रविवार को ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत अमेरिका ने अपने B2 बॉम्बर्स से ईरान के तीन परमाणु संयंत्रों नातांज, फोरदो और इस्फहान पर हमले किए। हमले के बाद ईरान ने अमेरिका से इस हमले का बदला लेने का संकेत दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबीक संयुक्त राष्ट्र में इसका ऐलान करते हुए ईरानी राजदूत ने कहा, हम कब-कहां और कैसे बदला लेंगे, ये ईरानी सेना तय (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) करेगी। वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका का नाम लिए बिना कहा कि दुश्मन ने बड़ी भारी भूल की है, उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हम दुश्मन पर हमले तेज करेंगे। गुनहगारों को सजा मिलकर रहेगी। यहूदी देश ने बड़ी भयंकर भूल की है। उसे सजा मिलनी चाहिए और ये उसे मिलकर रहेगी। उसे सजा मिल भी रही है।
ईरानी सेना अमेरिका पर ईरान की उचित प्रतिक्रिया के समय, प्रकृति और पैमाने को तय (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) करेगी
परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमले के बाद ईरान में तबाही मची है। इस हमले के बाद ईरान ने बड़ा बयान दिया है और कहा है कि अमेरिका ने देश के परमाणु कार्यक्रम पर हमला करके कूटनीति को नष्ट करने का फैसला किया और अब ईरानी सेना अमेरिका पर ईरान की उचित प्रतिक्रिया के समय, प्रकृति और पैमाने को तय (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) करेगी। बता दें कि रविवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक आपातकालीन बैठक में ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत आमिर सईद इरावानी ने कहा कि अमेरिका द्वारा उसके तीन परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला करने के बाद ईरान ने युद्धोन्मादी अमेरिकी शासन को बार-बार चेतावनी दी थी कि वह इस दलदल में न फंसे। राजदूत ने बैठक में कहा, हम सभी आवश्यक उपाय करेंगे। ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिकी हमले के बाद ईरान ने कहा कि अमेरिका ने ईरान के परमाणु स्थलों पर हमला करके कूटनीति को नष्ट करने का फैसला किया और अब ईरानी सेना ईरान की उचित प्रतिक्रिया के समय, प्रकृति और पैमाने को तय करेगी। इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को घेरते हुए इरावानी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को तुरंत ऐसे अन्याय और कानूनों के उल्लंघन के मामले में कदम उठाना चाहिए। ऐसा नहीं होता है तो यूएन खुद अपनी हैसियत खो देगा।
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संयुक्त राज्य अमेरिका एक और महंगे और निराधार युद्ध में फंस गया (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) है
ईरान के संयुक्त राष्ट्र राजदूत इरावानी यहीं नहीं रुके, उन्होंने ने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को पश्चिम का घटिया काम करने और अमेरिकी विदेश नीति को हाईजैक करने में सफल होने का आरोप लगाया, जिससे संयुक्त राज्य अमेरिका एक और महंगे और निराधार युद्ध में फंस गया (Iran: Military Will Decide Response to US Actions) है। हमले के बाद उनका गुस्सा इस कदर था कि उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल की आक्रामकता को अंतर्राष्ट्रीय कानून का स्पष्ट और घोर उल्लंघन करार दिया। इरावानी ने कहा कि इस सप्ताह ईरान के विदेश मंत्री ने कई यूरोपीय समकक्षों के साथ बातचीत की, संयुक्त राज्य अमेरिका ने उस कूटनीति को नष्ट करने का फैसला किया। हालांकि इस दौरान उन्होंने यह भी पूछा कि इस स्थिति से क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है? पश्चिमी देशों के दृष्टिकोण से, ईरान को बातचीत की मेज पर वापस लौटना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने एक बार फिर बिना सोचे समझे अपनी सुरक्षा को सिर्फ इसलिए दांव पर लगाया है कि नेतन्याहू को बचाया जा सके, लेकिन ईरान को अपनी आत्मरक्षा का वैधानिक अधिकार है।
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