पैरों में पायल और काला धागा एक साथ पहनना: शुभ है या अपशकुन?

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भारतीय संस्कृति में महिलाओं के पहनावे और आभूषणों का विशेष महत्व होता है। पायल (Anklets) और काला धागा (Black Thread) जैसे परिधान न केवल सौंदर्य को बढ़ाते हैं, बल्कि इन्हें कई धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताओं से भी जोड़ा जाता है। हालांकि इन दोनों का प्रयोग अलग-अलग कारणों से होता है, लेकिन सवाल उठता है कि क्या महिलाएं एक साथ पैरों में पायल और काला धागा पहन सकती हैं? क्या यह शुभ होता है या इससे अपशकुन आता है? इस लेख में हम इस विषय के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा करेंगे।

पायल का महत्व 

पायल (Anklets) पहनने की प्रथा बहुत प्राचीन है और इसे केवल सजावट के लिए नहीं बल्कि स्वास्थ्य और ऊर्जा के लिए भी महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेष रूप से चांदी की पायल पहनने से शरीर में ठंडक बनी रहती है, क्योंकि चांदी एक ऐसी धातु है जो शरीर की गर्मी को संतुलित करने में मदद करती है। यह पैरों में सूजन, दर्द और थकान जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करती है। इसके अलावा, चांदी नकारात्मक ऊर्जा को दूर करती है और सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती है।

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, पायल पहनने से घर में सकारात्मक वातावरण बनता है और महिलाओं के जीवन में सौभाग्य आता है। विशेष रूप से विवाहित महिलाएं इसे शुभ माना करती हैं क्योंकि इससे उनके वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बना रहता है और मानसिक तनाव भी कम होता है।

काला धागा पहनने की परंपरा

काला धागा (Black Thread) नकारात्मक ऊर्जा और नजरदोष से सुरक्षा का एक प्राचीन उपाय माना जाता है। इसे पैरों में बांधने से इसका प्रभाव और भी मजबूत हो जाता है। काले रंग का संबंध राहु, केतु और शनि जैसे ग्रहों से होता है, जो अशुभ प्रभावों को कम करने में सहायता करते हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार, शनिवार को किसी भैरव मंदिर जाकर काले धागे (Black Thread) को सिद्ध कर पहनना बहुत शुभ माना जाता है। इससे आत्मविश्वास बढ़ता है, मन में सकारात्मकता आती है और मानसिक तनाव, भय तथा चिंता में भी कमी आती है। 

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क्या एक साथ पहनना सही है?

भारतीय संस्कृति में पायल (Anklets) को सुहाग का प्रतीक माना जाता है, इसलिए विवाहित महिलाएं इसे विशेष रूप से महत्व देती हैं। वहीं, काले धागे को नजरबट्टू के रूप में देखा जाता है और अक्सर पति या सास की सलाह पर पहनाया जाता है। ग्रामीण इलाकों में आज भी यह माना जाता है कि पायल और काला धागा एक साथ पहनना अशुभ होता है, खासकर त्योहारों या धार्मिक अवसरों पर।

दूसरी ओर, शहरी युवतियां इसे फैशन ट्रेंड की तरह अपनाती हैं और नियमित पहनती हैं। धार्मिक दृष्टिकोण से देखें तो, यदि पायल और काला धागा सही भावना और श्रद्धा के साथ पहने जाएं तो इनमें कोई दोष नहीं माना जाता। 

फिर भी, खास ध्यान रखने वाली बात यह है कि जिन महिलाओं की राशि मेष, वृश्चिक या कर्क हो, उन्हें यह दोनों चीजें पैरों में साथ-साथ पहनने से बचना चाहिए। ऐसा करने पर उनके स्वास्थ्य में परेशानियां आ सकती हैं, परिवार में कलह हो सकती है और आर्थिक हानि भी हो सकती है। इन राशियों की महिलाओं के लिए सलाह दी जाती है कि वे काले धागे की जगह सफेद धागा या चांदी का कड़ा पहनें, जिससे उनका भाग्य मजबूत होता है और शुभ प्रभाव आता है।

नोट: यहां दी गई जानकारी धर्म से जुड़े ग्रंथों के अनुसार साझा की गई है। अगर आप कोई विशेष पूजा करवाना चाहते हैं, तो अपने धर्म गुरुओं के बताये अनुसार करें।

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