Vineet Pandey

love betrayal story

सोनम की साजिश को प्यार समझता रह गया राजा… जो-जो पत्नी कहती गई, वो-वो करता गया, फिर मिली… 

इंदौर के रहने वाले राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) और सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuwansh) की नई-नई शादी हुई थी। रिश्ता नया था, लेकिन इसमें भरोसा था, समर्पण था और था ऐसा प्यार जिसमें इंकार का कोई जगह नहीं थी। सोनम जो भी कहती, राजा वही करता। राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) को अपनी पत्नी सोनम पर इतना विश्वास था की, वह हर बात आंख बंद कर मानता था और शायद यही गलती राजा के जिंदगी की सबसे बड़ी गलती बन गई। शादी के बाद हनीमून पर कहां जाना है, कब जाना है, कौन से रास्ते से कहां-कहां जाना है, कहां रूकना है….यह सभी फैसले सोनम ही लेती थी और राजा सोनम के हर फैसले को सिर झुकाकर मंजूरी देता रहा। दरअसल, राजा को पता ही नहीं था कि वह अपनी पत्नी की प्यारी-प्यारी बातों में फंस कर जो हां में हां कर रहा है, वह एक ऐसी साजिश का हिस्सा है, जो उसे मौत के मुंह में ले जाएगा।  दोनों का रिश्ता रघुवंशी समाज के शादी शाखा के माध्यम से हुआ था राजा रघुवंशी (Raja Raghuvanshi) ट्रांसपोर्ट कारोबारी के घर का था। परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई और भाभी हैं। राजा भी अपने भाईयों के साथ मिलकर परिवार का कारोबार संभालता था। वहीं, इंदौर के ही कुशवाह नगर की रहने वाली सोनम रघुवंशी (Sonam Raghuwansh) भी कारोबारी परिवार से है। दोनों का रिश्ता रघुवंशी समाज के शादी शाखा के माध्यम से हुआ। इस रिश्ते से दोनों परिवार खुश थे। दोनों का 11 मई 2025 को धूमधाम से शादी हुई। इस शादी की तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिसमें दोनों ही बेहद खुश दिखाई दे रहे हैं। राजा की मां उमा रघुवंशी ने बताया कि शादी के बाद सोनम अपने ससुराल आई थी, लेकिन मात्र चार दिन बाद ही वह वापस मायके लौट गई। घर वालों ने कहा कि बहू को बुला लें, लेकिन सोनम की मां ने कहा कि जून में भेजेंगे।  शॉर्टकट रास्ता बना राजा के मौत का रास्ता  राजा की मां उमा रघुवंशी ने बताया कि शादी के बाद से राजा अपने काम में काफी व्यस्त था। उसका मन अभी हनीमून पर जाने का नहीं था, लेकिन सोनम (Sonam Raghuwansh) हनीमून पर जाने की जिद्द पर अड़ी थी। एक दिन सोनम का फोन आया कि हनीमून पर हम शिलांग चलते हैं, उसने बिना राजा को बताए जाने का टिकट भी करा लिया था। लेकिन इसके बाद भी राजा मान गया। यह पहला संकेत था कि अपनी पत्नी सोनम की बात राजा टालना नहीं चाहता। राजा के परिवार वालों के मुताबिक, राजा को सोना-चांदी के आभूषण पहनना पसंद नहीं था, लेकिन सोनम ने कहा कि सोने की चेन और अंगूठी पहनकर चलो और राजा ने सोनम की बात ली। इसके अलावा सोनम ने राजा को जो-जो कपड़े लाने को कहे, राजा वो-वो कपड़े ले गया। साथ ही सोनम के ही कहने पर राजा करीब 50 हजार रुपये कैश ले गया।  इसे भी पढ़ें:- सोनम रघुवंशी ने ही कराई थी अपने पति राजा की हत्या, गाजीपुर पुलिस के सामने किया आत्मसमर्पण  सोनम ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी और शव गहरी घाटी में फेंक दिया दोनों 20 मई को प्लेन से मेघालय गए थे और 24 मई को नोंगरीहाट गांव घूमने गए। यहां पर राजा ने आखिरी बार अपनी मां से फोन पर बात की थी और बताया था कि सोनम उसे जंगल के रास्ते झरना दिखाने ले जा रही है। इस रास्ते पर हमारे अलावा कोई नहीं है, लेकिन सोनम कह रही है कि यह शॉर्टकट रास्ता है और हम जल्दी पहुंचेंगे। राजा को जंगल और सूनसान जगह से डर लगता था, लेकिन इसके बाद भी वह अपनी पत्नी की बात मान ऐसे रास्ते पर चल पड़ा था। अब जब पूरा हत्याकांड का खुलासा हो चुका है तो पता चला कि दरअसल, वो शॉर्टकट रास्ता असल में राजा के मौत का रास्ता था। सोनम ने इसी रास्ते पर अपने दोस्तों के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी और शव गहरी घाटी में फेंक दिया। काश… राजा ने सोनम की हर बात आंक बंद करके न मानी होती तो शायद उसकी जान बच जाती।  Latest News in Hindi Today Hindi news Sonam Raghuwansh #lovebetrayal #conspiracytwist #emotionaldrama #relationshipsuspense #sonamlovetrap #kingstory #blindlove #emotionaltwist

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Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein's files

Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein’s files: एपस्टीन की बाल यौन शोषण की फाइल में ट्रंप का नाम, इसीलिए नहीं हो रही जारी-  एलन मस्क ने लगाया गंभीर आरोप 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और डिपार्टमेंट ऑफ गवर्नमेंट एफिशिएंसी (डीओजीई) के पूर्व प्रमुख एलन मस्क (Elon Musk) के बीच तकरार बढ़ता जा रहा है। दोनों के बीच चल रहे वार-पलटवार के बीच मस्क ने डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एलन मस्क (Elon Musk) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल पर एक पोस्ट करते हुए दावा किया है कि “डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का नाम एपस्टीन की फाइल (Epstein Files) में दर्ज है, इसीलिए उसे जारी नहीं किया जा रहा है। अब समय आ गया है कि बड़ा बम गिराया जाए। आप सभी का दिन शुभ हो, डीजेटी!” उन्होंने यह भी लिखा कि, “इस पोस्ट को भविष्य के लिए मार्क कर लें, सच्चाई जल्द ही सामने आ जाएगी।” बता दें कि यह पूरा मामला यौन तस्करी के आरोपी अरबपति जेफरी एपस्टीन से जुड़ा हुआ है। एपस्टीन पर साल 2019 में यौन शोषण और तस्करी के आरोप लगे थे। इस मामले का खुलासा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली वर्जीनिया गिफ्रे ने उसी साल आत्महत्या कर ली थी। गिफ्रे ने खुलासा किया था कि वो एप्सटीन की करीबी सहयोगी घिसलीन मैक्सवेल के कारण एप्सटीन से मिली थी। इसके बाद एप्स्टीन ने उसे साल 1999 से 2002 के बीच कई बड़े लोगों के पास अनैतिक कार्य करने के लिए भेजा। गिफ्रे ने इस दौरान कई प्रभावशाली लोगों के नाम का खुलासा भी किया था।  रबपति एपस्टीन को एक समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास दोस्त माना जाता था इनमें ब्रिटेन के प्रिंस एंड्रयू और फ्रांस के मॉडलिंग एजेंट जीन-ल्यूक ब्रनेल जैसे बड़े नाम भी शामिल थे। इस खुलासे के बाद एप्सटीन को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन वो उसी साल जेल में मृत पाए गए। ग्रिफे और एप्सटीन की मौत को आधिकारिक तौर पर सुसाइड करार दिया गया, लेकिन कई लोग दावा करते हैं कि दोनों की हत्या की गई। एप्सटीन पर यह भी आरोप था कि उसने 2002 और 2005 के बीच मैनहट्टन और फ्लोरिडा में रहने वाले अमीरों के पास नाबालिग लड़कियों को भेजता था और वहां पर उनका यौन शोषण होता था। एपस्टीन फाइल का एक हिस्सा इसी साल जारी किया गया था। इस फाइल में एपस्टीन के फाइनेंसरों और बाल यौन अपराध में शामिल कई हाई-प्रोफाइल सहयोगियों का विवरण था। अरबपति एपस्टीन को एक समय में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का खास दोस्त माना जाता था। हालांकि, एपस्टीन फाइल में ट्रम्प का नाम नहीं था, लेकिन एपस्टीन के साथ दोस्ती के कारण ट्रंप कई साल जांच के दायरे में रहे।  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा ट्रंप ने मस्क को दी सब्सिडी बंद करने की (Elon Musk accuses authorities of hiding Epstein’s files) धमकी  बता दें कि एलन मस्क ने हाल ही में डीओजीई प्रमुख का पद छोड़ ट्रंप प्रशासन से अगल हो गए। ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका के नए टैक्‍स बिल को लेकर दोनों के बीच तनाव था। इसके बाद से ही ट्रंप और मस्क के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है। मस्क ने ट्रंप पर “अमेरिका को दिवालिया बनाने” का आरोप लगाया था। जिसके बाद ट्रंप ने एक बयान देते हुए कहा कि ”वो मस्क की टेस्ला और एयरोस्पेस कंपनी को मिलने वाली सरकारी सब्सिडी को बंद कर सकते हैं।” जिसके बाद से टेस्ला कंपनी के शेयरों में भारी गिरावट हुई है। ट्रंप के इस घोषणा का जवाब देते हुए मस्क ने ट्रंप को कहा, ”अगर वह साथ नहीं देते तो ट्रंप राष्‍ट्रपति चुनाव नहीं जीत पाते, जो करना हो, वो कर लो।” Latest News in Hindi Today Hindi news Donald Trump ElonMusk #TrumpEpstein #JeffreyEpstein #ChildAbuseFiles #TrumpControversy #EpsteinList #MuskVsTrump

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Mamata Banerjee vs BJP

यूपी-बिहार के खास चुनावी मॉडल पर ममता बनर्जी को घेरेगी भाजपा, मोदी-शाह-योगी की तिकड़ी करेगी जबरदस्त हमला

पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections) होने हैं, लेकिन राज्य में चुनावी सरगर्मी अभी से तेज हो गई है। ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के इस गढ़ को गिराना भाजपा के लिए अभी भी सपना ही है, लेकिन भाजपा (BJP) अपने इस सपने को पूरा करने के लिए एक खास प्लान बनाने में जुट गई है। कहा जा रहा है कि भाजपा (BJP) ने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के खिलाफ इस बार चुनावी मैदान में राज्य की कथित खराब कानून-व्यवस्था और मुस्लिम तुष्टिकरण को हथियार बनाएगी।  बंगाल भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि, भाजपा जल्द ही रैलियां, जनसभा और प्रदर्शन शुरू करने जा रही है। इन सभी आयोजनों का मुख्य मुद्दा मुर्शिदाबाद में हिंदुओं पर हमला, बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ और राज्य का कानून व्यवस्था होगा। भाजपा इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाते हुए इसी साल से राज्य में ममता बनर्जी सरकार (Mamata Banerjee) के खिलाफ माहौल बनाना शुरू करेगी। राज्य में जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi), गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) और यूपी सीएम योगी (CM Yogi) की कई जनसभाएं की जाएंगी।  पीएम मोदी ने शुरू किया भाजपा का चुनावी अभियान  बता दें कि भाजपा ने साल 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में अखिलेश सरकार की खराब कानून-व्यवस्था को मुद्दा बनाकर जीत हासिल की थी। इसी तरह बिहार चुनाव में भी भाजपा हमेशा से लालू राज के समय की खराब कानून-व्यवस्था को ही प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाती है। जिससे सत्ता में रहने के बाद भी भाजपा को काफी हद तक इसका फायदा मिलता है। इसीलिए भाजपा अब इसी मुद्दे को पश्चिम बंगाल में उठाकर ममता सरकार को घेरने की कोशिश करेगी। भाजपा ने कुछ हद तक अपने इस योजना पर कार्रवाई भी शुरू कर दी है। बीते वीरवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) रैली करने के लिए पश्चिम बंगाल में अलीपुरद्वार पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने राज्य की खराब कानून व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए ममता सरकार पर आरोप लगाया कि यहां पर सरकार ने गुंडों को खुली छूट दे रखी है।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  राज्य का चुनाव राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा चुनाव- अमित शाह  पीएम मोदी के बाद गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) एक जून को पश्चिम बंगाल पहुंच गए। यहां पर एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि इस बार का पश्चिम बंगाल चुनाव सिर्फ किसी राज्य का चुनाव नहीं है। इस बार का चुनाव राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा चुनाव है। अमित शाह ने इस दौरान ममता सरकार पर नौकरियों को बेचने का आरोप लगताते हुए कहा कि पहले वामपंथी सरकार में कट मनी का खेल चलता था, अब ममता सरकार में यही खेल बड़े पैमाने पर चल रहा है। पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता भास्कर घोष ने भाजपा के चुनावी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार खुलेआम एक वर्ग विशेष का समर्थन और दूसरे का विरोध कर रही है। जिसकी वजह से हजारों हिन्दुओं को अपना घर छोड़कर सरकारी कैंपों में रहना पड़ रहा है। हिन्दुओं को उनके घरों से खींच कर जलाया-मारा जा रहा है, लेकिन ममता सरकार कार्रवाई करने की जगह ऐसे अपराधियों को संरक्षण देने में जुटी है। भास्कर घोष ने कहा कि ममता सरकार के इस पक्षपात नीति के कारण ही पश्चिम बंगाल में रोजगार-शिक्षा की स्थिति बदहाल हो चुकी है। यहां के युवा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news Mamata Banerjee #BJP #MamataBanerjee #ModiShahYogi #UPElectionModel #BengalPolitics #LokSabha2024 #PoliticalAttack #BJPCampaign

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Uddhav Thackeray Sanjay Raut

‘उद्धव को बर्बाद करने के लिए एक राउत ही बहुत’, गिरीश महाजन ने बोला तीखा हमला

महाराष्ट्र जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन और उद्धव गुट के राज्यसभा सदस्य व मुख्य प्रवक्ता संजय राउत (Sanjay Raut) के बीच चल रहा वाक युद्ध अब निचले स्तर पर पहुंचने लगा है। गिरीश महाजन (Girish Mahajan) ने संजय राउत (Sanjay Raut) को दलाल तक कह दिया है। महाजन ने कहा है कि उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को बर्बाद करने के लिए भाजपा की जरूरत नहीं पड़ेगी, उनके लिए बस एक राउत ही काफी हैं। अगर समय रहते ठाकरे ने राउत औन उनकी जुबान पर लगाम नहीं लगाई, तो बची हुई शिवसेना भी टूट जाएगी। बता दें कि भाजपा (BJP) के वरिष्ठ नेता महाजन को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) का बेहद करीबी माना जाता है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से राजनीति हलकों में चर्चा चल रही है कि फडणवीस किसी कारणवस महाजन से नाराज हैं। इसी मुद्दे पर बातचीत करते हुए संजय राउत ने पिछले दिनों कहा था कि भाजपा जब भी राज्य की सत्ता से बाहर होगी, तो सबसे पहले पार्टी छोड़कर भागने वाले गिरीश महाजन ही होंगे।  गिरीश महाजन ने शुरू किया था वार, राउत ने किया था पलटवार  दोनों के बीच इसी तीखी बयानबाजी की शुरुआत पिछले सप्ताह गिरीश महाजन (Girish Mahajan) ने की थी। नासिक में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाजन ने कहा था कि उद्धव ठाकरे की बची हुई पार्टी अब खत्म होने की कगार पर है। अगले कुछ दिनों में उनके साथ पार्टी में कोई नहीं बचेगा। महाजन के इस बयान पर पलटवार करते हुए संजय राउत (Sanjay Raut) ने कहा था कि महाजन सबसे पहले यह खुद तय कर लें कि क्या उनकी खुद की जमीन भाजपा में बची है। भाजपा एक समय साफ-सुथरे लोगों की पार्टी हुआ करती थी, लेकिन यह पार्टी आज के समय में दलाल, भ्रष्ट और ठेकेदार लोगों की पार्टी बन चुकी है। जिन लोगों के पास पुलिस और पैसे की ताकत है, वो इसका इस्तेमाल कर लोगों को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा ने इन कामों के लिए जो दलाल नियुक्त किए हैं, गिरीश महाजन उनमें से एक हैं। जिस दिन हम सत्ता में आएंगे, उस दिन सबसे पहले दल बदलने वाले गिरीश महाजन ही होंगे। संजय राउत ने इस दौरान यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र में जब महाविकास आघाडी की सरकार थी, तब मुख्यमंत्री रहते उद्धव ठाकरे ने गिरीश महाजन के घोटालों की जांच शुरू कराई थी। उस समय महाजन दल बदलने के लिए तैयार हो गए थे और संदेश भिजवा रहे थे कि वह राजनीति छोड़ कर शांति से बैठ जाएंगे। ऐसे लोग एक नंबर के डरपोक लोग हैं।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  महाजन ने राउत को बताया पार्टी का दलाल  राउत के बयान पर गिरीश महाजन (Girish Mahajan) बुरी तरह से विफर उठे हैं। उन्होंने राउत के इस बयान का जवाब देते हुए कहा कि राउत ने उद्धव ठाकरे को कांग्रेस और शरद पवार के साथ गठजोड़ करा उद्धव को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया। उद्धव ठाकरे अगर समय रहते राउत पर लगाम नहीं लगाई, तो उनकी बची-खुची पार्टी भी टूट कर बिखर जाएगी। यह दलाल है और दलाली वाला काम कर रहा है। राउत जिस तरह से अपनी पार्टी के साथ कर रहे हैं, वैसा मैं अपनी पार्टी के साथ जीवन में कभी नहीं कर सकता। Latest News in Hindi Today Hindi news Girish Mahajan #GirishMahajan #UddhavThackeray #SanjayRaut #BJPvsShivSena #MaharashtraPolitics #PoliticalAttack #ShivSenaCrisis

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Pawar uncle nephew meeting

क्या फिर साथ आएंगे अजित पवार और शरद पवार? बंद कमरे में हुई चाचा-भतीजे की बैठक से गरमाई सियासत

महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनाव (Maharashtra Local Body Elections) से पहले राज्य की राजनीति में नई खिचड़ी पक रही है। डिप्टी सीएम और एनसीपी चीफ अजित पवार (Ajit Pawar) ने अपने चाचा NCP (SP) प्रमुख शरद पवार (Sharad Pawar) से फिर मुलाकात की है। जिसके बाद कायस लगाया जा रहा है कि दोनों पार्टियों का विलय हो सकता है। पुणे में चाचा-भतीजे के बीच हुई इस मुलाकात की सबसे खास बात यह रही कि दोनों ने एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल के आवास पर बंद कमरे में मुलाकात की। इस बैठक के बाद मीडिया ने जब अजित पवार (Ajit Pawar) से दोनों पार्टियों के विलय को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने इस संबंध में कुछ भी जानकारी देने से इनकार कर दिया। वहीं एनसीपी प्रवक्ता संजय तटकरे से जब दोनों गुटों के संभावित विलय के बारे में पूछा गया तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि इस बारे में दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व ही कोई जानकारी देगा। अगर ऐसा होता है तो पार्टी की तरफ से विस्तार से जानकारी दी जाएगी। वहीं विलय के बारे शरद पवार (Sharad Pawar) से जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उनकी बेटी और सांसद सुप्रिया सुले (Supriya Sule) पार्टी के विधायकों और सांसदों से चर्चा के बाद इस संबंध में निर्णय लेंगी। सुप्रिया सुले पहले ही खारिज कर चुकी विलय की बातें बता दें कि हालही में सुप्रिया सुले (Supriya Sule) से भी दोनों पार्टियों के विलय को लेकर मीडिया ने सवाल किया था। उस दौरान उन्होंने कहा था कि, “अगर ऐसा कुछ होगा, तो वह अजीत पवार (Ajit Pawar) और मेरे बीच बातचीत के बाद होगा, लेकिन अजीत पवार पहले ही इस विलय से इंकार करते हुए कहा चुके हैं कि उनके पास इस बारे में कोई प्रस्ताव नहीं है। इसलिए, मैं मीडिया से यही कहना चाहती हूं। सब कुछ मात्र अफवाह है।” इस दौरान सुप्रिया सुले ने यह भी कहा था, “उनके पिता (शरद पवार) के बयान को मीडिया तोड़-मरोड़ कर पेश कर रही है। उन्होंने जो कुछ भी कहा वह एक स्पष्ट जवाब था।” अजित पवार चाहते हैं विलय के बाद पार्टी का नेतृत्व  अजित पवार गुट वाली एनसीपी विलय की इस चर्चा को मात्र अफवाह बता रही है। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि हम अभी सत्ता में हैं और शरद पवार गुट से कई नेता पहले ही हमारी पार्टी में शामिल हो गए हैं और कई अभी भी संपर्क में हैं। दोनों पार्टियों के विलय की यह अफवाह सिर्फ पार्टी बदलने वाले नेताओं को रोकने के लिए है। मुझे नहीं लगता कि जब तक पार्टी के नेतृत्व का मुद्दा हल जाता, तब तक यह विलय संभव है। अगर शरद पवार पार्टी की बागडोर अजित पवार को सौंप दें तो यह विलय संभव है। इससे कम कुछ भी नहीं।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  अजित पवार और सुप्रिया सुले में उत्तराधिकार की लड़ाई बता दें की अजित पवार की बगावत के कारण साल 2023 में NCP दो टुकड़ों में बंट गई थी। एनसीपी में राज्य स्तर पर अजित पवार का दबदबा चलता था और केंद्र की राजनीति में सुप्रिया सुले की चलती थी। अजित पवार खुद को एनसीपी के उत्तराधिकारी के तौर पर देखते थे, लेकिन शरद पवार अपनी पार्टी की बागडोर सुप्रिया सुले (Supriya Sule) को सौंपना चाहते थे। इससे नाराज अजित पवार अपने समर्थक विधायकों के साथ पार्टी छोड़ राज्य की तत्कालीन शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे। बाद में पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह भी कब्जा लिया। Latest News in Hindi Today Hindi news Supriya Sule #AjitPawar #SharadPawar #MaharashtraPolitics #NCP #PoliticalNews #PawarMeeting #NCPReunion #BreakingNews #IndianPolitics #PawarVsPawar

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BJP MP Khatana

‘दुनिया से भीख मांगता है पाकिस्तान और उसी पैसे से आतंकवाद फैलाता है’, भाजपा सांसद खटाना ने लंदन में जमकर लताड़ा

भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना (Ghulam Ali Khatana) ने ब्रिटेन में आतंकवाद समर्थित पाकिस्तान की पोल खोलते हुए आड़े हाथों लिया है। गुलाम अली खटाना (Ghulam Ali Khatana) ने लंदन के इंडिया हाउस में भारतीय प्रवासियों से बातचीत करते हुए कहा कि पाकिस्तान एक तरफ तो दुनिया से भीख मांगता है और उसी पैसे से दूसरी तरफ आतंकवाद फैलाने का काम करता है। संसद का यह डेलीगेशन ब्रिटेन समेत दुनिया को यह संदेश देने आया है कि भारत आतंकवाद के फन को कुचलना अच्छी तरह जानता है। हमे किसी के मध्यस्थता की जरूरत नहीं है, हम इससे खुद निपट लेंगे। बता दें कि गुलाम अली खटाना (Ghulam Ali Khatana) जम्मू-कश्मीर से आते हैं और भाजपा के राज्यसभा सांसद हैं। खटाना उस सर्वदलीय डेलीगेशन के हिस्सा हैं जिसका नेतृत्व सांसद रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) कर रहे हैं। यह डेलीगेशन इस समय लंदन में है और यहां पर ब्रिटेन के डेलीगेशन मुलाकात करने के अलावा भारतीय प्रवासियों से भी बातचीत की।  इस दौरान खटाना ने कहा, ‘पाकिस्तान एक तरफ तो हाथ फैलाकर भीख मांगता है, दूसरी तरफ आतंकवाद फैलाने का काम करता है। लेकिन अब यह समय चला गया है, अब हम आतंकवाद को कुचलना जानते हैं। इस समय हम यूरोप में हैं और हमारे दूसरे सांसद मित्र दुनिया के दूसरे हिस्सों में यह संदेश दे रहे हैं कि भारत आतंकवाद को अकेले ही खत्म करने में सक्षम हैं। हमें किसी दूसरे देश की मध्यस्थता की जरूरत नहीं है।’ खटाना ने कहा कि, ‘हम आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ेंगे। हमारी सेना बॉर्डर पर लड़ेगी, हम यहां कूटनीतिक लड़ाई लड़ेंगे, सोशल मीडिया की लड़ाई लड़ेंगे। हमें लड़ना ही है और अपना दृष्टिकोण दुनिया के सामने स्पष्ट करना है।’ लोकतांत्र में जम्मू-कश्मीर की भागीदारी बढ़ने से पाकिस्तान परेशान खटाना ने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के खत्म होने के बाद यहां पर लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ी है, लोगों का लोकतंत्र में विश्वास बढ़ा है, पर्यटन बढ़ा है, बुनियादी ढांचे में उछाल आया जिससे पाकिस्तान परेशान है और फिर से आतंकवाद फैलाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन हम पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। इस दौरान खटाना ने सिंधु जल समझौता का भी जिक्र किया और कहा, ‘भारत अपने तीन नदियों का पानी पाकिस्तान के साथ साझा करता है, लेकिन बदले में भारत को घुसपैठ, ड्रग्स और आतंकवाद मिला। पिछले 30 वर्षों में घाटी के अंदर 4000 से ज्यादा लोग मारे गए। हजारों बच्चे अनाथ है, हजारों लोग यहां से चले गए, खासकर कश्मीरी पंडित। जो हमारी ऐतिहासिक विरासत का अहम हिस्सा थे। इसलिए अब भारत ने इस संधि को स्थगित करने का फैसला किया है।’  इसे भी पढ़ें:- अमेरिका में इस वजह से एक सनकी ने यहूदी भीड़ पर फेंका पेट्रोल बम, लगाया ‘फ्री फिलिस्तीन’ का नारा एमजे अकबर ने भी पाकिस्तान को घेरा  इस डेलीगेशन के हिस्सा पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर (MJ Akbar) ने भी लोगों को संबोधित किया और कहा कि पहलगाम में आतंकवादी हमला जातीय संहार और फासीवाद का आतंक था। यह आतंकवाद का  कोई सामान्य रूप नहीं है। संक्षेप में कहूं तो पाकिस्तान का जन्म ही हिंसा से हुआ है, यह किसी जन आंदोलन से पैदा नहीं हुआ था। पाकिस्तान का अंकुर 1946 के कलकत्ता नरसंहार से पड़ा और 1971 में ढाका नरसंहार के बाद ये खत्म हो गया। लेकिन इसके बाद भी यह देश हिंसा की नीति को अपनाया हुआ है। इस देश की यही नीति इसे पूरी तरह से खत्म कर देगा।’  Latest News in Hindi Today Hindi news Ghulam Ali Khatana #BJPMpKhatana #PakistanTerror #LondonSpeech #GlobalPolitics #PakistanExposed #IndiaUKRelations #TerrorFunding

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northeast India landslides

पूर्वोत्तर में बारिश का तांडव, छह राज्यों में बाढ़ और भूस्खलन से भारी तबाही, 34 से ज्यादा की मौत, लाखों लोग फंसे

पूर्वोत्तर भारत में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश ने तबाही मचा रखी है। असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, त्रिपुरा, सिक्किम और मेघालय राज्य में बाढ़ और भूस्खलन (Floods and landslides in Northeast India) से अब तक सैकड़ों घर- सड़क तबाह हो चुके हैं और करीब 34 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इस बाढ़ और भूस्खलन में फंसे दर्जनों लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए इंडियन एयरफोर्स (Indian Air Force) और असम राइफल्स (Assam Rifles) भी राहत व बचाव कार्य का मोर्चा संभल लिया है। जहां पर सड़क मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है, वहां पर वायुसेना (Indian Air Force) हेलीकॉप्टर से मदद पहुंचा रही है।  इस प्राकृतिक आपदा (Floods and landslides in Northeast India) का सबसे ज्यादा प्रकोप असम में देखने को मिल रहा है। इस राज्य के 19 जिल सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इन जिलों के 764 गांव में रहने वाले करीब 3.6 लाख परिवार  बाढ़ की चपेट में हैं। बाढ़ और भूस्खलन की वजह से असम में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। ब्रह्मपुत्र समेत कई नदियां इस समय खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 10 हजार से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में शिफ्ट किया गया है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा (Himanta Biswa Sharma) ने बाढ़ पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। यहां से लोगों को लगातार निकालने का कार्य किया जा रहा है। असम सरकार ने बाढ़ की चपेट में आकर मरने वाले लोगों के परिजनों को 4 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का घोषणा की है।  इसे भी पढ़ें:- बीजेपी नेता के बेटे के वायरल हुए 130 से अधिक अश्लील वीडियो, मचा हड़कंप, अखिलेश यादव ने कही यह बात  सिक्किम में भूस्खलन की वजह से 1500 से ज्यादा पर्यटक फंसे सिक्किम राज्य के उत्तरी इलाके भी भीषण बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में हैं। यहां पर भूस्खलन की वजह से कई सड़के तबाह हो गई हैं। इससे इन इलाकों में 1500 से ज्यादा पर्यटक फंसे हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य के नीमाचेन प्रेमलखा इलाके में भारी बारिश की वजह से कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। जिससे सड़के बंद हो गई हैं और पर्यटक फंस गए हैं। इन्हें निकालने के लिए सेना और वायुसेना से मदद मांगी गई है। सिक्किम सरकार ने पर्यटकों से अपील की है कि जो जहां पर है, वहीं पर रहे। सभी को जल्द से जल्द निकाल लिया जाएगा।  इसी तरह मेघालय, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर में भी बाढ़ से हाहाकार मचा हुआ है। मेघालय की जहां 10 जिले फ्लैश फ्लड्स और भूस्खलन की चपेट में हैं, वहीं त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर के भी कई जिलों में बाढ़ की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। इन राज्यों में हजारों लोग अलग-अलग जगहों पर फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए लगातार राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है। गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने बाढ़ के चपेट में आए इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बातचीत की है और उन्हें हरसंभव मदद देने का आश्वासन दिया है। इस बारे में जानकारी देते हुए गृह मंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, “मोदी सरकार पूर्वोत्तर राज्य के लोगों के साथ कंधा से कंधा मिलाकर चट्टान की तरह खड़ी है, हर संभव मदद दिया जाएगा।” Latest News in Hindi Today Hindi news Floods and landslides in Northeast India #NortheastFloods2025 #IndiaLandslides #MonsoonDisaster #AssamFloods #MeghalayaRain #NaturalCalamity #DisasterNews

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