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CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर मुंबई में CJP का प्रदर्शन, SIR विवाद फिर केंद्र में

मुंबई: Special Intensive Revision यानी SIR को लेकर जारी विवाद के बीच Cockroach Janta Party (CJP) ने मुंबई में Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान किया है। शिवाजी पार्क में प्रस्तावित इस प्रदर्शन से पहले सुरक्षा बढ़ा दी गई, हालांकि मुंबई पुलिस ने कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी। CJP ने कहा है कि उसका आंदोलन ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा। शिवाजी पार्क में प्रदर्शन का ऐलान CJP ने 2 अक्टूबर को मुंबई के शिवाजी पार्क से अपने विरोध अभियान की शुरुआत करने की घोषणा की। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यह आंदोलन केवल मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा और आगे गोवा, बेंगलुरु, कोलकाता समेत अन्य शहरों में भी प्रदर्शन किए जाएंगे। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग CJP की मुख्य मांग Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है। संगठन का आरोप है कि SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं। ये आरोप CJP और अन्य प्रदर्शनकारी समूहों के राजनीतिक दावे हैं और चुनाव आयोग का इस पर अलग आधिकारिक रुख रहा है। SIR प्रक्रिया को रोकने की भी मांग CJP ने Special Intensive Revision प्रक्रिया को रोकने की मांग भी उठाई है। संगठन चाहता है कि पिछली मतदाता सूची को बहाल किया जाए और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली तथा नियुक्ति प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता लाई जाए। मुंबई पुलिस ने नहीं दी अनुमति मुंबई पुलिस ने शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी। पुलिस ने सार्वजनिक व्यवस्था, ट्रैफिक और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया। इसके बावजूद प्रदर्शन की घोषणा के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई। दादर स्टेशन पर भी सुरक्षा बढ़ी प्रदर्शन को देखते हुए दादर रेलवे स्टेशन पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए। Railway Protection Force और अन्य स्टाफ की संख्या बढ़ाई गई ताकि बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की स्थिति में भीड़ और आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके। दिल्ली में भी हुआ विरोध मुंबई के साथ-साथ दिल्ली में भी CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। जंतर-मंतर के आसपास भारी सुरक्षा तैनात की गई और पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन करने पहुंचे कई लोगों को हिरासत में लिया। इससे SIR और चुनाव आयोग से जुड़ा विवाद राष्ट्रीय स्तर पर फिर चर्चा में आ गया। विपक्षी दल भी उठा रहे SIR का मुद्दा SIR विवाद केवल CJP तक सीमित नहीं है। INDIA Bloc समेत कई विपक्षी दल और छात्र संगठन भी मतदाता सूची और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष ने अलग-अलग शहरों में विरोध कार्यक्रमों की घोषणा की है। दूसरे शहरों में भी आंदोलन की तैयारी CJP ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा। गोवा, बेंगलुरु और कोलकाता समेत कई शहरों में मार्च और प्रदर्शन की योजना बनाई गई है। संगठन का कहना है कि CEC के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा। SIR विवाद पर राजनीतिक टकराव तेज SIR को लेकर चुनाव आयोग और विरोधी दलों के बीच राजनीतिक टकराव लगातार बढ़ रहा है। प्रदर्शनकारी जहां मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, वहीं आरोपों और कानूनी मांगों की अंतिम स्थिति संबंधित संस्थाओं और न्यायिक प्रक्रियाओं से तय होगी। source – The Indian Express / The New Indian Express / India Today / The Times of India / PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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कर्नाटक में voter deletion विवाद पर DK शिवकुमार ने जांच की मांग की, CEO ने अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए

बेंगलुरु: कर्नाटक में मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए Form 7 के कथित दुरुपयोग को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने इसे संभावित आपराधिक साजिश बताते हुए जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद राज्य के Chief Electoral Officer वी. अनबुकुमार ने सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों के चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिया कि झूठी जानकारी या फर्जी declarations के आधार पर दाखिल Form 7 मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाए। Form 7 के कथित बड़े पैमाने पर इस्तेमाल पर सवाल विवाद उन शिकायतों के बाद बढ़ा जिनमें आरोप लगाया गया कि बड़ी संख्या में pre-printed Form 7 जमा कर मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की कोशिश की गई। Form 7 का इस्तेमाल मतदाता सूची से नाम हटाने या आपत्ति दर्ज कराने के लिए किया जाता है। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया का संगठित तरीके से दुरुपयोग हुआ। DK शिवकुमार ने criminal probe की मांग की मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु स्थित Chief Electoral Officer के कार्यालय पहुंचकर मामले की जांच की मांग की। उन्होंने अपने मंत्रिमंडल के कई सहयोगियों के साथ धरना भी दिया और कहा कि कथित फर्जी Form 7 applications की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए। लाखों मतदाताओं के नाम हटाने की साजिश का आरोप शिवकुमार ने आरोप लगाया कि राज्य में बड़ी संख्या में योग्य मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की गई है। अलग-अलग बयानों में उन्होंने संभावित रूप से लाखों मतदाताओं को निशाना बनाए जाने का दावा किया है। ये आरोप राजनीतिक दावे हैं और अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही स्पष्ट होंगे। CEO ने सभी 224 विधानसभा क्षेत्रों को दिया निर्देश कर्नाटक के Chief Electoral Officer वी. अनबुकुमार ने सभी District Election Officers, Electoral Registration Officers और संबंधित municipal commissioners को निर्देश जारी किए। आदेश के मुताबिक Form 7 applications पर कार्रवाई से पहले औपचारिक जांच की जाएगी और जानबूझकर झूठी जानकारी देने वालों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। छह घंटे बाद खत्म हुआ धरना CEO के आदेश के बाद मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और उनके मंत्रियों ने करीब छह घंटे तक चला धरना समाप्त कर दिया। शिवकुमार ने इसे अपनी मांगों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया, हालांकि उन्होंने कहा कि मामला पूरी तरह सुलझने तक राजनीतिक और कानूनी प्रयास जारी रहेंगे। तीन FIR दर्ज होने की भी जानकारी रिपोर्टों के अनुसार कथित फर्जी voter deletion applications से जुड़े मामलों में कर्नाटक के अलग-अलग जिलों में तीन FIR दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें Mysuru, Bidar और Belagavi से जुड़े मामले शामिल हैं। पुलिस और चुनाव अधिकारी submissions की जांच कर रहे हैं। Belagavi में BJP नेता पर भी FIR Belagavi जिले में एक BJP नेता और अन्य लोगों के खिलाफ 198 मुस्लिम मतदाताओं के नाम हटाने की कथित कोशिश से जुड़े मामले में FIR दर्ज होने की खबर है। यह मामला भी Form 7 submissions से जुड़ा है और जांच जारी है। आरोपों की अंतिम सत्यता पुलिस और न्यायिक प्रक्रिया के बाद तय होगी। चुनाव आयोग ने false declarations पर सख्ती के संकेत दिए Election authorities ने साफ किया है कि Forms 6, 6A, 7 और 8 में जानबूझकर गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इस निर्देश का उद्देश्य मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में गलत या फर्जी submissions को रोकना बताया गया है। SIR के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव कर्नाटक में यह विवाद Special Intensive Revision यानी SIR की प्रक्रिया के बीच सामने आया है। कांग्रेस इसे मतदाताओं के अधिकार से जुड़ा गंभीर मामला बता रही है, जबकि आरोपों में जिन राजनीतिक दलों के नाम लिए गए हैं, उनकी भूमिका की पुष्टि जांच से ही होगी। source – The Indian Express / The New Indian Express / The Times of India / PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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PM मोदी ने Flydubai के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बात की, बहादुरी की तारीफ की

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को Flydubai के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर से फोन पर बात की और उनकी बहादुरी, सूझबूझ और साहस की सराहना की। कैप्टन मच्छर हाल में दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai उड़ान में कथित हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए थे, लेकिन उनकी कार्रवाई से विमान में सवार 170 से अधिक लोगों की जान बचाने में मदद मिली। PM मोदी ने जाना कैप्टन मच्छर का हाल प्रधानमंत्री मोदी ने बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छर के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि बेहद कठिन परिस्थिति में भी कैप्टन मच्छर ने जिस साहस और धैर्य का परिचय दिया, वह देश के लिए गर्व की बात है। कैप्टन मच्छर ने बताया उस दिन क्या हुआ बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छर ने प्रधानमंत्री को घटना की पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हमले के दौरान वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने cockpit का दरवाजा खोलने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश जारी रखी। ‘हनुमान चालीसा पढ़ता रहा’ कैप्टन मच्छर ने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत में कहा कि घटना के दौरान वह लगातार हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इससे उन्हें मानसिक ताकत मिली और बेहद कठिन परिस्थिति में भी वह हार नहीं माने। 17 साल का अनुभव आया काम कैप्टन स्मित मच्छर ने बातचीत में बताया कि उनका करीब 17 साल का flying experience है। उन्होंने कहा कि विमान के अचानक नीचे जाने और cockpit की स्थिति को देखते हुए उन्हें खतरे का अंदाजा हो गया था और उन्होंने तेजी से प्रतिक्रिया दी। 174 यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका Flydubai की इस उड़ान में 174 यात्री सवार थे। रिपोर्टों के अनुसार कथित हमले के दौरान कैप्टन मच्छर ने गंभीर चोटों के बावजूद cockpit का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद crew और अन्य लोगों को स्थिति संभालने का मौका मिला। PM मोदी ने पहले भी बताया था ‘Hero’ प्रधानमंत्री मोदी ने एक दिन पहले भी सोशल मीडिया पर कैप्टन मच्छर को “HERO” बताते हुए उनकी बहादुरी की तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि गंभीर खतरे और चोटों के बावजूद कैप्टन मच्छर ने दूसरों की जान बचाने के लिए असाधारण साहस दिखाया। PM मोदी बोले- भारतीय जान बचाने वाले हैं बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय मूल्यों और मानवता का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीयों की पहचान जीवन बचाने और मानवता के साथ खड़े रहने की है। उन्होंने कैप्टन मच्छर की कार्रवाई को इसी भावना का उदाहरण बताया। अस्पताल में जारी है इलाज कैप्टन मच्छर फिलहाल अस्पताल में इलाज करा रहे हैं और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। भारतीय अधिकारियों ने भी उनसे मुलाकात की है और सरकार की ओर से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की बात कही गई है। घटना की जांच अभी जारी Flydubai flight में कथित हमले के पीछे का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है। घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और कथित हमलावर के इरादे को लेकर अंतिम निष्कर्ष आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। source – The Indian Express / The New Indian Express / Sky News / Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

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नई दिल्ली | जंतर-मंतर पर छात्रों की गिरफ्तारी का सिलसिला जारी, प्रदर्शनकारियों में नाराजगी!

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में छात्रों और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। रिपोर्टों के अनुसार 700 से ज्यादा लोगों को पुलिस ने डिटेन किया, जिनमें AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा और AAP के कुछ नेता भी शामिल हैं। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने और बड़े स्तर पर पुलिस कार्रवाई से प्रदर्शनकारियों में नाराजगी देखी गई। सुबह से ही जंतर-मंतर पर भारी सुरक्षा 2 अक्टूबर की सुबह से ही जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी। दिल्ली पुलिस के साथ Central Armed Police Forces के जवान भी तैनात किए गए और कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई। पुलिस को हजारों लोगों के प्रदर्शन में पहुंचने की संभावना थी। प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिली दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी थी। इसके बावजूद छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा Special Intensive Revision यानी SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उठाए जा रहे सवाल थे। 700 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेने की रिपोर्ट दिन बढ़ने के साथ पुलिस ने प्रदर्शन स्थल से बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लेना शुरू किया। रिपोर्टों के अनुसार 700 से अधिक प्रदर्शनकारियों को डिटेन किया गया। इनमें छात्र नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और कई राजनीतिक चेहरे शामिल रहे। AISA की नेहा बोरा भी हिरासत में All India Students’ Association यानी AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी हिरासत में लिए गए लोगों में शामिल रहीं। AISA और अन्य संगठनों ने SIR तथा चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर प्रदर्शन का आह्वान किया था। AAP नेताओं को भी पुलिस ने डिटेन किया AAP नेता सौरभ भारद्वाज और विधायक संजीव झा को भी पुलिस ने हिरासत में लिया। सौरभ भारद्वाज ने पुलिस वैन से जारी एक वीडियो में लोगों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की और दावा किया कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था। यह उनका राजनीतिक दावा है। कई मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट बंद सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों के entry और exit gates बंद किए गए। रिपोर्टों के अनुसार 11 मेट्रो स्टेशनों पर आवाजाही सीमित की गई, जबकि Rajiv Chowk, Central Secretariat और कुछ अन्य interchange stations पर ट्रेन बदलने की सुविधा जारी रही। ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने Connaught Place, Parliament Street, Tolstoy Marg और जंतर-मंतर के आसपास ट्रैफिक डायवर्जन लागू किए। लोगों को इन इलाकों से बचकर वैकल्पिक मार्ग इस्तेमाल करने की सलाह दी गई। प्रदर्शनकारियों में नाराजगी हिरासत और प्रतिबंधों के बाद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस कार्रवाई पर नाराजगी जताई। आयोजकों का कहना है कि लोकतांत्रिक मुद्दों पर शांतिपूर्ण विरोध उनका अधिकार है, जबकि पुलिस प्रशासन का तर्क है कि अनुमति नहीं होने और कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए कार्रवाई की गई। SIR बना प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के Special Intensive Revision और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। कई विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। चुनाव आयोग और सरकार इन आरोपों से सहमत नहीं हैं। दिल्ली में पूरे दिन तनावपूर्ण माहौल जंतर-मंतर और आसपास पूरे दिन भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी, मेट्रो स्टेशन बंद होने और यातायात प्रतिबंधों के कारण मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में सामान्य आवाजाही प्रभावित हुई। source – The Times of India / The Indian Express / Hindustan Times / PTI जय राष्ट्र न्यूज़

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बिहार | बाढ़ पीड़ितों का फूटा गुस्सा, बीजेपी सांसद संजय जायसवाल की गाड़ी पर फेंका गोबर और मिट्टी!

बेतिया: बिहार के पश्चिम चंपारण में बाढ़ से परेशान लोगों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे। बथना स्थित राहत शिविर में ग्रामीणों ने राहत व्यवस्था को लेकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री के जाने के बाद बीजेपी सांसद संजय जायसवाल की गाड़ी को भीड़ ने घेर लिया और कथित तौर पर उस पर गोबर और मिट्टी फेंकी। बथना राहत शिविर में हुआ हंगामा घटना पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड स्थित बथना राहत शिविर की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करने और राहत कार्यों की समीक्षा के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान कई ग्रामीणों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। राहत व्यवस्था से नाराज थे बाढ़ पीड़ित स्थानीय लोगों ने राहत और बचाव व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का आरोप था कि बाढ़ के कारण घर और रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने के बावजूद उन्हें पर्याप्त और समय पर मदद नहीं मिल रही है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। CM सम्राट चौधरी के सामने हुई नारेबाजी राहत शिविर में मुख्यमंत्री की मौजूदगी के दौरान भी कुछ लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति तनावपूर्ण होने पर सुरक्षाकर्मियों ने मुख्यमंत्री के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी और इसके बाद वह इलाके से रवाना हो गए। सांसद संजय जायसवाल को भीड़ ने घेरा मुख्यमंत्री के जाने के बाद BJP सांसद संजय जायसवाल और स्थानीय विधायक को कुछ समय तक स्कूल परिसर में ही रुकना पड़ा। सुरक्षा बलों ने बाद में सांसद को उनकी गाड़ी तक पहुंचाने की कोशिश की, लेकिन बाहर मौजूद भीड़ ने वाहन को घेर लिया। गाड़ी पर फेंका गया गोबर और मिट्टी रिपोर्टों के अनुसार आक्रोशित ग्रामीणों ने सांसद की गाड़ी पर कथित तौर पर गोबर और मिट्टी फेंकी। कुछ प्रदर्शनकारियों ने वाहन पर हाथ भी मारे। इसके बाद पुलिस ने सुरक्षा घेरा बनाकर सांसद को इलाके से बाहर निकाला। पुलिस और सुरक्षा बलों को करनी पड़ी मशक्कत भीड़ बढ़ने के कारण मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को सांसद को सुरक्षित निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच अफरा-तफरी की स्थिति दिखाई देने का दावा किया गया है। घटना की विस्तृत परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर स्थानीय प्रशासन की जांच महत्वपूर्ण होगी। गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर से बिगड़े हालात पश्चिम चंपारण के कई इलाकों में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। निचले क्षेत्रों में पानी भरने और तटबंधों पर दबाव बढ़ने से लोगों की परेशानी बढ़ी है। आसपास के कई जिलों में भी बाढ़ और तटबंध टूटने की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने राहत कार्य जारी रहने का किया दावा अधिकारियों के अनुसार बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। NDRF और SDRF की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है और प्रभावित लोगों तक भोजन, नाव तथा अन्य जरूरी सुविधाएं पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। घटना के बाद सियासी माहौल भी गरमाया सांसद की गाड़ी पर गोबर फेंकने और मुख्यमंत्री के सामने विरोध की घटना ने बिहार में बाढ़ राहत व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज कर दी है। हालांकि घटना के पीछे राजनीतिक संगठन की भूमिका या पूर्व नियोजित विरोध का कोई स्पष्ट प्रमाण अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। उपलब्ध रिपोर्टों में इसे मुख्य रूप से स्थानीय बाढ़ पीड़ितों के आक्रोश के रूप में बताया गया है। source – Navbharat Times / Prabhat Khabar / ABP News / Media Darshan जय राष्ट्र न्यूज़

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खुद गंभीर रूप से घायल हुए भारतीय पायलट, फिर भी 170 से अधिक यात्रियों की बचाई जान; Flydubai घटना में कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी चर्चा में

नई दिल्ली: Flydubai की एक उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर ने गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद 170 से अधिक यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में cockpit के अंदर हिंसक घटना के बाद स्थिति बेहद गंभीर हो गई थी, लेकिन कैप्टन मच्छर ने घायल अवस्था में भी नियंत्रण बनाए रखा और cockpit का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद crew और अन्य लोगों की मदद से विमान को सुरक्षित उतारा गया। उड़ान के दौरान cockpit में हुआ हमला विमान दुबई से तेल अवीव की ओर जा रहा था, तभी cockpit में दोनों पायलटों के बीच हिंसक घटना हुई। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार सह-पायलट ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला किया। इस दौरान विमान ने तेजी से ऊंचाई खोनी शुरू कर दी, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल हुए कैप्टन स्मित हमले में कैप्टन स्मित मच्छर गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बावजूद उन्होंने cockpit का दरवाजा खोलने की कोशिश जारी रखी। उनकी इस कार्रवाई से cabin crew और विमान में मौजूद अन्य प्रशिक्षित लोगों को cockpit तक पहुंचने का रास्ता मिला। 170 से अधिक यात्री थे विमान में सवार रिपोर्टों के अनुसार विमान में 174 यात्री सवार थे। स्थिति पर नियंत्रण पाने के बाद विमान को सऊदी अरब के ताबुक में emergency landing कराई गई। सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। off-duty pilots ने भी संभाली स्थिति विमान में कुछ off-duty pilots भी मौजूद थे। Cockpit खुलने के बाद उन्होंने crew के साथ मिलकर विमान का नियंत्रण संभालने में मदद की। कथित हमलावर को भी काबू में किया गया। अस्पताल में भर्ती कराया गया भारतीय पायलट Emergency landing के बाद कैप्टन स्मित मच्छर को अस्पताल ले जाया गया। उनकी surgery की गई और बाद में उनकी हालत स्थिर बताई गई। भारतीय अधिकारियों ने भी उनके परिवार के संपर्क में रहने की जानकारी दी। PM मोदी ने की बहादुरी की तारीफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छर के साहस की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि गंभीर चोटों के बावजूद यात्रियों की सुरक्षा के लिए कैप्टन मच्छर द्वारा दिखाया गया साहस सराहनीय है। प्रधानमंत्री ने उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की। मुंबई से हैं कैप्टन स्मित मच्छर कैप्टन स्मित मच्छर मुंबई के रहने वाले बताए गए हैं। रिपोर्टों के अनुसार उनके पास हजारों घंटे का flying experience है और Flydubai से पहले उन्होंने भारतीय aviation sector में भी लंबे समय तक काम किया है। आरोपी सह-पायलट हिरासत में कथित हमलावर सह-पायलट को सऊदी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। घटना के पीछे का मकसद अभी जांच का विषय है। फिलहाल किसी निश्चित उद्देश्य या आतंकवादी साजिश से इसे आधिकारिक रूप से जोड़ना सही नहीं होगा। जांच के बाद साफ होगी पूरी घटना Cockpit में वास्तव में क्या हुआ, विमान ने कितनी तेजी से ऊंचाई खोई और कथित हमले के पीछे क्या कारण था, इन सभी पहलुओं की जांच जारी है। फिलहाल कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी और यात्रियों की जान बचाने में उनकी भूमिका की व्यापक चर्चा हो रही है। source – Reuters / Associated Press / The Indian Express / The Guardian जय राष्ट्र न्यूज़

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बिहार के स्कूल में दर्दनाक हादसा: सीढ़ी गिरने से 9 साल की छात्रा की मौत, 3 बच्चे घायल

खगड़िया: बिहार के खगड़िया जिले में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की सीढ़ी अचानक गिरने से 9 साल की छात्रा रितिका कुमारी की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे घायल हो गए। हादसा मानसी थाना क्षेत्र के अमनी गांव स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में हुआ। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की मदद से बच्चों को मलबे से बाहर निकाला गया। अमनी गांव के सरकारी स्कूल में हुआ हादसा हादसा बुधवार सुबह अमनी गांव के पासवान टोला स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय में हुआ। स्कूल की सीढ़ी अचानक भरभराकर गिर गई और उसके नीचे कई बच्चे दब गए। आसपास मौजूद लोगों और स्कूल स्टाफ ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। 9 साल की रितिका कुमारी की मौत मृत छात्रा की पहचान 9 वर्षीय रितिका कुमारी के रूप में हुई है। रितिका पहली कक्षा की छात्रा थी। उसे मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। तीन बच्चे घायल, अस्पताल में भर्ती हादसे में तीन अन्य बच्चे घायल हुए हैं। घायल बच्चों को इलाज के लिए सदर अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार किया जा रहा है। कुछ स्थानीय रिपोर्टों में हल्की चोट वाले बच्चों की संख्या अधिक बताई गई है, इसलिए प्रशासनिक जांच के बाद ही अंतिम संख्या स्पष्ट होगी। स्कूल की जर्जर हालत पर उठे सवाल घटना के बाद स्कूल भवन की हालत को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीढ़ी में पहले से दरारें थीं और भवन की मरम्मत लंबे समय से नहीं हुई थी। कुछ रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि स्कूल प्रबंधन ने पहले ही जर्जर स्थिति की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी थी। प्रधानाध्यापक की पहले की शिकायत भी चर्चा में एक रिपोर्ट के अनुसार स्कूल के प्रधानाध्यापक ने जर्जर सीढ़ी और भवन की स्थिति को लेकर पहले ही संबंधित BRC को जानकारी दी थी। हादसे के बाद यह सवाल उठ रहा है कि अगर शिकायत पहले की गई थी तो समय रहते मरम्मत क्यों नहीं हुई। इस पहलू की भी जांच की जा रही है। DM ने 24 घंटे में जांच रिपोर्ट मांगी खगड़िया के जिलाधिकारी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को मामले की जांच कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने घायल बच्चों के इलाज और मृत छात्रा के परिवार को सहायता देने की बात कही है। SDM ने मौके पर पहुंचकर लिया जायजा सदर SDM धनंजय कुमार समेत प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्कूल भवन की सुरक्षा, सीढ़ी गिरने के कारण और मरम्मत में संभावित लापरवाही की जांच की बात कही है। सरकारी स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल इस हादसे के बाद सरकारी स्कूलों की पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा पर फिर सवाल उठे हैं। स्कूलों में नियमित structural audit, समय पर मरम्मत और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े मानकों के पालन की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है। जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी फिलहाल प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट के बाद यह स्पष्ट होगा कि सीढ़ी गिरने का मुख्य कारण क्या था और क्या रखरखाव या प्रशासनिक स्तर पर किसी तरह की लापरवाही हुई थी। source – PTI / India Today / Aaj Tak / NDTV / Dainik Jagran जय राष्ट्र न्यूज़

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‘1947 में हम अमेरिका के बराबर थे, फिर गड़बड़ी कहां हुई?’ दावे पर बहस; आंकड़ों में क्या है सच्चाई

नई दिल्ली: भारत की आजादी के समय आर्थिक स्थिति की तुलना अमेरिका से करने वाला दावा एक बार फिर चर्चा में है। “1947 में हम अमेरिका के बराबर थे, फिर गड़बड़ी कहां हुई?” जैसे दावे सोशल मीडिया और राजनीतिक-आर्थिक बहसों में सामने आते रहे हैं, लेकिन ऐतिहासिक आर्थिक आंकड़े बताते हैं कि स्वतंत्रता के समय भारत और अमेरिका आर्थिक रूप से बराबर स्थिति में नहीं थे। अमेरिका की अर्थव्यवस्था पहले से थी कहीं बड़ी द्वितीय विश्व युद्ध के बाद अमेरिका दुनिया की सबसे मजबूत औद्योगिक और वित्तीय शक्तियों में शामिल था। इसके विपरीत भारत 1947 में औपनिवेशिक शासन से बाहर आया था और देश के सामने गरीबी, कम औद्योगिक उत्पादन, सीमित बिजली व्यवस्था, कमजोर स्वास्थ्य सुविधाएं और कम साक्षरता जैसी बड़ी चुनौतियां थीं। प्रति व्यक्ति आय में भी था बड़ा अंतर भारत और अमेरिका के बीच अंतर केवल कुल अर्थव्यवस्था का नहीं था। प्रति व्यक्ति आय और उत्पादकता के मामले में भी अमेरिका भारत से काफी आगे था। इसलिए दोनों देशों को 1947 में आर्थिक रूप से बराबर बताना ऐतिहासिक आंकड़ों का सरलीकरण माना जाएगा। रुपये और डॉलर की बराबरी का दावा भी विवादित सोशल मीडिया पर अक्सर यह दावा किया जाता है कि 1947 में एक रुपया और एक डॉलर बराबर थे। लेकिन ऐतिहासिक विनिमय दर से जुड़े उपलब्ध आंकड़े बताते हैं कि ऐसा सीधा 1:1 संबंध स्थापित नहीं किया जा सकता। उस समय भारतीय रुपया ब्रिटिश पाउंड से जुड़ी मौद्रिक व्यवस्था के तहत चलता था। फिर भारत पीछे क्यों दिखाई दिया? आजादी के बाद भारत ने नियोजित अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक क्षेत्र और आयात नियंत्रण आधारित मॉडल अपनाया। इस मॉडल के समर्थकों का कहना है कि इससे औद्योगिक आधार और सार्वजनिक संस्थान खड़े करने में मदद मिली, जबकि आलोचकों का तर्क है कि लाइसेंस-परमिट व्यवस्था, सीमित प्रतिस्पर्धा और धीमे सुधारों ने कई दशकों तक आर्थिक वृद्धि को सीमित किया। 1991 के बाद बदली आर्थिक दिशा 1991 के आर्थिक सुधारों के बाद भारत ने उदारीकरण, निजी निवेश और वैश्विक व्यापार के लिए अर्थव्यवस्था को ज्यादा खोला। इसके बाद सेवा क्षेत्र, IT, विनिर्माण, विदेशी निवेश और निर्यात में तेजी आई और भारत दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ। सवाल तुलना का नहीं, विकास की गति का विशेषज्ञों के अनुसार असली सवाल यह नहीं है कि भारत 1947 में अमेरिका के बराबर था या नहीं, बल्कि यह है कि अलग-अलग दशकों में भारत की विकास दर, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और उत्पादकता कैसे बदली। भारत ने स्वतंत्रता के बाद बुनियादी ढांचे, कृषि, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सेवा क्षेत्र में बड़ी प्रगति की है, लेकिन प्रति व्यक्ति आय और मानव विकास के कई संकेतकों में अभी भी विकसित अर्थव्यवस्थाओं से अंतर बना हुआ है। ऐतिहासिक तुलना में संदर्भ जरूरी 1947 के भारत की तुलना आज के भारत या तत्कालीन अमेरिका से करते समय जनसंख्या, युद्धोत्तर आर्थिक संरचना, औपनिवेशिक विरासत और अलग-अलग विकास मॉडल को ध्यान में रखना जरूरी है। बिना इन संदर्भों के “भारत अमेरिका के बराबर था” जैसा दावा अधूरा और भ्रामक तस्वीर पेश कर सकता है। source – भारत सरकार के संसदीय रिकॉर्ड / ऐतिहासिक आर्थिक आंकड़े / World Bank संदर्भ जय राष्ट्र न्यूज़

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जम्मू-कश्मीर के बडगाम में मुठभेड़, सेना के अनुसार शीर्ष लश्कर कमांडर Hashim Musa मारा गया

श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में लश्कर-ए-तैयबा का वरिष्ठ कमांडर मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा मारा गया। भारतीय सेना के अनुसार यह ऑपरेशन खांसाहिब-यूसमर्ग क्षेत्र में चलाया गया और मुठभेड़ के बाद उसका शव हथियारों तथा अन्य सामग्री के साथ बरामद किया गया। सुरक्षा एजेंसियां उसे जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों में हुए कई बड़े आतंकी हमलों से जोड़ती रही हैं। खांसाहिब इलाके में हुआ एनकाउंटर सेना के अनुसार विशेष खुफिया जानकारी मिलने के बाद बडगाम के ऊंचाई वाले इलाके में संयुक्त अभियान शुरू किया गया। ऑपरेशन के दौरान आतंकियों की ओर से गोलीबारी हुई, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में हाशिम मूसा मारा गया और इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। कौन था हाशिम मूसा? हाशिम मूसा का वास्तविक नाम मोहम्मद आसिफ बताया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार वह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा एक वरिष्ठ पाकिस्तानी आतंकी था। कुछ आधिकारिक सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वह पाकिस्तान की Special Services Group यानी SSG में रह चुका था। इन दावों की स्वतंत्र सार्वजनिक पुष्टि सीमित है, लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसे अत्यधिक प्रशिक्षित आतंकी बताया है। कई आतंकी हमलों से जोड़ती रही हैं एजेंसियां भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार हाशिम मूसा उस चार सदस्यीय लश्कर समूह का हिस्सा था जो 2022 के बाद जम्मू-कश्मीर में कई बड़े हमलों में कथित तौर पर शामिल रहा। इस समूह को कुलगाम के हलान, पुंछ के देहरा की गली, रियासी में शिव खोरी तीर्थयात्रियों की बस पर हमले, गगनगीर और अन्य घटनाओं से जोड़ा गया है। पहलगाम हमले से भी जुड़ा था नाम सुरक्षा एजेंसियों ने मूसा का नाम 2025 के पहलगाम आतंकी हमले की जांच में भी संदिग्ध के तौर पर जोड़ा था। उस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। रिपोर्टों के अनुसार मूसा, सुलेमान शाह का करीबी सहयोगी था, जिसे एजेंसियां पहलगाम हमले की साजिश से जोड़ती रही हैं। चार सदस्यीय समूह का आखिरी सक्रिय सदस्य था सेना के अनुसार हाशिम मूसा उस चार सदस्यीय LeT समूह का आखिरी सक्रिय सदस्य था। इस समूह के अन्य सदस्य जुनैद भट, सुलेमान शाह और यासिर अलग-अलग सुरक्षा अभियानों में पहले ही मारे जा चुके थे। सेना का कहना है कि मूसा के मारे जाने के बाद यह पूरा समूह निष्क्रिय हो गया है। Operation Sheruwali के तहत महीनों से चल रही थी तलाश रिपोर्टों के अनुसार सुरक्षा बल मई 2026 से हाशिम मूसा की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। इसी लंबे intelligence-led अभियान को Operation Sheruwali नाम दिया गया था। तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर उसकी गतिविधियों को ट्रैक किया गया और अंततः बडगाम में ऑपरेशन चलाया गया। घटनास्थल से हथियार और सैन्य सामग्री बरामद मुठभेड़ के बाद सेना ने मूसा का शव बरामद किया। साथ ही घटनास्थल से हथियार और ऐसी सामग्री भी मिली जिसे सेना ने “war-like stores” बताया है। इसके बाद आसपास के जंगल और ऊंचाई वाले इलाकों में तलाशी अभियान जारी रखा गया। सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी कार्रवाई भारतीय सेना का कहना है कि हाशिम मूसा के मारे जाने से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। हालांकि उसके खिलाफ लगाए गए विभिन्न आतंकी मामलों और भूमिकाओं से जुड़े आरोप सुरक्षा एजेंसियों के दावों पर आधारित हैं। संबंधित मामलों में अंतिम कानूनी निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर निर्भर करते हैं। source – Indian Army / The Indian Express / Hindustan Times / The Times of India / NDTV जय राष्ट्र न्यूज़

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Asian Games 2026: आज India-Pakistan Hockey semifinal, India-Sri Lanka Cricket semifinal समेत कई medal events

आइची-नागोया: Asian Games 2026 में आज 1 अक्टूबर को भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेहद अहम दिन है। पुरुष हॉकी में भारत का सामना पाकिस्तान से सेमीफाइनल में होगा, जबकि पुरुष क्रिकेट टीम श्रीलंका के खिलाफ फाइनल में जगह बनाने उतरेगी। इसके अलावा archery, squash, shooting, wrestling, cycling और अन्य कई खेलों में भारतीय खिलाड़ी medal events में हिस्सा ले रहे हैं। India-Pakistan Hockey semifinal पर सभी की नजर पुरुष हॉकी का सबसे बड़ा मुकाबला आज भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाएगा। दोनों टीमें सेमीफाइनल में आमने-सामने होंगी और जीतने वाली टीम सीधे gold medal match में जगह बनाएगी। भारत-पाकिस्तान मुकाबलों की पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता के कारण इस मैच को Asian Games के सबसे चर्चित मुकाबलों में से एक माना जा रहा है। दोपहर 1 बजे होगा हॉकी मुकाबला भारत और पाकिस्तान के बीच पुरुष हॉकी सेमीफाइनल भारतीय समयानुसार करीब 1 बजे खेला जाना निर्धारित है। भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में मजबूत प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल तक का सफर तय किया है और अब उसकी नजर फाइनल में जगह बनाने पर होगी। India-Sri Lanka Cricket semifinal भी आज पुरुष क्रिकेट में भारत का मुकाबला श्रीलंका से सेमीफाइनल में हो रहा है। यह मुकाबला Korogi Sports Park, Nisshin में खेला जा रहा है। मैच भारतीय समयानुसार सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ। भारतीय टीम के लिए यह मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि जीत के साथ टीम gold medal match में पहुंच जाएगी। बारिश बनी थी क्रिकेट टूर्नामेंट की बड़ी समस्या Asian Games क्रिकेट में पिछले कई मुकाबले बारिश के कारण प्रभावित हुए हैं। लगातार बारिश के चलते कई मैच बिना एक भी गेंद फेंके रद्द हो गए थे। भारत का क्वार्टरफाइनल भी बारिश से प्रभावित हुआ था और higher seeding के आधार पर भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंची। हालांकि 1 अक्टूबर के लिए मौसम बेहतर रहने की उम्मीद जताई गई है। भारत ने श्रीलंका के सामने रखा मजबूत स्कोर श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 169 रन बनाए। भारतीय पारी में इशान किशन ने सबसे ज्यादा 80 रन बनाए, जबकि वैभव सूर्यवंशी ने 38 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। गेंदबाजी में भारत की मजबूत शुरुआत 169 रन का बचाव करने उतरी भारतीय टीम ने श्रीलंका को शुरुआती झटके दिए। भारतीय गेंदबाजों ने पावरप्ले में दबाव बनाया और श्रीलंका के कई बल्लेबाज बिना बड़ा स्कोर बनाए आउट हुए। मैच का नतीजा भारत की फाइनल में जगह तय करेगा। Squash में भी भारत के दो semifinal भारतीय महिला squash टीम का सेमीफाइनल Hong Kong के खिलाफ खेला जा रहा है। वहीं पुरुष टीम का सामना Malaysia से होगा। दोनों टीमों के पास फाइनल में पहुंचकर भारत के लिए कम से कम silver medal सुनिश्चित करने का मौका है। Archery में फिर पदक की उम्मीद Compound Archery में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। महिला individual event में Taniparthi Chikitha और पुरुष event में Thirumuru Ganesh Maniratnam भारत की ओर से मैदान में हैं। दोनों के मुकाबलों में quarterfinal, semifinal और medal matches आज निर्धारित हैं। Shooting में Anish पर नजर 25m Rapid Fire Pistol men’s event में भारतीय shooter Anish qualification में हिस्सा ले रहे हैं। Qualification पार करने पर वह final में उतर सकते हैं और भारत के medal tally में एक और पदक जोड़ने का मौका होगा। India-Pakistan Volleyball मुकाबला भी आज भारत और पाकिस्तान सिर्फ हॉकी में ही नहीं बल्कि men’s volleyball में भी आमने-सामने हैं। दोनों टीमों के बीच quarterfinal मुकाबला सुबह निर्धारित था। इस मैच में जीतने वाली टीम semifinal में प्रवेश करेगी। Cycling और Sailing में भी भारतीय खिलाड़ी मैदान में Track Cycling में Harshveer Singh Sekhon men’s Omnium में हिस्सा ले रहे हैं। महिला sprint में Keerthi Rangaswamy Chikka और Celestina भारतीय चुनौती पेश कर रही हैं। Sailing में भी Vishnu Saravanan, Nethra Kumanan और अन्य भारतीय खिलाड़ी qualification races में भाग ले रहे हैं। भारत के नाम अब तक 60 पदक Day 13 की शुरुआत तक भारत के खाते में कुल 60 पदक थे। इनमें 10 gold, 21 silver और 29 bronze medals शामिल हैं। भारत medal tally में आठवें स्थान पर था। एक दिन पहले भारत ने जीते थे चार gold 30 सितंबर को भारत के लिए दिन शानदार रहा था। Compound Archery में men’s, women’s और mixed team events में भारत ने gold medals जीते, जबकि mixed trap shooting में Neeru Dhanda और Kynan Chenai की जोड़ी ने भी gold अपने नाम किया। आज बढ़ सकती है भारत की medal tally 1 अक्टूबर को कई medal events और semifinals होने के कारण भारत की कुल पदक संख्या बढ़ सकती है। Hockey, cricket, archery, squash, shooting, wrestling और cycling जैसे खेलों में भारतीय खिलाड़ी मैदान में हैं। सबसे ज्यादा नजर India-Pakistan Hockey semifinal और India-Sri Lanka Cricket semifinal पर बनी हुई है। source – Olympics.com / The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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