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Blue Drum Lock Trend in Akola Over Marriage Crisis

Blue Drum Lock Trend: महाराष्ट्र के अकोला में इस वजह से लोग ‘नीले ड्रमों’ में लगा रहें हैं ताला, युवाओं की नहीं हो रही शादियां

बीते दिनों उत्तर प्रदेश में मेरठ में हुए सौरभ हत्याकांड के बाद नीले ड्रम के खौफ का आलम यह था कि इसकी बिक्री में गिरावट तक आ गई थी। मेरठ में तो बाकायदा दुकानदारों ने नीला ड्रम खरीदने के लिए आधार कार्ड मांगना शुरू कर दिया था। नीले ड्रम का खौफ इतना कि लोग इसे देखकर ही सहम जाया करते हैं। यदि आपको कहीं नीला ड्रम रखा या फिर उसमें ताला लगा दिख जाए तो डरना मत, हो सकता है उसमें कोई अपनी बेशकीमती चीज छुपा (Blue Drum Lock Trend) कर रखा हो। खैर, क्या आपको पता है, अब यही नीला ड्रम लोगों की शादियों में अड़ंगा डालने लगा है। इसके चलते लोगों की शादियां तक कैंसल हो जा रही हैं। आप सोच रहे होंगे कि कहीं कोई और ड्रम में मिला क्या? तो आप सही ही सोच रहे हैं। दरअसल, महाराष्ट्र के अकोला में पानी की किल्लत इस कदर बढ़ गई है कि लोग महीनों का लगने वाला पानी नीले ड्रम में स्टोर कर रखने लगे हैं। अकोला जिले में पारा 44°C से ऊपर जा रहा है। बढ़ती गर्मी के चलते कुंएं और तालाब सूख चुके हैं। ऐसे में प्रशासन की तरफ से महीने में एक बार पानी की पूर्ति की जा रही है। ऐसे में पानी चोरी न हो जाये इसलिए लोग ड्रम में ताला तक लगा रहे हैं।  पानी की चोरी रोकने के लिए लोग अपने ड्रमों और टैंकों पर (Blue Drum Lock Trend) लगा रहे हैं ताले  इतना ही नहीं, पानी की किल्लत का असर शादियों पर भी पड़ने लगा है। गांव वालों का कहना है कि “लड़कों के लिए दुल्हन ढूंढना मुश्किल हो गया है। लोग पानी की कमी के कारण अपनी बेटियों की शादी यहां नहीं करना चाहते।” इस पूरे मामले पर उनका कहना है कि “जहां पानी नहीं है, वहां हम अपनी बेटियों को नहीं भेजेंगे। इसके अलावा, शादियों जैसे बड़े कार्यक्रम भी अब टाले जा रहे हैं, क्योंकि पीने के पानी का इंतजाम करने में बहुत पैसा खर्च होता है।” बता दें की महाराष्ट्र के अकोला जिले के कई गांव पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। एक तो पानी की किल्लत और ऊपर से भीषण गर्मी ने हालात और भी बदतर कर दिए हैं। उगवा गांव के लोगों के लिए पानी की अहमियत इस कदर है कि लोग पानी की चोरी रोकने के लिए अपने ड्रमों और टैंकों पर ताले (Blue Drum Lock Trend) लगा रहे हैं। क्योंकि सरकारी पाइपलाइन से महीने में एक बार ही पानी आता है। इसे भी पढ़ें:– क्या सच में पश्चिम बंगाल में लगेगा राष्ट्रपति शासन और होगी अर्धसैनिक बलों की तैनाती? नजरें सुप्रीम कोर्ट पर  उगवा गांव में हर घर में बड़े-बड़े प्लास्टिक के ड्रम और टैंक (Blue Drum Lock Trend) रखे हुए हैं जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के अकोला जिले में कई गांव ऐसे हैं, जहां पानी की बड़ी कमी है। भीषण गर्मी के कारण हालात और भी खराब हो गए हैं। लोग परेशान हैं। बूंद-बूंद पानी बचाने में लगे हैं। यहां तक कि किसी सोना-चांदी और रुपयों की तरह पानी को ताला में रखा जा रहा है। यहाँ नल तो लगे हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आता। उगवा गांव में हालात बड़े ही खराब हैं। गांव के लोग पानी की चोरी रोकने के लिए अपने पानी के टैंक और ड्रमों को ताला लगा (Blue Drum Lock Trend) रहे हैं। उगवा गांव में हर घर में बड़े-बड़े प्लास्टिक के ड्रम और टैंक रखे हुए हैं। लोग इनमें महीने भर के लिए पानी भरकर रखते हैं। गांव वालो का तो यहाँ तक कहना है कि “पानी की कीमती से भी अधिक है। कारण यही जो, घर से बाहर जाते समय घर को ताला लगाने के बजाय पानी के ड्रमों को ताला लगाती हैं।” यदि पानी नहीं स्टोर कर पाए तो जीवन मुहाल समझो इसके पीछे की वजह यह कि सरकारी पाइपलाइन से महीने में एक बार ही पानी आता है, वह भी सिर्फ एक या दो दिन के लिए। कभी-कभी तो डेढ़ से दो महीने तक पानी के दर्शन नहीं होते। ऐसे में यदि पानी नहीं स्टोर कर पाए तो जीवन मुहाल समझो। इसलिए, जितना हो सके, उतना पानी भरकर रखते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अधिकतर गाँवों का यही हाल है। ज्यादातर गांव वाले पानी की किल्लत से बहुत परेशान (Blue Drum Lock Trend) हैं। पानी की कमी के चलते कई बार उन्हें गंदा पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ता है। गंदा पानी पीने से गाँव वालों की सेहत पर बुरा असर पड़ता है। हैरत की बात यह कि कई बार अपील करने के बाद भी प्रशासन ने हमारी पानी की समस्या का समाधान नहीं किया है। 84 खेड़ी योजना सिर्फ कागजों पर दर्ज हैं। धरातल की हकीकत कुछ और ही है। बता दें कि 84 खेड़ी योजना का अर्थ है, ’84 गांवों को पानी देने की योजना’, लेकिन यह योजना अभी तक ठीक से काम नहीं कर रही है। Latest News in Hindi Today Hindi news #BlueDrumLock #AkolaTrend #MarriageCrisis #YouthProtest #ViralNews #MaharashtraNews #SocialProtest #BlueDrumViral #IndianSociety #AkolaYouth

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President's rule West Bengal

President’s rule in West Bengal: क्या सच में पश्चिम बंगाल में लगेगा राष्ट्रपति शासन और होगी अर्धसैनिक बलों की तैनाती? नजरें सुप्रीम कोर्ट पर

आज मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में  सुनवाई होगी। बता दें कि मुर्शिदाबाद हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीआर गवई बेंच आज सुनवाई करेगी। इस संबंध में वकील विष्णु शंकर जैन ने याचिका लगाई है। वकील विष्णु शंकर जैन की याचिका में पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग (President’s rule in West Bengal) की गई है। दरअसल, 13 अप्रैल से मुर्शिदाबाद में हुई झड़पों के बाद से राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग उठ रही है। मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में तीन लोगों की मौत और 18 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने 13 अप्रैल को हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में केंद्रीय बलों को तैनात करने का आदेश दिया। चौतरफा किरकिरी होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और दावा किया कि “उसने आगजनी और हिंसा के सिलसिले में 118 लोगों को गिरफ्तार किया है।” जानकारी के मुताबिक दायर की गई याचिका में पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन सहित अर्धसैनिक बलों की तैनाती की मांग की गई है। गौर करने वाली बात यह कि इस मामले पर सुनवाई करने के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गई है। कहने की जरूरत नहीं, बंगाल में हुई हिंसा ने सियासी पारा चढ़ा दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी सरकार पर वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों से भड़की हिंसा को अनुमति देने के लिए जानकर निशाना साधा है। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की ओर से दायर की गई है (President’s rule in West Bengal) याचिका  बता दें कि राष्ट्रपति शासन पर दायर याचिका का उल्लेख अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन की ओर से किया (President’s rule in West Bengal) गया था। जिसे रंजना अग्निहोत्री और अन्य द्वारा दायर एक लंबित याचिका के साथ सुनवाई के लिए रखा गया था। जिन्होंने 2021 में पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद की हिंसा के संदर्भ में राष्ट्रपति शासन की मांग की थी। इस दौरान अधिवक्ता जैन ने कहा कि “साल 2021 के मामले में अदालत पहले ही नोटिस जारी कर चुकी है। इस पर विचार किया जा रहा है। इस आवेदन के माध्यम से हमने हाल ही में हुई हिंसा की घटनाओं का हवाला दिया है। हम सिर्फ संविधान के अनुच्छेद 355 के तहत राज्य से केंद्र द्वारा रिपोर्ट मांग रहे हैं। दरअसल, अनुच्छेद 355 राज्यों को बाहरी आक्रमण और आंतरिक अशांति से बचाने के लिए संघ के कर्तव्य से संबंधित है, जो राष्ट्रपति शासन लगाने का आधार है। इस प्रावधान के तहत केंद्र को यह सुनिश्चित करना होता है कि राज्य संविधान के प्रावधानों के अनुसार चलें।  इसे भी पढ़ें:– क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दोनों ने कही यह बात याचिका में की गाई है राष्ट्रपति शासन लागू करने की (President’s rule in West Bengal) मांग  बता दें कि बीते दिन राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग (President’s rule in West Bengal) पर जवाब देते हुए पीठ सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “आप चाहते हैं कि हम राष्ट्रपति शासन लागू करने के लिए रिट जारी करें? अभी हमें विधायी और कार्यपालिका के अधिकारों में दखल देने के लिए दोषी ठहराया जा रहा है। गौरतलब हो कि बीते सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की एक अलग पीठ ने मुर्शिदाबाद हिंसा मामले की स्वतंत्र जांच की मांग करने वाली दो याचिकाओं पर सुनवाई की। अदालत ने दो याचिकाकर्ताओं अधिवक्ता विशाल तिवारी और शशांक शेखर झा को अपनी याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दी। ऐसा इसलिए क्योंकि अदालत ने पाया कि याचिकाएं मीडिया रिपोर्टों पर आधारित थीं।  Latest News in Hindi Today Hindi news President’s rule in West Bengal #PresidentsRule #WestBengal #SupremeCourt #MamataBanerjee #ParamilitaryForces #BreakingNews #BengalPolitics #SCVerdict #LawAndOrder #IndiaNews

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IPL 2025 match result

KKR vs GT highlights: गुजरात टाइटन्स ने कोलकाता नाइट राइडर्स को दी 39 रनों से मात 

21 अप्रैल को इंडियन प्रीमियर लीग का 39वां मुकाबला गुजरात टाइटंस और कोलकाता नाइटराइडर्स बीच खेला गया। कोलकाता के ईडन गार्डंस स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में गुजरात टाइटंस की टीम ने कोलकाता नाइटराइडर्स को (KKR vs GT highlights) 39 रन से हरा दिया। इस सीजन में यह गुजरात टाइटंस की टूर्नामेंट में छठी जीत है।  बता दें कि केकेआर की यह 8 मैचों में पांचवीं हार है। ख़राब बल्लेबाजी और गेंदबाजी के चलते केकेआर को अपने ही होम ग्राउंड में मुंह की खानी पड़ी। दरअसल, केकेआर के कप्तान अजिंक्य रहाणे ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया। उनका यह फैसला उन पर ही भारी पड़ गया। भारी इसलिए क्योंकि उनके गेंदबाज उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरे। टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी गुजरात टाइटसं की शुरुआत धमाकेदार रही। गुजरात टाइटसं के ओपनर बल्लेबाज शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने केकेआर के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की।  शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने पहले विकेट के लिए 114 रन की बेहतरीन साझेदारी (KKR vs GT highlights) की इस दौरान दोनों शानदार अर्धशतक जड़े। दोनों की धुंआधार बल्लेबाजी का आलम यह था कि 12.2 ओवर में ही 114 रन बना डाले। गुजरात टाइटंस की तरफ से कप्तान शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने पहले विकेट के लिए 114 रन की बेहतरीन साझेदारी (KKR vs GT highlights) की। एक तरफ जहाँ शुभमन गिल ने ने महज 55 गेंदों में 10 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 90 रनों की पारी खेली, तो वहीं, सुदर्शन ने 36 गेंदों पर 6 चौके और एक छक्के की मदद से  52 रन बनाए। इन दोनों के बाद जोस बटलर का भी बल्ला गरजा और जोस ने महज 23 गेंदों में 8 चौकों की मदद से नाबाद 41 रन बनाए। इस तरह गुजरात टाइटंस ने मैच में पहले बैटिंग करते हुए 3 विकेट के नुकसान पर 198 रन बनाए।  इसे भी पढ़ें:- एकतरफा मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी दी शिकस्त कोलकाता नाईट राइडर्स की शुरुआत काफी धीमी (KKR vs GT highlights) रही 199 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता नाईट राइडर्स की शुरुआत काफी धीमी (KKR vs GT highlights) रही। गुजरात टाइटंस की सधी हुई गेंदबाजी के आगे केकेआर के बल्लेबाज बेबस नजर आये। केकेआर ने ओपनर रहमानुल्लाह गुरबाज सिर्फ 1 रन पर आउट हो गए। कप्तान अजिंक्य रहाणे ने डटकर बल्लेबाजी की। उन्होंने 36 गेंद पर 50 रन बनाए। कप्तान रहाणे के अलावा केकेआर का एक भी बल्लेबाज टिक कर खेल नहीं सका। नतीजतन टीम को हार का मुंह देखना पड़ा। बात करें केकेआर के बल्लेबाजों की तो अंगकृष रघुवंशी ने 27 रन, आंद्रे रसेल ने 21 रन, रिंकू सिंह ने 17 रन, सुनील नरेन ने 17 रन और वेंकटेश अय्यर ने 14 रन बनाए। इस तरह गुजरात टाइटंस ने केकेआर को 39 रनों से हरा दिया। इस जीत के साथ उसके 8 मैच से 12 अंक हो गए हैं। बता दें कि गुजरात एकमात्र टीम है। जिसने टूर्नामेंट में छह मैच जीते हैं। इस जीत से वह प्लेऑफ में अपनी जगह लगभग पक्की कर लेगी।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 KKR vs GT highlights #KKRvsGT #GujaratTitans #KolkataKnightRiders #IPL2025 #GTvsKKR #CricketHighlights #TATAIPL #GTVictory #KKRMatch #IPLThriller

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Tilak finger rules in Hinduism

Tilak finger rules in Hinduism: तो इसलिए पूजा-पाठ में तर्जनी और कनिष्ठा से नहीं लगाते तिलक

हिंदू धर्म में पूजा-पाठ का बड़ा ही महत्व होता है। सनातन धर्म पूजा-पाठ के दौरान भगवान को तिलक (Tilak) लगाने का विधान (Tilak finger rules in Hinduism) है। यही नहीं, पूजा करने वाले और करवाने वाले जातकों को भी तिलक लगाई जाती है। धार्मिक मान्यता है कि तिलक के लगाने और लगवाने से न सिर्फ यश और ज्ञान में वृद्धि होती है, बल्कि मनोबल भी बढ़ता है। सनातन परंपरा के अनुसार माथे पर तिलक लगाने से व्यक्ति के दिल और दिमाग में सकारात्मकता के भाव आते हैं और कुंडली में मौजूद उग्र ग्रह भी शांत होते हैं। तिलक लगाने से जीवन में यश बढ़ता है और पापों का नाश होता है। साथ ही, जीवन से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। इससे मन में अच्छे विचार आते हैं। खैर, कहा तो यह भी जाता है कि तिलक लगवाने से मां सरस्वती और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। और तो और बिना तिलक के कोई भी पूजा या अनुष्ठान पूरा नहीं माना जाता है।  जिस उंगली से तिलक लगा (Tilak finger rules in Hinduism) रहे हैं या लगवा रहे हैं  मान्यताओं के अनुसार माथे पर तिलक लगाने से आज्ञा चक्र जागृत होता है और भाग्य खुलता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह की तिलक लगाने हेतु किस उंगली का प्रयोग करें। कभी-कभी मन ऐसी शंका निर्माण होती है कि जिस ऊँगली से तिलक लगा रहे हैं या लगवा रहे हैं, क्या वो सही है? इससे भी बड़ा सवाल यह कि तिलक लगाने के लिए किस उंगली का प्रयोग किया जाता है और इसमें उंगली का क्या महत्व (Tilak finger rules in Hinduism) है? आज के इस आर्टिकल में आप जानेंगे किस उंगली से तिलक लगाना शुभ होता है और किस उंगली का क्या महत्व है। आइये जानते हैं, किस ऊँगली से तिलक लगना होता है शुभ। बता दें कि स्कंदपुराण में स्पष्ट रूप से बताया गया है कि अलग-अलग उंगली से तिलक लगाने का फल अलग-अलग प्राप्त होता है। अनामिका शांतिदा प्रोक्ता मध्यमायुष्करी भवेत्। अंगुष्ठः पुष्टिदः प्रोक्ता तर्जनी मोक्षदायिनी।। जब राजा युद्ध पर जाते थे तो रानियां अंगूठे से ही राजा के मस्तक पर लगाती थीं विजय तिलक (Tilak finger rules in Hinduism) अंगूठे का सीधा संबंध शुक्र ग्रह से होता है। शुक्र ग्रह को यश और धन-वैभव का कारक माना (Tilak finger rules in Hinduism) जाता है। कारण यही जो, दशहरा और रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर बहनें अपने भाई की विजय की कामना करते हुए उन्हें अंगूठे से ही तिलक लगाती हैं। यही नहीं, पहले जब राजा युद्ध पर जाते थे, तब रानियां अंगूठे से ही राजा के मस्तक पर विजय तिलक लगाया करती थीं। कहा जा जाता है कि किसी की मंगल कामना के लिए अनामिका से बिंदी लगाकर अंगूठे से तिलक करना चाहिए।   इसलिए नहीं करते तर्जनी उंगली का प्रयोग (Tilak finger rules in Hinduism) तर्जनी, अंगूठे और मध्यमा उंगली के बीच की उंगली होती है। इस उंगली का संबंध गुरु ग्रह से होता है। इस उंगली से पितृगणों को अर्थात पिंड को तिलक किया जाता है। मृतक की आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति हो सके इसलिए इस उंगली का प्रयोग मृत व्यक्ति को तिलक लगाने के लिए किया जाता है। इसलिए भूलकर भी तिलक लगाने के लिए तर्जनी ऊँगली का प्रयोग न करें। इसे भी पढ़ें:-  विष्णु भक्ति से मिलेगा अक्षय पुण्य, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और भोग का महत्व  मध्यमा उंगली से खुद को कर सकते हैं तिलक  मध्यमा उंगली हाथ की सबसे बड़ी उंगली होती है। इस उंगली का संबंध शनि ग्रह (Tilak finger rules in Hinduism) से होता है। शास्त्रों के अनुसार, मध्यमा उंगली का प्रयोग खुद को तिलक लगाने के लिए करना चाहिए। जब भी आप पूजा करें, तो सबसे पहले अनामिका से भगवान को तिलक लगाए और फिर बाद में  मध्यमा उंगली से खुद को तिलक करें। चाहें तो आप अनामिका से तिलक कर सकते हैं।  इस उंगली से तिलक लगाने से आज्ञा चक्र होता है जागृत  अनामिका, कनिष्ठा और मध्यमा के बीच में होती है। आम भाषा में इसे रिंग फिंगर भी (Tilak finger rules in Hinduism) कहा जाता है। इस उंगली का संबंध सीधा सूर्य से होता है। इस उंगली से भगवान, गुरु या किसी अन्य व्यक्ति की मंगल कामना के लिए तिलक करना चाहिए। यह मानसिक शक्ति को प्रबल बनाती है। इस उंगली से तिलक लगाने से आज्ञा चक्र जागृत होता है। तिलक लगाने में नहीं किया जाता है कनिष्ठा का उपयोग  कनिष्ठा यानी सबसे छोटी उंगली जिसका उपयोग तिलक लगाने में नहीं किया (Tilak finger rules in Hinduism) जाता है। यहां तक कि किसी भी शुभ कार्य में इस उंगली का प्रयोग नहीं किया जाता है। सबसे छोटी उंगली का संबंध बुध ग्रह से माना गया है। Latest News in Hindi Today Hindi News Tilak finger rules in Hinduism #TilakRules #HinduTraditions #TilakSignificance #PujaRituals #SpiritualIndia #VedicWisdom #HinduismFacts #TilakFinger #SacredCustoms #ReligiousBeliefs

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Hindu Groups Protest Love Jihad, Accused Surrenders

Hindu groups protest Love Jihad: लव जिहाद को लेकर गुस्साए हिंदू संगठन कर रौद्र रूप द्देख कांप उठा आरोपी, किया सरेंडर

विगत वर्षों से राजस्थान में लव जिहाद के मामले हैं कि तेजी से बढ़ रहे हैं।  ऐसा ही एक मामला गुजरात से सटे सिरोही जिले के स्वरूपगंज से प्रकाश में आया है। लव जिहाद का नाम सुनते ही हिंदू संगठन इस कदर गुस्साए कि उन्होंने चक्का जाम कर (Hindu groups protest Love Jihad) दिया। उनका जोरदार प्रदर्शन देखा लव जिहाद का आरोपी सहम गया। अंततः मामला गरमाता देख आरोपी लड़का इस कदर घबरा गया कि उसने खुद ही पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया। दरअसल मामला तूल पकड़ चुका था। और पुलिस नहीं चाहती थी कि कोई इसे हिंदू-मुस्लिम एंगल दे। इसलिए उसे सरेंडर करते ही पुलिस ने भी चैन की साँस ली। बता दें कि बीते दो दिन में राजस्थान के जोधपुर में लव जिहाद तीन से चार मामले आ चुके हैं। लव जिहाद के बढ़ते मामलों को देख हिंदू समुदाय गुस्से में है।  मामला सार्वजनिक होने के बाद हिंदू संगठनों में भारी फैल (Hindu groups protest Love Jihad) गया आक्रोश  जानकारी के मुताबिक बीते 18 अप्रैल को स्वरूपगंज थाने में एक केस दर्ज हुआ था। दर्ज के केस के अनुसार 16 साल की नाबालिग हिन्दू लड़की के परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि लड़की को एक मुस्लिम शख्स भगा कर ले गया है। फिर क्या था, बात जंगल में आग की तरह फ़ैल गई। मामला सार्वजनिक होने के बाद हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल (Hindu groups protest Love Jihad) गया। देखते-ही-देखते भारी संख्या में हिंदू संगठनों से जुड़े सैकड़ों लोग सड़क पर उतर गए। हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं के गुस्से का अंजादा इसी से लगा सकते हैं कि उन्होंने 19 अप्रेल को पूरे शहर में रैली निकालकर लव जिहाद के खिलाफ आंदोलन का बिगुल बजा दिया। इस बीच उन्होंने शहर बंद करने की चेतावनी दी।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव (Hindu groups protest Love Jihad) गए फूल  हिंदू संगठनों की चेतावनी के बाद प्रशासन के हाथ-पांव फूल (Hindu groups protest Love Jihad) गए। मामले की गंभीरता देख पुलिस प्रशासन की सांसें अटक गईं। मामला गर्माता देख पुलिस अब आरोपी की तलाश में हाथ-पाँव मार रही थी। इससे पहले कि पुलिस उसतक पहुँच पाती वो खुद ही 20 अप्रैल की देर रात को नाबालिग लड़की को लेकर पुलिस के सामने सरेंडर हो गया। इससे हुआ यह कि मामला शांत हो गया है। मामला तो शांत हो गया, लेकिन हिन्दू संगठन अब आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लड़का मध्य प्रदेश के इंदौर का रहने वाला है। वह जोधपुर में नाबालिग लड़की से मिलने आया था। खैर, इस बीच आज यही 21 अप्रैल को स्वरूपगंज के गायत्री मंदिर में हिंदू सभा का आयोजन किया गया था। उसमें संगठनों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन को धन्यवाद देकर उनके कार्य की सराहना की। महत्वपूर्ण बात यह कि स्वरूपगंज में पहले भी इस तरह के लव जिहाद के मामले सामने आ चुके हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Hindu groups protest Love Jihad #LoveJihad #HinduProtest #ReligiousTensions #IndiaNews #BreakingNews #LoveJihadControversy #HinduUnity #ProtestNews #IndianPolitics #JusticeForVictims

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SC on jurisdiction allegations

SC on jurisdiction allegations: हम पर लग रहे कार्यपालिका के अधिकार क्षेत्र में अतिक्रमण के आरोप- सुप्रीम कोर्ट 

पिछले दिनों पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ एक्ट के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान वहां पर हिंसा भड़क उठी जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई। हिंसा और सुप्रीम कोर्ट पर हो रही बयानबाजी के बीच पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई। इस याचिका पर सुनवाई की मांग वकील विष्णु शंकर जैन ने सुप्रीम कोर्ट से की थी। अधिवक्ता विष्णु ने कहा कि “बंगाल में पैरा मिलिट्री फोर्स की तत्काल तैनाती की आवश्यकता है। याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस भूषण रामाकृष्ण गवई ने कहा कि “आप चाहते हैं कि हम इसे लागू करने के लिए राष्ट्रपति को परमादेश जारी करें? वैसे भी हम पर कार्यपालिका में अतिक्रमण करने के आरोप लग (SC on jurisdiction allegations) रहे हैं।”  इसपर विष्णु जैन ने कहा कि “याचिका में एक आवेदन दाखिल करने की मंजूरी दें।” सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “ठीक है।” दरअसल, वक्फ संशोधन कानून के विरोध में बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा को लेकर दाखिल याचिकाओं पर उन्होंने यह टिप्पणी की है।   सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में की गई है एसआईटी के गठन (SC on jurisdiction allegations) की मांग  बता दें कि एडवोकेट विष्णु शंकर जैन ने कहा कि “कल मामला सुनवाई के लिए लगा है। मैं कुछ अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करना चाहता हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि “इलाके में शांति सुनिश्चित करने के लिए कोर्ट केंद्र को फोर्स तैनात करने का आदेश दे। गौरतलब हो कि बंगाल में हिंसा से जुड़ी याचिका काफी समय से लंबित है औऱ यह याचिका पहले से ही लिस्टेड है। विष्णु शंकर जैन ने उसी याचिका में नया आवेदन दाखिल किया है और उसमें हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए राष्ट्रपति शासन की मांग की गई है। जानकारी के मुताबिक उन्होंने नए आवेदन की जानकारी कोर्ट को दी। अब कल वाली सुनवाई में वह नए आवेदन को भी कोर्ट में रखेंगे। बता दें कि दूसरी याचिका वकील शशांक शेखर झा की ओर से दायर की गई है। याचिका के जरिए मुर्शिदाबाद हिंसा की की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी के गठन (SC on jurisdiction allegations) की मांग की गई है। फिलहाल इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। दरअसल, मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर दाखिल 2 याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई है। इसे भी पढ़ें:– क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दोनों ने कही यह बात हम पर आरोप लग रहे हैं और आप चाहते हैं कि हम देश के राष्ट्रपति को आदेश जारी (SC on jurisdiction allegations) करें? गौरतलब हो कि बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बीते दिन कहा था कि “देश में जितने भी गृहयुद्ध हो रहे हैं, उसके लिए सुप्रीम कोर्ट और सीजेआई संजीव खन्ना जिम्मेदार हैं।” ध्यान देने वाली बात यह कि ऐसे में ये बयान सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी चर्चा में रहा है। कोर्ट ने कहा कि “हम पर आरोप लग रहे हैं और आप चाहते हैं कि हम देश के राष्ट्रपति को आदेश जारी (SC on jurisdiction allegations) करें?” मुर्शिदाबाद हिंसा के बाद वहां कई घर ऐसे मिले जहां से परिवार पलायन कर चुके हैं और लूटपाट के बाद उनके घरों को जला दिया गया है। सिर्फ राज्यपाल ही नहीं महिला आयोग की टीम ने भी मुर्शिदाबाद का दौरा किया। जिसके बाद महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने कहा कि “यहां लोग इतने दर्द में हैं, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।” Latest News in Hindi Today Hindi news SC on jurisdiction allegations #SupremeCourt #Jurisdiction #ExecutivePowers #Judiciary #SCIndia #IndianConstitution #SeparationOfPowers #CourtNews #LegalUpdate #SCVerdict

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How to Identify Fake ₹500 Note

How to identify fake 500 note: कहीं आपका 500 का नोट नकली तो नहीं? बाजार में आई बड़ी खेप, इस तरह करें पहचान

बाजार में फैले नकली नोटों को खत्म करने के लिए ही नोटबंदी की गई थी। नोटबंदी के बाद यह दावा किया गया था कि इससे आतंकवाद की कमर टूटेगी और काले धन पर लगाम लगेगी। खैर, काले धन पर कितनी लगाम लगी यह तो नहीं पता, लेकिन एक बार फिर नकली नोट ने मार्केट में दस्तक दे दी है। जानकारी के मुताबिक बाजार में 500 का ऐसा नोट आ गया है, जो हूबहू असली नोट की तरह दिखता है। इस पर चिंता जताते हुए  गृह मंत्रालय ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। सरकार ने कहा है कि “500 के यह नकली नोट काफी हद तक असली जैसे दिखते हैं और सामान्‍य तौर पर इसमें अंतर कर पाना (How to identify fake 500 note) कठिन है।” बता दें कि गृह मंत्रालय ने हाई अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि “बाजार में नए प्रकार के नकली 500 रुपये के नोट के चल रहे हैं। यह अलर्ट डीआरआई, एफआईयू, सीबीआई, एनआईए और सेबी जैसी प्रमुख वित्तीय और नियामक संस्थाओं के साथ साझा किया गया है। जारी अलर्ट में चेतावनी दी गई है कि नकली नोट गुणवत्ता और प्रिंट के मामले में असली नोटों से बहुत मिलते-जुलते हैं, जिससे उन्हें पहचानना मुश्किल हो रहा है। इनका रंग और बनावट भी काफी हद तक असली नोटों से मेल खाता है। सरकार ने कुछ ऐसे पहचान चिन्‍ह बताए हैं, जिसकी मदद से नकली नोटों को आसानी से पहचाना जा सकेगा।  500 रुपये के नकली नोट में यह (How to identify fake 500 note) गलती ‘RESERVE BANK OF INDIA’ के वाक्‍य में है इस बीच गृह मंत्रालय ने बताया कि वैसे तो नकली नोट असली 500 रुपये के नोटों से काफी मिलते-जुलते हैं। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह कि इसमें स्‍पेलिंग को लेकर एक बड़ी गलती हो गई है। इस एक गलती की वजह से इसे आसानी से पहचाना जा सकता है। 500 रुपये के नकली नोट में यह (How to identify fake 500 note) गलती ‘RESERVE BANK OF INDIA’ के वाक्‍य में है। दरअसल, RESERVE में E की जगह गलती से A लिखा हुआ है। वरिष्ठ अधिकारी की माने तो इस छोटी सी गलती को कोई अनदेखा कर सकता है। कारण यही जो ये नकली नोट काफी खतरनाक माने जा रहे हैं। न सिर्फ खतरनाक हैं बल्कि बाजार में तेजी से वायरल भी हो रहे हैं। इसकी गंभीरता को देखते हुए सरकार ने बैंकों और अन्‍य वित्‍तीय संस्‍थानों को भी हाई अलर्ट जारी किया है। यही नहीं, नकली करेंसी को पहचानने के लिए तस्‍वीर भी जारी की है। बैंकों से कहा गया है कि “ऐसी नोट का पता चलते ही जांच एजेंसियों को सूचित करें।” इसे भी पढ़ें:– क्या सच में जानबूझकर मार्केट गिरा रहे हैं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप? नकली नोट की पहचान करने और बाजार में आने से रोकने के लिए सरकार लगातार कर (How to identify fake 500 note) रही है काम  ऐसा नहीं है कि सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है। नकली नोट की पहचान करने और उसे बाजार में आने से रोकने के लिए सरकार लगातार काम कर (How to identify fake 500 note) रही है। सरकार ने बताया कि नकली नोटों का पता लगाने के लिए सभी बैंक शाखाओं/चिन्हित बैक ऑफिसों और मुद्रा चेस्ट शाखाओं में मशीन लगाई गई है। एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि बाजार में पहले ही बड़ी संख्‍या में नकली नोटों की खेप पहुंच चुकी है। लिहाजा अधिकारियों ने नागरिकों और संस्थानों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध मुद्रा की रिपोर्ट करने का आग्रह किया है। इसके अलावा गृह मंत्रालय ने लोगों से अलर्ट रहने के लिए कहा है।   Latest News in Hindi Today Hindi news How to identify fake 500 note #Fake500Note #CurrencyAlert #500NoteCheck #RBIUpdate #CounterfeitNote #FakeCurrencyIndia #NoteVerification #IndianCurrency #MoneySafety #SecurityFeatures

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Ex-DGP killed by wife

Ex-DGP killed by wife: पत्नियों का आतंक, पूर्व डीजीपी ओमप्रकाश को इसलिए उनकी ही पत्नी ने उतारा मौत के घाट

न जाने कौन सा दौर चल रहा, जहाँ देखों वहां पतियों की मौत से जुड़ी खबरे दिन-ब-दिन सुर्ख़ियों में बनी हुई हैं। ताजा मामला है कर्नाटक का, पूर्व पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश का खून से लथपथ शव संदिग्ध परिस्थितियों में रविवार को उनके बेंगलुरु स्थित (Ex-DGP killed by wife) आवास पर मिला है। जानकारी के मुताबिक उनके शरीर पर चाकुओं के कई जख्म हैं। पुलिस के मुताबिक बिहार के चंपारण से ताल्लुक रखने वाले 68 वर्षीय आइपीएस अफसर का शव बेंगलुरु स्थित आवास पर मिला। फर्श पर हर तरफ खून फैला था और हत्या में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया है। फ़िलहाल पुलिस ने पूछताछ के लिए पत्नी और बेटी को तत्काल हिरासत में ले लिया। एचएसआर लेआउट पुलिस स्टेशन में हत्या का केस दर्ज किया गया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए होसुर रोड स्थित सेंट जॉन्स अस्पताल ले जाया गया है। हालांकि अभी ये पता नहीं चला है कि आखिर रविवार के दिन ऐसा क्या हुआ कि नौबत हत्या तक पहुंच गई? पुलिस मामले से संबंधित जानकारियां जुटाने में लगी है।  पत्नी पल्लवी ने ही रविवार शाम को पुलिस को फोन कर दी पति की मौत की (Ex-DGP killed by wife) सूचना  जानकारी के मुताबिक रिटायर होने के बाद वह बेंगलुरू में ही रहने लगे थे। उनकी पत्नी के साथ अनबन चल रही थी। पत्नी पल्लवी ने ही रविवार शाम को पुलिस को फोन कर पति की मौत की सूचना (Ex-DGP killed by wife) दी। जानकारी मिलते ही आनन-फानन में पुलिस के आलाधिकारी उनके घर पहुंचे। घर पर पुलिस अधिकारियों को पूर्व डीजीपी का खून से सना हुआ शव मिला। पति पत्नी के बीच झगड़े की बात पुलिस भी कह रही है। साथ ही उनके रिश्तेदारों व पड़ोसियों ने इसकी पुष्टि की है। बता दें कि 1981 बैच के आइपीएस अफसर ओम प्रकाश का ताल्लुक बिहार के चंपारण जिले से था। वह भूगर्भ-शास्त्र में परास्नातक थे। एक मार्च 2015 को प्रकाश को डीजीपी नियुक्त किया गया था। इसे भी पढ़ें:- करणी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की गोलियों से भूनकर हत्या, घात लगाकर हुआ हमला, विरोध में NH-33 जाम करीबियों से ही जताई थी (Ex-DGP killed by wife) मौत की आशंका गौरतलब हो कि सेवानिवृत्त हो चुके डीजीपी ओम प्रकाश ने हाल ही में अपने किसी करीबी से ही उनके जीवन को खतरा होने की आशंका (Ex-DGP killed by wife) जताई थी। बेटे की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है। पड़ोसियों व रिश्तेदारों के मुताबिक दंपति के संबंध अच्छे नहीं थे, वे आपस में खूब लड़ा करते थे। हालांकि अभी तक हत्या के मूल कारण का पता नहीं चला है। जानकारी के मुताबिक ओम प्रकाश की हत्या के मामले में पुलिस ने पत्नी पल्लवी व बेटी को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है, झगड़े के बाद उसी ने पति की हत्या कर दी। प्राप्त जानकारी के मुताबिक ओम प्रकाश अपनी पूरी प्रॉपर्टी बेटे के नाम करना चाहते थे। पत्नी उनके इस फैसले से संतुष्ट नहीं थी। संभवतः संपत्ति विवाद इस हत्या के पीछे का मकसद हो सकता।  Latest News in Hindi Today Hindi News Ex-DGP killed by wife #OmPrakashMurder #DGPKilled #WifeKillsHusband #CrimeNews #HighProfileMurder #IndiaNews #DomesticViolence #PoliceMurder #ShockingCrime #TrueCrime

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Mumbai Indians performance

Mumbai Indians 9-wicket win: मुंबई के वानखेड़े में गरजा रोहित का बल्ला, सीएसके को दी 9 विकेट से मात 

20 अप्रैल को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का 38वां मुकाबला मुंबई इंडियन्स और चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला गया। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में मुंबई इंडियन्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 9 विकेट के अंतर से मात देकर सीजन की चौथी और लगातार तीसरी जीत (Mumbai Indians 9-wicket win) दर्ज की। रोहित शर्मा की धुंआधार बल्लेबाजी के बदौलत मुंबई ने चेन्नई को आसानी से हरा दिया। दरअसल, सीएसके की शुरुआत खराब रही। टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी सीएसके के बल्लेबाज अपने बल्ले का जौहर नहीं दिखा सके। रचिन रवींद्र सस्ते में अपना विकेट गंवा बैठे। उसके बाद युवा 17 वर्षीय बल्लेबाज आयुष महात्रे और शेख राशिद ने पारी को आगे बढ़ाने की कोशिश की। आयुष म्हात्रे ने 15 गेंदों में 32 रनों की शानदार पारी खेली। उनसे हाफ सेंचुरी की उम्मीद थी, लेकिन वो दीपक चाहर की गेंद पर कैच दे बैठे। इसके बाद जल्दी ही राशिद भी मिचेल सेंटनर की गेंद पर स्टंपिंग हो गए।  सीएसके शिवम दुबे और रवींद्र जडेजा की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत 176 बना (Mumbai Indians 9-wicket win) सकी एक के बाद एक दो विकेट गंवाने के बाद सीएसके की पारी लड़खड़ा गई। तभी रवींद्र जडेजा और शिवम दुबे ने लड़खड़ाती पारी को संभाला। शिवम ने 32 गेंदों में 50 रन बनाए। अर्धशतक पूरा करने के बाद वो बुमराह का शिकार बन बैठे। इसके बाद रवींद्र जडेजा ने 35 गेंद में नाबाद 53 रन की पारी खेलकर टीम को 20 ओवर में 5 विकेट पर 176 रन तक पहुंचा दिया। इस मैच में धोनी का बल्ला खामोश रहा। उन्होंने 6 गेंदों में सिर्फ 4 रन ही बनाए। तो वहीं जैमी ओवरटन ने 3 गेंदों में 4 रन बनाकर नाबाद रहे। मुंबई के लिए सबसे अधिक दो विकेट बुमराह ने लिए। तो वहीं एक-एक विकेट दीपक चाहर,अश्विनी कुमार और मिचेल सेंटनर को मिले। इस तरह सीएसके शिवम दुबे और रवींद्र जडेजा की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत 176 बना (Mumbai Indians 9-wicket win) सकी। इसे भी पढ़ें:- एकतरफा मुकाबले में मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद को करारी दी शिकस्त चेन्नई की करारी हार के बाद प्लेऑफ में पहुंचने की संभावनाएं हो (Mumbai Indians 9-wicket win)  गई हैं धूमिल  जीत के लिए मिले 177 रनों का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस ने रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव की आतिशी अर्धशतकीय पारियों की बदौलत 15.3 ओवर में ही पूरा कर लिया। रोहित शर्मा ने 45 गेंदों में 76 बनाए तो वहीं सूर्यकुमार यादव 30 गेंदों में 68 रन बनाकर नाबाद रहे। गौर करने वाली बात यह कि इस जीत साथ मुंबई इंडियन्स की टीम 8 अंक के साथ अंक तालिका में छठे पायदान पर पहुंच गई है। तो वहीं सीएसके की टीम छठी हार के बाद दसवें स्थान पर पहुँच गई है। कहने में गुरेज नहीं कि चेन्नई की इस मुकाबले में करारी हार के बाद प्लेऑफ में पहुंचने की संभावनाएं भी धूमिल हो (Mumbai Indians 9-wicket win) गई हैं। रोहित शर्मा आईपीएल में सर्वाधिक रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं गौर करने वाली बात यह कि मुंबई की टीम अपने पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के विस्फोटक बल्लेबाजी के बदौलत नौ विकेट से जीत (Mumbai Indians 9-wicket win) हासिल करने में कामयाब रही। जीत के साथ ही इस मैच में रोहित शर्मा ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। वह शिखर धवन को पीछे छोड़ते हुए आईपीएल में सर्वाधिक रन बनाने वाले दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं। बता दें कि पहले स्थान पर विराट कोहली का नाम आता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 Mumbai Indians 9-wicket win #MumbaiIndians #RohitSharma #CSKvsMI #IPL2025 #WankhedeStadium #MIvsCSK #CricketHighlights #MIWin #RohitFifty #IPLMatchResult

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Cybercrime in India: क्यों नहीं थम रहे देश में साइबर अपराध के मामले, आखिर क्या है इसकी सबसे बड़ी वजह?

देश में साइबर अपराध इस कदर अपना पैर पसार (Cybercrime in India) चुका है कि इसपर नकेल कसना सरकार के बाद की बात नहीं रह गई है। देश में साइबर अपराध के मामले न थमने का मुख्य कारण है साइबर अपराधी द्वारा लगातार नए तरीकों का इस्तेमाल करना। कारण यही जो उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा, लोगों की साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता की कमी और साइबर अपराधों से निपटने के लिए पर्याप्त कानूनी ढांचे की अनुपलब्धता भी एक बड़ी वजह है। गौर करने वाली बात यह कि साइबर हमलों में ऑनलाइन धोखाधड़ी और सेक्टार्शन जैसी चीजें ही शामिल नहीं हैं बल्कि इनमें डाटा चोरी, रैनसमवेयर, अवैध सट्टेबाजी एप, ऑनलाइन हेट क्राइम, साइबर बुलिंग, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर साइबर अटैक इत्यादि भी शामिल हैं। इससे भी बड़ी ध्यान देने वाली बात यह कि अपराधी इनका इस्तेमाल कर देश की अर्थव्यवस्था व आंतरिक सुरक्षा को खोखला बनाने का काम कर रहे हैं। साइबर अपराधों के खिलाफ देश में अलग से कानून नहीं है और आइटी एक्ट में संशोधन के तहत 2022 में लाये गये प्रावधानों के जरिये इन्हें रोकने की कोशिश हो रही है। इसीके चलते साइबर अपराधों के विरुद्ध केंद्र ने साइबर क्राइम को-ऑर्डिनेशन सेंटर और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल का गठन किया है।  लाख कोशिशों के बावजूद साइबर अपराधों पर लगाम नहीं (Cybercrime in India) लगाई जा सकी है हालाँकि सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद साइबर अपराधों पर लगाम नहीं (Cybercrime in India) लगाई जा सकी है। इसके पीछे की कई वजहें हो सकती हैं। मसलन, साइबर अपराधी अपराध करने के नित्य नए तरीके खोजते रहते हैं, जिससे उन्हें पकड़ना मुश्किल हो जाता है। खास बात यह कि हर बार नए शिकारी को नए तरीके से साइबर ठगी का शिकार बनाते हैं। साइबर ठगी का शिकार होने वाले लोग अमूमन साइबर सुरक्षा के प्रति अनजान होते हैं। जिससे वे आसानी से साइबर अपराधों का शिकार बन जाते हैं। इसके अलावा देश में देश में साइबर अपराधों से निपटने के लिए पर्याप्त कानूनी ढांचा नहीं है। र्याप्त कानूनी ढांचा न होने के कारण अपराधियों को आसानी से बच निकलने का मौका मिल जाता है। साइबर अपराधियों के न पकड़े जाने जाने के पीछे एक सबसे बड़ी वजह यह है कि वो देश की सरहदों को पर कर अपराध करते हैं। ऐसे में इंटरनेशनल कानूनों की आड़ लेकर साइबर अपराधी हाथ नहीं आते। ऐसे अपराधियों को पकड़ना या खोजना पुलिस के लिए बड़ा चुनौतीपूर्ण होता है। साइबर अपराधियों की बढ़ती संख्या पुलिस के सिरदर्द बनी हुई है। इसका अलाम यह है कि पुलिस के साइबर क्राइम के मॉडल को समझने का प्रयास कर रही होती है कि तब टक अपराधी एक नए तरीके से नए क्राइम को अंजाम दे देते हैं।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर 45 प्रतिशत से अधिक मामलों को (Cybercrime in India) कंबोडिया, म्यांमार और लाओस से दिया गया था अंजाम  प्राप्त जानकारी के मुताबिक गृह मंत्रालय से जुड़ी एजेंसी सिटिजन फाइनेंशियल साइबर फ्रॉड रिपोर्टिंग एंड मैनेजमेंट सिस्टम (सीएफसीएफआरएमएस) की माने तो नवंबर तक साइबर धोखाधड़ी की 12 लाख शिकायतें मिली। आपको जानकार हैरानी होगी कि इनमें से 45 प्रतिशत से अधिक मामलों को (Cybercrime in India) कंबोडिया, म्यांमार और लाओस से अंजाम दिया गया था। बता दें कि बीते अगस्त में संसद सत्र के दौरान गृह मंत्रालय ने कहा था कि “अन्य अपराधों की तरह साइबर अपराध रोकना भी राज्य की जिम्मेदारी है। सच यह है कि साइबर अपराध रोकने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से संबंधित कानून बनाने के साथ केंद्रीय स्तर पर साइबर आर्मी और राज्यों में साइबर पुलिस का गठन करने की सख्त आवश्यकता है। ऐसा नहीं है कि सरकार सिर्फ हाथ पर हाथ धीरे बैठी है। साइबर ठगी से बचने के लिए सरकार हर संभव लोगों के बीच जागरूकता अभियान चला रही है। यह तो ठीक, लेकिन वर्तमान भारत में आज भी जागरूकता की कमी के कहते ही लोग ढगी का शिकार हो रहे हैं। Latest News in Hindi Today Hindi News Cybercrime in India #CybercrimeInIndia #OnlineFraud #CyberSecurity #DataBreach #InternetScam #DigitalSafety #CyberThreats #IndiaNews #TechAlert #CyberAwareness

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