Nidhi Sinha

Team 50 Congress Madhya Pradesh

MP में कांग्रेस की ताकत बनेगी राहुल की Team 50, जानिए क्या है जीत का मास्टर प्लान

मध्य प्रदेश में कांग्रेस पार्टी (Congress Party) बीते कुछ वर्षों से लगातार चुनावी पराजयों का सामना कर रही है। विधानसभा और लोकसभा दोनों स्तरों पर पार्टी की कमजोर होती स्थिति ने शीर्ष नेतृत्व को पुनः संगठन को जमीनी स्तर से मजबूत करने के लिए प्रेरित किया है। इसी दिशा में कांग्रेस ने अब गुजरात मॉडल (Gujrat Model) को अपनाते हुए संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसकी औपचारिक शुरुआत राहुल गांधी (Rahul Gandhi) 3 जून को भोपाल से करेंगे। राहुल गांधी का 10 वर्षों बाद पीसीसी कार्यालय दौरा संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की खास बात यह है कि करीब एक दशक बाद राहुल गांधी प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) पहुंचेंगे, जिससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व अब मध्य प्रदेश को लेकर गंभीर और सक्रिय रणनीति बना रहा है। राहुल गांधी के इस दौरे को पार्टी के कार्यकर्ताओं के मनोबल और उत्साह को बढ़ाने के एक बड़े कदम के रूप में देखा जा रहा है।  ‘टीम 50’ की भूमिका और जिम्मेदारी राहुल गांधी संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) के तहत अपनी ‘टीम 50’ को भी प्रदेश में सक्रिय करने जा रहे हैं। यह टीम देशभर से चुने गए 50 ऑब्जर्वरों की है, जिसमें असम, आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों के सांसद, विधायक और पूर्व मंत्री शामिल हैं। इन पर्यवेक्षकों को मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में भेजा जाएगा, जहां ये जिले की पार्टी इकाई का मूल्यांकन करेंगे। प्रत्येक ऑब्जर्वर को संबंधित जिले में जिला अध्यक्ष चुनने का अधिकार भी दिया जाएगा। उनका कार्य केवल नामांकन नहीं बल्कि ऐसे नेताओं और कार्यकर्ताओं की पहचान करना होगा जो स्थानीय स्तर पर सक्रिय हैं और जनसंपर्क बनाए रखते हैं। इसके साथ ही ये टीम निष्क्रिय नेताओं पर भी नजर रखेगी जो संगठन को नुकसान पहुंचा रहे हैं।  सीधे दिल्ली को रिपोर्टिंग संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की एक और खासियत यह है कि ऑब्जर्वर अपनी रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस को नहीं, बल्कि सीधे दिल्ली के आलाकमान को सौंपेंगे। इसका उद्देश्य है पारदर्शिता बनाए रखते हुए स्थानीय गुटबाजी और सिफारिशी संस्कृति से बचना। इस टीम को मध्य प्रदेश कांग्रेस के चार वरिष्ठ नेताओं के जरिए को-ऑर्डिनेट किया जाएगा, जिन्हें को-ऑब्जर्वर की भूमिका दी जाएगी। ये नेता राहुल गांधी से चर्चा कर PCC में फीडबैक देंगे और ऑब्जर्वरों तथा कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाने का कार्य करेंगे। इसे भी पढ़ें:-  इन देशों के साथ-साथ अब भारत भी एयर डिफेंस सिस्टम पर बढ़ा रहा है अपना फोकस  गुजरात मॉडल का विस्तार गौरतलब है कि कांग्रेस ने अहमदाबाद अधिवेशन के बाद गुजरात में संगठन सृजन अभियान (Sangathan Srijan Abhiyan) की शुरुआत की थी, जिसमें जिलेवार रिपोर्ट तैयार कर स्थानीय नेतृत्व को नया आकार दिया गया। गुजरात में इस मॉडल को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली और अब इसी मॉडल को मध्य प्रदेश में लागू किया जा रहा है। मध्य प्रदेश दूसरा राज्य है जहां यह अभियान लागू हो रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस अब देशभर में संगठनात्मक ढांचे को फिर से खड़ा करने की दिशा में गंभीर है। कांग्रेस के लिए आगे की राह यह संगठन सृजन अभियान केवल एक सांगठनिक कवायद नहीं, बल्कि पार्टी के पुनर्जन्म की नींव रखने का प्रयास है। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो कांग्रेस को मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य में अपने कार्यकर्ता नेटवर्क को पुनः सक्रिय करने, स्थानीय स्तर पर जनता से जुड़ाव बढ़ाने और विधानसभा चुनावों की तैयारी के लिए ठोस आधार तैयार करने में मदद मिलेगी। राहुल गांधी (Rahul Gandhi) का यह अभियान कांग्रेस के लिए एक नई उम्मीद की तरह है। अब देखना होगा कि यह प्रयास व्यावहारिक परिणाम दे पाता है या नहीं। लेकिन एक बात तय है — कांग्रेस (Congress) ने पुनर्गठन की दिशा में ठोस और गंभीर कदम उठाया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Sangathan Srijan Abhiyan #RahulGandhi #Team50 #Congress #MPElections #PoliticalStrategy #MadhyaPradesh #IndianPolitics

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Ladli Behna Yojana

Ladli Behna Yojana: 5 वर्षों में लाडली बहनों को सरकार देगी 3000 रुपये प्रतिमाह

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (MP CM Mohan Yadav) ने महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए घोषणा की है कि राज्य की लाडली बहनों को लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana) के अंतर्गत आगामी 5 वर्षों के भीतर प्रत्येक महीने 3000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह घोषणा उन्होंने बैतूल जिले के सारणी के पाथाखेड़ा में महिला स्वयं सहायता समूहों के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान की। महिलाएं होंगी आत्मनिर्भरता मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने इस अवसर पर महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने चुनाव के दौरान  लाडली बहना योजना (Ladli Behna Yojana)  के तहत 1000 रुपय प्रतिमाह देने का वादा किया था, जो कि अब बढ़कर 1230 रुपये हो चुका है। आने वाले समय में यह राशि क्रमशः बढ़ती जाएगी और अगले पांच वर्षों में यह 3000 रुपये प्रतिमाह तक पहुंच जाएगी। मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आलोचना पर भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कांग्रेस पूछ रही है कि ये पैसा कहां से आएगा। मैं सभी बहनों को आश्वस्त करता हूं कि चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। हम धीरे-धीरे करके इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे और 5 वर्षों के भीतर 3000 रुपये प्रतिमाह की राशि लाडली बहनों को दी जाएगी।” स्वयं सहायता समूहों को मिल रहा है बढ़ावा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह भी बताया कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई लखपति दीदी योजना को तेजी से आगे बढ़ा रही है। इसका उद्देश्य है कि प्रत्येक स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला की सालाना आमदनी एक लाख रुपये तक हो। इस दिशा में राज्य में 350 से अधिक स्वयं सहायता समूह सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी भी दी कि राज्य में कई स्थानों पर रेडीमेड गारमेंट फैक्ट्रियां स्थापित की जा रही हैं। इन फैक्ट्रियों में काम करने वाली महिलाओं (Ladli Behna Yojana) को सरकार 5000 रुपये और फैक्ट्री मालिक 8000 रुपये देंगे, जिससे कुल मिलाकर 13000 रुपये प्रतिमाह की आमदनी सुनिश्चित की जाएगी। यह पहल ग्रामीण व अर्ध-शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध होगी। महिलाओं के लिए शिक्षा और अवसरों का विस्तार मुख्यमंत्री मोहन यादव ( CM Mohan Yadav) ने अपने संबोधन में राज्य सरकार द्वारा महिलाओं और बच्चों के लिए की जा रही अन्य योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में अब स्कूल जाने वाले बच्चों को मुफ्त किताबें, कॉपियां और दूर रहने पर मुफ्त साइकिल दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, यदि कोई छात्र मेरिट में आता है तो उसे स्कूटी दी जाती है, और विदेश में पढ़ाई के लिए जाने वाले विद्यार्थियों को 1 लाख से लेकर 1 करोड़ तक की छात्रवृत्ति भी दी जा रही है। इसे भी पढ़ें:- विदेश से सोना-चांदी लाना अब नहीं रहा आसान: क्या है सरकार के नए नियम? जनता का आशीर्वाद ही सबसे बड़ी शक्ति मुख्यमंत्री ने भावुक अंदाज में कहा, “हमारी बहन-बेटियों की संस्कृति हमारी ताकत है। आपका आशीर्वाद हमारे लिए सबसे बड़ा संबल है। हमने संकल्प लिया है कि बहनों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए जो भी संभव होगा, हम करेंगे।” कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बैतूल जिले में 464 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया, जिसमें महिलाओं से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) की यह घोषणा राज्य में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। आर्थिक सहायता के साथ-साथ रोजगार, शिक्षा और स्वरोजगार के अवसर प्रदान करने वाली यह योजनाएं आने वाले समय में लाखों महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को मजबूती देने का कार्य करेंगी। यह पहल न केवल महिलाओं को स्वावलंबी बनाएगी, बल्कि मध्य प्रदेश को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में देशभर में अग्रणी राज्य बनाने में भी सहायक होगी। Latest News in Hindi Today Hindi news Ladli Behna Yojana #LadliBehnaYojana #MPGovernment #WomenEmpowerment #MonthlySupport #₹3000Scheme

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Farmer loan relief 2025

MSP और ब्याज छूट योजना पर मोदी सरकार का फैसला क्या किसानों के लिए है लाभकारी?

केंद्र सरकार ने एक बार फिर किसानों के हित में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और ब्याज छूट योजना में बदलाव की घोषणा की है। बुधवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी दी। इस मीटिंग में खासतौर पर खरीफ सत्र 2025-26 के लिए धान की MSP और किसानों को कर्ज में दी जाने वाली ब्याज छूट पर निर्णय लिए गए हैं। ये फैसले सीधे तौर पर देश के करोड़ों किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में एक और प्रयास हैं। धान की MSP में 69 रुपये की बढ़ोतरी कैबिनेट ने खरीफ सत्र 2025-26 के लिए धान की MSP को 69 रुपये बढ़ाकर 2369 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। पहले यह दर 2300 रुपये प्रति क्विंटल थी। इसका मतलब यह है कि अब किसानों को 1 क्विंटल धान बेचने पर न्यूनतम 2369 रुपये की गारंटी मिलेगी। सरकार का यह कदम किसानों को फसल की बेहतर कीमत दिलाने और कृषि क्षेत्र में स्थायित्व लाने के लिए अहम माना जा रहा है। MSP में यह बढ़ोतरी न केवल किसानों की आमदनी बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देने, और उन्हें बाजार में उचित मोल मिलने की दिशा में भी एक मजबूत संकेत है। इस फैसले से देशभर के धान उत्पादक किसानों को राहत मिलेगी और वे अगली फसल की बुवाई के लिए बेहतर योजना बना सकेंगे। ब्याज छूट योजना (MISS) को मिली मंजूरी कैबिनेट ने इसके साथ ही संशोधित ब्याज छूट योजना (Modified Interest Subvention Scheme – MISS) को जारी रखने की मंजूरी भी दे दी है। इस योजना के अंतर्गत किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (Farmer loan relief 2025) के माध्यम से रियायती ब्याज दर पर लोन दिया जाता है। इस योजना के तहत किसानों को 7 प्रतिशत की दर से लोन मिलता है, जिसमें सरकार 1.5 प्रतिशत की ब्याज सहायता देती है। अगर किसान समय पर लोन का भुगतान कर देता है तो उसे अतिरिक्त 3 प्रतिशत की छूट मिलती है। इस प्रकार प्रभावी ब्याज दर घटकर मात्र 4 प्रतिशत रह जाती है। यह लाभ 3 लाख रुपये तक के अल्पकालीन लोन पर लागू होता है, जबकि मत्स्य पालन और पशुपालन के लिए 2 लाख रुपये तक के लोन पर भी यही सुविधा उपलब्ध है। किसान क्रेडिट कार्ड: एक प्रभावी पहल किसान क्रेडिट कार्ड (Farmer loan relief 2025) योजना की शुरुआत पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में हुई थी। इस योजना का उद्देश्य किसानों को कार्यशील पूंजी के लिए बैंकों से आसान और त्वरित लोन दिलाना था। KCC के तहत मिलने वाली ब्याज छूट योजना ने किसानों की लागत में भारी कमी लाई है। आज भी यह योजना किसानों के लिए एक बुनियादी आर्थिक मदद का जरिया बनी हुई है। इसे भी पढ़ें:- राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप?  अन्य महत्वपूर्ण पहलू MSP तय करने में उत्पादन लागत, मांग और आपूर्ति जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाता है, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिल सके। सरकार की यह रणनीति किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में एक और कदम है, जो 2022 तक प्राप्त करने का संकल्प लिया गया था। ब्याज सहायता योजना से किसानों की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ती है और वे बिचौलियों पर निर्भर हुए बिना सीधे बैंकिंग सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं। मोदी सरकार द्वारा लिए गए ये फैसले निश्चित ही किसानों के लिए राहत भरे हैं। MSP में वृद्धि और ब्याज छूट योजना को जारी रखने से किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, कृषि में निवेश बढ़ेगा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता और मजबूत होगी। अब यह आवश्यक है कि इन योजनाओं का लाभ हर किसान तक समय पर और पारदर्शी ढंग से पहुंचे। Latest News in Hindi Today Hindi news Farmer loan relief 2025 #MSPScheme2025 #FarmersRelief #ModiGovernment #InterestSubsidy #AgriculturePolicy #LoanWaiver2025 #IndianFarmers

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ITR benefits and documents

ITR Filing 2025: यहां पढ़ें इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग से जुड़ी A टू Z जानकारी

मई महीने की दस्तक के साथ ही शुरू हो जाती है इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की चर्चा। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया – सभी आयकर रिटर्न फॉर्म (ITR Forms) अब उपलब्ध हैं। इसके साथ ही आधिकारिक रूप से ITR Filing 2025 का सीजन भी शुरू हो गया है। लेकिन अगर आप सोच रहे हैं कि तुरंत रिटर्न फाइल कर दिया जाए, तो थोड़ा ठहरिए! अभी रिटर्न फाइलिंग के लिए जरूरी कई पहलू अधूरे हैं – जैसे कि ऑनलाइन यूटिलिटी टूल्स अभी incometax.gov.in पोर्टल पर जारी नहीं हुए हैं और सैलरीड क्लास को अब तक उनका Form-16 नहीं मिला है। ITR फाइलिंग की तारीख और तैयारी असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2025 है। वैसे तो अभी दो महीने हैं, लेकिन स्मार्ट टैक्सपेयर्स अभी से जरूरी दस्तावेज़ जुटाना शुरू कर चुके हैं। खासतौर पर इस बार के फॉर्म्स में 2024 के बजट में किए गए बदलावों को शामिल किया गया है – जैसे कि कैपिटल गेन टैक्स नियमों में बदलाव किए गए हैं। वहीं अगर आपने म्यूचुअल फंड या शेयर बेचे हैं, तो अब कुछ विशेष शर्तों के तहत आप ITR-1 फॉर्म का चुनाव कर सकते हैं। सही ITR फॉर्म चुनना बेहद जरूरी गलत ITR फॉर्म का चयन आपके रिटर्न को ‘डिफेक्टिव’ घोषित कर सकता है। अगर इसे आसान शब्दों में समझें तो अगर आपका कैपिटल गेन ₹1.25 लाख से कम है और कोई घाटा कैरी फॉरवर्ड नहीं करना है, तो आप ITR-1 फॉर्म भर सकते हैं। नए फॉर्म्स में अलग-अलग एसेट्स पर कैपिटल गेन टैक्स के हिसाब से अपडेट किए गए सेक्शन जोड़े गए हैं, इसलिए सावधानी ज़रूरी है। ITR फाइलिंग के लिए जरूरी डॉक्युमेंट्स जरूरी डॉक्युमेंट्स: इन डॉक्युमेंट्स की भी पड़ सकती है जरूरत  टैक्स सेविंग्स और डिडक्शन के प्रूफ हालांकि इन दस्तावेज़ों को ITR के साथ अपलोड नहीं करना होता, लेकिन किसी गड़बड़ी की स्थिति में ये आपके काम आ सकते हैं: सेक्शन 80C और 80CCD(1B) सेक्शन 80D सेक्शन 80E सेक्शन 24B सेक्शन 80G अन्य इनकम स्रोतों के लिए: इसे भी पढ़ें:- विदेश से सोना-चांदी लाना अब नहीं रहा आसान: क्या है सरकार के नए नियम? नया टैक्स रिजीम अपनाना या पुराना? 2025 के बजट में नया टैक्स रिजीम ज्यादा आकर्षक बना दिया गया है – अब टैक्स फ्री इनकम लिमिट ₹12 लाख तक बढ़ा दी गई है। लेकिन ध्यान दें कि 31 जुलाई 2025 से पहले जो भी रिटर्न फाइल किया जाएगा, वह FY 2024-25 के लिए होगा। यदि आपने नौकरी के समय नया टैक्स रिजीम चुना था और अब पुराने रिजीम में जाना चाहते हैं, तो आपको अपने सभी डॉक्युमेंट्स अच्छे से संभालकर रखने होंगे। ITR फाइलिंग सिर्फ एक कानूनी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आपकी वित्तीय समझदारी का भी प्रमाण है। इसलिए जल्दबाजी न करें, सही फॉर्म और दस्तावेज़ों के साथ अपनी ITR Filing 2025 को आसान और त्रुटिरहित बनाएं। समय रहते दस्तावेज तैयार रखें, ताकि आखिरी वक्त की हड़बड़ी से बचा जा सके और टैक्स बेनिफिट्स का पूरा लाभ लिया जा सके। Latest News in Hindi Today Hindi news VDA Schedule के अनुसार #ITRFiling2025 #IncomeTaxReturn #TaxFilingGuide #ITR2025 #IncomeTaxIndia #FileYourITR #TaxSeason2025 #ITRDeadline

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Not Found Suitable

राहुल गांधी ने क्यों ट्वीट किया ‘Not Found Suitable’ और BJP पर क्या लगाया आरोप? 

कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने केंद्र सरकार पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाया है कि सरकार पिछड़े वर्गों (SC-ST-OBC) के योग्य उम्मीदवारों को शिक्षा के अवसरों से जानबूझकर दूर कर रही है। उन्होंने नॉट फाउंड सूटेबल (Not Found Suitable) को एक नए प्रकार का मनुवाद करार देते हुए इसे सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों पर हमला बताया है। राहुल गांधी ने यह बयान दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) में आरक्षित वर्गों के खाली पदों के मुद्दे पर दिया। उन्होंने दावा किया कि DU में 60% से ज्यादा प्रोफेसर और 30% से अधिक एसोसिएट प्रोफेसर के आरक्षित पद नॉट फाउंड सूटेबल (Not Found Suitable) के बहाने खाली रखे गए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि योग्य उम्मीदवारों को ‘उपयुक्त नहीं’ बताकर उन्हें शैक्षणिक और नेतृत्व की मुख्यधारा से दूर रखने की साजिश रची जा रही है। ‘नॉट फाउंड सूटेबल’ बन गया मनुवाद  राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने ट्वीट करते हुए लिखा कि नॉट फाउंड सूटेबल (Not Found Suitable) अब नया मनुवाद है। SC-ST-OBC के योग्य युवाओं को अयोग्य बताकर शिक्षा और नेतृत्व से दूर रखा जा रहा है। यह सामाजिक न्याय का अपमान है। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने शिक्षा को समानता का सबसे बड़ा हथियार बताया था और मौजूदा सरकार उसी हथियार को कुंद करने में लगी है। उन्होंने न सिर्फ दिल्ली यूनिवर्सिटी बल्कि IITs, केंद्रीय विश्वविद्यालयों और अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में भी यही पैटर्न दोहराए जाने का आरोप लगाया। उनके अनुसार यह केवल नौकरी या शिक्षा का मामला नहीं है, बल्कि यह सम्मान, प्रतिनिधित्व और बराबरी की लड़ाई है। राहुल गांधी का DU दौरा और छात्रों से संवाद राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने हाल ही में दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस पहुंचे और DUSU (दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन) के छात्रों से बातचीत की। यह मीटिंग DUSU अध्यक्ष के कार्यालय में आयोजित की गई थी, जिसमें उन्होंने आरक्षण, प्रतिनिधित्व और शैक्षणिक न्याय के मुद्दों पर चर्चा की। राहुल ने कहा कि उन्होंने छात्रों से फीडबैक लिया है और अब वे मिलकर BJP-RSS के आरक्षण विरोधी एजेंडे का मुकाबला संविधान की ताकत से करेंगे। इसे भी पढ़ें:- एमपी-हरियाणा में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति, ऑब्जर्वरों की टीम तैनात यूनिवर्सिटी प्रशासन और ABVP का विरोध राहुल गांधी के इस दौरे पर दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन ने आपत्ति जताई है। विश्वविद्यालय के अनुसार राहुल का दौरा संस्थानिक प्रोटोकॉल का उल्लंघन था। DU ने अपने बयान में कहा कि वह इस घटना की निंदा करता है और आशा करता है कि भविष्य में ऐसा न हो। राहुल गांधी जितनी देर तक  विश्वविद्यालय परिसर में थें तबतक वहां की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी, जिससे एक प्रमुख छात्र संगठन का कामकाज भी प्रभावित हुआ। इसके विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने डीयू में छात्र सम्मान मार्च निकाला और DUSU कार्यालय के बाहर राहुल गांधी का पुतला दहन किया। राजनीतिक विवाद या सामाजिक विमर्श? राहुल गांधी की यह पहल एक तरफ जहां राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है, वहीं यह एक महत्वपूर्ण सामाजिक विमर्श को भी जन्म देती है – क्या योग्य उम्मीदवारों को सिर्फ जातिगत पूर्वग्रह के कारण अवसरों से वंचित किया जा रहा है? क्या Not Found Suitable जैसी प्रक्रिया का दुरुपयोग करके आरक्षित वर्गों के खिलाफ संस्थागत भेदभाव हो रहा है? इन सवालों का जवाब देना न सिर्फ सरकार की जिम्मेदारी है, बल्कि समाज के हर जागरूक नागरिक का भी कर्तव्य है। क्योंकि यह सिर्फ शिक्षा की नहीं, समान अवसर, भागीदारी और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई है। राहुल गांधी ने Not Found Suitable को नया मनुवाद बताते हुए सामाजिक न्याय की लड़ाई को फिर से मुख्यधारा में लाने की कोशिश की है। चाहे उनके बयानों को राजनीति कहें या सच की आवाज, यह तय है कि आरक्षण, प्रतिनिधित्व और समानता का मुद्दा फिर से राष्ट्रीय बहस का केंद्र बन चुका है। और यह बहस तब तक जरूरी है, जब तक हर योग्य नागरिक को उसका हक न मिल जाए। Latest News in Hindi Today Hindi news Not Found Suitable #RahulGandhi #NotFoundSuitable #BJP #IndianPolitics #Congress

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Asaduddin Owaisi

असदुद्दीन ओवैसी ने क्यों कहा “मेरा हाल तो ऐसा हो गया है, जैसे गरीब की जोरू, सबकी भाभी बन गई है”

पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर बेनकाब करने के लिए भारत सरकार द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor)  के अंतर्गत भारतीय प्रतिनिधिमंडलों को दुनियाभर के देशों में भेजा जा रहा है। यह मिशन न केवल पाकिस्तान की नापाक इरादे को उजागर कर रहा है बल्कि भारत की सैन्य और कूटनीतिक ताकत को भी मजबूती दे रहा है। और अब इसी संदर्भ में एक राजनीतिक विवाद सुर्ख़ियों में है। दरअसल ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की द्वारा कही बात सुर्ख़ियों में है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने लिखा था पत्र  भोपाल के कांग्रेस नेता और विधायक आरिफ मसूद (Congress Leader Arif Masood) ने कुछ दिन पहले चिट्ठी लिखी थी, जिसमें यह लिखा गया था कि ओवैसी के विदेश दौरे पर जा रहे सांसदों को कहा कि वे केंद्र सरकार से साफ करें कि मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के बारे में दिए गए विवादित बयान पर यदि विदेशों में सवाल उठे तो उसका जवाब क्या दिया जाए। उनका तर्क था कि विदेशों में भारत की छवि पर असर न पड़े, इसलिए पहले से स्पष्टीकरण होना चाहिए। असदुद्दीन ओवैसी का तीखा पलटवार अब इसी विषय पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और ओवैसी ने अपने ही अंदाज़ में कहा कि  “दुनिया में कोई ऐसा माई का लाल पैदा  नहीं हुआ, जिसके सवाल का जवाब अल्लाह और उसके रसूल के सदके में ओवैसी न दे सके।” ओवैसी ने आरिफ मसूद को ‘छोटा भाई’ कहकर संबोधित किया और कहा कि वह पूरी बेबाकी से हर मंच पर जवाब देने को तैयार हैं।  असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने यह भी कहा कि सरकार द्वारा उन्हें प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया जाना इस बात का संकेत है कि सरकार भी उनकी बेबाकी की कद्र करती है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर भी तंज कसते हुए कहा कि “मेरा हाल तो ऐसा हो गया है, जैसे गरीब की जोरू, सबकी भाभी बन गई है।” उनका इशारा था कि हर दल उनके निर्णयों पर टिप्पणी कर रहा है, मानो वे किसी के अपने नहीं। इसे भी पढ़ें:- पाकिस्तानी जासूस ज्योति के समर्थन में उतरी पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर हीरा बतूल, जानें क्या है रिश्ता  AIMIM और असदुद्दीन ओवैसी की राजनीति  असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) भारतीय राजनीति में एक प्रखर और मुखर नेता के रूप में जाने जाते हैं। AIMIM की स्थापना उनके दादा अब्दुल वहीद ओवैसी ने की थी, लेकिन इसे राष्ट्रीय पहचान असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में मिली। वे हमेशा से मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों को संसद और अन्य मंचों पर मजबूती से उठाते रहे हैं। उनकी पार्टी AIMIM ने हैदराबाद के बाहर भी उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र और झारखंड जैसे राज्यों में अपनी पैठ बनाने की कोशिश की है। हालांकि उन पर यह आरोप भी लगते रहे हैं कि उनकी राजनीति ध्रुवीकरण को बढ़ावा देती है, लेकिन ओवैसी हमेशा यह कहते आए हैं कि वे सिर्फ संविधान और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की बात करते हैं। ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) जैसे महत्त्वपूर्ण मुद्दे पर जब राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो जाती है, तब असली फोकस छूटने लगता है। आरिफ मसूद की चिंता अपनी जगह वाजिब हो सकती है, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी ने जिस तरह से आत्मविश्वास के साथ जवाब दिया, वह दिखाता है कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का पक्ष मजबूती से रखने को तैयार हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि भारतीय राजनीति में  असदुद्दीन ओवैसी  (Asaduddin Owaisi) एक ऐसे नेता हैं, जो किसी भी कठिन परिस्थिति में अपने विचारों को स्पष्ट और निर्भीकता से रखने से नहीं चूकते। उनकी यही शैली उन्हें बाकी नेताओं से अलग बनाती है – चाहे वह संसद हो या फिर कोई अंतरराष्ट्रीय मंच। Latest News in Hindi Today Hindi news Asaduddin Owaisi  #AsaduddinOwaisi #Congress #ArifMasood #OperationSindoor

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Coronavirus new variant 2025

JN.1 variant of interest: WHO ने क्यों कहा JN.1 को वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट? जानिए कोरोना वायरस JN.1 वेरिएंट के लक्षण और बचाव

कोरोना वायरस के फैलने की खबर एक बार फिर सुर्खियों में है। पहले सिंगापूर, हॉन्गकॉन्ग और थाइलैंड में कोरोना वायरस फैलने की जानकारी मिली और अब धीरे-धीरे भारत में भी इस इंफेक्शन का खतरा एक बार फिर से बढ़ चुका है। कोरोना वायरस (Coronavirus) एक इंफेक्सियस डिजीज है और जब भी इस वायरस का नाम सामने आता है तो साल 2020 और 2021 की घटनाएं ना चाहते हुए हम सभी के जहन में आ जाता है।  ऐसे में फिर इंफेक्शन का फैलना की खबरे लोगों के मन में डर पैदा कर रही हैं। इस बार कोविड 19 का JN.1 वेरियंट (COVID 19 JN.1 Variant) काफी चर्चा में है। क्या है JN.1 वेरिएंट (JN.1 Variant), JN.1 के लक्षण (Symptoms of JN.1 Variant)  क्या हो सकते हैं और JN.1 से बचाव कैसे संभव है ये सब समझेंगे।  क्या है JN.1 वेरिएंट?  नेशनल सेंटर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार कोरोना वायरस का JN.1 वेरिएंट है। इस बार कोविड-19 इंफेक्शन का कारण ओमिक्रोन वेरिएंट JN.1 और इसके सब-वेरिएंट्स LF.7 और NB.1.8 को माना जा रहा है। JN.1 इंफेक्शन ओमिक्रोन के BA.2.86 फेमली से होने वाला एक नया वेरिएंट है। जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन (John Hopkins Medicine) के रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार JN.1 की पहचान पहली बार अगस्त 2023 में की गई थी। इस वेरिएंट में लगभग 30 म्यूटेशन पाए गए हैं, जो शरीर की इम्यून सिस्टम (Immune System) से बचने में सक्षम बनाते हैं। इसके अलावा इसमें कुछ अन्य म्यूटेशन भी होते हैं, जो इसके तेजी से फैलने की क्षमता को बढ़ाते हैं। हालांकि BA.2.86 वेरिएंट SARS-CoV-2 वेरिएंट्स में शामिल नहीं हुआ। क्या है JN.1 वेरिएंट के लक्षण? NCBI के अनुसार JN.1 वेरिएंट (Symptoms of JN.1 Variant) के लक्षण कोरोना वायरस के लक्षणों के समान हैं। जैसे: ऊपर बताए लक्षण JN.1 वेरिएंट के लक्षण  (Symptoms of JN.1 Variant) हो सकते हैं। इसलिए अगर ऊपर बताए लक्षणों में कोई भी लक्षण महसूस हो तो डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।  कितना खतरनाक है कोविड 19 का JN.1 वेरिएंट ( JN.1 Variant)? कोविड 19 का JN.1 वेरिएंट ( JN.1 Variant) कितना खतरनाक है, इसकी जानकारी अब तक शेयर नहीं की गई है और WHO इसपर नजर बनाए हुए है और इसे JN.1 को वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट (JN.1 as a variant of interest) कहा है। लेकिन ये जरूर कहा जा रहा है कि कमजोर इम्मुनिटी वाले लोगों में कोविड 19 के JN.1 वेरिएंट (COVID 19  JN.1 Variant) का भी खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए इम्मुनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाए रखना बेहद जरुरी है।  इसे भी पढ़ें: गर्मी के मौसम में अपना रखें खास ख्याल और बरते यह 6 सावधानियां JN.1 वेरिएंट से बचाव कैसे संभव है?  JN.1 वेरिएंट से बचाव के लिए नीचे दिए पॉइंट्स को ध्यान रखें और फॉलो करें- इन ऊपर बताए बिंदुओं को फॉलो कर JN.1 वेरिएंट से बचने में मदद मिल सकती है।  ध्यान रखें कि किसी भी बीमारी या  इंफेक्शन से आसानी से बचा जा सकता है, लेकिन इसके लिए सतर्कता जरुरी है। इसलिए किसी भी तरह की शारीरिक परेशानी महसूस होने पर डरे नहीं और हेल्थ एक्सपर्ट से अपनी शारीरिक समस्या के बारे में बात करें। कोविड 19 के JN.1 वेरिएंट (COVID 19  JN.1 Variant) संक्रामक जरूर है लेकिन इससे आसानी से बचा जा सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi (NCBI) #JN1Variant #COVID19 #WHOAlert #CoronavirusUpdate #CovidSymptoms #JN1Symptoms #VirusPrevention #HealthAlert

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Arif R.B. Khan

सक्सेसफुल बिजनेसमैन एंड साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट Arif R.B. Khan ने डिजिटल सेक्टर में “VAATU Enterprises LLP” की शुरुआत की

जब बात होती है मल्टी टैलेंटेड, लीडरशिप एब्लिटी और नेशन बिल्डिंग की भावना की, तब अरिफ आर. बी. खान (Arif R.B. Khan) का नाम सम्मान से लिया जाता है। दिल्ली से ताल्लुक रखने वाले अरिफ ने न सिर्फ साइबर सिक्योरिटी में बल्कि कंस्ट्रक्शन, ट्रेडिंग, डिजिटल मार्केटिंग और फिल्म निर्माण जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करवाई है। डिजिटल युग के लीडर: VAATU की शुरुआत बदलते डिजिटल दौर में जब हर बिजनेस ऑनलाइन पहचान चाहता है, तब आरिफ VAATU डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी (VAATU Enterprises LLP) की नींव रखी। इसके अंतर्गत ही जयराष्ट्र न्यूज़ (Jai Rashtra News), सुप्रीम न्यूज़ नेटवर्क (Supreme News Network) और बॉलीवुड न्यूज़ रिपोर्टर (Bollywood News Reporter) डिजिटल मिडिया प्लेटफॉर्म की भी शुरुआत की है। इस एजेंसी का मकसद है – हर बिजनेस को डिजिटल दुनिया में नई ऊंचाइयों तक पहुँचाना। SEO, सोशल मीडिया मार्केटिंग, कंटेंट मार्केटिंग, PPC और ईमेल मार्केटिंग जैसे आधुनिक टूल्स के ज़रिए VAATU, ब्रांड्स को उनके संभावित क्लाइंट्स तक पहुंचने में मदद करती है। अरिफ का मानना है कि हर छोटे-बड़े बिजनेस को डिजिटल रूप से सक्षम बनाना ही आगे का रास्ता है।  साइबर सुरक्षा में भारत का नाम रोशन – Shadow Ops Bharat अरिफ ने Shadow Ops Bharat की शुरुआत कर देश को एक मजबूत साइबर सिक्योरिटी प्रदान करने की राह में अग्रसर हैं। यह संस्था थ्रेट डिटेक्शन, वल्नेरेबिलिटी एनालिसिस, पेनिट्रेशन टेस्टिंग और इंसिडेंट रिस्पॉन्स जैसे तकनीकी क्षेत्रों में विशेषज्ञ सेवाएं देती है। आज Shadow Ops Bharat भारत ही नहीं, दुनिया भर में साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। साइबर शिक्षा में भी अग्रणी Shadow Ops Bharat के ज़रिए अरिफ सिर्फ सुरक्षा सेवाएं ही नहीं दे रहे, बल्कि समाज में साइबर जागरूकता भी फैला रहे हैं। स्कूलों और कॉलेजों में सेमिनार, वर्कशॉप और छात्रवृत्ति प्रोग्राम के ज़रिए वे आने वाली पीढ़ी को साइबर खतरों से बचाव के तरीके सिखा रहे हैं। बिजनेस लीडरशिप क्वालिटी अरिफ सिर्फ तकनीकी विशेषज्ञ ही नहीं, बल्कि एक सफल बिजनेसमैन भी हैं। वह A.S. Trademart Pvt. Ltd. और Vaartul Films Pvt. Ltd. के निदेशक भी हैं। उनका काम सिर्फ सफल बिजनेस तक ही सिमित नहीं है, बल्कि समाज, संस्कृति और युवाओं के भविष्य को लेकर भी गंभीर हैं। अरिफ आर. बी. खान (Arif R.B. Khan) का सपना सिर्फ एक सफल व्यवसायी बनना नहीं है – उनका उद्देश्य है भारत को साइबर-सुरक्षित, डिजिटल रूप से सक्षम और जागरूक राष्ट्र बनाना। उनका जोश, जुनून और जिम्मेदारी के प्रति समर्पण उन्हें एक सही विज़नरी बनाता है।  Latest News in Hindi Today Hindi news  #ArifRBKhan #VAATU #DigitalMedia #Jairashtranews #Supremenewsnetwork #Bollywoodnewsreporte #Mumbai #Dubai #Delhi  #TheVaatuEnterprisesLLP

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Benefits Of Watermelon

Benefits Of Watermelon: बॉडी को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों को भी दूर रखने में सहायक है तरबूज

तरबूज (Watermelon) स्वादिष्ट और पौष्टिक फलों लिस्ट में शामिल है, जो गर्मियों में शरीर को ठंडक प्रदान करने के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी कई लाभकारी गुणों से भरपूर है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार तरबूज के नियमित सेवन से एक नहीं बल्कि कई हेल्थ बेनेफिट्स (Benefits Of Watermelon) मिल सकते हैं। तरबूज के एक नहीं, बल्कि हैं कई फायदे इसे भी पढ़ें: पानी पीना ही काफी नहीं, हीटवेव्स में हाइड्रेशन से बचाव के लिए अपनाएं ये टिप्स तरबूज सिर्फ एक स्वादिष्ट फल नहीं है, बल्कि यह कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने वाला एक प्राकृतिक स्रोत है। इसे डेली डाइट में शामिल करने से न केवल ताजगी मिलेगी, बल्कि इससे पूरा हेल्थ भी बेहतर होता। नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  #Dehydration #FoodPoisoning #healthissuesinsummer #BenefitsOfWatermelon #Watermelon

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MP Launch Pad Yojana 2025 Youth Employment Scheme

MP Launch Pad Yojana 2025: युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर

मध्य प्रदेश सरकार (MP Government) प्रदेश में बेरोजगारी को कम करने और युवाओं को स्व-रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए समय-समय पर नई योजनाएं लागू करती रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाते हुए, राज्य सरकार ने 5 जनवरी 2021 को एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य 18 वर्ष से अधिक आयु के युवाओं को अपने व्यवसाय स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) का उद्देश्य इस योजना का मुख्य उद्देश्य चाइल्ड केयर संस्थानों (Child Care Organisation) से बाहर आने वाले युवाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के अंतर्गत ₹60,000 की वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिससे वे अपनी पसंद का व्यवसाय शुरू कर सकें। इसके अलावा, सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्रदान करेगी, ताकि वे अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला सकें। इस योजना का एक अन्य महत्वपूर्ण उद्देश्य प्रदेश की बेरोजगारी (Unemployment) दर को कम करना है। युवाओं को रोजगार के लिए एक मंच प्रदान करने से वे अपनी शिक्षा और प्रशिक्षण जारी रख सकेंगे, जिससे उनका भविष्य सुरक्षित होगा। योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता और जिलों का चयन एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) के लाभ और विशेषताएं एमपी लॉन्च पैड योजना के लिए पात्रता आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़ इसे भी पढ़ें: Oppo का शानदार वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन 24,000 से कम में? एमपी लॉन्च पैड योजना (MP Launch Pad Yojana) ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया सरकार ने इस योजना के लिए एक आधिकारिक पोर्टल (www.mpwcdmis.gov.in) तैयार किया है, जहां इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक आवेदन की आधिकारिक तिथि घोषित नहीं की गई है। जैसे ही सरकार आवेदन प्रक्रिया शुरू करेगी, संबंधित जानकारी अपडेट कर दी जाएगी। एमपी लॉन्च पैड योजना 2025 (MP Launch Pad Yojana 2025) राज्य सरकार की एक प्रभावी पहल है, जो युवाओं को स्व-रोजगार के लिए आर्थिक सहायता और व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य करेगी। इस योजना से न केवल प्रदेश की बेरोजगारी (Unemployment) दर में कमी आएगी, बल्कि युवाओं को अपने व्यवसाय के माध्यम से एक उज्जवल भविष्य बनाने का अवसर भी मिलेगा। यदि आप इस योजना के पात्र हैं, तो आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही आवेदन अवश्य करें और सरकार की इस पहल का लाभ उठाएं। Latest News in Hindi Today Hindi MP Launch Pad Yojana #MPLaunchPadYojana #YouthEmployment #MPScheme2025 #StartupIndia #SkillDevelopment

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