29 मार्च 2025, शनिवार को चैत्र अमावस्या (Amavasya) का योग बन रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सूर्य और चंद्रमा एक ही राशि में स्थित होते हैं, जिससे कुछ राशियों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेषकर मेष, कर्क, तुला और मकर राशि के जातकों को सावधान रहने की आवश्यकता है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि किन राशियों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए और कौन से उपाय करके अमावस्या के दोषों से बचा जा सकता है।
क्यों महत्वपूर्ण है 29 मार्च की अमावस्या?
अमावस्या (Amavasya) का दिन पापों से मुक्ति का अवसर प्रदान करने वाला माना जाता है। इस दिन तर्पण, पिंडदान और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। अमावस्या (Amavasya) पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर भी है, जब लोग श्रद्धापूर्वक श्राद्ध कर्म संपन्न करते हैं। इसके अलावा, अमावस्या की रात साधना, ध्यान और तंत्र-मंत्र क्रियाओं के लिए अत्यंत शुभ मानी जाती है। इसे आत्मा की शुद्धि और आंतरिक शांति प्राप्त करने का भी दिन माना जाता है।
अमावस्या (Amavasya) का दिन चंद्रमा के अदृश्य होने के कारण अत्यधिक संवेदनशील माना जाता है। इस दिन पितृ दोष, शनि और राहु-केतु का प्रभाव बढ़ जाता है, जिससे कुछ राशियों के जातकों को आर्थिक, स्वास्थ्य और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
सूर्य चंद्रमा का अमावस्या योग का ज्योतिषीय प्रभाव
जब सूर्य और चंद्रमा एक साथ आते हैं, तो यह एक विशेष ऊर्जा का संयोग बनाता है, जिसका ज्योतिषीय दृष्टि से गहरा प्रभाव पड़ता है। इस समय व्यक्ति को मानसिक स्थिरता, आंतरिक शांति और समृद्धि का अनुभव हो सकता है। सूर्य और चंद्रमा की किसी विशेष राशि में स्थिति व्यक्ति के व्यक्तित्व, स्वास्थ्य और जीवन की दिशा को प्रभावित करती है। यदि यह योग जन्म राशि के लिए प्रतिकूल होता है, तो इससे मानसिक तनाव और भावनात्मक असंतुलन की संभावना बढ़ सकती है।
किन राशियों पर पड़ेगा नकारात्मक प्रभाव?
- मेष राशि (Aries):
- इस राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में विवाद और आर्थिक नुकसान का खतरा है।
- बड़े निवेश और ऋण लेने से बचें।
- कर्क राशि (Cancer):
- पारिवारिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।
- किसी भी नए काम की शुरुआत करने से पहले सोच-विचार कर लें।
- तुला राशि (Libra):
- व्यापार में हानि और रिश्तों में मनमुटाव की आशंका है।
- किसी से भी वाद-विवाद में न पड़ें।
- मकर राशि (Capricorn):
- शत्रु बढ़ सकते हैं और कानूनी मामलों में परेशानी हो सकती है।
- गलतफहमी से बचने के लिए स्पष्ट संवाद बनाए रखें।
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अमावस्या के दोषों से बचने के उपाय
अमावस्या (Amavasya) के नकारात्मक प्रभावों से बचने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं। इस दिन व्रत रखने से मन की शुद्धि होती है और आत्मा को शांति मिलती है। यदि संभव हो, तो पितरों का तर्पण और श्राद्ध करना शुभ माना जाता है, जिससे परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। गरीबों को दान देना और जल अर्पित करना भी इस दिन अत्यंत फलदायी होता है। प्रार्थना और ध्यान करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है और आध्यात्मिक संतुलन बना रहता है। साथ ही, मौन व्रत धारण करने से आंतरिक शक्ति का अनुभव होता है, जिससे जीवन में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं।
नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें।
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