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पीएम मोदी का गुजरात दौरा: विरासत और विकास का संगम

पीएम मोदी का गुजरात दौरा: विरासत और विकास का संगम

गुजरात, 20 सितंबर 2025 — आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने गुजरात दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में हिस्सा लिया जिसमें सौर ऊर्जा, समुद्री विरासत और सामाजिक विकास से जुड़े कई पहलुओं पर ज़ोर दिया गया। उनका यह दौरा इस बात का प्रतीक है कि कैसे विकास और पारंपरिक विरासत को साथ लेकर चलना संभव है। नए सोलर विलेज की शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी ने कच्छ जिले के धोरड़ो गाँव को राज्य का चौथा पूर्णतः सौर ऊर्जा पश्चिम गाँव (solar village) घोषित किया। धोरड़ो पिछले कुछ समय से पर्यटन की दृष्टि से प्रसिद्ध है, और अब यह सोलर विलेज बनते ही पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उदाहरण स्थापित करेगा। राज्य सरकार ने इस पहल को पर्यावरण अनुकूल विकास की दिशा में कदम बताया है।  राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का निरीक्षण अपने दौरे के दौरान उन्होंने अहमदाबाद जिले की लोथल स्थित राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर का निरीक्षण किया। लगभग ₹4,500 करोड़ की इस परियोजना का उद्देश्य भारत की प्राचीन समुद्री सभ्यता और व्यापारिक इतिहास को जीवंत बनाना है। लोथल का इतिहास इंडस घाटी की प्राचीन परंपराओं से जुड़ा है और NMHC में बनने वाले उद्घाटन किए जा चुके हिस्सों और चल रहे कार्यों का पीएम मोदी ने जायजा लिया।  सार्वजनिक संबोधन और रोडशो प्रधानमंत्री ने इस दौरे के दौरान जनता को संबोधित किया और रोडशो भी किया। इस तरह की सार्वजनिक उपस्थापनाएं विकास की परियोजनाओं के साथ सीधे लोगों को जोड़ने का माध्यम बनती हैं। मोदी के भाषणों में अक्सर स्थानीय जरूरतों, ग्रासरूट विकास और सरकार की योजनाओं की अहमियत बताई जाती है, जिससे जनता को सरकार की प्राथमिकताएं समझ में आती हैं।  “विरासत भी, विकास भी” का सिद्धांत प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा उस प्रस्तावना को पुष्ट करता है जो उन्होंने विकास के साथ विरासत को भी महत्व देने की कही है — अर्थात् पुरातन इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करते हुए आगे बढ़ना। धोरड़ो गाँव में सोलर विज़न लागू करना और लोथल जैसे ऐतिहासिक स्थल को पुनर्जीवित करना इस दृष्टिकोण के स्पष्ट उदाहरण हैं।  लाभ और चुनौतियाँ इन पहलों से स्थानीय लोगों को कई तरह से लाभ मिलने की उम्मीद है — बिजली की बचत, पर्यटन से आय, स्थानीय रोजगार, और पर्यावरणीय स्थिरता। हालांकि, इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करना, रख-रखाव सुनिश्चित करना, और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप संचालन करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। यह जरूरी है कि परियोजनाएँ सिर्फ उद्घाटन तक ही सीमित न रह जाएँ बल्कि लंबे समय तक चलने वाले हों। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश  प्रधानमंत्री मोदी का यह गुजरात दौरा यह संदेश दे रहा है कि विकास का रास्ता सिर्फ नई परियोजनाएँ नहीं हैं, बल्कि पुरानी विरासत को संजोने और स्थानीय समुदायों को सशक्त बनाने के माध्यम से भी गुजरता है। धोरड़ो गाँव का सोलर विलेज बनना और लोथल परिसर का काम इस तरह के मिश्रित विकास का प्रमाण हैं। जैसे-जैसे ये परियोजनाएँ पूरी होंगी, यह देखना होगा कि इनके प्रभाव कितने व्यापक और दीर्घकालीन होते हैं — क्या ये जमीन पर बदलाव लाती हैं? गुजरात के लोगों और सरकार दोनों की निगाहें इस दिशा में बनी हुई हैं।

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अवैध शराब माफिया पर बड़ी कार्रवाई

अवैध शराब माफिया पर बड़ी कार्रवाई

बुरहानपुर ब्रेकिंग: अवैध शराब माफिया पर बड़ी कार्रवाई, 2500 लीटर महुआ लहान नष्ट – 120 लीटर कच्ची शराब जब्त बुरहानपुर। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर जिले में पुलिस और प्रशासन द्वारा अवैध शराब माफिया पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। इसी कड़ी में शनिवार सुबह शिकारपुरा थाना पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने बलवा टेकड़ी इलाके में बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान टीम ने 2500 लीटर महुआ लहान को मौके पर ही नष्ट कर दिया और 120 लीटर कच्ची देशी महुआ शराब जब्त की। जब्त की गई शराब की कीमत लगभग 2 लाख 68 हजार रुपये आंकी गई है। कार्रवाई में पुलिस ने मौके से दो आरोपियों – शामराव गाढ़े और अखिल खान – को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और पूछताछ जारी है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश के निर्देशन में की गई। दबिश का पूरा घटनाक्रम शनिवार की सुबह शिकारपुरा थाना पुलिस को बलवा टेकड़ी क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण की सूचना मिली। सूचना के आधार पर तुरंत आबकारी विभाग के साथ संयुक्त टीम बनाई गई। पुलिस बल और विभागीय अधिकारियों की टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए शराब बनाने की जगह पर पहुंचकर दबिश दी। मौके पर भारी मात्रा में महुआ लहान और शराब बनाने का सामान मिला। टीम ने करीब 2500 लीटर लहान को नष्ट कर दिया। साथ ही तैयार की गई 120 लीटर देशी महुआ शराब जब्त कर थाने लाया गया। यह शराब यदि बाजार में बिकती, तो इसकी कीमत करीब 2.68 लाख रुपये तक होती। आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस ने मौके से दो व्यक्तियों को दबोचा, जिनकी पहचान शामराव गाढ़े और अखिल खान के रूप में हुई। दोनों आरोपी लंबे समय से इस अवैध धंधे में सक्रिय बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है ताकि पता लगाया जा सके कि इनके नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। जांच अधिकारी का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद इस धंधे से जुड़े अन्य लोगों पर भी कार्रवाई की जाएगी। आबकारी एक्ट की धाराओं के तहत दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस और प्रशासन की सख्ती पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार ने स्पष्ट कहा कि जिले में अवैध शराब और उससे जुड़ी हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस और आबकारी विभाग के तालमेल से की गई है और आगे भी इस तरह की संयुक्त कार्यवाहियां जारी रहेंगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंतर सिंह कनेश ने कहा कि अवैध शराब का धंधा न केवल कानूनन अपराध है बल्कि यह लोगों की जान और सेहत के लिए भी खतरा है। इस तरह की गतिविधियों से समाज में नशाखोरी बढ़ती है और अपराध का ग्राफ भी ऊपर जाता है। इसलिए पुलिस और प्रशासन इस धंधे को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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Pakistan and Bangladesh feel like home...," said Sam Pitroda, echoing Rahul Gandhi's appeal to Gen-Z

पाकिस्तान-बांग्लादेश घर जैसा लगता है…’, बोले सैम पित्रोदा, Gen-Z से दोहराई राहुल गांधी वाली अपील

पाकिस्तान-बांग्लादेश घर जैसा लगता है…’, बोले सैम पित्रोदा, Gen-Z से दोहराई राहुल गांधी वाली अपील नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा ने एक बार फिर बयान देकर राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। पित्रोदा ने कहा कि “पाकिस्तान और बांग्लादेश हमारे लिए घर जैसा लगता है”। उन्होंने साथ ही Gen-Z यानी नई पीढ़ी से राहुल गांधी की सोच और संदेश को आगे बढ़ाने की अपील की। राहुल गांधी की लाइन को दोहराया सैम पित्रोदा ने कहा कि पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते हमेशा संवाद और विश्वास पर आधारित होने चाहिए। उन्होंने राहुल गांधी की “नफरत नहीं, मोहब्बत” वाली लाइन को दोहराते हुए कहा कि नई पीढ़ी को सीमाओं से आगे बढ़कर भाईचारे और शांति का रास्ता अपनाना चाहिए। Gen-Z को संदेश उन्होंने खासतौर पर Gen-Z पीढ़ी से कहा कि वे सोशल मीडिया और टेक्नोलॉजी से जुड़े हुए हैं, इसलिए उन्हें सीमाओं से परे सोचकर वैश्विक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। पित्रोदा ने कहा कि भारत का भविष्य तभी मजबूत होगा जब नई पीढ़ी नफरत और विभाजन की राजनीति से ऊपर उठकर साझेदारी और भाईचारे की राह चुनेगी। बीजेपी का पलटवार पित्रोदा के इस बयान पर बीजेपी ने कड़ा विरोध जताया है। बीजेपी नेताओं ने कहा कि कांग्रेस हमेशा पाकिस्तान और बांग्लादेश के मुद्दों पर “नरम रुख” दिखाती रही है। उनका आरोप है कि इस तरह के बयान से राष्ट्रीय हित और सुरक्षा पर सवाल खड़े होते हैं। चुनावी संदर्भ में देखा जा रहा बयान विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान सीधा-सीधा चुनावी राजनीति से जुड़ा है। कांग्रेस लगातार युवाओं और नए मतदाताओं को साधने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी के संदेश को आगे बढ़ाकर सैम पित्रोदा भी उसी दिशा में काम कर रहे हैं।

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बुरहानपुर में करंट से युवक की मौत

बुरहानपुर में करंट से युवक की मौत

बुरहानपुर में करंट से युवक की मौत: खेत की रखवाली के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा, जंगली सूअरों से बचाने लगाए गए थे तार बुरहानपुर। जिले के नेपानगर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत निंबोला थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां ग्राम अंबा के मलगांव निवासी एक युवक की खेत में करंट लगने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ, जब वह अपने खेत के पास पहुंचा और जंगली सूअरों से फसल बचाने के लिए बिछाए गए करंट युक्त तारों की चपेट में आ गया। युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। ग्रामीण इलाकों में आम हो रहा करंट का जुगाड़ स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ समय से इलाके में जंगली सूअरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सूअरों के झुंड खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुँचा रहे हैं। इससे परेशान किसान सुरक्षा के लिए खेतों के चारों ओर बिजली के तार बिछा रहे हैं और उनमें करंट प्रवाहित कर देते हैं। यह तरीका भले ही फसलों को बचा लेता हो, लेकिन इंसानों और पालतू जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शुरू की जांच घटना की जानकारी मिलते ही निंबोला थाना पुलिस मौके पर पहुँची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि खेत में करंट डालने के लिए किसकी जिम्मेदारी थी। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बढ़ती घटनाओं से ग्रामीण दहशत में ग्रामीणों ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब करंट से किसी की मौत हुई हो। आए दिन इस तरह की घटनाएं सुनने को मिल रही हैं। जंगली सूअरों के आतंक और किसानों की मजबूरी के चलते खेतों में करंट फैलाने का तरीका ग्रामीणों में आम होता जा रहा है। प्रशासन के पास इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है, जिससे ग्रामीण खुद के स्तर पर सुरक्षा इंतज़ाम कर रहे हैं। ग्रामीणों ने की प्रशासन से मांग ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से अपील की है कि जंगली सूअरों से फसलों को बचाने के लिए ठोस और सुरक्षित व्यवस्था की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते समाधान नहीं किया गया तो इस तरह के हादसे और भी बढ़ सकते हैं।

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बुरहानपुर ब्रेकिंग: इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा

बुरहानपुर ब्रेकिंग: इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, दो युवक गंभीर घायल, ट्रक चालक फरार बुरहानपुर (मध्यप्रदेश)। जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम इच्छापुर शनिमंदिर के पास रविवार को एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया। इंदौर-इच्छापुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-52) पर अज्ञात ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयानक था कि मोटरसाइकिल के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। कैसे हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से मोटरसाइकिल को टक्कर मारी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के कई टुकड़े हो गए और युवक दूर जा गिरे। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन को मौके पर छोड़ने के बजाय तुरंत फरार हो गया। घायल युवकों की हालत नाजुक हादसे में घायल दोनों युवकों को स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें आगे रेफर कर दिया है। मौके पर लोगों का आक्रोश घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने पुलिस को खबर दी, लेकिन पुलिस के मौके पर देर से पहुंचने पर लोगों ने नाराजगी जताई और विरोध प्रदर्शन किया। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं, लेकिन प्रशासन और पुलिस ट्रैफिक नियंत्रण एवं सख्ती को लेकर गंभीर नहीं है। पुलिस की कार्रवाई पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लगातार बढ़ रहे हैं हादसे गौरतलब है कि इंदौर-इच्छापुर हाईवे पर तेज रफ्तार और भारी वाहनों की आवाजाही के चलते आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सख्त कदम उठाने और ब्लैक स्पॉट्स पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग की है।

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नेपानगर में बड़ा हादसा टला

नेपानगर में बड़ा हादसा टला: ताप्ती पुल से लटक गया आयसर वाहन, बाल-बाल बचीं कई जानें

बुरहानपुर। जिले के नेपानगर-अंबाडा मार्ग पर मंगलवार सुबह एक ऐसा हादसा हुआ जिसने कुछ ही पलों में लोगों की सांसें थमा दीं। एक तेज़ रफ्तार आयसर वाहन ताप्ती नदी के पुल पर अचानक अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए आधा हिस्सा नीचे की ओर लटक गया। वाहन पूरी तरह नदी में गिरने से बस एक कदम दूर था। सौभाग्य से बड़ा हादसा टल गया और कई लोगों की जान बाल-बाल बच गई। — हादसा कैसे हुआ? मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि यह घटना सुबह लगभग 11 बजे की है। आयसर वाहन बुरहानपुर से नेपानगर की ओर तेज गति से आ रहा था। जैसे ही वाहन ताप्ती पुल के पास पहुंचा, चालक अचानक संतुलन खो बैठा। वाहन सीधे पुल की रेलिंग से टकराया और आधा हिस्सा तोड़ते हुए बाहर की ओर झुक गया। कुछ ही सेकंड के लिए ऐसा लगा कि वाहन नदी में गिर जाएगा, लेकिन किसी तरह उसका पिछला हिस्सा पुल पर अटका रह गया। आंखों देखा हाल बताने वाले प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर वाहन थोड़ा और आगे खिसक जाता, तो वह सीधे नदी की गहराई में जा गिरता और एक बड़ा हादसा निश्चित था। मौके पर अफरा-तफरी जैसे ही यह घटना घटी, पुल पर और उसके आसपास मौजूद लोग सहम गए। कुछ ही पलों में सड़क पर जाम लग गया और लोग भागकर वाहन की ओर दौड़े। मौके पर मौजूद कई राहगीरों ने अपने मोबाइल से वीडियो और फोटो बनाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी। खबर मिलते ही पुलिस दल और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंचा और राहत कार्य शुरू किया। वाहन को सुरक्षित निकालने के लिए क्रेन मंगाई गई। इस दौरान करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। बड़ी जनहानि से बचाव सबसे राहत की बात यह रही कि वाहन में बैठे लोगों को गंभीर चोट नहीं आई। केवल कुछ हल्की खरोंचें और मामूली चोटों की सूचना मिली है। अगर वाहन पूरी तरह नदी में गिर जाता, तो न सिर्फ चालक और सवार लोग बल्कि नीचे से गुजर रहे अन्य लोग भी इसकी चपेट में आ सकते थे। स्थानीय लोगों ने इसे भगवान की कृपा बताते हुए कहा कि यह वाकई चमत्कार ही था कि इतने खतरनाक मोड़ पर भी कोई बड़ी अनहोनी नहीं हुई। सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल इस हादसे ने एक बार फिर से सड़क सुरक्षा और ओवरस्पीडिंग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेपानगर-अंबाडा मार्ग पर कई बार वाहन तेज गति से गुजरते हैं और प्रशासन इस पर सख्ती नहीं करता। ताप्ती पुल पर पहले भी छोटे-मोटे हादसे हो चुके हैं, लेकिन इस बार तो मामला बेहद गंभीर था। विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ती गति, ओवरलोडिंग और चालक की लापरवाही से सड़क हादसों की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग को सख्ती से नियम लागू करने होंगे। सोशल मीडिया पर चर्चा जैसे ही घटना के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर आए, लोग लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं देने लगे। किसी ने इसे चालक की लापरवाही बताया, तो किसी ने प्रशासन की कमजोरी। कई यूजर्स ने लिखा कि पुल की सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत है, ताकि ऐसे हादसे भविष्य में टाले जा सकें। प्रशासन की प्रतिक्रिया हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि वाहन तेज गति में था और मोड़ पर चालक ने नियंत्रण खो दिया। हालांकि, वाहन में किसी तकनीकी खराबी की भी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से सीख लेनी चाहिए। ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण और यातायात नियमों का पालन हर किसी के लिए जरूरी है। साथ ही, उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे हादसे के समय अफरा-तफरी न फैलाएं और प्रशासन की मदद करें।

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PM Modi Birthday 2025

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर कस्बे में हुआ था। इस साल वे 75 वर्ष के हो गए हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि साधारण परिवार से निकलकर भी कोई व्यक्ति मेहनत, अनुशासन और सेवा भाव से देश के सर्वोच्च पद तक पहुँच सकता है। मोदी जी का बचपन बहुत सादा था। उनके पिता रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते थे और उनकी माँ गृहिणी थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं थी, लेकिन बचपन से ही मोदी जी में सीखने और समाज की सेवा करने की लगन थी। युवावस्था में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े और यहीं से उनका सामाजिक व राजनीतिक सफर शुरू हुआ। धीरे-धीरे उन्होंने अपनी मेहनत और ईमानदारी से संगठन और जनता के बीच पहचान बनाई। वर्ष 2001 में नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बने और लगातार 13 वर्षों तक इस पद पर कार्य करते रहे। उनके नेतृत्व में गुजरात ने विकास के कई नए कीर्तिमान स्थापित किए। इसके बाद 2014 में वे पहली बार भारत के प्रधानमंत्री बने। फिर 2019 और 2024 में भी जनता ने उन पर भरोसा जताया और वे लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बने। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने कई महत्वपूर्ण योजनाएँ शुरू कीं। स्वच्छ भारत अभियान के जरिए देशभर में सफाई और शौचालय निर्माण को बढ़ावा मिला। जन धन योजना ने करोड़ों गरीब लोगों को बैंकिंग से जोड़ा। उज्ज्वला योजना के तहत लाखों महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिला। आयुष्मान भारत योजना ने गरीब परिवारों को स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया। इसके अलावा डिजिटल इंडिया अभियान ने तकनीक और इंटरनेट को गाँव-गाँव तक पहुँचाया। इन सबके साथ-साथ मोदी जी ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी भारत की मजबूत पहचान बनाई। मोदी जी अपना जन्मदिन बहुत सादगी से मनाते हैं। वे इसे निजी उत्सव नहीं मानते बल्कि समाज सेवा का अवसर समझते हैं। उनके जन्मदिन पर भारतीय जनता पार्टी और उनके समर्थक “सेवा पखवाड़ा” चलाते हैं, जिसमें सफाई अभियान, पौधारोपण, रक्तदान और स्वास्थ्य शिविर जैसे कार्य होते हैं। उन्हें मिले तोहफों और स्मृति चिन्हों की नीलामी कर दी जाती है और उससे प्राप्त धनराशि सामाजिक कार्यों में खर्च की जाती है। इस वर्ष उनका 75वाँ जन्मदिन विशेष महत्व रखता है। देशभर में सेवा कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। वाराणसी में 111 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन हुआ है। मध्यप्रदेश में पोषण अभियान और महिला सशक्तिकरण से जुड़े नए कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सहित देश-विदेश के कई नेताओं ने उन्हें शुभकामनाएँ दी हैं। मोदी जी की जीवनशैली हर किसी के लिए प्रेरणा है। वे कम सोते हैं, बहुत अधिक काम करते हैं और हमेशा अनुशासन का पालन करते हैं। उनका मानना है कि नेतृत्व का मतलब केवल पद पर बैठना नहीं बल्कि जनता के बीच रहकर उनकी सेवा करना है। उनके नारे “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” ने करोड़ों लोगों को नई दिशा दी है। नरेंद्र मोदी का जन्मदिन केवल एक व्यक्तिगत अवसर नहीं बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणा का क्षण है। उनका जीवन हमें सिखाता है कि यदि मन में देशभक्ति और दृढ़ संकल्प हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

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आंखों पर पट्टी, मन में न्याय की लौ! नागझरी पंचायत में भ्रष्टाचार के खिलाफ युवक का अनोखा प्रदर्शन

आंखों पर पट्टी, मन में न्याय की लौ! नागझरी पंचायत में भ्रष्टाचार के खिलाफ युवक का अनोखा प्रदर्शन

बुरहानपुर। बुरहानपुर जिले की खकनार तहसील के ग्राम पंचायत नागझरी में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ एक जागरूक ग्रामीण ने ऐसा अनोखा प्रदर्शन किया, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया। गांव के युवक लखन पटेल ने आंखों पर काली पट्टी बांधकर जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पंचायत सचिव सहित पंचायत व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। उनका यह विरोध न केवल प्रतीकात्मक था, बल्कि एक गहरी सामाजिक पीड़ा और जनता की आक्रोशित आवाज को उजागर करता हुआ दिखा। पंचायत सचिव पर गंभीर आरोप लखन पटेल का आरोप है कि ग्राम पंचायत नागझरी में लंबे समय से भ्रष्टाचार और मनमानी चरम पर है। उन्होंने कहा कि पंचायत की अधिकांश योजनाओं और शासकीय लाभों का वितरण सही पात्रों तक नहीं पहुंच रहा। नियमों और दिशा-निर्देशों को दरकिनार कर अपात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है, जबकि वास्तव में जिन परिवारों को सहायता की जरूरत है, वे दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। लखन पटेल ने खुलासा किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट, जो गरीब और बेघर लोगों के लिए है, उसमें भी भारी गड़बड़ी की गई है। उन्होंने बताया कि एक सरकारी कर्मचारी को ही इस योजना का लाभ दे दिया गया है, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है। यह घटना न केवल योजना की मंशा पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाती है। अभद्र व्यवहार का आरोप लखन पटेल ने यह भी आरोप लगाया कि जब वह पंचायत कार्यालय किसी जानकारी की मांग करने या शिकायत दर्ज कराने पहुंचते हैं, तो पंचायत के कर्मचारी उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं। पारदर्शिता और जवाबदेही की जगह वहां डर और दबाव का माहौल बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है मानो पंचायत कार्यालय जनता की सुविधा का केंद्र न होकर कुछ व्यक्तियों के हित साधन का अड्डा बन गया है। आंखों पर पट्टी बांधकर दिया संदेश लखन पटेल का विरोध प्रदर्शन बेहद प्रतीकात्मक रहा। उन्होंने कलेक्टर कार्यालय के सामने आंखों पर काली पट्टी बांधकर यह संदेश दिया कि “यदि शासन और प्रशासन भ्रष्टाचार के मामलों पर आंखें मूंदकर बैठे रहेंगे, तो आम नागरिकों को भी आंखें बंद कर लेना चाहिए। या तो चुप्पी साध लें या फिर आवाज उठाएं।” उनका यह कदम यह बताता है कि लोकतंत्र में जनता की जागरूकता ही सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने यह भी कहा कि जब जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंद लेंगे, तो गरीब और जरूरतमंदों की आवाज कहीं दबकर रह जाएगी। ऐसे में हर जागरूक व्यक्ति का कर्तव्य है कि वह सामने आए और अपनी बात रखे। निष्पक्ष जांच की मांग लखन पटेल ने जिला कलेक्टर से अपील करते हुए पंचायत की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो भ्रष्टाचार का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा और वास्तविक हितग्राही लगातार वंचित होते रहेंगे। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि उनकी शिकायत पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई, तो वह व्यापक स्तर पर आंदोलन शुरू करेंगे और ग्रामीणों को साथ लेकर पंचायत स्तर पर जवाब मांगेंगे। जनता में चर्चा का विषय बना प्रदर्शन लखन पटेल का यह अनोखा विरोध अब ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना हुआ है। कई ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने वर्षों से पंचायत की गड़बड़ियों को सहा है, लेकिन कोई खुलकर सामने नहीं आया। लखन पटेल ने हिम्मत दिखाकर न केवल पंचायत सचिव पर उंगली उठाई, बल्कि प्रशासन का ध्यान भी इस ओर आकर्षित किया है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी माना कि पंचायत में योजनाओं का लाभ अक्सर उन्हीं लोगों को मिलता है जिनका पंचायत कर्मियों से नजदीकी संबंध है। वहीं गरीब, मजदूर और कमजोर वर्ग की आवाज को नजरअंदाज कर दिया जाता है। इस कारण गांव में असमानता और नाराजगी बढ़ती जा रही है। प्रशासन की जिम्मेदारी यह मामला अब जिला प्रशासन के सामने है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह प्रशासनिक ढिलाई भ्रष्टाचार को और बढ़ावा देगी। पंचायत स्तर पर हो रहे भ्रष्टाचार से सीधे-सीधे गरीब और जरूरतमंद प्रभावित होते हैं, इसलिए यह प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती है। लोकतंत्र में जनता की ताकत लखन पटेल का यह अनोखा विरोध लोकतंत्र में जनता की ताकत का प्रतीक है। एक साधारण ग्रामीण ने आंखों पर पट्टी बांधकर यह दिखा दिया कि यदि सत्ता और तंत्र आंख मूंदकर बैठे रहेंगे, तो आम जनता भी आंखें मूंद सकती है। मगर, विकल्प यही है कि अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई जाए। यह विरोध केवल पंचायत स्तर की गड़बड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक संदेश है कि जब भी जनता संगठित होकर अपनी बात रखती है, तो सबसे बड़े तंत्र को भी जवाब देना पड़ता है।

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फरार 30 हजार का इनामी आरोपी रविंद्र गिरफ्तार

फरार 30 हजार का इनामी आरोपी रविंद्र गिरफ्तार

छतरपुर जिला अस्पताल कैदी वार्ड से फरार 30 हजार का इनामी आरोपी रविंद्र गिरफ्तार, तीन सहयोगी भी पकड़े गए छतरपुर। मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में जिला अस्पताल कैदी वार्ड से फरार हुए आरोपी रविंद्र सिंह परिहार को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया है। आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस महानिरीक्षक (सागर जोन) श्रीमती हिमानी खन्ना ने 30 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। आईजी ने किया इनाम घोषित, एसपी ने गठित की 10 टीमें मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली में भारतीय न्याय संहिता की समुचित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने घटनास्थल का सुपरविजन किया और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के लिए 10 पुलिस टीमों का गठन कर विशेष निर्देश दिए। लगातार दबिश और फिक्स प्वाइंट पर तैनाती गठित टीमों ने जिले और आसपास के इलाकों में लगातार दबिश दी। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्थानों पर फिक्स प्वाइंट पर पुलिस बल की तैनाती भी की गई। इस बीच आरोपी की गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी पुलिस को प्राप्त हुई। ग्राम पनौठा से गिरफ्तार हुआ फरार आरोपी जानकारी के आधार पर पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए ग्राम पनौठा के पास से फरार आरोपी रविंद्र सिंह परिहार पिता सुल्तान सिंह परिहार को गिरफ्तार कर लिया। तीन सहयोगी भी चढ़े हत्थे आरोपी को फरार कराने में मदद करने वाले तीन सहयोगियों चंद्रभान अनुरागी, प्रदीप सिंह चंदेल और अंगद सिंह सिसोदिया को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उनके पास से एक पुलिस वेपन, तीन मोबाइल फोन और एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल जब्त की है। चार आरोपी अब भी फरार पुलिस के अनुसार इस प्रकरण में अन्य चार आरोपियों की तलाश अब भी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों को विधिवत कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश किया जा रहा है।

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देहरादून में बादल फटा

देहरादून में बादल फटा: सहस्त्रधारा क्षेत्र में तबाही, होटल-दुकानें बहीं, दो लोग लापता

देहरादून, 16 सितंबर 2025 उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के सहस्त्रधारा क्षेत्र में मंगलवार सुबह बादल फटने से भारी तबाही मच गई। Karligaad (Karliguard) नाले के पास अचानक आई जलप्रलय ने पूरे इलाके का स्वरूप बदल दिया। कई होटल और दुकानें बह गईं, जबकि सड़कों पर मलबा भर गया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो लोग लापता प्रशासन के अनुसार, इस आपदा में दो लोग लापता हैं। SDRF और NDRF की टीमें लगातार तलाश अभियान चला रही हैं। अब तक किसी की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन भारी नुकसान की खबरें सामने आई हैं। मंदिर भी आया पानी की चपेट में तेज़ बारिश के कारण Tamsa नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया। नदी का उफान इतना तेज़ था कि प्रसिद्ध Tapkeshwar Mahadev मंदिर पानी में डूब गया। मंदिर के आसपास बने घाट पूरी तरह जलमग्न हो गए। होटल और दुकानों को भारी नुकसान सहस्त्रधारा क्षेत्र पर्यटकों के लिए खासा लोकप्रिय है। यहाँ बने होटल और दुकानों को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि मलबे और पानी के तेज़ बहाव से कई दुकानें और छोटे होटल बह गए, जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ है। बचाव और राहत कार्य जारी घटना की सूचना मिलते ही SDRF, NDRF, पुलिस और जिला प्रशासन की टीमें मौके पर पहुँच गईं। प्रभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है। प्रशासन ने हाई-अलर्ट जारी कर दिया है और राहत शिविर बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हालात पर नज़र बनाए रखने के निर्देश दिए हैं और जिला प्रशासन को हर संभव मदद उपलब्ध कराने को कहा है। स्कूल बंद, रेड अलर्ट जारी जिला प्रशासन ने एहतियातन प्रभावित क्षेत्र के स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है। उधर, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड के कई हिस्सों के लिए भारी बारिश और तूफ़ानी हवाओं का रेड अलर्ट जारी किया है। स्थानीय लोगों में दहशत इस घटना के बाद सहस्त्रधारा क्षेत्र और आसपास के गाँवों में दहशत का माहौल है। लोग ऊँचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे हैं। कई परिवारों को अस्थायी शिविरों में पहुँचाया गया है।

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