Shiv

Bengal violence 2025

Bengal violence 2025: बंगाल में हिंसा पीड़ित महिलाओं का छलका दर्द कहा, “क्या ‘हिंदू’ होना ही हमारा अपराध है?” 

मुर्शिदाबाद में हिंसा थम (Bengal violence 2025) जरूर गई है, लेकिन लोगों के बीच दहशत अभी भी खत्म नहीं हुई है। महिलाओं की आंखों में डर साफ नजर आ रहा है। दरअसल, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा ने कई हिंदू परिवारों को बेघर कर दिया है। कई परिवार ऐसे हैं जो घरबार छोड़-छाड़कर राहत कैंप में रहने हेतु मजबूर हैं। इनकी मजबूरी देख दिल पसीज जा रहा है। ऐसे में इन बेघर परिवारों से मिलने के लिए जो भी इनके पास जा रहा है, रोती- बिलखती महिलाएं बस एक ही सवाल कर रही हैं कि “क्या हिंदू होना उनका अपराध है? बता दें कि शुक्रवार को जब बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस मुर्शिदाबाद दौरे पर पहुंचे थे तो वो जाफराबाद भी गए थे। जहाँ वो न सिर्फ हिंसा प्रभावित परिवारों से मिले बल्कि उनसे बात भी की। खैर, अपने बीच राज्यपाल को देखकर महिलाओं को बड़ी तसल्ली हुई।  पीड़ित महिलाएं पूछने लगीं कि “क्या हिंदू होना ही हमारा अपराध है, (Bengal violence 2025)? खैर, इस दरम्यान अपने जज्बातों को बयां करते हुए पीड़ित महिलाएं पूछने लगीं कि “क्या हिंदू होना ही हमारा अपराध है, (Bengal violence 2025) हमें बचाओ।” इतना कहकर व्यथित महिलाओं ने राज्यपाल के पैर पकड़ लिए और उनसे बचाने की गुजारिश। ये सब देख राज्यपाल भी खुद को नहीं रोक पाए और उन्होंने पीड़ित महिलाओं और परिवारों से कहा कि “मुझे शांति बनाए रखने के लिए जो भी करना होगा, करूंगा।” इस बीच महत्वपूर्ण बात यह कि राज्यपाल जाफराबाद में हुई हिंसा में मारे गए हरगोविंद दास और चंदन दास के घर भी गए। वहां जाकर उन्होंने कुछ देर तक शोक संतप्त लोगों से बातचीत की। बोस ने उन्हें आश्वासन दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मुर्शिदाबाद के धुलियान के निवासी कह रहे हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो हम अपने घर बीएसएफ कैंप को दे देंगे। बता दें कि पिछले सप्ताह शुक्रवार को वक्फ कानून विरोधी आंदोलन के नाम पर हमले हुए और अंधाधुंध हिंसा हुई थी। अहम बात यह कि हमले के निशान आज भी गांव के जले हुए घरों में मौजूद हैं। इस हिंसा में कई लोगों ने अपनी ज़मीनें खो दी हैं।  इसे भी पढ़ें:– क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दोनों ने कही यह बात राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधि शुक्रवार को मालदा शरणार्थी शिविर पहुंचे (Bengal violence 2025) थे यही नहीं, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के प्रतिनिधि शुक्रवार को मालदा शरणार्थी शिविर पहुंचे (Bengal violence 2025) थे। इल्जाम है कि उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई। इस आरोप के कारण शुक्रवार को पूरे दिन मालदा में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। इसके बाद आज (शनिवार) को महिला आयोग की टीम मुर्शिदाबाद पहुंच कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। यह पल बड़ा ही भावनात्मक था। दरअसल हुआ यह कि महिला आयोग के प्रतिनिधिमंडल के सामने हिंसा की कहानी बताते हुए महिलाएं फूट-फूट कर रो पड़ी। इस बीच महिला आयोग के प्रतिनिधियों ने उन्हें आश्वासन दिया कि “वे केंद्र से सारी रिपोर्ट उपलब्ध करा देंगे और रिपोर्ट में बीएसएफ कैंप का भी जिक्र करेंगे। जानकारी के मुताबिक प्रतिनिधियों ने कहा कि “हम आपके साथ खड़े हैं। केंद्र की सभी टीमों जमीन पर उतर चुकी हैं। पूरा देश आपके साथ है। चिंता करने की कोई बात नहीं है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Hindu targeted in Bengal #BengalViolence #HinduWomen #ReligiousTargeting #IndiaNews #HumanRights #WomensVoices #BengalCrisis #HinduIdentity #IndiaViolence #JusticeForVictims

आगे और पढ़ें
Thackeray brothers reunion

Thackeray brothers reunion: क्या साथ आएंगे उद्धव और राज ठाकरे? दोनों ने कही यह बात

बृहन्मुम्बई महानगर पालिका (बीएमसी) चुनावों के मद्देनजर महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े उथलपुथल होने के संकेत मिल रहे हैं। दरअसल, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के मुखिया राज ठाकरे ने अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे को साथ आने का प्रस्ताव (Thackeray brothers reunion) दिया है। मनसे के मुखिया ने कहा है कि “महाराष्ट्र और मराठियों के अस्तित्व के आगे उद्धव और उनके झगड़े बहुत छोटे हैं। महाराष्ट्र बहुत बड़ा है। उनके लिए उद्धव के साथ आना और साथ में रहना कोई मुश्किल काम नहीं हैं।” जानकारी के मुताबिक फिल्म अभिनेता और डायरेक्टर महेश मांजरेकर ने एक पोडकास्ट में मनसे प्रमुख राज ठाकरे का साक्षात्कार किया है। इस दौरान महेश मांजरेकर ने राज ठाकरे से कई तीखे सवाल पूछे हैं। इस बीच महेश ने राज पूछा कि महाराष्ट्र के लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए क्या राज ठाकरे उद्धव ठाकरे के साथ आ सकते हैं? इस पर राज ठाकरे ने कहा कि महारष्ट्र और मराठी के मुद्दे पर वे साथ आने के लिए तैयार हैं, लेकिन यही इच्छा उनकी भी होनी चाहिए। हमारे बीच के मतभेद, झगड़े, बहुत छोटे हैं, महाराष्ट्र बहुत (Thackeray brothers reunion) बड़ा है- राज ठाकरे राज ठाकरे ने आगे कहा कि “मैं जब शिवसेना में था, तब मुझे उद्धव के साथ काम करने के कोई दिक्कत (Thackeray brothers reunion) नहीं थी। लेकिन सवाल यह है कि सामने वाले कि इच्छा है, क्या मैं उनके साथ काम करूं? महाराष्ट की अगर इच्छा है। हम दोनों साथ आएं तो उन्हें बताना चाहिए। ऐसी छोटी छोटी बातों में मैं ईगो बीच में नहीं लाता।” इस बीच राज ने कहा कि “किसी भी बड़े उदेश्य के लिए हमारे बीच के मतभेद, झगड़े, बहुत छोटे हैं। महाराष्ट्र बहुत बड़ा है। इस महाराष्ट्र के अस्तित्व के लिए मराठी व्यक्ति के अस्तित्व के लिए हमारे बीच के झगड़े और विवाद का कोई महत्व नहीं है। वे निर्रथक हैं। इसलिए एक साथ और काम करना मेरे लिए कोई बड़ी बात नहीं है। इसके साथ ही राज ने यह भी कहा कि “मुद्दा सिर्फ इच्छा का है। यह सिर्फ मेरे अकेले के इच्छा या मेरे अकेले के स्वार्थ का मुद्दा नहीं है। मुझे लगता है, हमें बड़े उद्देश्य की ओर देखने की जरूरत है। मैं देख रहा हूं तो मुझे तो लगता है कि महाराष्ट्र के सभी राजनैतिक दलों के मराठी लोगों को एक साथ मिलकर एक ही पार्टी शुरू करनी चाहिए।” इसे भी पढ़ें:– कांग्रेस के तल्ख तेवर में फंसे लालू-तेजस्वी! सीएम फेस से लेकर सीट बंटवारा तक अटका उद्धव के साथ आने में कोई परेशानी (Thackeray brothers reunion) नहीं है- राज ठाकरे बता दें कि राज ठाकरे ने उद्धव को साथ आने का प्रस्ताव देते हुए अपनी तरफ से साफ कर दिया कि उद्धव के साथ आने में कोई परेशानी (Thackeray brothers reunion) नहीं है। महाराष्ट्र के लिए दोनों एक साथ आ सकते हैं। गौर करने वाली बात यह कि राज ठाकरे के साथ आने के प्रस्ताव पर उद्धव ठाकरे का भी बयान सामने आया है। उद्धव का कहना है कि “उनकी तरफ से कोई झगड़ा नहीं था। महाराष्ट्र के हित के लिए वे साथ आने को तैयार हैं।” एक तरह से देखा जाए तो उद्धव ठाकरे भी भाई राज ठाकरे के प्रस्ताव से सहमत दिखाई दे हैं। उन्होंने मिलकर काम करने के संकेत दिए हैं। इस बीच उद्धव ने कहा कि “महाराष्ट्र की भलाई के लिए वह छोटे-मोटे झगड़ों को छोड़कर आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।” उन्होंने कहा कि “अगर हमने सही फैसला लिया होता तो हम केंद्र और राज्य में सरकार बना सकते थे।” Latest News in Hindi Today Hindi news Thackeray brothers reunion #ThackerayBrothersReunion #UddhavThackeray #RajThackeray #ShivSena #MNS #MaharashtraPolitics #PoliticalReunion #ThackerayFamily #UddhavRaj #IndianPolitics

आगे और पढ़ें
Harsimrat Randhawa Shot Dead in Canada

Harsimrat Randhawa shooting Canada: कनाडा में भारतीय छात्रा हरसिमरत रंधावा की गोली मारकर हत्या

कनाडा के हैमिल्टन शहर में एक 21 वर्षीय भारतीय छात्रा हरसिमरत रंधावा की गोली मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। हरसिमरत रंधावा एक होनहार छात्रा थीं। वो अपने सपनों को लेकर कनाडा गई थीं। जानकारी के मुताबिक जब वह काम पर जाने के लिए बस स्टॉप पर इंतजार कर रही थी, तभी एक कार के अंदर से अंधाधुंध गोलियां चलाई गईं। इसी बीच एक गोली लड़की को जा लगी और गोली लगने उसकी जान चली (Harsimrat Randhawa shooting Canada) गई। हरसिमरत ओंटारियो प्रांत के हैमिल्टन स्थित एक कॉलेज में पढ़ाई कर रही थीं। घटना के वक्त बस स्टॉप पर बस का इंतजार कर रही थीं। बेशक यह छात्रों और भारतीय समुदाय के लिए यह खबर बेहद चौंकाने वाली है।  इस पूरे मामले पर हैमिल्टन पुलिस ने कहा कि “एक काली कार के यात्री ने एक सफेद सेडान पर गोलियां चलाईं। तभी एक गोली बस स्टैंड पर खड़ी एक लड़की को लग गई। गोलीबारी की घटना के बाद तुरंत बाद काली कार में सवार यात्री घटनास्थल से फरार हो गए। गोलियां पास के एक घर की पिछली खिड़की में भी घुस गईं।” घटना (Harsimrat Randhawa shooting Canada) बीते गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे की है दरअसल, पुलिस के मुताबिक घटना (Harsimrat Randhawa shooting Canada) बीते गुरुवार शाम करीब 7:30 बजे की है। पुलिस को अपर जेम्स और साउथ बेंड रोड के पास गोलीबारी की सूचना मिली। घटनास्थल पर जब पुलिस पहुंची तो उसे हरसिमरत रंधावा गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलीं। छात्रा के सीने में गोली लगी थी। पुलिसकर्मियों ने तुरंत एम्बुलेंस की मदद से छात्रा को अस्पताल पहुंचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गोलीबारी किसी दो गाड़ियों के बीच आपसी विवाद का नतीजा थी। इसी फायरिंग की चपेट में बस स्टॉप पर खड़ी हरसिमरत भी आ गईं। हैमिल्टन पुलिस अब न सिर्फ इस हत्याकांड की हर एंगल से जांच कर रही है बल्कि दो संदिग्ध कार सवारों की पहचान करने की कोशिश में भी जुटी है। स्थानीय पुलिस के अनुसार, वह एक निर्दोष छात्रा थी, जो दो वाहनों में हुई गोलीबारी की घटना का शिकार हो गई। पुलिस के अधिकारी मृतक लड़की के परिवारवालों के साथ संपर्क साधने में लगे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक मृतक के परिजनों को सभी आवश्यक सहायता प्रदान की जाएगी।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर टोरंटो स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने इस घटना (Harsimrat Randhawa shooting Canada) पर व्यक्त किया गहरा दुख  इस घटना (Harsimrat Randhawa shooting Canada) पर टोरंटो स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने गहरा दुख व्यक्त किया है। शुक्रवार को जारी किये एक पोस्ट में दूतावास ने कहा कि “हम हैमिल्टन, ओंटारियो में भारतीय छात्रा हरसिमरत रंधावा की दुखद मौत से बेहद दुखी हैं। स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह घटना दो कार सवारों की आपसी गोलीबारी में हुई है। हम पीड़िता के परिवार के साथ लगातार संपर्क में हैं और हर संभव मदद पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।” कहने की जरूरत नहीं, इस घटना के बाद स्थानीय भारतीय समुदाय में रोष है। लोग सोशल मीडिया पर न्याय की मांग कर रहे हैं। और सही ही आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठा रहे हैं। खैर, पुलिस घटना से जुड़े और भी सबूत इकट्ठा कर रही है। शाम 7.15 बजे से 7.45 बजे के बीच डैशकैम या सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी हुई है। पुलिस के मुताबिक जल्द से जल्द आरोपियों पकड़ लिया जायेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi News Harsimrat Randhawa shooting Canada #HarsimratRandhawa #IndianStudentShot #CanadaShooting #JusticeForHarsimrat #PunjabiStudentKilled #CanadaCrime #InternationalStudentNews #IndianStudentAbroad #GunViolenceCanada #StudentMurderCanada

आगे और पढ़ें
Punjab Kings vs RCB IPL 2025

Punjab Kings vs RCB IPL 2025: पंजाब किंग्स ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को दी करारी शिकस्त, इस हार से टूटा यह रिकॉर्ड 

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 का 34वां मुकाबला पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (Punjab Kings vs RCB IPL 2025) के बीच खेला गया। 18 अप्रैल को बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए बारिश बाधित इस मुकाबले में पंजाब किंग्स ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को 5 विकेटों से हरा दिया। दरअसल, पंजाब किंग्स ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी आरसीबी की शुरुआत अच्छी नहीं रही। पंजाब किंग्स के गेंदबाजों ने शानदार गेंदबाजी की। यह उनकी गेंदबाजी का ही कमाल था जो 14 ओवर में आरसीबी को सिर्फ 95 रन ही बनाने दिए। आरसीबी के लिए सबसे अधिक रन टिम डेविड ने बनाया। टिम डेविड ने 50 तो वहीं रजत पाटीदार ने 23 रन बनाए। इन दोनों के अलावा आरसीबी का कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार ही नहीं कर सका। पंजाब के लिए अर्शदीप सिंह, मार्को यानसेन, चहल और हरप्रीत बरार ने 2-2 विकेट लिए। इस हार के साथ आरसीबी ने बना लिया अपने नाम एक रिकॉर्ड (Punjab Kings vs RCB IPL 2025)  आसान से लक्ष्य का पीछा करने उतरी पंजाब किंग्स की टीम ने 5 विकेट खोकर आसानी से लक्ष्य को प्राप्त कर लिया। पंजाब के लिए प्रियांश आर्य ने 16, प्रभसिमरन सिंह ने 13, नेहाल वढेरा ने 33 रन बनाए। बात करें विकटों की तो आरसीबी के लिए जोश हेजलवुड ने 3 और भुवनेश्वर कुमार ने 2 विकेट चटकाए। इसी के साथ आरसीबी को करारी हार का सामना करना पड़ा। गौर करने वाली बात यह कि इस हार के साथ आरसीबी ने अपने नाम एक रिकॉर्ड भी (Punjab Kings vs RCB IPL 2025) बना लिया। दरअसल, बेंगलुरु ने दिल्ली कैपिटल्स के दिल्ली में 45 मैच के हार का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया। खैर, आरसीबी की टीम आईपीएल के इतिहास में अपने ही होम ग्राउंड पर सबसे अधिक मैच हारने वाली टीम बन गई है। इस मामले में तो रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने दिल्ली कैपिटल्स को पीछे छोड़ दिया है। बता दें कि आरसीबी ने बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में 46 मैच हारे हैं। अब वो इस अनचाहा सूची में पहले नंबर पर हैं। इस सूची में केकेआर और मुंबई इंडियंस जैसी टीमें भी हैं। जिन्होंने अपने घर में ज्यादा हार झेले हैं। इसे भी पढ़ें:– इस वजह से मुर्शिदाबाद हिंसा में फंसते जा रहे हैं पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान  चिन्नास्वामी स्टेडियम में तीन मैच खेले हैं और तीनों मुकाबलों में मुंह की खानी (Punjab Kings vs RCB IPL 2025) पड़ी है गौर करने वाली बात यह कि आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने बेंगलुरु के चिन्नास्वामी में अब तक एक भी मुकाबला नही जीती है। बता दें कि इस सीजन आरसीबी ने अब तक चिन्नास्वामी स्टेडियम में तीन मैच खेले हैं और तीनों मुकाबलों में उन्हें मुंह की खानी (Punjab Kings vs RCB IPL 2025) पड़ी है। आरसीबी को अपने ही होम फ्रोंड में गुजरात, दिल्ली और पंजाब से हार का सामना करना पड़ा है। बेंगलुरु में आरसीबी को IPL 2025 में इन तीन मुकाबले में मिली हार मिली है, जिसमें गुजरात टाइटंस के खिलाफ़ 8 विकेट से हार तो दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ़ 6 विकेट से हार और अब पंजाब किंग्स के खिलाफ़ 5 विकेट से शर्मनाक हार हुई है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Punjab Kings vs RCB IPL 2025 #PunjabKings #RCB #IPL2025 #PBKSvsRCB #CricketNews #IPLHighlights #RCBRecordBroken #T20Cricket #ViratKohli #PBKSWins

आगे और पढ़ें
West Bengal political violence

Yusuf Pathan controversy: इस वजह से मुर्शिदाबाद हिंसा में फंसते जा रहे हैं पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में नए वक्फ कानून के विरोध को लेकर भड़की हिंसा भले शांत और स्थिति सामान्य हो गई हो लेकिन बहरमपुर से टीएमसी सांसद और पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान पर लगातार सवालों के घेरे में हैं। दरअसल उन्होंने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें वे आराम फरमाते’ नजर आ रहे थे। हिंसा के समय सोशल मीडिया पर किए उनके पोस्ट ने मानो जख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया था। जिसके बाद से वो लगातार निशाने (Yusuf Pathan controversy) पर हैं और हर तरफ उनकी निंदा की जा रही है। यहाँ तक कि उनकी अपनी पार्टी के नेता ही उनके इस रवैये से हैरान हैं। खैर, अब अपने ही संसदीय क्षेत्र से उनकी गैरमौजूदगी पर विपक्ष और पार्टी के भीतर से ही तीखी आलोचना हो रही है। स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने बताया है कि “यूसुफ पठान फोन पर संपर्क में हैं। उन्हें जल्द जिले का दौरा करने के लिए कहा गया है।” खबर के मुताबिक पार्टी के एक वर्ग में पठान को टिकट दिए जाने को लेकर भारी असंतोष है। ऐसी घड़ी में उनका नदारद होना पार्टी के लिए अच्छा नहीं माना जा रहा। इसके अलावा कार्यकर्ताओं से उनका जुड़ाव भी बेहद कम ही है। लोगों के मुताबिक वह एक क्रिकेटर और सेलिब्रिटी हैं। अब वो यहां क्यों आएंगे? हम ज़मीन पर हालात संभालने की कोशिश कर रहे हैं। यही दिक्कत होती है जब सेलिब्रिटीज़ को उम्मीदवार बनाया जाता है।”  लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर बहरमपुर जीती (Yusuf Pathan controversy) थी सीट  बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में यूसुफ पठान ने कांग्रेस के दिग्गज नेता अधीर रंजन चौधरी को हराकर बहरमपुर सीट जीती (Yusuf Pathan controversy) थी। बहरमपुर कांग्रेस का दशकों पुराना गढ़ था। कहा जा रहा है कि पठान की सोशल मीडिया पर हालिया तस्वीरें (जिनमें वे आराम फरमाते’ नजर आ रहे थे) ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को भी नाराज किया है। टीएमसी के स्थनीय नेताओं का कहना है कि “हिंसा प्रभावित इलाके उनके संसदीय क्षेत्र में नहीं आते, लेकिन जिले में उनकी मौजूदगी जरूरी थी। पार्टी नेतृत्व इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है।” गौरतलब हो कि पिछले हफ्ते मुर्शिदाबाद जिले के धूलियन, शमशेरगंज, सूटी और जंगीपुर में हुई सांप्रदायिक हिंसा में तीन लोगों की मौत हो गई थी। गौर करने वाली बात यह कि ये इलाके बहरमपुर से लगभग 80 किलोमीटर दूर हैं। दरअसल, हिंसा की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा वक्फ अधिनियम में किए गए संशोधनों के विरोध में हुए प्रदर्शनों से हुई थी। इसे भी पढ़ें:– कांग्रेस के तल्ख तेवर में फंसे लालू-तेजस्वी! सीएम फेस से लेकर सीट बंटवारा तक अटका टीएमसी सांसद यूसुफ पठान चाय पीते हुए व्यस्त (Yusuf Pathan controversy) हैं- सुकांत मजूमदार  हिंसा के बाद मौके को भुनाते हुए बीजेपी ने टीएमसी पर जमकर हमला बोला है। पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि “टीएमसी नेताओं की शह में बंगाल जल रहा है, लेकिन टीएमसी सांसद यूसुफ पठान चाय पीते हुए व्यस्त (Yusuf Pathan controversy) हैं, जब हिंदू मारे जा रहे हैं। यही टीएमसी का असली चेहरा है।” खैर, टीएमसी सांसद अबू ताहिर खान का  कहा कि “यूसुफ पठान आईपीएल में बिजी हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि वह सांसद से लगातार संपर्क में हैं और उन्हें जिले में आने को कहा गया है।” गौर करने वाली बात यह कि हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में से शमशेरगंज और धूलियन मालदा दक्षिण लोकसभा सीट के अंतर्गत आते हैं। यहाँ कांग्रेस की ईशा खान चौधरी सांसद हैं। जबकि सूटी, जंगीपुर लोकसभा सीट में आता है, जिसका प्रतिनिधित्व टीएमसी सांसद खलीलुर रहमान करते हैं। तीसरे सांसद अबू ताहिर खान, मुर्शिदाबाद से टीएमसी के ही हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Yusuf Pathan controversy #YusufPathan #MurshidabadViolence #CricketerNews #WestBengal #YusufPathanControversy #BreakingNews #Politics #IndianCricket #TrendingNow #LatestUpdate

आगे और पढ़ें
Mukesh Ambani Birthday 2025

Mukesh Ambani birthday 2025: आलोचनाओं को कभी भी सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं से नहीं बल्कि नतीजों से दिया जवाब

19 अप्रैल, आज की तारीख कुछ मायनों में बेहद ख़ास भी है। खास इसलिए कि आज ही के दिन भारत से कोसो दूर साल 1957 को ब्रिटिश क्राउन कॉलोनी अदन, (वर्तमान में यमन) में एक शख्स का जन्म हुआ (Mukesh Ambani birthday 2025) था। उस समय उनके पिता छोटे-मोटे व्यापारी हुआ करते थे। जन्म के ठीक 9 साल बाद पिता ने रिलायंस की नींव रखी। अब तक तो आप समझ ही गए होंगे कि यहाँ किस शख्स की बात हो रही है। जी हाँ, सही समझे। यहाँ बात हो रही है अरबों की संपत्ति के मालिक मुकेश धीरूभाई अंबानी की। दुनिया के दिग्गज कारोबारी और रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी आज अपना 67वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनकी शुरूआती शिक्षा मुंबई के हिल ग्रेंज हाई स्कूल से हुई और फिर उन्होंने इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (आईसीटी) से केमिकल इंजीनियरिंग में डिग्री ली। फिर अमेरिका के स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। एमबीए करने के बाद साल 1981 में भारत लौटकर वो अपने पिता के व्यवसाय में शामिल हो गए। रिलायंस इंडस्ट्रीज में पिता धीरूभाई अंबानी की मदद करनी शुरू की आज मुकेश अंबानी के पास अरबों की संपत्ति है। परिवार में सबसे बड़े बेटे होने के नाते मुकेश बखूबी अपने पिता की विरासत को लगातार आगे बढ़ा (Mukesh Ambani birthday 2025) रहे हैं। वो भारत के पहले खरबपति के रूप में भी जाने जाते हैं। बता दें कि आज उनका नाम अरबपतियों की फेहरिस्त में शामिल है। उनका अरबपति बनने का सफर साल 1981 में तब शुरू हुआ जब उन्होंने रिलायंस इंडस्ट्रीज में अपने पिता धीरूभाई अंबानी की मदद करनी शुरू की। कंपनी पहले से ही दूरसंचार, पेट्रोकेमिकल, खुदरा और रिफाइनिंग जैसे क्षेत्रों में कार्यरत थी। लेकिन उनके नेतृत्व में कंपनी का तेजी से विकास हुआ। यह उनकी दूरदृष्टि और रणनीतियों का ही कमाल था जब रिलायंस ने 2007 तक 100 बिलियन डॉलर के मार्केट कैप को पार कर लिया था। उनकी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज दुनिया की टॉप वैल्युएबल कंपनियों में शुमार है। आपको जानकार हैरानी होगी कि साल 2007 में मुकेश अंबानी दुनिया के टॉप 10 अमीरों में शामिल थे। अक्टूबर 2007 में उन्होंने बिल गेट्स, कार्लोस स्लिम और वॉरेन बफेट जैसे दिग्गजों को पछाड़ते हुए दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति का स्थान हासिल किया था।  इसे भी पढ़ें:– कांग्रेस के तल्ख तेवर में फंसे लालू-तेजस्वी! सीएम फेस से लेकर सीट बंटवारा तक अटका जिओ ने न सिर्फ समूचे बाजार को हिला दिया बल्कि प्रतिस्पर्धी कंपनियों का भट्टा तक बैठा दिया बढ़ते समय के साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कई नए क्षेत्रों में अपने व्यापार का विस्तार किया मसलन, सोलर एनर्जी, एसईजेड डेवलपमेंट, टेक्सटाइल, एंटरटेनमेंट,  लॉजिस्टिक्स और रिटेल इत्यादि। लेकिन टेलीकॉम सेक्टर में प्रवेश करना और जिओ लांच करना अंबानी का सबसे बड़ा क्रांतिकारी कदम साबित (Mukesh Ambani birthday 2025) हुआ। जिओ ने न सिर्फ समूचे बाजार को हिला दिया बल्कि प्रतिस्पर्धी कंपनियों का भट्टा तक बैठा दिया। परिणामस्वरूप, कई टेलीकॉम कंपनियां या तो बंद ही हो गईं या फिर विलय के लिए मजबूर हो गईं। मुकेश अंबानी ने अपनी सूझबूझ से दुनिया को दिखा दिया कि यदि फोकस और लगन हो तो कोई भी चीज असंभव नहीं है।मुकेश अंबानी जो सबसे बड़ी ताकत यह है कि उन्होंने कभी भी आलोचनाओं को सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं से नहीं जवाब दिया। उन्होंने प्रतिक्रिया के बदले नतीजों से जवाब दिया। इसका यह परिणाम है आज पूरी दुनिया में उनका डंका सभी ओर बज रहा है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mukesh Ambani birthday 2025 #MukeshAmbaniBirthday2025 #MukeshAmbani #RelianceIndustries #IndianBillionaire #SuccessStory #Leadership #AmbaniNews #BusinessTycoon #CriticsSilenced #RelianceGrowth

आगे और पढ़ें
Mehul Choksi's ₹2,565 Cr Property to Be Auctioned

Mehul Choksi property auction: कोर्ट के आदेश के बाद भगोड़े मेहुल चोकसी के 2,565 करोड़ रुपये की संपत्तियों की होगी नीलामी

करोड़ों रुपये की बैंक धोखाधड़ी के आरोपी और फरार हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी और उसका भांजा नीरव मोदी, दोनों साल 2018 में सुर्ख़ियों आये पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले के मुख्य आरोपी हैं। यह घोटाला तकरीबन 14 हजार करोड़ का है। यह देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटालों में से एक माना जाता है। इस बीच मेहुल चोकसी की संपत्तियों की नीलामी की प्रक्रिया (Mehul Choksi property auction) अब अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। जानकारी के मुताबिक मुंबई की एक विशेष अदालत ने 2,565 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की जब्त संपत्तियों को बेचने की इजाजत दे दी है। अब इस नीलामी से जो भी राशि प्राप्त होगी, उसे एफडी के रूप में बैंकों के नाम पर रखा जाएगा।  ताकि इससे प्रभावित खाताधारकों को उनकी रकम वापस की जा सके। गौरतलब हो अब तक गीतांजलि जेम्स लिमिटेड से जुड़ी संपत्तियों की बिक्री से तकरीबन 125 करोड़ रुपये की राशि पीड़ितों को लौटाई जा चुकी है। इन संपत्तियों में मुंबई स्थित सांताक्रूज के छह फ्लैट, दो फैक्ट्रियां और गोदाम भी शामिल हैं।  ईडी ने साल 2018 में चोकसी की 41 संपत्तियों को (Mehul Choksi property auction) किया था जब्त  बता दें कि ईडी ने साल 2018 में चोकसी और उनके समूह की 41 संपत्तियों को ₹1,217.2 करोड़ की राशि के साथ जब्त (Mehul Choksi property auction) किया था। जिनमें मुंबई में 15 फ्लैट्स और 17 कार्यालय परिसरों, कोलकाता में एक मॉल, अलीबाग में 4 एकड़ का फार्म हाउस इसके अलावा नासिक, नागपुर, पनवेल (महाराष्ट्र) और तमिलनाडु के विलुपुरम में 231 एकड़ भूमि के साथ-साथ हैदराबाद के रंगा रेड्डी जिले में 170 एकड़ का पार्क {जिसकी कीमत तकरीबन ₹500 करोड़ से है), मुंबई के बोरीवली (पूर्व) और सांताक्रूज़ (पूर्व) क्षेत्रों में फ्लैट्स। यही नहीं, मुंबई के सांताक्रूज़ इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट प्रोसेसिंग ज़ोन (SEEPZ) में दो कारखाने और गोदाम शामिल हैं।   इसे भी पढ़ें:-  मध्य प्रदेश में एक नहीं, कई घोटाले: कौन है जिम्मेदार? ईडी ने जब्त प्रॉपर्टी के नीलामी की प्रक्रिया शुरू कर दी (Mehul Choksi property auction) है खैर, इसके अलावा मेहुल चोकसी की जब्त की संपत्तियों में मालाबार हिल उसकी वह भी प्रॉपर्टी है, जिसे ईडी ने जिसे जब्त किया है। उसके नीलामी की प्रक्रिया शुरू की  (Mehul Choksi property auction) है। गोकुल अपार्टमेंट मालाबार हिल जिसके 9/10 मंजिल पर मेहुल चोकसी का डुप्लेक्स फ्लैट है। उसने 11 वे मंजिल पर अवैध निर्माण किया है। बता दें कि फ्लैट के मेन गेट और दीवारों पर ईडी, सीबीआई के अलावा अलग-अलग बैंक के नोटिस, बीएमसी, सोसायटी और बिजली बिल की नोटिस चस्पा की गई है। यह फ्लैट करीबन सात हज़ार स्क्वायर फीट का है जिसकी क़ीमत करीबन 70 करोड़ है, जो अब खण्डर बन गया है।  बता दें कि मेहुल चोकसी और उसके भांजे नीरव मोदी पर 2018 में पीएनबी की ब्रैडी हाउस शाखा से तकरीबन 14,000 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी करने का आरोप है। हालाँकि मेहुल चौकसी के प्रत्यार्पण की बात चल रही है। इस मामले में भारत ने गुरुवार को कहा कि “वह भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण के लिए बेल्जियम के साथ मिलकर काम कर रहा है। भारत सरकार के औपचारिक अनुरोध के आधार पर शनिवार को चोकसी को बेल्जियम के एंटवर्प में गिरफ्तार किया गया।”  Latest News in Hindi Today Hindi news Mehul Choksi property auction #MehulChoksiAuction #PropertyAuction #FugitiveAssets #CourtOrder #ChoksiNews #EDIndia #IndianNews #AssetSeizure #BreakingNews #MoneyLaundering

आगे और पढ़ें
Ajmer Dargah case update

Ajmer Dargah Dispute: राजस्थान हाईकोर्ट ने अजमेर दरगाह विवाद में मुस्लिम पक्ष को नहीं दी राहत, इस दिन होगी अगली सुनवाई

विश्वप्रसिद्ध राजस्थान के अजमेर में स्थित ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर विवाद (Ajmer Dargah Dispute) है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। दरगाह को लेकर उठे विवाद में फिलहाल मुस्लिम पक्ष को राहत नहीं मिल सकी है। राजस्थान हाईकोर्ट ने दरगाह की अंजुमन द्वारा दाखिल की गई याचिका पर कोई त्वरित फैसला नहीं सुनाया है और न ही जिला अदालत की सुनवाई पर कोई रोक ही लगाई है। अहम बात यह कि याचिका खारिज भी नहीं की गई है। कारण यही जो उम्मीद की एक धुंधली सी किरण अभी भी दिखाई दे रही है।  हाईकोर्ट ने तत्काल (Ajmer Dargah Dispute) हस्तक्षेप करने से कर दिया इनकार  गौरतलब हो कि यह याचिका दरगाह की देख-रेख करने वाली संस्था अंजुमन की ओर से दायर की गई थी। अंजुमन के अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह ने हाईकोर्ट में दलील देते हुए कहा कि “सुप्रीम कोर्ट ने अश्विनी उपाध्याय केस में स्पष्ट रूप से आदेश दिया है कि देशभर की अदालतों में धार्मिक स्थलों से जुड़े नए मुकदमे स्वीकार न किए जाएं, सर्वे न कराए जाएं और कोई निर्णायक आदेश पारित न हो। इसके बावजूद अजमेर की सिविल कोर्ट लगातार दरगाह विवाद से जुड़ी सुनवाई कर रही है, जो सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन है। यही नहीं, हाईकोर्ट को यह भी जानकारी दी गई कि “अजमेर की सिविल कोर्ट में कल यानी 19 अप्रैल को इस मामले की फिर सुनवाई होनी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने तत्काल हस्तक्षेप से इनकार कर (Ajmer Dargah Dispute) दिया और अब अगली सुनवाई अगले सप्ताह तय कर दी है।” इसे भी पढ़ें:-  मध्य प्रदेश में एक नहीं, कई घोटाले: कौन है जिम्मेदार? एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने इस याचिका का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की (Ajmer Dargah Dispute) की मांग  प्राप्त जानकारी के मुताबिक अंजुमन की याचिका में केंद्र सरकार समेत 8 पक्षों को शामिल किया गया है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ने इस याचिका का विरोध करते हुए इसे खारिज करने की मांग (Ajmer Dargah Dispute) की। दरअसल, उनका तर्क था कि “अजमेर की जिला अदालत में चल रहे मुकदमे में अंजुमन अब तक पक्षकार नहीं है, ऐसे में वह हाईकोर्ट में हस्तक्षेप की मांग कर ही नहीं सकती। हालांकि, अंजुमन की तरफ से यह स्पष्ट किया गया कि “उन्होंने खुद को पक्षकार बनाने की मांग को लेकर सिविल कोर्ट में याचिका दायर की हुई है। शनिवार को होने वाली सुनवाई में अधिवक्ता आशीष कुमार सिंह व्यक्तिगत रूप से अपनी दलीलें पेश करेंगे।” बता दें कि दरगाह से जुड़ा यह विवाद न सिर्फ कानूनी मामला है, बल्कि एक भावनात्मक और सांस्कृतिक मामला भी बन चुका है। कहने की जरूरत नहीं अब सभी की निगाहें राजस्थान हाई कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिकी हैं।   Latest News in Hindi Today Hindi news Ajmer Dargah Dispute #AjmerDargah #RajasthanHighCourt #DargahDispute #AjmerNews #LegalUpdate #CourtNews #MuslimCommunity #IndiaNews #HighCourtVerdict #AjmerCase

आगे और पढ़ें
Mother kills sons

Mother Kills Sons: पति ने कही ऐसी बात कि दोनों बेटों का गला रेतने के बाद महिला ने दी कूदकर जान

पति-पत्नी का रिश्ता सात जन्मों का होता है। जन्मजन्मांतर के लिए एक दूसरे के बंधन में बंधने वाले हर पति-पत्नी में थोड़ी बहुत तो तू-तू , मैं-मैं होती ही है। मामूली विवाद होना आम बात है। लेकिन कभी-कभी विवाद इस कदर बढ़ जाता है कि नौबत आत्महत्या या हत्या तक आ जाती है। इसी तरह का एक मामला प्रकाश में आया है तेलंगाना के हैदराबाद से, जहाँ एक पत्नी अपने पति की बातों से इस कदर आहात हुई कि पहले उसने अपने दो मासूम बेटों को मौत के घाट (Mother Kills Sons) उतार दिया और फिर खुद भी छत से कूद कर आत्महत्या कर ली। दिल को दहला देने वाली यह घटना हैदराबाद के जीदीमेटला पुलिस थाना क्षेत्र के गजुला रामाराम की है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 32 वर्षीय तेजस्विनी अपने दो बच्चों और पति के साथ रहा करती थी। खैर, घर में आये दिन पति से उसकी बहस हुआ करती थी। दरअसल, तेजस्विनी कई वर्षों से आंखों की बीमारी से पीड़ित थीं। जाहिर सी बात है, माँ की बीमारी का असर उसके बेटों पर भी पड़ा। उन्हें दिखाई पड़ सके इसलिए हर चार घंटे के अंतराल में आँख में दवा डालनी पड़ती थी। इस बीमारी में उन्हें काफी परेशानी होती थी।  पति की बात इस कदर चुभी कि कर (Mother Kills Sons) ली आत्महत्या  इस बीमारी से न सिर्फ तेजस्विनी बल्कि उसका पति भी परेशान था। उसे लगता था कि तेजस्विनी के कारण ही उसके बच्चों को भी नाहक ही परेशानी झेलनी पड़ रही है। इसके चलते पति-पत्नी के बीच रोजाना लड़ाई-झगड़ा हुआ करता था। कई बार तो नौबत हाथापाई तक आ जाती थी। कहते हैं कि झगड़े के दौरान उसका पति कथित तौर पर कहा करता था कि “यदि तुम मरना चाहती हो, तो मर जाओ।” इस कदर कसर उसका पति उसे ताने मारा करता था। रोज-रोज के तानों से वो तंग आ चुकी थी। जाहिर सी बात है एक तो बीमारी ऊपर से अपने ही पति की कड़वी बातें किसी के भी मनोबल को गिरा सकती है। ऐसे ही एक दिन दोनों के बीच जमकर झगड़ा हुआ। इस झगड़े में आदतन पति ने फिर कहा कि “यदि तुम मरना चाहती हो, तो मर जाओ।” झगड़े के दौरान पति की कही हुई ये बात पत्नी तेजस्विनी को इस कदर चुभी कि उसने आत्महत्या कर (Mother Kills Sons) ली। इस बीच आत्महत्या करने से पहले उसने सबसे पहले एक 6 पन्नों का सुसाइड नोट लिखा।  इसे भी पढ़ें:- मस्जिद के सामने महिला पर भीड़ ने ‘लाठी-डंडे और पत्थर से बोला हमला, कर्नाटक में ‘तालिबानी सजा’ का खौफनाक मंजर नारियल काटने वाले चाकू से गला रेता (Mother Kills Sons) बेटों का गला  जानकारी के मुताबिक सुसाइड नोट लिखने के बाद उसने बड़ी बेदर्दी से अपने दोनों बेटों अर्शित रेड्डी और आशीष रेड्डी की नारियल काटने वाले चाकू से गला रेत (Mother Kills Sons) दिया। बेटों को मौत की नींद सुलाने के बाद उसने खुद भी 5 मंजिला अपार्टमेंट की इमारत से कूदकर अपनी जान दे दी। बड़ा बेटा अर्शित और तेजस्विनी जगह पर ही दम तोड़ चुके थे। छोटे बेटे की साँसे अभी चल रही थी। इस बीच जैसे ही इस घटना की जानकारी घरवालों को हुई, आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अफ़सोस इससे पहले कि वो अस्पताल पहुँच पता उसकी भी साँसे उखड़ चुकी थी। मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई। पुलिस ने बीएनएस की सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर शवों को पोस्टमार्टम हेतु भेज दिया और मामले की छानबीन करनी शुरू कर दी। तभी पुलिस को तेजस्विनी का सुसाइड नोट हाथ लगा। अपने सुसाइड नोट में उसने कहा कि “इन-इन परिस्थितियों के कारण उसने अपने बच्चों को मार डाला और खुद भी जान दे दी।” खैर, कहने की जरूरत नहीं, पल भर के गुस्से ने एक हँसते खेलते परिवार को हमेशा के लिए मौत की आगोश में सुला दिया।  Latest News in Hindi Today Hindi News Mother Kills Sons #MotherKillsSons #MurderSuicide #CrimeNews #ShockingCrime #FamilyTragedy #IndiaNews #DomesticDispute #WomanKillsChildren #SuicideNews #HeartbreakingNews

आगे और पढ़ें
US plane hijack

US plane hijack: अमेरिकी शख्स ने की प्लेन को हाइजैक करने की कोशिश, पैसेंजर ने विमान में ही मारी गोली, कई लोग घायल

मध्य अमेरिका के पूर्वी तट पर स्थिति बेलीज में एक छोटे विमान को हाईजैक करने (US plane hijack) की कोशिश की गई। यह घटना उस समय हुई जब बेलीज की ट्रॉपिक एयर का एक विमान कोरोजाल शहर से 14 यात्रियों के साथ उड़ान भर चुका था। विमान कोरोजल से सैन पेड्रो जा रहा था। इस बीच एक अमेरिकी नागरिक ने इस विमान को हाईजैक करने की कोशिश की। न सिर्फ हाईजैक की बल्कि इस दौरान चाकू से पायलट और यात्रियों पर हमला भी किया गया। इसी बीच विमान में सवार एक अन्य यात्री ने हाईजैक की कोशिश करने वाले शख्स को गोली मार दी।  यात्री द्वारा चलाई गई गोली लगने से मारा (US plane hijack) गया हाईजैकर  बेलीज के पुलिस आयुक्त चेस्टर विलियम्स ने आगे कहा कि “टेलर एक यात्री द्वारा चलाई गई गोली लगने से मारा (US plane hijack) गया। यात्री के पास बंदूक रखने का लाइसेंस था और उसने बाद में बंदूक पुलिस को सौंप दी।” इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि “टेलर की मांग थी कि उसे देश से बाहर ले जाया जाए।” यही नहीं बेलीज में अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ल्यूक मार्टिन ने बताया कि “टेलर ने अमेरिका ले जाने की मांग की थी।” इस बीच न्यूयॉर्क पोस्ट ने अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बताया कि “चाकू से लैस एक अमेरिकी नागरिक ने विमान को हाईजैक करने के प्रयास में यात्रियों पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला करना शुरू कर दिया। इस दौरान विमान में मौजूद तीन लोग घायल हो गए।   हमलावर की पहचान अमेरिकी नागरिक अकिनीला सावा टेलर के (US plane hijack) रूप में हुई चेस्टर विलियम्स के अनुसार, हमलावर की पहचान अमेरिकी नागरिक अकिनीला सावा टेलर के (US plane hijack) रूप में हुई। उसने जिस ट्रिपोक एयर विमान का अपहरण किया था उसमें 14 यात्री और चालक दल के दो सदस्य सवार थे। सभी यात्री और चालक दल के सदस्य सुरक्षित रूप से हवाई अड्डे पर उतर गए हैं। बेलीज और अमेरिका दोनों ने इस घटना की पुष्टि की है। अपहरण की यह घटना बृहस्पतिवार को स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग साढ़े आठ बजे हुई। अपहरण के बाद विमान कई घंटों तक इधर-उधर चक्कर लगाता रहा। आखिरकार अंत में उसे तटीय शहर लेडीविले के हवाई अड्डे पर सुरक्षित उतारा गया। इसे भी पढ़ें:– कोंडागांव-नारायणपुर सीमा के पास मुठभेड़ में दो इनामी नक्सली कमांडर ढेर, एनकाउंटर घायल यात्रियों और पायलट का अस्पताल में इलाज चल रहा है अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा कि “घटना के बारे में विस्तृत जानकारी (US plane hijack) जुटाई जा रही है।” तो वहीं इस पूरी घटना पर एयरलाइंस कंपनी के सीईओ मैक्सिमिलियन ग्रीफ ने कहा कि “पायलट ने साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उसने विमान की सुरक्षित लैंडिंग के लिए कहा, यह आसान नहीं होता है।” घायल यात्रियों और पायलट का अस्पताल में इलाज चल रहा है। न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस आयुक्त विलियम्स ने हस्तक्षेप करने वाले और टेलर को गोली मारने वाले यात्री की प्रशंसा करते हुए उसे “हीरो” कहा। अधिकारियों के मुताबिक फिलहाल यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि “टेलर विमान में चाकू कैसे ले आया। जानकारी के मुताबिक बेलीज के अधिकारियों ने घटना की जांच में सहायता के लिए अमेरिकी दूतावास से संपर्क किया है।” Latest News in Hindi Today Hindi news US plane hijack #USPlaneHijack #PlaneHijackAttempt #FlightShooting #PassengerShootsHijacker #USNews #AviationSecurity #EmergencyLanding #InFlightIncident #BreakingNews #HijackFoiled

आगे और पढ़ें
Translate »