मुंबई: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मिली है। मुंबई पुलिस ने कहा कि मौजूदा अदालती आदेशों और महाराष्ट्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत वह शिवाजी पार्क में इस तरह के सार्वजनिक प्रदर्शन की अनुमति देने के लिए अधिकृत नहीं है। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग से जुड़े सुधारों की मांग को लेकर यह प्रदर्शन आयोजित करना चाहती थी।
2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में होना था प्रदर्शन
CJP ने गांधी जयंती के दिन मुंबई से अपने देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत करने की घोषणा की थी। संगठन की योजना शिवाजी पार्क में प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत अपनी मांगें उठाने की थी।
पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के लिए आवेदन 26 सितंबर को कार्यकर्ता अजिंक्य शिंदे की ओर से जमा किया गया था। इसके बाद शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन ने आयोजकों को लिखित जवाब भेजा।
पुलिस ने 2013 के हाई कोर्ट आदेश का दिया हवाला
मुंबई पुलिस ने अपनी प्रतिक्रिया में 4 जनवरी 2013 के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश और उसके बाद महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का हवाला दिया।
पुलिस का कहना है कि शिवाजी पार्क का इस्तेमाल मुख्य रूप से खेल गतिविधियों के लिए निर्धारित है और वहां सार्वजनिक कार्यक्रमों पर सीमाएं लागू हैं। आयोजकों ने मैदान के इस्तेमाल के लिए आवश्यक BMC अनुमति भी जमा नहीं की थी।
ट्रैफिक और ‘साइलेंस जोन’ भी बना वजह
पुलिस ने कहा कि शिवाजी पार्क एक आवासीय क्षेत्र और silence zone के अंतर्गत आता है। बड़े प्रदर्शन से ध्वनि प्रदूषण और यातायात जाम की स्थिति पैदा हो सकती है।
पुलिस ने यह भी कहा कि भीड़ और ट्रैफिक के कारण आसपास के अस्पतालों तक मरीजों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। आयोजकों को मुंबई में किसी दूसरे स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन करने की सलाह दी गई है।
अभिजीत दीपके ने जताई नाराजगी
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस के फैसले की आलोचना करते हुए इसे नागरिकों की आवाज दबाने की कोशिश बताया।
दीपके ने सोशल मीडिया पर कहा कि यदि संगठन को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार नहीं दिया जाता है तो CJP गांधी जयंती के दिन मुंबई में ‘जेल भरो आंदोलन’ करेगी। यह CJP का राजनीतिक आरोप और घोषित विरोध कार्यक्रम है।
‘2 अक्टूबर को आंदोलन होकर रहेगा’
अनुमति नहीं मिलने के बाद भी CJP ने प्रदर्शन का कार्यक्रम वापस लेने की घोषणा नहीं की है।
दीपके ने कहा कि जरूरत पड़ी तो कार्यकर्ता गिरफ्तारी देंगे। 28 सितंबर को उन्होंने दोबारा पोस्ट कर “Jail Bharo Andolan in Mumbai, October 2, Shivaji Park” का ऐलान किया।
क्या हैं CJP की प्रमुख मांगें?
CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। इसके अलावा संगठन ने Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया रोकने और मतदाता सूची से जुड़ी पूर्व स्थिति बहाल करने की मांग भी रखी है।
CJP ने 2023 में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून में बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में संस्थागत सुधार की भी मांग की है। ये संगठन की राजनीतिक मांगें हैं।
चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद
इस पूरे आंदोलन की पृष्ठभूमि में चुनाव आयोग की आंतरिक प्रक्रियाओं से जुड़ी एक जांच रिपोर्ट भी है। रिपोर्ट में कहा गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब 10 महीनों में विभिन्न प्रक्रियात्मक मुद्दों पर कई बार लिखित टिप्पणियां या आपत्तियां दर्ज की थीं।
चुनाव आयोग का कहना है कि अलग-अलग विचार किसी बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था में सामान्य निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं और प्रमुख SIR फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे।
अब 2 अक्टूबर पर नजर
मुंबई पुलिस ने आयोजकों को वैकल्पिक स्थान तलाशने की सलाह दी है, जबकि CJP ने शिवाजी पार्क से ही जेल भरो आंदोलन शुरू करने की घोषणा कर दी है।
ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि 2 अक्टूबर को CJP अपने घोषित कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ती है या प्रशासन और आयोजकों के बीच किसी वैकल्पिक स्थल पर सहमति बनती है। फिलहाल शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए पुलिस की अनुमति उपलब्ध नहीं है।
source – The Indian Express / Hindustan Times / Times of India / Mumbai Police
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