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टायगर श्रॉफ गोळीबार प्रकरणात मोठी अपडेट; तिन्ही संशयित कोटा येथे अटकेत

मुंबई/कोटा, 20 ऑक्टोबर 2026: बॉलिवूड अभिनेता टायगर श्रॉफच्या वाहनावर झालेल्या कथित गोळीबार प्रकरणात पोलिसांना महत्त्वाचे यश मिळाले आहे. या प्रकरणातील तीन संशयितांना राजस्थानमधील कोटा येथे अटक करण्यात आली. पोलिसांच्या माहितीनुसार, संशयित मुंबईहून दिल्लीच्या दिशेने जाणाऱ्या ट्रेनमधून प्रवास करत होते. त्यानंतर नेपाळला पळून जाण्याची त्यांची योजना असल्याचा पोलिसांचा दावा आहे. कोण आहेत अटक करण्यात आलेले संशयित? पोलिसांनी दोन प्रौढ संशयितांची ओळख रेहान उर्फ सुक्का आणि ऋतिक कुर्मी उर्फ रोशन अशी केली आहे. तिसरा संशयित 17 वर्षांचा अल्पवयीन असल्याचे वृत्त आहे. या तिघांची गोळीबारातील नेमकी भूमिका तपासली जात आहे. ट्रेनमध्ये शोधमोहीम राबवून कारवाई मुंबई पोलिसांकडून मिळालेल्या माहितीच्या आधारे कोटा पोलिसांनी पुणे–जयपूर एक्स्प्रेसमध्ये शोधमोहीम राबवली. पोलिसांनी ट्रेनमधील बाहेर पडण्याचे मार्ग बंद करून सामान्य डब्याची तपासणी केली. त्यानंतर तिन्ही संशयितांना ताब्यात घेण्यात आले. दिल्लीमार्गे नेपाळला पळून जाण्याचा कथित प्रयत्न प्राथमिक चौकशीत संशयित दिल्लीपर्यंत पोहोचल्यानंतर नेपाळकडे जाण्याचा प्रयत्न करत असल्याचा दावा पोलिसांनी केला आहे. मात्र, त्यांच्या प्रवासाचा नेमका मार्ग आणि पळून जाण्याच्या कथित योजनेबाबत अधिक माहिती पुढील तपासानंतर स्पष्ट होणार आहे. मुंबई पोलिसांच्या ताब्यात कोटा येथे आवश्यक न्यायालयीन प्रक्रिया पूर्ण केल्यानंतर तिन्ही संशयितांना 48 तासांच्या ट्रान्झिट रिमांडवर मुंबई पोलिसांच्या ताब्यात देण्यात आल्याचे वृत्त आहे. मुंबई क्राइम ब्रँच त्यांची चौकशी करून गोळीबारामागील संभाव्य हेतू, शस्त्राचा स्रोत आणि या प्रकरणात इतर कोणाचा सहभाग आहे का, याचा तपास करणार आहे. गोळीबाराची घटना कधी घडली? मिळालेल्या वृत्तांनुसार, मुंबईतील जुहू परिसरात रविवारी सायंकाळी सुमारे 7 वाजण्याच्या सुमारास टायगर श्रॉफ एका फुटबॉल क्लबमधून बाहेर पडत असताना त्यांच्या वाहनावर गोळीबार झाल्याचा आरोप आहे. या घटनेत अभिनेता सुरक्षित असल्याचे, तर वाहनचालक आणि आणखी एक व्यक्ती जखमी झाल्याचे वृत्त आहे. गँगशी संबंध असल्याचा तपास या प्रकरणामागे संघटित गुन्हेगारी किंवा एखाद्या टोळीचा संबंध आहे का, याचाही मुंबई पोलीस तपास करत आहेत. सोशल मीडियावर विविध दावे समोर आले असले, तरी तपास पूर्ण होईपर्यंत त्यांची स्वतंत्रपणे पुष्टी झालेली माहिती म्हणून दखल घेता येणार नाही. स्रोत: ANI, PTI, Amar Ujala, LiveMint आणि ABP Live जय राष्ट्र न्यूज़

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CJP प्रदर्शन की आलोचना के बाद रणवीर शौरी को जान से मारने की धमकी, मुंबई पुलिस में शिकायत दर्ज

मुंबई, 14 अक्टूबर 2026: अभिनेता रणवीर शौरी ने दावा किया है कि दिल्ली में हुए कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन की आलोचना करने के बाद उन्हें ईमेल के जरिए जान से मारने की धमकियां मिलीं। अभिनेता ने कथित धमकी भरे संदेशों के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर साझा किए और बाद में मुंबई पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी। CJP प्रदर्शन पर रणवीर शौरी ने क्या कहा था? रणवीर शौरी ने 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए CJP प्रदर्शन की आलोचना करते हुए कहा था कि राजनीतिक असहमति को सड़कों पर टकराव में बदलने के बजाय संसद, चुनाव और अदालतों जैसे लोकतांत्रिक संस्थानों के माध्यम से उठाया जाना चाहिए। उनकी टिप्पणियों के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। इसके बाद अभिनेता ने दावा किया कि उन्हें धमकी भरे ईमेल मिलने लगे। ईमेल में लोकेशन ट्रैक करने और हमले की धमकी का दावा अभिनेता द्वारा साझा किए गए स्क्रीनशॉट में कथित तौर पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के साथ उनकी लोकेशन ट्रैक करने और उन पर हमला करने की धमकियां दिखाई गईं। शौरी ने सोशल मीडिया पर साइबर सुरक्षा से जुड़े आधिकारिक मंच साइबर दोस्त और महाराष्ट्र साइबर सेल को भी टैग करते हुए अधिकारियों से मदद मांगी। मुंबई पुलिस में दर्ज कराई औपचारिक शिकायत रणवीर शौरी ने बाद में बताया कि उन्होंने इस मामले में पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज करा दी है। इससे पहले मुंबई पुलिस ने उनके सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उनसे संपर्क संबंधी जानकारी सीधे संदेश के जरिए साझा करने को कहा था। फिलहाल, धमकी भरे ईमेल भेजने वाले व्यक्ति या समूह की पहचान की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। CJP प्रदर्शन को लेकर पहले से जारी है विवाद CJP हाल के दिनों में चुनाव आयोग और मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी राजनीतिक विवाद जारी है। रिपोर्टों के मुताबिक, CJP के दो नेताओं को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच रणवीर शौरी की टिप्पणियों और उन्हें कथित तौर पर मिली धमकियों का मामला सामने आया है। धमकी भरे ईमेल की जांच अहम मामले में अधिकारियों के सामने ईमेल भेजने वाले की पहचान, डिजिटल रिकॉर्ड और संदेशों की प्रामाणिकता की जांच अहम होगी। हालांकि, धमकियों के पीछे किसका हाथ है, इस बारे में अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। स्रोत: द इंडियन एक्सप्रेस, द टाइम्स ऑफ इंडिया, रॉयटर्स जय राष्ट्र न्यूज़

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ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आंदोलन मुंबई में भी तेज, प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया

मुंबई: Chief Election Commissioner ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और Special Intensive Revision (SIR) के विरोध में चल रहा CJP आंदोलन अब मुंबई में भी तेज हो गया है। शहर में प्रदर्शन के लिए जुटे कई activists और supporters को Mumbai Police ने हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि gathering को निर्धारित permission नहीं मिली थी और law-and-order बनाए रखने के लिए preventive action किया गया। मुंबई में CJP समर्थकों का प्रदर्शन CJP और उससे जुड़े activists ने मुंबई में Election Commission और SIR process के खिलाफ प्रदर्शन करने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों ने CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग उठाई और electoral rolls से जुड़े कथित irregularities पर सवाल किए। पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया Protest शुरू होने के दौरान Mumbai Police ने कई लोगों को preventive detention में लिया। Reports के मुताबिक protesters को police vehicles में बैठाकर local police stations ले जाया गया और बाद में प्रक्रिया पूरी होने पर कई लोगों को छोड़ दिया गया। Permission नहीं मिलने का हवाला Mumbai Police का कहना है कि protest को formal permission नहीं दी गई थी। Authorities ने crowd movement, traffic disruption और public order concerns का हवाला देते हुए gathering को रोकने की कार्रवाई की। “लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक” का आरोप दूसरी तरफ CJP supporters ने police action की आलोचना की। उन्होंने कहा कि peaceful protest करना constitutional right है और preventive detentions के जरिए dissent को दबाया जा रहा है। यह protesters का आरोप है। Pune के बाद Mumbai में भी कार्रवाई महाराष्ट्र में CJP protest को लेकर सिर्फ Mumbai में ही नहीं, Pune में भी police action हुआ है। Pune में भी 80 से ज्यादा protesters को हिरासत में लिए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। इससे साफ है कि Maharashtra के कई शहरों में आंदोलन तेज हुआ है। SIR को लेकर क्या है CJP की मांग? CJP का आरोप है कि Special Intensive Revision के दौरान voter lists में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं। संगठन SIR को रोकने और CEC Gyanesh Kumar के इस्तीफे की मांग कर रहा है। Election Commission इन आरोपों को खारिज करता रहा है और revision exercise को electoral rolls को अधिक accurate बनाने की प्रक्रिया बताता है। Delhi से शुरू हुआ आंदोलन कई शहरों तक पहुंचा 10 अक्टूबर को Delhi के Jantar Mantar protest के बाद CJP ने दूसरे शहरों में भी demonstrations जारी रखने की बात कही थी। इसके बाद Mumbai, Pune और अन्य जगहों पर supporters के जुटने और detentions की खबरें सामने आईं। Mumbai Police की अतिरिक्त तैनाती Protest को देखते हुए sensitive locations पर police deployment बढ़ाया गया। Authorities ने किसी भी unauthorized march या बड़ी gathering को रोकने के लिए barricading और monitoring बढ़ाई। आंदोलन और तेज करने का दावा CJP leaders का कहना है कि detentions के बावजूद agitation जारी रहेगा। उनका दावा है कि यह केवल एक शहर या एक दिन का protest नहीं, बल्कि electoral accountability को लेकर nationwide campaign है। आरोप और आधिकारिक पक्ष दोनों अहम Protesters police action को democratic rights पर restriction बता रहे हैं, जबकि authorities इसे public order बनाए रखने के लिए preventive measure बता रही हैं। SIR और Election Commission को लेकर लगाए जा रहे आरोप अभी राजनीतिक और कानूनी विवाद का हिस्सा हैं और इनके अंतिम निष्कर्ष स्वतंत्र जांच या judicial scrutiny से ही तय होंगे। source – The Times of India / Reuters / The Indian Express जय राष्ट्र न्यूज़

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शिवाजी पार्क में CJP के 2 अक्टूबर के प्रदर्शन को अनुमति नहीं, अभिजीत दीपके ने किया ‘जेल भरो आंदोलन’ का ऐलान

मुंबई: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को 2 अक्टूबर 2026 को मुंबई के शिवाजी पार्क में प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं मिली है। मुंबई पुलिस ने कहा कि मौजूदा अदालती आदेशों और महाराष्ट्र सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत वह शिवाजी पार्क में इस तरह के सार्वजनिक प्रदर्शन की अनुमति देने के लिए अधिकृत नहीं है। CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग से जुड़े सुधारों की मांग को लेकर यह प्रदर्शन आयोजित करना चाहती थी। 2 अक्टूबर को शिवाजी पार्क में होना था प्रदर्शन CJP ने गांधी जयंती के दिन मुंबई से अपने देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत करने की घोषणा की थी। संगठन की योजना शिवाजी पार्क में प्रदर्शन कर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे समेत अपनी मांगें उठाने की थी। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शन के लिए आवेदन 26 सितंबर को कार्यकर्ता अजिंक्य शिंदे की ओर से जमा किया गया था। इसके बाद शिवाजी पार्क पुलिस स्टेशन ने आयोजकों को लिखित जवाब भेजा। पुलिस ने 2013 के हाई कोर्ट आदेश का दिया हवाला मुंबई पुलिस ने अपनी प्रतिक्रिया में 4 जनवरी 2013 के बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश और उसके बाद महाराष्ट्र सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का हवाला दिया। पुलिस का कहना है कि शिवाजी पार्क का इस्तेमाल मुख्य रूप से खेल गतिविधियों के लिए निर्धारित है और वहां सार्वजनिक कार्यक्रमों पर सीमाएं लागू हैं। आयोजकों ने मैदान के इस्तेमाल के लिए आवश्यक BMC अनुमति भी जमा नहीं की थी। ट्रैफिक और ‘साइलेंस जोन’ भी बना वजह पुलिस ने कहा कि शिवाजी पार्क एक आवासीय क्षेत्र और silence zone के अंतर्गत आता है। बड़े प्रदर्शन से ध्वनि प्रदूषण और यातायात जाम की स्थिति पैदा हो सकती है। पुलिस ने यह भी कहा कि भीड़ और ट्रैफिक के कारण आसपास के अस्पतालों तक मरीजों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका है। आयोजकों को मुंबई में किसी दूसरे स्थान पर प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन करने की सलाह दी गई है। अभिजीत दीपके ने जताई नाराजगी CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस के फैसले की आलोचना करते हुए इसे नागरिकों की आवाज दबाने की कोशिश बताया। दीपके ने सोशल मीडिया पर कहा कि यदि संगठन को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार नहीं दिया जाता है तो CJP गांधी जयंती के दिन मुंबई में ‘जेल भरो आंदोलन’ करेगी। यह CJP का राजनीतिक आरोप और घोषित विरोध कार्यक्रम है। ‘2 अक्टूबर को आंदोलन होकर रहेगा’ अनुमति नहीं मिलने के बाद भी CJP ने प्रदर्शन का कार्यक्रम वापस लेने की घोषणा नहीं की है। दीपके ने कहा कि जरूरत पड़ी तो कार्यकर्ता गिरफ्तारी देंगे। 28 सितंबर को उन्होंने दोबारा पोस्ट कर “Jail Bharo Andolan in Mumbai, October 2, Shivaji Park” का ऐलान किया। क्या हैं CJP की प्रमुख मांगें? CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। इसके अलावा संगठन ने Special Intensive Revision (SIR) प्रक्रिया रोकने और मतदाता सूची से जुड़ी पूर्व स्थिति बहाल करने की मांग भी रखी है। CJP ने 2023 में चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून में बदलाव और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में संस्थागत सुधार की भी मांग की है। ये संगठन की राजनीतिक मांगें हैं। चुनाव आयोग के भीतर मतभेद की रिपोर्ट के बाद बढ़ा विवाद इस पूरे आंदोलन की पृष्ठभूमि में चुनाव आयोग की आंतरिक प्रक्रियाओं से जुड़ी एक जांच रिपोर्ट भी है। रिपोर्ट में कहा गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने करीब 10 महीनों में विभिन्न प्रक्रियात्मक मुद्दों पर कई बार लिखित टिप्पणियां या आपत्तियां दर्ज की थीं। चुनाव आयोग का कहना है कि अलग-अलग विचार किसी बहु-सदस्यीय संवैधानिक संस्था में सामान्य निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं और प्रमुख SIR फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे। अब 2 अक्टूबर पर नजर मुंबई पुलिस ने आयोजकों को वैकल्पिक स्थान तलाशने की सलाह दी है, जबकि CJP ने शिवाजी पार्क से ही जेल भरो आंदोलन शुरू करने की घोषणा कर दी है। ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि 2 अक्टूबर को CJP अपने घोषित कार्यक्रम के साथ आगे बढ़ती है या प्रशासन और आयोजकों के बीच किसी वैकल्पिक स्थल पर सहमति बनती है। फिलहाल शिवाजी पार्क में प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए पुलिस की अनुमति उपलब्ध नहीं है। source – The Indian Express / Hindustan Times / Times of India / Mumbai Police जय राष्ट्र न्यूज़

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विशेष समाचार | बोरीवली में जन्मदिन समारोहों में हो रही हलचल! सड़क पर इनोवा खड़ी, केक काटा, एयरगन से फायरिंग; 10 गिरफ्तार

हाल ही में, बोरीवली इलाके में जन्मदिन मनाते और सार्वजनिक सड़क पर शोर मचाते 10 युवकों का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस वीडियो पर सोशल मीडिया पर आपत्ति जताई गई और तत्काल कार्रवाई की मांग की गई। मुंबई पुलिस, जो हमेशा अपने कर्तव्य के लिए तत्पर रहती है, ने कड़ी कार्रवाई करते हुए जन्मदिन मना रहे 10 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सड़क के बीचोंबीच एक इनोवा कार खड़ी की, केक काटा, तेज संगीत बजाया और यातायात बाधित किया। साथ ही, उन पर एक छोटी एयरगन से फायरिंग करके इलाके में अराजकता फैलाने का भी आरोप है। उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर कानून को अपने हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। #बोरीवली #मुंबईपुलिस # मुंबईअपराध #ब्रेकिंगन्यूज # कानूनव्यवस्थामुंबई

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IIT बॉम्बे के छात्र की हॉस्टल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, पुलिस ने जांच शुरू की

मुंबई: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के एक छात्र की हॉस्टल परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और संस्थान के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार छात्र अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाया गया। सूचना मिलने पर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक जांच के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से अधिकारियों ने इनकार किया है और कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. IIT बॉम्बे प्रशासन ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए छात्र के परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है। संस्थान ने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रहा है और कैंपस में छात्रों के लिए उपलब्ध परामर्श एवं सहायता सेवाओं को और मजबूत करने के प्रयास जारी रहेंगे. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी कारण को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपुष्ट जानकारी और अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है। शिक्षा जगत में इस घटना के बाद छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, परामर्श सेवाओं और संस्थानों में सहायता तंत्र को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि उच्च शिक्षण संस्थानों में समय पर मनोवैज्ञानिक सहायता और संवाद की व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता है। पुलिस ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। Source: Mumbai Police | IIT Bombay जय राष्ट्र न्यूज़

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