नई दिल्ली: Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, Special Intensive Revision (SIR) पर रोक और Election Commission की नियुक्ति प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर 10 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर बड़े प्रदर्शन की तैयारी तेज हो गई है। CJP के co-convener सौरव दास और AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रदर्शन की जानकारी दी और देशभर के युवाओं, छात्र संगठनों तथा नागरिक समूहों से दिल्ली पहुंचने की अपील की।
10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
CJP, AISA, AISF, SFI और अन्य छात्र संगठनों ने 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर संयुक्त प्रदर्शन का आह्वान किया है।
आयोजकों का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल CEC के इस्तीफे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें व्यापक चुनावी सुधारों की मांग भी उठाई जाएगी।
Delhi Police को दी गई औपचारिक सूचना
सौरव दास ने Parliament Street Police Station जाकर प्रस्तावित प्रदर्शन की औपचारिक सूचना Delhi Police को दी।
उन्होंने कहा कि आयोजकों ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने से जुड़ी आवश्यक अंडरटेकिंग भी जमा की हैं और पुलिस से सहयोग की उम्मीद है।
नेहा बोरा ने युवाओं से की अपील
प्रेस कॉन्फ्रेंस में नेहा बोरा ने छात्रों और युवाओं से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।
उन्होंने इस आंदोलन को मतदान के अधिकार, संवैधानिक संस्थाओं और चुनावी जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बताया।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन की प्रमुख मांग Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा है।
CJP और उससे जुड़े संगठनों का आरोप है कि SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों में कथित अनियमितताएं हुई हैं। Election Commission और BJP इन आरोपों को खारिज करते रहे हैं।
SIR पर रोक लगाने की भी मांग
आयोजक Special Intensive Revision प्रक्रिया को तत्काल रोकने की मांग कर रहे हैं।
उनका कहना है कि जब तक मतदाता सूची में संशोधन को लेकर उठे सवालों का समाधान नहीं होता, तब तक इस प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जाना चाहिए।
‘लंबी लड़ाई’ के लिए तैयार रहने की अपील
सौरव दास ने समर्थकों से कहा कि वे केवल एक दिन के प्रदर्शन के लिए नहीं, बल्कि लंबे आंदोलन के लिए तैयार रहें।
उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के बाद भी चुनावी सुधारों की मांग जारी रहेगी।
कई छात्र संगठन साथ आए
AISA, AISF, SFI और AAP की छात्र इकाई ASAP समेत कई संगठनों ने प्रदर्शन में भाग लेने की घोषणा की है।
इससे 10 अक्टूबर का कार्यक्रम बड़े छात्र जुटाव में बदल सकता है।
BKU ने भी भाग लेने का ऐलान किया
9 अक्टूबर को भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने भी घोषणा की कि संगठन 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होगा।
इससे आंदोलन में किसान संगठनों की भागीदारी भी जुड़ गई है।
Delhi Police ने अनुमति के नियमों का दिया हवाला
Delhi Police का कहना है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक है।
पुलिस ने यह भी कहा है कि निर्धारित भीड़ सीमा और कानून-व्यवस्था से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा।
भारी सुरक्षा की तैयारी
10 अक्टूबर के प्रदर्शन को देखते हुए Delhi Police और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने सुरक्षा तैयारियां बढ़ा दी हैं।
रिपोर्टों के मुताबिक, मेट्रो स्टेशनों, कैब की आवाजाही, हिरासत केंद्रों और भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाओं को लेकर आकस्मिक योजनाएं तैयार की गई हैं।
हिरासत में लिए जाने को लेकर आरोप
9 अक्टूबर को CJP ने दावा किया कि देश के अलग-अलग हिस्सों से प्रदर्शन में शामिल होने के लिए आने वाले कई समर्थकों और छात्रों को हिरासत में लिया गया।
Reuters की रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन ने बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया है, हालांकि सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
10 अक्टूबर के प्रदर्शन पर टिकी नजर
अब सभी की नजर 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन पर है।
एक तरफ आयोजक इसे राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन का अगला चरण बता रहे हैं, वहीं Delhi Police कानून-व्यवस्था और अनुमति से जुड़ी शर्तों के पालन पर जोर दे रही है।
Source – The Indian Express, Reuters, Hindustan Times, The New Indian Express, The Quint, Navbharat Times
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