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नाव लेकर MCD सदन पहुंचे AAP पार्षद! दिल्ली में जलभराव के खिलाफ अनोखा प्रदर्शन, कूड़ा रखकर BJP के खिलाफ नारेबाजी

नई दिल्ली: दिल्ली में लगातार बारिश और जगह-जगह जलभराव को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। आम आदमी पार्टी के पार्षदों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए MCD सदन में inflatable rubber boat लेकर प्रवेश किया। पार्षद अपने साथ कूड़ा भी लेकर पहुंचे और BJP के नेतृत्व वाली नगर निगम व्यवस्था पर सफाई तथा drainage management में विफल रहने का आरोप लगाया। यह प्रदर्शन 24 अगस्त 2026 को दिल्ली के Civic Centre में MCD की General House Meeting के दौरान हुआ था।

AAP पार्षदों ने पहले सदन के भीतर नाव दिखाई और बाद में सदन के बाहर नाव तथा कूड़ा रखकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जलभराव और सफाई व्यवस्था पर जवाब मांगते हुए BJP के खिलाफ नारे लगाए। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही करीब 20 मिनट तक स्थगित करनी पड़ी।

सदन में अचानक नाव लेकर पहुंचे पार्षद

MCD की बैठक चल रही थी, तभी विपक्षी AAP पार्षद inflatable boat लेकर सदन में पहुंचे।

नाव को सदन के अंदर घुमाया गया और इसके जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि बारिश के बाद दिल्ली की कई सड़कें इतनी जलमग्न हो जाती हैं कि वहां वाहन के बजाय नाव की जरूरत पड़ने जैसी स्थिति दिखाई देती है।

यह प्रतीकात्मक विरोध जल्द ही राजनीतिक नारेबाजी में बदल गया।

कूड़ा भी लेकर पहुंचे AAP Councillors

AAP पार्षदों का विरोध केवल waterlogging तक सीमित नहीं था।

वे कथित तौर पर कूड़ा भी साथ लेकर पहुंचे और MCD की sanitation व्यवस्था पर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान “जलभराव पर जवाब दो” और “कूड़े पर जवाब दो” जैसे नारे लगाए गए।

AAP का आरोप है कि राजधानी में drainage और garbage management की समस्याओं के कारण लोगों को बारिश के दौरान भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

हालांकि ये AAP के राजनीतिक आरोप हैं और इन्हें स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

Ankush Narang ने BJP को घेरा

MCD में नेता प्रतिपक्ष अंकुश नारंग ने सफाई और जलभराव की स्थिति को लेकर सत्ता पक्ष पर निशाना साधा।

विपक्ष का कहना था कि monsoon से पहले drains की सफाई और waterlogging रोकने के दावों के बावजूद राजधानी में कई महत्वपूर्ण जगहों पर पानी भर गया।

AAP ने इसे BJP की civic governance की विफलता बताते हुए जवाबदेही की मांग की।

भारी बारिश के बाद कई इलाकों में Waterlogging

जिस दिन MCD में नाव वाला प्रदर्शन हुआ, उसी दिन दिल्ली में भारी बारिश से कई हिस्सों में सड़कों पर पानी भर गया था।

लुटियंस दिल्ली, Mathura Road, Connaught Place, Bhairon Marg, ITO और Zakhira Underpass समेत कई जगहों पर traffic प्रभावित हुआ। Janakpuri क्षेत्र में उस दिन करीब 67 mm rainfall दर्ज किए जाने की रिपोर्ट थी।

सोशल मीडिया पर भी स्कूल के बच्चों और commuters के पानी से भरी सड़कों से गुजरने के कई वीडियो सामने आए।

26 August तक और गंभीर हुआ Rainfall का आंकड़ा

मुद्दा केवल 24 अगस्त की बारिश तक सीमित नहीं रहा।

IMD के आंकड़ों के मुताबिक सोमवार सुबह से मंगलवार रात 8:30 बजे तक दिल्ली में 107.8 mm बारिश दर्ज हुई। इसके साथ इस monsoon season में rainfall करीब 653 mm पहुंच गई, जो जून-सितंबर के सामान्य seasonal average 640.4 mm से भी ज्यादा है।

इस बारिश के कारण Connaught Place, ITO, AIIMS और Chirag Dilli जैसे इलाकों में भी waterlogging तथा traffic disruption देखा गया।

Rekha Gupta सरकार का जवाब

Delhi Chief Minister Rekha Gupta ने waterlogging की समस्या को लेकर कहा कि राजधानी का drainage network कई जगह 50 साल से ज्यादा पुराना है।

उन्होंने कहा कि सरकार पुराने infrastructure और लंबे समय से चली आ रही civic समस्याओं का समाधान केंद्र सरकार के सहयोग से करने पर काम कर रही है। उनके मुताबिक सरकार ने long-term solutions तैयार करने के लिए पिछले डेढ़ साल में पुराने drainage और infrastructure issues का अध्ययन किया है।

इस तरह BJP सरकार ने मौजूदा स्थिति को केवल current administration की समस्या मानने के बजाय इसे वर्षों पुरानी infrastructure challenges से भी जोड़ा है।

AAP का ‘चार इंजन सरकार’ पर तंज

AAP पार्षदों ने विरोध के दौरान Delhi government, MCD और BJP leadership को निशाने पर लेते हुए आरोप लगाया कि सत्ता के कई स्तरों पर BJP होने के बावजूद जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हुआ।

AAP ने अपने विरोध में इसे व्यंग्यात्मक रूप से “चार इंजन सरकार” का मुद्दा भी बनाया।

इससे पहले AAP नेता Saurabh Bharadwaj ने भी बारिश के बाद सामने आए waterlogging videos को साझा करते हुए Rekha Gupta सरकार पर तंज कसा था।

Talkatora Stadium के Waterlogging पर भी AAP का हमला

25 अगस्त को राजनीतिक विवाद उस समय और बढ़ गया जब AAP ने Talkatora Stadium में waterlogging का वीडियो शेयर किया।

AAP MLA Kuldeep Kumar ने BJP के एक कार्यक्रम के दौरान venue पर मौजूद पानी को लेकर व्यंग्य करते हुए इसे “swimming pool” कहा और BJP सरकार पर निशाना साधा।

यह घटना बताती है कि Delhi waterlogging अब civic problem के साथ-साथ बड़ा political issue भी बन चुका है।

MCD Meeting में दूसरे काम भी हुए

नाव और नारेबाजी के कारण MCD बैठक चर्चा में रही, लेकिन सदन में दूसरे administrative proposals पर भी काम हुआ।

MCD ने parks और green areas की maintenance से संबंधित PPP scheme में बदलाव को मंजूरी दी। इसके तहत RWAs और NGOs को maintenance work मिलने के लिए councillor की recommendation अनिवार्य करने का प्रस्ताव पारित किया गया।

इसलिए MCD meeting पूरी तरह केवल विरोध-प्रदर्शन तक सीमित नहीं थी।

नाव वाला प्रदर्शन क्यों हुआ Viral?

राजनीतिक विरोध में visual symbolism का इस्तेमाल नया नहीं है, लेकिन MCD सदन जैसी औपचारिक जगह पर नाव लेकर पहुंचना unusual था।

दिल्ली की flooded roads की तस्वीरों के बीच नाव सीधे उसी मुद्दे का visual representation बन गई।

यही वजह है कि AAP का यह protest तेजी से सोशल मीडिया और news reports में चर्चा में आया।

असली सवाल—Delhi में Waterlogging क्यों?

Delhi की waterlogging कई agencies और infrastructure systems से जुड़ी समस्या है।

Storm-water drains, PWD roads, MCD drains, Delhi Jal Board infrastructure, major drains और अलग-अलग land-owning agencies की overlapping responsibilities लंबे समय से coordination को मुश्किल बनाती रही हैं।

साथ ही पुराने drainage systems, encroachment, garbage clogging और extreme rainfall events स्थिति को और गंभीर बना सकते हैं।

इसी वजह से पूरे waterlogging crisis की जिम्मेदारी किसी एक तस्वीर या एक agency के आधार पर तय करना आसान नहीं है।

26 August की स्थिति

AAP councillors का boat protest 24 अगस्त को हुआ था, लेकिन जिस waterlogging को लेकर प्रदर्शन किया गया, वह 25 और 26 अगस्त तक दिल्ली की प्रमुख civic और political stories में बना हुआ है।

अब राजनीतिक लड़ाई इस बात पर केंद्रित है कि monsoon preparedness में कमी किस स्तर पर हुई और आने वाले वर्षों में Delhi के पुराने drainage infrastructure को कैसे सुधारा जाएगा।

AAP इसे BJP-controlled civic administration की failure बता रही है, जबकि Rekha Gupta सरकार का कहना है कि वह दशकों पुराने drainage और infrastructure problems के long-term समाधान पर काम कर रही है।

नोट: नाव लेकर MCD सदन पहुंचने की घटना 24 अगस्त 2026 की है। 26 अगस्त की fresh development यह है कि Delhi में waterlogging का संकट और उससे जुड़ी राजनीतिक बहस जारी है।

स्रोत – टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव हिन्दुस्तान, हिन्दुस्तान टाइम्स, इंडियन एक्सप्रेस

जय राष्ट्र न्यूज़

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