ईरान ने इजरायल के बीच छह दिनों से चल रहा भीषण संघर्ष अब घोषित युद्ध (Israel–Iran War) में बदल चुका है। युद्ध का ऐलान ईरान ने किया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा- ‘महान हैदर के नाम पर, जंग शुरू हो गयी है।’ इसके कुछ देर बाद एक दूसरे पोस्ट में खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) ने लिखा- “ ईरान कभी भी इजरायल से समझौता नहीं करेगा। आतंकवादी यहूदी शासन को कड़ा जवाब देने का समय आ गया है। हम उन पर कोई दया नहीं दिखाएंगे।” ईरान के इस घोषणा के बाद दोनों देशों के बीच चल रहे इस संघर्ष को अब युद्ध (Israel–Iran War) कहा जाएगा। बता दें कि, इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) को चेतावनी देते हुए बिना किसी शर्त के सरेंडर करने को कहा था। ट्रंप ने कहा कि, हमें पता है कि “सुप्रीम लीडर’ कहां पर छिपा है, हम उसे मारने वाले नहीं हैं, अभी तो कम से कम नहीं मारेंगे। लेकिन हम सभी का धैर्य अब जवाब दे रहा है।” राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि खामेनेई को बिना शर्त सरेंडर कर देना चाहिए।
छठे दिन और भीषण हुई जंग
इजरायल और ईरान के बीच चल रहा भीषण संघर्ष छठे दिन में पहुंच गया है, साथ ही यह अब युद्ध में बदल गया है। ईरान ने युद्ध का ऐलान करने के साथ इजरायल पर मिसाइल हमले भी तेज कर दिए हैं। ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान ने इजरायल पर एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइल दागी है। इनमें फत्ताह मिसाइलें भी शामिल हैं। यह एक हाइपरसोनिक मिसाइल है जो ध्वनि की गति से पांच गुना तेज गति से चलती है। इस मिसाइल को रोकना किसी भी ऐयर डिफेंस सिस्टम के लिए मुश्किल है। ईरान के मिसाइल हमले के बाद इजरायल के तेल अवीव में कई जगह धमाके की आवाज सुनी गई। कई जगहों पर आग लगने और लोगों के घायल होने की भी खबर है। ईरान के सरकारी मीडिया ने यह भी बताया कि इजरायली सेना ने उसके खोजिर मिसाइल प्रोडक्शन फैसेलिटी को निशाना बनाया है। यहां पर इरान भारी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइल बनाता है।
अमेरिका भी जंग में हो सकता है शामिल

ईरान और इजरायल के बीच चल रहे इस जंग में अमेरिका भी शामिल हो सकता है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले में इजराइल को सहयोग देने पर विचार कर रहे हैं। रॉयटर्स ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारी से बातचीत के आधार पर दावा किया है कि ईरान का भूमिगत फोर्डो यूरेनियम संवर्धन सुविधा इजरायल के प्राथमिक लक्ष्यों में से एक है। इजरायल (Ayatollah Ali Khamenei) यहां पर हवाई हमला कर चुका है, लेकिन यह परमाणु ठिकाना एक पहाड़ के नीचे 300 फीट की गहराई में मौजूद है, जिसकी वजह से इजरायली हमले से इसे कोई खास नुकसान नहीं हुआ। इसलिए इजरायल अब अमेरिका से मदद मांगी है, जिस पर अमेरिका विचार कर रहा है।
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तेहरान छोड़ रहे लोग, ट्रैफिक से सड़कें हुई जाम
इजरायल और अमेरिका द्वारा तेहरान को जल्द से जल्द खाली करने की चेतावनी जारी होने के बाद लोग तेहरान छोड़ रहे हैं। लाखों लोगों के एक साथ सड़क पर आ जाने के कारण हर जगह ट्रैफिक जाम नजर आ रहा है। तेहरान को पश्चिम एशिया के सबसे बड़े शहरों में गिना जाता है। यहां पर एक करोड़ से ज्यादा लोग रहते हैं। इजरायल के बढ़ते हवाई हमलों के कारण हर कोई इस शहर को छोड़ कर भाग रहा है। कहा जा रहा है कि इजरायल जल्द ही अमेरिका के साथ मिलकर इस शहर पर भीषण हमला कर सकता है।
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