प्रमुख खबरें

जय राष्ट्र न्यूज

Modi-Pezeshkian मुलाकात पर Marco Rubio की चेतावनी; बोले—कोई देश Iran को US Sanctions से बचाने में मदद न करे

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने Iran के साथ आर्थिक संबंध रखने वाले देशों को चेतावनी देते हुए कहा है कि किसी भी देश को Tehran को अमेरिकी sanctions से बचने या revenue जुटाने के वैकल्पिक रास्ते तैयार करने में मदद नहीं करनी चाहिए। Rubio का यह बयान प्रधानमंत्री Narendra Modi और Iranian President Masoud Pezeshkian की Bishkek में हुई मुलाकात के बाद आया है। India-Iran Trade Deal की बात से Rubio का इनकार Fox News Radio के The Brian Kilmeade Show में Modi-Pezeshkian meeting के बारे में पूछे जाने पर Rubio ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि India और Iran किसी नए trade deal पर बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी माना कि sovereign countries अपनी foreign policy तय करने और Iran समेत दूसरे देशों से diplomatic relations रखने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि Washington की आपत्ति ऐसी आर्थिक व्यवस्था से है जो Tehran को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद करे। ‘Sanctions Bypass कराया तो कार्रवाई होगी’ Rubio ने कहा कि कोई देश Iran के लिए ऐसे mechanisms तैयार न करे जिनसे Tehran revenue generate कर सके। उनका दावा है कि Iran ऐसी आय का इस्तेमाल terrorism को support करने या nuclear weapons विकसित करने की कोशिश में कर सकता है। Rubio ने चेतावनी दी कि अगर कोई देश अमेरिकी sanctions को evade कराने में मदद करता है, तो Washington उस देश या संबंधित entities पर भी sanctions लगा सकता है। यह अमेरिकी सरकार का आरोप और policy position है। Iran अपने nuclear programme को लेकर अमेरिकी आरोपों और sanctions policy का लंबे समय से विरोध करता रहा है। Modi-Pezeshkian Meeting में Trade बढ़ाने पर हुई थी बात Prime Minister Narendra Modi ने 31 अगस्त को SCO Summit के sidelines पर Bishkek में President Masoud Pezeshkian से मुलाकात की थी। PMO के official readout के मुताबिक दोनों नेताओं ने India-Iran संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। Modi ने कहा कि India आने वाले समय में Iran के साथ अपने trade basket को expand और diversify करना चाहता है। दोनों नेताओं ने West Asia की स्थिति, regional stability और commercial shipping की सुरक्षा पर भी विचार साझा किए। India ने दोहराया Dialogue और Diplomacy का रुख बैठक में PM Modi ने West Asia में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई और कहा कि disputes का समाधान dialogue और diplomacy से होना चाहिए। उन्होंने freedom of navigation और commerce की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि civilians, civilian infrastructure, commercial shipping और seafarers को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। India ने BRICS और SCO समेत multilateral platforms पर Iran के साथ cooperation जारी रखने की इच्छा भी जताई है। Iran पर Economic Pressure बढ़ा रहा US Rubio की टिप्पणी ऐसे समय आई है जब Trump administration Iran पर economic pressure और sanctions enforcement बढ़ा रहा है। Reuters के मुताबिक हाल के महीनों में Iranian oil exports और broader economy पर अमेरिकी restrictions का दबाव बढ़ा है। Washington दूसरे देशों और कंपनियों को भी Iran के साथ ऐसी transactions से दूर रहने के लिए कह रहा है जो sanctions के दायरे में आ सकती हैं। India को सीधे Sanction करने की घोषणा नहीं Rubio के बयान को India पर नए sanctions की घोषणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने India-Iran meeting पर सवाल का जवाब देते हुए broadly कहा कि कोई भी देश Iran को sanctions evade करने में मदद न करे। फिलहाल इस बयान के आधार पर India के खिलाफ किसी नई अमेरिकी punitive action की घोषणा नहीं हुई है। इसलिए सबसे accurate headline होगी: Modi-Pezeshkian मुलाकात पर Marco Rubio की चेतावनी; बोले—कोई देश Iran को US Sanctions से बचाने में मदद न करे स्रोत – US Secretary of State Marco Rubio Interview, PMO India, Business Today, Moneycontrol, Reuters जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

Jaishankar का Ukraine-Poland दौरा शुरू; Poland पहुंचे विदेश मंत्री, Kyiv में युद्ध और शांति प्रयासों पर होगी अहम चर्चा

नई दिल्ली/वारसॉ: विदेश मंत्री S. Jaishankar का तीन दिवसीय Ukraine-Poland दौरा शुरू हो गया है। Jaishankar बुधवार रात Poland पहुंच गए, जबकि उनकी आधिकारिक यात्रा 3 से 5 सितंबर 2026 तक निर्धारित है। इस दौरान वह Poland और Ukraine के विदेश मंत्रियों के साथ bilateral talks करेंगे और Europe में तेजी से बदलते security situation पर चर्चा करेंगे। Ukraine के Foreign Minister से होगी बातचीत विदेश मंत्रालय के मुताबिक Jaishankar, Ukraine के Foreign Minister Andrii Sybiha के साथ bilateral consultations करेंगे। दोनों पक्ष India-Ukraine relations, regional developments और mutual interest के मुद्दों पर विचार-विमर्श करेंगे। यह Jaishankar की Ukraine की पहली standalone visit होगी। इससे पहले वह अगस्त 2024 में प्रधानमंत्री Narendra Modi के delegation के साथ Ukraine गए थे। Russia-Ukraine War के बीच दौरा अहम Jaishankar की Ukraine यात्रा ऐसे समय हो रही है जब Russia-Ukraine war जारी है और India लगातार dialogue और diplomacy के जरिए समाधान की वकालत करता रहा है। यह दौरा PM Modi और Russian President Vladimir Putin की 31 अगस्त को Bishkek में हुई मुलाकात के कुछ ही दिनों बाद हो रहा है। Putin 12–13 सितंबर को India में होने वाले BRICS Summit के लिए भी आने वाले हैं। Indian Nationals की सुरक्षा भी बड़ा मुद्दा Ukraine में हालिया Russian attacks के दौरान एक भारतीय नागरिक की मौत की जानकारी सामने आने के बाद वहां मौजूद Indian nationals की सुरक्षा भी New Delhi के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। India पहले भी Russia और Ukraine दोनों के सामने अपने नागरिकों और Indian seafarers की सुरक्षा का मुद्दा उठा चुका है। Poland के साथ भी होंगे High-Level Talks Poland में Jaishankar वहां के Deputy Prime Minister और Foreign Minister Radosław Sikorski के साथ बातचीत करेंगे। MEA के मुताबिक talks का focus bilateral relations को मजबूत करने के साथ regional developments पर रहेगा। India और Poland trade, defence, technology और strategic cooperation को आगे बढ़ाने पर भी काम कर रहे हैं। Europe में India की Diplomatic Balancing Jaishankar का यह दौरा India की उस foreign-policy approach को भी दिखाता है जिसमें New Delhi Russia के साथ अपने पुराने strategic relations बनाए रखते हुए Ukraine और European countries के साथ engagement बढ़ा रहा है। Indian Express के मुताबिक Poland visit को Eastern Europe के साथ India के diplomatic outreach और EU के साथ बढ़ते engagement के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिलहाल Jaishankar का official visit 5 सितंबर तक चलेगा। Ukraine और Poland में होने वाली बातचीत पर खास नजर रहेगी, क्योंकि यह दौरा Russia-Ukraine conflict और Europe के बदलते geopolitical माहौल के बीच हो रहा है। स्रोत – Ministry of External Affairs (MEA), The Indian Express, Hindustan Times, DD India जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

‘Rich Dad Poor Dad’ के लेखक Robert Kiyosaki पर ₹10,000 करोड़ से ज्यादा का कर्ज! लेकिन असली कहानी कुछ और है

नई दिल्ली: दुनिया की सबसे चर्चित personal finance books में शामिल ‘Rich Dad Poor Dad’ के लेखक Robert Kiyosaki एक बार फिर अपनी संपत्ति से ज्यादा अपने कर्ज को लेकर सुर्खियों में हैं। Kiyosaki का कहना है कि उन पर करीब $1.2 billion यानी मोटे तौर पर ₹10,000 करोड़ से ज्यादा का debt है। लेकिन इस आंकड़े का मतलब यह नहीं है कि वह व्यक्तिगत रूप से इतने कर्ज में डूबे हैं या bankruptcy के कगार पर हैं। ताजा reports में सामने आया है कि इस रकम का बड़ा हिस्सा partners के साथ किए गए real-estate investments से जुड़ा debt है। पूरा $1.2 Billion व्यक्तिगत कर्ज नहीं Kiyosaki की पूर्व पत्नी और longtime business partner Kim Kiyosaki ने Vanity Fair को बताया कि $1.2 billion का आंकड़ा अक्सर गलत तरीके से समझा जाता है। उनके मुताबिक यह पूरा कर्ज Robert Kiyosaki ने अकेले नहीं लिया है। यह real-estate investors के एक group का combined debt है, जो partners के साथ करीब 1,500 apartment units से जुड़ा है। Vanity Fair ने उपलब्ध income और investment structure के आधार पर अनुमान लगाया कि Kiyosaki की व्यक्तिगत हिस्सेदारी करीब $30 million से $60 million हो सकती है। यह अनुमान है, कोई publicly disclosed audited personal-debt figure नहीं। कर्ज को ‘Good Debt’ मानते हैं Kiyosaki Kiyosaki लंबे समय से debt को दो हिस्सों—good debt और bad debt—में बांटकर देखते हैं। उनकी philosophy के मुताबिक credit card या ऐसी चीजों के लिए लिया गया कर्ज जो income generate नहीं करतीं, bad debt हो सकता है। वहीं loan लेकर rental property या दूसरा cash-flow generating asset खरीदना उनके लिए good debt है। इसी strategy के तहत वह borrowed money का इस्तेमाल real estate खरीदने और portfolio expand करने में करते रहे हैं। Property की Equity पर लेते हैं नया Loan Vanity Fair की report के मुताबिक Kiyosaki की strategy में property की value बढ़ने पर उसकी equity के against दोबारा borrowing करना भी शामिल है। उनके कई investments अलग-अलग LLC structures में रखे गए हैं। इसका उद्देश्य अलग projects के financial और legal risks को एक-दूसरे से अलग रखना है। यही वजह है कि headline में दिखाई देने वाला billion-dollar debt किसी सामान्य व्यक्ति के personal loan या credit-card debt जैसा नहीं है। क्या इसका मतलब Kiyosaki Financial Crisis में हैं? फिलहाल उपलब्ध reporting से ऐसा साबित नहीं होता कि Robert Kiyosaki अपने debts repay करने में असमर्थ हैं या personally bankrupt हैं। उनकी debt strategy real-estate assets और उनके cash flow पर निर्भर करती है। हालांकि leverage का risk भी बड़ा होता है—property prices गिरने, rental income कम होने या borrowing cost बढ़ने पर वही debt financial pressure बढ़ा सकता है। Kiyosaki खुद भी लोगों को उनकी strategy blindly copy न करने की चेतावनी दे चुके हैं। फिर अभी क्यों Viral हुई ₹10,000 करोड़ की कहानी? $1.2 billion debt का दावा पूरी तरह नया नहीं है। Kiyosaki पहले भी सार्वजनिक रूप से अपने बड़े debt figure का जिक्र कर चुके हैं। 26 अगस्त 2026 को Vanity Fair की विस्तृत profile के बाद यह आंकड़ा फिर चर्चा में आया और 2-3 सितंबर को कई international और Indian publications ने इसे नए सिरे से report किया। इसलिए सबसे accurate headline यही होगी: ‘Rich Dad Poor Dad’ के लेखक Robert Kiyosaki पर ₹10,000 करोड़ से ज्यादा का कर्ज! लेकिन पूरा Debt उनका नहीं, Real Estate Strategy के पीछे छिपी असली कहानी स्रोत – Vanity Fair, People, The Indian Express, The Economic Times, Rich Dad जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

एक पैर के सहारे स्कूल पहुंचती 7 साल की रागिनी; 400 मीटर का मुश्किल सफर, डॉक्टर बनने का सपना बरकरार

बलिया: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की सात वर्षीय रागिनी की पढ़ाई के प्रति जिद और हौसले ने लोगों का ध्यान खींचा है। बचपन में हुए एक हादसे के बाद उसका एक पैर गंभीर रूप से प्रभावित हो गया था। इसके बावजूद वह रोज करीब 400 मीटर दूर प्राथमिक विद्यालय तक एक पैर के सहारे कूदते हुए पहुंचती रही। उसकी मुश्किल यात्रा का वीडियो वायरल होने के बाद अब जिला प्रशासन मदद के लिए आगे आया है। छह महीने की उम्र में हुआ था हादसा रागिनी बलिया के मनियर ब्लॉक के रानीपुर-दिघेड़ा क्षेत्र की रहने वाली है और प्राथमिक विद्यालय दिघेड़ा में कक्षा एक की छात्रा है। उसकी मां बबीता देवी के मुताबिक, जब रागिनी करीब छह महीने की थी तब एक सड़क दुर्घटना में उसके एक पैर को गंभीर चोट लगी। परिवार ने इलाज कराया, लेकिन आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण लंबे समय तक बेहतर medical treatment नहीं मिल सका। एक पैर से तय करती थी 400 मीटर का रास्ता घर से स्कूल की दूरी करीब 400 मीटर है। सामान्य बच्चे इसे कुछ मिनटों में तय कर लेते हैं, लेकिन रागिनी के लिए यही रास्ता रोज बड़ी चुनौती बन जाता था। कभी परिवार का कोई सदस्य उसे स्कूल छोड़ देता था, जबकि कई बार वह खुद एक पैर के सहारे कूदते हुए स्कूल तक पहुंचती थी। रास्ते में थकने पर उसे कई बार रुककर बैठना भी पड़ता था। इसके बावजूद उसने स्कूल जाना नहीं छोड़ा। ‘मुझे भी पढ़ना है’ परिवार के मुताबिक मोहल्ले के दूसरे बच्चों को स्कूल जाते देखकर रागिनी भी पढ़ने की जिद करती थी। रागिनी ने जिला प्रशासन से एक ट्राईसाइकिल दिलाने की अपील की थी, ताकि वह रोज स्कूल आसानी से पहुंच सके। उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने उसकी मदद की मांग उठाई। DM खुद पहुंचे रागिनी के घर मामला सामने आने के बाद बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने संज्ञान लिया और रागिनी से मिलने उसके गांव पहुंचे। खराब रास्ते के कारण DM को करीब एक किलोमीटर पैदल चलकर उसके घर तक पहुंचना पड़ा। प्रशासन ने रागिनी को ट्राईसाइकिल, किताबें, स्कूल बैग, खिलौने और दूसरी जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई। इसके साथ अधिकारियों को उसके इलाज और आगे की पढ़ाई में सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। अब कृत्रिम पैर लगाने की तैयारी 3 सितंबर की latest reporting के मुताबिक रागिनी के लिए कृत्रिम पैर की व्यवस्था की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। AAP से जुड़े लोगों ने भी परिवार को wheelchair, crutches और financial assistance देने की पहल की है। रागिनी की कहानी सामने आने के बाद सरकारी और सामाजिक दोनों स्तरों से मदद पहुंचने लगी है। डॉक्टर बनना चाहती है रागिनी जब DM ने रागिनी से पूछा कि उसे और क्या चाहिए, तो उसने बताया कि अब वह पढ़कर डॉक्टर बनना चाहती है। मुश्किल हालात और रोज के संघर्ष के बावजूद सात साल की रागिनी का पढ़ाई न छोड़ना उसकी कहानी का सबसे मजबूत पहलू बन गया है। प्रशासन की मदद के बाद अब उसके स्कूल आने-जाने और medical treatment दोनों में सुधार की उम्मीद है। आज रागिनी की कहानी केवल एक बच्चे के संघर्ष की नहीं, बल्कि इस सवाल की भी है कि दिव्यांग बच्चों को शिक्षा तक पहुंचने के लिए basic accessibility और support समय पर क्यों नहीं मिल पाता। स्रोत – बलिया जिला प्रशासन, NDTV India, India Today, Amar Ujala, Navbharat Times जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

नेपाल बाढ़ के बाद अपनों की तलाश जारी; 4,200 से ज्यादा लापता, आठ दिन बाद टूटने लगी परिवारों की उम्मीद

काठमांडू: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के आठ दिन बाद भी हजारों परिवार अपने लापता परिजनों की तलाश कर रहे हैं। Hospitals, morgues, rescue camps और प्रभावित इलाकों में लगातार खोज के बावजूद कई लोगों का कोई सुराग नहीं मिला है। 3 सितंबर तक कम से कम 1,204 लोगों की मौत और 4,200 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी है। समय बीतने के साथ जीवित लोगों के मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ रही है। कई परिवार अब अपने लापता परिजनों के शव तक न मिलने पर कुश से प्रतीकात्मक पुतले बनाकर अंतिम संस्कार करने को मजबूर हो रहे हैं। आठ दिन बाद भी हजारों का सुराग नहीं Rasuwa, Nuwakot और Trishuli नदी के आसपास के इलाकों में floodwaters ने पूरे के पूरे settlements को तबाह कर दिया था। कई परिवारों के एक से अधिक सदस्य अब भी missing हैं। Kathmandu Post के मुताबिक केवल Bidur Municipality-7 के Sole इलाके में करीब 100 लोगों के लापता होने की बात स्थानीय पीड़ितों ने कही है। कई परिवार hospitals और police records में तस्वीरें देखकर अपने रिश्तेदारों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। शव न मिलने पर प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार लंबे इंतजार के बाद कुछ परिवारों ने अपने लापता परिजनों के जीवित मिलने की उम्मीद छोड़नी शुरू कर दी है। Kathmandu के Pashupati Aryaghat में बुधवार को कई परिवारों ने कुश घास से बने प्रतीकात्मक शरीर का अंतिम संस्कार किया। Nuwakot के Nirajan Poudel ने बाढ़ में अपने माता-पिता सहित परिवार के पांच सदस्यों को खो दिया। कोई शव नहीं मिलने के बाद परिवार ने सभी के symbolic funeral rites किए। DNA Samples से पहचान की कोशिश Disaster के बाद बड़ी संख्या में मिले शवों की पहचान भी authorities के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई bodies की हालत ऐसी है कि visual identification संभव नहीं है। Authorities परिवारों से DNA samples लेने और recovered bodies के records तैयार करने का काम कर रही हैं। कुछ unidentified bodies को temporary graves में रखा गया है, ताकि बाद में DNA matching के जरिए उनकी पहचान की जा सके। Hydropower Tunnels में अब भी उम्मीद आम search areas में survivors मिलने की उम्मीद कम हुई है, लेकिन hydropower projects के tunnels में rescue operation अभी भी जारी है। Reuters के मुताबिक सैकड़ों workers अब भी missing हैं और rescuers को उम्मीद है कि कुछ लोग tunnel के ऐसे हिस्सों में हो सकते हैं जहां हवा, पानी या emergency supplies उपलब्ध हों। Rasuwagadhi project में 46 workers के एक सुरक्षित chamber में जीवित होने की संभावना अधिकारियों ने जताई है। India, China और दूसरे देशों की technical teams भी Nepal के rescue operations में सहायता कर रही हैं। घर भी गए, अपनों का भी पता नहीं बाढ़ में 7,000 से ज्यादा घर बह गए या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई survivors Kathmandu पहुंच तो गए हैं, लेकिन उनके पास न रहने की स्थायी जगह है और न ही मृत या लापता परिजनों के mourning rituals करने के लिए पर्याप्त स्थान। Kathmandu के कई Kiriyaputri Bhawan पूरी तरह भर चुके हैं। कुछ जगह अतिरिक्त tents लगाकर पीड़ित परिवारों के लिए व्यवस्था करनी पड़ी है। Rescue से Rehabilitation की ओर बढ़ रहा Nepal एक सप्ताह से ज्यादा समय बीतने के बाद Nepal government का focus धीरे-धीरे rescue के साथ relief, rehabilitation और reconstruction की तरफ बढ़ रहा है। हालांकि missing लोगों की तलाश बंद नहीं की गई है। Roads, bridges, power projects और communication infrastructure को हुए भारी नुकसान के बीच प्रभावित परिवारों को shelter, food और basic services उपलब्ध कराना अब बड़ी चुनौती है। 3 सितंबर तक सबसे दर्दनाक तस्वीर उन परिवारों की है जो अब भी किसी phone call, photograph, DNA match या rescue-team update का इंतजार कर रहे हैं। वहीं कई परिवार आठ दिनों की तलाश के बाद अपने लापता रिश्तेदारों का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करने लगे हैं। स्रोत – Nepal Disaster Authorities, Associated Press, Reuters, The Kathmandu Post जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

पंचकूला में ICL के PCB प्लांट में भीषण आग; केमिकल ड्रम में धमाकों से मची अफरा-तफरी, दो प्लांट बुरी तरह प्रभावित

पंचकूला: हरियाणा के पंचकूला जिले के बरवाला स्थित अलीपुर इंडस्ट्रियल एरिया में India Circuits Private Limited (ICL) के PCB manufacturing plant में बुधवार को भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने कंपनी के प्लॉट नंबर 1 और 2 को अपनी चपेट में ले लिया। आग के दौरान chemical drums में धमाके होने की भी सूचना है, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और आसमान में घना काला धुआं फैल गया। ICL यानी India Circuits Private Limited Printed Circuit Boards (PCB) के manufacturing business से जुड़ी कंपनी है और Barwala में उसके manufacturing plants स्थित हैं। कर्मचारियों को समय रहते निकाला गया आग लगते ही factory premises को खाली कराया गया। उपलब्ध reports के मुताबिक कर्मचारियों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी जनहानि की सूचना नहीं है। तेजी से फैलती आग के बीच सबसे बड़ी प्राथमिकता workers की evacuation और आग को आसपास की industrial units तक पहुंचने से रोकना थी। करीब चार घंटे चला Firefighting Operation आग की गंभीरता को देखते हुए Panchkula के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी fire tenders बुलाए गए। Amar Ujala की latest report के मुताबिक करीब 20 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लगभग चार घंटे तक आग बुझाने का अभियान चला। दूसरी शुरुआती reports में करीब 15 fire tenders का उल्लेख किया गया था। दमकल टीमों ने लंबे operation के बाद आग को नियंत्रित किया और उसे आसपास की factories तक फैलने से रोक लिया। Chemical Drums में धमाकों से बढ़ी मुश्किल Factory में electronic material के साथ chemicals और plastic-related material मौजूद होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप लिया। आग के दौरान chemical drums में explosions की खबर भी सामने आई, जिससे firefighters के लिए operation और चुनौतीपूर्ण हो गया। आग की लपटें और धुएं का गुबार दूर तक दिखाई दिया, जिसके बाद police और administrative officials भी मौके पर पहुंचे। करोड़ों के नुकसान की आशंका आग में दोनों plants की machinery, raw material और तैयार सामान को भारी नुकसान पहुंचा है। शुरुआती reports में नुकसान करोड़ों रुपये का होने की आशंका जताई गई है। हालांकि total financial loss का official assessment अभी पूरा नहीं हुआ है। आग बुझने के बाद machinery और stock की विस्तृत जांच के आधार पर वास्तविक नुकसान तय किया जाएगा। Short Circuit की आशंका, कारण की जांच जारी कुछ शुरुआती reports में short circuit को आग की संभावित वजह बताया गया है, लेकिन authorities ने अभी final cause confirm नहीं किया है। Fire Department और संबंधित agencies घटना की जांच कर रही हैं। Chemical material की मौजूदगी, electrical systems और factory safety arrangements समेत विभिन्न पहलुओं की जांच के बाद ही आग लगने का वास्तविक कारण स्पष्ट होगा। फिलहाल सबसे राहत की बात यह है कि इतने बड़े अग्निकांड के बावजूद employees को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और आसपास की अन्य industrial units तक आग फैलने से रोक दी गई। स्रोत – Fire Department Panchkula, Amar Ujala, स्थानीय प्रशासन, India Circuits Private Limited जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

पलवल में KMP एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा; खड़े ट्रक से टकराई श्रद्धालुओं की पिकअप, 6 की मौत

पलवल: हरियाणा के पलवल जिले में Kundli-Manesar-Palwal (KMP) Expressway पर हुए भीषण सड़क हादसे में उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 14 लोग घायल हो गए। श्रद्धालुओं से भरी पिकअप सड़क किनारे खड़े एक ट्रक से जा टकराई। हादसा 1 सितंबर की सुबह करीब 5:30 बजे Maheshpur/Yadavpur गांव के पास हुआ। राजस्थान से वृंदावन जा रहे थे श्रद्धालु पुलिस के मुताबिक श्रद्धालुओं का दल उत्तर प्रदेश के Mainpuri से धार्मिक यात्रा पर निकला था। राजस्थान में Khatu Shyam और Salasar Balaji समेत धार्मिक स्थलों के दर्शन के बाद समूह Vrindavan की ओर जा रहा था। इसी दौरान KMP Expressway पर उनकी पिकअप सामने खड़े ट्रक के पिछले हिस्से से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हादसे की टक्कर बेहद जोरदार थी। पिकअप का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और कई यात्री वाहन में फंस गए। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने पुलिस तथा emergency services को जानकारी दी। घायलों को बाहर निकालकर Palwal Civil Hospital पहुंचाया गया, जहां छह लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। छह मृतकों की हुई पहचान पुलिस ने मृतकों की पहचान Vijay Singh Yadav, Raj Kumar, Kamla Devi, Reshma Devi, Sudha Devi और Mahesh के रूप में की है। सभी Mainpuri, Uttar Pradesh से थे। घायल यात्रियों का Palwal और आसपास के hospitals में इलाज कराया गया। सड़क किनारे गलत तरीके से खड़ा था Truck Police investigation में सामने आया कि जिस truck से पिकअप टकराई, वह expressway के किनारे कथित रूप से गलत तरीके से खड़ा था। Palwal Sadar Police के SHO Hari Kishan के मुताबिक हादसे के तुरंत बाद truck driver वाहन लेकर मौके से भाग गया। Police उसकी तलाश और दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। Driver को नींद आने का भी शक पुलिस ने शुरुआती जांच में यह आशंका भी जताई है कि लंबी यात्रा के कारण pickup driver को झपकी आ गई हो, जिसके बाद वाहन stationary truck से जा टकराया। हालांकि दुर्घटना का final cause investigation पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। इसलिए parked truck की स्थिति और pickup driver की alertness—दोनों angles से जांच की जा रही है। हादसे ने फिर उठाए Expressway Safety पर सवाल High-speed expressway पर unauthorized तरीके से vehicles खड़े करना गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकता है। इस हादसे के बाद KMP Expressway पर roadside parking, night-time visibility और enforcement को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 3 सितंबर तक उपलब्ध विश्वसनीय reports में truck driver की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं मिली है और मामले की जांच जारी बताई गई है। इसलिए सबसे accurate headline होगी: पलवल में KMP एक्सप्रेसवे पर भीषण हादसा; खड़े ट्रक से टकराई श्रद्धालुओं की पिकअप, 6 की मौत और 14 घायल स्रोत – Palwal Police, Hindustan Times, Times of India, India Today जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

उज्जैन के श्मशान घाट में चिता से छेड़छाड़ का मामला; काली उर्फ नंद गिरी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित चक्रतीर्थ श्मशान घाट में जलती चिता के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ करने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने काली उर्फ नंद गिरी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को अघोरी और किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बताती है। पुलिस का आरोप है कि वीडियो में वह तलवार लेकर जलती चिता के पास जाती और वहां से निकाली गई वस्तु को खाते हुए दिखाई देती है। Viral Video के बाद दर्ज हुई शिकायत यह वीडियो कुछ दिनों से social media पर circulate हो रहा था। मामला सामने आने के बाद स्थानीय सेनापति काल भैरव समिति की ओर से जीवाजीगंज पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस के मुताबिक वीडियो चक्रतीर्थ श्मशान घाट में बनाया गया था और बाद में आरोपी के Instagram account से upload किया गया। चिता से कथित मानव अवशेष निकालने का आरोप Viral footage में आरोपी हाथ में तलवार लिए जलती चिता के करीब दिखाई देती है। आरोप है कि उसने चिता से कथित तौर पर मानव अवशेष निकाला और उसे खाया। हालांकि वीडियो में दिखाई देने वाली वस्तु वास्तव में मानव मांस ही थी, इसकी independent forensic confirmation सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं है। इसलिए इसे पुलिस शिकायत और आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। BNS और Arms Act के तहत कार्रवाई Ujjain की CSP Pushpa Prajapati के मुताबिक काली उर्फ नंद गिरी को Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 301 और Arms Act की धारा 25 के तहत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को Judicial Magistrate First Class की अदालत में पेश किया गया। Court ने भेजा Judicial Custody में स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक अदालत ने आरोपी को 15 दिनों की judicial custody में भेज दिया है। उसे Ujjain की Bhairavgarh Central Jail भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब viral video और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जांच कर रही है। संत समाज ने जताई नाराजगी वीडियो सामने आने के बाद Ujjain के कई संतों ने घटना की आलोचना की। Juna Akhara के Mahamandaleshwar Shaileshanand Giri ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों को अघोर साधना के नाम पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करना स्वीकार्य नहीं है। मामले में यह भी जांच का विषय है कि आरोपी का विभिन्न धार्मिक संस्थाओं या अखाड़ों से संबंध होने का दावा किस हद तक आधिकारिक है। फिलहाल आरोपी पुलिस कार्रवाई के बाद न्यायिक हिरासत में है और मामला अदालत तथा जांच प्रक्रिया के अधीन है। स्रोत – Ujjain Police, PTI, ThePrint, Dainik Awantika जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में MBBS-BDS इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल; ₹12,300 स्टाइपेंड बढ़ाकर ₹30,000 करने की मांग

श्रीनगर/जम्मू: जम्मू-कश्मीर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में MBBS और BDS इंटर्न डॉक्टरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। इंटर्न डॉक्टर मौजूदा ₹12,300 प्रतिमाह स्टाइपेंड को बढ़ाकर ₹30,000 करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि करीब सात वर्षों से स्टाइपेंड में कोई संशोधन नहीं हुआ, जबकि महंगाई और काम का बोझ लगातार बढ़ा है। हड़ताल 31 अगस्त 2026 से शुरू हुई थी। 2 सितंबर को आंदोलन तीसरे दिन में प्रवेश कर गया और जम्मू-कश्मीर के कई Government Medical Colleges तथा SKIMS से जुड़े इंटर्न इसमें शामिल रहे। मांग पूरी नहीं होने पर डॉक्टरों ने आगे भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी है। ₹400 प्रतिदिन के बराबर पड़ता है स्टाइपेंड प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि ₹12,300 प्रतिमाह का मौजूदा स्टाइपेंड लगभग ₹400 प्रतिदिन के बराबर बैठता है। इंटर्न डॉक्टरों के मुताबिक वे emergency departments, OPDs, wards, procedures, night duties और rural postings में नियमित जिम्मेदारियां निभाते हैं। कई बार लंबी और 24 घंटे से ज्यादा की shifts भी करनी पड़ती हैं। उनका कहना है कि इस workload के मुकाबले मौजूदा भुगतान बेहद कम है। सात साल से नहीं बढ़ा स्टाइपेंड प्रदर्शनकारियों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में medical interns का stipend करीब सात वर्षों से ₹12,300 के आसपास ही बना हुआ है। उनका दावा है कि देश के कई अन्य राज्यों में medical interns को ₹25,000 से ₹45,000 या उससे ज्यादा monthly stipend मिलता है। इसी disparity को देखते हुए वे इसे कम से कम ₹30,000 तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। 2023 की Committee ने भी सुझाई थी बढ़ोतरी इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि Health and Medical Education Department ने 2023 में stipend revision पर विचार के लिए committee बनाई थी। प्रदर्शनकारियों के अनुसार committee ने 2025-26 के लिए stipend करीब ₹25,000 करने की सिफारिश की थी। 2026 Assembly session में करीब ₹26,300 के प्रस्ताव का भी उल्लेख हुआ, लेकिन अब तक revised stipend का formal order जारी नहीं हुआ है। Government बोली—मांग पर विचार जारी Jammu and Kashmir की Health and Medical Education Minister Sakina Itoo ने कहा है कि interns की मांग सरकार के विचाराधीन है। उनके मुताबिक stipend enhancement से जुड़ा proposal financial implications की जांच के लिए Finance Department को भेजा जा चुका है। उन्होंने doctors से strike पर पुनर्विचार करने की अपील भी की है, क्योंकि इससे patient services प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि protesting interns का कहना है कि उन्हें अब केवल verbal assurance नहीं, बल्कि revised stipend का written order चाहिए। कई Medical Colleges में प्रदर्शन हड़ताल में GMC Jammu, GMC Srinagar, GMC Baramulla, GMC Rajouri, GMC Anantnag, GMC Handwara, SKIMS और SKIMS Bemina समेत कई institutions के interns शामिल हैं। 1 सितंबर को doctors ने विभिन्न campuses में peaceful candle marches भी निकाले। 2 सितंबर तक आंदोलन जारी रहा और interns ने कहा कि concrete decision नहीं आने पर protest और तेज किया जाएगा। Political Support भी मिला इंटर्न डॉक्टरों की मांग को राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। Congress की Jammu-Kashmir unit के president Tariq Hameed Karra ने Chief Minister Omar Abdullah को पत्र लिखकर stipend बढ़ाने की मांग पर तुरंत विचार करने को कहा है। PDP नेता Iltija Mufti भी GMC Srinagar में protesting interns से मिलीं और ₹30,000 stipend की मांग का समर्थन किया। फिलहाल सरकार ने मांग को genuine बताते हुए consideration में होने की बात कही है, लेकिन interns revised stipend का official order आने तक आंदोलन जारी रखने पर अड़े हैं। स्रोत – PTI, The Indian Express, The Tribune, India Today, Medical Dialogues जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें

मुंबई में महंगाई का डबल झटका; CNG-PNG महंगी, ऑटो-टैक्सी किराया भी बढ़ा

मुंबई: मुंबई और Mumbai Metropolitan Region (MMR) में सितंबर की शुरुआत आम लोगों के लिए महंगी साबित हुई है। Mahanagar Gas Limited (MGL) ने CNG की कीमत ₹2 प्रति किलो और घरेलू PNG की कीमत ₹1 प्रति SCM बढ़ा दी है। इसके साथ ही auto-rickshaw और black-and-yellow taxi के revised fares भी 1 सितंबर से लागू हो गए हैं। CNG अब ₹88 प्रति किलो नई दरों के बाद मुंबई और आसपास के इलाकों में CNG ₹86 से बढ़कर ₹88 प्रति किलो हो गई है। वहीं domestic PNG की कीमत ₹1 प्रति standard cubic metre बढ़कर ₹53 प्रति SCM पहुंच गई है। MGL ने बढ़ती input cost को price hike की मुख्य वजह बताया है। West Asia Crisis से बढ़ी Gas Cost MGL के मुताबिक international gas prices में तेजी और West Asia में जारी तनाव के कारण imported gas महंगी हुई है। CNG की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी को महंगे spot Regasified Liquefied Natural Gas (RLNG) पर ज्यादा निर्भर होना पड़ रहा है, जिससे overall supply cost बढ़ गई है। Auto का Minimum Fare ₹27 Mumbai Metropolitan Region Transport Authority ने auto-rickshaw का minimum fare ₹26 से बढ़ाकर ₹27 कर दिया है। यह fare शुरुआती 1.5 kilometre के लिए लागू होगा। इसके बाद per-kilometre fare ₹17.14 से बढ़कर करीब ₹18.22 हो गया है। Kaali-Peeli Taxi का किराया ₹33 Black-and-yellow taxi का minimum fare भी ₹31 से बढ़ाकर ₹33 कर दिया गया है। Taxi का revised per-kilometre rate ₹20.66 से बढ़कर करीब ₹21.90 हो गया है। नई दरें Mumbai, Thane, Navi Mumbai, Kalyan, Vasai-Virar और Panvel सहित MMR के कई हिस्सों में लागू हैं। नवंबर तक Meter Recalibration Auto और taxi drivers को revised fares के हिसाब से electronic meters recalibrate कराने के लिए 30 नवंबर 2026 तक का समय दिया गया है। तब तक drivers RTO-approved revised tariff card के आधार पर यात्रियों से नया किराया ले सकते हैं। तय समय तक meter update नहीं कराने पर कार्रवाई की जा सकती है। यात्रियों और Drivers दोनों की जेब पर असर CNG की कीमत बढ़ने से लाखों CNG-powered vehicles के operating costs बढ़ेंगे। दूसरी ओर commuters को अब रोजाना auto और taxi rides के लिए ज्यादा भुगतान करना होगा। कुछ driver unions का कहना है कि किराया बढ़ने से मिली राहत CNG की कीमत में हुई बढ़ोतरी के कारण काफी हद तक कम हो गई है। इसलिए सबसे accurate headline होगी: मुंबई में महंगाई का डबल झटका; CNG ₹88 प्रति किलो, PNG ₹53 प्रति SCM हुई, ऑटो-टैक्सी किराया भी बढ़ा स्रोत – Mahanagar Gas Limited, Mumbai Metropolitan Region Transport Authority, The Indian Express, India Today जय राष्ट्र न्यूज़

आगे और पढ़ें
Translate »