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Mumbai Indians vs Delhi Capitals

Mumbai Indians vs Delhi Capitals: मुंबई इंडियंस ने दिल्ली कैपिटल्स को दी 12 रनों से मात 

बीतते समय के साथ ही इंडियन प्रीमियर लीग 2025 का रोमांच बढ़ता ही जा रहा है। इसके रोमांच का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि हर फैंस को एक से बढ़कर एक रोमांचक मुकाबला देखने मिल रहा है। आईपीएल 2025 में रविवार 13 अप्रैल को दो मुकाबले खेले गए। जिसमें रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और मुंबई इंडियंस ने जीत कर की। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने राजस्थान रॉयल्स को 9 विकेट से हराया। वहीं मुंबई ने रोमांचक मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को 12 रनों से शिकस्त दी। बीते रविवार यानी 13 अप्रैल को दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स और मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians vs Delhi) Capitalsके बीच एक रोमांचक मुकाबले देखने मिला। इस मैच में  पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस ने दिल्ली कैपिटल्स को 12 रन से मात दे दी। गौर करने वाली बात यह कि दिल्ली की यह इस सीजन की पहली हार है। बड़ी बात यह कि लगातार दो मैच हारने के लिए बाद आखिरकार मुंबई ने अपने विजयी अभियान की शुरुआत एक बार फिर कर ली।  मुंबई इंडियंस के खिलाफ (Mumbai Indians vs Delhi) टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का किया फैसला  दरअसल, दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ (Mumbai Indians vs Delhi) टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया । पहले बल्लेबाजी करने उत्तरी मुंबई इंडियंस की टीम ने अच्छी कमाल की बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 20 ओवरों में 5 विकेट के नुकसान पर 205 रन बनाए। मुंबई की तरफ से तिलक वर्मा ने सर्वाधिक 59 रन बनाए। इसके अलावा रेयान रिकेल्टन ने 41 रन, सूर्यकुमार यादव ने 40 तो वहीं नमन धीर ने 38 रनों की पारी खेली। बता दें कि दिल्ली कैपिटल्स के लिए कुलदीप यादव और विप्रज निगम ने दो-दो विकेट चटकाए तो मुकेश कुमार को विकेट झटकने में सफलता मिली। दिल्ली कैपिटल्स की टीम 193 रन पर ही ऑल आउट (Mumbai Indians vs Delhi) हो गई 206 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली कैपिटल्स की टीम 193 रन पर ही ऑल आउट (Mumbai Indians vs Delhi) हो गई। दिल्ली कैपिटल्स की तरफ से करुण नायर ने शानदार 89 रन की पारी खेली। और करुण नायर ने बाद अभिषेक पोरेल ने 33 रन बनाए। इन दो बल्लेबाजों के अलावा दिल्ली कैपिटल्स का भी बल्लेबाज टिक नहीं पाया। मुंबई की तरफ कर्ण शर्मा ने सबसे अधिक तीन विकेट लिए। मिचेल सेंटनर को दो विकेट मिले। दीपक चाहर और जसप्रीत बुमराह ने एक-ेएक विकेट झटके। मजेदार बात यह कि मैच के बाद दोनों टीमों के कप्तानों यानी हार्दिक पंड्या और अक्षर पटेल की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें हार्दिक दिल्ली के कप्तान अक्षर पटेल को किस करते हुए नजर आ रहे हैं।  इसे भी पढ़ें:- आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स को केकेआर से मिली करारी शिकस्त दिल्ली कैपिटल्स आसानी से मैच को अपने नाम कर (Mumbai Indians vs Delhi) सकती थी एक समय ऐसा लग रहा था कि दिल्ली कैपिटल्स आसानी से इस मैच को अपने नाम कर (Mumbai Indians vs Delhi) लेगी। लेकिन अंत में उन्हें 12 रन से मैच गंवाना पड़ा। कहने की जरूरत नहीं, मुंबई इंडियंस से मिली 12 रनों से हार के बाद दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल काफी निराश दिखे। अक्षर ने कहा कि “हमारे मध्यक्रम के बल्लेबाजों ने बेहद खराब खेल का प्रदर्शन किया।” 205 रन के टारगेट को लेकर अक्षर पटेल ने कहा कि “उन्हें लगा कि 205 रन का लक्ष्य शानदार था क्योंकि यह अच्छी पिच थी और ओस भी आ रही थी। उन्होंने फील्डिंग में कुछ गलतियां की। अगर कैच नहीं छूटते तो टारगेट और कम रहता। इंपैक्ट सब के रूप में करुण नायर ने शानदार खेला दिखाया।” Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025  Mumbai Indians vs Delhi #mumbaiindians #delhicapitals #ipl2025 #mivsdc #cricketnews #iplhighlights #t20match #mivictory #iplthriller #indiansports

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how to handle wife’s affair

How to handle wife’s affair: वाइफ के एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर होने पर क्रोधित न हों, आजमाएं इन पांच तरीकों को 

किसी भी शादीशुदा जिंदगी में सबसे जरूरी है, ‘आपसी विश्वास’। दुनिया का कोई भी रिश्ता विश्वास और एक दूसरे के सम्मान पर ही टिका हुआ है। जब तक विश्वास है, तब तक रिश्ता बना रहता है। विश्वास के डगमगाते ही रिश्ता भी डगमगा जाता है। कभी-कभी शक के चलते हालात इस कदर बन जाते हैं कि प्रगाढ़ से प्रगाढ़ रिश्तों में भी दरार आ जाती है। वैसे भी कौन किसे कब धोखा दे, कहा नहीं जा सकता। कहीं पति, पत्नी से दगाबाजी कर बैठता है तो कहीं पत्नी पति से। एक तरह से देखा जाए तो दोनों धोखा देने के मामले में एक-दूसरे से कम (how to handle wife’s affair) नहीं हैं। हालाँकि पहले मर्दों के ही अफेयर होते थे, अब औरतों के भी अफेयर होने लगे हैं। पहले वासना लोगों के बस में हुआ करती थी, अब लोग वासना के बस में हैं। बस बात इतनी सी है।  हो रही मौतों और दगाबाजी का एकमत्र वजह है विवाहोत्तर (how to handle wife’s affair) संबंध खैर, वर्तमान हालात पर नजर डालें तो कोई एक्स्ट्रा मैरिटल रिलेशन के चक्कर में अपने लवर के साथ मिलकर अपनी पत्नी को तो कहीं कोई अपने पति को ही  ठिकाने लगा दे रहा है। हो रही मौतों और दगाबाजी का एकमत्र वजह है विवाहोत्तर (how to handle wife’s affair) संबंध। यह एक बड़ी गंभीर समस्या है, जिससे आज का युवा पीड़ित है। एक दूसरे पर शक करने की बीमारी ने सात जन्मों के पवित्र रिश्तों को खोखला कर दिया है। ऐसे में मान लो यदि आपकी अपनी वाइफ का दिल किसी और पर आ जाये या फिर वो किसी और के प्रेम में पड़ जाए तो? कहने की जरूरत नहीं, यह भी पति के लिए मुश्किल भरा क्षण हो सकता है। ऐसी स्थिति में आगबबूला होने के बजाय समझदारी से काम लें। यहाँ हम आपको कुछ ऐसे तरीके बताने जा रहे हैं, जिसके जरिए आप आसानी से इस तरह की सिचुएशन को टैकल कर सकते हैं। यदि आपको अपनी पत्नी के एक्स्ट्रा मैरिटल के बारे में पता चलता हैं, तो इन पांच तरीकों को आजमाएं।  शांत होकर और खुले मन से करें (how to handle wife’s affair) बात  कहने की जरूरत नहीं, दुनिया का कोई भी पति नहीं चाहेगा कि उसकी अपनी पत्नी का किसी और के साथ अफेयर हो। यह किसी भी पति के लिए नाकाबिले बर्दाश्त है। ऐसे में गुस्से में आकर पत्नी पर अनावश्यक लांछन लगाने अथवा कुछ भी कहने से बचें। सबसे पहले न सिर्फ शांत मन से बात को समझने की कोशिश करें बल्कि पत्नी की भावनाओं को भी समझें। धैर्यपूर्वक उनकी बातों (how to handle wife’s affair) को सुनें और मामले को हर संभव सुलझाने की कोशिश करें। पत्नी को ऐसा न करने की हिदायत दें। यदि परिवार है, तो उन्हें परिवार की जिम्मेदारी का अहसास कराएं। और किसी भी तरह का कदम उठाने से पहले उन्हें गहन विचार-विमर्श करने की सलाह दें।  रिश्तों के महत्व  को (how to handle wife’s affair) समझाएं  आपको चाहिए कि आप अपने अनमोल पलों का उन्हें अहसास (how to handle wife’s affair) कराएं। अपने रिश्तों की गहराई और प्रेम को समझाएं। एक दूसरे के साथ साझा किए गए लम्हों की उनसे चर्चा करें, ताकि उन्हें रिश्तों के महत्व का अहसास हो सके। निश्चित यह उन्हें सोचने पर मजबूर करेगा कि क्या नया अट्रैक्शन उनके पुराने रिश्ते की गहराई से ज्यादा कीमती है।  पत्नी की भावनाओं का सम्मान करें  अपनी पत्नी के इमोशंस को अनदेखा करने या उनका मजाक उड़ाने से बचें। हो सकता है, उनके जज्बात सच्चे हों, वो बात और है कि ये आपके लिए दुखदायी हो। उनकी भावनाओं की कदर करें और उसे स्वीकारने की कोशिश करें। उन्हें अपनी पीड़ा का अहसास कराएं। उन्हें यह समझाएं कि उनका यह कृत्य किस तरह उन्हें भीतर ही भीतर खाये जा रहा है। बेशक आपका ये नजरिया रिश्तों को मधुर बना (how to handle wife’s affair) सकता है।  इग्नोर करने से रिश्तों में आ जाती है कड़वाहट  कभी-कभी वाइफ को इग्नोर करने से रिश्तों में कड़वाहट आ (how to handle wife’s affair) जाती है। पति को चाहिए कि वो खुद आगे बढ़कर रिश्ते को सुधारने की पहल करे। मसलन, एक साथ क्वालिटी टाइम बिताना, छोटी-छोटी खुशियां शेयर करना अथवा उनकी पसंद-नापसंद का ख्याल रखना। इससे उनकी नजर में आपकी छवि अपने रिश्तों को बनाये रहने वाले के रूप में होगी। दरअसल,  ये दर्शाएगा कि आप रिश्ते को बचाने के लिए कितने गंभीर हैं।  इसे भी पढ़ें: Health issues in summer: गर्मी में होने वाली 5 सामान्य स्वास्थ्य समस्याएं और उनसे सुरक्षित रहने के टिप्स समझदार इंसान से (how to handle wife’s affair) सलाह लें  यदि बातचीत से हालात सुधरते न दिखें, तो कपल काउंसलिंग या मैरिज थेरपी का सहारा लें। एक निष्पक्ष व्यक्ति भी दोनों पक्षों की बात सुनकर रिश्ते को मजबूत करने के तरीके सुझा सकता है। यह कदम रिश्ते को टूटने से बचा (how to handle wife’s affair) सकता है। यदि आपके परिवार में कोई समझदार इंसान हो तो नकी मदद लेना भी एक समझदारी से भरा कदम हो सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi how to handle wife’s affair RelationshipAdvice #MarriageCounseling #ExtramaritalAffair #EmotionalHealing #MentalPeace # MarriageCrisis #HandleAffairWisely #SelfGrowth #TrustIssues #CalmInChaos

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Mamata Banerjee statement

Mamata Banerjee statement: वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कही यह बात, भड़की बीजेपी  

वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल के कई जिलों में हिंसक विरोध-प्रदर्शन हो रहा है। मुर्शिदाबाद में नए कानून के विरोध में शुक्रवार को मालदा, मुर्शिदाबाद, दक्षिण 24 परगना और हुगली जिलों में हिंसा भड़कने के दौरान पुलिस वैन समेत कई वाहनों को आग लगा दी गई, सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंके गए और सड़कें जाम कर दी गईं। बता दें कि वक्फ कानून के विरोध में पश्चिम बंगाल में हो रहे विरोध-प्रदर्शन और हिंसा के बीच टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की पहली प्रतिक्रिया (Mamata Banerjee statement) सामने आई है। जारी इस हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर कहा कि “सभी धर्मों के लोगों से मेरी विनम्र अपील है कि कृपया शांत रहें, संयमित रहें। धर्म के नाम पर किसी भी अधार्मिक गतिविधि में शामिल न हों। हर इंसान की जान कीमती है। राजनीति के लिए दंगे न भड़काएं। जो लोग दंगे भड़का रहे हैं, वे समाज को नुकसान पहुंचा रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि “याद रखें, हमने वह कानून नहीं बनाया, जिस पर बहुत से लोग भड़के हुए हैं। यह कानून केंद्र सरकार ने बनाया है। इसलिए आप जो जवाब चाहते हैं, वह केंद्र सरकार से मांगना चाहिए।” इस दौरान उन्होंने पूछा कि “हमने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है कि “हम इस कानून का समर्थन नहीं करते। यह कानून हमारे राज्य में लागू नहीं होगा। तो दंगा किसलिए?” दंगा भड़काने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी (Mamata Banerjee statement) ममता बनर्जी ने कहा (Mamata Banerjee statement) कि “दंगा भड़काने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम किसी भी हिंसक गतिविधि का समर्थन नहीं करते। कुछ राजनीतिक दल राजनीतिक लाभ के लिए धर्म का दुरुपयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। उनके बहकावे में न आएं।” ममता ने आगे कहा कि “मुझे लगता है कि धर्म का मतलब मानवता, सद्भावना, सभ्यता और सद्भाव है। मैं सभी से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील करती हूं।” बता दें कि मुर्शिदाबाद में वक्फ कानून के विरोध में बीते एक सप्ताह में दो बार हिंसा भड़की हुई है। इसे लेकर भाजपा लगातार ममता बनर्जी पर निशाना साध रही है। इसे भी पढ़ें:-ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में ममता बनर्जी के भाषण के दौरान हुआ जमकर हंगामा, बोलो दीदी को कोई फर्क नहीं पड़ता  केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन कानून को अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगी- ममता बनर्जी  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा (Mamata Banerjee statement) कि “वे केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन कानून को अपने राज्य में लागू नहीं होने देंगी।” उन्होंने यह भी कहा कि “लोग उन पर भरोसा करें कि यह कानून बंगाल में नहीं आएगा।” क्या सच में ममता बनर्जी अपने राज्य में वक़्फ़ संसोधन बोल को नहीं लागू करेंगी, आखिर क्यों? ऐसे में यहाँ जानना जरूरी यह कि राज्य सरकारें केंद्रीय कानूनों को रोकने में कितनी सक्षम हैं? तो अनुच्छेद 254 के अनुसार, अगर केंद्र का कानून लागू है, तो राज्य सरकार उसके खिलाफ नहीं जा सकती। लेकिन राजनीतिक कारणों से, राज्य सरकारें कानूनों को लागू करने में बाधा डालने की कोशिश कर सकती हैं। खैर, यह एक संवैधानिक मुद्दा बन सकता है। जानकारों की माने तो अनुच्छेद 256 के मुताबिक राज्य सरकारें केंद्र द्वारा कानून और उनके निर्देशों का पालन करने से मना नहीं सकती हैं। केंद्र के निर्देशों को पालन करना राज्यों का दायित्व है। Latest News in Hindi Today Hindi news Mamata Banerjee statement #WaqfActControversy #WestBengalPolitics #MamataBanerjee #BJPVsTMC #WaqfDebate #MinorityRights #PoliticalClash #IndiaNews #WaqfLawProtest #PropertyDispute

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MP Court Gives Death Sentence in 6-Year-Old Rape Case

6-year-old rape and murder: एमपी में 6 साल की मासूम से रेप और हत्या के दोषी को कोर्ट ने दी सजा-ए-मौत

मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम जिले के सिवनी-मालवा में 6 साल की बच्चे के साथ रेप और उसकी हत्या (6-year-old rape and murder) करने के अपराधी को मौत की सजा दी गई है। जानकारी के मुताबिक प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान ने 88 दिन चली सुनाई के बाद शुक्रवार शाम आरोपी अजय को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है। साथ ही 3000 रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा पीड़िता के परिवार को 4 लाख रुपये के मुआवजे का भी ऐलान किया।  यही नहीं उन्होंने बच्ची पर कविता लिखकर संवेदना भी जताई है। दरअसल, आरोपी अजय ने 9 जनवरी की रात को बच्ची का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया था। जिसके बाद मुंह दबाकर उसकी हत्या कर दी थी। दुष्कर्म करने के बाद आरोपी ने उसका मुंह दबाकर (6-year-old rape and murder) कर दी थी हत्या  जानकारी के मुताबिक 2 जनवरी की रात 9 बजे आरोपी अजय ने बच्ची का अपहरण कर लिया था। जिसके बाद उसने झाड़ियों में ले जाकर उसके साथ गलत काम किया। इस दौरान बच्ची के चिल्लाने पर आरोपी ने उसका मुंह दबाकर हत्या (6-year-old rape and murder) कर दी थी। हत्या करने के बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया। इस बीच बच्ची के परिवार ने पूरे गांव में उसकी तलाश करने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी अजय को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। शुरुआत में न नुकुर करने के बाद अजय ने अपना गुनाह क़ुबूल कर लिया था।  इसे भी पढ़ें:- पुणे में एक कलयुगी माँ ने शादी के 10 साल बाद हुए अपने जुड़वा बच्चों को पानी में डुबोकर मारा जज ने आरोपी को 3000 रुपए का जुर्माना लगाते हुए मौत (6-year-old rape and murder) की सुनाई सजा  बता दें कि इस मामले में 13 जनवरी को कोर्ट में चालान पेश किया गया था। इसके बाद अभियोजन पक्ष की तरफ से कोर्ट में कुल 39 गवाह पेश किए गए थे। सभी ने घटना की पुष्टि की। इसके अलावा 96 दस्तावेज और 33 सबूत पेश किए गए। मुख्य बात यह कि डीएनए रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक मनोज जाट ने शासन का पक्ष रखा। कोर्ट ने सभी सबूतों के आधार पर आरोपी को पॉक्सो एक्ट की विभिन्न धाराओं में दोषी पाया। जज ने आरोपी को 3000 रुपए का जुर्माना लगाते हुए मौत (6-year-old rape and murder) की सजा सुनाई है। बच्चों के खिलाफ इस तरह की दुखद घटनाएं दिल को झकझोर देती हैं। आलम यह है कि दरिंदें हर नुक्कड़ और चौराहे पर बैठे हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता की सबब बनते जा रही है। मौजूदा दौर में बच्चों के प्रति बढ़े अपराध के बाद तो यही कहा जा सकता है कि जब तक आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिलेगी तब तक उनके हौसलें पस्त नहीं होंगे। सरकार को ऐसे कानून बनाने चाहिए जिससे ऐसे दुर्दांत अपराधियों को ऊपरी अदालत में अपील करने का मौका ही न मिले। Latest News in Hindi Today Hindi News 6-year-old rape and murder #MPNews #ChildAbuse #JusticeForVictims #DeathPenalty #IndiaNews #RapeCase #CrimeNews #CourtVerdict #SaveChildren #LegalJustice

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Vasundhara Raje's Rift Shakes BJP

Vasundhara Raje BJP rift: वसुंधरा राजे की नाराजगी से बीजेपी में मचा हड़कंप, अशोक गहलोत ने तंज कसते हुए कही यह बात

राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे की नाराजगी ने (Vasundhara Raje BJP rift) बीजेपी खेमे में हलचल मचा दी है। राजे के बयान का असर यह हुआ कि आनन-फानन मेंसीएम भजनलाल शर्मा को जलदाय विभाग के अधिकारियों को तलब करना पड़ा। दरअसल, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने झालावाड़ से राजस्थान में पानी के संकट का मुद्दा उठाया था। जिसके बाद से सूबे सियासत गरमा गई थी।  विपक्ष ने सवाल उठाया कि अगर वसुंधरा राजे हकीकत में पानी के संकट पर गंभीर हैं तो पूरे राजस्थान को लेकर बात करनी चाहिए। इसके बाद बीजेपी बैकफुट पर आ गई। सीएम भजनलाल ने संबंधित विभाग से जुड़े अधिकारियों की क्लास ले ली। और सख्त चेतावनी देते हुए सूबे में पानी का विशेष इंतजाम करने की हिदायत दे दी।  पानी की किल्लत के चलते राजे ने अफसरों को लगाई फटकार (Vasundhara Raje BJP rift)  बता दें कि बीते दिनों पूर्व सीएम वसुंधरा राजे झालावाड़ के अपने निर्वाचन क्षेत्र में अचानक जा पहुंची और तपती गर्मी के बीच ग्रामीण इलाके में लोगों की समस्याएं सुनने लगी। स्थानीय लोगों ने पानी संकट की बात रखी, तो राजे ने अफसरों को फटकार (Vasundhara Raje BJP rift) लगाते हुए कहा कि “अफसर सो रहे हैं। जनता रो रही है, वे ऐसा नहीं होने देंगी।” गौर करने वाली बात यह कि राजस्थान में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष की कार्यकारिणी का फैसला होना है। और ऐसे समय में राजे ने भजनलाल सरकार की ब्यूरोक्रेसी की क्लास उस समय लगाकर सीएम को सकते में डाल दिया है। कहने की जरूरत नहीं, राजे की इस नाराजगी को भजनलाल सरकार पर बिना नाम लिए हमला माना जा रहा है। माना जा रहा है कि वसुंधरा राजे पानी का मुद्दा उठाकर अपनी ही सरकार को कटघरे में खड़ा करके खुद की भी नाराजगी जाहिर कर दी। राजे की नाराजगी के बाद सकते में आई बीजेपी ने सफाई दी। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि “राजे अपनी क्षेत्र की चिंता कर रही हैं। उन्हें अधिकारियो को ऐसे समझना पड़ा।  इसे भी पढ़ें:- काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात राजे के इस बयान (Vasundhara Raje BJP rift) ने विपक्ष को बीजेपी को आड़े हाथों लेने का मौका दे दिया है कहने की जरूरत नहीं, राजे के इस बयान (Vasundhara Raje BJP rift) ने विपक्ष को बीजेपी में गुटबाजी और सरकार से नाराजगी पर वार करने का मौका दे दिया। पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने राजे के बयान को जायज ठहराते हुए कहा कि “वसुंधरा राजे ने ठीक मुद्दा उठाया लेकिन वो दो बार सीएम रह चुकी हैं और सरकार को पानी को लेकर काम से संतुष्ट नहीं है तो पूरे राज्य के हित में इस मुद्दे को उठाना चाहिए और सरकार की पानी की योजना की खामियों को गिनाना चाहिए।” इत्तेफ़ाक की बात यह कि वसुंधरा राजे बयान के अगले दिन ही उनके करीबी सिविल लाइन विधायक गोपाल शर्मा ने अतिक्रमण हटाने के सरकारी अभियान का विरोध करते हुए अपनी ही सरकार पर हिन्दू विरोधी काम करने का आरोप मढ़ दिया। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि एक बार फिर राजथान बीजेपी की गुटबाजी खुलकर जाहिर होने लगी है।  Latest News in Hindi Today Hindi News Vasundhara Raje BJP rift #VasundharaRaje #BJP #AshokGehlot #RajasthanPolitics #PoliticalRift #BJPNews #RajeVsBJP #GehlotRemark #BJPConflict #IndianPolitics

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NIA's Fear Over Tahawwur Rana Forces Tight Security Measures

Tahawwur Rana NIA fear: एनआईए को सता रहा इस बात का डर, कहीं तहव्वुर राणा….सख्त किया पहरा

26/11 को मुंबई में हुए आतंकी हमले के साजिशकर्ताओं में से एक आतंकी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किये जाने के बाद एनआईए मुख्यालय के भीतर बनी सबसे सुरक्षित सेल में रखा गया है। मुंबई हमले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक 64 वर्षीय राणा (Tahawwur Rana NIA fear) के इर्द-गिर्द कड़े सुरक्षा के इंतजाम किया गए हैं। सुरक्षा का आलम यह है कि 24 घंटे सीसीटीवी के माध्यम से उसकी निगरानी की जा रही है। इसके अलावा सुरक्षाकर्मी भी कड़ा पहरा दे रहे हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक लोधी रोड पर स्थित एनआईए मुख्यालय को कड़ी सुरक्षा में रखा गया है। उसे ग्राउंड फ्लोर पर 14×14 सेल में रखा गया है। उसकी सुरक्षा का अंदाजा इसीसे लगा सकते हैं कि वो खुद की किसी भी तरह से नुकसान न पहुंचा ले इस हेतु उसे लिखने के लिए सिर्फ सॉफ्ट-टिप पेन के इस्तेमाल की ही अनुमति होगी। बता दें कि राणा को आत्महत्या की निगरानी पर रखा गया है। बेशक पूछताछ में कई जानकारी सामने आने की उम्मीद है। एनआईए ने शुक्रवार को आतंकी हमले के पीछे की बड़ी साजिश को उजागर करने के लिए राणा (Tahawwur Rana NIA fear) से पूछताछ शुरू कर दी है मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनआईए ने शुक्रवार को आतंकी हमले के पीछे की बड़ी साजिश को उजागर करने के लिए राणा (Tahawwur Rana NIA fear) से पूछताछ शुरू कर दी है। शुरूआती पूछताछ में आईएसआई के साथ उसके संबंधों के अलावा भारत में छुपे स्लीपर सेल, विशेष रूप से उसके सहयोगी डेविड कोलमैन हेडली उर्फ ​​दाऊद गिलानी से जुड़े लोगों पर ध्यान केंद्रित करने की संभावना है। दरअसल, हेडली पर पुष्कर, गोवा, दिल्ली और अन्य स्थानों पर स्लीपर सेल की भर्ती करने का संदेह है। खैर, इस बीच मुंबई आतंकी हमले के मुख्य आरोपियों में से एक आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किए जाने के मामले में कांग्रेस ने कहा कि “मोदी सरकार ने इस प्रक्रिया की शुरुआत नहीं की और वास्तव में यूपीए के तहत शुरू हुई।”  इसे भी पढ़ें:- स्टील की दीवारें, मोशन सेंसर, बायोमेट्रिक लॉक और 24 घंटे SWAT तैनात, तहव्वुर राणा को जहां रखा गया उसकी सुरक्षा है बेहद खास मोदी सरकार इस घटनाक्रम का श्रेय (Tahawwur Rana NIA fear) ले रही है-पी चिदंबरम बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि “मोदी सरकार इस घटनाक्रम का श्रेय (Tahawwur Rana NIA fear) ले रही है, जबकि सच्चाई कोसों दूर है।” चिदंबरम ने कहा कि “यह प्रत्यर्पण किसी दिखावे का नतीजा नहीं है, यह इस बात का प्रमाण है कि जब कूटनीति, कानून प्रवर्तन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग ईमानदारी से और बिना किसी तरह की छाती ठोकने के साथ किया जाता है, तो भारत क्या हासिल कर सकता है।” वो यही यहीं रुके और उन्होंने कहा कि “यह प्रक्रिया 11 नवंबर, 2009 को शुरू हुई, जब एनआईए ने कहा कि अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली और कनाडाई नागरिक राणा और 26/11 की साजिश में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ नई दिल्ली में मामला दर्ज किया था।” Latest News in Hindi Today Hindi News Tahawwur Rana NIA fear #TahawwurRana #NIA #ExtraditionCase #TerrorAlert #IndiaUSRelations #SecurityUpdate #2611Attack #NIAAlert #TerrorSuspect #BreakingNews

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CSK vs KKR 2025 Big Defeat for CSK in IPL 2025 Clash

CSK vs KKR 2025: आईपीएल 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स को केकेआर से मिली करारी शिकस्त

11 अप्रैल को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स (CSK vs KKR 2025) के बीच इंडियन प्रीमियर लीग (एआईपीएल)- 2025 का महामुकाबले खेला गया। इस मुकाबले में कोलकाता नाइट राइडर्स ने चेन्नई सुपर किंग्स को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी चेन्नई सुपर किंग्स अपने ही गढ़ में कोई कमाल न कर सकी। कोलकाता नाइट राइडर्स के धाकड़ गेंदबाजों के सामने चेन्नई की टीम लाचार नजर आई और 20 ओवरों में 9 विकेट के नुकसान पर महज 104 रन ही बना सकी। बता दें कि 18 साल के इतिहास में चेन्नई सुपर किंग्स का अपने घर पर  यह सबसे कम टोटल था। आसान से लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता के बल्लेबाजों ने 10.1 ओवर में विजयी लक्ष्य को हासिल करके सीएसके को उसी के घर शर्मनाक मात दी। कोलकाता ने 59 गेंद शेष रहते ही लक्ष्य को हासिल कर लिया। केआर की इस जीत में सुनील नारायण की सबसे अहम भूमिका रही। पहले गेंदबाजी में जहां उन्होंने तीन विकेट झटके तो वहीं बल्लेबाजी में 44 रनों की शानदार पारी भी खेली। चेन्नई सुपर किंग्स की यह आईपीएल 2025 में अबतक खेले 6 मैच में पांचवीं और अपने होम ग्राउंड पर लगातार तीसरी हार है।  आईपीएल के इतिहास में (CSK vs KKR 2025) यह पहली बार ऐसा हुआ है जब चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम लगातार चार मैच हारी है हैरत की बात यह कि आईपीएल के इतिहास में (CSK vs KKR 2025) यह पहली बार ऐसा हुआ है जब चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम लगातार एक के बाद एक चार मैच हारी है। टीम ने 23 मार्च को अपने पहले मैच में मुंबई इंडियंस को चार विकेट से हराकर शानदार आगाज किया था। लेकिन इसके बाद फिर हार का जो सिलसिला शुरू हुआ, वो थमने का नाम ही नहीं ले रहा है। एक नजर डाले चेन्नई सुपर किंग्स की हार पर तो दूसरे मैच में उसे आरसीबी के हाथों 50 रन की शिकस्त देखनी पड़ी। तीसरे मैच में राजस्थान रॉयल्स ने 6 रन से मात दी। चौथे मैच में दिल्ली कैपिटलस ने भी चेन्नई को 25 रन से हरा दिया। फिर रही सही कसर पंजाब किंग्स से 18 रनों से हारने के बाद पूरी हो गई और अब कोलकाता ने उसे 8 विकेट से करारी शिकस्त दी है। महत्वपूर्ण बात यह कि अपने घरेलू मैदान पर लगातार तीन हार के बाद चेन्नई की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, कभी चेपॉक के मैदान में चेन्नई को मात देना असंभव हुआ करता था। लेकिन मौजूदा सीजन में सीएसके अपने ही घर में जीत दर्ज कर पाने में नाकाम रही है।  इसे भी पढ़ें:- मोहम्मद सिराज की कहर बरपाती गेंदबाजी के आगे सनराइजर्स हैदराबाद ने टेके घुटने प्लेऑफ में पहुँचने के लिए चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को अपने बाकी बचे 8 मैचों में से 7 मैच जीतने होंगे सीजन में पांच हार के बाद (CSK vs KKR 2025) चेन्नई सुपर किंग्स के फैन्स के मन में सवाल कौंधने लगे हैं कि क्या उनकी टीम प्लेऑफ में पहुंचने में सफल होगी भी या नहीं। बता दें कि सीएसके अबतक 6 मैच खेल चुकी है। अभी उसके 8 मैच बाकी है। किसी भी टीम को प्लेऑफ में अपनी जगह बनाने के कम से कम 8 मैच जीतने होते हैं। यही नहीं, 14 अंक और बेहतर नेट रन रेट के आधार पर भी प्लेऑफ में एंट्री हो सकती है। जैसा पिछले सीजन में आरसीबी के साथ हुआ था। गौरतलब हो कि सीएसके आरसीबी के साथ 14-14 अंक की बराबरी पर थी। लेकिन बेहतर नेट रन रेट की वजह से प्लेऑफ में पहुंची और चेन्नई सुपर किंग्स ऐसा करने से चूक गई। ऐसे में चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को अपने बाकी बचे 8 मैचों में से 7 में जीत दर्ज करनी होगी। 6 मैच जीतकर बेहतर रन रेट के साथ वो प्लेऑफ की दौड़ में शामिल हो सकती है। और यदि 8 में से यदि 3 मैच हार जाती है तो इस हार के साथ ही चेन्नई के लिए प्लेऑफ के दरवाजे बंद हो जाएंगे।  Latest News in Hindi Today Hindi news  IPL 2025 CSK vs KKR 2025 #CSKvsKKR2025 #IPL2025 #ChennaiSuperKings #KKRWin #IPLHighlights #CSKDefeat #KKRvsCSK #MSDhoni #KKRDominates #IPL2025Match

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BJP-AIADMK coalition

BJP-AIADMK coalition: एनडीए हुआ और मजबूत, बीजेपी-एआईडीएमके गठबंधन का हुआ ऐलान

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई को पद से हटाए जाने के बाद एआईडीएमके के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में वापसी का ऐलान भी हो (BJP-AIADMK coalition) गया है। चेन्नई में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस गठबंधन का ऐलान किया गया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनाव राज्य में ई. पलानीस्वामी के नेतृत्व में लड़े जाएंगे, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर गठबंधन का चेहरा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी होंगे। केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि “1998 से जयललिता जी और अटल जी के समय से हम मिलकर चुनाव लड़ते आए हैं। एक समय ऐसा था जब हमने 39 में से 30 लोकसभा सीटें साथ मिलकर जीती थीं।” बीजेपी और एआईडीएमके का गठबंधन सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि विश्वास और विचारधारा पर आधारित रहा है।” इस दौरान अमित शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता और प्रधानमंत्री मोदी के बीच रिश्तों को भी याद किया और कहा कि “दोनों नेताओं ने एक-दूसरे के साथ मिलकर हमेशा तमिलनाडु के विकास के लिए काम किया है।” चुनाव के बाद बीजेपी तय करेगी कि वह सरकार में शामिल होगी या (BJP-AIADMK coalition) नहीं।  इस बीच शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि “बीजेपी चुनाव के बाद तय करेगी कि वह सरकार में शामिल होगी या (BJP-AIADMK coalition) नहीं। एआईएडीएमके ने कोई मांग नहीं रखी है और उनके आंतरिक मामलों में भाजपा का कोई हस्तक्षेप नहीं है। यह गठबंधन दोनों दलों के लिए उपयोगी है और हम मिलकर चुनाव लड़ेंगे। मंत्रियों की संख्या और सीटों के बंटवारे का निर्णय उचित समय पर लिया जाएगा। फिलहाल एनडीए का मुख्य लक्ष्य राज्य में भ्रष्ट डीएमके सरकार को हटाना है।” यही नहीं अमित शाह ने डीएमके पर करारा हमला करते हुए कहा कि “सनातन धर्म और भाषा जैसे मुद्दे डीएमके जानबूझकर उठा रही है ताकि लोगों का ध्यान असली मुद्दों से भटका सके।” उन्होंने कहा कि तमिलनाडु चुनाव में सबसे बड़ा मुद्दा भ्रष्टाचार होगा और जनता इस बार विकास और पारदर्शिता को चुनेगी।” शाह ने अटल बिहारी वाजपेयी और जयललिता के समय से चले आ रहे गठबंधन को याद करते हुए कहा कि “और एआईएडीएमके ने मिलकर पहले भी बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने भरोसा जताया कि इस बार भी जनता एनडीए को बहुमत दिलाएगी।” इसे भी पढ़ें:- काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात डीएमके सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर (BJP-AIADMK coalition) लगाए आरोप  यही नहीं, अमित शाह ने आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव को लेकर कहा कि “डीएमके सरकार पर भ्रष्टाचार के गंभीर (BJP-AIADMK coalition) आरोप लगाए हैं। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की सरकार ने अब तक करीब 39,000 करोड़ रुपए के घोटाले किए हैं, जिनमें शराब घोटाला और मनरेगा घोटाला प्रमुख है। हम डीएमके सरकार के घोटालों का खुलासा करेंगे। तमिलनाडु की जनता स्टालिन और उदयनिधि को इस भ्रष्टाचार के लिए कभी माफ नहीं करेगी।” इसके अलावा चुनाव से पहले ही अमित शाह ने इशारों इशारों में यह भी बता दिया कि तमिलनाडु का अगला BJP अध्यक्ष कौन होगा। उन्होंने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसके बारे में बताया।  Latest News in Hindi Today Hindi News BJP-AIADMK coalition NDAAlliance #BJPNews #AIADMK #IndianPolitics #Election2025 #BJPAlliance

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Suicide over daughter’s marriage

Suicide over daughter’s marriage: बेटी के प्रेम विवाह करने व्यथित पिता ने खुद को मारी गोली, सुसाइड नोट में बयां किया अपना दर्द

हमारे देश में बालिग होने पर अपनी मर्जी से विवाह करने की आजादी है। कई बार लड़के लड़कियां माँ-बाप के खिलाफ जाकर शादी कर लेते हैं। ऐसे में या तो घर उन्हें त्याग देता है या बात बहुत बढ़ने पर उन्हें रास्ते से ही हटा देता है। कई मामलों में तो कुछ दिन बाद ही सही उन्हें स्वीकार भी कर लेता है। लेकिन क्या अपने सुना है कि बेटी की शादी से व्यथित एक पिता ने खुद को ही गोली मारली? यह अक्सर काम देखा गया है जिसमें बापने खुद को ही गोली मार ली। दरअसल, ग्वालियर जिले में एक पिता ने बेटी के प्रेम विवाह करने पर खुद को गोली मारकर अपनी (Suicide over daughter’s marriage) जान दे दी। सुसाइड नोट में पिता ने लिखा, ‘यह कैसा कानून है जो बेटी के बालिग होते ही पिता से उसके सारे अधिकार छीन लेता है? बेटी को अपनी मर्जी से जीने का हक है, लेकिन क्या एक पिता की भावनाओं की कद्र भी नहीं? क्या एक पिता की भूमिका बेटी के बालिग होते ही खत्म हो जाती है? मृतक पिता ने खुदकुशी से पहले लिखे सुसाइड नोट में लिखा कि उनका दुख बेटी के पसंद से नहीं, बल्कि बेटी को खो देने का है। अपना दर्द साझा करते हुए पिता ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसने बेटी को समझाया, लेकिन वो नहीं मानी।  बेटी के फैसले से इस कदर टूटे कि अपनी जीवन लीला (Suicide over daughter’s marriage) ही समाप्त कर दी रिपोर्ट के मुताबिक 49 वर्षीय मृतक संजू जायसवाल ने गुरुवार को अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर (Suicide over daughter’s marriage) अपनी जान दे दी। मेडिकल स्टोर चलाने वाले पिता संजू की 21 वर्षीय बेटी हर्षिता ने पड़ोसी युवक आनंद अटालिया से प्रेम विवाह किया था। परिवार ने इस शादी का विरोध किया। बेटी को लाख समझाया लेकिन वो अपने फैसले पर अड़ी रही। इस बीच बात इतनी बढ़ गई कि मामला कोर्ट तक पहुँच गया। जानकारी मुताबिक अदालत में बेटी ने साफ कहा कि “वह बालिग है और पति के साथ रहना चाहती है।” पिता संजू को अपनी बेटी से यह उम्मदी नहीं थी। बेटी के इस फैसले से वो इस कदर टूटे कि उन्होंने एक सुसाइड नोट लिखकर अपनी जीवन लीला ही समाप्त कर दी। पुलिस ने मौके से सुसाइड नोट और लाइसेंसी बंदूक जब्त की है। सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर पुलिस तहकीकात कर रही है और परिजन के बयान ले रही है।  इसे भी पढ़ें:- पुणे में एक कलयुगी माँ ने शादी के 10 साल बाद हुए अपने जुड़वा बच्चों को पानी में डुबोकर मारा संविधान गलत है, जो लड़कियों के बालिग होने पर पिता से उसके अधिकार छीन लेता है मृतक ने लिखा कि संविधान गलत है, जो लड़कियों के बालिग होने पर पिता से उसके अधिकार छीन लेता है, वो वकील जो कुछ पैसों के लिए एक परिवार की बलि तक चढ़ा देते हैं, उनकी भी बेटियां होती हैं। वे कुछ नहीं सोचते पिता का दर्द, एक परिवार नष्ट होता है, उसका कुछ नहीं बचता। उन्होंने आगे लिखा कि “आर्य समाज की शादी मान्य नहीं हैं, तो कोर्ट कैसे बालिका को उसके साथ भेज सकता है। बकौल पिता, अगर बेटी 17 आयु से कम हैं तो उस तौर पर माता-पिता कुछ कहते हैं तो कोर्ट माता-पिता को सौंपता है, लेकिन यदि वो बालिग है तो नहीं सौंपता, यह गलत है। हर्षिता ने तूने गलत किया, परिवार नहीं खानदान बर्बाद कर दिया। पिता ने आगे कहा कि मैं उन दोनों को मार सकता हूं, लेकिन अपनी लड़की को कैसे मारता। रेनू (पत्नी) मुझे माफ कर देना, क्योंकि मैं उनको मारता तो तुम्हारा भविष्य खत्म हो जाता। इसलिए मैं खुद मर रहा हूं। रेनू, अपना और बेटे पूर्णांक का ख्याल रखना। पूर्णांक को अपनी किस्मत लिखना है। बेटा मुझे माफ करना..और इस तरह आखिरी शब्द लिखते हुए पिता ने खुद (Suicide over daughter’s marriage) को गोली मार ली। Latest News in Hindi Today Hindi News Suicide over daughter’s marriage #LoveMarriageControversy #FatherDaughterBond #SuicideCaseIndia #MarriageDispute #HeartbreakingNews #IndianFamilyCrisis #SuicideOverMarriage #EmotionalTrauma #FamilyHonorIssue #IndiaNewsUpdate

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Rajasthan CM Bhajanlal’s Strict Warning to Officers

Rajasthan CM strict order: इस वजह से सीएम भजनलाल शर्मा ने दी अधिकारियों को यह सख्त चेतावनी

गर्मी का मौसम आते ही पानी की किल्ल्तें बढ़ जाती हैं। तपती गर्मी में आमजन को पानी की भारी कमी का समना करना पड़ता है। इसी के मद्देनजर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गर्मी में पीने के पानी की मांग और उपलब्धता की स्थिति की समीक्षा हेतु बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में सख्त (Rajasthan CM strict order) निर्देश देते हुए कहा कि “गर्मी में जनता को यदि पानी के लिए परेशान होना पड़ा, तो जिम्मेदार अधिकारियों की खैर नहीं है। गौरतलब हो कि हाल में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने झालावाड़ में पानी की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा था कि “अधिकारी सो रहे हैं, जनता रो रही है, मैं ऐसा नहीं होने दूंगी।” फिर क्या था उसके बाद विपक्षी कांग्रेस ने भजनलाल शर्मा सरकार को घेर लिया था। कारण यही जो खुद को चौतरफा घिरता देख सीएम भजनलाल शर्मा ने बृहस्पतिवार को पानी की व्यवस्था की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री निवास पर बैठक बुलाई थी।  शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत (Rajasthan CM strict order) नहीं होनी चाहिए प्राप्त जानकारी के मुताबिक इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि “हाल के दिनों में गर्मी तेजी से बढ़ी है, ऐसे में आमजन को बढ़ी हुई मांग के अनुसार पर्याप्त पीने का पानी मुहैया करवाया जाए।” उन्होंने कहा (Rajasthan CM strict order) कि “सभी जिलाधिकारी आकस्मिक योजना के अनुसार पेयजल प्रबंधन स्वयं की देखरेख में सुनिश्चित करें। शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पानी की किसी तरह की किल्लत नहीं होनी चाहिए।” सीएम ने सख्त लहजे में कहा कि “अंतिम छोर के उपभोक्ताओं को भी पेयजल की कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। गर्मी के मौसम में पीएचईडी के फील्ड अधिकारी एवं कर्मचारी मुख्यालय पर उपस्थित रहें और बिना अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ें।” बढ़ती गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने नए हैण्डपंप, नलकूप लगाने, पुराने हैण्डपंप, नलकूपों की मरम्मत, पाइपलाइनों को दुरस्त करने समेत पेयजल आपूर्ति सुदृढ़ीकरण के सभी कार्य के 15 मई से पहले हर हाल में पूरे करने के निर्देश दिए। यही नहीं, उन्होंने यह भी कहा कि “पेयजल समस्या के समाधान के लिए जिलाधिकारियों को एक-एक करोड़ रुपये का अनटाइड फंड उपलब्ध करवाया गया है। 15 मई से पहले गत वर्ष बजट में स्वीकृत सभी हैंडपप और नलकूपों को चालू कर दिया जाए तथा इस बजट में स्वीकृत किए गए 1000 नए नलकूप और 2500 नए हैण्डपंप की वित्तीय स्वीकृति भी जल्द जारी कर काम जल्दी शुरू किया जाए।  इसे भी पढ़ें:-काशी मेरी और मैं काशी का हूं, पीएम मोदी ने वाराणसी को दी 3880 करोड़ रुपये से अधिक की सौगात जो कार्य अभी तक भी प्रारंभ नहीं हुए हैं, वे 10 दिन के भीतर शुरू कर आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं इस बीच बैठक में बताया गया कि “गर्मी के मौसम को देखते हुए अप्रैल महीने में दो लाख 35 हजार से अधिक हैण्डपंप’की मरम्मत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा (Rajasthan CM strict order) कि “सभी जिलों में गर्मी के दौरान पेयजल आपूर्ति की सुचारू व्यवस्था के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 142 करोड़ रुपये के 1244 कार्य और शहरी क्षेत्रों में 68 करोड़ रुपये के 153 कार्य स्वीकृत कर जरूरत के अनुसार नलकूपों की गहराई बढ़ाने, पाइप लाइन डालने और बदलने और पंपसेट आदि की मरम्मत के काम करवाए जा रहे हैं। जो कार्य अभी तक भी प्रारंभ नहीं हुए हैं, वे 10 दिन के भीतर शुरू कर आगामी 15 मई से पहले पूरे कर लिए जाएं। अप्रैल से जुलाई तक गर्मी के शिखर पर रहने के दौरान टैंकरों से पेयजल की मांग पूरी करने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में 82 करोड़ और शहरी क्षेत्र में 25 करोड़ रुपये की स्वीकृति जारी कर दी गई है।”  Latest News in Hindi Today Hindi News Rajasthan CM strict order #RajasthanCM #BhajanlalSharma #StrictOrder #GovernmentWarning #RajasthanNews #CMAction #IndiaPolitics #StateUpdate #BureaucracyAlert #PoliticalNews

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