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Gujarat को मिल सकता है नया Spaceport, Kodinar को ‘गुजरात का Sriharikota’ बनाने की तैयारी

अहमदाबाद: गुजरात के अंतरिक्ष क्षेत्र को आने वाले वर्षों में बड़ी बढ़त मिल सकती है। राज्य के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने कहा है कि सौराष्ट्र के कोडिनार के पास एक नए स्पेस लॉन्चिंग स्टेशन यानी Spaceport को स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है। अगर परियोजना तकनीकी मूल्यांकन और अन्य जरूरी मंजूरियों के बाद आगे बढ़ती है तो कोडिनार अंतरिक्ष अभियानों के लिहाज से गुजरात का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। Ahmedabad के Space Festival में हुआ जिक्र अर्जुन मोढवाडिया ने अहमदाबाद के Science City में आयोजित तीन दिवसीय Space Festival के शुभारंभ के दौरान इस परियोजना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में गुजरात तेजी से आगे बढ़ रहा है और सौराष्ट्र में कोडिनार के नजदीक नया लॉन्चिंग स्टेशन स्थापित करने पर काम किया जा रहा है। गुजरात में पहले से ही Ahmedabad में IN-SPACe का मुख्यालय मौजूद है और राज्य satellite manufacturing तथा space technology से जुड़े उद्योगों को प्रोत्साहित कर रहा है। अभी शुरुआती चरण में है परियोजना हालांकि, कोडिनार में Spaceport बनने को अभी पूरी तरह अंतिम और चालू परियोजना नहीं माना जाना चाहिए। गुजरात के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार यह परियोजना अभी शुरुआती चरण में है। प्रस्तावित स्थल का तकनीकी आकलन और मूल्यांकन ISRO के सहयोग से किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में लॉन्च के लिए जरूरी भौगोलिक स्थिति, सुरक्षा, समुद्र की दिशा, बुनियादी ढांचे और अन्य तकनीकी जरूरतों का अध्ययन किया जाना शामिल है। सभी specifications तय होने के बाद ही परियोजना के अगले चरण पर काम आगे बढ़ सकेगा। Kodinar ही क्यों? कोडिनार गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में अरब सागर के तट के पास स्थित है। समुद्र तट के करीब होने के कारण यह इलाका अंतरिक्ष लॉन्चिंग गतिविधियों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रॉकेट लॉन्च साइट के चयन में कई तकनीकी पहलुओं का ध्यान रखा जाता है। समुद्र की ओर खुला क्षेत्र होने से लॉन्च के दौरान आबादी वाले क्षेत्रों पर जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है। इससे पहले भी गिर और कोडिनार के बीच के तटीय इलाके को गुजरात में space-related activities के लिए संभावित क्षेत्र के रूप में देखा गया था। Sriharikota है भारत का मुख्य Spaceport फिलहाल भारत का मुख्य अंतरिक्ष लॉन्च केंद्र आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा में स्थित Satish Dhawan Space Centre है। यहीं से ISRO के कई प्रमुख रॉकेट और अंतरिक्ष मिशन लॉन्च किए जाते हैं। इसके अलावा तमिलनाडु के कुलसेकरपट्टिनम में भी नया लॉन्च कॉम्प्लेक्स विकसित किया जा रहा है। ऐसे में यदि कोडिनार की परियोजना सभी जरूरी परीक्षण और मंजूरियां हासिल कर लेती है तो यह भारत के बढ़ते space-launch infrastructure में एक और महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। Gujarat में तेजी से बढ़ रहा Space Ecosystem गुजरात पहले से ही भारत के space ecosystem में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। Ahmedabad में ISRO का Space Applications Centre (SAC) मौजूद है और IN-SPACe का मुख्यालय भी इसी शहर में है। राज्य सरकार space technology, satellite manufacturing और private space startups को आकर्षित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन देने की दिशा में भी काम कर रही है। रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में 20 से अधिक startups और organisations space technology के विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे हैं। अहमदाबाद के पास Khoraj में space-tech के लिए विशेष क्षेत्र की भी घोषणा की गई है। Dholera में भी दिखी Private Space Sector की सक्रियता गुजरात में private space sector की गतिविधियां भी बढ़ रही हैं। इस साल Dholera में एक startup की ओर से sounding rocket के परीक्षण की खबर सामने आई थी। इस तरह की गतिविधियां बताती हैं कि गुजरात satellite manufacturing से आगे बढ़कर launch technology और अन्य अंतरिक्ष सेवाओं के लिए भी ecosystem तैयार करने की कोशिश कर रहा है। अगर कोडिनार परियोजना जमीन पर उतरती है तो आसपास के क्षेत्र में infrastructure, research, engineering, manufacturing और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना भी बढ़ सकती है। पहले ISRO ने दी थी अहम सफाई यहां यह भी महत्वपूर्ण है कि जुलाई 2025 में ISRO ने गुजरात में किसी launch facility की साइट फाइनल होने संबंधी मीडिया रिपोर्टों पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण जारी किया था। उस समय ISRO ने कहा था कि गुजरात में किसी अंतरिक्ष स्टेशन या launch facility के लिए confirmed site की घोषणा नहीं की गई थी। अब अगस्त 2026 में गुजरात सरकार के मंत्री ने कोडिनार के पास लॉन्च स्टेशन पर काम चलने की बात कही है, जबकि राज्य के अधिकारियों के अनुसार साइट का तकनीकी मूल्यांकन अभी जारी है। इसलिए फिलहाल इसे प्रस्तावित और मूल्यांकनाधीन Spaceport परियोजना के रूप में देखना अधिक सही होगा। आने वाले समय में तकनीकी मूल्यांकन और आधिकारिक मंजूरियों के बाद यह साफ होगा कि कोडिनार वास्तव में भारत के अगले प्रमुख अंतरिक्ष लॉन्च केंद्र के रूप में विकसित होगा या नहीं। स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) जय राष्ट्र न्यूज़

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31 वर्षीय Software Engineer की पीट-पीटकर हत्या, ससुराल पक्ष पर आरोप

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के निहाल विहार इलाके से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। 31 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर विनय गुप्ता की कथित तौर पर उनके ससुराल पक्ष के लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। विनय नोएडा में Adobe के साथ सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करते थे। पुलिस ने मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है और हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पत्नी से विवाद के बाद घर पहुंचे थे रिश्तेदार पुलिस और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना शुक्रवार को बाहरी दिल्ली के निहाल विहार स्थित लक्ष्मी पार्क इलाके में हुई। बताया जा रहा है कि विनय गुप्ता और उनकी पत्नी के बीच सुबह किसी घरेलू मामले को लेकर विवाद हुआ था। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि विवाद उनके छोटे बच्चे को दवा देने की बात को लेकर शुरू हुआ था। इसके बाद पत्नी ने अपने परिवार के लोगों को बुलाया। परिवार के सदस्यों के घर पहुंचने के बाद बातचीत शुरू हुई, लेकिन आरोप है कि कुछ ही देर में मामला हिंसक हो गया और विनय के साथ गंभीर मारपीट की गई। परिवार का आरोप—सुलह के बहाने आए थे लोग विनय के परिवार का आरोप है कि पत्नी के परिवार से कई लोग विवाद को सुलझाने के नाम पर उनके घर पहुंचे थे। मृतक के परिजनों के मुताबिक बातचीत के दौरान विनय पर हमला कर दिया गया। परिवार ने आरोप लगाया है कि उन्हें बेरहमी से पीटा गया और गला दबाने की कोशिश भी की गई। परिवार का यह भी दावा है कि घटना अचानक हुई मारपीट नहीं बल्कि पहले से रची गई साजिश हो सकती है। हालांकि इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। गंभीर चोटों के कारण हुई मौत कथित हमले में विनय को गंभीर चोटें आईं। पुलिस के मुताबिक मारपीट के बाद उनकी हालत गंभीर हो गई और बाद में उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। फोरेंसिक टीम ने भी घर से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस घटना से पहले हुए विवाद, मौके पर मौजूद लोगों और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। चार लोग हिरासत में, हत्या का मामला दर्ज दिल्ली पुलिस ने मामले में चार लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कथित हमले में किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) यानी हत्या और धारा 3(5) यानी समान मंशा से जुड़े प्रावधानों के तहत केस दर्ज करने की कार्रवाई की गई है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की भी जांच कर रही है। करीब साढ़े तीन साल पहले हुई थी शादी रिपोर्ट्स के मुताबिक विनय गुप्ता की शादी करीब साढ़े तीन साल पहले हुई थी। दंपति के करीब चार महीने के जुड़वां बच्चे—एक बेटा और एक बेटी—हैं। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। मृतक के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की है। CCTV बंद करने का भी परिवार ने लगाया आरोप विनय के परिवार ने यह आरोप भी लगाया है कि घटना के दौरान घर में लगे CCTV कैमरों को बंद कर दिया गया था। परिवार इसे कथित साजिश से जोड़कर देख रहा है। हालांकि CCTV बंद किए जाने और घटना को पहले से योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिए जाने के आरोप फिलहाल मृतक के परिवार के दावे हैं। पुलिस इन पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर फिलहाल दिल्ली पुलिस ने हत्या के इस मामले की जांच तेज कर दी है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के साथ फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। इस मामले में कई आरोप मृतक के परिवार की ओर से लगाए गए हैं। इसलिए घटना के पीछे की वास्तविक वजह, कथित हमले में शामिल लोगों की भूमिका और पूरा घटनाक्रम पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। नोट: खबर में ससुराल पक्ष और साजिश से संबंधित आरोप मृतक के परिवार तथा शुरुआती पुलिस जानकारी पर आधारित हैं। मामले की जांच जारी है। स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, द वीक, हिन्दुस्तान जय राष्ट्र न्यूज़

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PM Modi ने तेज सुधारों का दिया संकेत, कहा- भारत की ‘Reform Express’ और तेजी से आगे बढ़ेगी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत में आर्थिक और प्रशासनिक सुधारों की रफ्तार और तेज करने का संकेत दिया है। Economic Times World Leaders Forum 2026 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में सरकार की ‘Reform Express’ और अधिक गति से आगे बढ़ेगी। उन्होंने विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सुधारों को लगातार आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार, 21 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि सरकार युवाओं, महिलाओं, किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए लगातार काम करती रहेगी। उन्होंने कहा कि भारत की राजनीतिक स्थिरता और नीतियों में निरंतरता दुनिया के लिए भी महत्वपूर्ण है। ‘Reform Express’ और तेजी से आगे बढ़ेगी अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत वर्तमान में अगली पीढ़ी के सुधारों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार सरकार का उद्देश्य केवल आर्थिक वृद्धि हासिल करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसमें कारोबार करना आसान हो और आम नागरिकों के जीवन में भी सुधार आए। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार Ease of Living और Ease of Doing Business दोनों क्षेत्रों में सुधार कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार और नागरिकों के बीच संबंध शक के बजाय भरोसे पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सुधारों की यह प्रक्रिया और तेज होगी और सरकार विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी। ‘Prohibited Unless Permitted’ से बदल रहा नियमों का नजरिया प्रधानमंत्री मोदी ने देश की नियामक व्यवस्था में बदलाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पहले नियमों को लेकर सोच ‘Prohibited Unless Permitted’ यानी अनुमति मिलने तक किसी गतिविधि को प्रतिबंधित मानने जैसी थी। सरकार अब इसे बदलकर ‘Permitted Unless Prohibited’ की दिशा में ले जा रही है। इसका अर्थ है कि जो काम कानूनन प्रतिबंधित नहीं हैं, उन्हें करने के लिए कारोबारियों और नागरिकों को अनावश्यक बाधाओं का सामना न करना पड़े। पीएम मोदी ने Jan Vishwas जैसे कदमों, पुराने कानूनों को हटाने और कई प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का उदाहरण देते हुए कहा कि सरकार नागरिकों और उद्योगों पर अनुपालन का बोझ कम करने की दिशा में काम कर रही है। उत्पादन बढ़ाने वालों को अब प्रोत्साहन प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की औद्योगिक नीति में आए बदलाव को समझाते हुए पुराने दौर और वर्तमान व्यवस्था की तुलना की। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब निर्धारित सीमा से ज्यादा उत्पादन करने वाली कंपनियों को दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ता था। प्रधानमंत्री ने इसे ‘Production Linked Punishment’ की सोच बताया। उन्होंने इसकी तुलना मौजूदा Production Linked Incentive (PLI) व्यवस्था से की, जिसके तहत अधिक उत्पादन और विनिर्माण को प्रोत्साहन दिया जाता है। पीएम मोदी के मुताबिक सरकार का नजरिया उद्योगों को नियंत्रित करने के बजाय उन्हें आगे बढ़ने में सक्षम बनाने का है। दुनिया भारत को ‘Bright Spot’ के रूप में देख रही: PM Modi प्रधानमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया कई तरह की अनिश्चितताओं और अविश्वास के दौर से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि संसाधनों के रणनीतिक इस्तेमाल और बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच भी दुनिया भारत को विकास और उम्मीद के एक मजबूत केंद्र के रूप में देख रही है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत में राजनीतिक स्थिरता और नीतियों की निरंतरता देश की बड़ी ताकत है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के अनुमानों का भी उल्लेख किया और कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है। विकसित भारत के लिए सात प्रमुख क्षेत्रों पर जोर अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लिए सात महत्वपूर्ण क्षेत्रों का भी उल्लेख किया। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, लॉजिस्टिक्स, डिफेंस, ग्रीन और ब्लू इकोनॉमी तथा सॉफ्ट पावर शामिल हैं। प्रधानमंत्री का कहना है कि इन क्षेत्रों में सुधार और निवेश भारत को दीर्घकालिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे। भारत की मजबूती से दुनिया को भी मिलेगी स्थिरता पीएम मोदी ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि भारत जितना स्थिर और सुरक्षित होगा, दुनिया को स्थिरता देने की उसकी क्षमता उतनी ही मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं, नारी शक्ति, किसानों, गरीबों और मध्यम वर्ग के हित में लगातार काम करती रहेगी और विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सुधारों की रफ्तार को और तेज किया जाएगा। प्रधानमंत्री के इस बयान को सरकार की आने वाली आर्थिक और प्रशासनिक नीतियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले महीनों में केंद्र सरकार किन क्षेत्रों में नए सुधारों और नीतिगत बदलावों की घोषणा करती है। स्रोत – प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), द इंडियन एक्सप्रेस, द इकोनॉमिक टाइम्स जय राष्ट्र न्यूज़

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Bank Holiday Today: आज 22 अगस्त को देशभर में बैंक बंद, जानें क्यों नहीं खुलेंगी शाखाएं

नई दिल्ली: अगर आप आज यानी शनिवार, 22 अगस्त 2026 को बैंक जाने की योजना बना रहे हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है। आज देशभर में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों की शाखाएं बंद रहेंगी। इसकी वजह कोई त्योहार या स्थानीय अवकाश नहीं, बल्कि अगस्त महीने का चौथा शनिवार होना है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नियमों के मुताबिक हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक शाखाओं में अवकाश रहता है। इसी नियम के चलते आज 22 अगस्त को देशभर में बैंक की फिजिकल ब्रांच में सामान्य कामकाज नहीं होगा। 22 अगस्त को बैंक क्यों बंद हैं? 22 अगस्त 2026 अगस्त महीने का चौथा शनिवार है। RBI की व्यवस्था के तहत सितंबर 2015 से सभी बैंकों में महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश रखा जाता है। इस नियम के अनुसार सरकारी, निजी और अन्य निर्धारित बैंक शाखाएं दूसरे तथा चौथे शनिवार को ग्राहकों के लिए बंद रहती हैं। वहीं महीने के पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को आमतौर पर बैंक खुले रहते हैं, बशर्ते उस दिन कोई अन्य घोषित अवकाश न हो। अगस्त में इससे पहले 8 अगस्त को दूसरा शनिवार था, जबकि आज 22 अगस्त चौथा शनिवार होने के कारण बैंक बंद हैं। क्या UPI और ऑनलाइन बैंकिंग भी बंद रहेगी? बैंक शाखाएं बंद होने का मतलब यह नहीं है कि सभी बैंकिंग सेवाएं रुक जाएंगी। ग्राहक अधिकांश डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल सामान्य दिनों की तरह कर सकते हैं। आज भी UPI, मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और ATM जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। ग्राहक ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने, बिल भुगतान करने, अकाउंट बैलेंस देखने और कई दूसरे बैंकिंग काम घर बैठे कर सकेंगे। हालांकि किसी बैंक की निर्धारित तकनीकी मेंटेनेंस होने की स्थिति में संबंधित सेवा कुछ समय के लिए प्रभावित हो सकती है। कौन से काम आज नहीं हो पाएंगे? जिन कामों के लिए ग्राहक को बैंक की शाखा में व्यक्तिगत रूप से जाना जरूरी है, उनके लिए आज इंतजार करना पड़ सकता है। चेक या दस्तावेज जमा करने, कुछ प्रकार के KYC कार्य, बैंक अधिकारियों से प्रत्यक्ष सहायता लेने या ऐसे अन्य कार्य जिनके लिए शाखा में मौजूद स्टाफ की जरूरत होती है, वे छुट्टी के कारण प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे ग्राहकों को अपना काम अगले उपलब्ध कार्य दिवस के अनुसार तय करना चाहिए। रविवार को भी बंद रहेंगे बैंक 22 अगस्त को चौथे शनिवार की छुट्टी के बाद 23 अगस्त को रविवार है। रविवार भी नियमित बैंक अवकाश होता है। ऐसे में ग्राहकों को लगातार दो दिन बैंक शाखाओं से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। अगर आपका कोई जरूरी बैंकिंग काम है तो अपनी संबंधित शाखा का कार्यदिवस और स्थानीय अवकाश सूची जरूर जांच लें। अगस्त में आगे भी रहेंगी कुछ बैंक छुट्टियां अगस्त के आखिरी सप्ताह में अलग-अलग राज्यों और शहरों में त्योहारों के कारण अतिरिक्त बैंक छुट्टियां रह सकती हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 25 और 26 अगस्त को ईद-ए-मिलाद और अन्य क्षेत्रीय अवसरों के चलते कुछ राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। वहीं 28 अगस्त को रक्षाबंधन समेत अलग-अलग क्षेत्रीय त्योहारों के कारण कई स्थानों पर बैंक अवकाश हो सकता है। ये छुट्टियां पूरे देश में एक समान लागू नहीं होतीं और राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए किसी जरूरी काम से बैंक जाने से पहले RBI की राज्यवार बैंक हॉलिडे लिस्ट या अपने बैंक की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें। ग्राहकों को क्या करना चाहिए? अगर आपका काम केवल पैसे भेजने, बिल चुकाने, बैलेंस देखने या ATM से नकदी निकालने से जुड़ा है तो ज्यादातर मामलों में बैंक शाखा खुलने का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं से ये काम किए जा सकते हैं। लेकिन बैंक शाखा में जाकर किए जाने वाले जरूरी कार्यों के लिए छुट्टियों का ध्यान रखते हुए पहले से योजना बनाना बेहतर होगा। कुल मिलाकर, आज 22 अगस्त 2026 को चौथा शनिवार होने के कारण देशभर में बैंक शाखाएं बंद हैं, लेकिन UPI, ATM, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं सामान्य रूप से उपलब्ध रहेंगी। स्रोत – भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), टाइम्स ऑफ इंडिया जय राष्ट्र न्यूज़

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होमवर्क पूरा नहीं करने पर शिक्षक ने मारा थप्पड़? 6 साल के छात्र की मौत, परिवार ने मांगा न्याय

विशाखापत्तनम: आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले 6 वर्षीय छात्र की मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक छात्र की पहचान तम्माना प्रणय तेज के रूप में हुई है, जो UKG में पढ़ता था। परिवार का आरोप है कि होमवर्क पूरा नहीं करने पर एक महिला शिक्षक ने बच्चे को थप्पड़ मारा, जिसके कुछ ही देर बाद वह कक्षा में बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना से जुड़ा कथित CCTV वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में बच्चे को शिक्षक के सामने खड़ा देखा जा सकता है। इसके बाद शिक्षक कथित तौर पर उसे थप्पड़ मारती दिखाई देती हैं और कुछ ही क्षणों बाद छात्र अचानक बेहोश होकर गिर जाता है। क्या है पूरा मामला? घटना विशाखापत्तनम के टाउन कोठारोड इलाके स्थित एक निजी स्कूल की बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रणय तेज गुरुवार, 20 अगस्त को स्कूल गया था। परिवार का आरोप है कि बच्चे ने अपना होमवर्क पूरा नहीं किया था। कक्षा में जब शिक्षक छात्रों का होमवर्क जांच रही थीं, तभी प्रणय को कथित तौर पर डांटा गया और थप्पड़ मारा गया। घटना के वीडियो में बच्चा परेशान और रोता हुआ नजर आता है। कुछ ही देर बाद वह अचानक शिक्षक के पास गिर जाता है। स्कूल स्टाफ ने बच्चे को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार ने लगाए गंभीर आरोप प्रणय के माता-पिता ने शिक्षक और स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि बच्चा स्कूल जाने से पहले स्वस्थ था और उसकी अचानक मौत के पीछे स्कूल में हुई घटना की जांच होनी चाहिए। बच्चे की मौत के बाद परिवार और रिश्तेदारों ने अस्पताल में विरोध प्रदर्शन भी किया और शिक्षक तथा स्कूल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिवार का कहना है कि उन्हें अपने बेटे के लिए न्याय चाहिए और यह स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर कक्षा में ऐसा क्या हुआ जिससे बच्चे की हालत अचानक बिगड़ गई। पुलिस ने दर्ज किया मामला परिवार की शिकायत के बाद वन-टाउन पुलिस ने निजी स्कूल के खिलाफ FIR दर्ज की है। रिपोर्ट के अनुसार मामला भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया है। अधिकारियों का कहना है कि छात्र की मौत का वास्तविक मेडिकल कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि छात्र की मौत सीधे तौर पर थप्पड़ लगने की वजह से ही हुई। यह परिवार का आरोप है और मौत के सटीक कारण की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच के बाद होनी बाकी है। जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है। शिक्षा विभाग ने मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित की है। इसमें क्षेत्रीय संयुक्त निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी और राजस्व मंडल अधिकारी शामिल बताए गए हैं। कमेटी स्कूल में हुई घटना, स्कूल प्रबंधन की भूमिका और अन्य परिस्थितियों की जांच करेगी। शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने जताया दुख आंध्र प्रदेश के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश ने भी बच्चे की मौत पर दुख जताया है। उन्होंने कहा कि घटना बेहद दुखद है और जांच के बाद जिम्मेदार लोगों तथा स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार की ओर से परिवार को हर संभव मदद का भरोसा भी दिया गया है। वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल घटना के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो भी जांच का अहम हिस्सा बन सकता है। कथित वीडियो में शिक्षक बच्चे को डांटती और थप्पड़ मारती दिखाई देती हैं, जिसके बाद बच्चा अचानक गिर जाता है। हालांकि वीडियो में दिखाई देने वाली घटना और बच्चे की मौत के बीच सीधा चिकित्सकीय संबंध था या नहीं, इसका फैसला पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही होगा। इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों को शारीरिक दंड देने और छात्रों की सुरक्षा को लेकर बहस तेज कर दी है। फिलहाल परिवार न्याय और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस और शिक्षा विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। नोट: शिक्षक द्वारा मारपीट और उससे बच्चे की मौत होने संबंधी बातें परिवार के आरोपों पर आधारित हैं। मौत के वास्तविक कारण की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद होगी। स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, हिन्दुस्तान, पीटीआई जय राष्ट्र न्यूज़

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जयपुर में CJP नेता आशुतोष रांका और टीम पर हमले का आरोप; VIDEO चर्चा में, दोनों पक्षों ने दर्ज कराई FIR

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के बगरू इलाके में सरकारी स्कूल का निरीक्षण करने पहुंची CJP की टीम के साथ कथित मारपीट और पथराव का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। CJP के नेता और सह-संयोजक आशुतोष रांका ने आरोप लगाया है कि उनकी टीम पर हमला किया गया, वाहनों में तोड़फोड़ की गई और उनके कपड़े तक फाड़ दिए गए। घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। मामला जयपुर जिले के रामपुरा-कंवरपुरा गांव का है, जहां CJP की टीम अपने ‘School Thik Karo’ अभियान के तहत एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की स्थिति देखने पहुंची थी। सरकारी स्कूल देखने पहुंची थी CJP की टीम मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रामपुरा-कंवरपुरा का सरकारी प्राथमिक विद्यालय पर्याप्त भवन और सुविधाओं की समस्या से जूझ रहा है। स्कूल से जुड़ी बदहाल परिस्थितियों को लेकर CJP की टीम वहां पहुंची थी। टीम का आरोप है कि जब वे स्कूल की स्थिति देखने पहुंचे तो कुछ ग्रामीणों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मामला धक्का-मुक्की तथा कथित मारपीट तक पहुंच गया। आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि विरोध कर रहे लोगों ने टीम पर पत्थर फेंके और गाड़ियों के शीशे भी तोड़ दिए। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक रांका ने दावा किया कि इस दौरान उनके कपड़े भी फाड़े गए। आशुतोष रांका ने लगाया सुनियोजित हमले का आरोप घटना के बाद आशुतोष रांका ने इसे अचानक हुआ विवाद मानने से इनकार करते हुए आरोप लगाया कि हमला पहले से योजनाबद्ध था। उन्होंने दावा किया कि हमला करने वालों में कुछ ऐसे लोग शामिल थे जिन्हें एक दिन पहले स्थानीय भाजपा विधायक के साथ देखा गया था। CJP की ओर से सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें भी साझा की गईं और इन तस्वीरों के आधार पर राजनीतिक संबंध होने का दावा किया गया। हालांकि इन आरोपों को संबंधित भाजपा विधायक की ओर से खारिज किया गया है। BJP विधायक ने आरोपों पर किया पलटवार बगरू से भाजपा विधायक कैलाश वर्मा ने CJP के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ग्रामीण पहले ही बाहरी लोगों के गांव और स्कूल में प्रवेश को लेकर आपत्ति जता चुके थे। विधायक ने कहा कि CJP कार्यकर्ताओं को ग्रामीणों से बैठकर बातचीत करनी चाहिए थी और स्थिति को तनावपूर्ण नहीं बनाना चाहिए था। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार विधायक ने यह भी स्वीकार किया कि जिस लालचंद नाम के व्यक्ति को लेकर CJP भाजपा से संबंध का दावा कर रही है, वह भाजपा कार्यकर्ता है, लेकिन उन्होंने हमले की किसी राजनीतिक साजिश के आरोप से इनकार किया। दोनों पक्षों की ओर से FIR मामले में अब कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है। पुलिस के पास दोनों पक्षों की ओर से शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। CJP की शिकायत में टीम को रोकने, मारपीट, धमकी और तोड़फोड़ जैसे आरोप लगाए गए हैं। दूसरी ओर ग्रामीण पक्ष ने भी CJP कार्यकर्ताओं के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि कुछ लोग गांव में आकर हंगामा करने की कोशिश कर रहे थे और रोकने पर विवाद हुआ। जयपुर पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। CJP ने दिया 48 घंटे का अल्टीमेटम हमले के आरोपों के बाद CJP ने राजस्थान सरकार के सामने कड़ा रुख अपनाया है। आशुतोष रांका और पार्टी से जुड़े नेताओं ने मांग की है कि घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और संबंधित सरकारी स्कूल में सुधार तथा निर्माण का काम शुरू कराया जाए। CJP ने इसके लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। स्कूल की स्थिति भी बनी बड़ा मुद्दा मारपीट और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच उस सरकारी स्कूल की स्थिति भी चर्चा में आ गई है, जिसे देखने CJP की टीम पहुंची थी। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि स्कूल पर्याप्त भवन उपलब्ध नहीं होने के कारण बेहद खराब परिस्थितियों में संचालित हो रहा है। CJP का कहना है कि उसका अभियान सरकारी स्कूलों की ऐसी समस्याओं को सामने लाने के लिए चलाया जा रहा है। इस घटना के बाद राजनीतिक विवाद के साथ-साथ राजस्थान में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। वीडियो और तस्वीरों को लेकर बढ़ी चर्चा घटना से जुड़े कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया तथा समाचार माध्यमों में सामने आए हैं। इनमें मौके पर विवाद और तनाव की स्थिति दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी किस पक्ष की थी और हमला योजनाबद्ध था या विवाद के दौरान स्थिति बिगड़ी, इसका अंतिम निष्कर्ष पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल CJP और स्थानीय ग्रामीण एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और मामले ने राजस्थान की राजनीति को भी गरमा दिया है। नोट: इस खबर में लगाए गए हमले और राजनीतिक साजिश से जुड़े आरोप संबंधित पक्षों के दावों पर आधारित हैं। मामले की पुलिस जांच जारी है। स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, एनडीटीवी, नवभारत टाइम्स जय राष्ट्र न्यूज़

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BJP विधायक जय देवी कौशल का गंभीर आरोप—‘मुझे मंदिर में पूजा करने से रोका गया’, जातिगत भेदभाव का दावा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मलिहाबाद विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की विधायक जय देवी कौशल ने आरोप लगाया है कि काकोरी स्थित शीतला माता मंदिर के जीर्णोद्धार से जुड़े कार्यक्रम में उन्हें पूजा-अर्चना में शामिल नहीं होने दिया गया। विधायक ने इसे जातिगत भेदभाव से जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। क्या है पूरा मामला? मामला लखनऊ के काकोरी क्षेत्र स्थित शीतला माता मंदिर का है। मंदिर के जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य को लेकर भूमिपूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में विधायक जय देवी कौशल के साथ भाजपा के कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी पहुंचे थे। जय देवी कौशल का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान पूजा शुरू हो गई, लेकिन उन्हें उसमें विधिवत शामिल नहीं किया गया। उनके मुताबिक वह पूजा के दौरान खड़ी रहीं और उन्हें पूजा-अर्चना से जुड़े कई धार्मिक कार्यों में भाग लेने का अवसर नहीं मिला। विधायक का कहना है कि उन्हें ईंट छूने, रोली लगाने, अगरबत्ती जलाने और नारियल फोड़ने जैसे भूमिपूजन से जुड़े कार्यों से भी दूर रखा गया। विधायक ने लगाया जातिगत भेदभाव का आरोप जय देवी कौशल पासी समुदाय से आती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ हुआ व्यवहार उनकी जाति से जुड़ा हुआ था। विधायक ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि के साथ इस तरह का व्यवहार होता है तो यह सामाजिक समानता को लेकर कई सवाल खड़े करता है। जय देवी कौशल ने यह भी संकेत दिया है कि वह मामले को भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व के सामने उठाएंगी। मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए स्वीकृत हुई थी राशि मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक शीतला माता मंदिर के जीर्णोद्धार के लिए करीब ₹78 लाख की सरकारी राशि स्वीकृत कराए जाने में विधायक की भूमिका रही है। विधायक के पति और पूर्व केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने भी घटना पर नाराजगी जाहिर की है। रिपोर्टों के अनुसार एक अन्य धार्मिक स्थल के लिए भी लगभग ₹70 लाख की राशि स्वीकृत कराई गई थी। दोनों परियोजनाओं की रकम को मिलाकर कुछ रिपोर्टों में लगभग ₹1.5 करोड़ की राशि का उल्लेख किया गया है। ऐसे में विवाद इसलिए भी अधिक चर्चा में है क्योंकि विधायक ने मंदिर के विकास के लिए सरकारी धन स्वीकृत कराने में अपनी भूमिका का दावा किया है और उसी कार्यक्रम में स्वयं के साथ भेदभाव होने का आरोप लगाया है। परिवार ने भी जताई नाराजगी मामले पर जय देवी कौशल के बेटे विकास किशोर ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने जाति के आधार पर किसी भी व्यक्ति या जनप्रतिनिधि के साथ भेदभाव को गलत बताया। उनका कहना है कि धार्मिक स्थल पूरे समाज की आस्था के केंद्र होते हैं और वहां किसी व्यक्ति के साथ उसकी जाति के आधार पर अलग व्यवहार नहीं होना चाहिए। राजनीतिक विवाद भी हुआ तेज विधायक के आरोप सामने आने के बाद मामला राजनीतिक चर्चा का विषय भी बन गया है। विपक्ष की ओर से भी घटना को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि पूरे मामले में यह ध्यान रखना जरूरी है कि जातिगत भेदभाव के आरोप विधायक की ओर से लगाए गए हैं। घटना को लेकर संबंधित पुजारी या मंदिर प्रबंधन का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। सामाजिक भेदभाव पर फिर उठे सवाल इस विवाद ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर सामाजिक समानता और जातिगत भेदभाव के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। भारतीय संविधान सभी नागरिकों को समानता का अधिकार देता है और धर्म, जाति तथा अन्य आधारों पर भेदभाव के खिलाफ संवैधानिक सुरक्षा प्रदान करता है। ऐसे में किसी सार्वजनिक धार्मिक कार्यक्रम में जाति के आधार पर भेदभाव का आरोप सामने आना संवेदनशील मामला माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि भाजपा नेतृत्व, स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की ओर से मामले पर आगे क्या प्रतिक्रिया आती है। नोट: यह खबर विधायक जय देवी कौशल और उनके परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों तथा उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि होना बाकी है।

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भारत में नई Telecom पाबंदी की तैयारी! 9 से ज्यादा SIM रखने वालों को नहीं मिलेगा नया कनेक्शन

नई दिल्ली: भारत में मोबाइल कनेक्शनों को लेकर सरकार ने नियमों के पालन को और सख्त करने की तैयारी कर ली है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम कंपनियों को निर्देश दिया है कि 24 अगस्त 2026 से उन ग्राहकों को नया SIM कनेक्शन जारी न किया जाए, जिनके नाम पर पहले से 9 मोबाइल कनेक्शन दर्ज हैं। यह कदम फर्जी SIM, डिजिटल फ्रॉड और मोबाइल कनेक्शनों के दुरुपयोग को रोकने के लिए उठाया जा रहा है। 9 SIM की सीमा होगी लागू DoT के निर्देश के मुताबिक सामान्य तौर पर एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन की सीमा है। यदि किसी ग्राहक के नाम पर पहले से 9 SIM हैं और वह 10वां कनेक्शन लेने की कोशिश करता है, तो टेलीकॉम कंपनी को नया कनेक्शन देने से इनकार करना होगा। यह सीमा अलग-अलग कंपनियों के लिए अलग-अलग नहीं है। यानी Jio, Airtel, Vi या BSNL जैसे अलग-अलग ऑपरेटरों के कनेक्शन भी ग्राहक की कुल सीमा में शामिल होंगे। J&K और North-East में सिर्फ 6 SIM जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर के कुछ लाइसेंस्ड सर्विस एरिया में यह सीमा और कम है। वहां एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 6 मोबाइल कनेक्शन की अनुमति है। इन क्षेत्रों में अतिरिक्त मोबाइल कनेक्शनों को लेकर सुरक्षा कारणों से पहले से ज्यादा सख्त व्यवस्था लागू है। 24 अगस्त से टेलीकॉम कंपनियां करेंगी सख्ती DoT के 17 अगस्त के सर्कुलर के अनुसार, 24 अगस्त से टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को तकनीकी और संगठनात्मक उपाय लागू करने होंगे, ताकि 9 कनेक्शन की सीमा पूरी कर चुके ग्राहकों की पहचान की जा सके और उन्हें नया नंबर लेने से रोका जा सके। ग्राहक को यह भी बताया जाएगा कि उसके नाम पर पहले ही अधिकतम अनुमत मोबाइल कनेक्शन दर्ज हैं। Digital Intelligence Platform से होगी पहचान इस नियम को लागू करने के लिए DoT के Digital Intelligence Platform (DIP) का इस्तेमाल किया जाएगा। टेलीकॉम कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए गए subscriber data के आधार पर प्लेटफॉर्म उन लोगों की पहचान करने में मदद करेगा, जिनके नाम पर निर्धारित सीमा तक SIM पहले से मौजूद हैं। 23 अगस्त से निर्धारित सीमा तक पहुंच चुके ग्राहकों की representative photograph भी DIP पर उपलब्ध कराए जाने की व्यवस्था है, ताकि उनकी पहचान में मदद मिल सके। अगर आपके नाम पर 9 से ज्यादा SIM हैं तो? जिन लोगों के नाम पर पहले से निर्धारित सीमा से अधिक मोबाइल कनेक्शन हैं, उनके लिए भी व्यवस्था सख्त की जा रही है। रिपोर्टों के अनुसार अतिरिक्त कनेक्शनों में बाद में लिए गए नंबरों को पहले बंद करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। इसलिए लोगों के लिए जरूरी है कि वे समय रहते जांच करें कि उनके नाम पर कितने मोबाइल नंबर सक्रिय हैं। सरकार का मकसद क्या है? DoT की यह कार्रवाई मुख्य रूप से फर्जी पहचान, SIM के दुरुपयोग, साइबर अपराध और डिजिटल फ्रॉड को रोकने की दिशा में है। सरकार चाहती है कि एक पहचान पर बड़ी संख्या में मोबाइल कनेक्शन लेकर उनका इस्तेमाल गैरकानूनी गतिविधियों के लिए न किया जा सके। नई व्यवस्था से अलग-अलग टेलीकॉम कंपनियों में मौजूद कनेक्शनों को एक साथ ट्रैक करना भी आसान होगा। आम मोबाइल यूजर्स को घबराने की जरूरत नहीं ज्यादातर सामान्य मोबाइल यूजर्स के लिए इस नियम का सीधा असर नहीं पड़ेगा। समस्या मुख्य रूप से उन ग्राहकों के सामने आएगी जिनके नाम पर पहले से 9 या उससे अधिक मोबाइल कनेक्शन दर्ज हैं। अगर किसी व्यक्ति ने पुराने या इस्तेमाल में न आने वाले नंबर बंद नहीं कराए हैं, तो अपने नाम पर सक्रिय कनेक्शनों की जानकारी जांचना उपयोगी रहेगा। 30 नवंबर तक सिस्टम को मजबूत करने का लक्ष्य DoT ने टेलीकॉम कंपनियों को इस व्यवस्था से जुड़े सिस्टम और प्रक्रियाओं को 30 नवंबर 2026 तक व्यवस्थित करने का समय दिया है। इस दौरान DIP के जरिए पहचान और verification व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। इस नए कदम से भारत में SIM कार्ड की निगरानी और subscriber verification व्यवस्था पहले के मुकाबले ज्यादा सख्त होने जा रही है। स्रोत: Department of Telecommunications, PTI, NDTV, India Today, ThePrint Jai Rashtra News

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Gaja Alternative Asset Management IPO को जोरदार रिस्पॉन्स! Subscription 4.54 गुना, GMP ₹17 पर

नई दिल्ली: Gaja Alternative Asset Management के IPO को निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिली है। 21 अगस्त 2026 को IPO के तीसरे और आखिरी दिन इश्यू को करीब 4.54 गुना सब्सक्राइब किया गया, जबकि Grey Market Premium (GMP) घटकर ₹17 प्रति शेयर रह गया। 4.54 गुना सब्सक्रिप्शन से बढ़ा निवेशकों का भरोसा Gaja Alternative Asset Management का IPO 19 अगस्त को खुला था और 21 अगस्त को बंद हो रहा है। कंपनी ने कुल 2.53 करोड़ शेयरों का इश्यू पेश किया है। शुरुआती दो दिनों के बाद भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही और अंतिम दिन सब्सक्रिप्शन में तेजी देखने को मिली। IPO का प्राइस बैंड ₹152 से ₹160 प्रति शेयर तय किया गया है, जबकि एक लॉट में 93 शेयर हैं। इसके हिसाब से रिटेल निवेशक के लिए न्यूनतम निवेश करीब ₹14,880 बैठता है। GMP ₹17 पर पहुंचा Grey Market में भी IPO को लेकर शुरुआत में उत्साह देखने को मिला था। 19 अगस्त को GMP करीब ₹23 तक पहुंचा था, लेकिन इसके बाद इसमें लगातार गिरावट आई। 20 अगस्त को GMP करीब ₹18 और 21 अगस्त को ₹17 दर्ज किया गया। ₹160 के अपर प्राइस बैंड पर ₹17 का GMP लगभग 10.6% के संभावित प्रीमियम का संकेत देता है। हालांकि GMP अनौपचारिक बाजार का संकेतक है और इससे वास्तविक लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं होती। IPO से ₹550 करोड़ जुटाने की योजना कंपनी का IPO कुल करीब ₹550 करोड़ का है। इसमें ₹450 करोड़ का Fresh Issue और करीब ₹100 करोड़ का Offer for Sale शामिल है। Fresh Issue से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल कंपनी द्वारा अपने मौजूदा और नए Alternative Investment Funds में निवेश तथा कुछ कर्ज चुकाने के लिए किया जाना है। कंपनी क्या करती है? Gaja Alternative Asset Management एक India-focused alternative asset manager है। कंपनी विभिन्न वैकल्पिक निवेश फंडों के प्रबंधन और निवेश से जुड़ी गतिविधियों में काम करती है। कंपनी की वित्तीय सफलता काफी हद तक उसके managed funds और investments के प्रदर्शन से जुड़ी रहती है। इसी कारण IPO में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए business performance के साथ-साथ market और regulatory risks को समझना भी जरूरी है। IPO के बाद अगला पड़ाव Listing IPO की उपलब्ध समय-सारणी के अनुसार allotment 24 अगस्त, refund की शुरुआत और demat credit 25 अगस्त को तथा listing 26 अगस्त 2026 को प्रस्तावित है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर रहेगी कि GMP में हालिया गिरावट के बावजूद कंपनी की listing कितने प्रीमियम पर होती है। निवेशकों के लिए जरूरी बात Gaja Alternative Asset Management IPO को अच्छी subscription मिली है, लेकिन GMP में लगातार गिरावट यह संकेत देती है कि grey-market sentiment शुरुआती स्तरों की तुलना में कमजोर हुआ है। इसलिए केवल GMP या subscription आंकड़ों के आधार पर निवेश का फैसला करना उचित नहीं होगा। कंपनी की वित्तीय स्थिति, IPO के उद्देश्य, valuation और अपने risk appetite को ध्यान में रखना जरूरी है। स्रोत: SEBI, Economic Times, India Infoline, RR Finance Jai Rashtra News

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SpiceJet को बड़ी राहत! Creditor से समझौते के बाद Insolvency केस में मिली अस्थायी राहत

नई दिल्ली: आर्थिक दबाव से जूझ रही एयरलाइन SpiceJet को insolvency मामले में फिलहाल बड़ी राहत मिली है। National Company Law Tribunal (NCLT) ने aircraft lessor Aviator ML 29641 Ltd के साथ हुए समझौते के बाद उसकी insolvency petition वापस लेने की अनुमति दे दी। हालांकि, एयरलाइन के खिलाफ बाकी insolvency मामलों का समाधान अभी नहीं हुआ है। ₹58.64 करोड़ के डिफॉल्ट से जुड़ा था मामला Aviator ML ने SpiceJet पर करीब ₹58.64 करोड़ के कथित डिफॉल्ट को लेकर Insolvency and Bankruptcy Code के तहत याचिका दायर की थी। मामला NCLT में लंबे समय से चल रहा था और सुनवाई के बाद आदेश सुरक्षित रखा जा चुका था। अंतिम चरण में SpiceJet और Aviator ML के बीच समझौता हुआ, जिसके बाद lessor ने अपनी insolvency petition वापस लेने की मांग की। NCLT ने दी राहत, लेकिन लगाई ₹15 लाख की लागत NCLT ने बुधवार को Aviator ML को याचिका वापस लेने की अनुमति दी, लेकिन SpiceJet और Aviator ML दोनों पर ₹15-15 लाख की लागत भी लगाई। दोनों पक्षों को यह राशि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में जमा करने का निर्देश दिया गया। ट्रिब्यूनल ने आखिरी समय में settlement की जानकारी देने के तरीके पर नाराजगी जताई। अदालत के सामने मामला आदेश के लिए सुरक्षित था और settlement की सूचना बाद में दी गई थी। सात और Insolvency मामलों की चुनौती बरकरार यह राहत SpiceJet के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इससे एयरलाइन की पूरी insolvency समस्या खत्म नहीं हुई है। कंपनी के खिलाफ अन्य aircraft lessors की सात insolvency petitions अभी भी लंबित हैं। NCLT के नए बेंच के सामने इन मामलों की fresh hearing होगी। इसका मतलब है कि SpiceJet को तत्काल insolvency प्रक्रिया में जाने से समय मिल गया है, लेकिन वित्तीय संकट अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मौजूदा मैनेजमेंट के पास रहेगा नियंत्रण इस घटनाक्रम का एक बड़ा फायदा यह है कि फिलहाल SpiceJet का मौजूदा management एयरलाइन का संचालन जारी रख सकेगा। Reuters के मुताबिक fresh hearing का फैसला SpiceJet के लिए राहत है, जबकि creditors के लिए यह उनके debt-recovery प्रयासों में एक झटका माना जा रहा है। SpiceJet पर वित्तीय दबाव अभी कायम SpiceJet पिछले कुछ समय से गंभीर वित्तीय चुनौतियों से गुजर रही है। एयरलाइन की market share जून 2026 में घटकर करीब 1.9% रह गई, जबकि 2019 में यह करीब 15% थी। कंपनी को aircraft grounding, creditor disputes और अन्य वित्तीय दबावों का सामना करना पड़ रहा है। यानी एक creditor के साथ settlement ने SpiceJet को अस्थायी राहत जरूर दी है, लेकिन आगे की राह अभी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। अब आगे क्या होगा? अब SpiceJet के खिलाफ बाकी insolvency petitions की सुनवाई नए NCLT bench के सामने होगी। कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बाकी creditors के साथ भी समझौते करना और अपने वित्तीय हालात को स्थिर करना होगी। फिलहाल Aviator ML मामले में राहत SpiceJet के लिए एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसे insolvency संकट का स्थायी समाधान नहीं माना जा सकता। स्रोत: Reuters, NCLT, Economic Times, Moneycontrol, Free Press Journal Jai Rashtra News

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