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Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest: पानी की वजह से पाकिस्तान के सिंध में इस मंत्री का फूंका घर, हथियारों से लैस प्रदर्शनकारियों ने मचाया तांडव

ऑपरेशन सिंदूर के बाद से पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के हाल खस्ता है। दरअसल, पाकिस्तान के सिंध प्रांत में पानी की तंगी को लेकर हालात इस कदर बेकाबू हो गए हैं कि लोग हिंसा पर उतर आये हैं। लोकल मीडिया के मुताबिक कई हफ्तों से चल रहा यह विवाद मंगलवार को उस समय हिंसक हो गया जब नौशहरो फिरोज जिले के मोरो शहर में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हो गई। इस झड़प में एक प्रदर्शनकारी की जान चली गई। दरअसल, पाकिस्तान के सिंध प्रांत में एक विवादित नहर परियोजना को लेकर विरोध प्रदर्शन भड़का हुआ है। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने मोरो शहर में गृह मंत्री जियाउल हसन लंजर के घर को आग के हवाले कर (Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest) दिया। डॉन की एक रिपोर्ट के मुताबिक हिंसा के दौरान सिंध के गृह मंत्री जिया लंजर के आवास को फूंक दिया है। इस दौरान हुई झड़पों  में एक डीएसपी सहित छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। पुलिसकर्मी ही नहीं आम नागरिकों के भी घायल होने की खबर है। जानकारी के अनुसार सड़कों पर दर्जनों वाहनों को आग लगा दी गई है और पूरे इलाके में अफरा-तफरी और अराजकता का माहौल बना हुआ है। सिंध के लोग किसी भी हाल में नहर के विरोध में (Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest) थे खबर के मुताबिक सिंधु नदी पर नया नहर बनना प्रस्तावित था। सिंध के लोग किसी भी हाल में इस नहर के विरोध में (Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest) थे। इस बीच सिंध सभा द्वारा एक विरोश प्रदर्शन आयोजित किया गया था। इसे हटाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए प्रदर्शनकारियों पर लाठी चार्ज किया। फिर क्या था इसके विरोध में हथियारों से लैस प्रदर्शनकारियों ने मोरो बाईपास रोड को जाम कर दिया। देखते ही देखते ही प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। और सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लंजर के घर में घुसकर तोड़फोड़ की। इसके साथ ही कई जगहों पर आग भी लगा दी। वहां मौजूद मोटरसाइकिलों को आग के हवाले किया गया। इस पूरे मामले पर पुलिस ने एक बयान जारी कर बताया कि “बेनजीराबाद के पुलिस उप महानिरीक्षक परवेज चंदियो और नौशहरो फिरोज के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) संघार मलिक घटनास्थल पर पहुंचे। हालात पर काबू पाने के लिए विभिन्न थानों से अतिरिक्त पुलिस बल को भी बुलाया गया।” इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल अजीज धामरा ने इसे आतंकी हरकत (Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest) दिया करार  पीपीपी सिंध के सूचना सचिव अजीज धामरा ने इस घटना की आलोचना करते हुए इसे एक आतंकी हरकत करार (Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest) दिया। इस पर उन्होंने कहा कि “जनता को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन किसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के घर पर हमला करना एक साजिश का हिस्सा प्रतीत होता है।” यही नहीं, सिंध के गृह मंत्री ने नौशहरो फिरोज के एसएसपी से घटना की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। बता दें कि फरवरी 2025 में पाकिस्तान सरकार ने सिंधु नदी प्रणाली पर आधारित 6 नए नहरों के निर्माण की योजना की घोषणा की थी। इस योजना के अंतर्गत पंजाब, बलूचिस्तान और सिंध प्रांतों में नहरें बनाई जानी हैं। यह तो ठीक, लेकिन इस परियोजना के चलते विवाद भी हुए। आलोचकों का आरोप है कि पंजाब सरकार इस योजना के जरिए से सिंध के जल संसाधनों को पंजाब की ओर मोड़ना चाहती है। दरअसल, सरकार पंजाब की 1.9 मिलियन हेक्टेयर बंजर भूमि की सिंचाई करना चाहती है। यह तो ठीक लेकिन, सिंध के लोगों का मानना है कि “यह योजना उनके जल अधिकारों का हनन करती है। पहले से जल संकट का सामना कर रहे इलाके के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हो सकती है।” Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistan Minister’s House Burned Amid Sindh Water Protest #PakistanNews #SindhProtest #WaterCrisis #MinisterHouseBurned #PakistanPolitics #BreakingNews #PakistanRiots #ArmedProtest #SindhCrisis #WaterShortage

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Israel bombings Gaza

Israel Gaza Conflict: इजरायल ने गाजा को किया तबाह, दिन-रात हो रही बमबारी, पलायन या मौत दो ही विकल्प

बीते कई दिनों से गाजा में हर दिन हमला तीव्र होता जा (Israel Gaza Conflict) रहा है। गाजा में आये दिन औसतन 200 से अधिक लोगों की मौत हो रही है। हालांकि इजराइल-हमास में जारी संघर्ष के बीच नेतन्याहू ने गाजा पर नियंत्रण का ऐलान कर दिया है। लेकिन, एक तरफ जहाँ इजराइल ने गाजा पर नियंत्रण की घोषणा की है तो वहीं दूसरी तरफ हमास आम नागरिकों को ढाल बना रहा है। इजराइली सेना और हमास के बीच जारी संघर्ष अब इस स्थिति में पहुँच गया जहाँ सिर्फ मौत ही मौत है। इजरायल आये दिन गाजा पर बमबारी कर रहा है। इस बमबारी के बीच हमास आम लोगों को शील्ड बनाकर इजराइली हमले रोकना चाहता है। इसके चलते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ गया है। बढ़ते दबाव के चलते डोनाल्ड ट्रंप ने दोहरी नीति अपना ली है। उनकी इस नीति की वजह से यूरोपीय देशों के बीच मतभेद होने लगे हैं। होने वाले अगले एक्शन को लेकर सभी ने चिंता जाहिर की है। खैर, इजरायल द्वारा किये जा रहे हमलों की वजह से गाजा में खाद्य संकट का खतरा गहरा गया है। हालाँकि बढ़ते संकट के बीच इजराइल कुछ सहायता पहुंचाने की बात कर रहा है। ऐसे में लोग अपनी जान बचाकर पलायन कर रहे हैं।  फिलिस्तीनियों के पलायन तक जिंदा रहने की आखिरी उम्मीद वाला एक ही शहर (Israel Gaza Conflict) है राफा  बता दें कि गाजा का अंतिम दक्षिणी सिरा राफा है, जो फिलिस्तीनियों के पलायन तक जिंदा रहने की आखिरी उम्मीद वाला शहर (Israel Gaza Conflict) है, लेकिन ये शहर अब जमींदोज होने के कगार पर है। गाजा पर ये कार्रवाई इजराइली सेना ऑपरेशन गिडियंस चैरियट के तहत कर रही है और हैरानी की बात ये है कि, न तो इजराइल के इस ऑपरेशन पर ट्रंप कुछ बोल रहे हैं, न ही उन्हें इस संहार कार्यक्रम से कोई फर्क पड़ रहा है। ऐसे में बहुत मुमकिन है कि ऑपरेशन गिडियंस चैरियट को ट्रंप का मूक समर्थन है। इसे देखकर तो यही कहा जा सकता है कि गाजा में जारी संहार ट्रंप के प्लान के तहत ही हो रहा है। और तो और कहना यह भी गलत नहीं होगा कि गाजा के विनाश की योजना भी पेंटागन में ही तैयार की गई थी? खैर, बीच वैश्विक समुदाय की नज़र गाजा की तरफ घूम चुकी है। जिसके चलते ट्रंप खुद को इस कार्रवाई से अलग करने ढोंग करने लगे हैं।  अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद हम गाजा पर नियंत्रण (Israel Gaza Conflict) रखेंगे- पीएम बेंजामिन नेतन्याहू इस बीच इजराइल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि “अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद हम गाजा पर नियंत्रण (Israel Gaza Conflict) रखेंगे। इस स्थिति में गाजा पर खाद्यान्न का संकट मंडरा सकता है। इसलिए हम सहायता आपूर्ति पर लगी रोक हटा रहे हैं।” हालाँकि इस बयान के अनुरूप इजराइली कार्रवाई भी दिख रही है। ये रोकी गई सहायता है, जिसे शुरू किया जाना है, तो दूसरी तरफ इजराइली सेना ने गाजा पर विध्वंसक हमले भी जारी रखे हैं। बता दें कि राफा,खान यूनिस, बेत लाहिया और नुसीरत शिविर में इतने भयावह हमले हुए हैं कि इसे रोकने के लिए फिलिस्तीन हाथ जोड़ गुजारिश कर रहा है। राफा शहर जमींदोज होने के कगार पर है। हालांकि इस कार्रवाई के बीच इजराइल ने गाजा से बाहर निकलने की ढील भी दी है जिसमें चुनिंदा फिलिस्तीनी ही बाहर जा सकते हैं और ये सख्ती इसलिए बरती गई है, ताकि हमास के लड़ाके गाजा से बाहर न निकल सकें। कारण यही जो, इस सख्ती ने यूरोप के कई देशों को भी इजराइल के खिलाफ खड़ा कर दिया है।  इसे भी पढ़ें:- अमृतसर में जहरीली शराब ने ली 14 लोगों की जान, मचा हड़कंप, प्रशासन पर उठे सवाल गाजा तक पहुंचने वाली सहायता पर प्रतिबंध नहीं हटाता है तो इजराइल के खिलाफ हमें कोई करनी (Israel Gaza Conflict) पड़ेगी ठोस कार्रवाई  इस पूरे बवाल पर फ्रांस, ब्रिटेन और कनाडा ने संयुक्त बयान जारी करके कहा है कि “अगर इजराइल गाजा पर नए हमले नहीं रोकता है, गाजा तक पहुंचने वाली सहायता पर प्रतिबंध नहीं हटाता है तो इजराइल के खिलाफ हमें कोई ठोस कार्रवाई करनी (Israel Gaza Conflict) पड़ेगी।” यह तो ठीक, लेकिन नेतन्याहू ने गाजा पर नियंत्रण के लिए कदम आगे बढ़ा दिया है। बेशक नेतन्याहू को रोक पाना सबके बस की बात नहीं है। हालांकि ट्रंप टाल सकते हैं, लेकिन ट्रंप ने कुछ और ही सोच रखा है। कुछ भी ही इजरायल गाजा को वीरान कर के ही मानेगा। और बड़ी बात यह कि ट्रंप खुद भी यही चाहते हैं।  Latest News in Hindi Today Hindi news #IsraelGazaConflict #GazaUnderAttack #IsraelAirstrikes #MiddleEastCrisis #PalestineConflict #GazaWar #BreakingNews #HumanitarianCrisis #GazaNews #PrayForGaza

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India exposes Pakistan

India exposes Pakistan: इस तरह पाकिस्तान को दुनिया के सामने बेनकाब करेगा भारत 

ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत चैन से नहीं बैठने वाला। पहलगाम हमले का खामियाजा अभी पाकिस्तान (Pakistan) को और भी भुगतना है। आतंकियों की जन्नत कहे जाने वाले पकिस्तान को भारत कहीं का नहीं छोड़ेगा। इस कड़ी में भारत सरकार ने पाकिस्तान को दुनिया के सामने एक्सपोज़ करने के लिए एक बड़ी चाल चल दी है। जानकारी के मुताबिक मोदी सरकार पाकिस्तान को बेनकाब (India exposes Pakistan) करने के लिए मल्टी पार्टी डेलिगेशन भेजेगी। फ़िलहाल सरकार अभी सभी दलों से बातचीत कर रही है। खबर है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद अलग-अलग देशों में एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजने की संभावना पर सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है। बता दें कि सरकार मल्टी पार्टी डेलिगेशन यानी प्रतिनिधिमंडल की संरचना और कार्यक्रम को अंतिम रूप देने से पहले उन्हें साथ लाना चाहती है। सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर एकजुट मोर्चा पेश करने की दिशा में यह सरकार का यह एक कड़ा प्रयास है।  अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने पाकिस्तान (India exposes Pakistan) के भीतर पनप रहे आतंकवाद पर रुख स्पष्ट करना है दरअसल, इस पहल का मकसद अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सामने न सिर्फ पाकिस्तान (Pakistan) के भीतर पनप रहे आतंकवाद पर भारत का रुख स्पष्ट रूप से रखना है बल्कि पाकिस्तान को बेनकाब (India exposes Pakistan) करना है। जानकारी के मुताबिक विदेश जाने वाला भारत का मल्टी पार्टी डेलिगेशन यानी बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल भारत का पक्ष रखने हेतु पांच सूत्रीय एजेंडे पर डिस्कस करेगा। मसलन,  इसे भी पढ़ें:- कांग्रेस विधायक ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाते हुए कही यह बात आतंकवाद के मद्देनजर ऑपरेशन सिंदूर की जरूरत और उसके मायनों पर भारत का पक्ष (India exposes Pakistan) रखेगी डेलिगेशन  प्राप्त जानकारी के मुताबिक भारतीय डेलिगेशन थिंक टैंक, विदेशी सरकारों और मीडिया संस्थानों से बातचीत करेगी। यही नहीं भारत की यह टीम पाकिस्तानी (Pakistan) जमीन से आतंकवाद के मद्देनजर ऑपरेशन सिंदूर की जरूरत और उसके मायनों पर भारत का पक्ष (India exposes Pakistan) रखेगी। खबर है कि सभी पक्षों से बातचीत के बाद डेलिगेशन का स्वरूप घोषित किया जाएगा, क्योंकि सरकार सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर एक बहुदलीय दृष्टिकोण चाहती है। हालाँकि यह कोई पहली बार नहीं है कि भारत ने इस तरह की कोई पहल की है। इससे पहले भी पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा राव ने अटल बिहारी वाजपेयी को यूएनएचआरसी (UNHRC) में भेजा था। इसके अलावा  26/11 मुंबई हमलों के बाद पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने भी आतंकवाद के मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बात की थी।  Latest News in Hindi Today Hindi news India exposes Pakistan #IndiaExposesPakistan #PakistanTerrorism #ModiSpeech #IndiaUN #DiplomaticStrike #IndiaVsPakistan #PakistanLiesExposed #UNUpdate #GlobalSecurity #TerrorismExposed

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Peace talks with Pakistan

Pakistan Seeks Peace Talks After Operation Sindoor: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान की अकड़ हुई ढीली, लगाने लगा शांति वार्ता की गुहार

पाकिस्तान द्वारा पोषित आतंकियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हमला कर 26 निर्दोष लोगों की जान ले ली थी। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर इस कायराना आतंकी हमले का बदला लिया था। इस कार्रवाई में भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान और पीओके में कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया बल्कि पाकिस्तान के एयर डिफेन्स सिस्टम और एयर बेस को भी तबाह कर दिया। इस ऑपरेशन में 100 से ज्यादा आतंकियों को ढेर कर दिया था। कहने की जरूरत नहीं इस ऑपरेशन के बाद पूरी दुनिया ने भारत की सैन्य शक्ति का लोहा माना। ऑपरेशन सिन्दूर के तहत भारत आतंक का पर्याय बन चुके पाकिस्तान को ऐसी चोट दी है कि वो कभी नहीं भूलेगा। तीन दिन चली इस स्ट्राइक में पाकिस्तान घुटनों पर आ गया। और सीजफायर की गुहार लगाने लगा। मजे की बात यह कि भारत से कुटने के बाद अब पाकिस्तान भारत के साथ शांति वार्ता करने को बेकरार है। बड़ी बात यह कि पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खुद भारत के सामने बातचीत (Pakistan Seeks Peace Talks After Operation Sindoor) का प्रस्ताव रखा है। उनका कहना है कि “शांति बहाल करने के लिए वो वार्ता करने को तैयार हैं। पाक पीएम के अनुसार इस शांति वार्ता में कश्मीर का मुद्दा भी शामिल होगा।” पाकिस्तान ने भारत के समक्ष बातचीत का (Pakistan Seeks Peace Talks After Operation Sindoor) रखा है प्रस्ताव  दरअसल, गुरुवार को पंजाब के कामरा एअरबेस के दौरे पर गए पाक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सैन्य अधिकारियों और सेना को संबोधित करते हुए ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत-पाक तनाव पर चर्चा की। इस बीच उन्होंने भारत के समक्ष बातचीत का प्रस्ताव (Pakistan Seeks Peace Talks After Operation Sindoor)  भी रखा है। उन्होंने कहा कि “पाकिस्तान शांति बहाल करने के लिए भारत के साथ वार्ता करना चाहता है।” यही नहीं, कश्मीर मुद्द्दे पर बोलते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि “भारत ने जम्मू कश्मीर और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया है। भारत हमेशा जोर देता है कि जम्मू कश्मीर और लद्दाख उसके अभिन्न अंग हैं और हमेशा रहेंगे।” इस संबोधन के दौरान कामरा एअरबेस पर पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, विदेश मंत्री इशाक डार, सेना प्रमुख जनरल मुनीर और वायुसेना प्रमुख जहीर अहमद बाबर सिद्धू भी मौजूद थे। इसे भी पढ़ें:- कांग्रेस विधायक ने ऑपरेशन सिंदूर पर सवाल उठाते हुए कही यह बात पाकिस्तान पीओके में अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय इलाकों को कब खाली करेगा- भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर हालाँकि अभी तक पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के इस ऑफर (Pakistan Seeks Peace Talks After Operation Sindoor) पर भारत की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन गुरूवार को होंडुरास के दूतावास का उद्घाटन करते हुए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यह जरूर साफ कर दिया था कि “कश्मीर पर चर्चा के लिए केवल एक ही बात बची है कि पाकिस्तान पीओके में अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय इलाकों को कब खाली करेगा?” देखना यह दिलचस्प होगा कि पाकिस्तान के इस प्रस्ताव पर भारत क्या पहल करता है? क्या भारत शांतिवार्ता के लिए राजी होगा? खैर, होगा या नहीं ये तो वक़्त ही बताएगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Pakistan Seeks Peace Talks After Operation Sindoor #OperationSindoor #PakistanPeaceTalks #IndiaPakistanTensions #PeaceNegotiations #PakistanAppealsPeace #IndiaStrikesBack #MilitaryDiplomacy #IndiaDefence #PakistanArmy #SouthAsiaSecurity

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US India diplomatic tension

US Betrays India: अमेरिका ने की भारत से गद्दारी, पाकिस्तान के इस साथी को देने जा रहा है खतरनाक मिसाइलें

यह जगजाहिर है कि भारत और पाकिस्तान के बीच व्याप्त तनाव के बीच तुर्किए ने खुलकर पाकिस्तान का साथ दिया था। तुर्किए के इस रवैए से भारतीयों में जबरदस्त रोष है। तुर्किए को लेकर भारतीयों में इस कदर रोष है कि सोशल मीडिया पर बॉयकॉट तुर्की ट्रेंड करने लगा। इसका असर यह कि व्यापार से लेकर पर्यटन तक, भारत ने तुर्किए से दूरी बनानी शुरू कर दी। कहने के लिए तो अमेरिका भारत का हितैषी है लेकिन अमेरिका उस तुर्किए कि मदद करने जा (US Betrays India) रहा है जिसने भारत के खिलाफ पाकिस्तान सैकड़ों ड्रोन दिए थे। जानकारी के मुताबिक अमेरिका ने तुर्किए को मिसाइलें बेचने का फैसला लिया है। दरअसल, अमेरिका ने तुर्किए को 304 मिलियन डॉलर की मिसाइलें बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।  यह डील दोनों देशों के बीच सामरिक संबंधों को और मजबूत (US Betrays India) करेगी गौरतलब हो कि यह मंजूरी ऐसे वक़्त पर दी गई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। तुर्किए खुले तौर पर पाकिस्तान की मदद कर रहा है। इस मिसाइल डील में तुर्किए को हवा से हवा में मार करने वाली AIM-120 AMRAAM मिसाइलें शामिल (US Betrays India) हैं। जानकारी के मुताबिक तुर्किए ने 225 मिलियन डॉलर की लागत से 53 एडवांस मीडियम रेंज मिसाइल और 79.1 मिलियन डॉलर की लागत से 60 ब्लॉक सेकंड मिसाइलों की भी मांग की है। कहा जा रहा है यह डील अमेरिका की रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी (डीएससीए) की तरफ से प्रस्तावित है। लेकिन अभी इसे अमेरिकी कांग्रेस की मंजूरी मिलनी बाकी है। कहने की जरूरत नहीं कि यदि यह मंजूरी मिल जाती है, तो यह डील दोनों देशों के बीच सामरिक संबंधों को और मजबूत करेगी। बेशक इस कदम को अमेरिका और तुर्किए के बीच नाटो सहयोग को सुदृढ़ करने के रूप में देखा जा रहा है।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर अमेरिका द्वारा तुर्किए से मिसाइल की डील करना क्या भारत के खिलाफ यह एक प्रकार की दगाबाजी नहीं (US Betrays India) है? बता दें कि तुर्किए नाटो का एक प्रमुख सदस्य है। यही नहीं वह अमेरिका के रणनीतिक सैन्य साझेदारों में से एक भी माना जाता है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि जब तुर्किए भारत के विरोधी पाकिस्तान की सैन्‍य मदद कर रहा है तो अमेरिका द्वारा उससे मिसाइल की डील करना क्या भारत के खिलाफ यह एक प्रकार की दगाबाजी नहीं (US Betrays India) है? यहाँ तक कि भारत के कई विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका का यह कदम खुले तौर ओर उसकी दोहरी नीति को उजागर करता है। एक तरफ तो वह भारत को क्वैड (QUAD) जैसे मंचों पर रणनीतिक साझेदार कहता है तो वहीं दूसरी ओर पाकिस्तान का साथ देने वाले देश को हथियार मुहैया कराता है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि इससे भारत और अमेरिका के रिश्तों में दरार पड़ सकती है। हालांकि इसपर अमेरिका का तर्क है कि यह डील बतौर नाटो सहयोगी तुर्किए की सुरक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए है, न कि भारत के खिलाफ कोई साजिश।  Latest News in Hindi Today Hindi news US Betrays India #USBetraysIndia #IndiaUSRelations #PakistanMissiles #GlobalTensions #USDefenseDeal #SouthAsiaCrisis #IndiaSecurity #MissileAlert #GeopoliticalCrisis #USPakistanAlly

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Why Turkey is Supporting Pakistan: क्या इस वजह से तुर्की कर रहा है पाकिस्तान की मदद?Turkey Pakistan relations

22 अप्रैल को जम्म-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में हुई कायराना आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद भारत ने 6 और 7 मई की दरम्यानी रात ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान और पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर में एयर स्ट्राइक की। इस एयर स्ट्राइक में भारत ने 9 आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। मजे की बात यह कि 3 दिन चली कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान को नाकों चने चबवा दिया। इस कार्रवाई में भारत ने न सिर्फ पाकिस्तान का एयर डिफेंस सिस्टम बल्कि कई एयर बेस भी तबाह कर दिया। इस दौरान 100 से अधिक आतंकी मारे गए और कई लोग घायल हुए। इसे अलावा 40 से अधिक पाकिस्तानी जवान भी मारे गए थे। फ़िलहाल अपनी हर देख पाकिस्तान ने भारत से सीजफायर की गुहार लगाई। और फिर भारत अपनी शर्तों पर सीजफायर के लिए राजी हुआ। फ़िलहाल दोनों देशों की सरहदों पर शांति है। कहने की जरूरत नहीं इस पूरी कार्रवाई में पाकिस्तान को तगड़ा झटका लगा। खैर, इन सब के बीच ध्यान देने वाली बात यह कि इस पूरी कवायद में तुर्की और चीन पाकिस्तान के साथ खुलकर खड़े थे। चीन का तो समझ आता है कि चीन ने पाकिस्तान में इतना इन्वेस्ट कर दिया है कई उसका साथ देना मजबूरी बन गई है। लेकिन (Why Turkey is Supporting Pakistan) तुर्की? तुर्की ने हथियार बनाने और बेचने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी हासिल (Why Turkey is Supporting Pakistan) की है वो तुर्की, जिसकी भारत ने करोड़ों डॉलर की मदद की थी। तुर्की वही देश है जहां विनाशकारी भूकंप आने के बाद भारत ने फौरन सहायता भेजी थी। इतना कुछ करने के बाद भी तुर्की एहसान फरामोश निकला। भारत और पाकिस्तान में बीच युद्धजनक स्थिति में तुर्की ने पाकिस्तान की मदद की। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या यह महज दोस्ती का मामला है या फिर इसके पीछे कोई और मंशा (Why Turkey is Supporting Pakistan) है? आइये जानते हैं इसके पीछे की मंशा। दरअसल, हाल के वर्षों में तुर्की ने अपनी रक्षा उद्योग को मजबूत किया है। वो दुनिया के शीर्ष हथियार निर्यातकों में शामिल होने की कोशिश कर रहा है। तुर्की हथियारों का सबसे बड़ा निर्यातक बनना चाहता है। तुर्की ने हथियार बनाने और बेचने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। तुर्की अब दुनिया का 11वां सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश बन गया है। तीनों तरफ दुश्मनों से घिरे होने के कारण पाकिस्तान को रक्षा उपकरणों की हमेशा से दरकार रही है। इसी सिलसिले में पाकिस्तान के साथ तुर्की ने कई बड़े रक्षा सौदे किए हैं। जिनमें मिलगेम युद्धपोत, विभिन्न ड्रोन और टी-129 अटैक हेलीकॉप्टर शामिल हैं।  इसे भी पढ़ें:- जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में मुठभेड़ जारी, सुरक्षाबलों ने 2 आतंकियों को किया ढेर तुर्की का पाकिस्तान को समर्थन सिर्फ एक कूटनीतिक कदम नहीं, बल्कि सोची-समझी (Why Turkey is Supporting Pakistan) रणनीति है गौर करने वाली बात यह कि ये सौदे तुर्की के रक्षा उद्योग के लिए अरबों डॉलर की आमदनी का स्रोत (Why Turkey is Supporting Pakistan) हैं। बड़ी बात यह कि तुर्की का मकसद सिर्फ पाकिस्तान तक सीमित नहीं है बल्कि, वह दुनिया भर में अपने हथियार बेचने का इच्छुक है।  अफ्रीका, मिडल ईस्ट और एशिया में तुर्की अपने रक्षा उत्पादों का बाजार तेजी से बढ़ा रहा है। दरअसल, पाकिस्तान जैसे देशों में मदद और सहयोग देकर, तुर्की इन बाजारों में अपनी पैठ मजबूत कर रहा है। बेशक, तुर्की का पाकिस्तान को समर्थन सिर्फ एक कूटनीतिक कदम नहीं, बल्कि सोची-समझी रणनीति है, जो उसके हथियार उद्योग को बढ़ावा देने में मदद करती है। आगामी वर्षों में, तुर्की इस रणनीति के जरिए अपने रक्षा उद्योग को और मजबूत करेगा।  Latest News in Hindi Today Hindi news  Why Turkey is Supporting Pakistan #TurkeyPakistan #TurkeySupportsPakistan #ErdoganPakistan #KashmirIssue #TurkeyForeignPolicy #PakistanTurkeyTies #IslamicAlliance #TurkeyIndiaTensions #GlobalPolitics #MiddleEastNews

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Indian-Origin Named Canada's FM

Indian-Origin Named Canada’s FM: कनाडाई पीएम मार्क कार्नी ने किया कैबिनेट में फेरबदल, इस भारतीय को बनाया विदेश मंत्री, क्या सुधरेंगे रिश्तें?

साल 2025 की शुरुआत में जस्टिन ट्रूडो की जगह मार्क कार्नी कनाडा के प्रधानमंत्री बने थे। अहम बात यह कि पिछले महीने ही उनकी पार्टी लिबरल को उनके नेतृत्व में चुनाव में जीत मिली थी। इस बीच मंगलवार को कनाडा के नये नवेले प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अपनी मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल किया है। जानकारी के मुताबिक पीएम कार्नी के नए मंत्रिमंडल से 10 से अधिक लोगों को हटाया है। हटाए गए लोगों में पूर्व रक्षा मंत्री बिल ब्लेयर भी शामिल हैं। खैर, मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव करते हुए उन्होंने भारतीय मूल की अनीता आनंद को अपना नया विदेश मंत्री नामित (Indian-Origin Named Canada’s FM) किया है। मेलानी जोली की जगह आनंद को विदेश मंत्री बनाया है। गौर करने वाली बात यह कि उन्होंने गीता पर हाथ रखकर शपथ ली। इससे पहले ट्रूडो सरकार में वो कनाडा की रक्षा मंत्री थीं। बेशक कार्नी के इस फैसले ने भारत-कनाडा के रिश्तों में सुधार की गुंजाइश को बढ़ा दिया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह कि क्या अनीता आनंद के विदेश मंत्री बनने से भारत संग कनाडा केरिश्तों में सुधार होगा? दरअसल, जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में भारत और कनाडा के रिश्तों में खटास आ गई थी। अब क्या मार्क कार्नी और अनीता आनंद इसे ठीक करेंगे? पेशे से वकील, प्रोफेसर और रिसर्चर रह चुकी हैं अनीता आनंद निश्चित ही आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये अनीता आनंद कौन हैं? तो आपको बता दें कि अनीता आनंद कनाडा (Indian-Origin Named Canada’s FM) की पहली हिंदू महिला सांसद और कैबिनेट मंत्री हैं। भले ही उनका जन्म भले भारत में न हुआ हो, मगर उनका ताल्लुक भारत से है। दरअसल, अनीता आनंद के माता-पिता भारत से थे। पिता तमिलनाडु तो मां पंजाब से थीं। पेशे से दोनों फिजिशियन थे। बाद में कनाडा में बस गए थे। अनीता के दादा भारत के स्वतंत्रता सेनानी थे। अनीता आनंद का जन्म केंटविले, नोआ स्कोटिया में हुआ था। उनकी दो बहनें हैं- गीता आनंद जो कि टोरंटो में एक वकील हैं, और दूसरी सोनिया आनंद, जो कि मैकमास्टर यूनिवर्सिटी में एक फिजिशियन और रिसर्चर हैं। पेशे से वकील, प्रोफेसर और रिसर्चर रह चुकी अनीता आनंद साल 1985 में ओंटारियो चली गईं थी। उन्होंने अब तक कई पदों पर काम किया है। पहली बार साल 2019 में वह ओकविले के लिए संसद सदस्य के रूप में चुनी गई थीं। उन्होंने 2019 से 2021 तक न सिर्फ सार्वजनिक सेवा और खरीद मंत्री के रूप में कार्य किया बल्कि ट्रेजरी बोर्ड के अध्यक्ष और राष्ट्रीय रक्षा मंत्री के तौर पर भी काम किया। आपको जानकर हैरानी होगी कि एक वक्त ऐसा भी था जब अनीता आनंद को जस्टिन ट्रूडो के विकल्प के तौर पर देखा जा रहा था। परिस्थितियां यदि अनुकूल होती तो कनाडा की प्राइम मिनिस्टर होती।  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा नई सरकार को मजबूत जनादेश के साथ चुना है, ताकि वे संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक नया आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित कर सकें खैर, इस पूरे मामले पर (Indian-Origin Named Canada’s FM) बोलते हुए पीएम कार्नी ने कहा कि “कनाडाई लोगों ने इस नई सरकार को मजबूत जनादेश के साथ चुना है, ताकि वे संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ एक नया आर्थिक और सुरक्षा संबंध स्थापित कर सकें और सभी कनाडाई लोगों के लिए एक मजबूत अर्थव्यवस्था का निर्माण कर सकें।” हालाँकि इस बीच कार्नी ने बताया कि 27 मई को जब संसद फिर से शुरू होगी, तब किंग चार्ल्स तृतीय कनाडा सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए भाषण देंगे। बता दें कि चार्ल्स कनाडा में राष्ट्राध्यक्ष हैं, जो पूर्व उपनिवेशों के ब्रिटिश राष्ट्रमंडल का सदस्य है। खैर, इस बीच कार्नी ने कनाडा के  यूनाइटेड किंगडम, संस्थापक राष्ट्रों और फ्रांस पर जोर देते हुए कहा कि “लगातार बढ़ते एकीकरण पर आधारित अमेरिका के साथ पुराना रिश्ता खत्म हो गया है। Latest News in Hindi Today Hindi news Indian-Origin Named Canada’s FM #IndianOriginMinister, #CanadaCabinet, #ForeignMinisterCanada, #IndiaCanadaRelations, #MarkCarney, #CanadianPolitics, #IndiaCanadaTies, #CabinetReshuffleCanada, #IndianInPolitics, #CanadaNews

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Pakistan Summons Indian Official Over India’s Action

Pakistan Summons Indian Official Over India’s Action: भारत के इस एक्शन से तिलमिलाए पाकिस्तान ने भारतीय अधिकारी को दिया यह आदेश

भारत द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकियों पर की गई कार्रवाई से पाकिस्तान तिलमिलाया हुआ है। तिलमिलाहट ऐसी कि पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के एक कर्मचारी को जासूसी के आरोप में आवंछित घोषित कर दिया। इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने भारतीय राजनयिक और उनके परिवार को 24 घंटे के अंदर पाकिस्तान छोड़ने का तुगलकी फरमान जारी किया (Pakistan Summons Indian Official Over India’s Action) है। जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक्स पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि “इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के एक कर्मचारी को अवांछित व्यक्ति घोषित किया गया है।” खबर है कि पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के एक कर्मचारी को उसकी विशेषाधिकार प्राप्त स्थिति के साथ असंगत गतिविधियों में संलग्न होने के लिए अवांछित व्यक्ति घोषित किया है। इसके साथ ही संबंधित अधिकारी को 24 घंटे के भीतर पाकिस्तान छोड़ने का निर्देश दिया गया है।” पोस्ट में कहा गया कि “भारतीय उच्चायुक्त को आज विदेश मंत्रालय में बुलाया गया था और इस आदेश से अवगत कराया गया।”  अधिकारी को 24 घंटे के भीतर भारत छोड़ने को कहा (Pakistan Summons Indian Official Over India’s Action) गया है गौरतलब हो कि भारत ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में कार्यरत एक पाकिस्तानी अदिकारी को भारत में उसकी आधिकारिक स्थिति के अनुरूप नहीं होने वाली गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण अवांछित व्यक्ति घोषित किया (Pakistan Summons Indian Official Over India’s Action) था। विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि “भारत सरकार ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग में कार्यरत एक पाकिस्तानी अधिकारी को भारत में अपने आधिकारिक दर्जे के अनुरूप गतिविधियों में संलिप्त होने के कारण अवांछित व्यक्ति घोषित किया गया है। अधिकारी को 24 घंटे के भीतर भारत छोड़ने को कहा गया है।” भारत के इस कदम से बौखलाए पाकिस्तान ने यह कदम उठाया है।  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने 100 से अधिक आतंकवादियों के ठिकाने लगाने के लिए 9 जगहों को टारगेट किया (Pakistan Summons Indian Official Over India’s Action) था। यही नहीं, पाकिस्तान के अंदर 11 एयर बेस को भी निशाना बनाया। न सिर्फ एयरबेस को निशाना बने बल्कि पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचाया गया। बड़ी बात यह कि इस ऑपरेशन को हवाई, जमीनी और समुद्री अभियानों को संयमित तरीक़े से अंजाम दिया गया। बड़ी बात यह कि ऑपरेशन में नागरिकों को कम से कम हताहत किया गया था। बता दें कि भारत ने जम्मू-कश्मीर में हुए हमले का बदला लेने के लिए 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कई आतंकी ठिकानों पर हमला किया गया था। बता दें कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक हमले में 26 पर्यटक मारे गए थे। कहने की जरूरत नहीं कि भारत द्वारा आतंकियों पर की गई घातक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की सरकार अब बौखला चुकी है। Latest News in Hindi Today Hindi news Pakistan Summons Indian Official Over India’s Action #IndiaPakistanTension #PakistanSummons #IndianDiplomat #IndiaNews #PakistanNews #BreakingNews #DiplomaticTension #IndiaPakistan #GlobalNews #SouthAsiaNews

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Congress Slams Trump Over Controversial Statement

Congress Slams Trump Over Controversial Statement: इस वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भड़की कांग्रेस 

भारत और पाकिस्तान चार दिन तक सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद 10 मई को संघर्ष समाप्त करने पर सहमत हुए थे। इसका श्रेय लेते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरी दुनिया को इस सीजफायर की खबर दी। इस बीच डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर कराने के अपने दावों को दोहराए जाने के बाद से कांग्रेस आग बबूला है। मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति को आड़े हाथों लेते हुए कांग्रेस ने कहा कि “ट्रंप न सिर्फ दोनों देशों को एक साथ जोड़ रहे हैं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तुलना उनके पाकिस्तानी समकक्ष शहबाज शरीफ से भी कर रहे (Congress Slams Trump Over Controversial Statement) हैं।”  दरअसल, कांग्रेस के मीडिया और प्रचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने सऊदी अरब में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप के नए बयान की एक क्लिप शेयर की। क्लिप शेयर कर पवन खेड़ा ने कैप्शन में लिखा कि “अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिर कहा कि मैंने उनके (भारत और पाकिस्तान के) बीच सौदा करने के लिए व्यापार का इस्तेमाल किया और वे सहमत हो गए।” उन्होंने कहा कि “डोनाल्ड ट्रंप न केवल भारत को पाकिस्तान के साथ जोड़ रहे हैं, बल्कि वह प्रधानमंत्री मोदी की तुलना शहबाज शरीफ से भी कर रहे हैं।” उन्होंने पूछा कि “क्या प्रधानमंत्री को ऐसी तुलना स्वीकार्य है।”  खैर, इस बीच प्रवीण चक्रवर्ती जो कि प्रोफेशनल्स कांग्रेस एंड डेटा एनालिटिक्स के चेयर हैं, ने सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री बराबर हैं। पाकिस्तान और भारत बराबर शक्तियां हैं। यह कौन कह रहा है? प्रधानमंत्री मोदी कि अच्छे दोस्त राष्ट्रपति ट्रंप।” यही नहीं, कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने भी सऊदी अरब में ट्रंप द्वारा की गई टिप्पणियों को साझा किया और तो और सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि “यह कहानी पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं थी।”  भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संघर्ष को रोकने के लिए सफलतापूर्वक ऐतिहासिक (Congress Slams Trump Over Controversial Statement) करवाया सीजफायर  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार पुनः दावा करते हुए कहा कि “अमेरिकी प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संघर्ष को रोकने के लिए सफलतापूर्वक ऐतिहासिक सीजफायर (Congress Slams Trump Over Controversial Statement) करवाया।” दरअसल, रियाद में सऊदी-अमेरिका निवेश फोरम को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि “जैसा कि मैंने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा था, मेरी सबसे बड़ी उम्मीद शांतिदूत बनना और एकता लाना है। मुझे युद्ध पसंद नहीं है। वैसे, हमारे पास दुनिया के इतिहास की सबसे बड़ी सेना है।” खैर इस बीच उन्होंने दावा करते हुए कहा कि “कुछ ही दिन पहले, मेरे प्रशासन ने भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए ऐतिहासिक सीजफायर को सफलतापूर्वक करवाया।” बता दें कि ट्रंप खाड़ी क्षेत्र की अपनी चार दिवसीय यात्रा के पहले चरण में सऊदी अरब में हैं।  इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा मैंने ऐसा करने के लिए काफी हद तक किया व्यापार का इस्तेमाल- अमेरिकी राष्ट्रपति  अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि “मैंने ऐसा करने के लिए काफी हद तक व्यापार का इस्तेमाल किया और फिर मैंने कहा कि साथियो, चलो-चलो एक सौदा करते हैं, कुछ व्यापार करते हैं।” मुख्य बात यह कि ट्रंप के इस संबोधन के दौरान वहां मौजूद दर्शकों ने जमकर तालियां (Congress Slams Trump Over Controversial Statement) पीटी। गौरतलब हो कि इस दौरान अरबपति एलन मस्क भी मौजूद थे।  Latest News in Hindi Today Hindi news Congress Slams Trump Over Controversial Statement #TrumpControversy #CongressVsTrump #TrumpStatement #USPolitics #TrumpNews #CongressAttack #PoliticalRift #DonaldTrump #BreakingNews #USPresident

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Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan

Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan : अफगानिस्तान में तालिबान का तुग़लकी फरमान, शरीयत का हवाला देकर बैन किया यह खेल

जब से अफगानिस्तान में तालिबान का शासन आया है तब से वो अपने अजीबों-गरीब फरमान को लेकर सुर्ख़ियों में बना हुआ है। फरमान भी ऐसे आप सोचने पर भी मजबूर हो जाएँ। जाहिर सी बात है, तालिबान और फरमान न दे, ये असंभव (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है। बता दें कि साल 2021 में सत्ता पर कब्जा करने के बाद से तालिबान सरकार ने लगातार ऐसे कानून और नियमों में बदलाव किये हैं जो इस्लामी कानून के प्रति उसके कट्टर और चरमपंथी सोच को दर्शाते हैं। नए फरमान के मुताबिक अफगान की तालिबानी सरकार ने शतरंज यानी चेस के खेल पर अगली सूचना तक बैन लगा दिया है। दरअसल, तालिबान को डर है कि यह खेल जुए खेलने का जरिया बन गया है। इसलिए तालिबान ने शरिया कानून का हवाला देकर इस खेल को बैन कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अधिकारियों ने कहा कि “शतरंज के खेल को तब तक अनिश्चित काल के लिए बैन कर दिया गया है। पहले इस बात की जांच की जाएगी कि इस्लामी कानून के साथ इसे खेलना सही है या नहीं, उसी के आधार पर इसे हमेशा के लिए बैन लगाया जाएगा या फिर बैन हटा लिया जाएगा।” धार्मिक कानून का हवाला देकर अफगानिस्तान में चेस के खेल पर बैन (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) दिया है न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार खेल निदेशालय के प्रवक्ता अटल मशवानी ने बताया कि “शरिया में चेस को जुए का साधन माना जाता है, जो पिछले साल घोषित कानून के अनुसार निषिद्ध है। यही नहीं उन्होंने आगे कहा कि “चेस के खेल के संबंध में धार्मिक विचार हैं, जब तक इन विचारों पर ध्यान नहीं दिया जाता, अफगानिस्तान में चेस के खेल पर बैन (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है। और तो और अफगानिस्तान के राष्ट्रीय शतरंज महासंघ ने लगभग दो वर्षों से कोई आधिकारिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किया है।” इसे भी पढ़ें:-  भारतीय सेना ने बीती रात के हमले का जारी किया वीडियो, इस तरह पाकिस्तानी ड्रोन को हवा में ही दिया उड़ा महिलाओं को किसी भी तरह के खेल में भाग लेने की इजाजत नहीं (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है ध्यान देने योग्य बात यह कि अफगानिस्तान में यह पहला ऐसा खेल नहीं है जिसपर तालिबान ने बैन लगाया है। सबसे खराब हालत तो वहां की महिलाओं की है। उन्हें किसी भी तरह के खेल में भाग लेने की इजाजत नहीं (Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan) है। कट्टरता ऐसी कि तालिबान ने उनके हर खेल पर बैन लगा रखा है। यही नहीं पिछले वर्ष, तालिबान ने पेशेवर प्रतियोगिता में मिक्स्ड मार्शल आर्ट (एमएमए) जैसी फ्री स्टाइल फाइट्स पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया था। इसके पीछे का तर्क देते हुए तालिबान कहा था कि “यह बहुत ही हिंसक है।” बेशक तालिबान के इस कदम ने धर्म के प्रति उसकी कट्टर सोच को एक बार फिर जगजाहिर कर दिया है।  Latest News in Hindi Today Hindi news Taliban Bans Popular Sport in Afghanistan #TalibanBan #AfghanistanNews #ShariaLaw #TalibanRule #HumanRights #BanOnSports #GlobalCondemnation #IslamicExtremism #FreedomToPlay #AfghanYouth

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