नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाति-आधारित आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर हुए ‘Reservation Hatao Andolan’ के बाद विवाद अब कानूनी लड़ाई में बदल गया है। YouTuber और commentator अजीत भारती के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एक FIR दर्ज की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने YouTube कार्यक्रम में नागीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर जातिगत, अपमानजनक और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। मामले की जांच जारी है और आरोप अभी अदालत में साबित नहीं हुए हैं।
FIR दिल्ली के North Avenue Police Station में 23 अगस्त को दर्ज की गई। शिकायत Azad Samaj Party (Kanshi Ram) की ओर से दी गई थी। पुलिस ने SC/ST (Prevention of Atrocities) Act के साथ Bharatiya Nyaya Sanhita और Information Technology Act की धाराएं भी लगाई हैं।
क्या Jantar Mantar के मंच पर हुई थी कथित टिप्पणी?
इस मामले में सबसे जरूरी clarification यही है।
21 अगस्त को जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग caste-based reservation system में बदलाव की मांग को लेकर जुटे थे। आंदोलन में अजीत भारती ने भी हिस्सा लिया और reservation system की समीक्षा, white paper तथा economic criteria जैसे मुद्दे उठाए थे।
लेकिन डॉ. आंबेडकर और चंद्रशेखर आजाद को लेकर जिस कथित आपत्तिजनक भाषा पर FIR हुई, वह शिकायत के मुताबिक 22 अगस्त को जारी YouTube show ‘SB79: Reservation Hatao Andolan Nautanki & More | Saptahik Bakaiti’ से संबंधित है। इसलिए इसे सीधे “जंतर-मंतर के मंच पर आंबेडकर पर टिप्पणी” कहना अभी उपलब्ध रिकॉर्ड के मुताबिक सही नहीं होगा।
शिकायत में क्या आरोप लगाए गए?
Indian Express द्वारा देखी गई FIR के मुताबिक शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि YouTube video में चंद्रशेखर आजाद और डॉ. बी.आर. आंबेडकर को लेकर कथित तौर पर caste-based, abusive और humiliating statements की गईं।
शिकायत में महिलाओं को लेकर कथित रूप से sexually degrading language और कुछ statements को inflammatory तथा threatening बताने के आरोप भी लगाए गए हैं।
हालांकि इन आरोपों की सत्यता अभी investigation और judicial process में तय होनी है।
इसलिए कथित आपत्तिजनक शब्दों को बिना जरूरत दोहराना उचित नहीं है।
किसकी शिकायत पर दर्ज हुई FIR?
मामला Balakram Bauddh, Delhi State President, Azad Samaj Party (Kanshi Ram) की शिकायत पर दर्ज हुआ।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और Nagina MP Chandrashekhar Azad हैं। शिकायत के साथ कथित video और social-media screenshots को electronic evidence के रूप में पुलिस को दिया गया।
शिकायतकर्ता ने investigating agency से original platform data, video URL, upload details, metadata, views, comments और reposts जैसी digital information हासिल करने की भी मांग की।
किन धाराओं में दर्ज हुआ Case?
रिपोर्ट्स के मुताबिक FIR में:
- SC/ST (Prevention of Atrocities) Act
- BNS Section 196(1)(c)
- BNS Section 351(3)
- Information Technology Act की Section 67
समेत संबंधित प्रावधान लगाए गए हैं।
Police investigation के बाद ही यह साफ होगा कि उपलब्ध evidence के आधार पर कौन-सी धाराएं आगे कायम रहती हैं।
Ajeet Bharti ने आरोपों को किया खारिज
अजीत भारती ने सार्वजनिक रूप से इन आरोपों का विरोध किया है।
उन्होंने FIR को pressure-driven बताया और दावा किया कि उनके खिलाफ SC/ST Act के तहत मामला नहीं बनता। उनका कहना है कि उनके statements को context से अलग करके पेश किया गया और वे अपने video पर आई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का जवाब दे रहे थे।
यह उनका पक्ष है; अदालत और जांच एजेंसी अभी इसकी जांच कर रही हैं।
गिरफ्तारी की आशंका के बीच Court पहुंचे
इस मामले में 25 अगस्त को अजीत भारती ने Delhi के Patiala House Court में anticipatory bail petition दाखिल की।
उनके वकीलों ने दलील दी कि FIR में बताए गए facts के आधार पर SC/ST Act का offence prima facie नहीं बनता। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस ने अभी BNSS की Section 35(3) के तहत appearance notice जारी नहीं किया है।
Additional Sessions Judge Saurabh Pratap Singh Laler ने मामले की सुनवाई की।
Court ने Police को क्या कहा?
Court ने कहा कि अगर investigating officer अजीत भारती को BNSS Section 35(3) के तहत कोई notice जारी करता है, तो उसकी copy Court के सामने भी रखी जाए।
अदालत उस notice की तारीख और SC/ST Act के alleged offence के prima facie ingredients को देखते हुए anticipatory bail application पर विचार करेगी।
Court ने investigating officer को notice जारी किया है और मामले को आगे की arguments के लिए 31 अगस्त 2026 को listed किया है।
इसका मतलब अभी anticipatory bail पर final फैसला नहीं हुआ है।
Jantar Mantar पर क्या था Reservation Hatao Andolan?
21 अगस्त को दिल्ली के Jantar Mantar पर बड़ी संख्या में लोग reservation policy में reform की मांग को लेकर पहुंचे थे।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में caste-based quota की समीक्षा, economic condition को greater weight देने, reservation पर white paper जारी करने और UGC equity rules पर पुनर्विचार जैसी बातें शामिल थीं।
कुछ प्रदर्शनकारियों ने SC/ST Act में बदलाव या इसे समाप्त करने की मांग भी उठाई। यह मांग विवाद का बड़ा कारण बनी।
Police Permission को लेकर भी हुआ विवाद
Delhi Police ने शुरुआत में स्पष्ट किया था कि Jantar Mantar पर उस protest के लिए permission नहीं दी गई थी।
बाद में Ramlila Maidan में सीमित संख्या में लोगों के लिए peaceful protest की NOC जारी किए जाने की रिपोर्ट सामने आई, लेकिन प्रदर्शनकारी Jantar Mantar से हटने को तैयार नहीं हुए।
इसके बाद सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई और अलग-अलग दिनों में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की घटनाएं भी हुईं।
Chandrashekhar Azad ने भी आंदोलन पर साधा निशाना
Nagina MP और Bhim Army प्रमुख Chandrashekhar Azad ने anti-reservation protest की आलोचना की और आंदोलन के उद्देश्य पर सवाल उठाए।
इसके बाद social media और political discourse में reservation के पक्ष और विरोध में बहस और तेज हो गई।
इसी broader controversy के बीच अजीत भारती का YouTube programme सामने आया और उसके बाद Azad Samaj Party की शिकायत पर FIR दर्ज हुई।
यह मामला क्यों Sensitive है?
यह मामला तीन बेहद संवेदनशील मुद्दों को एक साथ जोड़ता है:
पहला, भारत की reservation policy और social justice debate।
दूसरा, SC/ST Act और caste-based speech से जुड़े criminal-law provisions।
तीसरा, public figures और historical personalities पर online speech की कानूनी सीमाएं।
ऐसे मामलों में किसी statement के words, context, intent और public circulation—चारों चीजें investigation और court में महत्वपूर्ण हो सकती हैं।
26 August की Fresh Update
26 अगस्त 2026 की ताजा स्थिति यह है कि FIR दर्ज होने के बाद अजीत भारती anticipatory bail के लिए Patiala House Court पहुंचे हैं।
Court ने उनकी plea पर final relief अभी नहीं दिया है और 31 अगस्त को आगे की सुनवाई होगी। अगर Delhi Police इससे पहले कोई appearance notice जारी करती है तो उसे Court के रिकॉर्ड पर रखना होगा।
इसलिए फिलहाल अजीत भारती को आरोपों का दोषी कहना सही नहीं होगा। मामला investigation और judicial consideration के चरण में है।
नोट: डॉ. आंबेडकर और चंद्रशेखर आजाद को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियों का आरोप FIR/शिकायत पर आधारित है। संबंधित कथित टिप्पणियां जंतर-मंतर के मंच के बजाय बाद में जारी YouTube कार्यक्रम से जुड़ी बताई गई हैं। आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत करेगी।
स्रोत – इंडियन एक्सप्रेस, बार एंड बेंच, लाइव लॉ, इंडिया टुडे, हिन्दुस्तान टाइम्स
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