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MH CET 5-Year LLB Counselling 2026: Round 2 Choice Filling आज से शुरू, 26 अगस्त तक मौका

मुंबई: महाराष्ट्र में 5-Year Integrated LLB Course में एडमिशन लेने वाले छात्रों के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। MH CET 5-Year LLB CAP Counselling 2026 के Round 2 के लिए College Option Form Filling की प्रक्रिया आज यानी 23 अगस्त 2026 से शुरू हो गई है। उम्मीदवार अपने पसंदीदा Law Colleges का चयन 26 अगस्त 2026 तक कर सकते हैं। Maharashtra State Common Entrance Test Cell ने स्पष्ट किया है कि Round 2 में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को अपनी college preferences भरना जरूरी है। केवल Final Merit List में शामिल ऐसे उम्मीदवार जो अभी किसी कॉलेज में admitted नहीं हैं, option form भर सकते हैं। Round 1 में Betterment का विकल्प चुनने वाले उम्मीदवार भी Round 2 में हिस्सा ले सकते हैं। 23 से 26 अगस्त तक भर सकेंगे College Choices State CET Cell के official portal पर जारी announcement के मुताबिक Round 2 Option Form Filling 23 अगस्त से शुरू होकर 26 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रहेगा। उम्मीदवारों को निर्धारित समय के भीतर अपने पसंदीदा colleges को priority order में भरना होगा। CET Cell ने साफ किया है कि Round 2 में भाग लेने के लिए preferences देना mandatory है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे colleges का क्रम बहुत सावधानी से तय करें, क्योंकि seat allotment उनके merit, category, उपलब्ध सीटों और भरी गई preferences के आधार पर किया जाएगा। कौन भर सकता है Round 2 Option Form? Round 2 choice filling सभी candidates के लिए automatically उपलब्ध नहीं है। Official CAP portal के मुताबिक option form उन candidates के लिए उपलब्ध है जो: जो छात्र Round 2 में participate करना चाहते हैं, उनके लिए college preference form submit करना जरूरी है। 28 अगस्त को आएगा Round 2 Seat Allotment College choices जमा होने के बाद State CET Cell 28 अगस्त 2026 को शाम 5 बजे Round 2 Seat Allotment Result जारी करेगा। उम्मीदवार अपने login के जरिए यह देख सकेंगे कि उन्हें कौन सा college और course allot हुआ है। Seat allotment के बाद सफल candidates को तय समय सीमा में allotted college में report करना होगा और admission प्रक्रिया पूरी करनी होगी। 29 अगस्त से College Reporting Round 2 में seat मिलने वाले उम्मीदवारों के लिए college reporting की प्रक्रिया 29 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चलेगी। इस दौरान candidates को allotted institute में जाकर required documents verify कराने और admission formalities पूरी करने की जरूरत होगी। इसके बाद colleges admitted candidates की details 2 सितंबर को portal पर upload करेंगे। समय पर reporting नहीं करने पर allotted seat पर असर पड़ सकता है, इसलिए candidates को official instructions ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। Choice Filling कैसे करें? MH CET 5-Year LLB CAP Round 2 के लिए candidates को सबसे पहले official counselling portal पर जाना होगा। इसके बाद: एक बार options final करने से पहले उम्मीदवारों को college location, fees, course structure, category-wise seats और पिछले cut-offs जैसी जानकारी देखना फायदेमंद हो सकता है। Round 1 में क्या हुआ था? MH CET 5-Year LLB CAP Round 1 के लिए college option filling 5 अगस्त से 15 अगस्त 2026 तक चली थी। Round 1 seat allocation 18 अगस्त को शाम 5 बजे जारी हुआ था। इसके बाद candidates को 19 से 21 अगस्त तक allotted colleges में admission लेने का मौका दिया गया। Colleges ने admitted candidates की details 22 अगस्त को portal पर upload कीं। अब खाली बची सीटों और eligible candidates के लिए Round 2 प्रक्रिया शुरू की गई है। Round 3 भी होगा आयोजित जो उम्मीदवार Round 2 में सीट हासिल नहीं कर पाते या आगे counselling process में eligible रहते हैं, उनके लिए Round 3 भी आयोजित किया जाएगा। Current counselling schedule के मुताबिक: Round 3 College Option Filling: 3 से 5 सितंबर 2026 Round 3 Seat Allotment: 18 सितंबर 2026, शाम 5 बजे Round 3 College Reporting: 19 से 23 सितंबर 2026 इसके बाद Institute-Level admission round भी आयोजित किया जाएगा। Institute-Level Round की तारीखें Counselling schedule के मुताबिक Institute-Level Round के लिए choice filling 26 से 28 सितंबर तक होगी। Institute-Level admissions 1 से 4 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किए जाएंगे और 5-Year LLB admission process की final cut-off date 5 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। 164 Approved Colleges, 12 हजार से ज्यादा Intake Official CAP portal के live dashboard के मुताबिक counselling process में 164 approved colleges शामिल हैं। Portal पर total intake करीब 12,478 seats दिखाया गया है, जिनमें CAP intake 10,450 है। 23 अगस्त तक dashboard पर 2,700 total admissions भी दर्ज दिखाई दे रहे थे। ये आंकड़े admission process आगे बढ़ने के साथ बदल सकते हैं। Candidates के लिए जरूरी सलाह Candidates को college preference भरते समय केवल एक या दो colleges पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। अपनी merit position और पिछले cut-offs को देखते हुए realistic preferences की पर्याप्त संख्या भरना बेहतर हो सकता है। College priority का क्रम भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि counselling system उम्मीदवार की उपलब्ध सर्वोच्च preference के आधार पर seat allotment करता है। साथ ही candidates को किसी unofficial website या social media message पर निर्भर रहने के बजाय Maharashtra State CET Cell के official CAP portal पर जारी instructions और dates को अंतिम मानना चाहिए। फिलहाल MH CET 5-Year LLB CAP Round 2 के लिए सबसे महत्वपूर्ण deadline 26 अगस्त 2026 है। इसके बाद option form filling window बंद हो जाएगी और 28 अगस्त को Round 2 allotment घोषित किया जाएगा। स्रोत – महाराष्ट्र राज्य सामाईक प्रवेश परीक्षा कक्ष (State CET Cell), एनडीटीवी एजुकेशन जय राष्ट्र न्यूज़

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National Space Day पर PM Modi ने Space Startups के CEOs से संवाद किया साझा, मजबूत ecosystem बनाने पर जोर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 23 अगस्त 2026 को National Space Day के मौके पर देशवासियों और वैज्ञानिकों को शुभकामनाएं देते हुए भारत के तेजी से बढ़ते अंतरिक्ष क्षेत्र को भविष्य की अर्थव्यवस्था और विकसित भारत के लिए महत्वपूर्ण बताया। प्रधानमंत्री ने Space Startups के CEOs और founders के साथ अपने हालिया संवाद को भी साझा किया और देश में ऐसा मजबूत space ecosystem तैयार करने पर जोर दिया, जो दुनिया भर की प्रतिभा, कंपनियों और निवेश को भारत की ओर आकर्षित कर सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के पास कम लागत में काम करने की क्षमता, गुणवत्तापूर्ण talent और जोखिम लेने की मजबूत क्षमता का ऐसा संयोजन है जो देश को वैश्विक space sector में तेजी से अग्रणी स्थान दिला सकता है। 21 अगस्त को 20 Space Startups के साथ हुई थी बैठक प्रधानमंत्री मोदी ने Space Startup CEOs और founders के साथ यह बैठक 21 अगस्त 2026 को Seva Teerth में की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक बैठक में देश के 20 space startups के CEOs और founders शामिल हुए थे। ये कंपनियां rockets, reusable launch vehicles, satellites, advanced propulsion systems, space intelligence, space debris removal, weather और climate intelligence जैसी अलग-अलग technologies पर काम कर रही हैं। National Space Day पर इस interaction को फिर सामने लाते हुए प्रधानमंत्री ने भारत की private space industry की ambition और innovation की तारीफ की। PM Modi बोले—दुनिया Space के लिए भारत की ओर देखे Space Startup leaders के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश को ऐसा ecosystem बनाना चाहिए कि जब दुनिया अंतरिक्ष क्षेत्र के बारे में सोचे तो उसकी नजर भारत की ओर जाए। उन्होंने startups से अपने प्रयासों में consistency बनाए रखने की अपील की और कहा कि सरकार की policies में निरंतरता होने से entrepreneurs को जोखिम लेने का भरोसा मिलता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ऐसा environment तैयार कर सकता है जहां दुनिया भर के talented professionals अपने career और भविष्य के लिए Indian space sector को पसंद करें। Global Talent और Investment को आकर्षित करने पर जोर PM Modi ने कहा कि भारत के space sector में global talent, companies और investment को आकर्षित करने की क्षमता है। उनके मुताबिक भारत cost के मामले में highly competitive है और यहां quality talent के साथ risk-taking क्षमता भी मौजूद है। यही combination भारत को international space market में तेजी से मजबूत स्थिति दिला सकता है। Private companies के लिए space sector खोलने के बाद पिछले कुछ वर्षों में भारतीय startups की संख्या और गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं। कई कंपनियां satellite manufacturing से लेकर launch systems और earth observation तक अलग-अलग क्षेत्रों में काम कर रही हैं। Agriculture से Environment तक Space Technology का इस्तेमाल प्रधानमंत्री ने startups से space technology को केवल rockets और satellites तक सीमित न रखने की बात कही। उन्होंने कंपनियों से विचार करने को कहा कि उनकी technology का इस्तेमाल: में कैसे किया जा सकता है। PM Modi ने उदाहरण दिया कि agriculture से जुड़ी space technology कंपनियां agricultural universities और departments के साथ मिलकर किसानों को बेहतर data और decision-making tools उपलब्ध करा सकती हैं। Atal Tinkering Labs से जुड़ने की सलाह प्रधानमंत्री ने Space Startups को Atal Tinkering Labs के साथ अधिक सहयोग करने की सलाह भी दी। उनका कहना है कि इससे school level पर ही बच्चों में space science, technology और innovation को लेकर curiosity पैदा की जा सकती है। प्रधानमंत्री ने युवा पीढ़ी को भारत के भविष्य के space missions और technologies से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। इससे आने वाले वर्षों में scientists, engineers, designers और entrepreneurs की नई पीढ़ी तैयार करने में मदद मिल सकती है। National Space Day पर PM Modi का संदेश 23 अगस्त को National Space Day के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के जरिए देशवासियों और वैज्ञानिक समुदाय को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारत नई global व्यवस्था में लगातार अपने space sector का विस्तार कर रहा है और नई पीढ़ी के engineers, designers, coders और scientists नई technologies विकसित कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प लिया है और इस लक्ष्य को हासिल करने में space sector की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने देश से अंतरिक्ष क्षेत्र में और बड़े सपने देखने, अधिक innovation करने और नई सीमाओं को पार करने का आह्वान किया। 23 अगस्त को ही क्यों मनाया जाता है National Space Day? भारत में हर साल 23 अगस्त को National Space Day मनाया जाता है। इसी दिन वर्ष 2023 में Chandrayaan-3 के Vikram Lander ने चंद्रमा की सतह पर सफल soft landing की थी। इसके बाद Pragyan Rover को चंद्रमा पर deploy किया गया था। भारत इस उपलब्धि के साथ चंद्रमा पर सफल soft landing करने वाला चौथा देश बना और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास उतरने वाला पहला देश बना। Chandrayaan-3 की सफलता के बाद 23 अगस्त को National Space Day के रूप में मनाने की घोषणा की गई थी। Private Space Sector में तेजी से बढ़ रहा भारत भारत सरकार ने वर्ष 2020 के बाद space sector को private participation के लिए बड़े स्तर पर खोलना शुरू किया। इसके बाद Skyroot Aerospace, Agnikul Cosmos, Pixxel, Dhruva Space, Bellatrix Aerospace, Digantara और कई अन्य startups ने launch vehicles, satellites और space technologies में तेजी से काम शुरू किया। 21 अगस्त की बैठक में इन कंपनियों समेत कुल 20 startups के representatives शामिल हुए थे। Startups ने प्रधानमंत्री को बताया कि Indian technologies को अपनाने में international companies की दिलचस्पी भी बढ़ रही है। Space में Pharmaceuticals Manufacturing तक की तैयारी प्रधानमंत्री के साथ interaction के दौरान कुछ startups ने अपनी futuristic technologies की जानकारी भी साझा की। एक startup representative ने ऐसी satellites विकसित करने की योजना का जिक्र किया जो space में जाकर pharmaceutical products manufacture कर सकें और उन्हें वापस पृथ्वी पर लाया जा सके। एक अन्य startup ने बताया कि उसे हालिया launch के बाद केवल एक महीने में आठ launch contracts मिले, जिनमें ज्यादातर international contracts हैं। ये developments दिखाती हैं कि Indian private space companies traditional satellite…

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Ravindra Jadeja ने रचा इतिहास, 50 World Test Championship मैच खेलने वाले पहले भारतीय बने

कोलंबो: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा ने रविवार, 23 अगस्त 2026 को एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में दूसरे टेस्ट के लिए मैदान पर उतरते ही जडेजा World Test Championship (WTC) में 50 मैच खेलने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर बन गए। भारत और श्रीलंका के बीच दूसरा टेस्ट Sinhalese Sports Club, Colombo में खेला जा रहा है। यह मौजूदा सीरीज का दूसरा और अंतिम टेस्ट है। पहले मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई थी। 50 WTC मैच खेलने वाले पहले भारतीय बने Jadeja World Test Championship की शुरुआत 2019 में हुई थी। इसके बाद से रवींद्र जडेजा भारतीय टेस्ट टीम के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से पहले जडेजा ने 49 WTC मुकाबले खेले थे। कोलंबो में मैदान पर उतरने के साथ ही उन्होंने अपने WTC मैचों की संख्या 50 कर ली और यह उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय बन गए। एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार जडेजा 50 WTC मैच खेलने वाले पहले एशियाई क्रिकेटर भी बन गए हैं। 49 मैचों में शानदार All-Round प्रदर्शन अपने 50वें WTC मुकाबले से पहले जडेजा के आंकड़े उनकी उपयोगिता को साफ दिखाते हैं। पिछले 49 World Test Championship मैचों में जडेजा ने: यानी WTC में वह केवल एक स्पिन गेंदबाज नहीं बल्कि भारत के सबसे प्रभावी all-round performers में शामिल रहे हैं। बल्लेबाजी में निचले और मध्यक्रम में महत्वपूर्ण रन बनाने के साथ-साथ जडेजा ने अपनी बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी से भारत को कई टेस्ट मुकाबलों में जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। Virat Kohli और Mohammed Siraj भी सूची में World Test Championship में भारत के लिए सबसे ज्यादा मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ियों की सूची में जडेजा अब सबसे आगे हैं। कोलंबो टेस्ट से पहले इस सूची में जडेजा 49 मैचों के साथ पहले स्थान पर थे। उनके पीछे विराट कोहली और मोहम्मद सिराज 46-46 मैचों के साथ थे। इसके बाद जसप्रीत बुमराह 42 और रविचंद्रन अश्विन, ऋषभ पंत तथा शुभमन गिल जैसे खिलाड़ी भी इस सूची में शामिल हैं। जडेजा का 50वां मुकाबला इसलिए भी खास है क्योंकि भारतीय टेस्ट क्रिकेट की पिछली पीढ़ी के कई बड़े खिलाड़ी अब इस format से बाहर हो चुके हैं, जबकि जडेजा अभी भी टीम के अहम सदस्य बने हुए हैं। Galle Test में भी किया था शानदार प्रदर्शन श्रीलंका के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले में भी रवींद्र जडेजा ने अपनी गेंदबाजी से महत्वपूर्ण योगदान दिया था। गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराया था। जडेजा ने मैच में कुल चार विकेट हासिल किए और भारत की spin attack में अहम भूमिका निभाई। गॉल की परिस्थितियों में जडेजा और युवा स्पिनर मानव सुथार की जोड़ी ने श्रीलंकाई बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाया था। हाल ही में पूरे किए 350 Test Wickets जडेजा ने इसी श्रीलंका दौरे पर एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया था। पहले टेस्ट के दौरान उन्होंने अपने 350 टेस्ट विकेट पूरे किए। इसके साथ ही वह टेस्ट क्रिकेट में 4,000 से ज्यादा रन और 350 विकेट लेने वाले चुनिंदा ऑलराउंडरों के क्लब में शामिल हो गए। इस सूची में कपिल देव, इयान बॉथम और डेनियल विटोरी जैसे दिग्गजों के नाम शामिल हैं। उनकी यह उपलब्धि बताती है कि जडेजा ने टेस्ट क्रिकेट में बल्ले और गेंद दोनों से लगातार प्रभाव छोड़ा है। Colombo Test में India ने चुनी बल्लेबाजी दूसरे टेस्ट में भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत ने Playing XI में एक बदलाव किया। कुलदीप यादव वायरल इंफेक्शन से पूरी तरह नहीं उबर पाने के कारण मैच से बाहर रहे, जबकि 33 वर्षीय मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर सारांश जैन ने टेस्ट डेब्यू किया। जडेजा की मौजूदगी इस बदले हुए spin combination में और महत्वपूर्ण हो जाती है। World Test Championship में सबसे ज्यादा मैच किसके नाम? हालांकि जडेजा भारत के लिए 50 WTC मुकाबले खेलने वाले पहले खिलाड़ी बन गए हैं, लेकिन विश्व स्तर पर कई खिलाड़ी उनसे आगे हैं। इंग्लैंड के Joe Root WTC में सबसे ज्यादा मुकाबले खेलने वाले खिलाड़ियों में शीर्ष पर रहे हैं। उनके बाद Ben Stokes, Steve Smith, Marnus Labuschagne और अन्य प्रमुख खिलाड़ी सूची में शामिल हैं। इसके बावजूद किसी भारतीय और रिपोर्ट्स के मुताबिक किसी एशियाई खिलाड़ी का 50 मैच तक पहुंचना जडेजा के लिए एक महत्वपूर्ण व्यक्तिगत उपलब्धि है। Jadeja के सामने एक और बड़ा रिकॉर्ड जडेजा के पास श्रीलंका दौरे पर कुछ और व्यक्तिगत milestones हासिल करने का मौका है। कोलंबो टेस्ट से पहले उनके नाम विदेश में खेले गए टेस्ट मैचों में 96 विकेट थे। यानी वह विदेशी धरती पर 100 टेस्ट विकेट पूरे करने से केवल चार विकेट दूर थे। इसके अलावा विदेश में उनके बल्लेबाजी आंकड़े भी मजबूत रहे हैं। ऐसे में कोलंबो टेस्ट उनके लिए कई व्यक्तिगत उपलब्धियों वाला मुकाबला बन सकता है। भारत के सबसे भरोसेमंद Test All-Rounders में शामिल रवींद्र जडेजा लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम के balance का अहम हिस्सा रहे हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत यह है कि वह एक ही मैच में तीन अलग-अलग भूमिकाएं निभा सकते हैं—बल्लेबाजी में महत्वपूर्ण रन, गेंदबाजी में विकेट और fielding में तेज तथा भरोसेमंद प्रदर्शन। घरेलू pitches पर जहां उनकी spin bowling बेहद प्रभावी रही है, वहीं पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने overseas Tests में भी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अपनी उपयोगिता साबित की है। यही consistency उन्हें World Test Championship में भारत का पहला 50-match player बनाने तक लेकर आई है। अब जडेजा की नजर केवल व्यक्तिगत रिकॉर्ड पर नहीं बल्कि श्रीलंका के खिलाफ दूसरा टेस्ट जीतकर भारत को सीरीज में मजबूत जीत दिलाने पर होगी। स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, इकोनॉमिक टाइम्स, स्पोर्ट्स तक, ICC जय राष्ट्र न्यूज़

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India-US Trade Deal लगभग Final: अमेरिकी राजदूत Sergio Gor बोले—‘In Principle’ ज्यादातर समझौता पूरा

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से चर्चा में चल रहा Bilateral Trade Agreement अब अंतिम चरण के बेहद करीब पहुंच गया है। भारत में अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने कहा है कि समझौते के लगभग सभी प्रमुख हिस्सों पर दोनों देशों के बीच “in principle” सहमति बन चुकी है और अब मुख्य रूप से कानूनी तथा तकनीकी भाषा को अंतिम रूप देने का काम बाकी है। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देश व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और रणनीतिक सहयोग को तेजी से आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। Gor ने भरोसा जताया कि बाकी तकनीकी काम पूरा होने के बाद समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकेगा। Sergio Gor ने Trade Deal पर क्या कहा? Economic Times World Leaders Forum में बोलते हुए अमेरिकी राजदूत Sergio Gor ने कहा कि India-US Trade Deal के अधिकांश हिस्सों पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा कि अब बातचीत बड़े नीतिगत मतभेदों को सुलझाने के बजाय मुख्य रूप से legal और technical language को व्यवस्थित करने पर केंद्रित है। समझौते के कुछ हिस्सों के text को दोबारा तैयार किया जा रहा है। Gor ने समझौते को लेकर आशावादी रुख दिखाया और संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच अब बड़ी बाधाओं के बजाय अंतिम दस्तावेजी प्रक्रिया पर काम चल रहा है। क्यों बदला जा रहा Trade Agreement का कुछ Text? Sergio Gor ने कार्यक्रम में बताया कि पहले एक समय दोनों पक्ष समझौते के काफी करीब पहुंच चुके थे, लेकिन अमेरिका में हुए कानूनी घटनाक्रम के बाद deal के कुछ हिस्सों की भाषा को दोबारा तैयार करना पड़ा। उन्होंने कहा कि Washington अब agreement के कुछ text को “reconfigure” कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट किया कि इससे पूरी trade negotiation दोबारा शुरू नहीं हुई है और अधिकांश प्रमुख मुद्दों पर सहमति बनी हुई है। इसका मतलब यह है कि मौजूदा चरण में दोनों पक्ष नए सिरे से पूरा समझौता नहीं बना रहे, बल्कि पहले तय किए गए framework को कानूनी रूप से लागू करने योग्य रूप देने पर काम कर रहे हैं। India-US Trade तेजी से बढ़ा अमेरिकी राजदूत ने भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापारिक रिश्तों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक करीब 15 साल पहले दोनों देशों के बीच bilateral trade लगभग 20 अरब डॉलर था, जबकि आज यह बढ़कर करीब 240 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। भारत और अमेरिका ने आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए tariff barriers कम करना, market access बढ़ाना और दोनों देशों की कंपनियों के लिए व्यापार करना आसान बनाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। Trade Deal से भारत को क्या फायदा हो सकता है? India-US Trade Agreement का अंतिम स्वरूप अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है, इसलिए सभी sector-wise benefits को निश्चित रूप से बताना जल्दबाजी होगी। लेकिन किसी व्यापक trade deal से भारतीय exporters को अमेरिकी बाजार में बेहतर access मिलने, कुछ products पर tariffs कम होने और investment flows बढ़ने की संभावना रहती है। अमेरिका भारत के सबसे महत्वपूर्ण export markets में शामिल है। ऐसे में textiles, engineering goods, pharmaceuticals, electronics और अन्य manufacturing sectors के लिए किसी tariff relief का बड़ा प्रभाव हो सकता है। हालांकि किन products को कितनी राहत मिलेगी, इसका स्पष्ट जवाब final agreement जारी होने के बाद ही मिलेगा। Russian Oil खरीदने वाले देशों पर 100% Tariff की भी चर्चा Sergio Gor ने कार्यक्रम में एक अलग मुद्दे पर भी स्थिति स्पष्ट की। अमेरिकी संसद में ऐसे देशों पर 100 प्रतिशत tariff लगाने के प्रस्ताव की चर्चा चल रही है जो रूस से तेल खरीदते हैं। भारत दुनिया के बड़े Russian crude buyers में शामिल रहा है, इसलिए ऐसे किसी प्रस्ताव का भारत पर प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि Gor ने कहा कि यह प्रस्ताव अमेरिकी Congress में bipartisan स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है और इसे सीधे President Donald Trump या White House की घोषित नीति नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि Trump administration की प्राथमिकता Russia-Ukraine युद्ध को समाप्त कराने की दिशा में काम करना है। Trump-Modi संबंधों पर भी बोले Sergio Gor अमेरिकी राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के रिश्तों को भी दोनों देशों की partnership के लिए महत्वपूर्ण बताया। Gor ने कहा कि Trump और Modi के बीच गहरा व्यक्तिगत संबंध और आपसी भरोसा है। उनके मुताबिक दोनों नेता तेजी से परिणाम चाहते हैं और bilateral relationship को आगे बढ़ाने पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि India-US relationship केवल trade तक सीमित नहीं है, बल्कि defence, energy, technology और Indo-Pacific cooperation जैसे क्षेत्रों तक फैला हुआ है। Marco Rubio अक्टूबर में फिर आ सकते हैं भारत India-US संबंधों में बढ़ती diplomatic engagement का संकेत देते हुए Sergio Gor ने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio अक्टूबर में भारत का दौरा कर सकते हैं। यह Rubio की इस साल भारत की दूसरी यात्रा होगी। इससे पहले वह मई में पांच दिन के दौरे पर भारत आए थे। Gor ने कहा कि अमेरिकी सरकार के शीर्ष अधिकारियों की लगातार भारत यात्राएं यह दिखाती हैं कि Washington भारत के साथ रिश्तों को कितनी प्राथमिकता देता है। क्या Trade Deal अब Final हो चुकी है? फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि India-US Trade Deal पूरी तरह final और लागू हो चुकी है। Sergio Gor के मुताबिक मुख्य मुद्दों पर “in principle” सहमति लगभग पूरी है, लेकिन legal और technical drafting अभी जारी है। इसके बाद दोनों सरकारों को final text पर औपचारिक सहमति देनी होगी और agreement को लागू करने के लिए जरूरी administrative और legal processes पूरी करनी होंगी। इसलिए वर्तमान स्थिति को “लगभग अंतिम चरण में पहुंचा समझौता” कहना ज्यादा सटीक होगा। India-US संबंधों के लिए बड़ा संकेत Trade deal का पूरा होना दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, जबकि अमेरिका उसका प्रमुख trading और strategic partner है। दोनों देशों की कंपनियों के बीच technology, energy, pharmaceuticals, manufacturing और defence sectors में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। Sergio Gor…

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Odisha Coast के पास Panama-flagged जहाज डूबा; 2 Crew Members सुरक्षित, 22 की तलाश में Rescue Operation

भुवनेश्वर: ओडिशा तट से दूर बंगाल की खाड़ी में Panama-flagged cargo ship MV Ocean-Winner के डूबने के बाद बड़े पैमाने पर Search and Rescue Operation चलाया जा रहा है। जहाज पर कुल 24 crew members सवार थे, जिनमें से अब तक दो लोगों को सुरक्षित बचाया गया है, जबकि बाकी 22 सदस्यों की तलाश जारी है। जहाज ओडिशा के Paradip Port से iron ore लेकर Singapore जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार जहाज से संपर्क टूटने के बाद Indian Coast Guard समेत maritime agencies को अलर्ट किया गया और आसपास मौजूद जहाजों को भी बचाव अभियान में मदद के लिए लगाया गया। Paradip से Singapore जा रहा था MV Ocean-Winner रिपोर्ट्स के अनुसार MV Ocean-Winner ने 20 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे ओडिशा के Paradip Port से अपनी यात्रा शुरू की थी। जहाज Singapore की ओर जा रहा था और इसमें ओडिशा से लोड किया गया करीब 1,700 टन iron ore मौजूद था। इसके बाद 22 अगस्त को जहाज से संपर्क टूटने की जानकारी सामने आई। यह जहाज Panama के झंडे के तहत operate कर रहा था। जहाज पर थे 24 Crew Members जहाज पर अलग-अलग देशों के कुल 24 crew members सवार थे। इनमें: शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार अभी तक बचाए गए दो लोगों की पहचान सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं की गई है। 22 अगस्त को टूटा जहाज से संपर्क Maritime Rescue Coordination Centre यानी MRCC, Sri Vijaya Puram को 22 अगस्त को करीब 11:48 बजे जहाज से संपर्क टूटने की सूचना मिली। जहाज को operate करने वाली Victory Star Group Co. Ltd. की ओर से Search and Rescue assistance की मांग की गई थी। सूचना मिलने के बाद maritime rescue network को सक्रिय किया गया और आसपास मौजूद जहाजों को MV Ocean-Winner तथा उसके liferafts की तलाश करने के निर्देश दिए गए। दो Crew Members Liferafts से बचाए गए बचाव अभियान के दौरान merchant tanker MT AISOPOS को जहाज की तलाश के लिए divert किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार शाम करीब 8 बजे दो survivors को अलग-अलग liferafts से सुरक्षित निकाला गया। दो लोगों के मिलने के बाद बाकी crew members की तलाश और तेज कर दी गई। Coast Guard ने भेजे कई जहाज Indian Coast Guard ने Search and Rescue Operation के लिए ICGS Varad और ICGS Anmol को मौके की ओर रवाना किया। इसके अलावा ICGS Vijit को Sri Vijaya Puram से भेजा गया, ताकि search operation का दायरा बढ़ाया जा सके। आसपास से गुजर रहे अन्य commercial vessels को भी alert किया गया है और उनसे rescue operation में सहायता मांगी गई है। Odisha Coast से 200 Nautical Miles से ज्यादा दूर हादसा रिपोर्ट्स में जहाज के डूबने का स्थान ओडिशा तट से करीब 240 nautical miles दूर बताया गया है। जहाज का last reported location East Island Light क्षेत्र के आसपास दर्ज किया गया था। अलग-अलग operational reports में दूरी को लेकर अलग संदर्भ दिए गए हैं, लेकिन यह स्पष्ट है कि हादसा तट से काफी दूर खुले समुद्र में हुआ। इसी वजह से rescue operation चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। MV Ocean-Winner कितना बड़ा जहाज था? Marine tracking information के अनुसार MV Ocean-Winner एक bulk carrier था। रिपोर्ट के मुताबिक जहाज की कुल लंबाई करीब 225 मीटर और चौड़ाई करीब 32.26 मीटर थी। इसका destination Singapore दर्ज था और वहां पहुंचने की अनुमानित तारीख 27 अगस्त थी। Bulk carriers का इस्तेमाल आम तौर पर iron ore, coal, grain और अन्य बड़े dry cargo को समुद्री रास्ते से ले जाने के लिए किया जाता है। जहाज क्यों डूबा? कारण अभी साफ नहीं MV Ocean-Winner के डूबने की वजह अभी आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आई है। अधिकारियों ने फिलहाल अपना पूरा ध्यान लापता crew members को तलाशने और बचाने पर केंद्रित किया है। जहाज में किसी तकनीकी खराबी, खराब मौसम या किसी अन्य कारण की भूमिका थी या नहीं, इसकी जांच आगे की जाएगी। इसलिए हादसे की वजह को लेकर किसी भी अपुष्ट दावे को फिलहाल तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। Search Operation लगातार जारी 23 अगस्त की सुबह तक सामने आए latest updates के मुताबिक दो crew members को सुरक्षित बचाया जा चुका है और बाकी 22 लोगों की तलाश जारी है। Indian Coast Guard और अन्य maritime agencies समुद्र में liferafts, floating debris और किसी भी संभावित survivor की तलाश कर रही हैं। Search and Rescue missions में समुद्र की स्थिति, visibility और जहाज के last known position जैसे factors बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। Paradip Port भारत के प्रमुख Ports में शामिल ओडिशा का Paradip Port भारत के प्रमुख cargo ports में से एक है और यहां से बड़ी मात्रा में iron ore, coal और अन्य commodities का export किया जाता है। MV Ocean-Winner भी यहीं से cargo लेकर Singapore के लिए रवाना हुआ था। इस घटना के बाद maritime authorities जहाज की movement history, distress communication और sinking के कारणों से जुड़े technical details की जांच कर सकती हैं। फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता बाकी crew members को जल्द से जल्द खोजने की है। जैसे-जैसे Coast Guard और अन्य एजेंसियों से नए आधिकारिक updates सामने आएंगे, जहाज के डूबने की वास्तविक वजह और crew members की स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी। स्रोत – पीटीआई, एएनआई, एनडीटीवी, द स्टेट्समैन जय राष्ट्र न्यूज़

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One Nation One Election: 2029 लोकसभा चुनाव के साथ 22 राज्यों/UTs में चुनाव कराने के विकल्प पर NDA में मंथन

नई दिल्ली: देश में ‘One Nation, One Election’ यानी लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की दिशा में राजनीतिक गतिविधियां तेज होती दिख रही हैं। एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक NDA अपने शासन वाले 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विधानसभा चुनाव को 2029 के लोकसभा चुनाव के साथ कराने की संभावना पर विचार कर रहा है। हालांकि अभी इस संबंध में कोई अंतिम या औपचारिक फैसला घोषित नहीं किया गया है। मौजूदा One Nation One Election विधेयकों की व्यवस्था के हिसाब से देशभर में एक साथ चुनाव कराने की प्रक्रिया का सबसे शुरुआती व्यावहारिक समय 2034 बनता है। ऐसे में 2029 में ही NDA-शासित राज्यों के चुनाव लोकसभा के साथ कराने का विचार मौजूदा राजनीतिक चर्चा को नया मोड़ दे सकता है। 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों पर चर्चा इंडियन एक्सप्रेस की 23 अगस्त की रिपोर्ट के मुताबिक NDA के पास ऐसे 22 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं जहां उसके घटक दल सत्ता में हैं। इनमें से कई राज्यों के विधानसभा चुनाव 2027 और 2028 में होने हैं। चर्चा इस बात को लेकर है कि यदि संबंधित राज्य सरकारें तैयार होती हैं तो विधानसभा का कार्यकाल समय से पहले समाप्त कर 2029 के लोकसभा चुनाव के साथ नए चुनाव कराए जा सकते हैं। हालांकि ऐसा करने के लिए संबंधित राज्यों के राजनीतिक नेतृत्व की सहमति बेहद महत्वपूर्ण होगी। चार राज्यों में पहले से Lok Sabha के साथ होते हैं चुनाव NDA के शासन वाले आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम और ओडिशा में विधानसभा चुनाव पहले से ही लोकसभा चुनाव के साथ होते हैं। इसलिए इन राज्यों के चुनावी कैलेंडर को 2029 लोकसभा चुनाव से जोड़ने के लिए अलग से विधानसभा कार्यकाल घटाने जैसी स्थिति पैदा नहीं होगी। चुनौती उन राज्यों को लेकर होगी जहां विधानसभा चुनाव 2027 या 2028 में निर्धारित हैं। इन राज्यों को 2029 तक एक साथ चुनाव की व्यवस्था में लाने के लिए उनकी मौजूदा या अगली विधानसभा का कार्यकाल छोटा करना पड़ सकता है। किन राज्यों का कार्यकाल हो सकता है छोटा? रिपोर्ट के मुताबिक यदि 2029 में एक साथ चुनाव कराने का राजनीतिक फैसला होता है तो कई NDA-शासित राज्यों की विधानसभा का कार्यकाल कम करना पड़ सकता है। गोवा, गुजरात, मणिपुर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में अगला विधानसभा चुनाव 2027 के आसपास निर्धारित है। ऐसे में वहां चुनी जाने वाली अगली विधानसभा को 2029 के लोकसभा चुनाव के साथ तालमेल बैठाने के लिए सामान्य पांच साल से काफी कम कार्यकाल मिल सकता है। इसी तरह छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, राजस्थान और त्रिपुरा जैसे राज्यों में भी चुनावी समय-सारिणी को 2029 से जोड़ने के लिए कार्यकाल में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है। फिलहाल यह केवल विचाराधीन राजनीतिक विकल्प है और संबंधित राज्यों की ओर से ऐसा कोई सामूहिक औपचारिक निर्णय नहीं लिया गया है। Constitution में विधानसभा भंग करने का क्या प्रावधान? भारतीय संविधान के अनुच्छेद 172 के मुताबिक किसी राज्य की विधानसभा सामान्य परिस्थितियों में अपनी पहली बैठक से पांच साल तक चलती है, जब तक कि उसे इससे पहले भंग न कर दिया जाए। वहीं संविधान का अनुच्छेद 174(2)(b) राज्यपाल को विधानसभा भंग करने की शक्ति प्रदान करता है। सामान्य संवैधानिक व्यवस्था में राज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह के आधार पर इस शक्ति का प्रयोग करते हैं। यानी राजनीतिक और संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने की स्थिति में किसी विधानसभा का कार्यकाल पांच साल पूरा होने से पहले भी समाप्त हो सकता है। मौजूदा Bill में क्या है व्यवस्था? केंद्र सरकार ने दिसंबर 2024 में Constitution (One Hundred and Twenty-Ninth Amendment) Bill, 2024 और Union Territories से जुड़ा एक अन्य विधेयक लोकसभा में पेश किया था। इन विधेयकों का उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ कराने की संवैधानिक व्यवस्था तैयार करना है। प्रस्ताव के मुताबिक कानून लागू होने के बाद लोकसभा के आम चुनाव के बाद उसकी पहली बैठक की तारीख को राष्ट्रपति एक निर्धारित तारीख घोषित करेंगे। इसके बाद बनने वाली विधानसभाओं का कार्यकाल अगली लोकसभा के कार्यकाल के साथ समाप्त किया जा सकेगा, ताकि आगे लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जा सकें। मौजूदा समय-सारिणी के हिसाब से इस प्रक्रिया के जरिए nationwide simultaneous elections की स्थिति 2034 में बनने की संभावना है। Joint Parliamentary Committee कर रही Bill की जांच One Nation One Election से जुड़े दोनों विधेयक फिलहाल संसद की Joint Committee के विचाराधीन हैं। इस समिति के अध्यक्ष BJP सांसद पी.पी. चौधरी हैं। समिति अलग-अलग राज्यों, राजनीतिक प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों और अन्य stakeholders से बातचीत कर रही है। 2029 में NDA-शासित राज्यों के चुनाव लोकसभा के साथ कराने के विकल्प पर पूछे जाने पर पी.पी. चौधरी ने इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि यह फैसला संबंधित NDA मुख्यमंत्रियों का होगा और यह मुद्दा समिति के दायरे से बाहर है। कुछ NDA मुख्यमंत्रियों ने दिया समर्थन रिपोर्ट के मुताबिक One Nation One Election के सिद्धांत को कई NDA मुख्यमंत्री पहले ही समर्थन दे चुके हैं। गोवा, उत्तराखंड, हरियाणा और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने Parliamentary Committee के साथ चर्चा के बाद simultaneous elections के विचार के प्रति सकारात्मक रुख दिखाया है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी संकेत दिया था कि राष्ट्रीय चुनावी व्यवस्था के साथ तालमेल के लिए जरूरत होने पर दिल्ली सरकार अपने कार्यकाल में उचित बदलाव पर सकारात्मक रूप से विचार कर सकती है। Congress ने फिर जताया विरोध विपक्ष One Nation One Election प्रस्ताव का लगातार विरोध करता रहा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी का रुख नहीं बदला है और कांग्रेस इस प्रस्ताव को संविधान तथा संघीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ मानती है। कांग्रेस और DMK समेत कई विपक्षी दलों ने 2024 में भी संसद में इन विधेयकों का विरोध किया था। विपक्ष का तर्क है कि अलग-अलग राज्यों की सरकारों का कार्यकाल चुनावी कैलेंडर के हिसाब से छोटा करना संघीय व्यवस्था और राज्यों के जनादेश को प्रभावित कर सकता है। वहीं One Nation One Election के समर्थकों का कहना है कि बार-बार होने वाले चुनावों से होने वाला खर्च, प्रशासनिक दबाव और Model Code of Conduct के कारण विकास कार्यों पर पड़ने वाले प्रभाव को एक साथ चुनाव कराकर कम किया जा सकता है। क्या 2029 से लागू हो…

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जम्मू-कश्मीर: Chenab नदी में फंसे 3 लोगों का रेस्क्यू, भारी बारिश से अचानक बढ़ा जलस्तर

जम्मू: जम्मू-कश्मीर के अखनूर में चिनाब नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तीन युवकों की जान मुश्किल में पड़ गई। तीनों युवक नदी किनारे घूमने गए थे, लेकिन पानी तेजी से बढ़ने के कारण वे बीच में एक चट्टान पर फंस गए। सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव एजेंसियों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। यह घटना शनिवार, 22 अगस्त की देर शाम हुई, जिसकी जानकारी रविवार 23 अगस्त 2026 को सामने आई। अखनूर के चडिया घाट पर हुआ हादसा मामला जम्मू जिले के अखनूर क्षेत्र में स्थित चडिया घाट का है। रिपोर्ट के मुताबिक तीन युवक शनिवार शाम चिनाब नदी के किनारे टहलने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान नदी का जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ने लगा। युवकों को स्थिति समझने और सुरक्षित किनारे तक लौटने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया। पानी बढ़ता देख तीनों ने नदी के बीच मौजूद एक सुरक्षित चट्टान पर शरण ली। हालांकि लगातार बढ़ रहे जलस्तर के कारण वहां भी ज्यादा देर तक सुरक्षित रहना मुश्किल हो सकता था। स्थानीय लोगों ने पुलिस को दी सूचना नदी के आसपास मौजूद लोगों की नजर जब चट्टान पर फंसे युवकों पर पड़ी तो उन्होंने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी। सूचना मिलने के बाद अखनूर पुलिस मौके पर पहुंची। हालात को देखते हुए अन्य संबंधित बचाव एजेंसियों को भी बुलाया गया और तीनों युवकों को बाहर निकालने के लिए अभियान शुरू किया गया। तेज बहाव और बढ़ता जलस्तर रेस्क्यू टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती था। लंबे Rescue Operation के बाद तीनों सुरक्षित काफी प्रयास के बाद बचाव दल तीनों युवकों तक पहुंचने में सफल रहा और उन्हें सुरक्षित स्थान पर लाया गया। इस घटना में किसी युवक की जान जाने या गंभीर रूप से घायल होने की सूचना सामने नहीं आई है। समय रहते स्थानीय लोगों द्वारा पुलिस को जानकारी देने और बचाव अभियान शुरू होने से बड़ा हादसा टल गया। अचानक क्यों खतरनाक हो जाती है Chenab नदी? चिनाब हिमालयी क्षेत्र की प्रमुख नदियों में शामिल है। पहाड़ी इलाकों में बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण नदी के जलस्तर में तेजी से बदलाव हो सकता है। विशेषकर मानसून के दौरान नदी के आसपास जाना जोखिम भरा हो सकता है। सामान्य दिखाई देने वाला किनारा थोड़े समय में तेज बहाव की चपेट में आ सकता है। अखनूर की घटना में भी पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि घाट पर मौजूद तीनों युवक समय रहते किनारे तक नहीं पहुंच पाए। Police ने लोगों को दी चेतावनी घटना के बाद पुलिस ने आम लोगों से बरसात के मौसम में चिनाब नदी से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है। विशेष रूप से रात के समय नदी किनारे जाने से बचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों के मुताबिक जलस्तर में अचानक वृद्धि होने की स्थिति में नदी के पास मौजूद लोगों के लिए खतरा बढ़ सकता है। लोगों को नदी में उतरने, नहाने या तेज बहाव वाली जगहों पर जाने से भी बचना चाहिए। पहले भी सामने आ चुके हैं हादसे चिनाब नदी में हाल के दिनों में हादसों की अन्य घटनाएं भी सामने आई हैं। 9 अगस्त को अखनूर के खौड़ इलाके के दो युवक नदी में नहाते समय लापता हो गए थे। पुलिस, SDRF, NDRF और स्थानीय स्वयंसेवकों ने उनकी तलाश में अभियान चलाया था। बाद में दोनों के शव बरामद किए गए थे। ऐसी घटनाएं बताती हैं कि बरसात के दौरान नदी के बहाव और जलस्तर को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। प्रशासन की सलाह को नजरअंदाज न करें मानसून के दौरान जम्मू क्षेत्र में नदियों और नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने का खतरा बना रहता है। ऐसे में प्रशासन द्वारा जारी weather और safety advisories का पालन करना बेहद जरूरी है। अगर नदी में अचानक पानी बढ़ता दिखाई दे तो तुरंत ऊंचे और सुरक्षित स्थान की ओर जाना चाहिए। नदी के बीच मौजूद पत्थरों या छोटे टापुओं तक पहुंचने की कोशिश भी जोखिम बढ़ा सकती है। अखनूर में हुए इस रेस्क्यू ऑपरेशन में राहत की बात यह रही कि तीनों युवकों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि बरसात के मौसम में चिनाब जैसी तेज बहाव वाली नदियों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बेहद जरूरी है। स्रोत – एबीपी न्यूज़ जय राष्ट्र न्यूज़

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राहुल गांधी का पुणे दौरा; ‘छात्रों की गूंज’ में छात्रों से सीधा संवाद

पुणे: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शनिवार, 22 अगस्त 2026 को पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ (Chhatron Ki Goonj) कार्यक्रम में युवाओं से सीधा संवाद किया। इस बार कार्यक्रम का खास फोकस छात्राओं और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर रहा। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा, महिला सुरक्षा, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और आदिवासी छात्रों की समस्याओं समेत कई विषय उठे। राहुल गांधी ने पारंपरिक राजनीतिक भाषण देने के बजाय छात्रों की बातें सुनने और उनके सवालों का जवाब देने पर जोर दिया। छात्राओं ने उनके सामने उच्च शिक्षा में आने वाली बाधाओं, परिवार और समाज के दबाव, आर्थिक समस्याओं तथा सुरक्षा से जुड़े अनुभव साझा किए। महिला छात्राओं पर रहा कार्यक्रम का खास फोकस ‘छात्रों की गूंज’ कांग्रेस की छात्र और युवा outreach initiative का हिस्सा है। पुणे में आयोजित इस संस्करण को मुख्य रूप से महिला छात्राओं के संवाद पर केंद्रित किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत में राहुल गांधी ने कहा कि वह लंबा राजनीतिक भाषण देने के बजाय वहां मौजूद महिलाओं और छात्राओं की समस्याओं को सुनना चाहते हैं। कार्यक्रम में छात्राओं ने sexual harassment, personal safety, शिक्षा जारी रखने में आर्थिक दिक्कत और विवाह तथा घरेलू जिम्मेदारियों के कारण पढ़ाई प्रभावित होने जैसे विषय उठाए। महिलाओं की स्वतंत्र पहचान पर राहुल गांधी का जोर अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने महिलाओं की स्वतंत्र पहचान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि किसी महिला की पहचान केवल बेटी, बहन, पत्नी या मां के रूप में सीमित नहीं की जानी चाहिए। महिलाओं को अपने फैसले लेने, शिक्षा हासिल करने, रोजगार चुनने और सामाजिक जीवन में अपनी जगह बनाने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उन्होंने महिलाओं को भारत की बड़ी ताकत बताते हुए पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देने की बात कही। राहुल गांधी ने कार्यक्रम के दौरान Manusmriti का जिक्र करते हुए महिलाओं को पुरुष रिश्तेदारों पर निर्भर मानने वाली सोच की आलोचना भी की। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। MPSC अभ्यर्थी ने राहुल गांधी के सामने रखी समस्या कार्यक्रम में महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC की तैयारी कर रही एक छात्रा ने भी अपनी परेशानी राहुल गांधी के सामने रखी। छात्रा ने हालिया परीक्षा से जुड़े कथित paper leak और दोबारा परीक्षा कराने की मांग का जिक्र किया। उसने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में देरी और कथित अनियमितताओं के कारण महिला अभ्यर्थियों को परिवार और विवाह से जुड़े अतिरिक्त दबाव का सामना करना पड़ता है। राहुल गांधी ने MPSC उम्मीदवारों की मांग को समर्थन देने का भरोसा दिया। आदिवासी छात्राओं ने भी उठाए गंभीर मुद्दे पुणे कार्यक्रम में आदिवासी छात्रों से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं। एक आदिवासी छात्रा ने राहुल गांधी को बताया कि पुणे के मांजरी क्षेत्र में छात्र सरकारी आदिवासी हॉस्टलों से जुड़े नियमों और सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर भूख हड़ताल कर रहे हैं। छात्रा ने सरकारी हॉस्टलों में रहने की age limit बढ़ाने, बेहतर शिक्षा व्यवस्था, पीने के पानी, beds और healthcare facilities जैसे मुद्दे उठाए। उसने आश्रम स्कूलों में मिलने वाली सुविधाओं पर भी सवाल किए। इस पर राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों के आंदोलन को समर्थन देने की बात कही और जरूरत पड़ने पर उनके साथ आंदोलन में शामिल होने की इच्छा जताई। शिक्षा और रोजगार भी चर्चा के केंद्र में कार्यक्रम में केवल राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा नहीं हुई। छात्राओं और professional women ने शिक्षा, courses, employment opportunities और financial independence से जुड़े सवाल भी रखे। राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर बढ़ाए जाने चाहिए और सामाजिक दबाव उनके करियर की राह में बाधा नहीं बनना चाहिए। कार्यक्रम में महिला सुरक्षा और सामाजिक भेदभाव भी प्रमुख विषय रहे। कार्यक्रम से पहले 30 शर्तों के साथ मिली थी अनुमति राहुल गांधी के पुणे कार्यक्रम को लेकर आयोजन से पहले भी राजनीतिक हलचल देखने को मिली थी। पुणे पुलिस ने 22 अगस्त के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को 30 शर्तों के साथ अनुमति दी थी। इनमें noise pollution नियमों का पालन, drones के इस्तेमाल पर रोक और आपत्तिजनक banners या सामग्री न लगाने जैसी शर्तें शामिल थीं। कांग्रेस की पुणे इकाई ने दावा किया था कि कार्यक्रम के लिए 30,000 से अधिक छात्रों ने ऑनलाइन registration कराया था। यह संख्या कांग्रेस की ओर से किया गया दावा था। BJP ने कार्यक्रम को लेकर उठाए सवाल राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर BJP और Congress के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी देखने को मिला। महाराष्ट्र BJP ने कार्यक्रम की funding को लेकर सवाल उठाए और कांग्रेस पर आयोजन में लोगों को जुटाने के लिए पैसे खर्च करने के आरोप लगाए। कांग्रेस ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्यक्रम को युवाओं से मजबूत प्रतिक्रिया मिल रही है। कार्यक्रम के एक दिन पहले पुणे की COEP Technological University के hostel के बाहर ABVP और NSUI कार्यकर्ताओं के बीच तनाव और झड़प की घटना भी सामने आई थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। युवा और महिला मतदाताओं तक पहुंच की कोशिश राजनीतिक दृष्टि से ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को कांग्रेस की युवा और छात्र वर्ग से सीधे जुड़ने की रणनीति के रूप में भी देखा जा रहा है। पुणे के कार्यक्रम में खास तौर पर महिलाओं की शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और स्वतंत्रता को केंद्र में रखा गया। राहुल गांधी ने छात्राओं के सवालों को सीधे सुनकर उनके जवाब दिए और कुछ आंदोलनों को समर्थन देने का आश्वासन भी दिया। अब इस कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी के Manusmriti, महिला अधिकारों और छात्र समस्याओं पर दिए गए बयानों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। BJP नेताओं ने कार्यक्रम और राहुल गांधी के बयानों की आलोचना की है, जबकि कांग्रेस इसे युवाओं की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की कोशिश बता रही है। फिलहाल 22 अगस्त को पुणे में हुआ ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम छात्राओं के साथ राहुल गांधी के सीधे संवाद, MPSC परीक्षा विवाद और आदिवासी विद्यार्थियों की मांगों के कारण चर्चा में बना हुआ है। स्रोत – पीटीआई, इंडिया टुडे, द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, द इंडियन एक्सप्रेस जय राष्ट्र न्यूज़

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर ‘मोदी समर्थक’ बताए जा रहे शख्स का बयान चर्चा में; VIDEO वायरल

नई दिल्ली/अयोध्या: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला पिछले कई महीनों से चर्चा में है। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर ऐसा तर्क देता नजर आ रहा है जिसने नई बहस छेड़ दी है। सोशल मीडिया पोस्ट में इस व्यक्ति को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थक बताया जा रहा है। हालांकि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान और उसके किसी राजनीतिक दल से औपचारिक जुड़ाव की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। वीडियो में व्यक्ति कथित चोरी को भगवान कृष्ण द्वारा बचपन में मक्खन चुराने की पौराणिक कथाओं से जोड़कर समझाने की कोशिश करता दिखाई देता है। उसके इसी बयान पर सोशल मीडिया यूजर्स अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। वायरल VIDEO में क्या कहता दिख रहा है शख्स? सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप में एक व्यक्ति से अयोध्या राम मंदिर में सामने आए चढ़ावा चोरी मामले के बारे में सवाल पूछा जाता है। जवाब में वह कथित तौर पर कहता है कि इसे सामान्य चोरी की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। इसके बाद वह आरोपी के ‘यादव’ सरनेम का जिक्र करते हुए भगवान कृष्ण और उनकी बाल लीलाओं का उदाहरण देता दिखाई देता है। वीडियो में दिए गए इस तर्क को लेकर सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग सवाल उठा रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि किसी आपराधिक मामले को धार्मिक कथा से जोड़कर सही ठहराना उचित नहीं है। हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि वायरल वीडियो में मौजूद व्यक्ति का बयान उसकी व्यक्तिगत राय है। इसका किसी सरकारी संस्था, BJP या राम मंदिर ट्रस्ट की आधिकारिक प्रतिक्रिया के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। क्या सच में राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी का मामला है? वायरल वीडियो से अलग, अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़ा कथित चोरी का मामला वास्तविक पुलिस और न्यायिक जांच के दायरे में है। जून 2026 में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर आठ लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। आरोपों में मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से दिए गए नकद और अन्य चढ़ावे में कथित हेराफेरी शामिल है। मामले में नामजद आरोपियों में रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, मनीष कुमार यादव, अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, रामशंकर मिश्रा, करुणेश पांडे और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं। CCTV फुटेज में क्या सामने आया? जांच के दौरान CCTV फुटेज भी अहम सबूत के तौर पर सामने आया। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस जांच में करीब 45 दिनों की CCTV recording खंगाली गई थी। जांच से जुड़े सूत्रों ने दावा किया कि फुटेज में आठ गिरफ्तार आरोपियों में से कम से कम पांच लोग cash counting के दौरान नोटों की गड्डियां निकालकर अपने कपड़ों या मोजों में छिपाते दिखाई दिए। यह मामला सामने आने के बाद मंदिर में donation counting और उसके management system को लेकर भी गंभीर सवाल उठे। करीब 80 लाख रुपये की रिकवरी की खबर जांच के शुरुआती चरण में पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से कथित रूप से चोरी से जुड़ी बड़ी रकम बरामद करने की जानकारी भी दी थी। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों से कुल करीब ₹79.85 लाख नकद बरामद किए गए थे। इसके बाद मामला केवल स्थानीय पुलिस जांच तक सीमित नहीं रहा और देश की राजनीति से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। SIT की Final Report भी आई उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गठित पहली Special Investigation Team ने अगस्त में अपनी final report राज्य सरकार को सौंप दी। इसके बाद Home Department ने रिपोर्ट को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दिया। रिपोर्ट में donation counting process में administrative और supervisory lapses का भी जिक्र सामने आया था। पहली SIT की रिपोर्ट में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा के खिलाफ चोरी में संलिप्तता का सबूत नहीं मिलने की जानकारी सामने आई। Supreme Court भी कर रहा मामले की निगरानी राम मंदिर donation case अब सुप्रीम कोर्ट के समक्ष भी है। 17 अगस्त 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने मामले की जांच कर रही एक अन्य SIT को जांच जल्द पूरी करने और status report दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में मंदिर में आने वाले donations के management और transparency को बेहतर बनाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। इससे साफ है कि मामला केवल सोशल मीडिया का दावा नहीं बल्कि गंभीर जांच और न्यायिक प्रक्रिया का विषय है। आठों आरोपी न्यायिक हिरासत में इस मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत को अगस्त में आगे बढ़ाया गया था। अयोध्या की विशेष अदालत ने सभी आठ आरोपियों की judicial custody को 24 अगस्त 2026 तक बढ़ाया था। बचाव पक्ष ने आरोपियों के खिलाफ लगाई गई धाराओं पर आपत्ति जताते हुए उन्हें गलत तरीके से फंसाए जाने का दावा किया है। इसलिए आरोपियों को दोषी मानने का अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। वायरल बयान पर क्यों हो रही चर्चा? इस पूरे मामले के बीच वायरल हुआ नया वीडियो मुख्य रूप से व्यक्ति के असामान्य तर्क के कारण चर्चा में आया है। सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में कथित चोरी को भगवान कृष्ण की मक्खन चोरी से जोड़ने की कोशिश पर कई लोगों ने आलोचना की है, जबकि कुछ लोग इसे केवल उस व्यक्ति की निजी और धार्मिक व्याख्या बता रहे हैं। यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि सोशल मीडिया पर वीडियो के साथ व्यक्ति को “मोदी समर्थक” बताया जा रहा है, लेकिन उसकी राजनीतिक पहचान की विश्वसनीय मीडिया या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में वीडियो में कही गई बातों को BJP, केंद्र सरकार या किसी हिंदू धार्मिक संस्था का आधिकारिक रुख मानना गलत होगा। चढ़ावा चोरी मामले की जांच अभी महत्वपूर्ण मोड़ पर राम मंदिर चढ़ावा मामले में पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारियां, CCTV फुटेज, रकम की बरामदगी और SIT जांच जैसे कई तथ्य आधिकारिक जांच प्रक्रिया का हिस्सा बन चुके हैं। वहीं वायरल वीडियो से पैदा हुई बहस…

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दिल्ली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प का दावा; DCP ऑफिस में जबरन घुसने का VIDEO वायरल?

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तनाव से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा है कि प्रदर्शनकारी DCP ऑफिस में जबरन घुसने की कोशिश कर रहे थे, हालांकि उपलब्ध विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों से इस दावे की स्पष्ट पुष्टि नहीं होती। इतना जरूर सामने आया है कि बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस कार्यालय के बाहर जमा हुए, नारेबाजी हुई और DCP ऑफिस की एक दीवार के हिस्से को नुकसान पहुंचाए जाने की खबर है। यह पूरा घटनाक्रम छात्र साहिल लोचब को कथित pellet injuries के मामले में FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर हुए राहुल गांधी के धरने से जुड़ा है। राहुल गांधी क्यों पहुंचे थे DCP ऑफिस? लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 21 अगस्त 2026 को साहिल लोचब के साथ दिल्ली पुलिस के अधिकारियों से मिलने पहुंचे थे। साहिल का आरोप है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए एक छात्र प्रदर्शन के दौरान उन्हें pellets लगे थे। राहुल गांधी ने मामले में अलग FIR दर्ज करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। राहुल गांधी पहले संबंधित पुलिस स्टेशन पहुंचे और बाद में Parliament Street Police Station परिसर में स्थित DCP ऑफिस में वरिष्ठ अधिकारी से मुलाकात की। बातचीत से समाधान नहीं निकलने के बाद उन्होंने वहीं धरना शुरू कर दिया। Priyanka Gandhi समेत कई कांग्रेस नेता पहुंचे राहुल गांधी के धरने की जानकारी सामने आने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी मौके पर पहुंचे। जयराम रमेश, कुमारी शैलजा और अन्य पार्टी नेताओं की मौजूदगी के बीच पुलिस कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ने लगी। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल और Rapid Action Force (RAF) के जवान भी तैनात किए गए थे। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तनाव धरने के दौरान पुलिस कार्यालय के बाहर मौजूद पार्टी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी की। NDTV की 22 अगस्त की वीडियो रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने DCP ऑफिस की दीवार के एक हिस्से को नुकसान पहुंचाया। घटनास्थल पर कार्यकर्ताओं और सुरक्षाकर्मियों के बीच तनाव की स्थिति भी दिखाई दी। वहीं India Today की ग्राउंड रिपोर्ट में पूरे इलाके में बैरिकेडिंग, भारी पुलिस मौजूदगी और बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के जमा होने का जिक्र किया गया है। क्या प्रदर्शनकारी जबरन DCP ऑफिस में घुसे? सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस को धक्का देते हुए DCP ऑफिस में जबरन प्रवेश किया। हालांकि अभी तक उपलब्ध प्रमुख मीडिया रिपोर्टों में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं द्वारा DCP ऑफिस के अंदर जबरन घुस जाने की स्पष्ट पुष्टि नहीं की गई है। रिपोर्टों से यह जरूर पुष्ट होता है कि पुलिस कार्यालय के बाहर भीड़ जमा थी, नारेबाजी हुई, तनाव की स्थिति बनी और कार्यालय की दीवार के एक हिस्से को नुकसान पहुंचाया गया। इसलिए वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे “जबरन घुसने” के दावे को आधिकारिक पुष्टि मिलने तक सावधानी से देखा जाना चाहिए। क्या है Sahil Lochab Pellet Case? साहिल लोचब ने आरोप लगाया है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान उन्हें कई metal pellets लगे थे और उनकी आंख भी गंभीर रूप से प्रभावित हुई। उनकी शिकायत में इलाज से जुड़े दस्तावेज और शरीर से निकाले गए pellets की जांच कराने की भी मांग की गई। यह मामला राजनीतिक रूप से तब और बड़ा हो गया जब राहुल गांधी ने इसे पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के अधिकारों से जोड़ते हुए FIR दर्ज करने की मांग की। दिल्ली पुलिस की ओर से पहले pellet gun के इस्तेमाल के आरोपों को लेकर सवाल उठाए गए थे, जबकि पूरा घटनाक्रम पहले से जांच के दायरे में था। धरने के बाद Delhi Police ने दर्ज की FIR करीब छह घंटे चले धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने साहिल लोचब की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की। पुलिस के अनुसार केस Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 118 और 25 के तहत दर्ज किया गया है। ये प्रावधान खतरनाक साधनों से चोट पहुंचाने और जीवन अथवा व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्यों से संबंधित हैं। FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी का धरना समाप्त हुआ। BJP और Congress आमने-सामने पूरे मामले ने राजनीतिक विवाद का रूप भी ले लिया है। कांग्रेस का आरोप है कि घायल छात्र को न्याय दिलाने के लिए लंबे समय तक FIR की मांग करनी पड़ी। वहीं BJP नेताओं ने राहुल गांधी पर मामले का राजनीतिकरण करने और कानून-व्यवस्था पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। NDTV के मुताबिक BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मामले को राजनीतिक तमाशा बनाने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस का कहना है कि पार्टी छात्र को न्याय दिलाने की मांग कर रही थी। फिलहाल छात्र को pellets कैसे लगे और इसके लिए कौन जिम्मेदार था, यह जांच का विषय है। इसी तरह सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे DCP ऑफिस में जबरन घुसने के दावे की भी स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। ऐसे में वायरल वीडियो को पूरे संदर्भ और जांच के अंतिम नतीजों के बिना निर्णायक सबूत मानना उचित नहीं होगा। स्रोत – एनडीटीवी, इंडिया टुडे, पीटीआई, द वीक जय राष्ट्र न्यूज़

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