दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियान केस (Disha Salian Case) में बड़ा मोड़ आ गया है। राज्य सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) को एक एफिडेविट दायर कर बताया है कि दिशा सालियान की मौत में किसी भी तरह के संदेह की संभावना नहीं है। क्योंकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतक के साथ यौन या शारीरिक हमले का कोई सबूत नहीं मिला है। मेडिकल जांच में प्राइवेट पार्ट में न तो सीमन मिला और न ही कोई जख्म पाया गया। जिससे पता चलता है कि मृतका के साथ आखिरी क्षणों में कोई जबरदस्ती नहीं की गई। बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) में यह एफिडेविट राज्य सरकार की तरफ से मालवणी पुलिस स्टेशन के सीनियर इंस्पेक्टर शैलेन्द्र नागरकर ने दाखिल किया है। इस एफिडेविट में यह भी कहा गया है कि मृतका के पिता द्वारा दायर किया गए याचिका में लगाए गए आरोप बेवुनियाद और आधारहीन हैं। क्योंकि वैज्ञानिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इन आरोपों को लेकर कोई सबूत नहीं मिले। इस एफिडेविट में आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) का भी जिक्र करते हुए कहा गया है कि उन्हें बेवजह बदनाम करने के लिए इस याचिका को दायर किया गया है।
12वीं मंजिल से गिर कर हुई थर दिशा सालियान की मौत
बता दें कि दिशा सालियान (Disha Salian Case) की 9 जून, 2020 को मलाड की एक बड़ी इमारत की 12वीं मंजिल से गिर कर मौत हो गई थी। पुलिस का कहना है कि दिशा खुद वहां से कूदी, जबकि मृतका के पिता सतीश सालियान का दावा है कि उनकी बेटी का रेप करने के बाद उसकी हत्या की गई और इस पूरी मामले को राजनीतिक कारणों से दबाने की कोशिश की गई। इस मामले को लेकर दिशा के पिता ने बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर शिवसेना (UBT) के मुखिया उद्धव ठाकरे के बेटी आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) पर गंभीर आरोप लगाए हैं और मांग की है कि इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के साथ आदित्य ठाकरे (Aditya Thackeray) के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया जाए।
दिशा सालियान की फ्रेंड्स और बॉयफ्रेंड ने क्या कहा

दिशा के पिता के इस याचिका का जवाब पेश करते हुए राज्य सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) को बताया कि मृतका के पिता द्वारा जो आरोप लगाए हैं, वे आधारहीन हैं। क्योंकि पुलिस SIT की जांच में दिशा की फ्रेंड्स ने बताया कि वह अपने परिवारिक विवाद और बिजनेस डील नहीं पूरी होने के कारण काफी परेशान थी। दिशा सालियान (Disha Salian Case) के बॉयफ्रेंड रोहन रॉय ने भी पुलिस को दिशा के फ्लैट से गिरने की परिस्थितियों के बारे में विस्तार से बताया है। पुलिस के अनुसार, जिस दिन दिशा की मौत हुई, उस रात वह फ्लैट पर दोस्तों के साथ पार्टी कर रही थी। मौत से पहले दिशा बहुत ज्यादा नशे में थी। इन दावों की पुष्टि फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी ने भी की है। राज्य सरकार के जवाब में कहा गया है कि उस रात मौजूद सभी गवाहों के बयान एक जैसे हैं। इन सबूतों को देखते हुए कहा जा सकता है कि दिशा ने आत्महत्या करने के लिए खुद ही खिड़की से छलांग लगा दी थी।
इसे भी पढ़ें:- विजय दिवस के पहले नारायण राणे ने राज को याद दिलाया उद्धव का किया अपमान, कही यह बात
आदित्य ठाकरे ने खुद को बताया निर्दोष
दिशा सालियान केस में एक तरफ जहां राज्य सरकार ने आदित्य ठाकरे को निर्दोष बताया है, तो वहीं आदित्य ठाकरे ने खुद हाई कोर्ट में एक हस्तक्षेप याचिका दायर कर मामले की जल्द से जल्द सुनवाई करने की मांग की है। आदित्य ठाकरने ने अपनी याचिका में कहा कि हाई कोर्ट के पूर्व के आदेशों से उन पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। वे महाराष्ट्र के एक बहुत ही प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से संबंध रखते हैं। जिसकी वजह से उन्हें और उनके परिवार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। इस केस से हमारा कोई लेना-देना नहीं है, जबरदन मुझ पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। बॉम्बे हाई कोर्ट ने सभी पक्षों की दलील सुनने के बाद इस केस की सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर दी।
Latest News in Hindi Today Hindi news Bombay High Court
#DishaSalianCase #AadityaThackeray #BombayHighCourt #MaharashtraGovernment #BreakingNews



