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नए संसद भवन के बाहर जलभराव! अंदर पानी टपकने वाला वीडियो निकला पुराना, Congress-BJP में छिड़ी जुबानी जंग

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में हुई भारी बारिश के बाद नए संसद भवन के आसपास जलभराव की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। इसी बीच संसद भवन के अंदर छत से पानी टपकने का एक वीडियो भी शेयर किया गया, जिसके बाद केंद्र सरकार और नई संसद की निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे।

लेकिन इस मामले में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। संसद के अंदर पानी टपकने वाला वायरल वीडियो मौजूदा 25 अगस्त 2026 की बारिश का नहीं, बल्कि अगस्त 2024 का है। हालांकि 25 अगस्त की भारी बारिश के दौरान Parliament Street और संसद के आसपास के इलाकों में वास्तविक रूप से waterlogging दर्ज हुई थी।

इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस और BJP के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गया है।

Renuka Chowdhury ने शेयर किए Videos

Congress MP Renuka Chowdhury ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कुछ videos शेयर करते हुए केंद्र सरकार पर तंज कसा।

उन्होंने लिखा:

“New Parliament of New India — Requires boats not votes.”

उनके द्वारा शेयर किए गए visuals में संसद परिसर के आसपास पानी जमा दिखने के साथ एक वीडियो में Parliament building के अंदर पानी टपकता दिखाई दे रहा था।

पोस्ट वायरल होने के बाद यह दावा तेजी से फैलने लगा कि नई संसद की छत से एक बार फिर बारिश का पानी अंदर आ गया है।

लेकिन अंदर पानी टपकने वाला Video 2024 का

Times of India की 26 अगस्त की fact-checking report के मुताबिक Renuka Chowdhury द्वारा शेयर किए गए videos में से संसद भवन के अंदर पानी टपकने वाला वीडियो अगस्त 2024 का है।

यानी उसे 25 अगस्त 2026 की बारिश से जोड़ना सही नहीं है।

2024 में भी भारी बारिश के दौरान New Parliament Building के lobby area में minor leakage हुई थी।

तब Lok Sabha Secretariat ने बताया था कि lobby के ऊपर लगे glass dome को fix करने वाला adhesive material भारी बारिश में थोड़ा खिसक गया था, जिससे मामूली leakage हुई। बाद में corrective action किए जाने की बात कही गई थी।

इसलिए 2024 की उस घटना के video को 2026 की बारिश का fresh visual बताना तथ्यात्मक रूप से गलत होगा।

Parliament के आसपास Waterlogging जरूर हुआ

हालांकि पूरी कहानी को fake कहना भी सही तस्वीर नहीं दिखाएगा।

25 अगस्त 2026 को Parliament Street और संसद क्षेत्र के आसपास वास्तविक जलभराव दर्ज किया गया था।

Hindustan Times की live weather coverage में सुबह करीब 9:30 बजे Parliament area में heavy rain के बाद waterlogging की जानकारी दी गई।

दिल्ली के कई अन्य प्रमुख इलाकों में भी पानी जमा हुआ, जिनमें:

  • Ashoka Road
  • Raisina Road
  • Parliament Street
  • Connaught Place
  • RML Hospital area
  • AIIMS
  • ITO
  • Baba Kharak Singh Marg
  • Moti Bagh
  • Kamla Nagar

शामिल थे।

इसलिए यह कहना सही होगा कि नई संसद के आसपास बारिश का पानी जमा हुआ, लेकिन संसद के अंदर fresh leakage की पुष्टि वायरल पुराने वीडियो से नहीं होती।

BJP ने कहा- ‘Fake News’

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता Pradeep Bhandari ने Congress के दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे fake news बताया।

उन्होंने viral video पर कहा कि यह मौजूदा Parliament leakage का वीडियो नहीं है और Congress पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया।

हालांकि BJP की प्रतिक्रिया मुख्य रूप से संसद के अंदर leakage दिखाने वाले video पर थी।

बाहर Parliament area में waterlogging होने की बात अलग-अलग मीडिया reports और rain coverage में दर्ज है।

दिल्ली में कितनी हुई बारिश?

25 अगस्त को Delhi में बेहद तेज monsoon spell देखने को मिला।

IMD के आंकड़ों के मुताबिक शहर के कई हिस्सों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश दर्ज की गई।

ABP की 26 अगस्त की सुबह की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में Safdarjung weather station पर 99.1 mm rainfall दर्ज हुई।

Aya Nagar में 101.9 mm, Ridge में करीब 100 mm और Lodhi Road पर 98.3 mm बारिश दर्ज की गई।

इतनी तेज बारिश के कारण राजधानी के drainage systems पर दबाव बढ़ा और कई इलाकों में सड़कों पर पानी जमा हो गया।

AIIMS और Safdarjung Hospital के बाहर भी पानी

New Parliament area ही नहीं, दिल्ली के प्रमुख hospitals के आसपास भी गंभीर waterlogging देखने को मिला।

AIIMS flyover loop और Safdarjung Hospital के आसपास पानी जमा होने के visuals सामने आए।

कश्मीरी गेट क्षेत्र में भारी बारिश के बाद एक building की wall गिरने की घटना भी रिपोर्ट हुई।

यानी Delhi में हुई बारिश का असर काफी व्यापक था और Parliament area का waterlogging उसी बड़े weather event का हिस्सा था।

Social Media पर क्यों फैला Confusion?

पूरे विवाद में दो अलग-अलग videos और घटनाएं आपस में जुड़ गईं।

पहला—25 अगस्त 2026 का Parliament area waterlogging, जो वास्तविक और current था।

दूसरा—August 2024 का Parliament lobby leakage video, जिसे मौजूदा बारिश के साथ फिर शेयर किया गया।

दोनों को एक साथ पोस्ट किए जाने के कारण social media users के बीच यह impression बना कि 25 अगस्त 2026 को नई संसद के अंदर भी पानी टपकने लगा।

लेकिन उपलब्ध रिपोर्ट्स इस दावे की पुष्टि नहीं करतीं।

2024 में क्या हुआ था New Parliament में?

नई संसद की इमारत का उद्घाटन 28 मई 2023 को किया गया था।

इसके करीब एक साल बाद 31 जुलाई 2024 को दिल्ली में हुई भारी बारिश के दौरान Parliament lobby में पानी टपकने का video सामने आया था।

Lok Sabha Secretariat ने तब बयान जारी कर कहा था कि Green Parliament concept के तहत building में natural light के लिए glass domes लगाए गए हैं।

भारी बारिश में एक glass dome को fix करने वाला adhesive थोड़ा displaced हो गया था, जिसकी वजह से minor leakage हुई।

यही पुराना video अब दो साल बाद एक बार फिर मौजूदा Delhi rains के दौरान viral हुआ।

Opposition ने Infrastructure पर उठाए सवाल

Congress समेत विपक्ष के नेताओं ने Parliament area में waterlogging को लेकर केंद्र सरकार और civic infrastructure पर सवाल उठाए हैं।

Renuka Chowdhury का “boats not votes” वाला बयान भी इसी राजनीतिक हमले का हिस्सा था।

वहीं BJP ने पुराना video शेयर किए जाने को मुद्दा बनाया और विपक्ष पर misinformation फैलाने का आरोप लगाया।

इस तरह वास्तविक waterlogging और पुराने leakage video के बीच political debate और तेज हो गई।

Delhi का Drainage फिर सवालों में

लगातार दो दिनों की भारी बारिश ने Delhi के drainage infrastructure पर भी नए सवाल खड़े किए हैं।

राष्ट्रीय राजधानी में कई civic और road-owning agencies काम करती हैं, जिनमें Delhi government departments, MCD, NDMC और central agencies शामिल हैं।

जब एक साथ बहुत कम समय में भारी rainfall होती है तो low-lying areas और पुराने drainage networks में पानी निकालने की capacity कम पड़ सकती है।

लेकिन Parliament, hospitals और प्रमुख arterial roads जैसे high-profile locations पर बार-बार waterlogging होने से monsoon preparedness को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

26 August की Fresh Situation

26 अगस्त 2026 की सबसे महत्वपूर्ण fresh development यह है कि New Parliament को लेकर viral claims की सच्चाई स्पष्ट हुई है।

तथ्य इस प्रकार हैं:

नई संसद और Parliament Street के आसपास 25 अगस्त को waterlogging हुआ था — यह सही है।

लेकिन नई संसद के अंदर पानी टपकने वाला viral video 2024 का है — इसे 2026 की घटना बताना गलत है।

इसलिए खबर की सबसे accurate framing यही होगी कि दिल्ली की भारी बारिश से Parliament area में जलभराव हुआ, लेकिन अंदर leakage का viral video पुराना निकला।

राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच social media पर पुराने और नए visuals को अलग-अलग verify करना जरूरी है।

नोट: यह खबर 26 अगस्त 2026 की fresh verification पर आधारित है। संसद के आसपास waterlogging 25 अगस्त की बारिश में हुआ था, जबकि अंदर leakage दिखाने वाला प्रमुख viral video अगस्त 2024 का है।

स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, एएनआई, हिन्दुस्तान टाइम्स, एबीपी न्यूज़, लोकसभा सचिवालय

जय राष्ट्र न्यूज़

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