मणिपुर में कुछ माह शांति के बाद एक बार फिर से हिंसा (Manipur Violence) भड़क उठी है। इस बार हिंसा का कारण मैतेई और कुकी समुदाय के बीच लड़ाई नहीं, बल्कि मैतेई समुदाय का प्रशासन के खिलाफ उग्र प्रदर्शन है। दरअसल, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की एक टीम ने शनिवार को मैतेई समुदाय के संगठन अरम्बाई टेंगोल (Arambai Tengol) के एक नेता को गिरफ्तार किया है। इसके बाद से ही राज्य कके मैतेई बहुल जिलों में उग्र प्रदर्शन (Manipur Violence) शुरू हो गया, जो कुछ ही देर में हिंसा में बदल गई। बता दें कि सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से राज्य में हिंसा फैलाने वाले नेताओं को गिरफ्तार कर रही हैं। यह प्रक्रिया कई महीनों से चल रही है। बीते शनिवार को भी एनआई (NIA) की टीम ने दो प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े तीन उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। साथ ही टेंग्नौपाल जिले में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) भी बरामद किया। बताया जा रहा है कि इन गिरफ्तार उग्रवादियों में एक कानन सिंह भी है। यह अरम्बाई टेंगोल संगठन (Arambai Tengol) में अहम भूमिका निभाता है। इस गिरफ्तारी की खबर जैसे ही मणिपुर में फैली, उग्र प्रदर्शन शुरू हो गया।
एक प्रदर्शनकारी की मौत, दर्जनों लोग घायल

कई जिलों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़प हुई, जिसमें सुरक्षाकर्मियों समेत कई प्रदर्शनकारी घायल हुए हैं। इंफाल ईस्ट जिले में हिंसक भीड़ ने बसों में आग लगा दी। क्वाकेथेल में प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच से कई राउंड गोलियां भी चलाई गई। इम्फाल एयरपोर्ट के बाहर भी हिंसक प्रदर्शन (Manipur Violence) हुआ। प्रदर्शनकारियों को सूचना मिली थी कि उनके गिरफ्तार नेता को सुरक्षा बल राज्य से बाहर ले जा रहे हैं। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने एयरपोर्ट को घेर लिया। इसके अलावा कई दूसरी जगहों पर भी सुरखा बलों और प्रदर्शकारियों में हिंसक झड़प हुई। प्रदर्शकारियों को रोकने के लिए सुरक्षा बलों की गई लाठी चार्ज में कथित तौर पर एक व्यक्ति की मौत हो गई। बढ़ते विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम, थौबल, बिष्णुपुर जिले और काकचिंग घाटी में पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवा बंद करने के साथ कर्फ्यू लागू कर दिया है।
इसे भी पढ़ें:-पीएम मोदी ने किया दुनिया के सबसे ऊंचे चिनाब रेल ब्रिज का उद्घाटन, कटरा से श्रीनगर का सफर होगा आसान
क्या है अरमबाई टेंगोल और क्या करता है काम?
बता दें कि जिस नेता को गिरफ्तार करने से यह हिंसा भड़की है, वह अरमबाई टेंगोल संगठन (Arambai Tengol) से जुड़ा हुआ है। यह मैतेई समुदाय का एक संगठन है, जो सांस्कृतिक पुनरुत्थानवादी समूह के रूप में कार्य करता था। लेकिन राज्य में जातीय हिंसा भड़कने के बाद से ही यह संगठन एक उग्रवादी संगठन बन गया और इससे जुड़े सदस्यों पर बड़े पैमाने पर जातीय हिंसा (Manipur Violence) को अंजाम देने का आरोप लगा। इस संगठन के कई सदस्य गिरफ्तार किए जा चुके हैं और कई सदस्य हाल ही में राज्यपाल के सामने आत्मसमर्पण किया है। हालांकि, इस संगठन के सैकड़ों सदस्य अब भी राज्य में हिंसक वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। जिसके कारण ही सुरक्षा एजेंसियां अब इस संगठन के बड़े नेताओं को गिरफ्तार करने में जुटी हैं। जिस कानन सिंह को गिरफ्तार करने के बाद यह हिंसा भड़की है, वह संगठन का कोर मेंबर था। कहा जा रहा है कि वह संगठन के सदस्यों तक हाथियारों पहुंचाने और हिंसक कार्रवाई को अंजाम देने का कार्य करता था। सुरक्षा एजेंसी से जुड़े सूत्रों के अनुसार इस उग्रवादी नेता को गिरफ्तार कर गुवाहाटी लाया गया है और वहीं पर उससे पूछताछ की जा रही है।
Latest News in Hindi Today Hindi news
#Manipur #Violence #Curfew #EthnicConflict #IndiaNews #ManipurNews #NorthEastIndia #ManipurClashes #LatestUpdate



