमाल दर्ज है। उनके अलावा हेनरिक क्लासेन ने 47, ईशान किशन ने 35 तो वहीं कामिंडु मेंडिस 32 रन बनाए।  12 मैचों में यह लखनऊ सुपरजायंट्स की (Sunrisers Hyderabad defeat Lucknow Super Giants) 7वीं हार है  गौरतलब हो कि 12 मैचों में यह लखनऊ सुपरजायंट्स की 7वीं हार (Sunrisers Hyderabad defeat Lucknow Super Giants) है। इस हार के साथ ही वो प्लेऑफ से भी बाहर हो गई है। ऐसे में यदि लखनऊ चाहकर भी अपने बाकी बचे दोनों मच जीत भी ले तो भी उसके 14 पांइट्स नहीं हो पाएंगे, क्योंकि 12 मैच से 10 अंक हैं। प्लेऑफ के लिए कम से कम 15 या इससे अधिक अंक चाहिए। रही बात सनराइजर्स हैदराबाद की तो 12 मैच में यह उसकी चौथी जीत है। वह पहले ही प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी है। बात करें क्वालीफाई करने वाली टीमों की तो, गुजरात टाइटंस (18), पंजाब किंग्स (17) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू (17) की टीमें आईपीएल प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर चुकी हैं। मुंबई इंडियंस (14) और दिल्ली कैपिटल्स (13) के दो-दो मैच बाकी हैं। इनमें से एक मैच तो इन दोनों के बीच ही होना है। ऐसे में ये तो तयशुदा है कि दोनों में से कोई एक ही टीम क्वालीफाई करेगी।  इसे भी पढ़ें:- एकतरफा मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी दी शिकस्त तेरी चोटी पकड़ के मारूंगा, भिड़े अभिषेक शर्मा और दिग्वेश राठी  खैर, इस मुकाबले में एक पल ऐसा भी आया जब दोनों खिलाडियों के बीच तू-तू, मैं-मैं  भी हुई। देखते ही देखते दोनों में तकरार इस कदर बढ़ गई कि अंपायर्स से लेकर कप्तान और खिलाड़ियों तक को बीच बचाव करना पड़ा। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि मैच खत्म होने के बाद बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला को दोनों खिलाडियों से बातचीत कर सुलह करानी पड़ी। दरअसल, लखनऊ सुपरजायंट्स के 206 रन के लक्ष्य के जवाब में अभिषेक शर्मा ने सनराइजर्स हैदराबाद को धमाकेदार शुरुआत दिलाई। 20 गेंद में 59 रन की पारी खेलने वाले अभिषेक को आठवें ओवर में लेग स्पिनर दिग्वेश राठी ने आउट किया। अभिषेक के हाथों इस मैच में लगातार चार छक्के खाने वाले दिग्वेश राठी ने जब उन्हें अगले ओवर में आउट किया तो अपने खास नोटबुक स्टाइल से विकेट सेलिब्रेट किया। दिग्वेश राठी का जश्न मानना अभिषेक शर्मा को खल गया। फिर क्या था, अभिषेक सीधे दिग्वेश राठी से बहस करने लगे। ताव में आकर उन्होंने दिग्वेश से कहा कि ‘तेरी चोटी पकड़ के मारूंगा। जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। बता दें कि दिग्वेश को अपने इस सेलिब्रेशन के तरीके की वजह से बीसीसीआई द्वारा दो बार फाइन भी लगाया जा चुका है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Sunrisers Hyderabad defeat Lucknow Super Giants #SunrisersHyderabad #SRHvsLSG #IPL2025 #IPLPlayoffRace #HyderabadWins #LucknowOut #IPLClash #CricketNews #SRHVictory #T20Cricket

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Operation Sindoor controversy

Operation Sindoor Ad on Tickets: रेल्वे टिकट पर ऑपरेशन सिंदूर का प्रचार होने पर भड़की कांग्रेस, पीएम मोदी को लेकर कही यह बात

22 अप्रैल को जम्मूकश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले का बदला भारत सरकार ने 6-7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) चलाकर लिया था। इसके तहत भारतीय सेना ने 9 आतंकी ठिकानों सहित पाकिस्तान के एयर डिफेंस सिस्टम और एयर बेस को बर्बाद कर दिया था। इस कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकी और 40 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे। भारतीय सेना के पराक्रम के आगे 3 दिन के भीतर ही पाकिस्तान घुटनों पर आ गया और सीजफायर की दुहाई देने लगा। जिसके बाद दोनों देशों के डीजीएमओ के बीच हुई बातचीत के बाद सीजफायर का ऐलान कर दिया गया। हालाँकि देश केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कई मंचों से पाकिस्तान से दो टूक कह दिया था कि ऑपरेशन सिंदूर अभी खत्म नहीं हुआ है। अभी भी जारी है। अभी सिर्फ ट्रेलर दिखाया गया है। अभी तो पिक्चर बाकी है। इस बीच सभी राजनीतिक दलों ने एक स्वर में ऑपरेशन सिंदूर का श्रेय बीजेपी सरकार को न देते हुए सेना को दिया (Operation Sindoor Ad on Tickets) था। इसके साथ सभी दलों ने यह आशंका जताई थी कि बीजेपी आज नहीं तो कल ऑपरेशन सिंदूर का क्रेडिट लेगी ही।  मध्य प्रदेश में ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor Ad on Tickets) को लेकर शुरु हो गई है राजनीति  खैर, इस बीच मध्य प्रदेश में ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor Ad on Tickets) को लेकर राजनीति शुरु हो गई है। बता दें कि ये राजनीति भारतीय रेलवे के रिजर्वेशन टिकट पर छपे ऑपरेशन सिंदूर का संदेश देती प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फोटो से शुरु हुई (Operation Sindoor Ad on Tickets) है। दरअसल, रेलवे रिजर्वेशन टिकट लिखा है कि “ऑपरेशन सिंदूर ने आतंक के खिलाफ लड़ाई में एक नई लकीर खींच दी है। एक नया पैमाना, न्यू नॉर्मल तय कर दिया है। वहीं, टिकट के निचले हिस्से में बारीक से अक्षरों में लिखा है कि “पीएम मोदी का राष्ट्र के नाम संबोधन 12 मई 2025।” इस फोटो पर कांग्रेस ने कड़ी आपत्ति जताते हुए केंद्र सरकार को आपदा में अवसर बनाने वाला बताया है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक भारतीय रेलवे के टिकट पर ऑपरेशन सिंदूर का संदेश और उसपर प्राधनमंत्री की तस्वीर को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने एक्स पर पोस्ट करते हुए केंद्र की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा।  अपनी राजनीति चमकाने के लिए ऑपरेशन सिंदूर को एक प्रोडक्ट के रूप में बेचा (Operation Sindoor Ad on Tickets) जा रहा है "सेना के पराक्रम को भी अपनी राजनीति चमकाने के लिए एक प्रोडक्ट की तरह बेचा जा रहा है" केंद्र सरकार कितनी विज्ञापनजीवी हो चुकी है, इसका ताज़ा उदाहरण देखिए — रेलवे टिकट पर "ऑपरेशन सिंदूर" का इस्तेमाल प्रधानमंत्री के प्रचार के तौर पर किया जा रहा है। अब तक तो सिर्फ मध्यप्रदेश के… pic.twitter.com/6oMP9IJ912 — Umang Singhar (@UmangSinghar) May 19, 2025 बीजेपी को आडे हाथों लेते हुए उन्होंने लिखा कि “सेना के पराक्रम को अपनी राजनीति चमकाने के लिए एक प्रोडक्ट के रूप में बेचा (Operation Sindoor Ad on Tickets) जा रहा है। केंद्र सरकार कितनी विज्ञापनजीवी हो चुकी है, इसका ताज़ा उदाहरण देखिए रेलवे टिकट पर। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) का इस्तेमाल प्रधानमंत्री के प्रचार के तौर पर किया जा रहा है। अब तक तो सिर्फ मध्य प्रदेश के भाजपा नेता ही सेना का अपमान कर रहे थे, अब तो खुद प्रधानमंत्री भी उसी कतार में शामिल हो गए हैं..सोचिए।” दरअसल, कांग्रेस की आपत्ति इस बात को लेकर भी है कि केंद्र की मोदी सरकार हर मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने से बाज नहीं आती। कांग्रेस के मुताबिक वो चाहे रेल के टिकट पर ऑपरेशन सिंदूर में शामिल जवानों की तस्वीरें हटाकर अपना चेहरा चमकाना हो या फिर कोविड वैक्सीन सर्टिफिकेट से वैज्ञानिकों की मेहनत गायब कर, अपना चेहरा छपवाना हो या पुलवामा में शहीद हुए जवानों के नाम पर वोट मांगना हो या चाहे बालाकोट एयर स्ट्राइक को चुनावी मुद्दा बनाना हो। बीजेपी हर मुद्दे को भुनाना अच्छे से जानती है। कांग्रेस का कहना है कि “वाकई, आपदा को अवसर में बदलने की कला अगर किसी को सीखनी है, तो भाजपा से सीखे!” इसे भी पढ़ें:- कांग्रेस विधायक ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाते हुए कही यह बात पूर्व केंद्रीय मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और उदित राज ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम को धार्मिक प्रतीकात्मकता से जोड़ते हुए जताई थी आपत्ति  'ऑपरेशन सिंदूर' के प्रचार-प्रसार को लेकर कांग्रेस को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, क्योंकि पार्टी ने इस सैन्य अभियान का समर्थन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी ने भारतीय सेना की कार्रवाई की सराहना की है। कांग्रेस कार्य समिति ने भी एकमत से इस ऑपरेशन का… — Dr.Hitesh Bajpai MBBS, MD (@drhiteshbajpai) May 19, 2025 इस दरम्यान मध्य प्रदेश नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की आपत्ति पर भाजपा ने भी तगड़ा पलटवार किया है। बीजेपी प्रवक्ता डॉ. हितेष बाजपेयी ने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के प्रचार-प्रसार (Operation Sindoor Ad on Tickets) को लेकर कांग्रेस को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। क्योंकि, पार्टी ने इस सैन्य अभियान का समर्थन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी ने भारतीय सेना की कार्रवाई की सराहना की है। कांग्रेस कार्य समिति ने भी एकमत होकर ऑपरेशन का समर्थन किया है। हालांकि, कुछ कांग्रेस नेताओं ने अभियान के नाम को लेकर सवाल उठाए हैं।” यही नहीं, डॉ. वाजपेयी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स एक पोस्ट लिखकर कहा कि “पूर्व केंद्रीय मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण और उदित राज ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ नाम को धार्मिक प्रतीकात्मकता से जोड़ते हुए आपत्ति जताई है। इसके बावजूद, कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन किया है, जिससे स्पष्ट है कि पार्टी राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर सरकार और सेना के साथ खड़ी है, ऐसा वो कहती है। इसके बावजूद भी अगर कांग्रेस नेता ऑपरेशन सिंदूर के प्रचार-प्रसार और गौरव से ईर्ष्या करते हैं तो उन्हें स्पष्ट करना होगा कि, उनके नेताओं के मन में क्या अभी भी पकिस्तान के प्रति प्यार जीवित है?” Latest News in Hindi Today Hindi news Operation Sindoor Ad on Tickets #OperationSindoor #RailwayTicketAd #CongressVsBJP #PMModiNews #PoliticalControversy #IndianRailways #BharatPolitics #LokSabha2025 #ElectionAds #PublicReaction

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BJP slams Congress

BJP slams Congress over delegation: झूठ बोल रही है कांग्रेस, नहीं माँगा था कोई नाम, इसलिए युसूफ पठान कर गए प्रतिनिधिमंडल से किनारा

आतंकवाद के खिलाफ जीरो टोलेरेंस की नीति, पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर भारत के पक्ष को दुनिया के अन्य देशों के समक्ष रखने हेतु केंद्र सरकार द्वारा सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का एलान किया गया है। सरकार सात प्रतिनिधिमंडलों को अलग-अलग देशों के दौरे पर भेजेगी, जिसके हर प्रतिनिधिमंडल में छह से सात सांसद होंगे। बता दें कि आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को दुनिया के समक्ष बेनकाब करने के लिए अलग-अलग देशों में जा रहे सांसदों के सात प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस (Congress) के कुल चार सांसद शामिल (BJP slams Congress over delegation) हैं। महत्वपूर्ण बात यह कि सांसद शशि थरूर इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस बीच कांग्रेस इस बात को लेकर उखड़ी हुई है कि सरकार ने उनकी पार्टी के सदस्यों का चुनाव कैसे किया? दरअसल, केंद्र सरकार को घेरते हुए कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि सरकार ने पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर पर बात करने हेतु विदेश जाने वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडलों के लिए उनसे चार सांसदों के नाम मांगे थे, लेकिन बाद में सरकार ने उनमें से तीन नाम को रिजेक्ट कर दिया।  कांग्रेस के आरोपों को ख़ारिज करते हुए बीजेपी ने बताया निराधार (BJP slams Congress over delegation) हालाँकि केंद्र की बीजेपी (BJP) सरकार ने कांग्रेस के आरोपों को ख़ारिज करते हुए निराधार करार (BJP slams Congress over delegation) दिया। इस पूरे मुद्दे पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि “लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को प्रतिनिधिमंडलों के बारे में सिर्फ जानकारी दी गई थी। यह सिर्फ एक शिष्टाचार था।” उन्होंने आगे कहा कि “कांग्रेस से सिर्फ जानकारी के लिए नाम मांगे थे। थरूर को उनकी काबिलियत के आधार पर चुना गया।” दरअसल, द टाइम्स ऑफ़ इंडिया से हुई बातचीत में रिजिजू ने कहा कि “पार्टियों से उनके उम्मीदवार का नाम पूछना पहले कभी नहीं हुआ।” उन्होंने कहा कि “हमने उन्हें सिर्फ शिष्टाचार के तौर पर बताया। हमने कांग्रेस की अंदरूनी बातों पर ध्यान नहीं दिया।” कांग्रेस के आरोपों पर रिजिजू ने कहा कि “सरकार ने यह देखा कि प्रतिनिधिमंडल के काम के लिए कौन सबसे सही रहेगा।” उन्होंने आगे कहा कि “हमें हैरानी है कि शशि थरूर और मनीष तिवारी जैसे सदस्यों के नाम पर कांग्रेस विरोध कर रही है। ये दोनों विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर हमेशा अपनी बात रखते हैं। अभी एक साल भी नहीं हुआ है जब कांग्रेस ने थरूर को विदेश मामलों की स्थायी समिति का अध्यक्ष बनाने की सिफारिश की थी।”  इसे भी पढ़ें:- कांग्रेस विधायक ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाते हुए कही यह बात थरूर और मनीष तिवारी को इसलिए चुना गया ताकि पार्टी नेतृत्व को नीचा दिखाया (BJP slams Congress over delegation) जा सके तो वहीं इस पर कांग्रेस का कहना है कि “थरूर और मनीष तिवारी को इसलिए चुना गया ताकि पार्टी नेतृत्व को नीचा दिखाया जा सके।” इस पर रिजिजू ने कहा, “यह गलत आरोप है। हमने किसी पार्टी की अंदरूनी बातों और उससे होने वाली जलन और असुरक्षा को ध्यान में नहीं (BJP slams Congress over delegation) रखा। हमने सलमान खुर्शीद और पंजाब से उनके सांसद अमर सिंह को भी चुना है। इस बारे में आपका क्या कहना है?” गौरतलब हो कि कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सरकार की घोर आलोचना करते हुए कहा था कि “सरकार ने राहुल गांधी की सिफारिशों को दरकिनार कर थरूर और मनीष तिवारी के नामों को चुना।” सरकार को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि “यह मोदी सरकार की पूरी तरह से बेईमानी दिखाता है। यह दिखाता है कि वह राष्ट्रीय मुद्दों पर हमेशा घटिया राजनीति करते हैं।” दरअसल, कांग्रेस का मानना है कि थरूर को इसलिए नहीं चुना गया क्योंकि पहले संयुक्त राष्ट्र में थे और विदेश राज्य मंत्री भी रह चुके हैं, बल्कि उन्हें इसलिए चुना गया क्योंकि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर पर पार्टी से अलग राय रखी थी। दरअसल, पिछले सप्ताह उन्होंने कहा था कि “उन्हें ऑपरेशन पर गर्व है।” गौर करने वाली बात यह कि उन्होंने यह बात तब कही थी जब कांग्रेस ने यह आरोप लगाने के फ़िराक में थी कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के साथ युद्धविराम कराया था।  पूर्व क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान प्रतिनिधिमंडल में नहीं होंगे शामिल  कांग्रेस पार्टी से अलग-थलग राय रखने के सवाल पर थरूर ने कहा कि “वह एक गर्वित भारतीय के तौर पर बोल रहे हैं।” बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने आनंद शर्मा, राजा वारिंग, गौरव गोगोई और सैयद नसीर हुसैन के नामों की लिस्ट से थरूर का नाम हटा दिया (BJP slams Congress over delegation) था। सरकार ने सिर्फ शर्मा को चुना, जो पहले वाणिज्य मंत्री थे। खैर, इस बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने केंद्र सरकार के आतंकवाद विरोधी प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने से इनकार करते हुए कहा है कि “पूर्व क्रिकेटर और सांसद यूसुफ पठान प्रतिनिधिमंडल में नहीं शामिल होंगे।” जानकारी के मुताबिक सांसद यूसुफ पठान का नाम सूची में शामिल था। इस मामले पर टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने कहा कि “टीएमसी पहले और अभी भी केंद्र सरकार के साथ खड़ी हैं। जहाँ देश की बात होती हैं वहां राजनीति नहीं होनी चाहिए। इसे ऐसे नहीं देखना चाहिए कि हमने डेलीगेशन में जाने से मना किया हैं। लेकिन यह साफ कर देना चाहते हैं कि हमारे पार्टी से कौन जाएगा, ये हम तय करेंगे, न कि बीजेपी सरकार।” बता दें कि सरकार ने टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय को सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने का निमंत्रण दिया था, लेकिन टीएमसी सांसद ने इसमें शामिल होने से साफ़ इनकार कर दिया था। Latest News in Hindi Today Hindi news BJP slams Congress over delegation #BJPCongressClash #YusufPathan #PoliticalNews #IndianPolitics #CongressControversy #BJPNews #DelegationDispute #BreakingNews #BJPvsCongress #PathanExit

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YouTuber arrested for espionage

Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan: पाकिस्तान के लिए ​​जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर और ट्रैवल व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा इस नाम से सेव करती थी नंबर

हिसार की रहने वाली 33 वर्षीय यूट्यूबर और ट्रैवल व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा (Jyoti Malhotra) को पाकिस्तान के लिए ​​जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार (Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan) किया गया है। ध्यान देने वाली बात यह कि पहलगाम आतंकी हमले से तार जुड़ने के बाद ज्योति मल्होत्रा को हिरासत में लिया गया है। दरअसल, 22 अप्रैल को जम्मूकश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत हो गई थी। ये सभी पर्यटक के रूप में छुट्टियां बिताने गए थे। इस हमले के बाद जांच एजेंसियों ने अपनी जांच तेज कर दी थी। जांच में जाँच एजेंसियों को पता चला कि कुछ लोग हैं जिनका डायरेक्ट कनेक्शन पहलगाम हमले से है। इस कड़ी में जांच करते हुए जाँच एजेंसिया हरियाणा की ट्रैवल व्लॉगर ज्योति मल्होत्रा तक जा पहुंची। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के साथ संवेदनशील भारतीय सैन्य जानकारी साझा करने के आरोप में (Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan) लिया है हिरासत में  बता दें कि जाँच एजेंसियों ने ज्योति (Jyoti Malhotra) को पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों के साथ संवेदनशील भारतीय सैन्य जानकारी साझा करने के आरोप में हिरासत (Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan) में लिया है। इस बीच जांच अधिकारी अब ज्योति के व्यापक जासूसी नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश में लगी हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ज्योति ने पुलिस को बताया है कि “वह पाकिस्तान में राणा शहबाज और शाकिर नामक व्यक्तियों से भी मिली थी। ज्योति इस कदर शातिर थी कि किसी को शक न हो इसलिए उसने शाकिर का नंबर जट रंधावा के नाम से सेव किया था। भारत लौटने के बाद भी वह उन लोगों के संपर्क में रही और देश विरोधी जानकारियां साझा करती रही। तो वहीं इस पूरे मामले पर ज्योति के पिता का कहना है कि “ये लोग हमारे घर से सारे डॉक्यूमेंट ले गए हैं। क्या इन्हें कोई सबूत मिला? उन्हें एक सुई भर का भी सबूत नहीं मिला। ज्योति का फोन और सारे इलेक्ट्रॉनिक भी उनके पास हैं, उसमें से भी जांच एजेंसियों को कुछ नहीं मिला।” बता दें कि ज्योति पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम, 1923 की धारा 3, 4 और 5 के तहत आरोप लगाए गए हैं।  ज्योति ने पाकिस्तानी अधिकारियों से किया (Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan) था संपर्क  खैर, अब तक की जांच में पता चला है कि ज्योति ​​(Jyoti Malhotra) ने साल 2023 में 2 बार पाकिस्तान की यात्रा की (Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan) थी। कथित तौर पर उसने वहां पाकिस्तानी अधिकारियों से संपर्क किया था। उन अधिकारियों में दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग का कर्मचारी एहसान-उर-रहीम भी शामिल था, जिसे जासूसी के आरोप में निष्कासित कर दिया गया है। कहा जा रहा है अली अहवान नामक शख्स ने ज्योति ​​के ठहरने की व्यवस्था करने में मदद भी की और उसको शकीर और राणा शाहबाज सहित पाकिस्तानी खुफिया संपर्कों से मिलवाया भी था। अहम बात यह कि ज्योति ​​ने पहचान छुपाने के लिए शाहबाज का फोन नंबर किसी अन्य नाम से सेव किया हुआ था।  कपिल जैन नामक एक यूजर ने 10 मई 2024 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ज्योति (Jyoti Malhotra) की गतिविधियों को लेकर की थी चिंता वक्त  जानकारी के मुताबिक कपिल जैन नामक एक यूजर ने 10 मई 2024 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ज्योति (Jyoti Malhotra) की गतिविधियों को लेकर चिंता वक्त की थी। यूजर ने एक्स के जरिये राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को टैग किया और ज्योति मल्होत्रा ​​की निगरानी करने का अनुरोध करते हुए पोस्ट में पाकिस्तान और कश्मीर की उनकी यात्राओं को संभावित खतरे के रूप में आगाह किया गया (Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan) था। कपिल ने एनआईए को टैग करते हुए लिखा कि “एनआईए कृपया इस महिला पर कड़ी नजर रखे। वह पहले पाकिस्तानी दूतावास के एक कार्यक्रम में शामिल हुई और फिर 10 दिनों के लिए पाकिस्तान भी गई। अब वह कश्मीर जा रही है। हो सकता है कि इन सबके पीछे कोई कड़ी हो।”  इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल कोविड के दौरान नौकरी छूटने पर ज्योति ने शुरू किया था Travel with JO नामक यूट्यूब चैनल  बात करें ज्योति (Jyoti Malhotra) शुरुआत की, तो उसने अपने करियर की शुरुआत गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर की थी।इसके बाद वह हिसार से 20 किलोमीटर दूर एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाने (Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan) लगी। यहाँ कुछ समय तक काम करने के बाद फिर एक प्राइवेट ऑफिस में रिसेप्शनिस्ट की नौकरी करने लगी। इस बीच कोविड ने दस्तक दी और इस दौरान उसकी नौकरी छूट गई। नौकरी छूटने के बाद उसने सोशल मीडिया का रुख कर लिया। उसने ‘Travel with JO’ नामक यूट्यूब चैनल शुरू किया। धीरे-धीरे चैनल लोकप्रिय होने लगा। वह भारत समेत कई देशों की यात्रा कर वीडियो बनाती। और इस तरह दर्शकों से जुड़े रहने लगी। इस दौरान उसने पाकिस्तान की भी यात्रा की और वहां 5000 साल पुराने एक हिंदू मंदिर का वीडियो पोस्ट किया था, जो कि काफी वायरल हुआ था। उसके करीब 4 लाख सब्सक्राइबर्स हैं।  पाकिस्तान से लौटने के बाद भी वह उससे स्नैपचैट, वॉट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स के जरिए रही जुड़ी  बता दें कि यूट्यूब और इंस्ट्याग्राम पर ज्योति (Jyoti Malhotra) के लाखों फॉलोअर्स हैं। उसकी पहचान एक ट्रैवल इन्फ्लुएंसर के रूप में भी रही (Jyoti Malhotra arrested for spying for Pakistan) है। कहने की जरूरत नहीं, जासूसी करने और खुफिया गतिविधियों में शामिल रहने की खबरों ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी है। अब जाकर पता लगा है कि पाकिस्तान की यात्रा के दौरान ज्योति न सिर्फ वीडियो शूट कर रही थी बल्कि पाकिस्तानी उच्चायोग के स्टाफ एहसान-उर-रहीम उर्फ ​​दानिश के संपर्क में थी। वही, दानिश जिसे भारत सरकार ने 13 मई 2025 को अवांछित व्यक्ति घोषित कर देश छोड़ने का आदेश दे दिया था। हालाँकि जांच एजेंसियों का दावा है कि “ज्योति निरंतर उसके संपर्क में थी। यही नहीं, पाकिस्तान से लौटने के बाद भी वह उससे स्नैपचैट, वॉट्सऐप और टेलीग्राम जैसे ऐप्स के जरिए जुड़ी… Read More

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DC all out IPL

Gujarat Titans made history by defeating Delhi Capitals : दिल्ली कैपिटल्स को 10 विकेट से मात देते हुए गुजरात टाइटंस ने रचा यह इतिहास

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का 60वां मुकाबला गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) और दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) के बीच खेला गया। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में गुजरात ने दिल्ली कैपिटल्स को 10 विकटों से हरा (Gujarat Titans made history by defeating Delhi Capitals) दिया। 18 मई को खेले गए इस मैच में गुजरात ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की शुरआत धीमी रही। केएल राहुल के शतक से दिल्ली कैपिटल्स ने 3 विकेट पर 199 रन बनाए। राहुल ने 65 गेंद में चार छक्कों और 14 चौकों की बदौलत नाबाद 112 रन की पारी खेली। इसके अलावा राहुल ने अभिषेक पोरेल के साथ दूसरे विकेट के लिए 90 और कप्तान अक्षर पटेल के साथ तीसरे विकेट के लिए 45 रन की साझेदारी की। दिल्ली के बल्लेबाजों ने उम्मीद के मुताबिक बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर 199 रन बनाए। गुजरात टाइटंस की ओर से अरशद खान, प्रसिद्ध कृष्णा और साई किशोर ने एक-एक चटकाए।  गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) की शुरुआत रही बड़ी शानदार 200 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) की शुरुआत बड़ी शानदार रही। गुजरात की तरफ से साई सुदर्शन और शुभमन गिल की सलामी जोड़ी ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई। दोनों की बल्लेबाजी ऐसी कि दिल्ली के गेंदबाजों के छक्के छुड़ा दिए। इस मैच में दोनों का बल्ला जमकर गरजा। एक तरफ सुदर्शन ने 61 गेंदों पर नाबाद 108 रन बनाए तो वहीं दूसरी तरफ गिल ने 53 गेंदों पर नाबाद 93 रन बनाए। अहम बात यह कि गुजरात ने बिना कोई विकेट गंवाए ही बड़ी आसानी से लक्ष्य को हासिल कर लिया। और तो और बड़ी बात यह कि गुजरात ने यह कारनाम दिल्ली के घर में घुसकर (Gujarat Titans made history by defeating Delhi Capitals) किया है। इस हार के साथ ही दिल्ली कैपिटल्स (Delhi Capitals) के सलामी बल्लेबाज केएल राहुल के शतक पर पानी फिर गया।  इसे भी पढ़ें:- आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स को केकेआर से मिली करारी शिकस्त इससे पहले (Gujarat Titans made history by defeating Delhi Capitals) सिर्फ पाकिस्तान ने साल 2022 में कराची में इंग्लैंड के खिलाफ T20 में 200 रन का लक्ष्य किया था हासिल  गौरतलब हो कि आईपीएल के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी टीम ने बिना एक भी विकेट गंवाए 200 रनों के लक्ष्य को हासिल किया है। आपको जानकर हैरानी होगी कि गुजरात टी20 क्रिकेट में बिना विकेट गंवाए 200 से ज्यादा का लक्ष्य हासिल करने वाली महज दूसरी टीम (Gujarat Titans made history by defeating Delhi Capitals) बन गई है। इससे पहले सिर्फ पाकिस्तान ने साल 2022 में कराची में इंग्लैंड के खिलाफ T20 में 200 रन का लक्ष्य हासिल किया था। इस तरह सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन के शतक और कप्तान शुभमन गिल के अर्धशतक के बलबूते गुजरात टाइटंस ने दिल्ली कैपिटल्स को हराकर आईपीएल प्लेऑफ में जगह बना ली। बता दें कि 12 मैचों में यह गुजरात की 9वीं जीत है। इस जीत के साथ ही उसके 18 अंक हो गए हैं। 18 अंकों के साथ अब उसने अंक तालिका में आरसीबी को पछाड़कर पहला स्थान हासिल कर लिया।   प्लेऑफ की रेस हेतु अब दिल्ली कैपिटल्स, लखनऊ सुपर जाएंट्स और मुंबई इंडिंयस, के बीच होगी बड़ी जंग  यही नहीं, इस जीत के साथ ही गुजरात को प्लेऑफ का टिकट मिल गया है। यही नहीं, गुजरात की इस जीत का सीधा फायदा रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स को मिला। गुजरात के साथ-साथ इन दोनों टीमों ने भी आईपीएल 2025 में प्लेऑफ के लिए क्वालीफाई कर (Gujarat Titans made history by defeating Delhi Capitals) लिया है। बता दें कि प्लेऑफ की रेस हेतु अब दिल्ली कैपिटल्स, लखनऊ सुपर जाएंट्स और मुंबई इंडिंयस, के बीच जंग होगी। फ़िलहाल मुंबई के पास दो मैच शेष हैं, और उसमें उसका एक मुकाबला दिल्ली के खिलाफ होना है। बात करें अंकों की तो आरसीबी और पंजाब किंग्स के 17-17 अंक हैं, मुंबई इंडियंस के 14 प्वाइंट्स हैं जबकि दिल्ली के 13 और लखनऊ के पास 10 अंक हैं। 18 अंक हासिल करने के लिए मुंबई इंडियंस के पास दो मौके होंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi news Gujarat Titans made history by defeating Delhi Capitals #GujaratTitans #IPL2025 #GTvsDC #CricketNews #10WicketWin #DelhiCapitals #IPLHighlights #GTVictory #IPLRecords #CricketIndia

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Woman dies from wrong pill

Wrong Medicine Kills Woman: दांत दर्द से राहत के लिए मांगी थी दवा, दुकानदार ने दी सल्फास की गोली, महिला की हुई मौत 

अक्सर दर्द होने पर हम नजदीकी मेडिकल स्टोर से दर्द निवारक दवा लेते हैं। देश में ऐसे कई लोग हैं जिन्हें न तो दवा का नाम पढ़ने आता है और न उन्हें यह पता होता है कि कौन सी दवा किस काम की होती है। उन्हें तो बस दवा का रंग याद रहता है कि पीली वाली दवा खाने से पेट दर्द से राहत मिलती है और सफ़ेद दवा खाने से सिर दर्द से। ऐसे में यदि किसी के दांत में दर्द हो और दवा लेने मेडिकल स्टोर जाए और दांत दर्द की दवा की जगह यदि कोई मेडिकल वाला सल्फास की दवा दे दे तो क्या कहियेगा? निश्चित ही यह अचम्भित करने वाली बात है। यह कोई कहानी नहीं बल्कि एक सच घटना है। घटना है, मध्य प्रदेश के झबुआ जिले की, जहाँ एक मेडिकल वाले ने एक महिला को जाने अनजाने में दर्द की दवा की जगह सल्फास की गोली (Wrong Medicine Kills Woman) दे दी। और तो और अनजान महिला ने उसे दांत दर्द की दवाई समझकर खा लिया और उसकी मौत हो गई। मामला, प्रकाश में आने के बाद हड़कंप मच गया। स्थानीय प्रशासन के हाथ-पाँव फूल गए। इस बीच मेडिकल स्टोर पर दवाई बेचने वाले शख्स को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।  प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सल्फास के कारण मौत की हुई  (Wrong Medicine Kills Woman) पुष्टि  झाबुआ के पुलिस अधीक्षक पदम विलोचन शुक्ल के मुताबिक, “पुलिस ने दुकान मालिक को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 (गैर इरादतन हत्या) के तहत गिरफ्तार कर लिया है।” इस पूरे मामले पर अधिक प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि “जिला मुख्यालय से करीब तीन किलोमीटर दूर धरमपुरी गांव की निवासी रेखा बृहस्पतिवार शाम को थांदला गेट के पास एक मेडिकल स्टोर गई थी और दांत दर्द से राहत के लिए दवा मांगी थी। दुकान के विक्रेता ने उसे सल्फास की गोली (Wrong Medicine Kills Woman) दे दी, जिसे उसने उसी रात घर पर खा लिया और उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।” पुलिस अधीक्षक ने बताया, ‘परिवार ने शुक्रवार को पुलिस को सूचना दी और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सल्फास के कारण मौत की पुष्टि हुई है, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया और दुकान के मालिक लोकेंद्र बाबेल (52) को गिरफ्तार कर लिया गया।” इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल दुकान को सील कर दिया गया और औषधि नियंत्रक विभाग भी जांच कर (Wrong Medicine Kills Woman) रहा है पुलिस अधीक्षक ने बताया कि “यह पता लगाने के लिए जांच की जा रही है कि दुकान में सल्फास की गोलियां (Wrong Medicine Kills Woman) क्यों रखी गई थीं। फ़िलहाल दुकान को सील कर दिया गया और औषधि नियंत्रक विभाग भी जांच कर रहा है। महिला को गोलियां देने वाले विक्रेता को गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।” मामला उजागर होने के बाद इलाके के लोग हैरान हैं। लोगों का कहना है कि भला कोई इतनी लापरवाही कैसे कर सकता है? वो भी ऐसी लापरवाही कि किसी की जान ही चली जाए। कुछ का तो कहना है कि उन्होंने इस तरह की लापरवाही कभी देखी नहीं।  Latest News in Hindi Today Hindi news  #WrongMedicine #MedicalNegligence #SulphosTablet #ToothacheTragedy #PharmacyError #AccidentalPoisoning #NewsUpdate #IndiaNews #HealthAlert #DrugMixup

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Apple iPhone India production

Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy: ट्रंप की धमकी रही बेअसर, भारत में बना आईफोन ही खरीदेगा अमेरिका

ऑपरेशन सिंदूर से पस्त हुए पाकिस्तान सीज फायर के लिए राजी हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के डीजीएमओ ने सामने से भारत के डीजीएमओ को कॉल कर सीजफायर का प्रस्ताव रखा था। तब जाकर भारत अपनी शर्तों पर सीज फायर के लिए राजी हुआ था। यह खबर भारतीय मीडिया में आती कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर खुद ही इस सीजफायर का श्रेय लेकर वाहवाही लूटी थी, लेकिन भारतीय प्रधानमंत्री के खुलासे के बाद ट्रंप ने खुद अपने इस दावे से पल्ला झाड़ लिया था। मजबूरन यू टर्न लेने के बाद खार खाये ट्रंप ने भारत में एपल के आईफोन मैन्युफैक्चरिंग को लेकर नाराजगी जाहिर कर दी। ट्रंप नहीं चाहते कि एपल भारत में आईफोन का प्रोडकशन (Trump Apple warning) करें। गौर करंव वाली बात यह कि ट्रंप यहाँ भी शर्मिंदगी का सामना (Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy) करना पड़ा। ट्रंप की लाख नाराजगी के बावजूद टिम कुक का मेन फोकस इस सबसे परे अपकमिंग आईफोन सीरीज पर ही है। अमेरिकी मार्केट के लिए आईफोन (Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy) भारत से नहीं मंगवाए- ट्रंप  दरअसल, कतर दौरे पर गए ट्रंप ने एपल के सीईओ टिम कुक को कुछ ऐसा कहा जिससे दुनियाभर में हड़कंप मच गया। इस दौरान ट्रंप ने कहा कि “अमेरिका के मार्केट के लिए आईफोन भारत से नहीं मंगवाए (Trump Apple warning) जाएं।” मुख्य बात यह कि ट्रंप चाहते हैं कि आईफोन का प्रोडक्शन अमेरिका में ही हो। एपल ने ट्रंप सरकार को कहा कि “कंपनी अगले चार साल में अमेरिका में 500 अरब डॉलर का इंवेस्टमेंट करेगी।” इसी कड़ी में एपल ह्यूस्टन में एक नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी लगाने वाली है। खबर है कि वहां पर सर्वर बनाए जाएंगे।  एपल भारत में आईफोन 17 Pro का प्रोडक्शन बढ़ाने की (Apple India plant) बना रहा है योजना  जानकारी के मुताबिक एपल भारत में आईफोन 17 Pro का प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना (Apple India plant) बना रहा है। खबर है कि भारत में बने आईफोन 17 Pro मॉडल को अमेरिका में भी बेचा जाएगा। गौरतलब हो कि अमेरिका में अधिकतर लोग एपल के प्रो मॉडल्स को खरीदना पसंद करते हैं। यही नहीं, एप्पल ने भारत में आईफोन 17 सीरीज का ट्रायल प्रोडक्शन शुरू कर दिया है। बता दें कि भारत में फॉक्सकॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ मिलकर ये ट्रायल चल रहा है और ये दोनों कंपनियां एपल के बड़े मैन्युफैक्चरर्स में शामिल हैं। हालाँकि एपल को उम्मीद है कि साल 2026 तक अमेरिका में बिकने वाले सभी आईफोन मेड इन इंडिया होने वाले हैं। हालांकि देखना ये बड़ा दिलचस्प होगा कि ट्रंप के बयान के बाद क्या इस प्लानिंग में कोई बदलाव आता है या नहीं, लेकिन इससे एक बात तो बड़ी साफ हो गई है कि एपल अपकमिंग आईफोन सीरीज को भारत में (India-made iPhone) बनाने की तैयारी कर रही है।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर टैरिफ के मामले में अमेरिकी सरकार ने कई बार किया है (Trump’s threat fails to impact Apple’s strategy) बदलाव  गौर करनेवाली बात यह कि टैरिफ के मामले में अमेरिकी सरकार ने कई बार बदलाव किया है। चीन में भी कुछ चीजों पर टैक्स काफी कम (Apple India plant) हो गया है। ऐसे में कंपनी इस इंतजार में है कि आगे चलकर अमेरिका क्या फैसला लेता है? फ़िलहाल कंपनी भारत से अमेरिका में आईफोन सप्लाई करने और भारत में बड़े लेवल पर प्रोडक्शन शुरू करने से पहले इंतजार कर रही है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Trump Apple warning #AppleIndia #TrumpNews #iPhoneMadeInIndia #AppleStrategy #TechNews #iPhoneExport #MakeInIndia #FoxconnIndia #AppleVsTrump #GlobalTechShift

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