सीडीएससीओ की अपील: टॉयलेट में फ्लश करें एक्सपायर्ड दवाएं, जानिए क्यों

CDSCO guidelines

दवाईयां कई चीजों में ट्रीटमेंट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकती हैं। यह गंभीर और लंबे समय से परेशान करने वाली कंडिशंस का उपचार कर सकती हैं। यह न केवल बीमारियों का उपचार करती है बल्कि इनसे हेल्थ में भी सुधार होता है। अधिकतर लोगों को अपने जीवन के किसी न किसी पॉइंट पर दवाई लेनी ही पड़ती है। लेकिन, दवाईयों का गलत इस्तेमाल हानिकारक भी सिद्ध हो सकता है। बिना एक्सपर्ट की सलाह के इन्हें नहीं लेना चाहिए। भारत की टॉप ऑर्गनाइजेशन ने हाल ही में लोगों से यह अपील की है कि वो मेडिसिन्स को टॉयलेट में ही फ्लश करके डिस्पोज करें। आइए जानें सीडीएससीओ द्वारा एक्सपायर्ड दवाईयों को सही से डिस्पोज करने की अपील (CDSCO appeals to dispose of expired medicines properly) के बारे में।

सीडीएससीओ द्वारा एक्सपायर्ड दवाईयों को सही से डिस्पोज करने की अपील (CDSCO appeals to dispose of expired medicines properly): पाएं जानकारी 

मेडलाइनप्लस (Medlineplus) के अनुसार दवाईयों के साथ एक रिस्क जुड़ा होता है। इसलिए दवाईयों को लेने से पहले इन रिस्क्स के बारे में विचार करना जरूरी है। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाईजेशन (Central Drugs Standard Control Organisation) हमारे देश की सबसे बड़ी ड्रग रेगुलेटरी एजेंसी है। इसने लोगों से एक अपील की है। इसके अनुसार लोगों को एक्सपायर्ड या उन दवाईयों को जिनका आप इस्तेमाल नहीं करते हैं, कभी कूड़ेदान में न फेंकें बल्कि इसकी जगह इन्हें टॉयलेट में फ्लश करें। यह तो थी सीडीएससीओ (CDSCO) द्वारा एक्सपायर्ड दवाईयों को सही से डिस्पोज करने की अपील (CDSCO appeals to dispose of expired medicines properly) के बारे में जानकारी। अब जानिए कि ऐसा करने कि सलाह क्यों दी जा रही है? 

सीडीएससीओ (CDSCO) द्वारा क्यों दी जा रही है यह सलाह?

सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाईजेशन (Central Drugs Standard Control Organisation) यानी सीडीएससीओ (CDSCO) ने ऐसी कुछ दवाईयों की लिस्ट भी जारी की है जिनका गलत तरीके से इस्तेमाल करना न केवल हानिकारक है, बल्कि मृत्यु का कारण भी बन सकती है। सीडीएससीओ (CDSCO) के अनुसार इन दवाईयों को कूड़ेदान में नहीं फेंकना चाहिए। ऐसा करना हानिकारक हो सकता है। हो सकता है कि कूड़ेदान या गलत तरीके से इन्हें डिस्पोज करने से यह किसी बच्चे के हाथ लग जाए और वो इसे खा लें। ऐसा करना उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है। ऐसे ही अगर इन्हें गलती से कोई जानवर खा ले, तो यह उसके लिए भी हानिकारक है। इसीलिए, इन्हें कूड़ेदान की जगह टॉयलेट में फ्लश करना चाहिए। सीडीएससीओ (CDSCO) द्वारा जारी की दवाईयों की लिस्ट इस प्रकार है: 

  • फेंटानाइल
  • फेंटेनाइल साइट्रेट
  • डायजेपाम
  • ब्यूप्रेनॉरफिन
  • ब्यूप्रेनॉरफिन हाइड्रोक्लोराइड
  • मॉर्फिन सल्फेट
  • मेथाडोन हाइड्रोक्लोराइड
  • हाइड्रोमोर्फोन हाइड्रोक्लोराइड
  • हाइड्रोकोडोन बाईटारटरेट
  • टैपेंटाडोल
  • ऑक्सीकोडोन
  • ऑक्सीकोडोन हाइड्रोक्लोराइड
  • ऑक्सीमोरफ़ोन हाइड्रोक्लोराइड
  • सोडियम ऑक्सीबेट
  • ट्रामाडोल
  • मिथाइलफेनाडेट
  • मेपेरिडीन हाइड्रोक्लोराइड

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ड्रग टेक बैक प्रोग्राम

दवाईयों को सही तरीके से डिस्पोज करने के लिए सीडीएससीओ (CDSCO) ने स्टेट ड्रग कंट्रोल डेप्रार्ट्मेंट और केमिस्ट्स एसोसिएशन को ड्रग टेक बैक प्रोग्राम शुरू करने की सलाह दी है। इस प्रोग्राम के अनुसार लोगों को अपनी एक्सपेयर्ड या इस्तेमाल न होने वाली दवाओं को सही से डिस्पोज करने के लिए सही स्थानों में जमा कराने की सुविधा मिलेगी। जिससे दवाईयों को सही से डिस्पोज किया जा सकेगा। सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल आर्गेनाईजेशन (Central Drugs Standard Control Organisation) के अनुसार दवाईयों को सही से डिस्पोज करने से न केवल जानवरों और लोगों को कोई हानि नहीं होगी बल्कि एनवायरनमेंट की भी इससे रक्षा होगी। ड्रग टेक बैक प्रोग्राम को स्थापित करने का उद्देश्य केवल सही से इनको डिस्पोज करना ही नहीं, बल्कि पर्यवरण पर इनके प्रभाव को कम करना भी है।

नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें।

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