एंटी एजिंग मेडिसिन का सच, यंग दिखने के हैं कुछ फायदे और बहुत से नुकसान

Anti-Aging Medicines

अभिनेत्री शैफाली जरीवाला की कार्डियक अटैक के कारण हुई मृत्यु आजकल चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि इस कार्डियक अटैक की वजह है एंटी एजिंग दवाईयां और इंजेक्शंस हो सकते हैं। शेफाली पिछले कई सालों से यंग दिखने के लिए इन्हें ले रही थी। सिर्फ शैफाली ही नहीं बहुत से सेलेब्रिटीज हमेशा जवान दिखने के लिए इन दवाईयों का इस्तेमाल करते हैं। एंटी एजिंग मेडिसिन (Anti aging medicine) में इंजेक्शन और कई अन्य ट्रीटमेंट्स शामिल हैं। इनका उद्देश्य बढ़ती उम्र के लक्षणों को कम करके यंग दिखना है। इनके जहां कुछ फायदे हैं लेकिन बहुत से साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं। आइए जानें एंटी एजिंग मेडिसिन के बेनिफिट्स (Benefits of anti-aging medicine) और इनके साइड इफेक्ट्स के बारे में। 

एंटी एजिंग मेडिसिन के बेनिफिट्स (Benefits of anti-aging medicine): पाएं जानकारी

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन (National library of medicine) के अनुसार एंटी एजिंग मेडिसिन (Anti aging medicine) का उद्देश्य शारीरिक और मानसिक रूप से युवा बनाए रखना है। इनसे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी होती है और जीवन की गुणवत्ता बढ़ती है। एंटी एजिंग मेडिसिन के बेनिफिट्स (Benefits of anti-aging medicine) इस प्रकार हैं:

झुर्रियों को करे कम

 एंटी एजिंग इंजेक्शंस जैसे बोटॉक्स और फिलर्स से झुर्रियां और फाइन लाइंस कम होती है जिससे स्किन स्मूद बनती हैं और कॉम्प्लेक्शन में सुधार होता है।

स्किन टेक्सचर में सुधार: 

फिलर्स से स्किन टेक्सचर में सुधार होता है। इनके उपयोग से त्वचा में फुलाव आता है जिससे फाइन लाइन्स त्वचा की बनावट में इम्प्रूवमेंट होती है। यही नहीं एंटी एजिंग मेडिसिन के बेनिफिट्स (Benefits of anti-aging medicine) में से एक यह भी है कि फिलर चेहरे के खोये वॉल्यूम को वापस लाने में मदद करती हैं जिससे चेहरे की झुर्रियां कम होती हैं और यंग दिखते हैं। 

नॉन-सर्जिकल

एंटी एजिंग मेडिसिन (Anti aging medicine) और इंजेक्शंस का इस्तेमाल नॉन सर्जिकल होता है। इनसे कोई नुकसान नहीं होता और आप बहुत जल्दी अपनी सामान्य दिनचर्या शुरू कर सकते हैं। यही नहीं, इनके इस्तेमाल से चेहरे के फीचर्स को बढ़ाया जा सकता है।

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एंटी एजिंग मेडिसिन के साइड इफेक्ट्स (Side Effects of Anti Aging Medicines)

एंटी एजिंग मेडिसिन के साइड इफेक्ट्स (Side Effects of Anti Aging Medicines) भी हो सकते हैं। ऐसा माना गया है कि यह साइड इफेक्ट्स आमतौर पर माइल्ड और टेम्पररी होते हैं। जानिए इनके बारे में: 

  • इन इंजेक्शंस को लेने के बाद इंजेक्शन वाली साइट पर कई लोगों को सूजन आ सकती है और नील पड़ सके हैं। हालांकि, यह समस्या कुछ दिनों में खुद ही ठीक हो जाती है। इसके साथ ही इसके कारण हल्का दर्द भी हो सकता है। 
  • सिरदर्द भी एंटी एजिंग मेडिसिन (Anti aging medicine) के टेम्पररी साइड इफेक्ट्स में से एक है। 
  • कुछ लोगों को इसके बाद एलर्जी भी हो सकती है। इसके साथ ही इन्फेक्शन का रिस्क भी रहता है।
  • कुछ मामलों में फिलर्स के कारण कुछ लोग त्वचा का लटकना या ढीला पड़ना जैसी समस्याओं का भी अनुभव कर सकते हैं। 

यह तो थे एंटी एजिंग मेडिसिन के साइड इफेक्ट्स (Side Effects of Anti Aging Medicines)। 

एंटी एजिंग मेडिसिन (Anti aging medicine) के कुछ दुर्लभ और गंभीर साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं जैसे अन्धपन या आंखों की रोशनी का कम होना। यही नहीं, अगर फिलर्स ब्लड वेसल्स तक पहुंच जाएं तो इससे स्ट्रोक या ब्रेन डैमेज का रिस्क बढ़ सकता है। याद रखें, इनका इस्तेमाल करने से पहले अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं और संभावित रिस्क के बारे में किसी क्वालिफाइड डॉक्टर से बात करें और उसके बाद ही इन्हें लें। (Anti aging medicine)

नोट:- यहां दी गई जानकारी केवल रिसर्च के आधार पर दी गई है। लेकिन अगर आप किसी भी शारीरिक समस्या से परेशान हैं, तो अपने हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना न भूलें।

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