Coronavirus new variant 2025

JN.1 variant of interest: WHO ने क्यों कहा JN.1 को वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट? जानिए कोरोना वायरस JN.1 वेरिएंट के लक्षण और बचाव

कोरोना वायरस के फैलने की खबर एक बार फिर सुर्खियों में है। पहले सिंगापूर, हॉन्गकॉन्ग और थाइलैंड में कोरोना वायरस फैलने की जानकारी मिली और अब धीरे-धीरे भारत में भी इस इंफेक्शन का खतरा एक बार फिर से बढ़ चुका है। कोरोना वायरस (Coronavirus) एक इंफेक्सियस डिजीज है और जब भी इस वायरस का नाम सामने आता है तो साल 2020 और 2021 की घटनाएं ना चाहते हुए हम सभी के जहन में आ जाता है।  ऐसे में फिर इंफेक्शन का फैलना की खबरे लोगों के मन में डर पैदा कर रही हैं। इस बार कोविड 19 का JN.1 वेरियंट (COVID 19 JN.1 Variant) काफी चर्चा में है। क्या है JN.1 वेरिएंट (JN.1 Variant), JN.1 के लक्षण (Symptoms of JN.1 Variant)  क्या हो सकते हैं और JN.1 से बचाव कैसे संभव है ये सब समझेंगे।  क्या है JN.1 वेरिएंट?  नेशनल सेंटर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार कोरोना वायरस का JN.1 वेरिएंट है। इस बार कोविड-19 इंफेक्शन का कारण ओमिक्रोन वेरिएंट JN.1 और इसके सब-वेरिएंट्स LF.7 और NB.1.8 को माना जा रहा है। JN.1 इंफेक्शन ओमिक्रोन के BA.2.86 फेमली से होने वाला एक नया वेरिएंट है। जॉन्स हॉपकिन्स मेडिसिन (John Hopkins Medicine) के रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार JN.1 की पहचान पहली बार अगस्त 2023 में की गई थी। इस वेरिएंट में लगभग 30 म्यूटेशन पाए गए हैं, जो शरीर की इम्यून सिस्टम (Immune System) से बचने में सक्षम बनाते हैं। इसके अलावा इसमें कुछ अन्य म्यूटेशन भी होते हैं, जो इसके तेजी से फैलने की क्षमता को बढ़ाते हैं। हालांकि BA.2.86 वेरिएंट SARS-CoV-2 वेरिएंट्स में शामिल नहीं हुआ। क्या है JN.1 वेरिएंट के लक्षण? NCBI के अनुसार JN.1 वेरिएंट (Symptoms of JN.1 Variant) के लक्षण कोरोना वायरस के लक्षणों के समान हैं। जैसे: ऊपर बताए लक्षण JN.1 वेरिएंट के लक्षण  (Symptoms of JN.1 Variant) हो सकते हैं। इसलिए अगर ऊपर बताए लक्षणों में कोई भी लक्षण महसूस हो तो डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए।  कितना खतरनाक है कोविड 19 का JN.1 वेरिएंट ( JN.1 Variant)? कोविड 19 का JN.1 वेरिएंट ( JN.1 Variant) कितना खतरनाक है, इसकी जानकारी अब तक शेयर नहीं की गई है और WHO इसपर नजर बनाए हुए है और इसे JN.1 को वेरिएंट ऑफ इंट्रेस्ट (JN.1 as a variant of interest) कहा है। लेकिन ये जरूर कहा जा रहा है कि कमजोर इम्मुनिटी वाले लोगों में कोविड 19 के JN.1 वेरिएंट (COVID 19  JN.1 Variant) का भी खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए इम्मुनिटी को स्ट्रॉन्ग बनाए रखना बेहद जरुरी है।  इसे भी पढ़ें: गर्मी के मौसम में अपना रखें खास ख्याल और बरते यह 6 सावधानियां JN.1 वेरिएंट से बचाव कैसे संभव है?  JN.1 वेरिएंट से बचाव के लिए नीचे दिए पॉइंट्स को ध्यान रखें और फॉलो करें- इन ऊपर बताए बिंदुओं को फॉलो कर JN.1 वेरिएंट से बचने में मदद मिल सकती है।  ध्यान रखें कि किसी भी बीमारी या  इंफेक्शन से आसानी से बचा जा सकता है, लेकिन इसके लिए सतर्कता जरुरी है। इसलिए किसी भी तरह की शारीरिक परेशानी महसूस होने पर डरे नहीं और हेल्थ एक्सपर्ट से अपनी शारीरिक समस्या के बारे में बात करें। कोविड 19 के JN.1 वेरिएंट (COVID 19  JN.1 Variant) संक्रामक जरूर है लेकिन इससे आसानी से बचा जा सकता है।  Latest News in Hindi Today Hindi (NCBI) #JN1Variant #COVID19 #WHOAlert #CoronavirusUpdate #CovidSymptoms #JN1Symptoms #VirusPrevention #HealthAlert

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Foods eaten in lunch

लंच में खाए जानें वाले 5 फूड जो वजन को बढ़ा सकते हैं, इनके बारे में जानिए और खाने से बचें

हेल्दी रहने के लिए अपने आहार का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। अगर हमारे द्वारा कंज्यूम कैलोरीज बर्न की गई कैलोरीज से अधिक है, तो  कोई भी आहार वजन के बढ़ने का कारण बन सकता है। लेकिन, लंच में खाये जाने वाले फूड्स में कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन करने से वेट गेन (Weight Gain) की संभावना बढ़ सकती है, खासतौर पर अगर यह फूड हाई कैलोरी, फैट, चीनी और नमक से भरपूर हों। इसलिए, अपने लंच में आप क्या खा रहे हैं, इसके बारे में खास ध्यान देना जरूरी है। अपने लंच में हमें फल, सब्जियों, साबुत अनाज आदि को शामिल करना चाहिए। आइए पाएं जानकारी की कौन से हैं वो लंच में खाए जाने वाले फूड्स जो वजन बढ़ा सकते हैं (Foods eaten in lunch that can increase weight)?  लंच में खाए जाने वाले फूड्स जो वजन बढ़ा सकते हैं (Foods eaten in lunch that can increase weight) सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल और प्रिवेंशन (Centers for Disease Control and Prevention) के अनुसार हेल्दी फूड से न केवल हमारी इम्युनिटी बढ़ती है, हड्डियां मजबूत होती हैं, कई गंभीर बीमारियों का जोखिम कम रहता है और इसके साथ ही इससे वजन सही रहने में भी मदद मिल सकती है। जानिए कौन से हैं लंच में खाए जाने वाले फूड्स जो वजन बढ़ा सकते हैं (Foods eaten in lunch that can increase weight):  फ्राइड फास्ट फूड (Fried fast food) फ्राइड फास्ट फूड (Fried fast food) अनहेल्दी फूड का सबसे अच्छा उदाहरण है। यह फास्ट फूड जैसे फ्रेंच फ्राइड, बर्गर आदि में कैलोरीज बहुत अधिक होती हैं, जिससे यह वजन को बढ़ा सकते हैं। यह नहीं, इनको अधिक खाने से कई अन्य हेल्थ प्रॉब्लम्स भी हो सकती हैं। उदाहरण के लिए कुछ लोगों की पसंदीदा लंच की डिश छोले-भटूरे कार्बोहाइड्रेट्स और अनहेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं और इस फ्राइड फास्ट फूड (Fried fast food) से वजन बढ़ सकता है। शुगरी ड्रिंक्स (Sugary drinks) चीनी युक्त ड्रिंक्स जैसे सोडा, जूस और मीठे अन्य पेय पदार्थ में भी कैलोरीज और शुगर अधिक मात्रा में हो सकते हैं। बहुत से लोग लंच में इनका सेवन करना पसंद करते हैं। लेकिन इनके कारण वेट गेन (Weight Gain) हो सकता है और इसके साथ ही डायबिटीज, हार्ट रिलेटेड समस्याएं होने की संभावना भी बढ़ सकती हैं। क्रीमी पास्ता (Creamy Pasta) इसमें कोई शक नहीं है कि क्रीमी पास्ता (Creamy Pasta) खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है लेकिन इसमें क्रीमी, सॉस, चीज और हाई फैट युक्त सामग्री होती हैं, जिनके कारण कैलोरीज बढ़ सकती हैं। यानी, यह भी वेट गेन (Weight Gain) का कारण बन सकता है। अगर आपको क्रीमी पास्ता (Creamy Pasta) पसंद है और आप अक्सर इसे खाना पसंद करते हैं, तो आपके लिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है।  फ्लेवर्ड योगर्ट (Flavoured Yogurt) सादे योगर्ट यानि दही को स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है। लेकिन, फ्लेवर्ड योगर्ट में चीनी और आर्टिफिशियल इंग्रेडिएंट्स होते हैं। इन्हें खाने से कैलोरीज की मात्रा बढ़ जाती है और जिससे वेट गेन (Weight Gain)होता है।   इसे भी पढ़ें: गर्मी के मौसम में अपना रखें खास ख्याल और बरते यह 6 सावधानियां प्रोसेस्ड मीट (Processed Meat) प्रोसेस्ड मीट जैसे सलामी, सोसेजिज आदि में सोडियम, अनहेल्दी फैट्स और प्रिजरजेटिव होते हैं जिससे समय के साथ वॉटर रिटेंशन और वेट गेन (Weight Gain) हो सकता है। इनके अलावा कैंड सूप भी वजन के बढ़ने का कारण हो सकते हैं। इनमे सोडियम और चीनी की मात्रा अधिक होती है और नियमित रूप से इन्हें पीने से वजन बढ़ सकता है। इसलिए ऐसे किसी भी खाद्य पदार्थ को अपने लंच या आहार में शामिल न करें, जिन्हें खाना न केवल वेट गेन (Weight Gain) की वजह बने बल्कि आपके सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो। अधिक जानकारी के लिए आप किसी डायटीशियन या एक्सपर्ट की सलाह ले सकते हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi  #friedfastfood #CreamyPasta #Foodseateninlunchthatcanincreaseweight  #Weight Gain

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Easy tips to avoid heat

गर्मी के मौसम में अपना रखें खास ख्याल और बरते यह 6 सावधानियां

गर्मी का मौसम (Summer season) अपने साथ कई परेशानियों को ले कर आता है। डिहाइड्रेशन (Dehydration), सनबर्न, हीटस्ट्रोक ऐसी कुछ समस्याएं हैं, जिनकी गर्मी के मौसम में संभावना बढ़ जाती है। अधिक देर तक गर्मी (Heat) में रहना और अधिक फिजिकल एक्टिविटीज हीट सम्बन्धी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। इस दौरान अत्यधिक हीट शरीर को कई तरह से प्रभावित कर सकती है। बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को इस दौरान अपना खास ध्यान रखना चाहिए। अगर आप गर्मी (Heat) से बचना चाहते हैं, तो कुछ आसान टिप्स का पालन करें। गर्मी से बचने के लिए आसान टिप्स (Easy tips to avoid heat) इस प्रकार हैं। गर्मी से बचने के लिए आसान टिप्स (Easy tips to avoid heat in Summer season) नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (National Disaster Management Authority) के अनुसार हलके और कॉटन के कपडे पहनने से आप गर्मी (Heat) से कुछ हद तक बच सकते हैं। इसके साथ ही घर से बाहर जाते हुए पूरी सावधानियों को बरतना जरूरी है। गर्मी में होने वाली समस्याओं से बचाव के लिए ठंडा और हाइड्रेटेड रहना भी आवश्यक है। गर्मी से बचने के लिए आसान टिप्स (Easy tips to avoid heat) इस प्रकार हैं: धूप से बचें हाइड्रेट रहें गर्मी का मौसम (Summer season) डिहाइड्रेशन (Dehydration) का कारण बन सकता है। इसलिए इस मौसम में जितना हो सके खुद को ठंडा रखें। इसके कुछ तरीके इस प्रकार हैं:  तरल पदार्थों का सेवन करें  गर्म मौसम में जितना हो सके कैफीन से दूर रहें और अधिक से अधिक पानी पीएं। नारियल पानी और जूस भी आप पी सकते हैं। ठंडे और गर्म दोनों पेय पदार्थ आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होने देते। लेकिन, अधिक चाय और कॉफी पीने से बचें। जितना हो सके एल्कोहॉल का सेवन भी नहीं करना चाहिए। हेल्दी और हल्का आहार खाएं गर्म के मौसम में हल्का, बैलेंस्ड और हेल्दी मील लेना चाहिए। ऐसे फूड्स का अधिक सेवन करें जिनमे पानी की मात्रा अधिक हो जैसे स्ट्राबेरीज, खीरा, तरबूज आदि। इनसे भी गर्मी के मौसम में हाइड्रेट रहने में मदद मिलेगी। इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में दोपहर में फिजिकल एक्टिविटीज से बचें गर्मी का मौसम (Summer season) आते ही आप अपनी रूटीन में कोई बदलाव न करें। लेकिन, इस दौरान कुछ चीजों का ध्यान रखना आवश्यक है। दिन के ऐसे समय में फिजिकल एक्टिविटीज से बचें जब गर्मी (Heat) का प्रभाव सबसे अधिक होता है। इससे डिहाइड्रेशन (Dehydration), हीटस्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।  घर को रखे ठंडा गर्मी का मौसम (Summer season) आते ही जरूरी है कि आप घर पर रहें और घर को ठंडा रखें। इससे न केवल आप आरामदायक महसूस करेंगे बल्कि कई समस्याओं से भी बचा जा सकता है। घर को ठंडा रखना तब और भी मुश्किल हो सकता है जब गर्मी (Heat) अधिक हो। इसके लिए अपनी खिड़कियों, पर्दो आदि को बंद रखें, प्रभावी रूप से पंखों का इस्तेमाल करें आदि।  नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Easy tips to avoid heat #Easytipstoavoidheat #summerseason #summer #heat #dehydration

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Singapore virus outbreak

सिंगापुर में COVID-19 मामलों में तेजी, एहतियात बरतना बेहद जरूरी

पूरा दक्षिण-पूर्वी एशिया एक बार फिर से कोविड-19 की (Covid 19) चपेट में दिख रहा है। खासकर सिंगापुर और हांगकांग जैसे विकसित शहरों में अचानक से कोविड-19  के मामलों में तेजी देखी गई है। इसके अलावा, चीन और थाईलैंड में भी कोरोनावायरस (Coronavirus) के पेशेंट्स की संख्या  जा रही है। इस स्थिति ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों को फिर से सतर्क कर दिया है। Singapore Covid 19 Cases में 28% की बढ़ोतरी विशेष रूप से  सिंगापूर कोविड 19 केस (Singapore Covid 19 Cases) की बात करें तो, बीते वर्ष की तुलना में इस साल मामलों में 28% की वृद्धि देखी गई है। 3 मई तक सिंगापुर में 14,200 केस रजिस्टर किए जा चुके हैं। यह संख्या पिछले कुछ महीनों में आई गिरावट के बाद अब चिंताजनक रूप लेती जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स  के अनुसार यह उछाल एशिया में फैल रही कोविड-19 की एक नई लहर का हिस्सा है। चीन में संक्रमण के मामले पिछले साल की गर्मियों के चरम स्तर के करीब पहुँच रहे हैं। वहीं, थाईलैंड में अप्रैल के सोंगक्रन फेस्टिवल (Songkran के बाद केसों में बढ़त देखी जा रही है। जानकारों के अनुसार त्योहारों और अत्यधिक भीड़-भाड़ के कारण इंफेक्शन एकबार फिर से फैलने लगा है।  सिंगापूर में कोविड 19 केस में बढ़ोतरी  सिंगापुर के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि कमजोर इम्युनिटी वाले लोग इस बार सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। जिन लोगों को पहले से कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं, उनके संक्रमित होने की संभावना अधिक है। डॉक्टरों के अनुसार, बदलते मौसम में शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में गिरावट आना स्वाभाविक है, जिससे वायरस का प्रभाव तेज हो जाता है। Singapore में कौन से वेरिएंट फैला रहे हैं संक्रमण? फिलहाल सिंगापूर कोविड 19 केस (Singapore Covid 19 Cases) में दो मुख्य वेरिएंट सामने आ रहे हैं — LF.7 और NB.1.8। ये दोनों ही वेरिएंट JN.1 स्ट्रेन से संबंधित हैं और स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों वेरिएंट्स की वजह से कुल मामलों का दो-तिहाई हिस्सा सामने आ रहा है। यह भी देखा गया है कि इन वेरिएंट्स की वजह से संक्रमण की दर में बढ़ोतरी तो हो रही है, लेकिन गंभीर बीमारी के मामले अभी सीमित हैं। इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में  Covid 19  के लक्षण  सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि देश की जनसंख्या प्रतिरक्षा (Population immunity) धीरे-धीरे कम हो रही है, लेकिन फिलहाल इन वेरिएंट्स के अधिक तेजी से फैलने या गंभीर बीमारी का कारण बनने का कोई संकेत नहीं है। CNA (Channel News Asia) की रिपोर्ट के अनुसार, डॉक्टर इस नए कोविड-19 संक्रमण (Covid 19 Infection) को सामान्य फ्लू की तरह ही देख रहे हैं। अधिकांश लोग बिना किसी जटिलता के जल्दी ठीक हो रहे हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि लापरवाही की जाए। बूस्टर डोज़ लेना, मास्क पहनना और भीड़भाड़ से बचना अब भी बेहद जरूरी है। सावधानी ही सुरक्षा है सिंगापुर सरकार लोगों को सजग रहने की सलाह दे रही है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। यह जरूरी है कि हम सभी व्यक्तिगत साफ-सफाई का ध्यान रखें, नियमित हाथ धोएं और कोविड से संबंधित दिशानिर्देशों का पालन करें।  सिंगापूर कोविड 19 केस (Singapore Covid 19 Cases) में जिस तरह से वृद्धि हो रही है, उसे देखते हुए यह स्पष्ट है कि महामारी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। हालाँकि ज्यादातर मामले गंभीर नहीं हैं, लेकिन एहतियात और सतर्कता के साथ ही इस लहर से बचा जा सकता है। हमें फिर से सतर्क रहने और सामूहिक प्रयास से इस चुनौती का सामना करने की आवश्यकता है। Latest News in Hindi Today Hindi Singapore Covid 19 Cases #SingaporeCOVID19 #COVIDSurge #HealthAlert #SingaporeNews #OmicronUpdate #MaskUpSingapore #StaySafeSG #COVIDPrecautions #VirusUpdate #SingaporeHealth

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Tragacanth gum

स्किन के लिए गोंद कतीरा के क्या हैं फायदे और कैसे करें इसका इस्तेमाल?

गोंद कतीरा (Gond Katira) को ट्रागेकैंथ गम (Tragacanth gum) के नाम से जाना जाता है। यह एक ऐसा बेहतरीन हर्ब है, जो कुछ समय पहले तक अधिकतर भारतीय रसोईघरों में पाया जाता था। लेकिन, अब लोग इसका कम इस्तेमाल करने लगे हैं। इस गम को इसकी नेचुरल कूलिंग के लिए और हेल्थ के लिए फायदेमंद प्रॉपर्टीज के लिए जाना जाता है। यह हर्ब जेली के समान होता है और इसका कोई स्वाद या गंध नहीं होती। गर्मी के मौसम में इसका सेवन बहुत फायदेमंद माना गया है क्योंकि यह शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है। इसके अलावा इसे स्किन के लिए भी फायदेमंद माना गया है। आइए जानें गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) के बारे में। गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) फ़ूड एंड एग्रीकल्चर आर्गेनाइजेशन ऑफ यूनाइटेड नेशंस (Food and Agriculture Organization of the United Nations) के अनुसार गोंद कतीरा यानि ट्रागेकैंथ गम (Tragacanth gum) एक तरह का ड्राइड रस है। इसका उपयोग फार्मास्यूटिकल्स और अन्य उद्योगों में बाइंडर और स्टेबलाइज़र के रूप में किया जाता है। स्किन के लिए भी यह गम बहुत बेनेफिशियल मानी गयी है। गोंद कतीरा के स्किन के लिए बेनेफिट्स (Benefits of Gond Katira for Skin) निम्नलिखित हैं: इसे भी पढ़ें: सत्तू शरबत: शरीर को मजबूत और स्वस्थ बनाने में फायदेमंद है यह देसी टॉनिक गोंद कतीरा का स्किन पर कैसे करें इस्तेमाल?  गोंद कतीरा (Gond Katira) का स्किन पर इस तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है: आप स्किन की समस्याओं को दूर करने और स्किन (Skin) में निखार लाने के लिए गोंद कतीरा का फेस मास्क बना कर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके फेस मास्क को बनाने के लिए थोड़ा गोंद कतीरा (Gond Katira) पूरी रात पानी में भिगोएं और गुलाब जल ड़ाल कर पेस्ट बना लें।  इस पेस्ट को चेहरे पर लगा लें। इसके बाद चेहरे को धो लें। आप इसमें थोड़ी हल्दी मिला कर मुहांसों वाले स्थान पर भी लगा सकते हैं। इससे आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Gond Katira #Tragacanthgum #GondKatira #BenefitsofGondKatiraforSkin #GondKatiraforSkin

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Dhokla Recipe

Dhokla Recipe: सिर्फ 20 मिनट में तैयार कर सकते हैं सुपर-सॉफ्ट जालीदार ढोकला

भूख लगने पर कुछ भी अनहेल्दी खाने की जगह ऐसे स्नैक्स का चुनाव करें, जिनसे न केवल पेट भरे बल्कि जो हेल्दी भी हो और जल्दी बन भी जाए। ढोकला (Dhokla) उन्ही में से एक स्नैक है जिसे पूरे भारत में बड़े चाव से खाया जाता है। इस स्नैक की खास बात है कि ढोकला (Dhokla) स्टीम कर के बनाया जाता है और इसमें बहुत से न्यूट्रिशंस होते हैं।  यह प्रोटीन, फाइबर और विटामिन से भरपूर होता है और इसमें कैलोरीज और फैट कम होते हैं इसलिए यह वेट मैनेजमेंट में भी इसे फायदेमंद पाया गया है। आइए जानें ढोकला बनाने की विधि (Dhokla Recipe) के बारे में। ढोकला बनाने की विधि (Dhokla Recipe): जैसा की पहले ही बताया गया है कि ढोकला (Dhokla) में मिनरल्स और विटामिन्स होते हैं। इसे फेरमेंटशन प्रक्रिया से बनाया जाता है। यानी, यह इम्यून सिस्टम (Immune System) और पेट के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है। ढोकला बनाना (Dhokla Recipe) भी बहुत आसान है। इसे बनाने की विधि से पहले ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) के बारे में जानते हैं। ढोकला रेसिपी (Dhokla Recipe): ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) यह तो थी ढोकला बनाने के लिए इंग्रेडिएंट्स (Ingredients to make Dhokla) की लिस्ट। अब जानते हैं इसकी विधि के बारे में।  इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में ढोकला बनाने की विधि (Method of making Dhokla) आप ढोकले को ठंडा कर के खा सकते हैं। गर्मी के मौसम में पुदीने की चटनी के साथ इसे खाना अपने आप में एक अलग और स्वादिष्ट अनुभव है। Latest News in Hindi Today Hindi  #Dhokla #IngredientstomakeDhokla #MethodofmakingDhokla #snack #healthysnack

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Oral health In Women

महिलाओं में माइग्रेन और बॉडी पेन का कारण बन सकती है खराब ओरल हेल्थ: स्टडी

लोग अक्सर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की बात करते है, लेकिन ओरल हेल्थ (Oral health) को अधिकतम नजरअंदाज कर दिया जाता है। ओरल हेल्थ सबके सम्पूर्ण स्वास्थ्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है फिर वो चाहे महिला हो या पुरुष। महिलाओं की ओरल हेल्थ (Women’s oral health) उनके पूरे जीवन में हॉर्मोनल फ्लेक्च्युएशन से काफी प्रभावित होती है, खासतौर पर यौवन, मासिक धर्म, गर्भावस्था, मेनोपॉज आदि में। इस दौरान मसूड़ों से संबंधित बीमारियों और अन्य मौखिक स्वास्थ्य सम्बन्धी समस्याओं का रिस्क बढ़ जाता है। हाल ही में हुई एक स्टडी में यह पता चला है कि महिलाओं में ओरल हेल्थ बोन हेल्थ, माइग्रेन से संबंधित है। आइए जानें महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine) के बारे में।  महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine): पाएं जानकारी इलिनोइस डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक हेल्थ (Illinois Department of Public Health) ले अनुसार महिलाएं अपने पूरे जीवन हॉर्मोनल बदलावों का अनुभव करती रहती हैं। कुछ खास स्टेजेज के दौरान उन्हें खास ओरल हेल्थ (Oral health) की जरूरत होती है। इसलिए अपनी ओरल हेल्थ का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है। एक स्टडी यह बताती है कि खराब मौखिक स्वास्थ्य से महिलाओं को माइग्रेन और बॉडी पेन का जोखिम बढ़ सकता है। आइए जानें महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine) के बारे में की गयी इस स्टडी के बारे में। महिलाओं की ओरल हेल्थ और बॉडी पेन व माइग्रेन में लिंक (Link between women’s oral health and body pain and migraine): क्या कहती है स्टडी? हाल ही में की एक स्टडी में यह पाया गया है कि महिलाओं की खराब ओरल हेल्थ (Oral health) उनमें माइग्रेन और बॉडी पेन का कारण बन सकती है। इस स्टडी में खास ओरल माइक्रोब्स और कई पेन कंडीशंस के बीच में संबंध पाया गया है इस स्टडी में 67 महिलाएं शामिल थी, जिनमे से कुछ महिलाओं को फाइब्रोमायल्जिया था। फाइब्रोमायल्जिया एक ऐसी क्रोनिक कंडीशन है जिसके कारण मांसपेशियों में दर्द, थकावट और नींद में समस्या जैसी परेशानियां होती है। इस स्टडी के रिजल्ट्स में यह पाया गया कि खराब ओरल हेल्थ वाली महिलाओं में माइग्रेन और बॉडी पेन की संभावना अधिक थी।  इस स्टडी के अनुसार जिन महिलाओं की ओरल हेल्थ (Women’s oral health) सही नहीं है, उनमें चार ओरल माइक्रोबियल स्पीशीज की मात्रा अधिक होती है जो उम्र के बढ़ने के साथ दर्द से जुड़ी हुई हैं। इसलिए, शोधकर्ता नियमित रूप से अपनी ओरल हेल्थ का ध्यान रखने की सलाह देते हैं। आइए जानें ओरल हेल्थ को हेल्दी कैसे रखा जा सकता है? इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में ओरल हेल्थ को हेल्दी कैसे रखा जा सकता है?  अगर आप समूर्ण रूप से हेल्थ रहना चाहते हैं, तो अपनी ओरल हेल्थ (Oral health) का भी ध्यान रखें। ओरल हेल्थ (Oral health) को हेल्दी बनाये रखने के कुछ तरीके इस प्रकार हैं: नोट:– यहां दी गई जानकारी रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से ज़रूर सलाह लें। Latest News in Hindi Today Hindi Mango and Milk Oral health #Oralhealth #women’soralhealth #bodypain #migraine #Linkbetweenwomen’soralhealthandbodypainandmigraine

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World AIDS Vaccine Day

World AIDS Vaccine day की थीम, हिस्ट्री और उद्देश्य के बारे में जानें

एड्स (AIDS) को एक्वायर्ड इम्यूनोडिफिशिएंसी सिंड्रोम के नाम से भी जाना जाता है। यह समस्या ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस यानी एचआईवी (HIV) के कारण होती है। इस बीमारी की वजह से रोगी के इम्यून सिस्टम को नुकसान होता है, जिससे शरीर इंफेक्शंस और बीमारियों से बचने में सक्षम नहीं हो पाता। अगर एचआईवी (HIV) का उपचार सही समय पर न किया जाए, तो यह एड्स (AIDS) का कारण बन सकता है। हर साल मई 18 को वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे (World AIDS Vaccine Day) के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को उन वैक्सीन्स के बारे में जागरूक करना हैं, जो एचआईवी इन्फेक्शन और एड्स (AIDS) से बचा सकती हैं। आइए जानें वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे (World AIDS Vaccine Day) के बारे में। एड्स से बचाव के बारे में भी जानें। वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे (World AIDS Vaccine Day): पाएं जानकारी वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे (World AIDS Vaccine Day) को मनाने का उद्देश्य एचआईवी (HIV) की वैक्सीन के बारे में लोगों को जागरूक करना है, ताकि लोग इस भयानक रोग से बच सकें। इस दिन को मनाने के मुख्य उद्देश्य इस प्रकार हैं: वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे (World AIDS Vaccine Day) की थीम और इतिहास इस साल वर्ल्ड एड्स वैक्सीन डे (World AIDS Vaccine Day) की थीम है सभी के लिए वैक्सीनेशन मानवता के लिए संभव है। इस थीम में इस बात पर जोर दिया गया है कि हर व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी उम्र या जगह का हो, उन तक जीवन बचाने वाली वैक्सीन्स पहुंचाना जरूरी है। इस दिन की शुरुआत 1998 में हुई थी। यह दिन पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के 1997 के भाषण की याद में मनाया जाता है, जिसमें उन्होंने एक दशक के भीतर एड्स (AIDS) वैक्सीन विकसित करने की चुनौती दी थी। इसे भी पढ़ें: क्यों मनाया जाता है International No Diet Day? जानिए इसकी थीम और हिस्ट्री के बारे में एड्स से बचाव कैसे संभव है?  कुछ सावधानियों को बरत कर एड्स (AIDS) से बचाव संभव है। यह तरीके इस प्रकार हैं:  अगर आपके मन में एड्स या एड्स वैक्सीनेशन के बारे में कोई भी सवाल है, तो अपने डॉक्टर या एक्सपर्ट से बात करें और उनसे सही सलाह लें। नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। #WorldAIDSVaccineDay #AIDS #HIV #Vaccine #AIDSVaccine

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Mango Milk and Curd

आम और दूध या दही का मिश्रण: सेहत के लिए फायदेमंद या नुकसानदायक?

आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार, हर भोजन का अपना स्वाद, हीलिंग और कूलिंग एनर्जी और पोस्ट-डायजेस्टिव इफेक्ट होता है। आयुर्वेद (Ayurveda) में हेल्थ को मैंटेन और रिस्टोर करने के लिए भोजन बहुत जरूरी रोल निभाता है। ऐसा भी माना गया है कि सही फूड कॉम्बिनेशन से डायजेशन सही रहता है और सेहत पर पॉजिटिव प्रभाव पड़ता है। लेकिन, कुछ कॉम्बिनेशंस को सेहत के लिए नुकसानदायक माना गया है। आम एक ऐसा फल है जो सबसे अधिक पसंद किया जाता है। मेंगो शेक और मेंगो लस्सी ऐसे ड्रिंक्स हैं, जो गर्मियों में सबसे अधिक पीयें जाते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि यह कॉम्बिनेशन सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है? आइए जानें कि आम और दूध व दही का कॉम्बिनेशन (Combination of mango and milk or curd) क्यों है सेहत के लिए हानिकारक? आम और दूध व दही का कॉम्बिनेशन (Combination of mango and milk or curd): क्या है सेहत के लिए नुकसानदायक? आयुर्वेद (Ayurveda) के अनुसार फलों को अगर दूध के साथ खाया जाए तो यह हमारे डायजेस्टिव हेल्थ के लिए नुकसानदायक है। ऐसा माना जाता है कि भोजन को गलत मिश्रण के सेवन से कई हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। ऐसे ही आम और दूध व दही का कॉम्बिनेशन (Combination of mango and milk or curd) का सेवन करने से निम्नलिखित समस्याएं हो सकती हैं: एक्सपर्ट्स के अनुसार आम और दूध व दही का कॉम्बिनेशन (Combination of mango and milk or curd) खाने से एसिडिटी भी हो सकती है। फलों में फाइबर होता है जिसे दूध या दही (Milk or curd) से साथ खाना पेट के लिए हानिकारक हो सकता है। ऐसा माना जाता है कि फलों का सेवन खाली पेट ही करना चाहिए ताकि इनमे मौजूद न्यूट्रिशंस का पूरा फायदा हमें मिल सके। इसके साथ ही दूध या दही (Milk or curd) को आम के साथ खाने से बचें। इसे भी पढ़ें: Virgin Mojito: एक ताजा और स्वादिष्ट पेय जो गर्मी से दिलाये राहत इन कॉम्बिनेशंस का भी न करें सेवन दूध और तरबूज या खरबूजा का सेवन भी एक साथ न किए जाने की सलाह दी जाती है। दूध और खरबूजा और तरबूज दोनों ही ठंडे होते हैं। दूध लैक्सटिव होता है और तरबूज व खरबूजा ड्यूरेटिक होते हैं। अन्य खाद्य पदार्थों की तुलना में दूध को पचने में अधिक समय लगता है। आयुर्वेदा (Ayurveda) में यह भी बताया गया है कि दूध को खट्टी चीजों के साथ नहीं खाना चाहिए, क्योंकि इनसे भी पाचन तंत्र को नुकसान हो सकता है। ये फूड कॉम्बिनेशन पाचन संबंधी समस्याएं पैदा करते हैं और कई तरह की अन्य बीमारियां  हो सकती हैं। नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Mango and Milk #Milkandcurd #Ayurveda #Combinationofmangoandmilkorcurd #mangoandmilkorcurd

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Kidney stone

गर्मी में किडनी स्टोन के मामलों में वृद्धि: AINU के विशेषज्ञों की चेतावनी

किडनी स्टोन (Kidney stone) एक ऐसी समस्या है, जो आजकल आम होती जा रही है। हमारे यूरिन में कई डिसॉल्व्ड मिनरल्स और अन्य तत्व होते हैं। जब यूरिन में इन मिनरल्स और तत्वों का लेवल बहुत अधिक हो जाता है, तब स्टोन बनते हैं। किडनी स्टोन (Kidney stone) शुरू में छोटे आकार के होते हैं लेकिन बाद में यह बड़े हो सकते हैं। किडनी में कुछ स्टोन किसी भी तरह की समस्या का कारण नहीं बनते हैं लेकिन कई बार  युरेटर तक पहुंच जाते हैं जो, किडनी और ब्लैडर के बीच में मौजूद एक ट्यूब होती है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मियों में किडनी स्टोन (Kidney stone) के मामले 2 से 2.5 गुना बढ़ जाते हैं। आइए जानें कि किडनी स्टोन के बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं (What do experts say about kidney stone)? इसके साथ ही किडनी स्टोन से बचने (Prevention of kidney stones) के बारे में भी जानकारी पाएं।  किडनी स्टोन के बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं (What do experts say about kidney stone)? हैदराबाद के इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी (AINU) के एक्सपर्ट्स के अनुसार गर्मी के मौसम में किडनी स्टोन (Kidney stone) के मामले बहुत अधिक बढ़ चुके हैं। यह परसेंटेज दो से ढाई गुना तक है। एक्सपर्ट्स के अनुसार  इस मौसम में इंस्टीट्यूट ऑफ नेफ्रोलॉजी एंड यूरोलॉजी में रोजाना 300 से 400 मरीजों का इलाज हो रहा है। यही नहीं, उनका यह भी कहना है कि यह डेटा हाल के सालों में सबसे अधिक है। यानी, इस साल पिछले सालों की तुलना में अधिक किडनी स्टोन्स के मामले सामने आए हैं। एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि किडनी स्टोन के मामले खासतौर पर एडल्ट्स और बच्चों में बढ़ रहे हैं। यह तो आप जान ही गए होंगे कि किडनी स्टोन के बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं (What do experts say about kidney stone)? उनके अनुसार इस समस्या के कई कारण हैं जैसे कम पानी पीना, अधिक जंक फूड का सेवन और अधिक गर्मी आदि। किडनी स्टोन के कारण क्लेवलैंडक्लिनिक (Clevelandclinic) के अनुसार यूरिन में मिनरल्स, एसिड्स और अन्य सब्सटांस होते हैं जैसे कैल्शियम, सोडियम, ऑक्सालेट और यूरिन एसिड। जब यूरिन में इनके पार्टिकल्स बहुत ज्यादा होते हैं लेकिन लिक्विड कम होते हैं तो इसके कारण यह आपस में चिपकना शुरू कर देते हैं। इससे क्रिस्टल और स्टोन बन सकते हैं। इन्हें बनने में कई साल या महीने लग सकते हैं।  इसे भी पढ़ें: Virgin Mojito: एक ताजा और स्वादिष्ट पेय जो गर्मी से दिलाये राहत किडनी स्टोन से बचने (Prevention of kidney stones) के तरीके जिन भी चीजों का हम सेवन करते हैं, उसका प्रभाव हमारे शरीर और किडनी स्टोन (Kidney stone) पर पड़ता है। लेकिन, कुछ किडनी स्टोन से बचने के तरीके (Prevention of kidney stones) से इसे कम किया जा सकता है, जो इस प्रकार हैं: नोट:– यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें। Latest News in Hindi Today Hindi Kidney Stone #Kidneystones #kidneystone #stones #preventionofkidneystones #urine #Whatdoexpertssayaboutkidneystones

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